Thursday, June 25, 2026
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6.75 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी का आरोपी भू-माफिया गिरफ्तार, 25 हजार के इनामी के पास मिली अवैध पिस्टल

देहरादून। राजपुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करोड़ों रुपये की जमीन धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी भू-माफिया विशाल कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर राजपुर रोड स्थित बहुमूल्य भूमि का सौदा कराने के नाम पर 6.75 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध 32 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत भी अलग मुकदमा दर्ज किया है।

6.75 करोड़ रुपये की ठगी का मामला

जानकारी के अनुसार देहरादून के कारोबारी कमल जिंदल ने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि विशाल कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजपुर रोड स्थित एक कीमती संपत्ति का सौदा कराने का झांसा दिया। आरोप है कि उसने विभिन्न माध्यमों से 6 करोड़ 75 लाख रुपये प्राप्त कर लिए, लेकिन न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई और न ही रकम वापस लौटाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

एनआरआई महिला की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का भी आरोपी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विशाल कुमार वर्ष 2023 में दर्ज एक अन्य चर्चित मामले में भी नामजद रहा है। उस पर एक वृद्ध एनआरआई महिला की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने का आरोप है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से भूमि से जुड़े विवादित सौदों में सक्रिय रहा है और कई लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के आरोपों का सामना कर रहा है।

उत्तराखंड और यूपी में दर्ज हैं 24 मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक विशाल कुमार का आपराधिक इतिहास करीब तीन दशक पुराना है। उसके खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कुल 24 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गैंगस्टर एक्ट, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करना, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, आबकारी अधिनियम और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी एक संगठित गिरोह की तरह काम करता था और लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था।

सर्विलांस और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता

मुकदमे में वांछित चल रहे विशाल कुमार के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजपुर थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से उसकी तलाश शुरू की। लगातार दबिशों के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी आईटी पार्क क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने तपोवन रोड के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के दौरान हथियार बरामद

पुलिस ने आरोपी और उसकी क्रेटा कार की तलाशी ली, जिसमें एक अवैध 32 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के आधार पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसकी कार को भी सीज कर दिया है और बरामद हथियार के स्रोत तथा संभावित इस्तेमाल की जांच की जा रही है।

नेटवर्क और सहयोगियों की जांच जारी

पुलिस के अनुसार विशाल कुमार पूर्व में कई बार जेल जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह भूमि कारोबार और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में सक्रिय बना हुआ था। दून पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री, विकास योजनाओं पर हुई चर्चा

नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की तथा उनका बहुमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त किया।

बैठक में उत्तराखंड के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, सीमांत क्षेत्रों के विकास, पर्यटन, निवेश संवर्धन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न विकासात्मक और जनकल्याणकारी प्रयासों के लिए केंद्र सरकार से निरंतर मिल रहे सहयोग के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के विकास और जनहित से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रदेश के विकास को गति देने के लिए आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन, खेल जगत में शोक की लहर

नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज खिलाड़ी और प्रसिद्ध कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और उपचार के दौरान उनकी नींद में ही अचानक कार्डियक रप्चर (हृदय की गंभीर क्षति) होने से मृत्यु हो गई। उनके निधन से भारतीय खेल जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

जसपाल राणा को इस सप्ताह की शुरुआत में गंभीर हृदयाघात और अन्य कार्डियक जटिलताओं के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF विश्व कप से भारत लौट रहे थे, तभी उन्हें असहजता महसूस होने लगी। दिल्ली पहुंचते ही उन्हें सीधे साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद उनकी स्थिति में शुरुआती सुधार देखा गया। हालांकि, उपचार के दौरान नींद में ही उन्हें अचानक कार्डियक रप्चर हुआ, जिससे उनका निधन हो गया।

भारतीय निशानेबाजी में जसपाल राणा का योगदान अतुलनीय रहा है। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने एशियाई खेलों में कई स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्ड 15 पदक हासिल किए, जो भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में एक अद्वितीय उपलब्धि मानी जाती है।

खिलाड़ी जीवन के बाद उन्होंने कोच के रूप में भी भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में उन्होंने देश के कई शीर्ष पिस्टल निशानेबाजों को प्रशिक्षित किया। विशेष रूप से, उन्होंने युवा स्टार मनु भाकर का मार्गदर्शन किया, जिन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था।

