Sunday, February 8, 2026
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जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सुशासन का सशक्त मॉडल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित सेवा वितरण का एक प्रभावी एवं जन-केंद्रित मॉडल बनकर उभरा है। इस अभिनव पहल के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रही है, जिससे प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास और संवाद की नई परंपरा स्थापित हुई है।

अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों में नियमित रूप से जनसेवा शिविरों (कैंपों) का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को प्रशासनिक सेवाएं, शिकायत निवारण, विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

अभियान की प्रगति एवं उपलब्धियाँ:

अब तक प्रदेश भर में कुल 589 जनसेवा कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें से 08 कैंप 07 फरवरी 2026 को आयोजित किए गए। इन कैंपों में कुल 4,63,956 नागरिकों ने सहभागिता की, जबकि 07 फरवरी को आयोजित कैंपों में 4,237 नागरिकों ने भाग लिया।

अभियान के तहत नागरिकों से प्राप्त शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक कुल 45,601 शिकायत/प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 30,723 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़े सरकार की संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

प्रमाण पत्र एवं योजनाओं का लाभ:

“जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों हेतु भी आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। अब तक कुल 65,528 प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

साथ ही, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से अब तक 2,58,056 नागरिकों को लाभान्वित किया जा चुका है। इससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान इसी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसमें प्रशासन स्वयं जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रदेश में लोक विश्वास को सुदृढ़ करने, भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने और सेवाओं की सरल एवं सुगम पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

सुशासन की ओर सशक्त कदम:

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने यह सिद्ध कर दिया है कि उत्तराखंड सरकार संवाद, सेवा और समाधान के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह अभियान प्रदेश को सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनहितकारी नीतियों की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

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