Saturday, June 27, 2026
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खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ, ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात

रुद्रपुर। गांधी मैदान, रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री एवं परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में किसानों का उत्साह देखते ही बना।

इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत से 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात प्रदेशवासियों को मिली।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा।” उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है और कृषि क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, लेकिन केंद्र सरकार इसके प्रभावी समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखंड कृषि और बागवानी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा आने वाले समय में हॉर्टिकल्चर हब के रूप में नई पहचान बनाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि मुक्तेश्वर में सेब, अखरोट और बादाम जैसे उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन के लिए ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरी के लिए ₹2 करोड़ तक की सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा तथा न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ स्वीकृत किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी समय पर मिल सकेगी और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना और डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है। उन्होंने किसानों से नियमित मृदा परीक्षण कराने, वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क दी जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को मजबूत करने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज तथा मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए घेरबाड़ के लिए ₹65 करोड़, जैविक खेती के लिए ₹10 करोड़ की सहायता तथा मंडुवा एवं झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किए जाने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कृषक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी गृह का किया निरीक्षण, सुरक्षा व पुनर्वास व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने के दिए निर्देश

देहरादून, 25 जून 2026। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को केदारपुरम स्थित नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी गृह का स्थलीय निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संस्थानों में रह रहे बच्चों एवं महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता तथा पुनर्वास संबंधी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाल सुधार गृह में रह रहे किशोरों से संवाद कर उनकी दिनचर्या, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि बाल सुधार गृह में बेसिक लर्निंग प्रोग्राम संचालित किया जाए, जिससे बच्चों की शैक्षिक एवं बौद्धिक क्षमता का विकास हो सके। साथ ही सभी बालकों का विस्तृत प्रोफाइल तैयार कर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक बालक की नियमित काउंसलिंग एवं स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास में सहायता मिल सके। उन्होंने पुनर्वास एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी विशेष जोर दिया।

नारी निकेतन एवं किशोरी गृह के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया और उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नारी निकेतन में रह रही किशोरियों एवं संवासिनियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।

डीएम ने परिसर की साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थानों में स्वच्छ, सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण बनाए रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों एवं महिलाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

वर्तमान में नारी निकेतन में 160 संवासिनियां, बाल सुधार गृह में 7 किशोर तथा किशोरी संप्रेक्षण गृह में 12 किशोरियां निवासरत हैं।

निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नमिता ममगाईं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, समिति सदस्य पी.एन. जौहर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

हेमकुंट साहिब यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं ने अफवाहों का किया खंडन, बोले- यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक बातें

चमोली। हेमकुंट साहिब की पवित्र यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अफवाहों का खंडन करते हुए कहा है कि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो रही है। श्रद्धालुओं ने पुलिस, जिला प्रशासन, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी तथा स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि कुछ लोग केवल सोशल मीडिया पर व्यूज बटोरने के लिए भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं।

पंजाब से अपने परिवार के साथ हेमकुंट साहिब के दर्शन के लिए पहुंचीं श्रद्धालु सुखबीर कौर ने बताया कि वह 19 जून को यात्रा पर निकली थीं। यात्रा शुरू करने से पहले कई लोगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के आधार पर सतर्क रहने की सलाह दी थी। मंगलवार को यात्रा पूरी कर गोविंदघाट लौटने के बाद उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पूरी यात्रा के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पूरी क्षमता के साथ यात्रा का सफल संचालन कर रहे हैं। यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाएं, भोजन, आवास तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध हैं। इसके अलावा स्थानीय लोग भी श्रद्धालुओं की हरसंभव सहायता कर रहे हैं।

सुखबीर कौर ने कहा कि वास्तविक स्थिति सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही बातों से बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार कुछ लोग केवल सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने के लिए यात्रा को लेकर भ्रामक अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निश्चिंत होकर हेमकुंट साहिब के दर्शन के लिए आएं।

यात्रा पूरी कर लौटे अन्य तीर्थयात्रियों ने भी वीडियो संदेश जारी कर कहा कि भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस-प्रशासन पूरी मुस्तैदी से व्यवस्था संभाल रहा है और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

