Thursday, October 15, 2026
Google search engine
Homeउत्तराखंडचमोली: 12 साल से बंद पड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं के विरोध में सिमली...

चमोली: 12 साल से बंद पड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं के विरोध में सिमली से देहरादून कूच, 50 से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने शुरू की पदयात्रा

महिला अस्पताल को पूरी तरह संचालित करने की मांग, मांग पूरी नहीं होने पर 2027 के विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी

चमोली/देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले के सिमली क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों और महिलाओं का आंदोलन तेज हो गया है। सिमली बेस अस्पताल को पूरी तरह संचालित कराने की मांग को लेकर 50 से अधिक गांवों के ग्रामीणों और महिलाओं ने देहरादून की ओर पदयात्रा शुरू कर दी है। सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के नेतृत्व में यह पदयात्रा रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को सिमली से शुरू हुई।

12 साल बाद भी अस्पताल पूरी तरह चालू नहीं

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि करीब 12 साल पहले निर्मित महिला अस्पताल (बेस अस्पताल) को पूरी तरह संचालित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल के पूरी तरह चालू होने से क्षेत्र के लोगों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करने की मजबूरी से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

पदयात्रा में शामिल ग्रामीणों और महिलाओं ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग है और अब वे इसके समाधान के लिए निर्णायक संघर्ष कर रहे हैं।

संघर्ष समिति ने सरकार से की कार्रवाई की मांग

सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के संयोजक देवेंद्र सिंह के अनुसार, अस्पताल को पूरी तरह चालू कराने के लिए लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। इसी वजह से ग्रामीणों को मजबूर होकर देहरादून की ओर पदयात्रा करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों की इस पदयात्रा के जरिए अब सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने और अस्पताल को पूरी तरह संचालित कराने की मांग को निर्णायक स्तर तक ले जाने की कोशिश की जा रही है।
अब देखना होगा कि 50 से अधिक गांवों के ग्रामीणों और महिलाओं की इस पदयात्रा के बाद शासन-प्रशासन उनकी मांग पर क्या कदम उठाता है और 12 साल पुराने अस्पताल को पूरी तरह चालू कराने की दिशा में कब तक ठोस कार्रवाई होती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments