अगर आज युद्ध हो जाता है तो भारत 1971 वाली जीत नहीं दोहरा सकता: ब्रिगेडियर कपूर

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आज अगर भारत का युद्ध हो जाता है तो भारत 1971 वाली जीत दोबारा नहीं दोहरा सकता है ऐसा कहना है 1971 के भारत -पाक युद्ध के भारत के जांबाज आर्मी ऑफिसर ब्रिगेडियर अमृत कपूर का। आखिर क्यों अमृत कपूर ने ऐसा बोला उसे जानने से पहले 1971 युद्ध को समझना होगा। 

अब के बांग्लादेश और उस समय के पूर्वी पाकिस्तान पर पाकिस्तान आर्मी ने बड़ी तबाही मचाई थी उन्होंने वहां काफी संख्या में लोगों को मौत के घाट उतरा,महिलाओं के साथ रेप किए। जिससे वहाँ के 5 करोड़ से ज्यादा लोग भारत में पलायन करने में मजबूर हो गए। इतनी तादाद में बंगलादेशियो का भारत में शरणार्थी बनाना भारत के लिए चिंता का विषय बन गया। जिस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तुरंत एक्शन लेते हुए वर्ल्ड टूर कर विश्व को इन परिस्थितियों से अवगत कराया और उन्हें अपने पक्ष में करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। भारत के इतिहास में यह पहला ऐसा युद्ध था जिसने एक नया देश का निर्माण किया। जो भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि थी ।

अमृत कपूर ने कहा की पूर्वी पाकिस्तान से बढ़ते पलायन को रोकने के लिए भारत में कई बार पाकिस्तान को चेताया लेकिन पाकिस्तान पर इसका कोई असर नहीं हुआ। जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान पर हमला करने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कुशल नेतृत्व और फील्ड मार्शल सैम माणिकशॉ के युद्ध कौशल ने भारत की शानदार जीत कराई । जो भारत की इतिहास बनी ।

ढाका विजय को भारत ने कैसे मुमकिन किया उसके सवाल पर ब्रिगेडियर अमृत कपूर ने बताया कि भारत ने पाकिस्तानी सेना पर मल्टीप्रॉन्ड अटैक किया था। भारत ने सभी दिशाओं पूर्व ,पूर्व साउथ, ,पश्चिम , उत्तर पश्चिम दिशा से पाकिस्तान पर हमला किया। कई दिशाओ से हमला करने से थोड़ी समय में ही पाकिस्तानी एयरफोर्स पूरी तरह नेस्तनाबूद हो गई। जिससे भारत की वायुसेना को पाकिस्तानी सेना पर हावी होने में मदद मिली ।

भारत के चारों तरफ़ से पाकिस्तानी सेना पर हमले करने की रणनीति से पाकिस्तानी सेना को मूवमेंट करने का मौका नहीं मिला जिससे पाकिस्तानी सेना कमजोर पड़ गई और भारती सेना ने ढाका फतेह कर लिया।

अपने से जुड़े किस्से की बात करते हुए अमृत कपूर बताते हैं कि वह 6 राजपूत राइफल में थे उनकी बटालियन ने 3 दिसंबर को नार्थ ईस्ट में स्थित सिलेक्ट सेक्टर से बोर्डर क्रोस किया | इसके बाद उनकी बटालियन ने 14 दिन तक लगातार धर्मानगर सेक्टर पर वास किया और उस दौरान पाकिस्तान सेना की 5 बटालियन को धराशाही करने में उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की।

भारत और पाकिस्तान के युद्ध के दौरान फेंचुगंगाज ब्रिज पर भारतीय सेना के कब्जे को ब्रिगेडियर अमृत कपूर ने सबसे शानदार पल बताया।
अमित कपूर ने कहा कि रेलवे द्वारा बनाया गया इस ब्रिज को क्रोस करने के लिए 2 दिन तक उनकी बटालियन ने 4 प्रयास किये लेकिन उन्हें सफला नहीं मिली । ब्रिज के दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना के बने बकरो की तरफ से लगातार गोलीबारी और बढ़ गई । इसके बाद कर्नल दिग्विजय सिंह ने मोर्चा संभाला और 11 दिसंबर की सुबह पाकिस्तान की ओर से हो रही ताबड़तोड़ फायरिंग का माक़ूल जवाब देते हुए इस ब्रिज को क्रॉस कर शानदार जीत हासिल की। 16 दिसम्बर को पाकिस्तान की सेना के 11000 सैनिकों ने हथियार डाल दिए। जिन्हें डेढ़ महीने बाद ट्रांसपोर्टेशन के द्वारा भारत भेज दिया गया। बांग्लादेश आर्मी का सत्ता देने के बाद भारत की सेना भी वापस भारत आ गई।

