Sunday, March 22, 2026
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चार साल बेमिसाल: मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में ऐतिहासिक फैसलों से बदला उत्तराखण्ड का स्वरूप

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार वर्षों के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक और सशक्त निर्णय लेकर राज्य की दिशा और दशा बदलने का दावा किया है। इन फैसलों के चलते उत्तराखण्ड की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है तथा विकास को नई गति मिली है।

सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जहां समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई। इसके साथ ही राज्य में सशक्त भू-कानून, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू कर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है।

युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसका परिणाम यह रहा कि पिछले चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।

शिक्षा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। इसके तहत मदरसा बोर्ड को समाप्त कर शिक्षा व्यवस्था और पाठ्यक्रम को एकीकृत ढंग से संचालित करने की व्यवस्था की गई है।

वहीं, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य में 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है, जिसे प्रशासनिक दृढ़ता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस:

धामी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लागू किए हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है, जबकि सहकारी प्रबंध समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की गई। इसके साथ ही प्रदेश में अब तक 2.54 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का संकेत है।

समग्र विकास की ओर बढ़ता उत्तराखण्ड:

स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिल रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना की शुरुआत कर महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

सरकार के अनुसार चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों और योजनाओं ने उत्तराखण्ड को विकास की नई दिशा दी है। मजबूत कानून व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और महिला सशक्तिकरण जैसे कदमों ने राज्य को मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ाया है।

धामी बने धुरंधर, उत्तराखंड विकास की राह पर तेजी से अग्रसर – राजनाथ सिंह

हल्द्वानी। उत्तराखंड सरकार के “चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम के तहत हल्द्वानी स्थित एम बी इंटर कॉलज में आयोजित भव्य जनसभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री का नंदा देवी मंदिर की प्रतिकृति और स्थानीय हस्तनिर्मित शॉल भेंट कर स्वागत किया।

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि यह देवभूमि आस्था, अध्यात्म और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां के लोग सौम्य, परिश्रमी और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

उन्होंने धामी सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के साथ तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि “धामी केवल धाकड़ ही नहीं, बल्कि अब धुरंधर भी बन चुके हैं”, जो प्रदेश के विकास के लिए लगातार प्रभावी निर्णय ले रहे हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर चुका है और यह यात्रा संघर्ष, बलिदान और विकास की कहानी रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ-साथ बिजली क्षमता, पर्यटन, रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। छोटा राज्य होने के बावजूद उत्तराखंड ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि विकास की गति को दर्शाती है।

रक्षा मंत्री ने धामी सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों—यूनिफॉर्म सिविल कोड, नकल विरोधी कानून, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और सीमांत गांवों के विकास—को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू कर उत्तराखंड सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बना है।

अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखना जरूरी है। राज्य सरकार द्वारा हजारों अतिक्रमण हटाए गए हैं और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सीमांत क्षेत्रों के विकास, वाइब्रेंट विलेज योजना और पलायन रोकने के लिए ठोस प्रयास कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि “पहाड़ की जवानी और पानी” का उपयोग स्थानीय विकास के लिए होना चाहिए, जिससे युवाओं को रोजगार मिले और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर मजबूत भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य में निवेश, पर्यटन, बुनियादी ढांचे, उद्योग और रोजगार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से बड़े निवेश समझौते हुए हैं, जबकि स्टार्टअप और उद्योगों की संख्या में तेजी आई है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसे कदमों से राज्य में सकारात्मक बदलाव आया है। नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है और हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे, होटल और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों में विकास कार्यों से रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिला है।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें जमरानी बांध परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण विकास और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई।

केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठियों को किया जाएगा बाहर: अमित शाह

हरिद्वार ।। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक हर घुसपैठिए को बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और बीते चार वर्षों में राज्य की समस्याओं को चुन-चुन कर हल करने का कार्य किया गया है। इसके कारण राज्य तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

अपने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन के उल्लेख से करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ा और उन्हें Rampur Tiraha Firing Incident जैसी दुखद घटना का सामना भी करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बाद में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन किया गया, जो आज विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं।

तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंग्रेजों के समय के पुराने कानूनों को बदलकर नई न्याय संहिता लागू की गई है। वर्ष 2028 तक इसके सभी प्रावधान पूरी तरह लागू हो जाएंगे, जिसके बाद किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अंतिम फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय व्यवस्था बताया।

