Thursday, July 30, 2026
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सीएम हेल्पलाइन-1905 पर जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री धामी

पेयजल व जल जीवन मिशन की लंबित शिकायतें एक सप्ताह में निपटाने के निर्देश, शून्य कार्रवाई वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी होंगे

देहरादून, 30 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को जन शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम है और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने पेयजल विभाग एवं जल जीवन मिशन से जुड़ी बड़ी संख्या में लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का एक सप्ताह के भीतर प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समयसीमा का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों की सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में शून्य प्रतिशत कार्यवाही है, उन्हें विभागाध्यक्ष तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करें। यदि उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा में जिन शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है, उनकी नियमित समीक्षा विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी स्तर पर की जाए। साथ ही स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन एवं अन्य श्रेणियों में दर्ज शिकायतों की भी गंभीरता से जांच हो, ताकि किसी भी वास्तविक शिकायत का समाधान प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को जिला स्तर पर जिलाधिकारी, मंडल स्तर पर मंडलायुक्त तथा शासन स्तर पर सभी सचिव ‘समाधान दिवस’ के माध्यम से जन समस्याओं की नियमित सुनवाई और समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस को प्रभावी जनसेवा मंच के रूप में विकसित किया जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के अधिकारियों द्वारा अपने प्रारंभिक सेवा क्षेत्रों में किए गए जनहित के नवाचारों की विस्तृत रिपोर्ट 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पहले ही महीने से पेंशन मिलनी शुरू हो जाए।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण, पर्यटन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि संबंधी विवादों का भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने बताया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 के बीच मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण निस्तारण, 31,363 का आंशिक निस्तारण, 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन, 4,061 लंबित तथा 3,738 शिकायतें स्पेशल क्लोज श्रेणी में हैं। उन्होंने बताया कि स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो शिकायत निस्तारण व्यवस्था में सुधार का संकेत है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा, टिहरी, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के शिकायतकर्ताओं से फोन पर बातचीत कर उनकी शिकायतों के समाधान की जानकारी भी ली। शिकायतकर्ताओं ने हेल्पलाइन के माध्यम से समस्याओं के समाधान पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिवगण, विभागाध्यक्ष तथा सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

80वें स्वतंत्रता दिवस पर उत्तराखंड में होंगे भव्य कार्यक्रम, मुख्य सचिव ने दिए व्यापक तैयारियों के निर्देश

देहरादून, 29 जुलाई। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में प्रदेशभर में भव्य और जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल औपचारिक आयोजन न होकर राष्ट्रभक्ति, सामाजिक सहभागिता और जनजागरूकता का पर्व बने।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य एवं जनपद स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं, रक्तदान शिविर, हाई एल्टीट्यूड साहसिक गतिविधियां, मैराथन, साइकिल, बाइक एवं कार रैली जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही प्रदेश के प्रमुख शहरों में पुलिस, सेना, अर्द्धसैनिक बल एवं एनसीसी बैंड द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत संगीतमय प्रस्तुतियां आयोजित करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने जल संरक्षण एवं संवर्द्धन के साथ-साथ बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि रक्तदान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।

महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि 15 अगस्त को प्रातः 10 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड ग्राउंड, देहरादून में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। मुख्य सचिव सुबह 9 बजे सचिवालय में ध्वजारोहण करेंगे, जबकि देहरादून को छोड़कर सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में सुबह 9:30 बजे ध्वजारोहण करेंगे। देहरादून के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालयों में सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक तथा 15 अगस्त को सुबह 6 बजे से 11 बजे तक प्रदेश के प्रमुख चौराहों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से देशभक्ति गीत प्रसारित किए जाएंगे। इसके अलावा 14 अगस्त को प्रदेश मुख्यालय में कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन होगा तथा सरकारी भवनों और ऐतिहासिक इमारतों को एलईडी रोशनी से सजाया जाएगा।

