Wednesday, March 4, 2026
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सीएम के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने शुरू की बुनियादी शिक्षा को डिजिटल बनाने की नवीन अभिनव पहल

*अब सरकारी स्कूल के बच्चे भी प्रेक्टिकली सीखेंगे, विज्ञान अंग्रेजी व तकनीकि शिक्षा

*इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमीफिकेशन से ऑनलाइन पढ़ाए और सिखाए जाएंगे कठिन विषय

*जिला प्रशासन, आईआईटी मद्रास संचालित ट्रस्ट के साथ साइन किया एमओयू

*प्रथम चरण में 01 अप्रैल से 20 स्कूलों में शुरू होगी ऑनलाइन टीचिंग

*डीएम ने स्कूलों को उपलब्ध कराए ऑनलाइन टीचिंग हेतु जरूरी उपकरण

 

*30 मई तक सभी स्कूलों में होगा, एलईडी स्क्रीन, इन्टरनेट वाई-फाई*

 

आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन द्वारा ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत वर्चुअल रियलिटी (वीआर) के उपयोग से देहरादून जिले में बेसिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई को जिला प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है। बेसिक स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए शनिवार को जिला प्रशासन ने आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, ओपन मेंटर ट्रस्ट और तारा जोशी फाउंडेशन के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया। इसके तहत कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों को स्कूल में गठित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।

 

जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को बेसिक स्कूलों में ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन हेतु जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन विद्यालयों में टीवी दे दिए गए है, उन सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से नेटवर्क की सुविधा दी जाए। ऐसे विद्यालय जहां पर ऑनलाइन पढ़ाई के लिए टीवी, इंटरनेट और अन्य उपकरणों की जरूरत है, प्रोजेक्ट उत्कर्ष में इसका प्रस्ताव उपलब्ध करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए पर्याप्त धनराशि दी जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं से स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर होने के साथ बच्चों को इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमीफिकेशन से कठिन विषयों को सीखने समझने में सरलता होगी। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत संचालित शैक्षणिक कार्याे की नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

 

ओपन मंेंटर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी पी0 नागराजन और विद्या शक्ति के ग्लोवल कनवेनर डा. एस सुब्रमण्यम ने बताया कि उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिले में आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन द्वारा तारा जोशी फाउंडेशन के साथ मिलकर स्थानीय हिन्दी भाषा में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों को गणित, साइंस और अंग्रेजी विषय इंटरैक्टिव सिमुलेशन (वर्चुअल लैब) और गेमीफिकेशन (खेल-खेल में) के माध्यम से सरल तरीके से पढ़ाए और सिखाए जाएंगे। कहा कि बच्चे जो विजुअल देखते है, तो उसको सिमुलेशन के माध्यम से आसानी से समझ सकते है। ऑनलाइन लाइव कक्षाओं में टू-वे कम्यूनिकेशन की सुविधा है, जिससे बच्चे अपने शंकाओं का समाधान मौके पर कर सकेंगे। प्रत्येक सप्ताह के अंत में बहुविकल्पी प्रश्नों पर आधारित टेस्ट भी लिया जाएगा। इससे बच्चों की प्रोग्रेस को एनालिसिस किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमीफिकेशन को लेकर बेसिक शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।

 

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, ओपन मंेंटर ट्रस्ट के नागराजन पी0, विद्या शक्ति के ग्लोबल कनवेनर डा. एस सुब्रमण्यम, तारा जोशी फाउंडेशन से किरन जोशी आदि मौजूद थे।

धामी सरकार की दिशा में चारधाम यात्रा 2025 के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार, श्रद्धालुओं को मिलेगा बेहतरीन इलाज

 

*154 एम्बुलेंस तैनात, हेलीकॉप्टर और बोट एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध, ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल के माध्यम से स्वास्थ्य निगरानी*

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार चारधाम यात्रा 2025 के दौरान तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में विभाग ने यात्रा को और अधिक सुगम, सुरक्षित और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के मद्देनजर व्यापक तैयारियां की हैं। इस बार चारधाम और यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व विस्तार किया जा रहा है।

केदारनाथ और बद्रीनाथ में नए अस्पतालों की शुरुआत
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि इस बार केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में दो नए अस्पताल खोले जा रहे हैं। केदारनाथ में 17 बेड और बद्रीनाथ में 45 बेड के अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जो तीर्थयात्रियों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर 25 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके।

नई स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
इस साल यात्रा मार्ग में 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) और 31 स्वास्थ्य जांच केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो तीर्थयात्रियों की उच्च ऊंचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच करेंगे। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी जैसे ट्रांजिट जिलों में 37 स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ किया गया है और नई स्क्रीनिंग इकाइयों की स्थापना की योजना बनाई गई है।

