Sunday, May 31, 2026
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धामी सरकार की झीलों को नई पहचान देने की तैयारी

भीमताल, नौकुचियाताल और कमलताल के सौंदर्यीकरण पर 46 करोड़ रुपये से अधिक खर्च, सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप नैनीताल जनपद में झीलों के संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में आवास एवं राज्य सम्पत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने शनिवार को नैनीताल जिले में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान सचिव ने भीमताल, नौकुचियाताल और कमलताल क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजनाओं का विस्तृत अवलोकन किया तथा अधिकारियों को सभी कार्य गुणवत्ता एवं निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए।

भीमताल झील के सौंदर्यीकरण के लिए 25.67 करोड़ की योजना

भीमताल झील के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 25.67 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। योजना के अंतर्गत झील के आसपास स्थित प्रमुख पार्कों का पुनर्विकास, दीनदयाल पार्क के समीप बोटिंग डॉक का निर्माण, 4210 मीटर लंबे कॉबल स्टोन पैदल मार्ग का विकास, उद्यानों का सौंदर्यीकरण, पार्किंग सुविधाओं का उन्नयन, सोलर स्ट्रीट लाइटिंग तथा आधुनिक स्ट्रीट फर्नीचर की स्थापना शामिल है।

नौकुचियाताल में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार

नौकुचियाताल झील के सौंदर्यीकरण हेतु लगभग 20.97 करोड़ रुपये की योजना पर कार्य प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत बोटिंग स्टैंड, प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, पार्किंग सुविधा, फ्लोटिंग जेट्टी, 2089 मीटर लंबा पैदल मार्ग, गज़ीबो, व्यूपॉइंट, लैंडस्केपिंग तथा सोलर लाइटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

कमलताल बनेगा नया पर्यटन आकर्षण

कमलताल क्षेत्र में ओपन शॉपिंग प्लाज़ा, 50 मीटर लंबा पैदल पुल, 100 मीटर पैदल मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, सोलर लाइटिंग एवं लैंडस्केपिंग जैसे कार्य प्रस्तावित हैं। परियोजना पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए एक नए आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित होगा।

भवाली में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण अंतिम चरण में

भवाली के लकड़ी टाल क्षेत्र में मल्टीलेवल कार पार्किंग एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य लगभग 96 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। परियोजना के तहत बेसमेंट में पार्किंग तथा भूतल और प्रथम तल पर लगभग 40 दुकानों का निर्माण किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर 124 वाहनों की पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।

नैनीताल शहर में पार्किंग व्यवस्था होगी मजबूत

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में 42.77 करोड़ रुपये की लागत से सरोवर पार्किंग परियोजना स्वीकृत की गई है, जिसमें 605 चार पहिया और 202 दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। इसके अतिरिक्त नैनीताल क्लब के समीप नगर पालिका भूमि पर 30.43 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड पार्किंग परियोजना प्रस्तावित है, जिसमें 202 चार पहिया एवं 96 दो पहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होगी।

लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उन्हें शीघ्र शुरू कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर कार्यदायी संस्थाओं में परिवर्तन कर परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

उन्होंने नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग स्थित अशोक पार्किंग स्थल का निरीक्षण करते हुए पूर्व में स्वीकृत धनराशि का उपयोग कर पार्किंग निर्माण की कार्यवाही शीघ्र शुरू करने के निर्देश भी दिए, ताकि क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाया जा सके।

सचिव ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से झीलों का संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं का विस्तार तथा यातायात प्रबंधन बेहतर होगा, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों दोनों को लाभ मिलेगा।

गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, धरातल पर दिखें सकारात्मक परिणाम: डीएम

देहरादून, 30 मई 2026 (सूवि)। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार देर सायं ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक के साथ ही अर्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गंगा संरक्षण, सीवरेज, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता संबंधी कार्यों में केवल प्रेजेंटेशन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दिखाई देने चाहिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संस्थान एवं परियोजना प्रबंधन निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को एसटीपी संचालन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

टपकेश्वर मंदिर, गढ़ी कैंट क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण के लिए भूमि चयन प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के साथ पृथक बैठक आयोजित कर भूमि चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

ऋषिकेश क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवेज पम्पिंग स्टेशन (एसपीएस) एवं सीवर लाइन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम ऋषिकेश को जीआईजेड के सहयोग से आवास विकास वार्ड में संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पायलट परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू कर उसे मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने को कहा।

