Tuesday, June 30, 2026
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4 जुलाई से शुरू होगा 15 दिवसीय ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान

देहरादून। आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार एक बार फिर ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर यह विशेष अभियान 4 जुलाई से 15 दिनों तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा। इसके तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर ही लोगों की शिकायतें सुनकर उनका समाधान करेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके बजाय अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी शिकायतों का निस्तारण करें और सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराएं।

प्रदेश सरकार ने इसी सोच के साथ पिछले वर्ष दिसंबर में 45 दिवसीय ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान चलाया था, जिसे व्यापक जनसमर्थन मिला। अब मुख्यमंत्री के कार्यकाल के सफल पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 4 जुलाई से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़ा के तहत इस अभियान का दूसरा चरण आयोजित किया जा रहा है।

इस अभियान के दौरान जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

पिछला अभियान रहा बेहद सफल

सरकार के अनुसार, दिसंबर में आयोजित 45 दिवसीय अभियान के दौरान प्रदेशभर में 681 शिविर लगाए गए थे, जिनमें 5.33 लाख से अधिक नागरिकों ने भागीदारी की। इस दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया। प्रभावी जनसुनवाई और त्वरित निस्तारण के कारण इस अभियान को सुशासन की एक बेहतर प्रशासनिक पहल (Best Governance Practice) के रूप में भी सराहा गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोगों को बिना किसी भागदौड़ के सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर जन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

धामी सरकार का बड़ा कदम: उत्तराखंड के फिल्मी सपनों को मिला सहारा, FTII पासआउट युवाओं को मिली छात्रवृत्ति

देहरादून। उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 का लाभ अब प्रदेश के युवाओं तक पहुंचने लगा है। फिल्म निर्माण और अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद ने भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे से पढ़ाई पूरी कर चुके तीन युवाओं को छात्रवृत्ति का भुगतान किया है।

उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 के तहत FTII, पुणे, सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (SRFTI), कोलकाता तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश लेने वाले उत्तराखंड के स्थायी निवासी छात्र-छात्राओं को मेरिट के आधार पर पाठ्यक्रम पूरा करने और प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद छात्रवृत्ति प्रदान करने का प्रावधान है। नीति के अनुसार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पर हुए खर्च का 75 प्रतिशत, जबकि सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति दी जाती है।

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने बताया कि रुद्रप्रयाग जिले के उखीमठ निवासी प्रवीण सेमवाल को एक वर्षीय स्नातकोत्तर सर्टिफिकेट कोर्स के लिए 65,682 रुपये, चमोली जिले के हरनी (मुंदोली) निवासी कविता को दो वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स के लिए 1,27,619 रुपये तथा नैनीताल के तल्लीताल निवासी देवेश भट्ट को तीन वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स के लिए 1,38,990 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। तीनों विद्यार्थियों ने FTII, पुणे से अपनी पढ़ाई पूरी की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवा रचनात्मक प्रतिभा से भरपूर हैं और राज्य सरकार उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने तथा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से फिल्म शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं को आर्थिक सहयोग देकर उनके सपनों को नई उड़ान दी जा रही है।

सरकार का मानना है कि इस पहल से उत्तराखंड के अधिक से अधिक युवा फिल्म, टेलीविजन और मीडिया उद्योग में अपना भविष्य बना सकेंगे तथा प्रदेश की रचनात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी का संकल्प: चम्पावत बनेगा उत्तराखंड का मॉडल जनपद, ₹123.79 करोड़ की 17 विकास परियोजनाओं की दी सौगात