154 एम्बुलेंस तैनात, हेलीकॉप्टर और बोट एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्ग पर 154 एम्बुलेंस तैनात करने का निर्णय लिया है, जिनमें 17 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस शामिल हैं। इसके अलावा, एम्स ऋषिकेश द्वारा संचालित हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस और टिहरी झील में बोट एम्बुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी, ताकि आपातकालीन स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके।

सुरक्षा को लेकर नई रणनीतियाँ
पिछले साल 34,000 से अधिक मेडिकल आपातकालीन मामले सामने आए थे, जिसमें 1,011 मरीजों को एम्बुलेंस द्वारा और 90 मरीजों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया था। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि इस साल स्वास्थ्य मित्रों (फर्स्ट मेडिकल रिस्पॉन्डर) की संख्या बढ़ाई जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल के माध्यम से स्वास्थ्य निगरानी
स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत किया जा रहा है। इस वर्ष ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल को अपग्रेड किया जाएगा, जिसमें एक ैव्ै बटन जोड़ा जाएगा, ताकि तीर्थयात्री आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, प्वाइंट ऑफ केयर टेस्टिंग डिवाइस के माध्यम से तीर्थयात्रियों की 28 महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मापदंडों की तुरंत जांच की जाएगी।

धामी सरकार की प्रतिबद्धता
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष लाखों श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी। उच्च ऊंचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण महज कुछ श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबधी दिक्कते हुईं। इस बार स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार किया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार से धनराशि स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहन के रूप में मंजूर की गई है और गुप्तकाशी में 50 बेड के अस्पताल के लिए बजट स्वीकृत किया गया है।

आगे की योजना और यात्रियों की सुरक्षा
इस बार तीर्थयात्रियों के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य घोषणा को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि यात्रा से पहले ही हाई-रिस्क तीर्थयात्रियों की पहचान की जा सके। इसके अलावा, आपातकालीन कॉल सेंटर को और मजबूत किया जाएगा और यात्रा मार्ग पर होटल, धर्मशाला, खच्चर चालकों और अन्य स्थानीय सेवाओं से जुड़े लोगों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नेतृत्व में राज्य सरकार का यह प्रयास है कि चारधाम यात्रा 2025 को श्रद्धालुओं के लिए न केवल आध्यात्मिक बल्कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी सुरक्षित और सुकूनदायक बनाया जाए।

खोज खोज कर निकाले अनाथ,निर्धन असहाय बालिकाओं को हमारे अधिकारीः डीएम

 

मा0 सीएम की प्ररेणा से प्रोजेक्ट ‘‘नंदा सुनंदा’’ से सशक्त बनती बेटियां, आज फिर 3 बेटियां बनी ‘‘नंदा-सुनंदा’’

 

प्रत्येक पात्र बालिका को प्रोजेक्ट ‘‘नंदा -सुनंदा’’ से करना ही है प्रोटेक्टः डीएम

 

पेशेवर बोझ नही, ये प्राजेक्ट नैतिक जिम्मेदारी एवं पुण्य का है जरिया।

 

2 निर्धन कन्या बहनों की स्कूली शिक्षा, 1 किशोरी की बीएससी आईटी की शिक्षा को करवाया पुनर्जीवित

 

किसी के जीवन में स्थायी सुधार लाना पूनित कार्य, इनसे मिलने वाली आत्मीय शांति अद्वैत:डीएम

 

बाल विकास, समाज कल्याण, महिला कल्याण विभाग की भूमिका अहम असहाय लोगों तक पहुंचाये जानकारी,

 

देहरादून दिनांक 17 मार्च 2025, (सू.वि), मा0 सीएम की प्ररेणा से जिलाधिकारी सविन बसंल के प्रोजेक्ट ‘‘नंदा सुनंदा’’ से जिले की बेटियां संशक्त बन रही हैं, इसी क्रम में आज जिलाधिकारी सविन बसंल ने कलेेक्ट्रेट परिसर में प्राजेक्ट ‘‘ नंदा-सुनंदा’’ के 3 लाभार्थी बालिकाओं को धनराशि चैक वितरण किए। 03 बालिकाओं को संयुक्त रूप से रू0 98815 की धनराशि का चैक वितरण किया। प्राजेक्ट नंदा-सुनंदा से अभी तक 13 बालिकाओं को किया गया है लाभान्वित अब तक बालिकाओं की शिक्षा हेतु धनराशि रू0 441501/- के चैक वितरित। पूर्व जिन बालिकाओं को आर्थिक सहायता दी गई उन सभी की शिक्षा प्रारम्भ हो गई है।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिले की प्रत्येक असहाय पात्र बालिका का चयन कर उसे प्राजेक्ट नंदा-सुनंदा से लाभान्वित करना है इस कार्य में बाल विकास, समाज कल्याण, महिला कल्याण विभाग की भूमिका अहम है। उन्होंने अधिकारियों का पात्र बेटियों के चिन्हिकरण के लिए आभार व्यक्त किया साथ ही कहा कि प्रत्येक असहाय आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक इस अयोजना की जानकारी भी पंहुचानी है ताकि कोई भी जरूरतमंद बालिका इस योजना से वंचित न रहे।

