Friday, February 20, 2026
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मसूरी में 40 अतिरिक्त गोल्फकार्ट संचालन की तैयारी पूरी, इसी माह जिला प्रशासन-आरईसी फाउंडेशन के बीच होगा एमओयू

जिला प्रशासन के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप पर्यटन नगरी मसूरी को शीघ्र ही 40 अतिरिक्त गोल्फकार्ट की सुविधा प्राप्त होने जा रही है। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। गोल्फकार्ट REC Foundation के सहयोग से उपलब्ध कराए जाएंगे।

जिलाधिकारी सविन बंसल के आग्रह पर आरईसी के प्रबंध निदेशक एवं अपर सचिव, भारत सरकार इसी माह देहरादून आगमन कर जिला प्रशासन के साथ औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे। एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम मा० विधायक मसूरी एवं रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न होगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य मसूरी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सुगम, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन उपलब्ध कराना तथा पारंपरिक रिक्शा चालकों की आय में वृद्धि करना है। अतिरिक्त गोल्फकार्ट संचालित होने से माल रोड और कैमलबैक रोड पर जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा प्रदूषण-मुक्त परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

इस सुविधा से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और पर्यटकों को आरामदायक आवागमन उपलब्ध होगा, जबकि स्थानीय रिक्शा चालकों की आर्थिकी में सुधार होगा। जिला प्रशासन का मानना है कि यह पहल मसूरी को स्वच्छ, सुगम और आधुनिक पर्यटन नगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

जिला प्रशासन द्वारा गोल्फकार्ट के लिए आरईसी फाउंडेशन से सीएसआर फंड के अंतर्गत 3.36 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कराई गई है। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2024 में मसूरी में गोल्फकार्ट सेवा का शुभारम्भ किया गया था। प्रथम चरण में 4 गोल्फकार्ट से शुरू हुई यह सेवा वर्तमान में 14 तक पहुँच चुकी है। अब 40 नए गोल्फकार्ट आने के बाद कुल संख्या 54 हो जाएगी।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मार्ग निर्धारण, पार्किंग, चार्जिंग व्यवस्था, सुरक्षा मानक और संचालन प्रणाली समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं तथा स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और पर्यटक हितधारकों से सहयोग की अपेक्षा की है।

जिला प्रशासन के अनुसार, यह पहल मसूरी में यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।

परिवहन सुधारों में उत्तराखण्ड को बड़ी उपलब्धि, केन्द्र से ₹125 करोड़ की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत

देहरादून। उत्तराखण्ड में परिवहन क्षेत्र में किए जा रहे व्यापक सुधारों को केन्द्र सरकार ने सराहते हुए पूंजीगत निवेश योजना (SASCI) 2025-26 के अंतर्गत राज्य को ₹105.11 करोड़ की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। साथ ही अप्रैल से पूर्व लागू किए गए सुधारों के लिए ₹20 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि भी मंजूर की गई है। इस प्रकार कुल ₹125 करोड़ की प्रोत्साहन राशि परिवहन विभाग उत्तराखण्ड को प्राप्त हुई है।

यह उपलब्धि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में परिवहन क्षेत्र में लागू की जा रही तकनीक आधारित सुधारात्मक नीतियों का परिणाम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तकनीक आधारित परिवहन सुधारों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे सड़क सुरक्षा मजबूत होने के साथ-साथ पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो रही है। इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट एवं वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से दुर्घटनाओं में कमी लाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

रोड सेफ्टी के तहत इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट:

सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत राज्य में हाई-रिस्क एवं क्रिटिकल जंक्शनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट सिस्टम लागू किए गए हैं। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ANPR कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें ट्रैफिक कंट्रोल रूम और ई-चालान प्रणाली से जोड़ा गया है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 20 स्थानों पर ANPR कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि राज्य में कुल 37 लोकेशनों पर कैमरे लगाए गए हैं। इनके माध्यम से ट्रिपल राइडिंग, ओवरस्पीडिंग और बिना हेलमेट जैसे मामलों में प्रतिदिन 5 हजार से अधिक चालान किए जा रहे हैं।