जसपाल राणा के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और देशभर के खिलाड़ियों, कोचों तथा खेल प्रशासकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें भारतीय खेलों का एक महान योद्धा, प्रेरणास्रोत और उत्कृष्ट मार्गदर्शक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

उनके निधन के साथ भारतीय निशानेबाजी के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत हो गया है, लेकिन उनकी उपलब्धियां और उनके द्वारा तैयार किए गए खिलाड़ी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

हरिद्वार में फिल्म शूटिंग के दौरान विवाद, ‘बार एंड कैफे’ बोर्ड पर हिंदू संगठनों का हंगामा

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में अभिनेता इमरान हाशमी और अपारशक्ति खुराना की आगामी फिल्म की शूटिंग के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब शूटिंग स्थल पर एक मकान के बाहर ‘कैफे एंड बार’ का साइनबोर्ड लगाया गया। बोर्ड की जानकारी मिलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों, तीर्थ पुरोहितों और क्षेत्रीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार, फिल्म के एक दृश्य की शूटिंग के लिए सेट तैयार किया गया था, जिसके तहत एक भवन पर अस्थायी रूप से ‘कैफे एंड बार’ का बोर्ड लगाया गया था। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि हरिद्वार एक पवित्र धार्मिक नगरी है और यहां इस प्रकार के बोर्ड प्रदर्शित करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।

विरोध बढ़ने पर हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने शूटिंग स्थल पर पहुंचकर कड़ा एतराज जताया। स्थिति को देखते हुए फिल्म निर्माण टीम और भवन स्वामियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए साइनबोर्ड से “बार” शब्द हटा दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ और प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया।

घटना के समय अभिनेता इमरान हाशमी और अपारशक्ति खुराना भी शूटिंग स्थल पर मौजूद थे। हालांकि, विवाद को लेकर कलाकारों या फिल्म की प्रोडक्शन टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

बताया जा रहा है कि फिल्म की शूटिंग इन दिनों हरिद्वार के विभिन्न स्थानों पर चल रही है। फिल्म का नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। विवाद के बाद शूटिंग से जुड़े आयोजकों ने स्थानीय संवेदनशीलताओं का सम्मान करने की बात कही है।

स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए। फिलहाल विवाद शांत हो चुका है और शूटिंग का कार्य सामान्य रूप से जारी है।

MBA छात्रा के लापता होने के छह दिन बाद भी सुराग नहीं, 150 सदस्यीय टीम चला रही सर्च ऑपरेशन

उत्तरकाशी, 11 जून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध ट्रैकिंग स्थल दयारा बुग्याल में ट्रैकिंग के दौरान लापता हुई 24 वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पांडे की तलाश में व्यापक खोज अभियान जारी है। छात्रा के छह दिन से अधिक समय से लापता रहने के बाद पुलिस ने उसके साथ ट्रैक पर गए दोनों दोस्तों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई परिजनों की शिकायत के आधार पर की गई है।

बबीता पांडे अपने दो मित्रों हरमनपाल सिंह (ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड) और हरमनप्रीत सिंह (शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश) के साथ 25 मई को देहरादून पहुंची थीं। इसके बाद तीनों ने हर्षिल, गंगोत्री और आसपास के पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के अनुसार, 28 मई को वे रैथल गांव पहुंचे और वहीं रुके। रैथल में लगे सीसीटीवी कैमरों में उन्हें अंतिम बार देखा गया था।

29 मई को तीनों ने रैथल से दयारा बुग्याल के लिए ट्रैकिंग शुरू की और गोई बेस कैंप में रात बिताई। पुलिस के अनुसार, आधी रात के आसपास बबीता पांडे कैंप से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

छात्रा की तलाश के लिए सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिवादन बल (एनडीआरएफ), पुलिस, वन विभाग और जिला आपदा प्रबंधन की संयुक्त 150 सदस्यीय टीम लगातार अभियान चला रही है। खोज अभियान में स्निफर डॉग्स और ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। घने जंगलों, ट्रैकिंग मार्गों और गुफाओं में लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