जिलाधिकारी ने आज की लाभार्थी डालनवाला निवासी बालिका बीएससी फोर्थ सेमेस्टर में अध्ययनरत् है को सहायता राशि प्रदान की तथा बालिका की मास्टर डिग्री की पढाई के लिए जिला प्रशासन प्राजेक्ट नंदा-सुनंदा से मदद जारी रखेगा। जिलाधिकारी ने बेटियों एवं उनके परिजनों से कहा कि आप पढाई जारी रखें, खर्चा जिला प्रशासन वहन करेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि गरीब, अनाथ, असहाय और विषम परिस्थितियों रह कर पढ़ने और आगे बढ़ने की इच्छा और सोच रखने वाली बेटियां ही हमारे वास्तविक जीवन की नंदा और सुनंदा देवी है। कठिन परिस्थितियों में रहकर भी ये बेटियां खुद और अपने परिवार को सशक्त बनाना चाहती है। जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री का भी यही संकल्प है कि समाज के ऐसे कमजोर वर्गाे को सशक्त और सुदृढ़ बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाए। कहा कि नंदा सुनंदा योजना में कमजोर वर्ग की बालिकाओं के चयन के लिए जिला स्तर पर समिति गठन के साथ एसओपी तैयार की गई है। बालिकाओं का चयन जनता दरबार एवं बहुद्देशीय शिविरों में जनपद में विभिन्न सरकारी कार्यालयों के माध्यम ये प्राप्त प्रार्थना पत्र, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी के अधीन बालिका गृहों में निवासरत बालिकायें, जनपद की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ती के माध्यम से सर्वे के आधार पर किया जा रहा है और असहाय बालिकाओं की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनको समाज की मुख्यधारा जोडा जा रहा है।

 

जनपद में प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ के तहत आज जिलाधिकारी सविन बंसल एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने 03 बालिकाओं को संयुक्त रूप से रू0 98815 की धनराशि का चैक वितरण किया। जिसमें कु0 प्रार्ची मौर्य बीएससी फोर्थ सेमेस्टर 72740, कुमारी अराध्या कक्षा 3 रू0 14600, कु0पूर्वी विरमानी कक्षा 01, रू0 11475 शामिल है। इन बालिकाओं का चयन उनकी विषम परिस्थितियों और गरीबी को देखते हुए किया गया। आर्थिक सहायता धनराशि विद्यालय के खाते में डाली गई।

आर्थिक तंगी और पारिवारिक त्रासदी के कारण जिन बालिकाओं को अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़नी पड़ रही है उन बालिकाओं के लिए जिलाधिकारी की यह अभिवन पहल नंदा सुनंदा वरदान साबित हो रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में फंड की कमी नही होने दी जाएगी। जो भी बालिकाएं आर्थिकी तंगी से जुझ रही है वही हमारे जीवन की असली नंदा सुंनदा है। ऐसी बेटियों की पढ़ाई एवं सहायता के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

नैनीताल जिले के जिलाधिकारी रहते हुए संविन बंसल ने नंदा-सुनंदा योजना की शुरुआत की। नैनीताल में उन्होंने 60 बालिकाओं को शैक्षणिक विकास में समृद्ध, सशक्त, सुदृढ़ बनाकर भविष्य को संवारने का काम किया। देहरादून जनपद में भी योजनाओं की शुरुआत कर जिलाधिकारी सविन बंसल जरूरतमंदों बेटियों का भविष्य की उम्मीद जगाने का काम में जुटे है। अभी तक 11 असहाय बालिकाओं की पढ़़ाई को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर चुके है और गरीब अनाथ, असहाय बालिकाओं स्नातक, स्नात्तकोत्तर एवं कौशल शिक्षा की जिम्मेदारी उठाते बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, डीपीओ (आईसीडीएस) जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी और बालिकाओं के परिजन मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले का किया शुभारंभ

*मेले को वर्ष भर चलाने के लिए संकल्पित है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री*

*जनपद चंपावत संस्कृति,आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का है संगम*