बैठक में नगरीय क्षेत्रों में डेयरी वेस्ट प्रबंधन संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराए जाने तथा नगर निगम देहरादून के संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग में हो रही देरी पर भी जिलाधिकारी ने असंतोष जताया। उन्होंने पेयजल निगम को सभी नाला टैपिंग कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नालों की नियमित और प्रभावी सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने गंगा सहित अन्य नदियों के तटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, संभावित प्रदूषण स्थलों का चिन्हीकरण करने तथा लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार कर नियमित सफाई सुनिश्चित करने पर बल दिया।

मसूरी क्षेत्र में 0.70 एमएलडी क्षमता के कैमल बैक एसटीपी निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान वर्ष 2022 में बजट स्वीकृत होने के बावजूद कार्य प्रारंभ न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी। वहीं अर्केडिया जोन में प्रस्तावित 0.70 एमएलडी एसटीपी परियोजना के लिए भूमि चिन्हीकरण एवं म्यूटेशन की कार्यवाही लंबित रहने पर संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी को सात दिवस के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी नगर निगमों एवं नगर निकायों को स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि कूड़ा उठान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा डंपिंग जोन में सीसीटीवी एवं अन्य तकनीकी माध्यमों से निगरानी सुनिश्चित की जाए। नगर पंचायत सेलाकुई में अभी तक स्लज वाहन उपलब्ध न होने पर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

फ्लड प्लेन जोनिंग चिन्हीकरण की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि गंगा नदी का हरिद्वार तक तथा रिस्पना नदी का फ्लड जोन चिन्हीकरण पूर्ण हो चुका है। इसके अतिरिक्त आसन नदी का कार्य भी पूरा हो गया है, जबकि सुसवा, सौंग, जाखन-रानीपोखरी, चन्द्रबागा एवं यमुना नदी क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने सभी शेष कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अर्धकुंभ मेला-2027 के लिए प्रस्तावित सभी निर्माण कार्य राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की अनुमति एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूर्ण किए जाएं।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपाल राम बिनवाल, समिति सदस्य पंकज गुप्ता, पर्यावरणविद् विनोद जुगलान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और मूल्य नियंत्रण पर मुख्य सचिव सख्त, नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

देहरादून, 29 मई 2026।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के साथ प्रदेश में खाद्यान्न एवं दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुओं की उपलब्धता और मूल्य स्थिति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने आयुक्त खाद्य बी.एल. राणा से आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की उपलब्धता तथा उनके बाजार मूल्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आमजन को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं उचित दरों पर निर्बाध रूप से उपलब्ध हों, इसके लिए संबंधित विभाग लगातार और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री, डीजल, पेट्रोल, एलपीजी तथा अन्य आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों पर सतत निगरानी रखी जाए, ताकि जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके लिए बाजारों, गोदामों और थोक विक्रेताओं का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा जांच अभियान लगातार संचालित किए जाएं।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को राहत देने और बाजार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी जनपदों, विशेषकर चारधाम यात्रा से जुड़े जिलों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और मूल्य नियंत्रण की स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में आयुक्त खाद्य बी.एल. राणा, चीफ मार्केटिंग ऑफिसर डॉ. एम.एस. विसेन, रीजनल मार्केटिंग ऑफिसर सी.एम. घिल्डियाल तथा उपायुक्त सुश्री निधि रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के उत्तराखंड आगमन पर मुख्यमंत्री धामी ने किया स्वागत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उत्तराखंड आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने उनके राज्य आगमन को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए उनका स्वागत किया तथा उत्तराखंड की ओर से शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) श्री बी.एल. संतोष के उत्तराखंड आगमन पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचकर उनका भी स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर दोनों वरिष्ठ नेताओं का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के प्रति समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन से संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा प्रदेश में विकास एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों को नई दिशा प्राप्त होगी।

इस दौरान पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे और उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व का गर्मजोशी से स्वागत किया।

पीआरडी जवानों ने उठाई नियमितीकरण और स्थायी रोजगार की मांग

देहरादून।

प्रदेश के पीआरडी जवानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शन कर रहे जवानों ने कहा कि वर्ष 1948 से स्थापित स्थायी विभाग होने के बावजूद पीआरडी जवान आज भी नियमितीकरण से वंचित हैं, जो उनके साथ अन्याय है।

प्रदर्शन के दौरान जवानों ने उत्तराखंड सरकार से मांग की कि पीआरडी जवानों को वर्ष में 365 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानपूर्वक कर सकें। उन्होंने कहा कि सीमित कार्यदिवसों के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।

जवानों ने सरकार से “वर्दी का सम्मान” करने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि विभिन्न विभागों में जिम्मेदारी के साथ सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल पा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान जवानों ने “चाहे जो मजबूरी हो, हमारी मांगे पूरी करो” जैसे नारों के साथ सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। पीआरडी जवानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में पीआरडी जवान मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर अपने अधिकारों की आवाज उठाई।

