Wednesday, May 27, 2026
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खटीमा दौरे पर मुख्यमंत्री धामी ने शोक संतप्त परिवारों से की मुलाकात, जनसमस्याएं भी सुनीं

Pushkar Singh Dhami ने मंगलवार को अपने खटीमा भ्रमण के दौरान विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने पंजाबी कॉलोनी में स्वर्गीय विवेक रघुवंशी, टनकपुर रोड में स्वर्गीय भूपेंद्र सिंह चुफाल तथा राजेंद्र नगर निवासी स्वर्गीय प्रकाश रावत के आवास पर पहुंचकर उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति एवं उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिवारों को इस दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखने का संबल भी दिया।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने टीडीसी अस्थायी हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का निराकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, मेयर विकास शर्मा, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, नंदन सिंह खरायत, रनदीप पोखरिया, भवानी भंडारी, सतीश भट्ट, नवीन बोरा, महामंत्री रमेश जोशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

फेक नैरेटिव और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहें: मुख्यमंत्री धामी

हल्द्वानी में सीएम धामी ने क्रिएटर, इंफ्लूएंसर्स और वॉलेंटियर्स के साथ किया संवाद

सोशल मीडिया को राष्ट्र निर्माण और सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाने का आह्वान

Pushkar Singh Dhami ने हल्द्वानी में आयोजित “सोशल मीडिया मंथन विथ सीएम धामी” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल वॉलेंटियर्स एवं युवाओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने सोशल मीडिया, उत्तराखंड के विकास, रोजगार, संस्कृति, राष्ट्रवाद और युवाओं की भूमिका से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से सवाल पूछे, जिनका उन्होंने बेबाकी, स्पष्टता और आत्मीयता के साथ जवाब दिया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने, सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का एक प्रभावशाली मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज का युवा डिजिटल माध्यमों के जरिए अपनी बात पूरी दुनिया तक पहुंचाने की क्षमता रखता है और उत्तराखंड के युवाओं में अपार प्रतिभा मौजूद है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मकता, सत्य और समाजहित के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फेक नैरेटिव, भ्रामक सूचनाओं और समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार और तथ्यपरक जानकारी साझा करना आज प्रत्येक युवा की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि Narendra Modi ने भी सोशल मीडिया को जनसंवाद का सशक्त माध्यम बनाया है और निरंतर युवाओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, स्टार्टअप, नवाचार, खेल, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और सख्त भू-कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लेकर युवाओं और प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है। उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और देवभूमि की पहचान को संरक्षित रखते हुए विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने सुझाव एवं अनुभव भी साझा किए। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सरकार युवाओं के सुझावों और सकारात्मक सहभागिता का सदैव स्वागत करती है तथा डिजिटल इंडिया के इस दौर में उत्तराखंड के युवा प्रदेश के डिजिटल ब्रांड एम्बेसडर बनकर दुनिया के सामने राज्य की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करें।

इस अवसर पर Ajay Bhatt, कैबिनेट मंत्री Pradeep Batra, Sarita Arya सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कुमाऊँ में मीडिया सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल

हल्द्वानी में 6.75 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर का शिलान्यास, मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान

हल्द्वानी में पत्रकारों के सशक्तिकरण और आधुनिक मीडिया सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए Pushkar Singh Dhami ने कुमाऊँ मीडिया सेन्टर भवन का विधिवत शिलान्यास किया। लगभग ₹6 करोड़ 75 लाख 88 हजार की लागत से बनने वाला यह अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों के लिए समर्पित, सुसज्जित और बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मीडिया सेन्टर केवल एक भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता को समर्पित एक जीवंत मंच होगा। यह केन्द्र पत्रकारों की कर्मस्थली, विचार-विमर्श का संगम और जन-जन की आवाज को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त करने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि अब तक कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों को कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए देहरादून पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस मीडिया सेन्टर के निर्माण के बाद अधिकांश कार्य हल्द्वानी से ही संचालित हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने बताया कि मीडिया सेन्टर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें आधुनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल, हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा, डिजिटल स्टूडियो, समृद्ध लाइब्रेरी, कैंटीन एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही मुनस्यारी, बागेश्वर, कपकोट, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा और रानीखेत जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले पत्रकारों के लिए आवासीय गेस्ट रूम की भी व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि समाचार पत्रों से संबंधित निरीक्षण कार्य अब इसी मीडिया सेन्टर से संचालित किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और त्वरित कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि पत्रकार कल्याण कोष की राशि बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है, ताकि आकस्मिक निधन या गंभीर बीमारी की स्थिति में पत्रकारों के परिजनों को त्वरित आर्थिक सहायता मिल सके। अधिस्वीकृत पत्रकारों और उनके आश्रितों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा लागू की गई है। इसके अतिरिक्त 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पत्रकारों को ₹8000 प्रतिमाह पेंशन भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मीडिया सेन्टर हल्द्वानी को कुमाऊँ क्षेत्र का प्रमुख मीडिया हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने पत्रकारों से सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देने और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की कलम लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति और सरकार के लिए मार्गदर्शक है।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि चंपावत जनपद के टनकपुर में मीडिया सेंटर गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिससे सीमांत क्षेत्रों के पत्रकारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