*नीतियों और निर्णयों के माध्यम से पर्यटन व रोजगार को बढ़ाने हेतु किए जा रहे ठोस कार्य: मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ठूलीगाड़, टनकपुर (चम्पावत) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तर भारत के प्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि मेला – 2025 का शुभारंभ किया। उन्होंने मां पूर्णागिरी को नमन करते हुए प्रदेश में समृद्धि, तरक्की और शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान संपूर्ण पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में भीड़ व आपदा प्रबंधन की दृष्टि से स्मार्ट कंट्रोल रूम व सीसीटीवी निगरानी तंत्र ठुलीगाड़ में स्थापित किए जाने। पूर्णागिरि मेले हेतु सेलागाढ़ में बहुउद्देशीय प्रशासनिक भवन बनाए जाने (जिसमें मेला मजिस्ट्रेट, मेला अधिकारी व पुलिस के साथ ही चिकित्सकों को एक साथ एक स्थान पर कार्य करने की सुविधा मिलेगी)। पूर्णागिरि क्षेत्र में लादीगाड़ में पूर्णागिरि पंपिंग पेयजल योजना बनाई जाने एवं पूर्णागिरि क्षेत्र में ठुलीगाड़, बाबलीगाड़ पंपिंग परियोजना बनाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा इन घोषणाओं के माध्यम में इस क्षेत्र में विकास की यात्रा को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की भूमि को देवी- देवताओं का भूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश के कण-कण में दिव्यता समाई हुई है। उन्होंने कहा माँ पूर्णागिरि धाम, उत्तराखंड का प्रमुख आध्यात्मिक स्थल है। उन्होंने कहा वो हमेशा अन्य लोगों को भी धार्मिक यात्रा के लिए माँ पूर्णागिरि आने हेतु आग्रह करते हैं। कुंभ और कांवड़ यात्रा के बाद सबसे अधिक श्रद्धालु माँ पूर्णागिरि के धाम पर आते हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार मेले को वर्षभर संचालित करने के लिए संकल्पित है। जिसके लिए पूर्णागिरि धाम में स्थायी बुनियादी ढांचों का विकास किया जा रहा है। आगामी वर्षों में यह स्थान और भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप लेगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से चम्पावत के अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करने का आग्रह करते हुए कहा कि हमने भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने के साथ यात्रा का आध्यात्मिक अनुभव भी लेना चाहिए। राज्य सरकार माँ पूर्णागिरि धाम के विकास के लिए सतत प्रयासरत है और आने वाले समय में इसे एक विशाल आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगी। चम्पावत में 11 से बढ़ाकर 13 मल्टी-लेवल पार्किंग को स्वीकृति दी गई है, जिससे यातायात प्रबंधन सुगम होगा।टनकपुर में 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आईएसबीटी को विकसित किया जा रहा है।मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊँ के प्रमुख मंदिरों का सौंदर्यीकरण और उनके रास्तों का चौड़ीकरण कराया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा में अधिक सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विशेष कार्य किए जा रहे हैं। माँ पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा पूर्णागिरि धाम के आसपास स्थित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार इस सर्किट को सफल बनाने के लिए जिले में बेहतर सड़क संपर्क, संचार व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इस पहल का उद्देश्य माँ पूर्णागिरि धाम की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना एवं चम्पावत जिले में पर्यटन को नया आयाम देना है। जिसके निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सालभर आकर्षित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सर्किट उत्तराखंड को धार्मिक एवं पर्यटन के नए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। सरकार इसके लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और शीघ्र ही इस पर अमल शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा चंपावत को प्रत्येक क्षेत्र में विकसित व अग्रणी जिला बनाने का कार्य किया जा रहा है। कनेक्टिविटी तथा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कार्य किया जा रहे हैं। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कैंपस का संचालन चंपावत में शुरू हो गया है। जिले के सभी विद्यालयों व महाविद्यालय का जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत में 55 करोड़ की धनराशि से साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। जिससे सभी विद्यार्थियों को ज्ञान, विज्ञान व तकनीकी और नवाचार हेतु प्रेरणा मिलेगी। चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कार्य प्रगति पर है। 16 करोड़ की लागत से पॉलिटेक्निक कॉलेज का नया भवन बनकर तैयार हो गया है।जिला चिकित्सालय में 20 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक तथा टनकपुर में 15 करोड़ की लागत से 50 बेड वाले आयुष अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। 28 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान के भवन निर्माण कार्य पूरा हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार चंपावत में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ ही अपनी नीतियों और निर्णय के माध्यम से पर्यटन को प्रोत्साहित करने व रोजगार के अवसरों को बढ़ाने हेतु ठोस कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आने वाले 25 सालों बाद मां पूर्णागिरि धाम में आज की अपेक्षा कई गुना ज्यादा श्रद्धालु पहुंचेंगे। उस समय को ध्यान में रखते हुए सभी से इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प रखा है। टनकपुर में राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताओं से राफ्टिंग को निश्चित तौर पर पंख लगेंगे। बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग यहां राफ्टिंग के लिए आएंगे। उन्होंने कहा श्यामलाताल झील के विकास के लिए 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मेला समिति को आश्वास्थ करते हुए कहा कि यह मेला हमारी प्राथमिकता में है। मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालुओं को आतिथ्य प्रदान करना ,अच्छी सुविधा व स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो यह हमारा कर्तव्य है। ताकि प्रत्येक वर्ष मेले में आने वाले श्रद्धालु अपना अच्छा अनुभव लेकर जाएं और मेले के अच्छे अनुभव लोगों को साझा कर अन्य लोगों को भी मेले में आने के लिए प्रेरित करें।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्री गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर श्री दीपक रजवार, पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री किशन तिवारी, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेखा देवी, प्र० जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने रखा जनभावनाओं का ध्यान: चौहान

