Sunday, July 26, 2026
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मुख्यमंत्री ने मालसी, देहरादून स्थित एक होटल में आयोजित ‘हिन्दुस्तान शिखर समागम’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मालसी, देहरादून स्थित एक होटल में आयोजित ‘हिन्दुस्तान शिखर समागम’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का मुख्य सेवक होने के नाते उन्होंने जो भी निर्णय लिये हैं, राज्य की जनभावनाओं के अनुरूप लिये हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता जल्द लागू होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में डेमोग्राफिक चेंज को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इस मामले को लेकर सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध अतिक्रमण करने वालों पर राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। राज्य में कानूनी प्रक्रिया के तहत अवैध अतिक्रमण हटाया गया है। उत्तराखण्ड में धर्मान्तरण विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू किया गया है। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य किये जा रहे है। उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत राज्य में 03 लाख 54 हजार करोड़ के एमओयू हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ईकोलॉजी और ईकोनॉमी में संतुलन बनाते हुए विकास कार्य किये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है, जहां जी.ई.पी की शुरूआत की गई है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी की लाईफलाईन है। चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा कराना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। राज्य में यात्रा व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित और मजबूत करने लिए यात्रा प्राधिकरण बनाया जा रहा है। इसमें चारधाम यात्रा एवं इससे क्षेत्र से जुड़े लोगों और स्टेक होल्डर्स के सुझाव भी लिये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के शहरों की धारण क्षमता का आकंलन किया जा रहा है, इसके हिसाब से ही इनका विकास किया जायेगा।

क्षेत्र मे युवाओं के रोजगार का अहम जरिया बनेगा सुतुड़ी-सरूताल ट्रैक : चौहान

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देव डोलियों के सानिध्य में सुतुड़ी-सरूताल, ट्रैक से लौटा यात्रा दल

 

बड़कोट। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि खूबसूरत सुतुड़ी- सरूताल बुग्याल क्षेत्र मे रोजगार का अहम जरिया बनेगा और देश दुनिया के मानचित्र पर उपस्थिति दर्ज करायेगा।

 

चार दिवसीय सरूताल ट्रैक से लौटे मनवीर चौहान ने रविवार को बड़कोट में पत्रकारों के साथ इस ट्रैक मे यात्रा

के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि सरनौल से सुतुड़ी -सरूताल ट्रैक अब ट्रैकर के लिए सुरक्षित और रोमांच भरा है। सरनौल सुतुडी सरुताल पर्यटन विकास समिति की मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सरनौल सुतुडी सरूताल बुग्याल को दो सितम्बर से 30 नवम्बर तक “ट्रैक ऑफ़ द ईयर” घोषित कर चुके हैं।

उन्होंने बताया कि यहां ट्रैक उत्तराखंड के मान चित्र पर दर्शाया गया है। उतरा खंड के मानचित्र पर स्थान बना चुके इस ट्रैक को अब देश विदेश के पटल पर आना बाकी है और इस दिशा मे सभी प्रयास किये जा रहे हैं।

 

श्री चौहान ने कहा कि सुतुडी- सरूताल ” ट्रैक ऑफ़ द ईयर ” घोषित होने से आने वाले समय में यहाँ पर पर्यटन गतिविधियों मे इजाफा होगा और सीधे तौर पर स्थानीय लोगों को इसका लाभ होगा। देश -विदेश सैलानी सैलानी घुमने आयेंगे इससे इस क्षेत्र का ही नहीं बल्कि नौगांव ,पुरोला,बड़कोट, बनाल, ठकराल पट्टी के होटल, होम स्टे मालिकों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब इस ट्रैक पर पर्यटक आयेंगे तो स्थानीय लोगों के होम स्टे, होटल-दाबे, घोड़े -खच्चर,वाहन स्वामियों,स्थानीय उत्पादन, दूध- घी, भेड़ बकरियों ऊन से बने अनेक वस्त्र उचित मूल्य पर बिक्री होंगे जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के द्वारा खोलेंगे।

 

राज्य के अन्य ट्रैक की भाँति खूबसूरत

सुतुडी- सरूताल सरनौल गांव से लगभग आठ किमी की दूरी पर सुतुडी है जो इस यात्रा का पहला पड़ाव है। यहां फाचुकांडी की तलहटी सुरम्य मखमली बुग्यालों के मध्य विराजमान हैं । सुतुडी से सरूताल ट्रैक 17-18 किलोमीटर दूर है।

इन दिनों सरूताल ताल के चारों तरफ अनेक प्रजाति के पुष्प खिले रहते हैं। जो पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