इस अवसर पर Ajay Bhatt, Pradeep Batra, Sarita Arya सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

कुमाऊँ मीडिया सेन्टर का निर्माण उत्तराखण्ड में मीडिया इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह पहल पत्रकारों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह और सशक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: मुख्यमंत्री धामी

Pushkar Singh Dhami ने जनपद नैनीताल के भ्रमण के दौरान रविवार को हल्द्वानी-काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आम जनता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश देते हुए कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने अधिकारियों से कहा कि जनता को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

जनसुनवाई के दौरान पेयजल आपूर्ति, ग्रामीण सड़कों की बदहाल स्थिति, विद्युत आपूर्ति एवं सिंचाई से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। मुख्यमंत्री ने पेयजल निगम को ग्रीष्मकाल को देखते हुए आवश्यकतानुसार पानी के टैंकर उपलब्ध कराने तथा खराब पड़े नलकूपों एवं हैंडपंपों को शीघ्र ठीक करने के निर्देश दिए।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त करने और विद्युत विभाग को निर्धारित रोस्टर के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री Ram Singh Kaida, विधायक Sarita Arya, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन को मुख्यमंत्री धामी ने किया फ्लैग ऑफ

“क्यालु- हिम तेंदुआ” शुभंकर का अनावरण, प्रतिभागियों संग प्रतीकात्मक दौड़ में हुए शामिल

देहरादून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम को फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर उन्होंने मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतिभागियों के साथ प्रतीकात्मक दौड़ में भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने आगामी 31 मई 2026 को आयोजित होने वाली नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के शुभंकर “क्यालु- हिम तेंदुआ” का भी अनावरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास को जागृत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं में साहस, संकल्प और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है।

उन्होंने कहा कि आज यहां गूंज रहे युवाओं के कदम आने वाले समय में नीति घाटी की ऊंचाइयों पर नया इतिहास रचेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ने के लिए बुलंद हौंसला, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि उत्तराखंड के साहस, पर्यटन और सामर्थ्य का ब्रांड एंबेसडर बताया।

उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता नया उत्तराखंड है। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन नए उत्तराखंड की शक्ति और सामर्थ्य के प्रदर्शन का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi का यह विजन कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं बल्कि पहले गांव हैं, इस आयोजन के माध्यम से साकार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार, होमस्टे, स्थानीय उत्पादों और युवा उद्यमिता को नई गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 31 मई को नीति घाटी की पावन एवं दुर्गम धरती पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उत्तराखंड के खेल एवं एडवेंचर टूरिज्म के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने इस महाआयोजन के लिए पंजीकरण कराया है, जो युवाओं में इस आयोजन के प्रति बढ़ते आकर्षण का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया और राष्ट्रीय खेलों जैसे अभियानों के माध्यम से खेल और फिटनेस को जनआंदोलन बनाया जा रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ दौड़ में प्रतिभाग करें तथा सुरक्षित रूप से इसे पूर्ण कर 31 मई को नीति घाटी में नया इतिहास रचें। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों को कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी।

कैंसर पीड़ित विधवा सुनीता को जिला प्रशासन से मिली बड़ी राहत, बच्चों की शिक्षा और उपचार को मिला सहारा