कांग्रेस भी प्रस्तुत करे शिष्टाचार के मापदंड, गालीबाज विधायकों से ले इस्तीफा

 

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने अपने वक्तव्य पर माफी मांगने के अलावा इस्तीफा देकर शिष्टाचार का आदर्श प्रस्तुत कर जन भावनाओं का सम्मान किया, लेकिन सवाल कांग्रेस के सामने नैतिकता का है कि कांग्रेस के जिन विधायकों ने विधान सभा में गाली गलौज की उन्होंने न तो खेद व्यक्त किया और न ही इस्तीफ़ा दिया कांग्रेस के विधायक कब माफ़ी माँगेंगे?

 

चौहान ने कहा हैं कि संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने जनभावनाओं का ध्यान रखा। पहले खेद व्यक्त किया फिर माफ़ी भी माँगी और इस्तीफ़ा भी दिया। विधान सभा परिसर के अंदर असंसदीय भाषा का प्रयोग कांग्रेस के विधायको ने भी किया था। क्या कांग्रेस के नेताओं में इतनी नैतिकता बची है की जो उनके विधायकों ने अनुचित एवं मर्यादा रहित शब्द बोले थे को लेकर अपने विधायकों का स्पष्टीकरण लें।

 

चौहान ने कहा कि मंत्री ने उनके भाषण के अंश को तोड़ मरोड़ने के बाद भी विनम्रता से खेद व्यक्त किया और माफी मांगी। लेकिन जनता की अदालत मे अक्सर मुँह की खाने वाली कांग्रेस बेवजह के मुद्दों की तलाश मे रहती है। कांग्रेस को नैतिकता के आधार पर उन विधायकों से भी शिष्टाचार और विभाजनकारी मंशा के खिलाफ स्पष्टीकरण तथा उनका इस्तीफा लेना चाहिए।

 

 

मा0 मुख्यमंत्री के निर्देश एवं स्थानिकों के सुझावों को समावेशित कर तैयार होगा हनोल टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान

हनोल मास्टर प्लान पर स्थानिकों, पुरोहितों के साथ मन्दिर परिसर में ही किया जाएगा विमर्श,

स्थानिकों के हितों को किया जाएगा समावेशित

डीएम 19 मार्च हनोल रात्रि प्रवास पर रहेंगे, करेंगे मास्टर प्लान चैंज, सुनेगे स्थानिको की सुझाव।

जिलाधिकारी सविन बसंल 19 मार्च को हनोल रात्रि प्रवास पर रहेंगे, इस दौरान हनोल मंदिर परिसर में स्थानिकों, पुरोहितों के साथ मन्दिर के मास्टर प्लान, विस्तारीकरण के सम्बन्ध में स्थानिकों के हित एवं सुझाव आदि समुचित विषय पर विमर्श किया जाएगा।

जौनसार बावर क्षेत्र के हनोल में महासू देवता के धाम को सुनियोजित तरीके से विकसित करने के लिए आईएनआई डिजाइन कंपनी के माध्यम से टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान तैयार किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने आईएनआई डिजाइन कंसलटेंट और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि हनोल क्षेत्र में हर दिन बढ़ रही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सम्पूर्ण टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान तैयार किया जाए। ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अच्छी सुविधा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिक अवसर मिल सके।

जिलाधिकारी ने आईएनआई डिजाइन कंस्लटेंट को निर्देशित किया कि हनोल के लिए प्रस्तावित टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान में सीवरेज और वाटर सप्लाई को भी शामिल किया जाए और फ्लोटिंग पॉपुलेशन (अस्थायी आबादी) का विस्तृत सर्वेक्षण करते हुए हनोल क्षेत्र के सुनियोजित विकास हेतु टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान बनाकर फिर से प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने कहा कि हनोल तक आने जाने वाले सभी सहायक सड़क मार्गाे का चौडीकरण और विस्तारीकरण को भी योजना में जोड़ा जाए। टोंस नदी किनारे घाट तक एप्रोच रोड़ रखी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि महासू देवता धाम में निर्मित होने वाली दुकानों में से 50 प्रतिशत दुकानें स्थानीय उत्पादों के विक्रय हेतु स्वयं सहायता समूहों को आवंटित की जाएंगीl