उन्होंने बताया कि 10 सितम्बर को सरनौल सुतुडी सरूताल विकास समिति के नेतृत्व में थान गांव से जमदग्नि ऋषि मुनि महाराज, सरनौल से रेणुका देवी की डोलियों के सानिध्य में चार सौ से अधिक लोग ने इस यात्रा में शामिल हुए । उन्होंने बताया कि वर्ष जनवरी 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से सरूताल को पर्यटक स्थल घोषित करने की घोषणा की थी। वहीं जून 2023 में उत्तरकाशी भ्रमण आये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उनके विशेष आग्रह और क्षेत्र की मांग पर सरूताल को पर्यटन स्थल घोषित करवाने की घोषणा की थी। इस बार मेहनत रंग लाई और सरनौल सुतुडी सरूताल बुग्याल समिति के के मांग पर सरकार ने सुतुडी सरूताल बुग्याल को ” ट्रैक ऑफ़ द ईयर घोषित” कर दिया।

उन्होंने कहा कि इस ट्रैक को देश दुनिया के मांचित्र पर लाने के लिए वह पूरा प्रयास करेंगे और सरकार इसमें पूरा सहयोग कर रही है जो कि सुखद है।

 

इस मौके पर पर्यटन विकास समिति के बलवीर सिंह राणा , जगमोहन सिंह राणा , सरदार सिंह रावत , अवतार सिंह रावत , एवं बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष भारत रावत , क्रिस्न राणा , अटोल रावत व्यापार मंडल के अध्यक्ष धनवीर रावत , मुकेश टम्टा , शैलेंद्र चौहान , जयप्रकाश रावत , अमित रावत आदि लोग मौजूद थे।

भाजपा पीएम मोदी और सीएम धामी के जन्मदिन के साथ सेवा पखवाड़े की शुरुआत

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भाजपा पीएम मोदी और सीएम धामी के जन्मदिन के साथ सेवा पखवाड़े की शुरुआत करने जा रही है । इस दौरान गोष्ठियों, प्रदर्शनियों, स्वास्थ्य शिविरों, रक्तदान शिविर , मैराथन दौड़ आदि विभिन्न कार्यक्रमों का व्यापक स्वरूप में आयोजन किया जाएगा । जिसके लिए संगठन की प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किया गया है ।

 

प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश और प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में संगठन आगामी 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक सेवा पखवाड़े के सभी कार्यक्रमों को संचालित किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर सेवा पखवाड़ा के लिए प्रदेश समिति का गठन किया गया है। जिसमें संयोजक के रूप में प्रदेश महामंत्री श्री खिलेंद्र चौधरी के साथ दायित्वधारी श्री दीपक मेहरा, श्री सुरेश गड़िया, किसान मोर्चा संयोजक श्री जोगिंदर पुंडीर एवं श्री मनोज गर्ग को बतौर सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है।

साथ ही जानकारी दी कि हम सबके लिए हर्ष एवं गौरव का विषय है कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान का आगाज 17 सितंबर को विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के साथ किया जाएगा । साथ ही प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है कि 16 सितंबर को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का जन्मदिन है, लिहाजा राज्य में अभियान इसी दिन से प्रारंभ होगा। पीएम मोदी और सीएम धामी के नेतृत्व में ‘सेवा परमो धर्मः’ को चरितार्थ करते हुए समाज के गरीब, शोषित एवं वंचित वर्गों के उत्थान हेतु अनेकों उल्लेखनीय कार्य चलाए जा रहे हैं । किसान कल्याण को प्राथमिकता के साथ-साथ अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के सर्वांगीण विकास हेतु डबल इंजन की सरकार द्वारा अनेकों ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं।

 

उन्होंने कहा, प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी पार्टी, प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस को सेवा पखवाड़ा के रूप में अनेकों सेवा के कार्यक्रम के साथ मनाने जा रही है। जिसके तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती एवं गांधी जयंती के कार्यक्रमों के साथ होने वाली गतिविधियों इस प्रकार से हैं।

 

सर्वप्रथम मुख्यमंत्री धामी जी के जन्मदिवस 16 सितम्बर के अवसर पर जिलों के अन्तर्गत मण्डलों में मैराथन दौड़, स्वच्छता कार्यक्रम एवं उनकी दीर्घायु के लिए अनुष्ठान एवं सेवा कार्य फल वितरण आदि का आयोजन होगा।

 

