चारधाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने से पहले अलर्ट, मानसून को लेकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर जोर
मानसून सीजन को देखते हुए चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मानसून को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
समिति के अनुसार, धामों में भीड़ प्रबंधन के लिए पंजीकरण और टोकन प्रणाली को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। मंदिर परिसरों में कतार प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ, मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। यात्रा मार्गों और मंदिर परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विश्राम गृहों और यात्री आवासों में बेहतर आवास, पेयजल, स्वच्छता और विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए हैं। वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए त्वरित दर्शन की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
मंदिरों की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए धामों के अंदर मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लागू है। इसके अलावा मंदिरों के 70 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी और रील बनाने की अनुमति नहीं है।
बीकेटीसी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पंजीकरण के बाद ही यात्रा करें और मौसम संबंधी सलाह का पालन करें। अधिकारियों को मानसून पूर्व सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