विशेष रूप से उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन गया है जहां ANPR कैमरों के माध्यम से ग्रीन सेस की वसूली की जा रही है। इस प्रणाली में वाहनों को रोके बिना ही फास्टैग वॉलेट से ग्रीन सेस स्वतः कटकर खाते में जमा हो जाता है।

वाहन स्क्रैपिंग नीति का प्रभावी क्रियान्वयन:

वाहन स्क्रैपिंग नीति के अंतर्गत पुराने वाहनों को पंजीकृत स्क्रैपिंग केंद्रों में निस्तारित करने पर नए वाहन खरीदने पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है।

राज्य में अब तक 564 सरकारी और 5861 निजी वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है। इसके लिए 6425 वाहनों के विरुद्ध ₹9.58 करोड़ की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।

ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन को बढ़ावा:

राज्य में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की स्थापना को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। दो ATS को प्रीलिमिनरी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने पर ₹2.5 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है।

इन सुधारात्मक योजनाओं का क्रियान्वयन परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत के निर्देशन में किया गया है, जिससे उत्तराखण्ड परिवहन क्षेत्र में नवाचार आधारित सुधार लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान से आमजन को मिली राहत, चिन्यालीसौड़-गौचर हवाई पट्टी सेना से संचालित होंगी : मुख्यमंत्री

विकासखंड परिसर चिन्यालीसौड़ में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों की मौजूदगी में अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान से आमजन को बड़ी राहत मिली है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुगम तथा पारदर्शी बनी है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेशभर में 600 से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें पांच लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए तथा 40 हजार से अधिक लोगों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न जाना पड़े, इसलिए गांव-गांव में शिविर लगाकर मौके पर समाधान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हेली सेवाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियों से हेली सेवा शुरू की जाएगी और दोनों का संचालन सेना के माध्यम से करने की योजना है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से चारधाम यात्रा प्रारंभ होनी है, जिसकी तैयारियां पहले से शुरू कर दी गई हैं ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा को सफल बनाने में स्थानीय हितधारकों—तीर्थ पुरोहित, होटल व्यवसायी, टैक्सी संचालक और स्थानीय नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में सनातन संस्कृति का उद्घोष हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें उत्तराखंड भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक दो लाख से अधिक “लखपति दीदियों” को सशक्त किया जा चुका है। स्थानीय मांगों पर उन्होंने सीएचसी चिन्यालीसौड़ और महाविद्यालय के उच्चीकरण को मुख्यमंत्री घोषणाओं में शामिल करने का आश्वासन दिया।

मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन ने कहा कि अभियान के तहत अब तक पांच लाख से अधिक नागरिकों ने भाग लिया है और 40 हजार से ज्यादा प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि छोटी समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त टीमें गठित कर मौके पर निस्तारण किया जा रहा है, जबकि शेष मामलों का ऑनलाइन फॉलो-अप किया जाएगा।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा स्थापना में 1 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया

उत्तराखंड ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य में स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता को 1 गीगावाट (1000 मेगावाट) से अधिक के स्तर पर पहुँचा दिया है। नवीनतम आँकड़ों के अनुसार राज्य की कुल स्थापित सौर क्षमता लगभग 1027.87 मेगावाट से अधिक हो चुकी है, जो स्वच्छ और हरित ऊर्जा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर कहा कि सौर ऊर्जा क्षमता का 1 गीगावाट का आंकड़ा पार करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति उनकी स्पष्ट नीति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” और हरित ऊर्जा के विजन से प्रेरित होकर उत्तराखंड में सौर ऊर्जा को जनआंदोलन का रूप दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वय से हजारों युवाओं और स्थानीय उद्यमियों को स्वरोजगार के नए अवसर मिले हैं।

यह उपलब्धि विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से संभव हुई है, जिनमें ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर परियोजनाएं, ग्राउंड माउंटेड सोलर प्लांट, सरकारी भवनों पर सौर संयंत्र, कृषि क्षेत्र के लिए सोलर पंप, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर योजनाएं तथा कॉमर्शियल और औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं।