श्रद्धालुओं ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करने तथा केवल आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही यात्रा से संबंधित निर्णय लेने की अपील की।

6.75 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी का आरोपी भू-माफिया गिरफ्तार, 25 हजार के इनामी के पास मिली अवैध पिस्टल

देहरादून। राजपुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करोड़ों रुपये की जमीन धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी भू-माफिया विशाल कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर राजपुर रोड स्थित बहुमूल्य भूमि का सौदा कराने के नाम पर 6.75 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध 32 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत भी अलग मुकदमा दर्ज किया है।

6.75 करोड़ रुपये की ठगी का मामला

जानकारी के अनुसार देहरादून के कारोबारी कमल जिंदल ने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि विशाल कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजपुर रोड स्थित एक कीमती संपत्ति का सौदा कराने का झांसा दिया। आरोप है कि उसने विभिन्न माध्यमों से 6 करोड़ 75 लाख रुपये प्राप्त कर लिए, लेकिन न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई और न ही रकम वापस लौटाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

एनआरआई महिला की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का भी आरोपी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विशाल कुमार वर्ष 2023 में दर्ज एक अन्य चर्चित मामले में भी नामजद रहा है। उस पर एक वृद्ध एनआरआई महिला की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने का आरोप है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से भूमि से जुड़े विवादित सौदों में सक्रिय रहा है और कई लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के आरोपों का सामना कर रहा है।

उत्तराखंड और यूपी में दर्ज हैं 24 मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक विशाल कुमार का आपराधिक इतिहास करीब तीन दशक पुराना है। उसके खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कुल 24 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गैंगस्टर एक्ट, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करना, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, आबकारी अधिनियम और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी एक संगठित गिरोह की तरह काम करता था और लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था।

सर्विलांस और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता

मुकदमे में वांछित चल रहे विशाल कुमार के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजपुर थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से उसकी तलाश शुरू की। लगातार दबिशों के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी आईटी पार्क क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने तपोवन रोड के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के दौरान हथियार बरामद

पुलिस ने आरोपी और उसकी क्रेटा कार की तलाशी ली, जिसमें एक अवैध 32 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के आधार पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसकी कार को भी सीज कर दिया है और बरामद हथियार के स्रोत तथा संभावित इस्तेमाल की जांच की जा रही है।

नेटवर्क और सहयोगियों की जांच जारी

पुलिस के अनुसार विशाल कुमार पूर्व में कई बार जेल जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह भूमि कारोबार और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में सक्रिय बना हुआ था। दून पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

केदारनाथ और हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में दिए अहम निर्देश

देहरादून, 22 जून 2026। उत्तराखण्ड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में केदारनाथ एवं हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने दोनों महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजनाओं के अंतर्गत वन भूमि स्वीकृति (फॉरेस्ट लैंड क्लीयरेंस) की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक सर्वेक्षण निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं तथा यूटिलिटी शिफ्टिंग, बिजली और पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्यों को भी शीघ्र पूरा किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि रोपवे परियोजनाओं के साथ पार्किंग, लास्ट माइल कनेक्टिविटी और रोपवे स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही परियोजनाओं से जुड़े सभी हितधारकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

बैठक में नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अधिकारियों ने बताया कि केदारनाथ रोपवे परियोजना के तहत लिडार सर्वे एवं वीडियोग्राफी का कार्य पूरा हो चुका है। कंसेशनायर द्वारा जियो-टेक्निकल जांच शुरू कर दी गई है। गौरीकुंड और सोनप्रयाग स्टेशनों के लिए जियो-टेक्निकल सर्वे तथा टोपोग्राफी सर्वे भी पूरा हो चुका है। परियोजना का प्रारंभिक अलाइनमेंट तैयार कर लिया गया है और अंतिम अलाइनमेंट जून 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

अधिकारियों ने बताया कि देहरादून से सोनप्रयाग तक वास्तविक आकार के कंटेनरों के साथ लॉजिस्टिक्स का ड्राई रन भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जिससे परियोजना के निर्माण कार्यों की तैयारियों को गति मिली है।

हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजना के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि भूमि सर्वेक्षण का कार्य जारी है। खराब मौसम के कारण ड्रोन सर्वे में कुछ देरी हुई, हालांकि अंतिम हिस्से के लिए डीजीपीएस और लिडार सर्वे का कार्य पुनः शुरू कर दिया गया है।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, धीराज गर्ब्याल तथा एनएचएलएमएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने दन्या में विकास योजनाओं की दी सौगात, क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं

अल्मोड़ा, 21 जून 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को अल्मोड़ा के दन्या स्थित रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस अवसर पर उन्होंने राजकीय महाविद्यालय दन्या के 4 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए भवन के निर्माण से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई अहम घोषणाएं करते हुए कहा कि शहीद बीरेश्वर गोस्वामी के नाम पर अल्मोड़ा में भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा चमतोला खेल मैदान का निर्माण, राजकीय महाविद्यालय गरुड़ाबाँज में मिनी स्टेडियम का निर्माण, जीआईसी गरुड़ाबाँज में चार अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण, प्रेम मंदिर एवं राधा-कृष्ण मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, खेती-जटेश्वर मोटर मार्ग के कचौरी से कलूटा पोलिंग बूथ तक सड़क निर्माण तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चगेठी के उच्चीकरण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित एवं समेकित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा उत्तराखंड भी तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड और मानसखंड में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक राज्य पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर मास्टर प्लान के माध्यम से धाम के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए वहां आधुनिक सुविधाओं, पार्किंग और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शीतकालीन पर्यटन, आयुर्वेद एवं योग आधारित पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ की अवधारणा के तहत स्थानीय मेलों और सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान मिल रही है, जिससे स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। साथ ही नकल विरोधी कानून लागू होने से युवाओं का भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में उत्तराखंड का समग्र विकास हो रहा है और सभी के सामूहिक प्रयासों से राज्य को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाया जाएगा।

जनसभा के उपरांत मुख्यमंत्री दन्या निवासी पवन पंत के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सहभाग करते हुए कथा का श्रवण किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

योग की गूंज से महका सिटी फॉरेस्ट पार्क, 1000 से अधिक लोगों ने किया सामूहिक योग

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने किया योग, बोले- स्वस्थ समाज की सबसे बड़ी ताकत है योग

एमडीडीए के सिटी फॉरेस्ट पार्क से उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस हब बनाने का संदेश, डिजिटल फीडबैक सिस्टम भी होगा शुरू

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देहरादून का एमडीडीए सिटी फॉरेस्ट पार्क योग, प्रकृति और जनभागीदारी का भव्य केंद्र बन गया। हरियाली से घिरे पार्क में सुबह की ताज़ी हवा और पक्षियों की चहचहाहट के बीच 1000 से अधिक लोगों ने एक साथ योग, प्राणायाम और ध्यान कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ उत्तराखंड के निर्माण का संदेश दिया।

कार्यक्रम के समापन पर एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने योग प्रशिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया और समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में उनके योगदान की सराहना की।

प्रकृति की गोद में योग का अनूठा अनुभव

इस वर्ष योग दिवस को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ा गया। प्रतिभागियों को योग के वैज्ञानिक लाभों की जानकारी दी गई और नियमित योग को तनावमुक्त, संतुलित एवं स्वस्थ जीवन का आधार बताया गया। प्राकृतिक वातावरण में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम भी है।

योग भारत की अमूल्य धरोहर : आनंद बर्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि योग भारत की सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के करोड़ों लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

उत्तराखंड बनेगा वैश्विक योग एवं वेलनेस डेस्टिनेशन : बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, तप और आध्यात्मिक साधना की भूमि रही है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क जैसे सार्वजनिक स्थलों को स्वास्थ्य और जनकल्याण से जोड़कर लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।