इसके उपरांत विभिन्न सामाजिक संगठनों, ब्लड बैंकों, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और जिला स्वास्थ्य विभागों के समन्वय से 17 सितम्बर को सभी जिलों में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। 18 सितम्बर से 24 सितम्बर तक स्कूल एवं अस्पताल परिसरों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। जिसके तहत स्कूल एवं अस्पताल परिसर की पुताई के साथ स्कूलों एवं अस्पतालों को आवश्यक वस्तुएं और उपकरण भी दिए जाएंगे। पेरिस पैरालंपिक-2024 में खिलाडियों द्वारा अभी तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों के उत्साहवर्द्धन हेतु जिला मुख्यालयों में अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। जिसमें उन कार्यक्रमों में जिले में निवास करने वाले राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के खिलाड़ियों को आमंत्रित करते हुए उनका सम्मान किया जाएगा।

 

इसी क्रम में 23 सितम्बर को ‘आयुष्मान भारत योजना के शुभारंभ के दिन प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। सांसदों, विधायकों, अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्षों को इस स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। जिला भाजपा कार्यालय एवं विभिन्न स्थानों पर 15 दिनों तक प्रधानमंत्री जी के व्यक्तित्व एवं उपलब्धियों की एक सचित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथी पार्टी पार्टी की विभिन्न इकाइयों द्वारा कला और ड्राइंग प्रतियोगिताएं, रंगोली प्रतियोगिताएं, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं, रेत-कला प्रतियोगिताएं, ग्राफिक डिजाइन प्रतियोगिताएं एवं आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत 2047 और गो वोकल फॉर लोकल प्रसंगो पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी । वहीं 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक बड़े पैमाने पर एक विशाल वृक्षारोपण अभियान एवं “एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान चलाया जाएगा।

 

25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम के साथ उनके जीवन और योगदान को याद किया जाएगा । 2 अक्तूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमाओं के आसपास स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा एवं पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। सभी मंडलों में स्वच्छता कार्यक्रम मंदिरों, अन्य धार्मिक स्थलों और पार्कों आदि सार्वजनिक में किए जाएंगे । इस दिन सभी कार्यकर्ताओं द्वारा खादी और ग्रामोद्योग की बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे।

 

कांग्रेस सनातन विरोध पर विदेशी ताकतों के हाथों खेल रही है : जोशी

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*कांग्रेस अन्य धर्म को छेड़ती नही और सनातन पर हमले का कोई मौका छोड़ती नही*

*प्रतिष्ठा यात्रा निकालने वाले हिमाचल की अवैध मस्जिदों पर क्यों नही बोलते*

देहरादून 14 सितंबर। भाजपा ने कांग्रेस पर सनातन विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया है । प्रदेश प्रवक्ता श्री सुरेश जोशी ने निशाना साधा कि कांग्रेस विदेशी ताकतों के हाथों में खेल रही है, अन्य धर्मों को छेड़ती नही और हिंदुत्व प्रतीकों पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ती है। प्रतिष्ठा यात्रा निकालने वाले हिमाचल की अवैध मस्जिदों पर क्यों नही बोलते हैं ।

 

उन्होंने कहा, कांग्रेस और उनके सहयोगी लगातार सनातन धर्म पर सीधे प्रहार करते आ रहे है । जिससे एक बात पूरी तरह स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी कहीं ना कहीं विदेशी ताकतों के हाथों में खेल रही है । जब भी सनातन का विषय आता है चाहे मथुरा हो, काशी हो, चाहे अयोध्या हो, चाहे केदारनाथ बद्रीनाथ हो, कांग्रेस और उनके सहयोगियों का रुख हमेशा नकारात्मक ही रहता है। इनके नेताओं को सनातन संवर्धन के प्रत्येक मुद्दे पर आपत्ति होती है लेकिन चर्च में क्या हो रहा है, मस्जिद मदरसों में क्या हो रहा है, वहां कैसे धर्मांतरण की साजिश को अंजाम दिया जा रहा है, उसपर उनकी जुबान तक नही खुलती है।

 

उन्होंने प्रतिष्ठा यात्रा का ढोंग करने वाले प्रदेश कांग्रेस नेताओं पर हमला करते हुए कहा, हिमाचल की सुक्खू सरकार, शिमला और मंडी में अवैध मस्जिदों को बचाने में लगी है । क्यों अब तक एक भी स्थानीय कांग्रेसी ने इस मुद्दे पर बयान नहीं दिया। बावजूद इसके केदारनाथ धाम को लेकर लगातार भ्रम एवं झूठ फैलाकर वह नकारात्मक राजनीति कर रहें हैं । उन्होंने विश्वास जताया कि देवभूमि की जनता कांग्रेस के ऐसे कृत्यों को देख रही है और कभी भी उनके झांसे में नही आने वाली है।