राज्य की कुल स्थापित सौर क्षमता में प्रमुख रूप से ग्राउंड माउंटेड 397 मेगावाट, रूफटॉप सोलर (पीएम सूर्यघर) 241 मेगावाट, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना 137 मेगावाट, कॉमर्शियल नेट मीटरिंग 110 मेगावाट, कैप्टिव सोलर पावर प्लांट 51 मेगावाट, कनाल टॉप व बैंक 37 मेगावाट और सरकारी भवनों पर 26 मेगावाट शामिल हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 100 मेगावाट से अधिक क्षमता के संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।

इस उपलब्धि में Uttarakhand Renewable Energy Development Agency (UREDA) का विशेष योगदान रहा है। एजेंसी ने सौर परियोजनाओं के क्रियान्वयन, जन-जागरूकता, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन में अग्रणी भूमिका निभाई है। दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक सौर ऊर्जा समाधान पहुँचाने के प्रयासों से यह सफलता संभव हुई है।

राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण, सब्सिडी प्रावधान, सरल अनुमोदन प्रक्रिया और निजी निवेश को प्रोत्साहन जैसी पहलों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सरकार ने भविष्य में सौर ऊर्जा क्षमता को और बढ़ाने, दूरस्थ क्षेत्रों में सौर समाधान को प्रोत्साहित करने और आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

यह उपलब्धि सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

देर रात दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

देहरादून।। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार देर रात राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय, देहरादून पहुंचकर अस्पताल की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। देर रात हुए इस निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में काफी सक्रियता देखने को मिली।

मुख्यमंत्री ने आपातकालीन कक्ष, विभिन्न वार्डों, दवा वितरण केंद्र, स्वच्छता व्यवस्था तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर उपचार, दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया।

मरीजों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकीय स्टाफ की उपस्थिति और जांच सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि गंभीर मरीजों के उपचार में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा तीमारदारों को समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाएं निजी अस्पतालों के समकक्ष बेहतर और भरोसेमंद बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार संसाधनों का विस्तार कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इस अवसर पर दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के चिकित्सक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” बना जनसेवा का प्रभावी मॉडल : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन और सेवा वितरण का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस अभिनव पहल के तहत सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा रहा है।

17 फरवरी 2026 तक प्रदेश के सभी 13 जनपदों में कुल 648 कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि आज विभिन्न जिलों में 10 कैंप लगाए गए। अब तक इन कैंपों में 5,12,767 नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं दर्ज कराई हैं और आज आयोजित शिविरों में 15,660 नागरिकों ने सहभागिता की। यह आंकड़े कार्यक्रम को मिल रहे व्यापक जनसमर्थन को दर्शाते हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। अब तक 32,841 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 70,243 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई जारी है। अन्य योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित व्यक्तियों की संख्या 2,85,738 तक पहुंच चुकी है।

जनपदवार प्रगति के अनुसार अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी सहित सभी जिलों में व्यापक स्तर पर कैंप आयोजित किए गए हैं। विशेष रूप से हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, देहरादून और पौड़ी में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं का समाधान कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। यह कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त कर सुशासन के नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड में सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित प्रशासन की नई संस्कृति को मजबूत कर रही है और सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

सीएम धामी हरिद्वार में एक्शन मोड में, चौपाल में सुनीं समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत आयोजित “मुख्य सेवक की चौपाल” कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच बैठकर सीधे संवाद किया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अब फाइलों में नहीं बल्कि मैदान में काम करेगी।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न ग्रामों के प्रधानों और स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि सभी प्राप्त प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण किया जाए और कोई भी जनसमस्या लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर देरी या लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुख्य सेवक की चौपाल” केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रमाण है। सरकार का उद्देश्य है कि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सरकार हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत डेढ़ माह में लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान सरकार और जनता के बीच विश्वास का सशक्त सेतु बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार, स्वरोजगार, किसानों की आय वृद्धि, आधारभूत सुविधाओं के विकास और समान नागरिक संहिता लागू किए जाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में चलेगा व्यापक सत्यापन अभियान, संदिग्धों व अवैध विदेशी नागरिकों पर होगी सख्त कार्रवाई: डीजीपी