देहरादून, 22 मई 2026 (सूवि)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन देहरादून जरूरतमंद एवं असहाय परिवारों के लिए संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ लगातार कार्य कर रहा है। प्रशासन द्वारा उपचार, शिक्षा, आर्थिक सहायता, रोजगार एवं ऋण राहत जैसे मामलों में सैकड़ों प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण कर जरूरतमंदों को नई उम्मीद और संबल प्रदान किया जा रहा है।

इसी क्रम में डोईवाला निवासी कैंसर पीड़ित विधवा महिला सुनीता कलवार को जिला प्रशासन द्वारा बड़ी राहत प्रदान की गई है। सुनीता कलवार ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी व्यथा रखते हुए बताया कि वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं तथा परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण बच्चों की शिक्षा और उपचार जारी रखना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बच्चों की फीस माफी और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।

प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल सहायता के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा रायफल क्लब फंड से सुनीता कलवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर उपलब्ध कराई गई। साथ ही उनके पुत्र का विद्यालय में दाखिला सुनिश्चित कराया गया, जबकि उनकी पुत्री की बाधित शिक्षा को जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से पुनः प्रारंभ कराया गया।

बताया गया कि सुनीता कलवार का 11 जुलाई 2024 को जौलीग्रांट स्थित अस्पताल में कैंसर का ऑपरेशन हुआ था और वर्तमान में उनका उपचार जारी है। उपचार के दौरान आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहे परिवार को जिला प्रशासन ने न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि मानवीय सहयोग और भरोसे का भी संबल प्रदान किया है।

जिला प्रशासन द्वारा विगत वर्षों में भी अनेक जरूरतमंद परिवारों को लाखों रुपये की सहायता प्रदान की गई है। विद्युत एवं जल संबंधी बकाया मामलों के निस्तारण, बैंक ऋण राहत, चिकित्सा सहायता और रायफल क्लब फंड से सहयोग उपलब्ध कराकर कई परिवारों को राहत पहुंचाई गई है। वहीं ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से सैकड़ों जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

जिला प्रशासन की यह पहल शासन की संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आ रही है, जिसमें जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने 483 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, साढ़े चार साल में 33 हजार को मिली सरकारी नौकरी

देहरादून। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सिंचाई एवं कृषि विभाग के अंतर्गत चयनित 483 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें सिंचाई विभाग के 473 तथा कृषि विभाग के 10 पद शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद खंडूरी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे उत्तराखंड का सपना देखा था, जहां युवाओं की पहचान उनकी मेहनत और प्रतिभा से हो। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को दिए जा रहे नियुक्ति पत्र इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र प्रतिभाशाली युवाओं की मेहनत, लगन और संकल्प का सम्मान है। उन्होंने कहा कि चयनित युवा पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का त्याग, परिवार का संघर्ष और वर्षों की मेहनत छिपी होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकारी नौकरियों में चयन मेहनत और प्रतिभा के आधार पर हो रहा है और यही नई कार्यसंस्कृति उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत बन रही है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 33 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी सिंचाई और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और प्रदेश की जीएसडीपी विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है। साथ ही प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड गिरावट आई है।

सिंचाई मंत्री Satpal Maharaj ने चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अवसर उत्तराखंड के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग किसानों की समृद्धि, जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है तथा नव नियुक्त कर्मचारी राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद अब केवल पात्र और मेहनती युवाओं को ही नियुक्तियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि आज लाखों युवा स्टार्टअप और नवाचार के माध्यम से भी नए अवसरों की ओर बढ़ रहे हैं।

केदारघाटी और जोशीमठ में बदलेगा पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर, राज्य अतिथि गृह और मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं को मिली रफ्तार

देहरादून, 21 मई 2026। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड में पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar की अध्यक्षता में सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें रुद्रप्रयाग जनपद के रतूड़ा गांव में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह और चमोली जिले के जोशीमठ स्थित रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दोनों परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाते हुए आवश्यक तकनीकी सुधारों के साथ संशोधित प्रस्ताव शीघ्र शासन को उपलब्ध कराए जाएं।

