Sunday, October 18, 2026
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उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, 11,495 हुईं कुल सीटें; युवाओं के लिए बढ़े रोजगार के अवसर

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धामी सरकार के कार्यकाल में खुले तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेज, 321 नई सीटों की बढ़ोतरी

देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। जुलाई 2021 के बाद प्रदेश में तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिनसे नर्सिंग पाठ्यक्रमों में 321 अतिरिक्त सीटें बढ़ी हैं। इसके साथ ही राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़कर 879 हो गई है, जबकि निजी नर्सिंग संस्थानों में कुल 10,616 सीटें उपलब्ध हैं। इस तरह प्रदेश के सरकारी और निजी नर्सिंग संस्थानों में कुल सीटों की संख्या 11,495 तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए नर्सिंग शिक्षा के विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है। जुलाई 2021 के बाद स्थापित तीन राजकीय नर्सिंग संस्थानों में बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, एनपीसीसी की 20 और एनपीएम की 30 सीटें बढ़ाई गई हैं। इन संस्थानों में एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, एनपीसीसी और एनपीएम सहित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

विदेशों में भी मिल रहे रोजगार के अवसर

नर्सिंग सहित व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को जापानी, जर्मन और स्पेनिश जैसी भाषाओं में दक्ष बनाया जा रहा है।

राज्य सरकार के अनुसार, वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में रोजगार मिला, जबकि वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार प्राप्त हुआ। इन प्रयासों का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को देश के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।

निजी नर्सिंग संस्थानों में 10 हजार से अधिक सीटें

प्रदेश में जुलाई 2021 के बाद 76 निजी नर्सिंग संस्थानों को विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए। इन संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 5,138 सीटों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही निजी नर्सिंग संस्थानों में सभी पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 10,616 हो गई है।

उत्तराखंड के निजी नर्सिंग संस्थानों में प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी प्रवेश ले रहे हैं। इससे प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा का दायरा बढ़ रहा है और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।

फैकल्टी की नियुक्ति और शैक्षिक गुणवत्ता पर जोर

चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर नर्सिंग संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और नए पदों के सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

दिसंबर 2021 में 40 नर्सिंग ट्यूटरों की नियुक्ति की गई। इसके बाद जून 2025 तक 26 और ट्यूटर नियुक्त किए गए, जिससे नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की संख्या बढ़कर 66 हो गई। इसी प्रकार अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर और एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित कुल नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई।

इसके अतिरिक्त ट्यूटर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर और उप प्रधानाचार्य के पदों का सृजन किया गया। नवंबर 2025 में सात संकाय सदस्यों की नियुक्ति भी की गई।

जल्द होगी 16 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति

नर्सिंग शिक्षा में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की ओर से 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की अंतिम परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इसके अलावा सितंबर 2026 में 30 नर्सिंग ट्यूटरों की भर्ती के लिए अधियाचन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया है।

नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए बढ़ रहा रुझान

प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के प्रति युवाओं की रुचि भी बढ़ रही है। हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में हर वर्ष लगभग 12,000 से 15,000 अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। यह आंकड़ा नर्सिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं की संख्या को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, राजकीय संस्थानों में शैक्षिक सुविधाओं को मजबूत करना और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार से जोड़ना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के बल पर आगे बढ़ें तथा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

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