सीएए से शरणार्थियों को मिला अधिकार

गृह मंत्री ने कहा कि Citizenship Amendment Act के तहत पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को नागरिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को अपना धर्म और सम्मान बचाने के लिए भारत आना पड़ा और उन्हें नागरिकता देने के निर्णय पर सरकार अडिग है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 समाप्त करना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, बद्रीनाथ-केदारनाथ पुनर्निर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं।

नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता

गृह मंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के रूप में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि राज्य में अब “पर्चा और खर्चा” के बिना सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लाया गया नकल विरोधी कानून अहम साबित हुआ है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होगा, जो सभी रिकॉर्ड तोड़ने वाला कुंभ होगा। इसके साथ ही सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना भी उत्तराखंड के लिए लाभकारी साबित हो रही है।

केंद्र से बढ़ी आर्थिक सहायता

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से लगभग 54 हजार करोड़ रुपये मिले, जबकि 2014 के बाद यह सहायता बढ़कर लगभग 1 लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो चुकी है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में ऑलवेदर रोड, दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर, रेल और सड़क जैसी कई बड़ी परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय करीब 1.25 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 2.60 लाख रुपये हो गई है, जबकि जीएसडीपी भी 1.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की बूथवार समीक्षा, अधिकारियों को समयबद्ध पूर्णता के निर्देश

देहरादून,02 मार्च 2026।। विजय कुमार जोगदंडे, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड ने नगर निगम सभागार, देहरादून में जनपद की 10 विधानसभा क्षेत्रों में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की बूथवार समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित ईआरओ को निर्देशित किया कि वे बीएलओ के कार्यों की प्रति सप्ताह समीक्षा सुनिश्चित करें। जिन बूथों पर मैपिंग कार्य का प्रतिशत कम है, वहां संबंधित बीएलओ के साथ तहसील स्तर से अधिकारी एवं कार्मिकों की ड्यूटी लगाते हुए मैपिंग कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 66.62 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूर्ण किया जा चुका है। विधानसभा चकराता में 99.03 प्रतिशत, विकासनगर में 70.47 प्रतिशत, सहसपुर में 71 प्रतिशत, धर्मपुर में 56.94 प्रतिशत, रायपुर में 62.64 प्रतिशत, राजपुर में 61.19 प्रतिशत, देहरादून कैंट में 61.36 प्रतिशत, मसूरी में 63.52 प्रतिशत, डोईवाला में 70 प्रतिशत तथा ऋषिकेश में 60.87 प्रतिशत मैपिंग कार्य संपन्न किया गया है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामि बंसल, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप नगर आयुक्त संतोष पाण्डेय, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, संयुक्त सचिव एमडीडीए गौरव चटवाल, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी चकराता प्रेमलाल, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र देव, तहसीलदार विकासनगर विवेक राजौरी, तहसीलदार ऋषिकेश चमन सिंह सहित संबंधित अधिकारी, बीएलओ एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे।

नगला तराई (खटीमा) स्थित आवास पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाई होली

खटीमा। पुष्कर सिंह धामी के निजी आवास, नगला तराई (खटीमा) में होली पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने सपरिवार उपस्थित होल्यारों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए सभी को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की बधाई दी।

आयोजित होली मिलन समारोह में विभिन्न समुदायों की महिलाओं द्वारा हिंदी, कुमाऊंनी, थारू एवं बंगाली लोक परंपराओं पर आधारित होली गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। विविध सांस्कृतिक रंगों से सजे इस आयोजन में पारंपरिक लोकधुनों पर मुख्यमंत्री श्री धामी भी होल्यारों के साथ झूमते नजर आए, जिससे कार्यक्रम का वातावरण और अधिक उल्लासपूर्ण एवं आत्मीय हो उठा।

समारोह में स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की। यह आयोजन प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविधता में एकता तथा सामाजिक सहभागिता की भावना का जीवंत उदाहरण बना।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और पारस्परिक सहयोग की भावना को सुदृढ़ बनाए रखने का आह्वान किया।

समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा राज्यमंत्री फरजाना बेगम, अमित कुमार पांडे, महासचिव रमेश चंद्र जोशी, नंदन सिंह खड़ायत, गम्भीर सिंह धामी, दान सिंह रावत, सतीश भट्ट, जीवन धामी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