देहरादून (प्रेस विज्ञप्ति) — मुख्यालय, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड से जारी निर्देशों के तहत प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।

दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड पुलिस के निर्देशानुसार यह विशेष अभियान प्रदेश के सभी जनपदों में सर्किल, थाना एवं चौकी स्तर पर संचालित किया जाएगा।

अभियान के अंतर्गत मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स, आश्रम, धर्मशालाएं, किराये के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल एवं गेस्ट हाउस में निवासरत व्यक्तियों का सत्यापन किया जाएगा। प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट एवं ब्रोकर का भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए उनके माध्यम से कराए गए किरायेदारी अनुबंधों की जांच की जाएगी। बिना पुलिस सत्यापन किरायेदारी कराने अथवा संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय देने पर विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

होम डिलीवरी सेवाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ, कैब संचालकों तथा इंडस्ट्रियल एरिया में कार्यरत ठेकेदारों का विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कार्मिकों की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।

अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान हेतु आधुनिक तकनीकी साधनों एवं केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा। NATGRID, CCTNS और ICJS जैसे सुरक्षा पोर्टलों के माध्यम से सूचनाओं का मिलान एवं विश्लेषण किया जाएगा।

अवैध रूप से निवास कर रहे प्रवासियों, विशेष रूप से अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशी नागरिकों तथा वीज़ा अवधि समाप्त होने के बावजूद ठहरे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश के रिहायशी क्षेत्रों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर, कोचिंग संस्थानों, जिम, स्कूल, विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों और अन्य प्रतिष्ठानों में हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और कार्यशीलता की जांच की जाएगी। तैनात सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन कर आवश्यक सुरक्षा ब्रीफिंग भी दी जाएगी।

साथ ही एकल एवं वरिष्ठ नागरिकों का चिन्हीकरण कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा तथा उनके यहां कार्यरत घरेलू सहायकों, केयर-टेकर, ड्राइवर और अन्य सहयोगी कार्मिकों का अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा।

अभियान के दौरान जनपदीय पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई, एसओजी और एसटीएफ द्वारा समन्वित रूप से कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष फील्ड टीमों का गठन किया गया है और CO से लेकर IG रेंज स्तर तक नियमित समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यह व्यापक अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे अभियान की मॉनिटरिंग के साथ हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है और आपराधिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा।

खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं के नए चैम्बर का लोकार्पण, मुख्यमंत्री ने 20 और चैंबर निर्माण की घोषणा की

खटीमा, 15 फरवरी 2026— माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर खटीमा सिविल न्यायालय में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर लोकार्पण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को महाशिवरात्रि पर्व तथा नए चैम्बर के निर्माण पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नया चैम्बर अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक विमर्श और विधि अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, जिससे न्यायिक कार्यों में सरलता और तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू की गई है, जिससे न्याय प्रणाली अधिक सुदृढ़ हुई है।

उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड, फास्ट ट्रैक और स्पेशल कोर्ट, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, ऑनलाइन सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों से न्याय व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और सुलभ बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में देशभर में लगभग 7 हजार से अधिक न्यायालय भवनों और 11 हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण और विधि शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं तथा खटीमा का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैंबरों के निर्माण हेतु 2 करोड़ 50 लाख रुपये देने की घोषणा की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, जिला जज सिकंद कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिला जज मंजू सिंह मुंडे, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव भरत पांडे सहित अधिवक्तागण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

खटीमा में महाशिवरात्रि मेले का भव्य शुभारम्भ, मुख्यमंत्री ने की मंदिर विकास की घोषणा

खटीमा, 15 फरवरी 2026 — सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के वनखंडी महादेव मंदिर, चकरपुर में आयोजित महाशिवरात्रि मेले का फीता काटकर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने वनखंडी महादेव मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और उन्नति की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वनखंडी महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है, इसलिए कार्ययोजना बनाकर मंदिर क्षेत्र का समुचित विकास किया जाएगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश जोशी, गंभीर सिंह धामी, गोपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।