सिटी फॉरेस्ट पार्क बनेगा स्मार्ट और जनहितैषी

योग कार्यक्रम के बाद मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सिटी फॉरेस्ट पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने चिल्ड्रन पार्क, कैफेटेरिया, साइकिल ट्रैक, थ्री-डी मूवी थिएटर, सोलर प्लांट, नर्सरी, ओपन जिम, ओपन थिएटर और ईवी चार्जिंग स्टेशन सहित विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को पार्क में आने वाले लोगों की राय जानने के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल फीडबैक सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक और जनभागीदारी के माध्यम से सार्वजनिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही पार्क की स्वच्छता, हरित क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण की व्यवस्थाओं की भी सराहना की।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्य सचिव के सभी सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा, जिससे सिटी फॉरेस्ट पार्क को देहरादून के सबसे आधुनिक, सुविधायुक्त और जनहितैषी सार्वजनिक स्थलों में शामिल किया जा सके।

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि योग दिवस में लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी प्रेरणादायक रही। भविष्य में भी पार्क में स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें।

उत्तराखंड में रेलवे विस्तार को मिलेगी नई रफ्तार, मुख्यमंत्री धामी ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन के साथ की उच्चस्तरीय बैठक

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना समय पर पूरी करने के निर्देश, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन पर नवंबर 2026 तक ठोस प्रगति की उम्मीद

कुंभ और कांवड़ यात्रा को देखते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर

देहरादून। उत्तराखंड में रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री सतीश कुमार के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में राज्य की प्रमुख रेल परियोजनाओं, रेलवे अवसंरचना के विस्तार और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मजबूत रेलवे कनेक्टिविटी राज्य के विकास, पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगी। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की सबसे महत्वपूर्ण और सामरिक परियोजनाओं में से एक बताते हुए इसके निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने से चारधाम यात्रा, विशेषकर श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक होगी।

बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने बताया कि परियोजना का सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अपेक्षा जताई कि नवंबर 2026 तक इस परियोजना पर ठोस प्रगति दिखाई दे। इसके साथ ही उन्होंने कर्णप्रयाग-बागेश्वर तथा किच्छा-खटीमा रेल परियोजनाओं को भी क्षेत्रीय संतुलित विकास और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप महत्वपूर्ण बताते हुए इन पर शीघ्र कार्यवाही आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे पर्यटन और तीर्थाटन को देखते हुए रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण समय की आवश्यकता है। उन्होंने गढ़वाल मंडल के देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की तथा कुमाऊँ मंडल के हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार और आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया।

उन्होंने आगामी कुंभ और कांवड़ मेले के दौरान यात्रियों की संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की रेलवे स्टेशनों पर विशेष सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं और यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण (डबल लाइन) की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि बैठक में जिन सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई है, उन पर रेलवे बोर्ड पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ कार्य करेगा।

बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत एवं अपर सचिव रीना जोशी भी उपस्थित रहे।

धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: चारधाम के घोड़े-खच्चरों के बीमा में सरकार देगी 20% प्रीमियम, उत्तराखंड बनेगा पूर्ण साक्षर राज्य

गौवंश नस्ल सुधार से लेकर हिमालयन कार रैली, गोल्डन कार्ड भुगतान और कारागार नियमों तक कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पशुपालन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने गौवंश नस्ल सुधार की नई योजना, चारधाम यात्रा में संचालित घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम में सरकारी सहायता, उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने सहित 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।

चारधाम यात्रा से जुड़े पशुपालकों को बड़ी राहत

कैबिनेट ने केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर संचालित पंजीकृत घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का निर्णय लिया। वर्ष 2026 की यात्रा के दौरान लगभग 15 हजार पंजीकृत अश्ववंशीय पशुओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

गौवंश नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण परियोजना

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और उच्च गुणवत्ता वाली नस्ल तैयार करने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार गौवंशीय पशुओं में भ्रूण प्रत्यारोपण (एम्ब्रियो ट्रांसफर) आधारित पायलट परियोजना को मंजूरी दी गई। इससे शुद्ध नस्ल के पशुओं का उत्पादन बढ़ेगा और दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

उत्तराखंड बनेगा पूर्ण साक्षर राज्य

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उत्तराखंड को पूर्णतः साक्षर राज्य (Fully Literate State) घोषित किए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसे शिक्षा क्षेत्र में राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