बेटियों के जन्म से करियर तक सरकार का साथ – पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार सुनिश्चित करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जन्म से लेकर उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने तक बेटियों को हर स्तर पर सहयोग दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास से वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत नंदा गौरा योजना के तहत प्रदेश की 33,251 बालिकाओं के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से 1 अरब 45 करोड़ 93 लाख रुपए की धनराशि एक क्लिक से हस्तांतरित की।

उन्होंने कहा कि समाज में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव को समाप्त करने और कन्या जन्म को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत बालिका के जन्म पर 11 हजार रुपए तथा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर उच्च शिक्षा के लिए 51 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक इस योजना के माध्यम से 3,77,784 बालिकाओं को कुल 11 अरब 68 करोड़ 49 लाख रुपए की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने के साथ ही सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण भी प्रदान कर रही है, जिससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है और प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। नंदा गौरा योजना कन्या भ्रूण हत्या पर रोक, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और लैंगिक समानता स्थापित करने में प्रभावी साबित हो रही है।

इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि इस वर्ष लाभान्वित होने वाली बालिकाओं में 5,913 नवजात शामिल हैं, जबकि 27,338 बालिकाओं को 12वीं पास करने पर सहायता राशि प्रदान की गई है। उन्होंने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में सचिव चंद्रेश कुमार, विभागीय निदेशक बंशीलाल राणा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

SASCI योजना के तहत उत्तराखंड को 350 करोड़ की प्रोत्साहन राशि, मुख्यमंत्री धामी ने जताया आभार

देहरादून। उत्तराखंड राज्य को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) के भाग-IX “वित्तीय प्रबंधन में दक्षता के लिए राज्यों को प्रोत्साहन” के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 350 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा अपनाए गए सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और राजकोषीय अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड ने कर संग्रह बढ़ाने, व्यय नियंत्रण, डिजिटल भुगतान प्रणाली को सशक्त करने तथा बजटीय प्रबंधन में सुधार जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इससे पूर्व राज्य को खनन क्षेत्र में पारदर्शी नीतियों, ई-टेंडरिंग एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने तथा परिवहन विभाग में सुधारों के लिए भी केंद्र सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो चुकी है। यह दर्शाता है कि उत्तराखंड लगातार सुधार आधारित शासन मॉडल को अपनाकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सुशासन, पारदर्शिता और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर दिया गया यह प्रोत्साहन राज्य के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।

चारधाम यात्रा 2025 के अभिनव ट्रैफिक मॉडल पर उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रीय SKOCH Award, एसपी लोकजीत सिंह होंगे सम्मानित

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस के लिए गर्व का विषय है कि चारधाम यात्रा 2025 के सफल संचालन हेतु विकसित अभिनव ट्रैफिक एवं कंट्रोल रूम प्रबंधन प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Group द्वारा प्रदान किए जाने वाले SKOCH Award के लिए चयनित किया गया है।

पुलिस अधीक्षक (यातायात) देहरादून लोकजीत सिंह के नेतृत्व में “चारधाम यात्रा 2025 : निर्बाध तीर्थ प्रबंधन हेतु अभिनव कंट्रोल रूम समाधान” नामांकन को 106वें SKOCH समिट में सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार शासन एवं विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट और परिणाम-आधारित नवाचारों के लिए दिया जाता है।

चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। वर्ष 2025 में यातायात प्रबंधन को सुरक्षित, सुचारु और तकनीक-आधारित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा उन्नत कंट्रोल रूम सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डिजिटल समन्वय, इंटेलिजेंट रूट डायवर्जन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत किया गया। इसके परिणामस्वरूप यातायात जाम में उल्लेखनीय कमी आई और तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हुई।

यह सम्मान एसपी (ट्रैफिक) लोकजीत सिंह की तकनीकी दक्षता, पारदर्शी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रमाण है। चारधाम यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में प्रभावी यातायात प्रबंधन राज्य की प्रशासनिक क्षमता और बहु-एजेंसी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बना।

उल्लेखनीय है कि यह पुरस्कार 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 106वें SKOCH समिट के दौरान प्रदान किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर श्री लोकजीत सिंह सहित पूरी ट्रैफिक पुलिस टीम को बधाई देते हुए इसे प्रदेश के लिए प्रेरणादायी क्षण बताया।