मा0 सीएम की प्ररेणा से प्रथमबार जिला प्रशासन जल्द देने जा रहा है प्रत्येक वन पंचायत को 15 -15 हजार की सौगात

प्रशासन 19 मार्च को लगाएगा चिरिमिरी टॉप चकराता में नव गठित वन पंचायतों का महाधिवेशन।

 

डीएम 19 मार्च हनोल रात्रि प्रवास पर रहेंगे, करेंगे मास्टर प्लान चैंज, सुनेगे स्थानिको की सुझाव।

 

मा0 सीएम के संकल्प से दूरदराज, सुदूरवर्ती क्षेत्र त्यूनी में 20 मार्च को बहुउद्देशीय शिविर की अध्यक्ष्ता करेंगे डीएम

 

प्रशासन की गंभीरता को मौके पर ही परखें जनमानसः डीएम

होगा बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, अस्पतालों पर जन निवेश का सोशल ऑडिट

 

जनमानस की समस्याओं का मौके पर ही होगा निस्तारण,

 

19 एवं 20 मार्च को डीएम संग सभी अधिकारी त्यूनी चकराता करेंगे प्रवास

 

हनोल मास्टर पर स्थानिकों, पुरोहितों के साथ मन्दिर परिसर में ही किया जाएगा विमर्श, स्थानिकों के हितों को किया जाएगा समावेशित

 

किसी भी जिले से प्रथमबार दी जाएगी वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम हेतु पर्याप्त धनराशि

 

एक ही छत के नीचे होंगे सभी विभाग मौके पर ही पूर्ण की जाएंगी, योजनाओं के आवेदन की सभी ओपचारिकताएं

 

स्वास्थ्य जांच से लेकर आयुष्मान कार्ड तक, आधार कार्ड से लेकर दिव्यांग प्रमाण पत्र तक, पैंशन से लेकर, स्थायी निवास, किसान क्रेडिट कार्ड से लेकर श्रमिक पंजीकरण कार्ड और रोजगारपरक प्रशिक्षण तक सब एक ही स्थान पर।

 

अंतिम व्यक्ति को सरकार की योजनाओं से लाभान्वित करना ही सरकार का परम लक्ष्यः जिलाधिकारी

 

देहरादून दिनांक 12 मार्च 2025 (सू.वि), मा0 सीएम की प्ररेणा से जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ‘‘जनपद देहरादून के ग्रामीण क्षेत्र एवं सुदूरवर्ती गांवों को प्राथमिकता के आधार पर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के उद्देश्य से त्यूनी में 20 मार्च को बहुउद्देशीय शिविर’’ का आयोजन किया जा रहा है। 19 मार्च को चिमनी टॉप चकरता में वन पंचायतों के कान्क्लेव में प्रतिभाग करेंगे।

डीएम सभी अधिकारियों के साथ क्षेत्रवासियों की समस्या के निस्तारण हेतु वृह्द्धस्तर पर बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया जाएगा।

चिमनीटॉप में नव गठित वन पंचायतों के कान्क्लेव, हनोल मंदिर परिसर में स्थानिकों, पुरोहितों के साथ मन्दिर के मास्टर प्लान, विस्तारीकरण के सम्बन्ध में स्थानिकों के हित एवं सुझाव आदि समुचित विषय पर विमर्श किया जाएगा।

इसी दौरान डीएम कोटी कनासर में 200 नव निर्मित वन पंचायत के कान्क्लेव में शामिल होंगे वन पंचायतों को जिला प्रशासन स्तर से प्रथमबार आपदा मद से धनराशि प्रदान की जा रही है। इससे वन पंचायतों के सुदृढीकरण से जहां वनाग्नि को राकने में मदद मिलेगी वहीं फायर वाचर की क्षमता भी बढेगी। यह पहला अवसर है जब कोई डीएम दुर्गम क्षेत्र में 03 दिन प्रवास कर क्षेत्र वासियों की समस्या सुनगें। इस दौरान वृहद्धस्तर पर बहुउ्देशीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जहां पेंशन, स्वास्थ्य जांच विभिन्न प्रमाण पत्र आदि कार्य मौके पर ही निस्तारित किए जाएगें।

जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बहुउद्देशीय शिविर में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करते हुए जनमानस को मौके पर ही सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं के आवेदन फार्म एवं योजनाओं के पूर्ण विवरण के साथ पहुंचे विभाग, इस कार्य में किसी भी प्रकार के लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

