Saturday, May 23, 2026
Google search engine
Home Blog

कैंसर पीड़ित विधवा सुनीता को जिला प्रशासन से मिली बड़ी राहत, बच्चों की शिक्षा और उपचार को मिला सहारा

देहरादून, 22 मई 2026 (सूवि)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन देहरादून जरूरतमंद एवं असहाय परिवारों के लिए संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ लगातार कार्य कर रहा है। प्रशासन द्वारा उपचार, शिक्षा, आर्थिक सहायता, रोजगार एवं ऋण राहत जैसे मामलों में सैकड़ों प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण कर जरूरतमंदों को नई उम्मीद और संबल प्रदान किया जा रहा है।

इसी क्रम में डोईवाला निवासी कैंसर पीड़ित विधवा महिला सुनीता कलवार को जिला प्रशासन द्वारा बड़ी राहत प्रदान की गई है। सुनीता कलवार ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी व्यथा रखते हुए बताया कि वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं तथा परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण बच्चों की शिक्षा और उपचार जारी रखना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बच्चों की फीस माफी और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।

प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल सहायता के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा रायफल क्लब फंड से सुनीता कलवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर उपलब्ध कराई गई। साथ ही उनके पुत्र का विद्यालय में दाखिला सुनिश्चित कराया गया, जबकि उनकी पुत्री की बाधित शिक्षा को जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से पुनः प्रारंभ कराया गया।

बताया गया कि सुनीता कलवार का 11 जुलाई 2024 को जौलीग्रांट स्थित अस्पताल में कैंसर का ऑपरेशन हुआ था और वर्तमान में उनका उपचार जारी है। उपचार के दौरान आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहे परिवार को जिला प्रशासन ने न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि मानवीय सहयोग और भरोसे का भी संबल प्रदान किया है।

जिला प्रशासन द्वारा विगत वर्षों में भी अनेक जरूरतमंद परिवारों को लाखों रुपये की सहायता प्रदान की गई है। विद्युत एवं जल संबंधी बकाया मामलों के निस्तारण, बैंक ऋण राहत, चिकित्सा सहायता और रायफल क्लब फंड से सहयोग उपलब्ध कराकर कई परिवारों को राहत पहुंचाई गई है। वहीं ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से सैकड़ों जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

जिला प्रशासन की यह पहल शासन की संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आ रही है, जिसमें जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने 483 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, साढ़े चार साल में 33 हजार को मिली सरकारी नौकरी

देहरादून। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सिंचाई एवं कृषि विभाग के अंतर्गत चयनित 483 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें सिंचाई विभाग के 473 तथा कृषि विभाग के 10 पद शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद खंडूरी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे उत्तराखंड का सपना देखा था, जहां युवाओं की पहचान उनकी मेहनत और प्रतिभा से हो। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को दिए जा रहे नियुक्ति पत्र इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र प्रतिभाशाली युवाओं की मेहनत, लगन और संकल्प का सम्मान है। उन्होंने कहा कि चयनित युवा पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का त्याग, परिवार का संघर्ष और वर्षों की मेहनत छिपी होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकारी नौकरियों में चयन मेहनत और प्रतिभा के आधार पर हो रहा है और यही नई कार्यसंस्कृति उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत बन रही है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 33 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी सिंचाई और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और प्रदेश की जीएसडीपी विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है। साथ ही प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड गिरावट आई है।

सिंचाई मंत्री Satpal Maharaj ने चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अवसर उत्तराखंड के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग किसानों की समृद्धि, जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है तथा नव नियुक्त कर्मचारी राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद अब केवल पात्र और मेहनती युवाओं को ही नियुक्तियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि आज लाखों युवा स्टार्टअप और नवाचार के माध्यम से भी नए अवसरों की ओर बढ़ रहे हैं।

केदारघाटी और जोशीमठ में बदलेगा पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर, राज्य अतिथि गृह और मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं को मिली रफ्तार