 

यात्रा मार्ग पर डेंजर जोन हेलमेट पहनकर पार करेंगे श्रद्धालु

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*यात्रा मार्ग पर और पुख्ता होंगें श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजाम*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने केदार घाटी के लिए जारी किए 30 करोड़*

श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजाम और अधिक पुख्ता होंगे। यात्रा मार्ग पर भारी बारिश के बीच स्लाइडिंग एवं डेंजर जोन में अब यात्रियों को हेलमेट पहन कर रास्ते पार करवाए जाएंगे। ऐसे स्थानों पर यात्रियों को सचेत करने एवं सतर्कता की जानकारी देने को अनाउंसमेंट सिस्टम एवं अलर्ट लाइट्स का भी सहारा लिया जाएगा।

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में गढ़वाल कमिश्नर/ सचिव मा. मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडेय, आपदा सचिव विनोद सुमन ने बुधवार को श्री केदारनाथ यात्रा एवं आपदा संबधित बैठक लेने केदार घाटी पहुंचे। शेरसी में बैठक के दौरान उन्होंने मानसून सीजन के बाद शुरू हुई दूसरे चरण की यात्रा एवं 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते हुई क्षति के बाद हुए पुनर्स्थापन कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र एवं पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने जिलाधिकारी सौरभ गहरवार से सड़क एवं पैदल यात्रा मार्ग की पुनर्स्थापना के लिए किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट लेते हुए। इस वर्ष की शेष यात्रा काल के लिहाज से अनिवार्य कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में मास्क एवं हेलोजन लाईट लगवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारी बारिश के चलते बार बार भूस्खलन यात्रा मार्ग पर हो रहा है ऐसे में माननीय मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि केदारनाथ यात्रा सुगम एवं सुरक्षित हो इसके लिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन संवेदनशीलता के साथ करें।

आपदा सचिव विनोद सुमन ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा सुरक्षा के साथ सुचारू रखने के लिए मा. मुख्यमंत्री द्वारा लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। अब तक करीब 30 करोड़ रुपए मुआवजा एवं पुनर्थापना कार्यों के लिए मुख्यमंत्री स्वीकृत कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सड़क एवं पैदल मार्गों पर हुई क्षति की पुनर्थपना गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए तेजी से करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने बताया कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी संभव प्रयास किया जा रहे हैं पैदल यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग, जंगलचट्टी, रामबाड़ा, भीमबली सहित अन्य डेंजर जोन में यात्रियों को अब सुरक्षा हेलमेट पहन कर यात्रा करवाई जाएगी। वहीं यात्रा मार्ग पर अनाउंसमेंट सिस्टम एवं अलर्ट लाइट्स भी लगाने की तैयारी है। जिससे मौसम, भूस्खलन सहित यात्रा संबधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी यात्रियों को समय पर उपलब्ध करवाई जा सकें।

यात्रा मार्ग पर पुनर्स्थापना कार्यों की मॉनिटरिंग एवं सुझावों के लिए मा. मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्त कर्नल अजय कोठियाल ने सुझाव दिया कि कुंड में प्रस्तावित नए पुल निर्माण में सेना की सहायता ली जाए। इसके अलावा फिलहाल पैदल यात्रा मार्ग को चार मीटर तक चौड़ा किया जाना अनिवार्य है ताकि भीड़ बढ़ने पर पैदल मार्ग में जाम जैसी स्थिति न बने।

 

बैठक में विभागाध्यक्ष पीडब्लूडी दीपक यादव, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधीक्षण अभियंता आठवां वृत्त लोनिवि टिहरी मुकेश परमार, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ विमल गुसाईं, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष रावत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग निर्भय सिंह, जल संस्थान अनीश पिल्लई, सिंचाई खुशवंत सिंह, तहसीलदार ऊखीमठ प्रदीप नेगी, डीडीएमए विनय झिंक्वाण सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने एम्स ऋषिकेश से आरम्भ होने वाली ऐरो मेडिकल सर्विस के सम्बन्ध में बैठक ली

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*एसओपी को अन्तिम रूप देने के निर्देश

*दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को मिले हेली इमरजेन्सी मेडिकल सेवाओं का लाभ