रतूड़ा में बनेगा आधुनिक पहाड़ी शैली का राज्य अतिथि गृह

रुद्रप्रयाग जनपद के ग्राम रतूड़ा में प्रस्तावित लगभग 34.29 करोड़ रुपये लागत वाले राज्य अतिथि गृह की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन का डिजाइन पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि स्थानीय संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का संतुलित समन्वय दिखाई दे।

उन्होंने कहा कि अतिथि गृह में 20 आधुनिक कक्षों के साथ दो वीवीआईपी सुइट और अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के साथ समन्वय कर परियोजना को और अधिक उपयोगी एवं आकर्षक बनाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विद्युत कार्यों की अलग डीपीआर शीघ्र प्रस्तुत करने और संशोधित आगणन शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

केदारनाथ यात्रा क्षेत्र को मिलेगा लाभ

रतूड़ा क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त राज्य अतिथि गृह बनने से केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आने वाले विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों और पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। राज्य सरकार इस परियोजना को पर्यटन अवसंरचना विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रही है।

जोशीमठ में पार्किंग संकट दूर करने की तैयारी

दूसरी समीक्षा बैठक में चमोली जिले के जोशीमठ स्थित रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना पर चर्चा की गई। औली में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या के कारण क्षेत्र में यातायात दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए लगभग 5.69 करोड़ रुपये लागत से मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण की योजना तैयार की गई है।

परियोजना के तहत लोअर ग्राउंड स्तर पर 51 तथा ग्राउंड फ्लोर पर 46 वाहनों की पार्किंग की सुविधा विकसित की जाएगी। इस प्रकार कुल 97 कारों के लिए पार्किंग व्यवस्था प्रस्तावित है। पार्किंग परिसर तक पहुंचने के लिए सात मीटर चौड़ा मार्ग भी प्रस्तावित किया गया है।

सुरक्षा और सुगमता पर विशेष जोर

समीक्षा के दौरान सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar ने पार्किंग परिसर तक पहुंचने वाले मार्ग को और अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने तथा प्रवेश और निकास मार्गों को अलग-अलग करने के लिए बैरिकेडिंग व्यवस्था विकसित करने को कहा, ताकि यातायात संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।

साथ ही जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि चयनित भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया एक माह के भीतर पूर्ण कर शासन को अवगत कराया जाए।

पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता

सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar ने कहा कि मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशानुसार राज्य में पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को स्थानीय जरूरतों, पहाड़ी भूगोल और पारंपरिक वास्तुकला के अनुरूप आगे बढ़ाना है, ताकि आधुनिक सुविधाओं के साथ क्षेत्रीय पहचान भी सुरक्षित रह सके।

उन्होंने कहा कि रतूड़ा में बनने वाला आधुनिक राज्य अतिथि गृह केदारघाटी आने वाले पर्यटकों और अतिथियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, जबकि जोशीमठ की मल्टीलेवल पार्किंग औली और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और टिकाऊ आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एटीएस कॉलोनी में दहशत फैलाने वाले बिल्डर पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, गुंडा एक्ट में 6 माह के लिए जिला बदर

देहरादून, 19 मई 2026 (सूवि)। जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में आतंक और भय का माहौल पैदा करने वाले विवादित बिल्डर Puneet Agrawal के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट Savin Bansal ने उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड गुण्डा नियंत्रण अधिनियम-1970 की धारा 3(3) के तहत कार्रवाई करते हुए बिल्डर को “गुण्डा” घोषित कर छह माह के लिए देहरादून जनपद की सीमा से बाहर रहने के आदेश जारी किए हैं।