प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में सुबह 7 बजे प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसके बाद ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, खेलकूद प्रतियोगिताएं, विचार गोष्ठियां, प्रदर्शनी, वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कारगिल विजय दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथॉन को दिखाई हरी झंडी, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

देहरादून, 26 जुलाई। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गढ़ीकैंट स्थित शौर्य स्थल, चीड़बाग में आयोजित ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने शौर्य स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र की रक्षा में उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। वर्ष 1999 में भारतीय सैनिकों ने विषम परिस्थितियों में अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा की और पूरी दुनिया के सामने भारतीय सेना की वीरता का परचम लहराया। उन्होंने कहा कि देश सदैव अपने वीर सैनिकों और शहीदों के बलिदान का ऋणी रहेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है और राज्य के अनेक सैनिकों ने कारगिल युद्ध सहित विभिन्न सैन्य अभियानों में अपने शौर्य और सर्वोच्च बलिदान से देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा उनके सम्मान और हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, युवा, मातृशक्ति तथा अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग की जनसुनवाई में 47 मामलों की सुनवाई, 27 का मौके पर निस्तारण

देहरादून, 24 जुलाई। उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के तत्वावधान में शुक्रवार को धर्मपुर डांडा स्थित आयोग कार्यालय में अध्यक्ष मुकेश कुमार की अध्यक्षता में दो दिवसीय जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई के दौरान कुल 47 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिनमें से 27 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति जिस विश्वास के साथ आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराता है, उसे न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही जिलों में वृहद स्तर पर जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों की शिकायतों का स्थानीय स्तर पर समाधान हो सके और पात्र लाभार्थियों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सके।

जनसुनवाई में देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, रुद्रप्रयाग सहित विभिन्न जिलों से आए शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। प्रमुख शिकायतों में पेयजल कनेक्शन न मिलना, भूमि पर अवैध कब्जा, भूमि की पैमाइश, छात्रवृत्ति भुगतान, उत्पीड़न, कृषि भूमि का दाखिल-खारिज, आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा, भूमि का कब्जा दिलाना, पदोन्नति, सेवा बहाली, जातिगत भेदभाव तथा मृतक आश्रित प्रमाणपत्र जारी न होने जैसे मामले शामिल रहे।

अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि आयोग का उद्देश्य अनुसूचित जाति समाज के पीड़ित और वंचित लोगों को त्वरित एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सक्षम अधिकारियों की जनसुनवाई में उपस्थिति से शिकायतों का त्वरित निस्तारण संभव हो पाता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से नियमों के अनुरूप जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करेगा तो लोगों को आयोग की शरण लेने की आवश्यकता कम पड़ेगी।

कार्यक्रम में आयोग के सदस्य विशाल मुखिया, भागीरथी कुंजवाल, सुनीता देवी, सचिव कविता टम्टा, विधि सलाहकार राजू मेहर, तीरपन सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन तेज, विपक्ष और छात्र संगठनों का विरोध

नई दिल्ली/ नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ते विवाद के बीच दिल्ली में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी है। विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई गंभीर अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी, जबकि कुछ मेट्रो स्टेशनों को एहतियातन अस्थायी रूप से बंद किया गया।

गोरतलब है की भारत की राजधानी के विभिन्न इलाकों में हजारों छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि प्रदर्शन में शामिल हैं। आंदोलन को देश के अलग-अलग राज्यों से भी समर्थन मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं।

आंदोलन की कवरेज के लिए देशभर के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों के पत्रकार दिल्ली में मौजूद हैं। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों और आंदोलन की स्थिति को पूरे देश तक पहुंचाने की बात कह रहे हैं। कई स्थानों पर पुलिस बल भी तैनात है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

विपक्ष के कई नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। इसके अलावा कुछ सार्वजनिक हस्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पूर्व रक्षा कर्मियों (Ex-Servicemen) ने भी आंदोलन के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है। हालांकि, सभी हस्तियों या रक्षा कर्मियों की भागीदारी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और जवाबदेही तय की जाए। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि वह परीक्षा व्यवस्था में सुधार और आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