चम्पावत, 29 जून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चम्पावत में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में जनपद को विकास की नई सौगात देते हुए ₹123.79 करोड़ की लागत वाली 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि चम्पावत को उत्तराखंड का मॉडल जनपद बनाना उनका संकल्प है और राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने ₹27.79 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई 8 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹96 करोड़ की लागत से 9 नई योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके अलावा ₹3.49 करोड़ (₹349.98 लाख) की लागत से विकसित जिम कॉर्बेट ट्रेल का शुभारंभ किया तथा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में बनने वाले आधुनिक सिटी सेंटर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण, कृषि, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़कें और भवन बनाना नहीं, बल्कि ऐसा चम्पावत तैयार करना है जहाँ युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को समृद्धि और व्यापारियों को नए अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चम्पावत नगर में लगभग ₹62.33 करोड़ की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (सिटी सेंटर) का निर्माण किया जाएगा। इससे पार्किंग की समस्या दूर होने के साथ स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी। इसके अलावा महिला प्रौद्योगिकी पार्क, आधुनिक पुस्तकालय, ज्ञान केंद्र, ओपन जिम और युवाओं के लिए विभिन्न सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगभग ₹257 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज तथा ₹58.52 करोड़ की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। वहीं कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं के विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत मां पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और मां वाराही धाम सहित अनेक धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने बताया कि टनकपुर में लगभग ₹237.74 करोड़ की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। वहीं लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक और पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र की स्थापना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, वे केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि विकसित चम्पावत की मजबूत नींव हैं। ये योजनाएं युवाओं के सपनों को नई उड़ान, महिलाओं को नई शक्ति, किसानों को समृद्धि, व्यापार को गति और पर्यटन को नई पहचान देंगी।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम पांडे, हेमा जोशी, रोहित बिष्ट, मुकेश महराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

उत्तराखंड को मिलेंगी अत्याधुनिक स्वास्थ्य जांच मशीनें, केंद्र-राज्य के बीच हुआ अहम समझौता

देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा उत्तराखंड सरकार के बीच सोमवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

समझौते के तहत प्रधानमंत्री निधि के माध्यम से प्रदेश को 4 एमआरआई (MRI) मशीनें, 5 डिजिटल मैमोग्राफी (DBT) मशीनें तथा 75 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

समझौते पर उत्तराखंड शासन की ओर से स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे तथा भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव आराधना पटनायक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

सरकार का कहना है कि इन अत्याधुनिक उपकरणों के उपलब्ध होने से प्रदेश के सरकारी चिकित्सालयों में उन्नत जांच सुविधाओं का विस्तार होगा और विभिन्न गंभीर बीमारियों की शीघ्र एवं सटीक पहचान संभव हो सकेगी। विशेष रूप से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में एआई-सक्षम पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें मरीजों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, जिससे उन्हें अपने क्षेत्र के निकट ही बेहतर जांच और उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), उत्तराखंड के मिशन निदेशक संदीप तिवारी सहित भारत सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि यह पहल उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ, ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात

रुद्रपुर। गांधी मैदान, रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री एवं परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में किसानों का उत्साह देखते ही बना।

इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत से 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात प्रदेशवासियों को मिली।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा।” उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है और कृषि क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, लेकिन केंद्र सरकार इसके प्रभावी समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखंड कृषि और बागवानी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा आने वाले समय में हॉर्टिकल्चर हब के रूप में नई पहचान बनाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि मुक्तेश्वर में सेब, अखरोट और बादाम जैसे उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन के लिए ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरी के लिए ₹2 करोड़ तक की सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा तथा न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ स्वीकृत किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी समय पर मिल सकेगी और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना और डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है। उन्होंने किसानों से नियमित मृदा परीक्षण कराने, वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क दी जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को मजबूत करने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज तथा मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए घेरबाड़ के लिए ₹65 करोड़, जैविक खेती के लिए ₹10 करोड़ की सहायता तथा मंडुवा एवं झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किए जाने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कृषक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी गृह का किया निरीक्षण, सुरक्षा व पुनर्वास व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने के दिए निर्देश

देहरादून, 25 जून 2026। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को केदारपुरम स्थित नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी गृह का स्थलीय निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संस्थानों में रह रहे बच्चों एवं महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता तथा पुनर्वास संबंधी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाल सुधार गृह में रह रहे किशोरों से संवाद कर उनकी दिनचर्या, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि बाल सुधार गृह में बेसिक लर्निंग प्रोग्राम संचालित किया जाए, जिससे बच्चों की शैक्षिक एवं बौद्धिक क्षमता का विकास हो सके। साथ ही सभी बालकों का विस्तृत प्रोफाइल तैयार कर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक बालक की नियमित काउंसलिंग एवं स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास में सहायता मिल सके। उन्होंने पुनर्वास एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी विशेष जोर दिया।