राज्य स्तरीय एसडीजी एचीवर्स अवार्ड समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, विजेताओं को किया सम्मानित

अल्मोड़ा, 27 मई 2026
अल्मोड़ा स्थित उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में राज्य स्तरीय एसडीजी एचीवर्स अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार एवं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 32 संगठनों, व्यक्तियों एवं समूहों को सम्मानित किया। साथ ही जिला स्तरीय एसडीजी वार्षिक रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले छह जनपदों को भी पुरस्कृत किया गया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का यह अवसर उन व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित करने का है, जिन्होंने समाजहित में अनुकरणीय योगदान देकर सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि इन कर्मयोगियों ने अपने समर्पण, परिश्रम और संकल्प से यह सिद्ध किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन पर्यावरण और विकास के संतुलन के साथ ही स्थायी विकास संभव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एक समय नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तराखंड 10वें स्थान पर था, जबकि ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य अब पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सुशासन, गरीब कल्याण, सीमांत क्षेत्रों के विकास, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसडीजी में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की विकास यात्रा सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा विभिन्न क्षेत्रों के लिए बनाई गई विशेष नीतियों से राज्य के समग्र विकास को गति मिली है।

उन्होंने बताया कि राज्य की जीडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा प्रति व्यक्ति आय में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर उत्तराखंड ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते चार वर्षों में उद्योग, स्टार्टअप, हेलीकॉप्टर सेवा, हाईवे निर्माण, ग्रीन एनर्जी एवं बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में हुए सकारात्मक बदलावों के चलते राज्य में रिवर्स पलायन में वृद्धि हुई है। अब लोग अपने पैतृक गांवों की ओर लौटकर स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार अपनाते हुए प्रदेश के विकास में भागीदारी निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि एसडीजी रैंकिंग में उत्तराखंड का श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्पों का परिणाम है। उन्होंने इसे राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्रमुख सचिव नियोजन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) डॉ. आर मीनाक्षी सुन्दरम ने एसडीजी की अवधारणा एवं राज्य की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने में सभी की सहभागिता महत्वपूर्ण है।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आमजन का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जनपद के समग्र विकास के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि जिला स्तरीय एसडीजी वार्षिक रैंकिंग में रुद्रप्रयाग को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। द्वितीय स्थान उत्तरकाशी एवं नैनीताल को मिला, जबकि तृतीय स्थान पर बागेश्वर, चमोली एवं टिहरी रहे।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ. प्रमोद नैनवाल, दर्जाधारी राज्य मंत्री गंगा बिष्ट एवं गोविंद पिलख्वाल, सदस्य पलायन आयोग अनिल सिंह साही, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी CPPGG मनोज पंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रतिभागी एवं आमजन उपस्थित रहे।

खटीमा दौरे पर मुख्यमंत्री धामी ने शोक संतप्त परिवारों से की मुलाकात, जनसमस्याएं भी सुनीं

Pushkar Singh Dhami ने मंगलवार को अपने खटीमा भ्रमण के दौरान विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने पंजाबी कॉलोनी में स्वर्गीय विवेक रघुवंशी, टनकपुर रोड में स्वर्गीय भूपेंद्र सिंह चुफाल तथा राजेंद्र नगर निवासी स्वर्गीय प्रकाश रावत के आवास पर पहुंचकर उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति एवं उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिवारों को इस दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखने का संबल भी दिया।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने टीडीसी अस्थायी हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का निराकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, मेयर विकास शर्मा, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, नंदन सिंह खरायत, रनदीप पोखरिया, भवानी भंडारी, सतीश भट्ट, नवीन बोरा, महामंत्री रमेश जोशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

फेक नैरेटिव और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहें: मुख्यमंत्री धामी

हल्द्वानी में सीएम धामी ने क्रिएटर, इंफ्लूएंसर्स और वॉलेंटियर्स के साथ किया संवाद

सोशल मीडिया को राष्ट्र निर्माण और सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाने का आह्वान