दिल्ली में जारी इस आंदोलन पर पूरे देश की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में इसके और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने किया ‘सेवा विधि’ पुस्तक का विमोचन, बोले— सुशासन की मजबूत आधारशिला है नियमों की सही समझ

देहरादून, 22 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव श्री आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस पुस्तक को उत्तराखंड के सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी और व्यवहारिक मार्गदर्शिका बताते हुए लेखक के प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ राज्य के विकास में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी और त्वरित बनाने के लिए सेवा नियमों, संवैधानिक प्रावधानों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद पहली बार ऐसी पुस्तक उपलब्ध हुई है, जिसमें सरकारी सेवा से जुड़े नियम, शासनादेश और न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय एक ही स्थान पर सरल भाषा में संकलित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरी वास्तव में जनसेवा है और प्रत्येक निर्णय का सीधा प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक पड़ता है। इसलिए लोकसेवकों के लिए ईमानदारी के साथ-साथ नियमों और कानूनों की गहरी समझ भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की बेहतर जानकारी देकर उनके कार्य निष्पादन को अधिक प्रभावी बनाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के नए मानक स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, तकनीक के अधिकतम उपयोग और निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अनेक सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य का विकास केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, सक्षम और उत्तरदायी प्रशासनिक तंत्र से संभव होता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि जनता का जीवन सरल बनाना है। उन्होंने सरकार के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” को दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक अधिकारी को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।

पुस्तक के लेखक पूर्व अपर सचिव आर.सी. लोहनी ने बताया कि ‘सेवा विधि’ में संवैधानिक व्यवस्थाओं, सेवा नियमों, नियुक्ति, आरक्षण, पदोन्नति, स्थानांतरण, अनुशासनात्मक कार्रवाई, अवकाश, राजभाषा अधिनियम सहित विभिन्न प्रशासनिक विषयों तथा उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों का सरल और व्यवस्थित संकलन किया गया है, जो सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल सहित अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

NEET मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े विवाद और छात्रों के मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। 

कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों की मांगों और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं के साथ पुलिस ने सख्ती बरती। पार्टी ने दावा किया कि राहुल गांधी के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें बलपूर्वक हटाया गया। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निषेधाज्ञा का पालन कराने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही। 

वहीं राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया और कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस ने NEET से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।

उधर, हाल के दिनों में NEET से जुड़े विवादों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों का आंदोलन जारी है। कई छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

भारी बारिश के चलते चारधाम यात्रा पर असर, प्रशासन अलर्ट मोड पर

19 जुलाई 2026, देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है और यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं। राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। 

“उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। भारी बारिश के चलते कई सड़कें बाधित हैं और चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।” 

उत्तराखंड में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर, कौशल विकास पर सरकार का विशेष जोर

देहरादून।
उत्तराखंड में युवाओं को रोजगार से जोड़ने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों को गति दे रही है। विभिन्न विभागों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं, पर्यटन, कृषि आधारित उद्योगों और उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलें, जिससे पलायन में कमी आए और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। इसके लिए औद्योगिक इकाइयों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप संचालित किया जाए तो उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुल सकते हैं। सरकार ने संबंधित विभागों को प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोजगार से जुड़ाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

देहरादून में स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था को मिली नई गति, प्रमुख चौराहों पर बढ़ाई गई निगरानी

देहरादून, 17 जुलाई 2026।
राजधानी देहरादून में शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रमुख चौराहों पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। नगर प्रशासन और यातायात पुलिस ने व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ आधुनिक निगरानी प्रणाली का उपयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है।

अधिकारियों के अनुसार, बढ़ते वाहन दबाव को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर यातायात संचालन को व्यवस्थित करने, जाम की समस्या कम करने और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने की अपील की गई है।

शहर में सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सड़क संकेतकों के रखरखाव, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था की नियमित समीक्षा भी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से राजधानी की यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।