मामले की शुरुआत एटीएस कॉलोनी निवासी एवं डीआरडीओ वैज्ञानिक Hem Shikha सहित अन्य निवासियों द्वारा 25 अप्रैल 2026 को जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रस्तुत शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 13 अप्रैल 2026 को बिल्डर द्वारा डीआरडीओ में कार्यरत वैज्ञानिक के परिवार पर हमला किया गया, जिसमें पीड़ित का कान का पर्दा फट गया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ अभद्रता एवं गाली-गलौच किए जाने की भी शिकायत की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट Savin Bansal ने उप जिलाधिकारी मसूरी से गोपनीय जांच कराई। जांच में स्थानीय निवासियों ने बताया कि आरोपी का व्यवहार लगातार क्षेत्र में भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न कर रहा था। थाना रायपुर में दर्ज एफआईआर, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और सामूहिक शिकायतों को न्यायालय ने गंभीरता से लिया। प्रकरण में डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक Manoj Kumar Dhaka द्वारा भी कार्रवाई की मांग की गई थी।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी का व्यवहार समाज में भय और अशांति का कारण बन चुका है तथा यदि उस पर रोक नहीं लगाई गई तो गंभीर अप्रिय घटना हो सकती है। वहीं बचाव पक्ष ने इसे आपसी रंजिश और सिविल विवाद बताया, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों, वायरल वीडियो, शिकायतों और गोपनीय जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने आरोपी को आदतन आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति माना।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि Puneet Agrawal अगले छह माह तक बिना अनुमति देहरादून जनपद की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर कठोर कारावास एवं जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। थाना रायपुर पुलिस को 24 घंटे के भीतर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कर आरोपी को जनपद से बाहर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 115(2), 351(2), 352, 74, 126(2), 324(4) और 447 सहित विभिन्न धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। इससे पूर्व दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने और लाइसेंसी शस्त्र का दुरुपयोग करने के मामले में भी जिला मजिस्ट्रेट द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए उसका शस्त्र लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है।

प्रशासन का कहना है कि आरोपी पर डीआरडीओ वैज्ञानिक के साथ मारपीट, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को धमकाने, बच्चों के साथ अभद्रता, झूठे मुकदमों में फंसाने तथा अवैध कब्जे जैसे कई गंभीर आरोप हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनमानस, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

गैरसैंण से काण्डा तक पार्किंग क्रांति, मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं से सुधरेगी यातायात व्यवस्था

देहरादून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जनपद चमोली के गैरसैंण और जनपद बागेश्वर के काण्डा में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं को लेकर आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग ने विभागीय व्यय समिति की बैठकों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar की अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में दोनों परियोजनाओं के विस्तृत आगणनों पर चर्चा करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठकों में आवास विभाग, वित्त विभाग, नियोजन विभाग, संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

गैरसैंण में बनेगी 91 वाहनों की आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग

मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत गैरसैंण में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण हेतु पेयजल निगम द्वारा लगभग 1504.35 लाख रुपये लागत का विस्तृत आगणन प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार भू-तल पर 36 कार पार्किंग, सात दुकानें और दो कार लिफ्ट का प्रावधान किया गया है, जबकि टेरेस पर 55 कार पार्किंग और एक अतिरिक्त कार लिफ्ट प्रस्तावित है। इस प्रकार कुल 91 वाहनों के लिए आधुनिक पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी।

परियोजना में बीआरसी/सीआरसी फैकल्टी हॉल और तीन क्लास रूम का भी प्रावधान रखा गया था, जिस पर सचिव R. Rajesh Kumar ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवास विभाग की जिम्मेदारी केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित है। उन्होंने अतिरिक्त निर्माण प्रस्ताव हटाकर मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप संशोधित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा।

काण्डा में 53 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा

बागेश्वर जनपद के काण्डा में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना के संशोधित आगणन पर भी विभागीय व्यय समिति ने विस्तार से चर्चा की। लगभग 540.85 लाख रुपये लागत की इस परियोजना में भूतल पर सात दुकानें और 26 कार पार्किंग तथा प्रथम तल पर 27 कार पार्किंग का प्रावधान किया गया है। साथ ही शौचालय सुविधा भी विकसित की जाएगी। इस प्रकार कुल 53 वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था तैयार होगी।

बैठक में सचिव R. Rajesh Kumar ने निर्देश दिए कि पार्किंग का संचालन जिला विकास प्राधिकरण बागेश्वर द्वारा किया जाए तथा दुकानों का आवंटन जिला स्तरीय समिति के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। विभागीय व्यय समिति ने परियोजना को सैद्धान्तिक सहमति प्रदान करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता

सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar ने कहा कि मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के विजन के अनुरूप पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाएं केवल वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा नहीं होंगी, बल्कि स्थानीय बाजारों को व्यवस्थित करने, यातायात दबाव कम करने और पर्यटन गतिविधियों को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से आगे बढ़ाया जाए।