Wednesday, August 26, 2026
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थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने सुनी समाज की समस्याएं

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर थारू समाज के प्रतिनिधियों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बीएसएफ के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा तथा आईटीबीपी के एवरेस्ट विजेता टीला सेन को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू समाज के साथ उनका जुड़ाव वर्षों पुराना है और खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि यह संवाद केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और थारू समाज के बीच विश्वास एवं विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है। सरकार समाज की समस्याओं और सुझावों के आधार पर योजनाओं को और प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण की रोकथाम के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है और धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने नशे को समाज और परिवार के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नशे के खिलाफ अभियान चला रही हैं। उन्होंने समाज और प्रशासन से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।

जनजातीय समाज के विकास को सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज से होना इस सोच का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है और घर निर्माण की लागत में भी बढ़ोतरी की गई है। उधम सिंह नगर में इस योजना के तहत लगभग तीन करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत उधम सिंह नगर जनपद में पहले चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 आवासों का निर्माण किया गया है।

शिक्षा और छात्रावास सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड करने का कार्य गतिमान है। वहीं, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से भी जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने बताया कि खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय और छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। गदरपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास भी बनाया जा रहा है।

थारू राजकीय इंटर कॉलेज में दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खेल मैदान के सौंदर्यीकरण, ऑडिटोरियम के आधुनिकीकरण और भवन की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू समाज की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से रोजगार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़कर महिलाओं की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जनजातीय समाज की महिलाओं को एक करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और आठ करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से महिलाओं के छोटे-छोटे रोजगार को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

बुनियादी सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाएं पूरी की गई हैं। इसके अलावा हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में थारू विकास भवन का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। जनजातीय परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए उधम सिंह नगर, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में अलग-अलग जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस का दर्जा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय समाज के गौरव को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेकर देश को जनजातीय समाज के साहस, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराया गया।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि थारू समाज का प्रत्येक परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े, प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर बने और प्रत्येक बेटी शिक्षित एवं सशक्त बने। थारू समाज की हर समस्या, सुझाव और अपेक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

प्रतिनिधियों ने जताया आभार

संवाद कार्यक्रम के दौरान थारू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा समाज के सुख-दुख से जुड़े रहे हैं और थारू संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के लिए किए गए कार्य ऐतिहासिक हैं।

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