शासन की प्राथमिकता के अनुरूप सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने एवं जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण किए जाने के उद्देश्य से बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है जहां एक ही छत के नीचे सभी विभाग मौके पर ही पूर्ण करेंगे योजनाओं के आवेदन की सभी ओपचारिकताएं, स्वास्थ्य जांच से लेकर आयुष्मान कार्ड तक, पैंशन से लेकर, प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, और रोजगारपरक प्रशिक्षण तक सब एक ही स्थान पर।

 

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में गंगा आरती कर पूजा अर्चना की

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में गंगा आरती कर पूजा अर्चना की। उन्होंने मां गंगा से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।मुख्यमंत्री ने इस दौरान परमार्थ निकेतन द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2025 का शुभारंभ भी किया। उन्होंने 50 से अधिक देशों व भारत के अनेकों राज्यों से आए योग प्रेमियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आये योगी प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्यारम्भ के लिए देवभूमि से बढ़कर पवित्र कोई स्थान नही हो सकता। उन्होंने नरेंद्र नगर में आयोजित जी-20 समिट का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान दुनिया के विभिन्न देशों से आए मेहमान देवभूमि के अध्यात्म और योग का अनुभव साथ लेकर गए हैं। योग नगरी ऋषिकेश ने भारत ही नहीं अपितु दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है, यही कारण है कि ऋषिकेश दुनियाभर के योग और शांति प्रेमी लोगो की पहली पसंदीदा जगह बन गया है।

मुख्यमंत्री ने हर्षिल में प्रधानमंत्री जी के भ्रमण के जिक्र करते हुए कहा कि अब उत्तराखंड राज्य में शीत काल में भी पर्यटक आएंगे। प्रधानमंत्री जी ने पूरे देश के लोगों से शीतकाल के समय में उत्तराखंड आने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री जी ने उत्तराखंड में घाम तापो पर्यटन को भी बढ़ावा देने की बात है। मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के पर्यटकों को आगामी कुंभ व नंदा राजजात यात्रा के लिए भी आमंत्रित किया।

इस अवसर पर परमार्थ के स्वामी चिदानंद मुनि महाराज, जिलाधिकारी आशीष चौहान, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, साध्वी भगवती सरस्वती सही देश-विदेश से आए पर्यटक उपस्थित थे।

घाम तापों योजना” से बनेगी राज्य में हेल्थ टूरिज्म की असीम संभावनायें: भट्ट

कांग्रेस के लिए आगामी चुनाव मे जारी रखेगी जनता मुफ्त घाम तापने की सब्सिडी

देहरादून 7 मार्च। प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने पीएम मोदी के दौरे को देवभूमि में अपूर्व ऊर्जा और नवीन उम्मीदों का सृजन करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि तमाम सौगातों से अलग उनकी घाम तापों योजना राज्य में हेल्थ टूरिज्म की असीम संभावनाओं को आकार देगी। उन्होंने कांग्रेसी टिप्पणियां पर पलटवार किया कि उनके लिए जनता, मुफ्त घाम तापने की अपनी सब्सिडी आने वाले चुनावों में भी जारी रखने वाली है।

 

प्रधानमंत्री के सफल उत्तरकाशी प्रवास से लौटे श्री भट्ट ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मोदी जी ब्रांड एंबेसडर के साथ देवभूमि के लिए अभिभावक की भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि वे राज्य को विकास की सौगात भी देते है, उसकी पहचान को प्रचारित करने का प्रयास भी करते हैं तथा प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन भी देते हैं। विकास और विरासत के मंत्र और उत्तराखंड का दशक लाने के लक्ष्य के बाद उन्होंने घाम तापों योजना का जो नवीन और क्रांतिकारी विजन हमे दिया है। वह उत्तराखंड में टूरिज्म की संभावनाओं को शीर्ष पर लेकर जाने वाला है।

 

भट्ट ने कहा कि यूं तो देवभूमि के पवित्र धाम, मंदिर और संस्कृति श्रद्धालुओं की पहली पसन्द तो हैं, उस पर यहां की नैसर्गिक खूबसूरती ने भी दुनिया को अपना मुरीद बनाया है। इस सबकी ब्रांडिंग दुनिया के सबसे लोकप्रिय व्यक्ति द्वारा करने से राज्य का पर्यटन व्यवसाय अपने स्वर्णिम दौर की तरफ जा रहा है। उसपर उनका घाम तापों का यह विचार पर्यटन क्षेत्र में सोने पर सुहागे वाला काम करने वाला है। ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा घाम तापों योजना का नया विजन प्रस्तुत कर, एक नए क्षेत्र में टूरिज्म की संभावनाओं को जन्म दिया है। चूंकि उत्तराखंड में शानदार मौसम, स्वच्छ पर्यावरण, आयुर्वेदिक संस्थानों की उपलब्धता एवं योग के अनुकूल वातावरण है। जिसके दृष्टिगत विगत कुछ वर्षों से उत्तराखंड सरकार राज्य में हेल्थ टूरिज्म को लेकर गंभीर प्रयास कर रही है। अब ऐसे में उनका सर्दियों के मौसम में पहाड़ की खिली धूप और स्वच्छ मौसम को घूमने फिरने से जोड़ना, एक नए तरह की सोच है। क्योंकि निसंदेह मैदानी क्षेत्रों में विशेषकर राज्य से बाहर, इस दौरान कोहरे और प्रदूषण की मार सबसे अधिक रहती है। और ऐसे में वहां के लोगों को उत्तराखंड आने का लाभ घाम तापों के माध्यम से मिले तो रिकॉर्ड संख्या में नए तरीके के पर्यटकों का पहुंचना निश्चित है। अब इसे विंटर टूरिज्म कहें या हेल्थ टूरिज्म, इससे राज्यवासियों का मुनाफा होना सौ फीसदी तय है।