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जल्द ही एम्स ऋषिकेश से आरम्भ होने वाली ऐरो मेडिकल सर्विस के सम्बन्ध में शीघ्र ही एसओपी को अन्तिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। सीएस श्रीमती रतूड़ी ने एम्स ऋशिकेश से सभी जिलाधिकारियों, सीएमओ, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारियों व अन्य हितधारकों के साथ समन्वय कर अन्तिम रूप से एसओपी तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को प्रेशित करने को कहा है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि एसओपी में राज्य के दुर्गम क्षेत्रों की गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं जिन्हें तत्काल आपात चिकित्सा सेवा की आवश्यकता हो, को एम्स की हेली इमरजेन्सी मेडिकल सेवाओं का शीर्श प्राथमिकता पर लाभ मिलना चाहिए।

 

 

एम्स ऋषिकेश द्वारा जानकारी दी गई कि ऐरो मेडिकल सर्विस की एसओपी तैयार हो गई है। हेली इमरजेन्सी मेडिकल सर्विस कॉल सेन्टर स्थापित कर दिया गया है। हेल्पलाइन ऑडिट प्रोसेजर्स की गुणवत्ता सुधार पर कार्य प्रगति पर है। एम्स के मेडिकल स्टाफ व टीम की कैपिसिटी बिल्डिंग पर कार्य किया जा रहा है।

 

बैठक में अपर सचिव श्रीमती सोनिका, श्रीमती नमामि बंसल तथा निदेशक एम्स ऋषिकेश वर्चुअल माध्यम से मौजूद रही।

अटल भूजल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्टेट लेवल स्टीयरिंग कमेटी का गठन

चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में अटल भूजल योजना

*सामुदायिक नेतृत्व व भागीदारी से स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार किया जाएगा

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने अटल भूजल योजना के तहत राज्य के तीन जल संकटग्रस्त जनपदों चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में जल बजटिंग व कार्यक्रम के स्थानीय स्तर पर कार्यान्वयन की देखरेख और विभिन्न राज्य एजेंसियों के बीच भूजल प्रबंधन के लिए समन्वय हेतु स्टेट लेवल स्टीयरिंग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव द्वारा कमेटी में लघु सिचाई विभाग को नोडल विभाग बनाते हुए पेयजल व स्वच्छता, शहरी विकास, शहरी विकास, पंचायती राज, सिचाई, ग्राम्य विकास विभाग व स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण (SARRA) को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कमेटी को कार्यक्रम की नियमित रूप से मासिक समीक्षा के भी निर्देश दिए हैं। सीएस श्रीमती रतूड़ी ने नोडल विभाग को स्थानीय निकायों के स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स नामित करने तथा उनके प्रशिक्षण हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। यह मास्टर ट्रेनर वाटर प्लान व बजटिंग बनाने में सहायता करेंगे।

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जल संकटग्रस्त जनपदों चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में अटल भूजल योजना के तहत कैच द रैन, अमृतसरोवर, स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण (SARRA) की गतिविधियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

 

अटल भूजल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में संचालित विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बीच कन्वर्जेंस के माध्यम से सामुदायिक नेतृत्व व भागीदारी से स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जागरूकता कार्यक्रमों और स्थायी भूजल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए क्षमता निर्माण के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाने के लिए कार्य किए जाए। मुख्य सचिव ने जिलों में समुदायों और पंचायतों की विभिन्न गतिविधियों जैसे वाटर यूजर एसोसिएशन का गठन/मजबूती, भूजल आंकड़ों की निगरानी और प्रसार, जल बजट और ग्राम पंचायतवार जल सुरक्षा योजनाओं (डब्ल्यूएसपी) की तैयारी और उनके कार्यान्वयन में सक्रिय भागीदारी हेतु निर्देश दिए हैं।

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि अटल भूजल योजना का एक मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाना है। इसके लिए जल बजट और वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार करते समय जल उपलब्धता और उपयोग जैसे जल संबंधी डेटा का उपयोग किया जाएगा। ये योजनाएँ सामुदायिक भागीदारी से तैयार की जाएंगी और योजना में इस्तेमाल किए गए डेटा को पूरे समुदाय तक पहुँचाया जाएगा। इसके अलावा, जल संबंधी डेटा को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर (डीडब्ल्यूएलआर), वाटर लेवल साउंडर, रेन गेज, वाटर फ्लो मीटर जैसे विभिन्न उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अलावा, भारत सरकार राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के तहत सतही और भूजल दोनों के लिए विभिन्न रियल टाइम डेटा अधिग्रहण प्रणाली (आरटीडीएएस) भी स्थापित कर रही है।

 