नारी निकेतन एवं किशोरी गृह के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया और उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नारी निकेतन में रह रही किशोरियों एवं संवासिनियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।

डीएम ने परिसर की साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थानों में स्वच्छ, सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण बनाए रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों एवं महिलाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

वर्तमान में नारी निकेतन में 160 संवासिनियां, बाल सुधार गृह में 7 किशोर तथा किशोरी संप्रेक्षण गृह में 12 किशोरियां निवासरत हैं।

निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नमिता ममगाईं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, समिति सदस्य पी.एन. जौहर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

हेमकुंट साहिब यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं ने अफवाहों का किया खंडन, बोले- यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक बातें

चमोली। हेमकुंट साहिब की पवित्र यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अफवाहों का खंडन करते हुए कहा है कि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो रही है। श्रद्धालुओं ने पुलिस, जिला प्रशासन, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी तथा स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि कुछ लोग केवल सोशल मीडिया पर व्यूज बटोरने के लिए भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं।

पंजाब से अपने परिवार के साथ हेमकुंट साहिब के दर्शन के लिए पहुंचीं श्रद्धालु सुखबीर कौर ने बताया कि वह 19 जून को यात्रा पर निकली थीं। यात्रा शुरू करने से पहले कई लोगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के आधार पर सतर्क रहने की सलाह दी थी। मंगलवार को यात्रा पूरी कर गोविंदघाट लौटने के बाद उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पूरी यात्रा के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पूरी क्षमता के साथ यात्रा का सफल संचालन कर रहे हैं। यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाएं, भोजन, आवास तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध हैं। इसके अलावा स्थानीय लोग भी श्रद्धालुओं की हरसंभव सहायता कर रहे हैं।

सुखबीर कौर ने कहा कि वास्तविक स्थिति सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही बातों से बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार कुछ लोग केवल सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने के लिए यात्रा को लेकर भ्रामक अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निश्चिंत होकर हेमकुंट साहिब के दर्शन के लिए आएं।

यात्रा पूरी कर लौटे अन्य तीर्थयात्रियों ने भी वीडियो संदेश जारी कर कहा कि भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस-प्रशासन पूरी मुस्तैदी से व्यवस्था संभाल रहा है और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

श्रद्धालुओं ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करने तथा केवल आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही यात्रा से संबंधित निर्णय लेने की अपील की।

6.75 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी का आरोपी भू-माफिया गिरफ्तार, 25 हजार के इनामी के पास मिली अवैध पिस्टल

देहरादून। राजपुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करोड़ों रुपये की जमीन धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी भू-माफिया विशाल कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर राजपुर रोड स्थित बहुमूल्य भूमि का सौदा कराने के नाम पर 6.75 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध 32 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत भी अलग मुकदमा दर्ज किया है।

6.75 करोड़ रुपये की ठगी का मामला

जानकारी के अनुसार देहरादून के कारोबारी कमल जिंदल ने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि विशाल कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजपुर रोड स्थित एक कीमती संपत्ति का सौदा कराने का झांसा दिया। आरोप है कि उसने विभिन्न माध्यमों से 6 करोड़ 75 लाख रुपये प्राप्त कर लिए, लेकिन न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई और न ही रकम वापस लौटाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

एनआरआई महिला की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का भी आरोपी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विशाल कुमार वर्ष 2023 में दर्ज एक अन्य चर्चित मामले में भी नामजद रहा है। उस पर एक वृद्ध एनआरआई महिला की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने का आरोप है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से भूमि से जुड़े विवादित सौदों में सक्रिय रहा है और कई लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के आरोपों का सामना कर रहा है।

उत्तराखंड और यूपी में दर्ज हैं 24 मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक विशाल कुमार का आपराधिक इतिहास करीब तीन दशक पुराना है। उसके खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कुल 24 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गैंगस्टर एक्ट, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करना, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, आबकारी अधिनियम और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी एक संगठित गिरोह की तरह काम करता था और लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था।

सर्विलांस और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता

मुकदमे में वांछित चल रहे विशाल कुमार के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजपुर थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से उसकी तलाश शुरू की। लगातार दबिशों के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी आईटी पार्क क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने तपोवन रोड के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के दौरान हथियार बरामद