Pushkar Singh Dhami ने हल्द्वानी में आयोजित “सोशल मीडिया मंथन विथ सीएम धामी” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल वॉलेंटियर्स एवं युवाओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने सोशल मीडिया, उत्तराखंड के विकास, रोजगार, संस्कृति, राष्ट्रवाद और युवाओं की भूमिका से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से सवाल पूछे, जिनका उन्होंने बेबाकी, स्पष्टता और आत्मीयता के साथ जवाब दिया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने, सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का एक प्रभावशाली मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज का युवा डिजिटल माध्यमों के जरिए अपनी बात पूरी दुनिया तक पहुंचाने की क्षमता रखता है और उत्तराखंड के युवाओं में अपार प्रतिभा मौजूद है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मकता, सत्य और समाजहित के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फेक नैरेटिव, भ्रामक सूचनाओं और समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार और तथ्यपरक जानकारी साझा करना आज प्रत्येक युवा की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि Narendra Modi ने भी सोशल मीडिया को जनसंवाद का सशक्त माध्यम बनाया है और निरंतर युवाओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, स्टार्टअप, नवाचार, खेल, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और सख्त भू-कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लेकर युवाओं और प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है। उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और देवभूमि की पहचान को संरक्षित रखते हुए विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने सुझाव एवं अनुभव भी साझा किए। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सरकार युवाओं के सुझावों और सकारात्मक सहभागिता का सदैव स्वागत करती है तथा डिजिटल इंडिया के इस दौर में उत्तराखंड के युवा प्रदेश के डिजिटल ब्रांड एम्बेसडर बनकर दुनिया के सामने राज्य की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करें।

इस अवसर पर Ajay Bhatt, कैबिनेट मंत्री Pradeep Batra, Sarita Arya सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कुमाऊँ में मीडिया सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल

हल्द्वानी में 6.75 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर का शिलान्यास, मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान

हल्द्वानी में पत्रकारों के सशक्तिकरण और आधुनिक मीडिया सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए Pushkar Singh Dhami ने कुमाऊँ मीडिया सेन्टर भवन का विधिवत शिलान्यास किया। लगभग ₹6 करोड़ 75 लाख 88 हजार की लागत से बनने वाला यह अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों के लिए समर्पित, सुसज्जित और बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मीडिया सेन्टर केवल एक भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता को समर्पित एक जीवंत मंच होगा। यह केन्द्र पत्रकारों की कर्मस्थली, विचार-विमर्श का संगम और जन-जन की आवाज को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त करने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि अब तक कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों को कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए देहरादून पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस मीडिया सेन्टर के निर्माण के बाद अधिकांश कार्य हल्द्वानी से ही संचालित हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने बताया कि मीडिया सेन्टर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें आधुनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल, हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा, डिजिटल स्टूडियो, समृद्ध लाइब्रेरी, कैंटीन एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही मुनस्यारी, बागेश्वर, कपकोट, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा और रानीखेत जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले पत्रकारों के लिए आवासीय गेस्ट रूम की भी व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि समाचार पत्रों से संबंधित निरीक्षण कार्य अब इसी मीडिया सेन्टर से संचालित किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और त्वरित कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि पत्रकार कल्याण कोष की राशि बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है, ताकि आकस्मिक निधन या गंभीर बीमारी की स्थिति में पत्रकारों के परिजनों को त्वरित आर्थिक सहायता मिल सके। अधिस्वीकृत पत्रकारों और उनके आश्रितों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा लागू की गई है। इसके अतिरिक्त 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पत्रकारों को ₹8000 प्रतिमाह पेंशन भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मीडिया सेन्टर हल्द्वानी को कुमाऊँ क्षेत्र का प्रमुख मीडिया हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने पत्रकारों से सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देने और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की कलम लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति और सरकार के लिए मार्गदर्शक है।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि चंपावत जनपद के टनकपुर में मीडिया सेंटर गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिससे सीमांत क्षेत्रों के पत्रकारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

इस अवसर पर Ajay Bhatt, Pradeep Batra, Sarita Arya सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

कुमाऊँ मीडिया सेन्टर का निर्माण उत्तराखण्ड में मीडिया इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह पहल पत्रकारों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह और सशक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: मुख्यमंत्री धामी

Pushkar Singh Dhami ने जनपद नैनीताल के भ्रमण के दौरान रविवार को हल्द्वानी-काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आम जनता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश देते हुए कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने अधिकारियों से कहा कि जनता को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

जनसुनवाई के दौरान पेयजल आपूर्ति, ग्रामीण सड़कों की बदहाल स्थिति, विद्युत आपूर्ति एवं सिंचाई से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। मुख्यमंत्री ने पेयजल निगम को ग्रीष्मकाल को देखते हुए आवश्यकतानुसार पानी के टैंकर उपलब्ध कराने तथा खराब पड़े नलकूपों एवं हैंडपंपों को शीघ्र ठीक करने के निर्देश दिए।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त करने और विद्युत विभाग को निर्धारित रोस्टर के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री Ram Singh Kaida, विधायक Sarita Arya, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।