कर्नल दिग्विजय सिंह को उनकी इस बहादुरी के लिए सेना मेडल से तो नवाजा गया ही साथ ही पाकिस्तानी सेना के ने भी उनके इस बहादुरी के लिए उन्हें सलामी ठोकी।

भारतीय सेना की तुलना में पाकिस्तानी सेना का अधिक होने के बावजूद पाकिस्तानी सेना के सरेंडर के सवाल पर ब्रिगेड अमृत कपूर ने बताया कि हर वक्त नंबर नहीं गिने जाते स्थितियां को भी आका जाता है इसका एक उदाहरण देते हुए अमृत कपूर बताते हैं की सबसे पहले भारतीय सेना ने उनके एयरफाॅर्स को टारगेट किया। जब 3 दिसंबर को लड़ाई शुरू हुई थी 6 दिसबंर को उनके सेबर जेट्स पर भारतीय वायु सेना और आर्मी ने हमला करके उन्हें वही नेस्तनाबूद कर दिया।
अमृत कपूर बताते हैं कि युद्ध जीतने में कोई अहम रोल अदा करता है वह एयरफोर्स करता है साथ ही एक कुशल नेतृत्व भी होना चाहिए जो कि भारतीय सेना मे था।

भारतीय सैनिक इतिहास में इस ऑपरेशन को ब्रिगेडियर अमृत कपूर अब तक का सबसे शानदार ऑपरेशन मानते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का ऑपरेशन भारत में दो बार ही हुए हैं एक भगवान रामचंद्र ने ब्रिज बनाकर लंका विजय किया और दूसरा यह युद्ध जिसमें एक नए देश का जन्म हुआ।

ब्रिगेड कपूर ने बताया कि इस युद्ध में करीब भारत के साढे 3500 जवान शहीद हुए थे, और 12 हजार के करीब जख्मी हुए थे।

ब्रिगेडियर अमृत कपूर ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लिए गए फैसले की भी सराहना की और कहा इस तरह के फैसले दुनिया में लेने वाले कुछ ही लीडर हुए हैं

पूर्व सेना अधिकारी  अमित कपूर से यह पूछा गया कि आज युद्ध होने पर क्या भारत 1971 की जीत फिर दोहरा सकता है। तो अमृत कपूर ने बताया कि जिस तरह की स्थितियां अभी भारतीय सेना की है ऐसे में ऐसा ऑपरेशन करना मुश्किल है। सर्जिकल स्ट्राइक जो हालहि में हुई थी वह वर्ल्ड की सबसे मुश्किल सर्जिकल स्ट्राइक थी। ऐसा आज तक किसी ने नहीं की है। लेकिन यह शॉर्ट टर्म के लिए मुनासिफ है 1971 जैसे युद्ध के लिये नहीं। उन्होंने कहा कि भारतीय फौज के पास संसाधन की काफी कमी है।

उन्होंने सरकार को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा की हमारी सरकार सेना पर ध्यान देने के बजाय पुलिसिंग पर ज्यादा फोकस कर रही है यही गलती नेहरू जी ने की थी। उसका खामियाजा भारत को  1962 में  उठाना पड़ा और भारत इस युद्ध में चीन से हार गया . आज हमारी 13 लाख फौज है जिसे और  बढ़ाना चाहिये। उन्होंने कहा कि हमारी जो पुलिस है उन पर इतनी क्षमता नहीं होती कि वह युद्ध कर सके। हाल ही में सीबीआई कोर्ट द्वारा बाबा राम रहीम के फैसले के बाद हुई हिंसा का उदाहरण देते हुए कहा कि जब बाबा राम रहीम के खिलाफ वर्डिक्ट आया था तब वहां काफी संख्या में हरियाणा सरकार ने पुलिस फोर्स लगाई थी लेकिन लोगों को संभालने की जगह पुलिस उल्टा भाग खड़ी हुई। मतलब साफ़ है पुलिस लोगों को कंट्रोल नहीं कर पाई इसी दौरान सरकार द्वारा आर्मी की मदद ली गई और एक रेजीमेंट के ऑफिसर अपने 200 साथियों के साथ घटनास्थल पहुंचे और उन्होंने कुछ ही घंटों में स्थिति को नियंत्रित कर दिया। यह उदाहरण बताता है कि सरकार को पुलिसिंग की जगह आर्मी पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। तभी 1971 वाला इतिहास दोहराया जा सकता है

 

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