देहरादून, 21 मई 2026। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड में पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar की अध्यक्षता में सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें रुद्रप्रयाग जनपद के रतूड़ा गांव में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह और चमोली जिले के जोशीमठ स्थित रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दोनों परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाते हुए आवश्यक तकनीकी सुधारों के साथ संशोधित प्रस्ताव शीघ्र शासन को उपलब्ध कराए जाएं।

रतूड़ा में बनेगा आधुनिक पहाड़ी शैली का राज्य अतिथि गृह

रुद्रप्रयाग जनपद के ग्राम रतूड़ा में प्रस्तावित लगभग 34.29 करोड़ रुपये लागत वाले राज्य अतिथि गृह की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन का डिजाइन पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि स्थानीय संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का संतुलित समन्वय दिखाई दे।

उन्होंने कहा कि अतिथि गृह में 20 आधुनिक कक्षों के साथ दो वीवीआईपी सुइट और अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के साथ समन्वय कर परियोजना को और अधिक उपयोगी एवं आकर्षक बनाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विद्युत कार्यों की अलग डीपीआर शीघ्र प्रस्तुत करने और संशोधित आगणन शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

केदारनाथ यात्रा क्षेत्र को मिलेगा लाभ

रतूड़ा क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त राज्य अतिथि गृह बनने से केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आने वाले विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों और पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। राज्य सरकार इस परियोजना को पर्यटन अवसंरचना विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रही है।

जोशीमठ में पार्किंग संकट दूर करने की तैयारी

दूसरी समीक्षा बैठक में चमोली जिले के जोशीमठ स्थित रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना पर चर्चा की गई। औली में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या के कारण क्षेत्र में यातायात दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए लगभग 5.69 करोड़ रुपये लागत से मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण की योजना तैयार की गई है।

परियोजना के तहत लोअर ग्राउंड स्तर पर 51 तथा ग्राउंड फ्लोर पर 46 वाहनों की पार्किंग की सुविधा विकसित की जाएगी। इस प्रकार कुल 97 कारों के लिए पार्किंग व्यवस्था प्रस्तावित है। पार्किंग परिसर तक पहुंचने के लिए सात मीटर चौड़ा मार्ग भी प्रस्तावित किया गया है।

सुरक्षा और सुगमता पर विशेष जोर

समीक्षा के दौरान सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar ने पार्किंग परिसर तक पहुंचने वाले मार्ग को और अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने तथा प्रवेश और निकास मार्गों को अलग-अलग करने के लिए बैरिकेडिंग व्यवस्था विकसित करने को कहा, ताकि यातायात संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।

साथ ही जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि चयनित भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया एक माह के भीतर पूर्ण कर शासन को अवगत कराया जाए।

पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता

सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar ने कहा कि मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशानुसार राज्य में पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को स्थानीय जरूरतों, पहाड़ी भूगोल और पारंपरिक वास्तुकला के अनुरूप आगे बढ़ाना है, ताकि आधुनिक सुविधाओं के साथ क्षेत्रीय पहचान भी सुरक्षित रह सके।

उन्होंने कहा कि रतूड़ा में बनने वाला आधुनिक राज्य अतिथि गृह केदारघाटी आने वाले पर्यटकों और अतिथियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, जबकि जोशीमठ की मल्टीलेवल पार्किंग औली और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और टिकाऊ आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एटीएस कॉलोनी में दहशत फैलाने वाले बिल्डर पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, गुंडा एक्ट में 6 माह के लिए जिला बदर

देहरादून, 19 मई 2026 (सूवि)। जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में आतंक और भय का माहौल पैदा करने वाले विवादित बिल्डर Puneet Agrawal के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट Savin Bansal ने उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड गुण्डा नियंत्रण अधिनियम-1970 की धारा 3(3) के तहत कार्रवाई करते हुए बिल्डर को “गुण्डा” घोषित कर छह माह के लिए देहरादून जनपद की सीमा से बाहर रहने के आदेश जारी किए हैं।

