राज्य कर्मचारियों के आगे झुकी त्रिवेन्द्र सरकार,अब प्रदेश में लागू नहीं होगा प्रमोशन में आरक्षण

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उत्तराखंड सरकार प्रमोशन पर रोक हटा दी है। इसके तहत जल्द शासनादेश जारी कर दिया जाएग। राज्य सरकार ने जनरल ओबीसी संगठन के पक्ष में हड़ताल पर गए कर्मचारियों की सभी मांगो को मान लिया गया  है  करीब 2 हफ्ते से  जनरल ओबीसी संगठन कर्मचारी प्रमोशन पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर बेमियादी हड़ताल पर थे।
आज मुख्य सचिव और कर्मचारी नेताओं के बीच हुई वार्ता में उनकी मांगे मान ली  जिसके बाद कर्मचारियों ने ढोल नगाड़े पर नाचकर खूब जश्न मनाया।

तो वही इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रमोशन पर रोक के मसले पर राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ से बातचीत की थी . जिसका कोई नतीजा नहीं निकला और फिर मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस संबंध में बैठक करने के निर्देश  दिए थे। जिसके तहत मुख्य सचिव ने आज महासंघ के नेताओं के साथ बैठक की।

महासंघ ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर बुधवार से उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन की बेमियादी हड़ताल में शामिल होने की चेतावनी दी थी। सोमवार को इस संबंध में महासंघ की ओर से मुख्य सचिव को एक पत्र भी सौंपा गया था।

2 मार्च से प्रमोशन आरक्षण के खिलाफ डेढ़ लाख कर्मचारी हड़ताल पर

2 मार्च से प्रमोशन आरक्षण के खिलाफ प्रदेश भर  में आरक्षण के खिलाफ करीब डेढ़ लाख कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे उनके हड़ताल के जाने से सरकारी विभागों में सभी काम ठप हो गए थे | जिससे सरकार और आमजन को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था | कई बार चेतावनी के बावजूद कर्मचारी टस से मस नहीं हुए और वह अपनी मांगों पर अडिग रहें और आखिर में सरकार और कर्मचारियों के बीच हुई इस लड़ाई में सरकार को कर्मचारियों के आगे झुकने में विवश होना पडा। मिली जानकारी के अनुसार सरकार पर दबाव और इसलिए बढ़ गया था क्योंकि एक तो प्रदेश में कोरना का कहर ऊपर से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियो द्वारा प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ कर्मचारियों का समर्थन देने का ऐलान। वैसे स्वास्थ्य कर्मचारियों पर सरकार की तरफ से एस्मा की कोशिश की गई थी लेकिन मिली जानकारी के अनुसार सरकार के इस रुख से कर्मचारी काफी नाराज हुए और उन्होंने इसके खिलाफ सड़क पर उतरने का मन बना लिया था। जिससे सरकार को प्रमोशन में आरक्षण का  ‘दी एंड ‘  करना पड़ा.

सुप्रीम कोर्ट के 7 फरवरी के एक आदेश से सियासी घमासान शुरू हो गया है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला प्रमोशन में आरक्षण को लेकर है। शीर्ष अदालत ने उत्तराखंड हाई कोर्ट के एक आदेश को पलटते हुए साफ कहा कि प्रमोशन में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है और राज्य को इसके लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अब संसद में तमाम पार्टियां सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बीजेपी और आरएसएस की आरक्षण को लेकर सोच से जोड़ दिया। राहुल ने कहा कि बीजेपी-आरएसएस आरक्षण को खत्म करने के प्रयास में जुटी है। इसी दबाव के चलते त्रिवेन्द्र सरकार बेकफूट पर आ गई थी क्युकी की उसने अदालत में इसकी पैरवी की  थी . वैसे यह मामला 2012 का है जब राज्य में कांग्रेस की सरकार  थी लेकिन अभी भाजपा की सरकार के चलते उस पर यह आरोप लगाया जा रहा है की वह प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ पेरवी करी  है

 

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