वर्ष 2024 की चारधाम यात्रा के दौरान आई चुनौतियों से सीख लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने वर्ष 2025 के लिए सशक्त रणनीति तैयार की। IG रेंज के अंतर्गत केंद्रीकृत कंट्रोल रूम की स्थापना की जिम्मेदारी एसपी लोकजीत सिंह को सौंपी गई। सीमित समय में आधुनिक तकनीकी संसाधनों और निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से यात्रा प्रबंधन को व्यवस्थित ढांचे में ढाला गया।

धराली आपदा के दौरान रेस्क्यू समन्वय, पहलगाम आतंकी हमले के समय सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना तथा विभिन्न हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी—इन जटिल परिस्थितियों में कंट्रोल रूम की त्वरित और समन्वित कार्रवाई ने यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके अलावा लोकजीत सिंह को पूर्व में वर्ष 2021 में कोविड प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के लिए FICCI द्वारा FICCI Smart Policing Award से सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही वर्ष 2024 में चारधाम यात्रा प्रबंधन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राज्यपाल द्वारा उत्कृष्ट सेवा पदक भी प्रदान किया गया था।

राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस की नवाचार आधारित कार्यशैली, प्रतिबद्धता और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव, प्रेरणा और विश्वास का संदेश देती है।

सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा पर सख्त मुख्यमंत्री धामी, एसओपी बनाने के निर्देश

देहरादून।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव को विस्तृत एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री से भेंट कर 21 फरवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई घटना सहित हाल के दिनों में विभिन्न स्थानों पर सरकारी कार्मिकों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख किया और ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार कार्मिकों के मान-सम्मान और सुरक्षा को लेकर सदैव संवेदनशील और प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने तत्काल मुख्य सचिव को फोन कर अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों वाली एसओपी तैयार करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस के पुलिस महानिदेशक (DGP) को भी निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं और इस प्रकार की घटनाओं पर त्वरित एवं सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही देहरादून पुलिस के एसएसपी को शिक्षा निदेशालय में हुई घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष राम सिंह चौहान, महामंत्री मुकेश बहुगुणा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

संस्कृत प्रतिभाओं को सम्मान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी छात्रवृत्तियाँ और किया ई-संस्कृत संभाषण शिविर का शुभारंभ

देहरादून। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने गार्गी बालिका संस्कृत छात्रवृत्ति तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संस्कृत छात्रवृत्ति विद्यार्थियों को प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षा स्वाध्याय केन्द्र एवं ई-संस्कृत संभाषण शिविर का वर्चुअल शुभारंभ किया। साथ ही उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के त्रैमासिक पत्र संस्कृत वार्ता का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान केवल ऊँचे पर्वतों और ऐतिहासिक मंदिरों से ही नहीं, बल्कि ज्ञान और आस्था की भाषा देववाणी संस्कृत से भी है। वेदों, उपनिषदों, रामायण, महाभारत, आयुर्वेद, खगोलशास्त्र, गणित और दर्शनशास्त्र जैसे समृद्ध ज्ञान की जड़ें संस्कृत में निहित हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारे अतीत की धरोहर ही नहीं, बल्कि भविष्य की संभावना भी है।

उन्होंने संस्कृत की वैज्ञानिकता का उल्लेख करते हुए महर्षि पाणिनि द्वारा रचित अष्टाध्यायी को विश्व के भाषाविदों के लिए आज भी आश्चर्य का विषय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में संस्कृत के वैज्ञानिक व्याकरण पर शोध किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन हेतु निरंतर कार्य हो रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से संस्कृत को आधुनिक और व्यवहारिक भाषा के रूप में स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं। एआई तकनीक के माध्यम से संस्कृत ग्रंथों को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सदियों से संस्कृत अध्ययन और शोध का केंद्र रहा है। राज्य में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया गया है और सभी जनपदों में आदर्श संस्कृत ग्राम स्थापित किए गए हैं। ‘गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना’ की शुरुआत भी राज्य में पहली बार की गई है।

संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक नवाचार किए गए हैं। संस्कृत विश्वविद्यालय में सुविधाओं का विस्तार किया गया है और प्रत्येक जनपद में संस्कृत ग्राम स्थापित किए गए हैं।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, खजान दास, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकान्त पाण्डेय एवं निदेशक संस्कृत शिक्षा कंचन देवराड़ी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।