गोई कैंप के समीप स्थित एक झील में भी छह सदस्यीय गोताखोर टीम द्वारा तलाश की जा रही है। पुलिस ने बबीता की तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी कर आम जनता से सहयोग की अपील की है। किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर 01374-222116, 9411112863, 8193990347 अथवा परिजनों के नंबर 7465949032 पर संपर्क करने का अनुरोध किया गया है।

इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि ट्रैकिंग एजेंसी ‘प्रो माउंटेन’ ने बबीता और उनके साथियों को फर्जी परमिट के आधार पर ट्रैक पर भेजा था। इसके बाद एजेंसी का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। एजेंसी से जुड़े ट्रैकिंग गाइड और अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा रही है।

जिला पर्यटन अधिकारी के.के. जोशी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि बबीता और उनके साथियों के नाम से आधिकारिक पर्यटन पोर्टल पर कोई वैध डिजिटल परमिट जारी नहीं किया गया था। आरोप है कि एजेंसी ने सरकारी नियमों और प्रतिदिन 150 ट्रैकर्स की निर्धारित सीमा को दरकिनार करते हुए एक पुराने और समाप्त हो चुके परमिट पर इनके नाम चिपकाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि चेकपोस्ट पर परमिट के क्यूआर कोड को स्कैन करने पर पूर्व में ट्रैकिंग कर चुके अन्य लोगों का डेटा सामने आया। अधिकारियों का कहना है कि इस फर्जीवाड़े के कारण शुरुआती चरण में रेस्क्यू टीमों को ट्रैकर्स और संबंधित एजेंसी की पहचान करने में कठिनाई हुई, जिससे खोज अभियान प्रभावित हुआ।

पुलिस अब इस मामले में व्यक्तिगत विवाद, आपराधिक साजिश या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि के पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है। फिलहाल बबीता पांडे की तलाश जारी है और प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही इस रहस्यमयी गुमशुदगी से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर 12 वर्षों के सफल नेतृत्व पर दी शुभकामनाएं

देहरादून, 10 जून 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र प्रेषित कर उनके सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सर्वाधिक अवधि तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने पर देवभूमि उत्तराखण्ड की जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान, डिजिटल इंडिया, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, जीएसटी व्यवस्था तथा रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने देश को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान संचालित विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान और ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल को भारत के वैश्विक नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र की सुरक्षा, सैनिकों के सम्मान, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और सनातन सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के लिए किए गए प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण जैसे कार्यों को भारत के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखण्ड के प्रति प्रधानमंत्री के विशेष स्नेह और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम पुनर्विकास परियोजनाओं, चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, विभिन्न रोपवे परियोजनाओं, वंदे भारत एक्सप्रेस तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास कार्यों को नई गति मिली है।

उन्होंने लखवाड़, सौंग व्यासी और जमरानी बहुद्देशीय बांध परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके पूर्ण होने से राज्य की पेयजल और सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित होगी तथा लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के अपने संकल्प को अवश्य प्राप्त करेगा और विश्व मंच पर एक अग्रणी एवं सशक्त राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान और अधिक मजबूत करेगा।

सुरक्षा, मानसून तैयारी और यात्रा सुविधाओं पर फोकस

चारधाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने से पहले अलर्ट, मानसून को लेकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर जोर

मानसून सीजन को देखते हुए चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मानसून को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

समिति के अनुसार, धामों में भीड़ प्रबंधन के लिए पंजीकरण और टोकन प्रणाली को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। मंदिर परिसरों में कतार प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ, मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। यात्रा मार्गों और मंदिर परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विश्राम गृहों और यात्री आवासों में बेहतर आवास, पेयजल, स्वच्छता और विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए हैं। वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए त्वरित दर्शन की विशेष व्यवस्था भी की गई है।

मंदिरों की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए धामों के अंदर मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लागू है। इसके अलावा मंदिरों के 70 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी और रील बनाने की अनुमति नहीं है।

बीकेटीसी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पंजीकरण के बाद ही यात्रा करें और मौसम संबंधी सलाह का पालन करें। अधिकारियों को मानसून पूर्व सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

ओल्ड राजपुर रोड पर दीवार और पुश्ता ढहने से बुजुर्ग महिला मलबे में दबी, दो घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाली गई