 

उन्होंने इस योजना पर टीका टिप्पणी करने वालों पर निशाना साधा कि प्रदेश की जनता तो पहले से ही कांग्रेस नेताओं को मुफ्त में घाम तपा रही है। लेकिन हमारी इस योजना में जो भी पर्यटक घाम तापने आयेगा वह राज्य को आर्थिक लाभ देकर जायेगा। यह योजना विपक्ष के लोगों की समझ से परे होगी ही, क्योंकि इन्हें न तो मैदानों में प्रतिकूल मौसम और प्रदूषण से जूझते लोगों की चिंता है और न ही राज्य की आर्थिकी को ताकत देने की है। लिहाजा जनता ने भी मन बनाया हुआ है कि पर्यटकों से अलग कांग्रेस नेताओं के लिए फ्री में धूप सेकने की सब्सिडी आगे चुनावों में भी जारी रहेगी।

मोदी राज्य के ब्रैंड अंबेसडर, विंटर टूरिज्म को मिलेगा नया मुकाम: भट्ट

देहरादून 6 मार्च। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रधानमंत्री के उत्तरकाशी आगमन शीतकालीन यात्रा को डबल इंजन की रफ्तार देने वाला बताया है। उन्होंने विश्वास जताया कि मोदी जी देवभूमि के ब्रांड एंबेसडर हैं और उनके “घाम तापों” योजना भी विंटर टूरिज्म को नए मुकाम पर लेकर जाएगा। उनका संदेश, मां गंगा यमुना की घाटी को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा।

 

भट्ट ने देवभूमि की सवा करोड़ देवतुल्य जनता की तरफ से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी जी का आना हमेशा राज्य के विकास और पहचान को नए पायदान पर ले जाता है। उनके मन मस्तिष्क में उत्तराखंड के विकास और यहां के जनमानस को लेकर विशेष लगाव के हम सभी गवाह हैं। जिसका अहसास एक बार फिर उन्होंने आने से पहले ही कराया, जब कैबिनेट ने श्री केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे को मंजूरी दी।

 

उन्होंने विश्वास जताया कि मोदी जी के आने के बाद राज्य की शीतकालीन यात्रा को रफ्तार मिलने वाली है। उनके मार्गदर्शन में ही धामी सरकार ने प्रदेश का इन्फ्रास्ट्रक्चर इस लायक बनाया कि हम इस यात्रा का आगाज कर पाए हैं। उनका देवभूमि की सफल, सुगम और सुरक्षित यात्रा को लेकर यहां से दिया संदेश, श्रद्धालुओं के मन में यहां आने के संदर्भ में नया विश्वास और उत्साह को सृजित करेगा।

 

भट्ट ने कहा कि उनके मार्गदर्शन में आज देवभूमि की तीर्थयात्रा और पर्यटन दोनों अपने अपने स्वर्णिम काल की ओर बढ़ रही हैं। ऐसे में देवभूमि और सनातन संस्कृति के एकमेव ब्रांड ऐब्सडर का शीतकालीन यात्रा में आने का आह्वाहन करना, देश दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर उत्तराखंड को नई पहचान देने वाला साबित होगा। उनका कहा कि मां गंगा और यमुना की उद्गम भूमि उत्तरकाशी आना, यहां श्रद्धालुओं का सैलाब लेकर आएगा।

 

प्रधानमंत्री जी ने जिस खूबसूरती से पहाड़ की धूप को मैदानी क्षेत्रों से आए पर्यटकों को गर्मी देने से संबद्ध किया उसका चमत्कारिक प्रभाव आने वाले दिनों में विंटर टूरिज्म को लेकर मिलेगा। हमारी सरकार उनके विकास और विरासत के मूल मंत्र को अपनाकर, लगातार तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। लिहाजा आज उनकी सुझाई ये घाम तापों योजना, पर्यटकों को आकर्षित करने में बहुत प्रेरणादायक साबित होगी।