जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट बनेंगे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट

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प्रदेश के जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीय मानकों से विस्तार करने के लिए भूमि चिन्हित कर नागरिक उड्डयन विभाग प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। विस्तारीकरण पर आने वाला पूरा खर्च केंद्र सरकार की ओर से दिया जाएगा।

जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकास करने के लिए लगभग 60 मीटर चौड़ा और 270 मीटर लंबा रनवे का विस्तार होना जरूरी है। इसके लिए 105 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी।

विस्तारीकरण पर करीब 270 करोड़ रुपये खर्च आता है । रनवे के लिए फिलहाल अभी भूमि चिन्हित कर दी गई है। जिसमें सरकारी व निजी भूमि को भी भी शामिल किया गया है । तकनीकी एक्सपर्ट की ओर से दी गई एयरपोर्ट विस्तारीकरण रिपोर्ट का नागरिक उड्डयन विभाग अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

12 हेलीपेडो में लोगों की सुविधा के लिए बनी डीपीआर वहीं, पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए 500 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करना होगा। पंतनगर एयरपोर्ट के आसपास सरकार के पास सरकारी और वन भूमि है।

अभी दोनों एयरपोर्ट को इंडियन एयरपोर्ट अथॉरिटी चला रहे है विस्तारीकरण से जौलीग्रांट और पंतनगर से वियतनाम, कंबोडिया, दुंबई समेत गल्फ कंट्री के लिए हवाई सेवाएं शुरू होगी।

उड़ान योजना के तहत राज्य में 12 हेलीपेड का निर्माण किया गया। ये हेलीपेड लैंडिंग के लिए तैयार है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट खिड़की, वेटिंग रूम, चेकिंग प्वाइंट, सामान रखने समेत अन्य सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके लिए पवन हंस एविएशन कंपनी ने आठ हेलीपेड की डीपीआर शासन को सौंपी है। यात्री सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद इन हेलीपेड से नियमित हेली सेवाएं संचालित की जा सकेगी।

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