मामले की शुरुआत एटीएस कॉलोनी निवासी एवं डीआरडीओ वैज्ञानिक Hem Shikha सहित अन्य निवासियों द्वारा 25 अप्रैल 2026 को जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रस्तुत शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 13 अप्रैल 2026 को बिल्डर द्वारा डीआरडीओ में कार्यरत वैज्ञानिक के परिवार पर हमला किया गया, जिसमें पीड़ित का कान का पर्दा फट गया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ अभद्रता एवं गाली-गलौच किए जाने की भी शिकायत की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट Savin Bansal ने उप जिलाधिकारी मसूरी से गोपनीय जांच कराई। जांच में स्थानीय निवासियों ने बताया कि आरोपी का व्यवहार लगातार क्षेत्र में भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न कर रहा था। थाना रायपुर में दर्ज एफआईआर, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और सामूहिक शिकायतों को न्यायालय ने गंभीरता से लिया। प्रकरण में डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक Manoj Kumar Dhaka द्वारा भी कार्रवाई की मांग की गई थी।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी का व्यवहार समाज में भय और अशांति का कारण बन चुका है तथा यदि उस पर रोक नहीं लगाई गई तो गंभीर अप्रिय घटना हो सकती है। वहीं बचाव पक्ष ने इसे आपसी रंजिश और सिविल विवाद बताया, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों, वायरल वीडियो, शिकायतों और गोपनीय जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने आरोपी को आदतन आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति माना।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि Puneet Agrawal अगले छह माह तक बिना अनुमति देहरादून जनपद की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर कठोर कारावास एवं जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। थाना रायपुर पुलिस को 24 घंटे के भीतर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कर आरोपी को जनपद से बाहर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 115(2), 351(2), 352, 74, 126(2), 324(4) और 447 सहित विभिन्न धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। इससे पूर्व दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने और लाइसेंसी शस्त्र का दुरुपयोग करने के मामले में भी जिला मजिस्ट्रेट द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए उसका शस्त्र लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है।

प्रशासन का कहना है कि आरोपी पर डीआरडीओ वैज्ञानिक के साथ मारपीट, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को धमकाने, बच्चों के साथ अभद्रता, झूठे मुकदमों में फंसाने तथा अवैध कब्जे जैसे कई गंभीर आरोप हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनमानस, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

गैरसैंण से काण्डा तक पार्किंग क्रांति, मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं से सुधरेगी यातायात व्यवस्था

देहरादून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जनपद चमोली के गैरसैंण और जनपद बागेश्वर के काण्डा में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं को लेकर आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग ने विभागीय व्यय समिति की बैठकों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar की अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में दोनों परियोजनाओं के विस्तृत आगणनों पर चर्चा करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठकों में आवास विभाग, वित्त विभाग, नियोजन विभाग, संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

गैरसैंण में बनेगी 91 वाहनों की आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग

मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत गैरसैंण में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण हेतु पेयजल निगम द्वारा लगभग 1504.35 लाख रुपये लागत का विस्तृत आगणन प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार भू-तल पर 36 कार पार्किंग, सात दुकानें और दो कार लिफ्ट का प्रावधान किया गया है, जबकि टेरेस पर 55 कार पार्किंग और एक अतिरिक्त कार लिफ्ट प्रस्तावित है। इस प्रकार कुल 91 वाहनों के लिए आधुनिक पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी।

परियोजना में बीआरसी/सीआरसी फैकल्टी हॉल और तीन क्लास रूम का भी प्रावधान रखा गया था, जिस पर सचिव R. Rajesh Kumar ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवास विभाग की जिम्मेदारी केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित है। उन्होंने अतिरिक्त निर्माण प्रस्ताव हटाकर मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप संशोधित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा।

काण्डा में 53 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा

बागेश्वर जनपद के काण्डा में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना के संशोधित आगणन पर भी विभागीय व्यय समिति ने विस्तार से चर्चा की। लगभग 540.85 लाख रुपये लागत की इस परियोजना में भूतल पर सात दुकानें और 26 कार पार्किंग तथा प्रथम तल पर 27 कार पार्किंग का प्रावधान किया गया है। साथ ही शौचालय सुविधा भी विकसित की जाएगी। इस प्रकार कुल 53 वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था तैयार होगी।