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की अटल भूजल योजना के तहत पंचायत स्तर के वाटर यूजर एसोसिएशन में जल बजट और वाटर सिक्योरिटी प्लान अभ्यास में महिलाओं की भागीदारी कम से कम 33 प्रतिशत रखी गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में मौजूदा ग्राम जल और स्वच्छता समिति का विस्तार किया गया है और उनका सहयोग इस कार्यक्रम में लिया जा रहा है। अटल भूजल योजना (अटल जल) गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे 7 राज्यों के 80 जिलों की 8,562 ग्राम पंचायतों में कार्यान्वित की जा रही है, जिसका उद्देश्य मुख्य रूप से विभिन्न चल रही केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बीच अभिसरण के माध्यम से समुदाय के नेतृत्व में स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। उत्तराखण्ड राज्य के तीन जल संकटग्रस्त जिलों हरिद्वार, उधमसिंह नगर व चंपावत को भी योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

 

सचिवालय में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में अटल भूजल योजना से सम्बन्धित आज की बैठक में सचिव श्री शैलेश बगौली सहित पंचायती राज, पेयजल, शहरी विकास, सिचाई, लघु सिचाई, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

निष्पक्ष एवं न्यायसंगत कानून व्यवस्था, भाजपा सरकारों की पहचान : भट्ट

 

  • महिला इंसाफ पर नाकाम कांग्रेस, देवभूमि की छवि खराब करने मे जुटी

देहरादून 8 सितंबर । भाजपा ने अपराध मुक्त शासन को अपनी सरकारों की पहचान बताते हुए राज्य में भी न्यायसंगत एवं निष्पक्ष कानून व्यवस्थता होने का दावा किया है ।

प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने विपक्ष को आइना दिखाते हुए कहा कि हिमाचल में दलित युवक के टुकड़े टुकड़े होना, राजस्थान के रेप में नंबर वन होने को मर्दानगी बताने और अपनी पार्टी एवं सरकारों में मातृ शक्ति की रक्षा करने में अक्षम लोग शांत प्रदेश की छवि खराब करने में लगे हैं । जबकि उतराखंड सभी घटनाओं में हुई निष्पक्ष एवं कठोर कार्यवाही से जनता पूरी तरह संतुष्ट है।

मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कानून व्यवस्था पूरी तरह चाक चौबंद है । किसी भी तरह की घटना संज्ञान में आते ही तत्काल निष्पक्ष कठोर कार्यवाही की जा रही है । हमारी सरकार अपराधों के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, विशेष कर महिला अपराधों को लेकर बेहद गंभीर है । आज एक भी उदाहरण ऐसा नहीं है जिसमे त्वरित कठोर कार्यवाही सुनिश्चित नही की गई हो। चाहे आईएसबीटी की घटना हो, चाहे रुद्रपुर की, चाहे रानीखेत या जसपुर की या चाहे कोई अन्य, सभी घटनाओं के आरोपी सलाखों के पीछे अपनी सजा का इंतजार कर रहे हैं । इसी तरह हल्द्वानी के दंगाइयों की बात हो या बनवसा नेपाल सीमा की बात हो सभी प्रकरणों में बिना किसी पक्षपात के कानून सम्मत कार्यवाही की गई है ।
साथ ही कहा कि राज्य की जनता सभी घटनाओं में हुई शासन प्रशासन की कार्यवाही से संतुष्ट है, लिहाजा कानून व्यवस्था को लेकर प्रश्न खड़ा करने का सवाल ही नहीं उठता है ।

उन्होंने आरोप लगाया कि हैरान परेशान मुद्दाविहीन एवं विचारहीन कांग्रेस नित नए नए झूठ एवं प्रपंच के साथ सामने आती है । केंद्र में 10 और राज्य में 8 वर्ष से आधी सत्ता से बाहर रहने के कारण वह येन केन प्रकारेण सरकार को बदनाम करने की कोशिश में जुटी रहती है । जबकि सचाई यह है कि कांग्रेस और उनके सहयोगी सरकारें अपराध और उसमे भी विशेषकर महिला अपराधों के लिए कुख्यात रही हैं । ये अपनी सरकारों में अपनी ही पार्टी के नेताओं के साथ हुए अपराधों में भी न्याय करने में अक्षम रहते हैं, चाहे कर्नाटक में कांग्रेस नेता की बेटी की नृसंस हत्या हो, चाहे छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ हुआ शोषण हो, चाहे असम की युवा प्रभारी के साथ राष्ट्रीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा किया यौन शौषण हो । हिमाचल में एक दलित युवक को मुस्लिम समुदाय ने 8 टुकड़ों में काट दिया, लेकिन एक भी कांग्रेसी की आवाज नही निकली, अयोध्या कन्नौज, कलकत्ता ऐसी अनेकों घटनाओं में इनकी चुप्पी महिला अपराध पर बेनकाब करने वाली है । इनके गठबंधन के बड़े नेता तो बलात्कार को लड़कों की गलती ठहराते थे और राजस्थान के रेप में नंबर आने को इनके मंत्री मर्दानगी की निशानी बताते थे ।

