Monday, February 2, 2026
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कोटद्वार में विकास और प्रकृति संरक्षण का ऐतिहासिक संगम, मुख्यमंत्री ने बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल का किया शुभारंभ

326 करोड़ से अधिक की 61 विकास योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, बर्ड फेस्टिवल से कोटद्वार को मिली नई पहचान…

पौड़ी/31 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार में आयोजित दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल में प्रतिभाग कर विकास और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद के विभिन्न विकासखंडों के लिए 326 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 61 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री कोटद्वार पहुंचने पर सबसे पहले दिव्यांग बालक-बालिकाओं से मिले और उनकी शिक्षा के संबंध में संवाद किया। इसके पश्चात उन्होंने सिद्धबली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। सनेह क्षेत्र में आयोजित बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया द्वारा मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया गया। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज कोटद्वार की छात्राओं द्वारा गढ़वाली लोकभाषा में प्रस्तुत स्वागत गीत तथा हेरिटेज स्कूल के बच्चों की पक्षी एवं प्रकृति संरक्षण पर प्रस्तुति कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा कुल 61 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इनमें 21 योजनाओं का शिलान्यास (अनुमानित लागत 8,172.78 लाख रुपये) तथा 40 योजनाओं का लोकार्पण (लागत 24,439.55 लाख रुपये) शामिल रहा। कुल मिलाकर 32,612.33 लाख रुपये की योजनाओं से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली।

मुख्यमंत्री ने फेस्टिवल परिसर में लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया, जहां पक्षियों की फोटो प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वां दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और इसमें महिलाओं की भूमिका निर्णायक रहेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोटद्वार क्षेत्र में बस टर्मिनल, आयुष चिकित्सालय, खोह नदी को प्रदूषण मुक्त करने हेतु एसटीपी स्थापना, मालन नदी पर 26 करोड़ रुपये से अधिक लागत से पुल निर्माण तथा कोटद्वार–नजीबाबाद फोर लेन परियोजना जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रगति पर हैं।

उन्होंने विकास संबंधी घोषणाएं करते हुए कहा कि हल्दूखाता में नगरीय पेयजल योजना की जीर्ण-शीर्ण पाइपलाइन का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, विज्ञान एवं कंप्यूटर कक्ष तथा चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। जीतपुर गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य, पीएचसी झंडीचौड़ में 108 एम्बुलेंस सेवा तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में चहारदीवारी निर्माण की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक पक्षी प्रजातियां विलुप्ति के कगार पर हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता से समृद्ध राज्य है, जहां लगभग 71 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है और देश में पाई जाने वाली लगभग 1300 पक्षी प्रजातियों में से 400 से अधिक प्रजातियां उत्तराखण्ड में पाई जाती हैं।

विधानसभा अध्यक्षा एवं स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूरी भूषण ने बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल को इको-टूरिज्म और बर्ड-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने इसे राज्य सरकार के वार्षिक कैलेंडर में शामिल कर प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी को ‘बर्ड फेस्टिवल दिवस’ के रूप में मनाने का सुझाव दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि जैव विविधता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह फेस्टिवल आने वाले समय में कोटद्वार को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।

दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल के पहले दिन लगभग 2500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया, जिनमें छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं, बर्ड वॉचर एवं आम नागरिक शामिल रहे। फेस्टिवल के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को अंतिम दिन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. पद्मेश बुड़ाकोटी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बर्ड वॉचर एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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