Sunday, November 1, 2026
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रामनगर की पुछड़ी बस्ती में चला बुलडोजर, 86 घर जमींदोज… उजड़ गए आशियाने, बेघर परिवारों के सामने खड़ा हुआ जिंदगी का सवाल

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रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में कोसी नदी के किनारे बसी पुछड़ी बस्ती में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई ने कई परिवारों के सामने नया संकट खड़ा कर दिया है। वर्षों से अपने घरों में रह रहे परिवारों के आशियाने बुलडोजर की कार्रवाई में जमींदोज हो गए। किसी के सिर से छत छिन गई तो किसी के सामने अपने परिवार को लेकर भविष्य की चिंता खड़ी हो गई।

धामी सरकार के निर्देश पर प्रशासन और वन विभाग की टीम ने पुछड़ी बस्ती में 14 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान 86 पक्के मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। हालांकि, जिन 9 मकानों से जुड़े मामले न्यायालय में लंबित हैं, उन्हें फिलहाल कार्रवाई से बाहर रखा गया।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान

कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। पूरे अभियान को सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंजाम दिया गया। वन विभाग और प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में हलचल रही।

भू-माफिया पर जमीन बेचने का आरोप

प्रशासन के अनुसार, आरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्जे और जमीन की खरीद-फरोख्त के पीछे भू-माफिया की भूमिका रही है। आरोप है कि ताहिर मुल्ला सहित कुछ लोगों ने उत्तर प्रदेश और अन्य स्थानों से आए लोगों को वन भूमि पर अवैध रूप से जमीन बेची और वहां अतिक्रमण कराया।

एक तरफ वन भूमि की सुरक्षा, दूसरी तरफ उजड़ते आशियानों का दर्द

वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना कानून और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से प्रशासन की जिम्मेदारी है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने, सामान रखने और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

जिन घरों में कभी परिवारों की हंसी गूंजती थी, जहां बच्चों का बचपन बीत रहा था और लोगों ने अपनी जिंदगी की छोटी-बड़ी यादें संजो रखी थीं, वहां अब मलबा दिखाई दे रहा है।

यह कार्रवाई सिर्फ अतिक्रमण हटाने का मामला नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए भी एक कठिन मोड़ है, जिनके सामने अब दोबारा अपने जीवन को व्यवस्थित करने की चुनौती है। कानून का पालन जरूरी है, लेकिन प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मानवीय सहायता और बच्चों की पढ़ाई जैसे सवालों पर भी संवेदनशीलता के साथ ध्यान देना जरूरी है।

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