उन्होंने तंज किया कि कांग्रेस नेताओं ने राजनैतिक चश्मा पहना हुआ है, यही वजह है कि उन्हे इन घटनाओं में की गई त्वरित एवं कठोरतम कार्यवाही दिखाई नही देती है । सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए विपक्ष सरकार की संवेदनशीलता और गंभीरता पर झूठे आरोपों का एजेंडा चला रहा हैं।

निष्पक्ष एवं न्यायसंगत कानून व्यवस्था, भाजपा सरकारों की पहचान : भट्ट

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  • महिला इंसाफ पर नाकाम कांग्रेस, देवभूमि की छवि खराब करने मे जुटी

देहरादून 8 सितंबर । भाजपा ने अपराध मुक्त शासन को अपनी सरकारों की पहचान बताते हुए राज्य में भी न्यायसंगत एवं निष्पक्ष कानून व्यवस्थता होने का दावा किया है ।

प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने विपक्ष को आइना दिखाते हुए कहा कि हिमाचल में दलित युवक के टुकड़े टुकड़े होना, राजस्थान के रेप में नंबर वन होने को मर्दानगी बताने और अपनी पार्टी एवं सरकारों में मातृ शक्ति की रक्षा करने में अक्षम लोग शांत प्रदेश की छवि खराब करने में लगे हैं । जबकि उतराखंड सभी घटनाओं में हुई निष्पक्ष एवं कठोर कार्यवाही से जनता पूरी तरह संतुष्ट है।

मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कानून व्यवस्था पूरी तरह चाक चौबंद है । किसी भी तरह की घटना संज्ञान में आते ही तत्काल निष्पक्ष कठोर कार्यवाही की जा रही है । हमारी सरकार अपराधों के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, विशेष कर महिला अपराधों को लेकर बेहद गंभीर है । आज एक भी उदाहरण ऐसा नहीं है जिसमे त्वरित कठोर कार्यवाही सुनिश्चित नही की गई हो। चाहे आईएसबीटी की घटना हो, चाहे रुद्रपुर की, चाहे रानीखेत या जसपुर की या चाहे कोई अन्य, सभी घटनाओं के आरोपी सलाखों के पीछे अपनी सजा का इंतजार कर रहे हैं । इसी तरह हल्द्वानी के दंगाइयों की बात हो या बनवसा नेपाल सीमा की बात हो सभी प्रकरणों में बिना किसी पक्षपात के कानून सम्मत कार्यवाही की गई है ।
साथ ही कहा कि राज्य की जनता सभी घटनाओं में हुई शासन प्रशासन की कार्यवाही से संतुष्ट है, लिहाजा कानून व्यवस्था को लेकर प्रश्न खड़ा करने का सवाल ही नहीं उठता है ।

उन्होंने आरोप लगाया कि हैरान परेशान मुद्दाविहीन एवं विचारहीन कांग्रेस नित नए नए झूठ एवं प्रपंच के साथ सामने आती है । केंद्र में 10 और राज्य में 8 वर्ष से आधी सत्ता से बाहर रहने के कारण वह येन केन प्रकारेण सरकार को बदनाम करने की कोशिश में जुटी रहती है । जबकि सचाई यह है कि कांग्रेस और उनके सहयोगी सरकारें अपराध और उसमे भी विशेषकर महिला अपराधों के लिए कुख्यात रही हैं । ये अपनी सरकारों में अपनी ही पार्टी के नेताओं के साथ हुए अपराधों में भी न्याय करने में अक्षम रहते हैं, चाहे कर्नाटक में कांग्रेस नेता की बेटी की नृसंस हत्या हो, चाहे छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ हुआ शोषण हो, चाहे असम की युवा प्रभारी के साथ राष्ट्रीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा किया यौन शौषण हो । हिमाचल में एक दलित युवक को मुस्लिम समुदाय ने 8 टुकड़ों में काट दिया, लेकिन एक भी कांग्रेसी की आवाज नही निकली, अयोध्या कन्नौज, कलकत्ता ऐसी अनेकों घटनाओं में इनकी चुप्पी महिला अपराध पर बेनकाब करने वाली है । इनके गठबंधन के बड़े नेता तो बलात्कार को लड़कों की गलती ठहराते थे और राजस्थान के रेप में नंबर आने को इनके मंत्री मर्दानगी की निशानी बताते थे ।