देहरादून के ओल्ड राजपुर रोड स्थित साईं मंदिर के पास शनिवार को एक पुरानी दीवार और पुश्ता (रिटेनिंग वॉल) अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के दौरान 85 वर्षीय मनसा देवी मलबे में दब गईं, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही राजपुर थाना प्रभारी पी.डी. भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। बाद में एसडीआरएफ (SDRF) की टीम भी मौके पर पहुंची और संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

करीब दो घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने बुजुर्ग महिला को सुरक्षित रूप से मलबे से बाहर निकाल लिया। इसके बाद मौके पर ही उन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।

महिला की स्थिति को देखते हुए तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें कोरोनेशन अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर बचाव अभियान शुरू होने से महिला की जान बचाई जा सकी। प्रशासन द्वारा घटना के कारणों की जांच की जा रही है तथा क्षेत्र में सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

चलती कार में लगी भीषण आग, हाईवे पर मचा हड़कंप

कुआंवाला के पास कार में लगी आग, आधे घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू

डोईवाला, 7 जून। हरिद्वार से देहरादून की ओर जा रही एक कार में अचानक भीषण आग लगने से हाईवे पर हड़कंप मच गया। घटना कुआंवाला क्षेत्र में जंगल के समीप हुई, जहां देखते ही देखते कार आग की लपटों में घिर गई। आग लगने से कुछ देर के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही लालतप्पड़ और देहरादून से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। वहीं कुआंवाला पुलिस चौकी और कोतवाली पुलिस की टीम ने भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।

प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी ने बताया कि हरिद्वार से देहरादून की ओर आ रही कार से कुआंवाला के पास अचानक धुआं निकलने लगा। स्थिति को भांपते हुए चालक और वाहन में सवार एक अन्य व्यक्ति तुरंत कार से बाहर निकल गए। कुछ ही क्षणों बाद कार में भीषण आग लग गई और पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया।

फायर ब्रिगेड कर्मियों ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

गनीमत रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस और फायर विभाग की तत्परता से स्थिति पर जल्द नियंत्रण पा लिया गया तथा हाईवे पर यातायात को सुचारू रूप से संचालित कराया गया।

विश्व धरोहर फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खुली, 31 अक्टूबर तक कर सकेंगे दीदार

चमोली, 2 जून 2026। उत्तराखंड के चमोली जनपद स्थित विश्व प्रसिद्ध एवं यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल Valley of Flowers (फूलों की घाटी) को वर्ष 2026 के पर्यटन सीजन के लिए आधिकारिक रूप से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। 1 जून से शुरू हुए इस सीजन में देश-विदेश से आने वाले प्रकृति प्रेमी और ट्रेकर्स 31 अक्टूबर 2026 तक घाटी की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकेंगे।

हिमालय की गोद में बसी फूलों की घाटी अपनी अनूठी जैव विविधता और रंग-बिरंगे दुर्लभ पुष्पों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। मानसून और ग्रीष्मकाल के दौरान यहां 500 से अधिक प्रजातियों के फूल और दुर्लभ हिमालयी वनस्पतियां प्राकृतिक रूप से खिलती हैं, जो पूरी घाटी को रंगों की अनुपम छटा से भर देती हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार घाटी में प्रवेश केवल डे-ट्रेक (दिवसीय भ्रमण) के लिए ही अनुमन्य होगा। पर्यटकों को निर्धारित समय के भीतर भ्रमण कर आधार शिविर घांघरिया लौटना अनिवार्य होगा। घाटी के भीतर रात्रि विश्राम या कैंपिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी तथा सभी आगंतुकों को शाम 5 बजे तक घांघरिया वापस पहुंचना होगा।

प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों से पर्यावरणीय नियमों का पालन करने और घाटी की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन और वन विभाग ने आगंतुकों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए सुरक्षित एवं व्यवस्थित पर्यटन सीजन की तैयारी पूरी कर ली है।

फूलों की घाटी हर वर्ष हजारों पर्यटकों, प्रकृति प्रेमियों, शोधकर्ताओं और फोटोग्राफरों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इस वर्ष भी घाटी में दुर्लभ हिमालयी पुष्पों और वनस्पतियों की विविधता पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।