बैठक में सचिव R. Rajesh Kumar ने निर्देश दिए कि पार्किंग का संचालन जिला विकास प्राधिकरण बागेश्वर द्वारा किया जाए तथा दुकानों का आवंटन जिला स्तरीय समिति के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। विभागीय व्यय समिति ने परियोजना को सैद्धान्तिक सहमति प्रदान करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता

सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति R. Rajesh Kumar ने कहा कि मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के विजन के अनुरूप पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाएं केवल वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा नहीं होंगी, बल्कि स्थानीय बाजारों को व्यवस्थित करने, यातायात दबाव कम करने और पर्यटन गतिविधियों को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल, डीएम ने 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

देहरादून, 17 मई 2026 (सूवि)। जिलाधिकारी Savin Bansal की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक माहौल में सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी Savin Bansal ने उपस्थित राज्य आंदोलनकारियों के सुझावों को गंभीरता से सुना तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपनी-अपनी तहसीलों में लंबित सभी चिन्हीकरण प्रकरणों एवं सूचियों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए सात दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण का पारदर्शी और तथ्यपरक परीक्षण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सहभागी बनाने के लिए संबंधित क्षेत्रीय आंदोलनकारी समिति के सदस्यों को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाए, ताकि वास्तविक आंदोलनकारियों के मामलों का निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित हो सके।

बैठक में संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया गया कि लंबित मामलों से संबंधित आख्या एवं अभिलेख सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराए जाएं। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी Savin Bansal ने बताया कि शासन द्वारा वर्ष 2021 तक प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण हेतु छह माह का समय विस्तार प्रदान किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा इस अवधि के भीतर सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं न्यायसंगत निस्तारण के लिए गंभीरता से कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि जिन आंदोलनकारियों के अभिलेख उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, उनके चिन्हीकरण के लिए वरिष्ठ आंदोलनकारियों एवं समिति सदस्यों द्वारा दिए गए शपथपत्र के आधार पर प्रक्रिया पूरी किए जाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा शासन को अनुरोध पत्र भी प्रेषित किया गया है, जिस पर शासन स्तर से निर्णय लिया जाना है।

बैठक में उपस्थित राज्य आंदोलनकारियों ने चिन्हीकरण प्रक्रिया को गति देने और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। आंदोलनकारियों ने विश्वास जताया कि जिलाधिकारी के कार्यकाल में लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान होगा तथा पात्र आंदोलनकारियों को न्याय मिल सकेगा।

ऑपरेशन प्रहार” पर डीजीपी दीपम सेठ की हाईलेवल समीक्षा, 1400 से अधिक अपराधी गिरफ्तार

देहरादून, 14 मई 2026। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक Deepam Seth ने राज्यव्यापी विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” की विस्तृत समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में गढ़वाल एवं कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षकों, सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, एसटीएफ एवं जीआरपी अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

पुलिस महानिदेशक Deepam Seth ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए सतर्क, सक्रिय और प्रतिबद्ध है तथा अपराधियों, असामाजिक तत्वों और संगठित अपराध के विरुद्ध “ऑपरेशन प्रहार” अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

1400 से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी

अभियान के अंतर्गत एक माह में 1400 से अधिक वांछित, फरार, इनामी एवं पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 40 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जबकि गुण्डा एक्ट के तहत 130 से अधिक व्यक्तियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई।

अवैध हथियार और आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई

राज्यभर में चलाए गए अभियान के दौरान 66 अवैध हथियार बरामद किए गए और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए। ऊधमसिंहनगर पुलिस ने अभियुक्त Harendra Singh उर्फ हनी और Nikhil Verma को भारी मात्रा में अवैध असलाह और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया। जांच में इनके तार आतंकी संगठन “अल बदर” से जुड़े मामलों से पाए गए।

वहीं एसटीएफ ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन “अल बरक ब्रिगेड” के संपर्क में रहे अभियुक्त Vikrant Kashyap को देहरादून से अवैध पिस्टल और कारतूसों सहित गिरफ्तार किया।