उन्होंने तंज किया कि कांग्रेस नेताओं ने राजनैतिक चश्मा पहना हुआ है, यही वजह है कि उन्हे इन घटनाओं में की गई त्वरित एवं कठोरतम कार्यवाही दिखाई नही देती है । सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए विपक्ष सरकार की संवेदनशीलता और गंभीरता पर झूठे आरोपों का एजेंडा चला रहा हैं।

 

राम और राष्टवाद का विरोध करना कांग्रेस की फितरत: चौहान

आरएसएस की गतिविधियों पर कर्मियों की रोक हटाना सीएम धामी का स्वागतयोग्य कदम

 

कांग्रेस राष्ट्रभक्त और सांस्कृतिक पुनरोत्थान समर्थकों का हमेशा करती है विरोध

 

देहरादून 6 सितंबर। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस राम और राष्ट्रवाद का हमेशा विरोध करती रही है और इसी कारण वह आरएसएस के कार्यक्रमों मे सरकारी कर्मियों की भागीदारी पर सवाल उठा रही है।

 

चौहान ने आरएसएस की गतिविधियों में राज्य सरकार कर्मचारियों पर लगी रोक हटने का स्वागत करते हुए सीएम धामी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह केंद्र एवं राज्य का यह ऐतिहासिक निर्णय देवभूमि के सांस्कृतिक, सामाजिक उत्थान एवं विकास की कोशिश को मजबूती देगा। उन्होंने कांग्रेस की आपत्तियों पर पलटवार किया कि उन्हें संघ के योगदान को राहुल गांधी के पुराने संसदीय क्षेत्र वायनाड के आपदा प्रभावितों से समझना चाहिए,क्योंकि राहुल गाँधी और कांग्रेसी प्रभावितों के बीच से नदारद रहे और संघ के स्वयंसेवकों ने पीड़ितों के बीच शानदार काम किया है।

 

चौहान ने कहा कि 58 साल पहले 1966 में एक असंवैधानिक आदेश जारी किया गया था, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया गया था। पहले मोदी सरकार और अब धामी सरकार ने एक राष्ट्रभक्त संस्था से जुड़ने पर लगी असंवैधानिक रोक को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है । देश की तरह प्रदेश में भी इस निर्णय के बाद उत्साह का माहौल है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गत 99 वर्षों से सतत राष्ट्र के पुनर्निर्माण एवं समाज की सेवा में समर्पित है। राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता-अखंडता एवं प्राकृतिक आपदा के समय संघ के योगदान को लेकर देश के हर नेतृत्व ने प्रशंसा भी की है। लेकिन अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते तत्कालीन इंदिरा सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियों को संघ जैसे रचनात्मक संगठन की गतिविधियों में भाग लेने के लिए निराधार रूप से प्रतिबंधित किया था। जिसमें 1970 और 1980 में तत्कालीन कांग्रेस शासन ने और अधिक कड़ा किया । ऐसे में वर्तमान सरकारों का निर्णय समुचित है और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पुष्ट करने वाला है।

 

उन्होंने कांग्रेस समेत तमाम विपक्ष की आपत्तियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्र और राम विरोधी पार्टियों के समर्थन की उम्मीद बेमानी है । साथ ही उन्होंने राज्य के स्थानीय कांग्रेस नेताओं से पर कटाक्ष किया कि उन्हें विरोध करने से पहले कम से कम उत्तरकाशी, केदारनाथ, मालपा, कोविड आदि तमाम प्राकृतिक आपदाओं एवं देवभूमि के सनातन एवं सांस्कृतिक पुनरुत्थान में संघ के अद्वितीय योगदान का स्मरण करना चाहिए। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने केंद्रीय नेतृत्व से पूछना चाहिए, हाल में उनके पुराने संसदीय क्षेत्र वायानाड की जनता विकट प्राकृतिक आपदा से त्रस्त थी तो वे कहां थे। लेकिन आरएसएस के कार्यकर्ता वहां आपदा से जूझ रहे लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बचाव कार्यों को अंजाम दे रहे थे । संघ आज भी वहां प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर लगातार कार्य कर रहा है। राष्ट्रभक्त और सांस्कृतिक पुनरोत्थान समर्थकों का विरोध करना कांग्रेस की फितरत है। कांग्रेस का ऐसा व्यवहार राष्ट्रवादी जनता माफ नही करेगी।