पुलिस ने आरोपी और उसकी क्रेटा कार की तलाशी ली, जिसमें एक अवैध 32 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के आधार पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसकी कार को भी सीज कर दिया है और बरामद हथियार के स्रोत तथा संभावित इस्तेमाल की जांच की जा रही है।

नेटवर्क और सहयोगियों की जांच जारी

पुलिस के अनुसार विशाल कुमार पूर्व में कई बार जेल जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह भूमि कारोबार और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में सक्रिय बना हुआ था। दून पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

केदारनाथ और हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में दिए अहम निर्देश

देहरादून, 22 जून 2026। उत्तराखण्ड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में केदारनाथ एवं हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने दोनों महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजनाओं के अंतर्गत वन भूमि स्वीकृति (फॉरेस्ट लैंड क्लीयरेंस) की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक सर्वेक्षण निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं तथा यूटिलिटी शिफ्टिंग, बिजली और पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्यों को भी शीघ्र पूरा किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि रोपवे परियोजनाओं के साथ पार्किंग, लास्ट माइल कनेक्टिविटी और रोपवे स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही परियोजनाओं से जुड़े सभी हितधारकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

बैठक में नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अधिकारियों ने बताया कि केदारनाथ रोपवे परियोजना के तहत लिडार सर्वे एवं वीडियोग्राफी का कार्य पूरा हो चुका है। कंसेशनायर द्वारा जियो-टेक्निकल जांच शुरू कर दी गई है। गौरीकुंड और सोनप्रयाग स्टेशनों के लिए जियो-टेक्निकल सर्वे तथा टोपोग्राफी सर्वे भी पूरा हो चुका है। परियोजना का प्रारंभिक अलाइनमेंट तैयार कर लिया गया है और अंतिम अलाइनमेंट जून 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

अधिकारियों ने बताया कि देहरादून से सोनप्रयाग तक वास्तविक आकार के कंटेनरों के साथ लॉजिस्टिक्स का ड्राई रन भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जिससे परियोजना के निर्माण कार्यों की तैयारियों को गति मिली है।

हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजना के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि भूमि सर्वेक्षण का कार्य जारी है। खराब मौसम के कारण ड्रोन सर्वे में कुछ देरी हुई, हालांकि अंतिम हिस्से के लिए डीजीपीएस और लिडार सर्वे का कार्य पुनः शुरू कर दिया गया है।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, धीराज गर्ब्याल तथा एनएचएलएमएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने दन्या में विकास योजनाओं की दी सौगात, क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं

अल्मोड़ा, 21 जून 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को अल्मोड़ा के दन्या स्थित रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस अवसर पर उन्होंने राजकीय महाविद्यालय दन्या के 4 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए भवन के निर्माण से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई अहम घोषणाएं करते हुए कहा कि शहीद बीरेश्वर गोस्वामी के नाम पर अल्मोड़ा में भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा चमतोला खेल मैदान का निर्माण, राजकीय महाविद्यालय गरुड़ाबाँज में मिनी स्टेडियम का निर्माण, जीआईसी गरुड़ाबाँज में चार अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण, प्रेम मंदिर एवं राधा-कृष्ण मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, खेती-जटेश्वर मोटर मार्ग के कचौरी से कलूटा पोलिंग बूथ तक सड़क निर्माण तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चगेठी के उच्चीकरण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित एवं समेकित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा उत्तराखंड भी तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड और मानसखंड में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक राज्य पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर मास्टर प्लान के माध्यम से धाम के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए वहां आधुनिक सुविधाओं, पार्किंग और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शीतकालीन पर्यटन, आयुर्वेद एवं योग आधारित पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ की अवधारणा के तहत स्थानीय मेलों और सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान मिल रही है, जिससे स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। साथ ही नकल विरोधी कानून लागू होने से युवाओं का भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में उत्तराखंड का समग्र विकास हो रहा है और सभी के सामूहिक प्रयासों से राज्य को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाया जाएगा।

जनसभा के उपरांत मुख्यमंत्री दन्या निवासी पवन पंत के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सहभाग करते हुए कथा का श्रवण किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।