बांग्लादेशी घुसपैठियों पर शिकंजा

राज्य में फर्जी दस्तावेजों के साथ अवैध रूप से रह रहे तीन बांग्लादेशी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने सार्वजनिक स्थलों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 4000 से अधिक असामाजिक तत्वों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की।

यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई

“ऑपरेशन प्रहार” के तहत रैश ड्राइविंग, ड्रंकन ड्राइविंग, फर्जी नंबर प्लेट और हूटर के दुरुपयोग के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया। इस दौरान 15 हजार से अधिक वाहनों के चालान किए गए, 900 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और 2000 से अधिक वाहन सीज किए गए।

होटल, बार और ढाबों की जांच

पुलिस ने राज्यभर में 18 हजार से अधिक होटल, बार, क्लब, स्पा, पब और ढाबों की जांच की। नियमों का उल्लंघन करने वाले 1200 से अधिक लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

40 हजार से अधिक लोगों का सत्यापन

व्यापक सत्यापन अभियान के दौरान किराये के मकानों, पीजी, मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट, होम-स्टे, होटल, धर्मशाला और आश्रमों में रह रहे 40 हजार से अधिक लोगों का सत्यापन किया गया। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई।

चारधाम यात्रा में साइबर सुरक्षा पर विशेष फोकस

चारधाम यात्रा के दौरान साइबर ठगी रोकने के लिए पुलिस ने 200 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया लिंक ब्लॉक कराए तथा 50 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबर बंद कराए। ये लिंक और नंबर यात्रा पंजीकरण, हेलीकॉप्टर टिकट और होटल बुकिंग के नाम पर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे थे। पुलिस ने 147 लिंक ऑपरेटरों और 27 फर्जी मोबाइल धारकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक V. Murugesan, A. P. Anshuman, पुलिस महानिरीक्षक Vimmi Sachdeva, Krishna Kumar V K, Nilesh Anand Bharne, Rajiv Swaroop, Sunil Kumar Meena एवं Dhirendra Gunjyal सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

22 दिनों में 5.23 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन, बेहतर व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं में उत्साह

जिला सूचना अधिकारी कार्यालय, जनपद रुद्रप्रयाग, 13 मई 2026

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा इस वर्ष नए आयाम स्थापित कर रही है। 22 अप्रैल से प्रारंभ हुई यात्रा अब 22वें दिन में प्रवेश कर चुकी है और अब तक 5,23,582 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के शुरुआती चरण से ही श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या धाम पहुंच रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद यात्रा व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारु बनी हुई हैं। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा स्वयं यात्रा व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और यात्रा संचालन पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं।

यात्रा मार्ग से धाम तक व्यापक इंतजाम, सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष फोकस

जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग से लेकर धाम परिसर तक व्यापक और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। पैदल यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। वहीं धाम क्षेत्र में स्वच्छता, आवास व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन टीमों और अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। बेहतर व्यवस्थाओं का ही परिणाम है कि देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु जिला प्रशासन और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली की खुलकर सराहना कर रहे हैं।

पंजाब के रोपड़ से आए श्रद्धालु दिवाकर ने कहा, “प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं बेहद उत्कृष्ट हैं। बाबा केदारनाथ के दर्शन अत्यंत सहजता से हुए। धाम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और प्रशासन की टीमें हर समय सहायता के लिए उपलब्ध हैं।”

अहमदाबाद से आई माही ने कहा, “धाम पहुंचकर अत्यंत सुखद अनुभव हुआ। यहां की व्यवस्थाएं हमारी अपेक्षाओं से कहीं बेहतर हैं। जिला प्रशासन का हम हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।”

वहीं अहमदाबाद से आए कुणाल चावला ने कहा, “इतनी ऊंचाई और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जिस स्तर की व्यवस्थाएं की गई हैं, वह वास्तव में काबिले-तारीफ हैं।”