हिमालयन कार रैली से मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा

राज्य सरकार ने उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को मंजूरी दी। प्रतियोगिता में 120 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय, एशिया क्रॉस कंट्री, क्लासिक कार और भारतीय राष्ट्रीय रैली चैम्पियनशिप के प्रतिभागी शामिल होंगे।

गोल्डन कार्ड के लंबित बिलों का होगा भुगतान

राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न अस्पतालों के लंबे समय से लंबित भुगतान के लिए स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया, जिससे अस्पतालों और लाभार्थियों दोनों को राहत मिलेगी।

सड़कों के निर्माण कार्यों को राहत

बिटुमिन की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत वृद्धि को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के चल रहे बिटुमिन कार्यों में 1 मई से 30 जून 2026 तक मूल्य समायोजन (प्राइस एडजस्टमेंट) की अनुमति दी गई, ताकि सड़क निर्माण कार्य प्रभावित न हों।

युवा अभ्यर्थियों को राहत

उत्तराखंड आंदोलनकारियों के आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण से संबंधित प्रमाणपत्र दस्तावेज सत्यापन के दौरान एक बार स्वीकार करने का निर्णय लिया गया। इससे तीन प्रमुख भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा।

सेलाकुई में बनेगा अत्याधुनिक परीक्षण तंत्र

सुगंधित तेलों एवं हर्बल उत्पादों में मिलावट की जांच और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में अत्याधुनिक एएमएस (Accelerator Mass Spectrometry) मशीन के संचालन हेतु पांच विशेषज्ञ पद सृजित करने को मंजूरी दी गई।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • उपनल कर्मियों के समान कार्य के लिए समान वेतन संबंधी पात्रता तिथि में संशोधन।
  • उत्तराखंड कारागार (संशोधन) नियमावली-2026 को मंजूरी।
  • उत्तराखंड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय।
  • उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली-2026 को स्वीकृति।
  • आबकारी नीति में तकनीकी संशोधन को मंजूरी।

किशाऊ बांध परियोजना पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का जताया आभार

कैबिनेट ने वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। सरकार ने इसे उत्तराखंड के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

रिस्पना को नया जीवन देने की तैयारी, जिला प्रशासन-नगर निगम की संयुक्त मुहिम तेज

देहरादून, 17 जून 2026। राजधानी की जीवनरेखा मानी जाने वाली रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त रूप से व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। मानसून से पहले नदी की सफाई, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और नदी संरक्षण को लेकर प्रशासन ने अभियान को युद्धस्तर पर तेज कर दिया है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को राजीव नगर क्षेत्र में रिस्पना नदी में चल रहे सफाई एवं पुनरुद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान महापौर सौरभ थपलियाल और मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर सफाई कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून से पहले रिस्पना नदी की व्यापक सफाई जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि वर्षाकाल में जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे और नदी संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिल सके। उन्होंने कहा कि रिस्पना नदी को कूड़ाघर नहीं बनने दिया जाएगा तथा इसके पुनरुद्धार के लिए दीर्घकालिक और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

नगर निगम द्वारा मार्च 2026 से विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक लगभग 17 हजार मीट्रिक टन कचरा उठाया जा चुका है। निगम की ओर से बिंदाल नदी के लगभग 8 किलोमीटर और रिस्पना नदी के लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा शहर के विभिन्न नदी-नालों और जलधाराओं की भी नियमित सफाई की जा रही है।

रिस्पना नदी की सफाई के लिए नगर निगम ने 12 जेसीबी मशीनें और 15 डम्पर लगाए हैं, जिनकी मदद से नदी क्षेत्र से कूड़ा, मलबा और अन्य अवरोध हटाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम लगातार अभियान को गति दे रही है।

जिलाधिकारी ने बताया कि नमामि गंगे एवं जिला स्वच्छता समिति के माध्यम से नदी संरक्षण के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत नदी किनारे कूड़े के ढेर वाले स्थानों का चिन्हीकरण कर प्राथमिकता के आधार पर उन्हें हटाया जाएगा। साथ ही नदी में गिरने वाले बिना उपचारित (अनट्रीटेड) नालों के पानी के उपचार के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों तथा दृढ़ इच्छाशक्ति से रिस्पना नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने अभियान में सहयोग के लिए नगर निगम की सराहना करते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।