जिला सूचना अधिकारी
जनपद रुद्रप्रया

ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखाया नए भारत का सामर्थ्य : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट में आयोजित “ऑपरेशन सिंदूर-शौर्य, सम्मान और वीरता” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का आयोजन ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भारतीय सेना के अदम्य साहस के कारण आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। उन्होंने सेना के शौर्य, समर्पण और त्याग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय सेनाओं की वीरता के कारण दुश्मन कभी भी भारत की ओर आंख उठाने का साहस नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश सो रहा था, तब भारतीय सेनाओं ने मात्र 22 मिनट में पाकिस्तान में संचालित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि देश की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने भारत की ओर होने वाले सभी हमलों को विफल कर दिया और एक भी मिसाइल भारतीय सीमा में नहीं गिरने दी। भारतीय सेनाओं ने अपने पराक्रम से चार दिनों के भीतर पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए मजबूर कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार का सेना से भावनात्मक जुड़ाव है, क्योंकि राज्य के लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में सेवाएं देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ सेना को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ दुनिया के अनेक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत के रक्षा निर्यात में 38 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है और आज भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण और सैन्य सामग्री उपलब्ध करा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि भारत के स्वदेशी हथियार दुनिया के किसी भी आधुनिक हथियार से कम नहीं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना जानता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सैनिकों के हित में वन रैंक वन पेंशन योजना, नेशनल वॉर मेमोरियल निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने जैसे अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में पांच गुना तक वृद्धि की है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सम्मान राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। साथ ही शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा आवेदन अवधि को दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने का निर्णय लिया गया है। पूर्व सैनिकों एवं वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के लिए सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा तथा स्थायी संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत तक की छूट भी प्रदान की जा रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि भारत की उस अटल प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें मातृशक्ति के सम्मान, राष्ट्र की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सिन्दूर नारी सम्मान, सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक है और इस अभियान का नाम “ऑपरेशन सिन्दूर” रखकर भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि देश अपनी मातृशक्ति की सुरक्षा और सम्मान के लिए हर स्तर पर दृढ़ता से खड़ा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं हेतु ₹256 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की

पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं एवं कुम्भ मेला 2027 से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए कुल ₹256 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री द्वारा आपदा प्रबंधन, सड़क सुधार, पेयजल योजनाओं एवं आधारभूत संरचना विकास से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग की अवशेष धनराशि से प्रत्येक जनपद को राहत एवं बचाव मद में ₹3 करोड़, पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में ₹5 करोड़ तथा तैयारी एवं क्षमता विकास मद में ₹2 करोड़, इस प्रकार प्रति जनपद ₹10 करोड़ की दर से कुल ₹130 करोड़ अवमुक्त किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक में उत्तराखंड राज्य के समस्त जिलाधिकारियों को नॉन एसडीआरएफ मद के अंतर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण हेतु प्राविधानित ₹39 करोड़ के सापेक्ष प्रति जनपद ₹2 करोड़ की दर से कुल ₹26 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला-2027 के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-58 से औद्योगिक क्षेत्र तक चार लेन मार्ग के नवीनीकरण हेतु ₹2.72 करोड़, पथुलोक बैराज मार्ग के किमी 0.00 से 5.00 तक बीसी द्वारा सुधार कार्य हेतु ₹2.13 करोड़ तथा बहादराबाद-रोहाल्की तिराहे से अलीपुर-सुकरासा-पथरी अम्बूवाला मार्ग के नवीनीकरण हेतु ₹1.36 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून की पित्थूवाला शाखा में कमला पैलेस एवं जीएमएस रोड क्षेत्र में नलकूप निर्माण, राइजिंग मेन, वितरण प्रणाली तथा संबंधित कार्यों के लिए ₹20.37 करोड़ की स्वीकृति भी प्रदान की है।

इसके साथ ही SASCI कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद रुद्रप्रयाग की तिलवाड़ा नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹39.86 करोड़, जनपद चमोली की पीपलकोटी नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹24.38 करोड़ तथा जनपद टिहरी गढ़वाल की हिण्डोलाखाल पम्पिंग पेयजल योजना हेतु ₹9.73 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन भी प्रदान किया गया है।

सुनहरा मार्ग चौराहा अब कहलाएगा ‘शहीद चौक’

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रुड़की नगर निगम क्षेत्र में स्थित सुनहरा मार्ग चौराहे का नाम “शहीद चौक” रखे जाने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।