Friday, April 24, 2026
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चारधाम यात्रा पर उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता -सीएम धामी

 

*उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओ को चारों धामों के दर्शन करवाने का सरकार का संकल्प*

*चारधाम यात्रा की पुख्ता व्यवस्थाओं हेतु सरकार की ठोस एवं गंभीर रणनीति को लेकर सीएम श्री धामी स्वयं कल तीसरी बार चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में प्रशासन की महत्वपूर्ण बैठक लेंगे*

 

 

*गत वर्ष 2024 की चार धाम यात्रा के समापन के बाद ही इस वर्ष की चार धाम यात्रा के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई*

 

 

*अभी तक चार धाम यात्रा के लिए लगभग 25 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन*

 

 

चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है कि जो भी तीर्थ यात्री, श्रद्धालु व पर्यटक देवभूमि उत्तराखंड आए वे चारों धामों के दर्शन करें | चारधाम यात्रा की पुख्ता व्यवस्थाओं हेतु सरकार की ठोस एवं गंभीर रणनीति को लेकर सीएम श्री धामी ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं कल तीसरी बार चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में प्रशासन की महत्वपूर्ण बैठक लेने जा रहे हैं | मुख्यमंत्री ने कहा की शुरुआत के दिनों में यात्रा का संचालन थोड़ा कठिन होता है, जिसे लेकर परिवहन एवं पुलिस विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण संबंधित विभागों को विशेष रूप से पुख्ता व्यवस्थाओ हेतु हिदायत दी जाएगी |

 

 

 

टपकेश्वर महादेव मंदिर देहरादून में उत्तराखंड सेवा समिति द्वारा आगामी सफल एवं मंगलमय चार धाम यात्रा हेतु आयोजित ” संगीतमय सुंदरकांड पाठ” में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर में भारी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद श्री केदारनाथ धाम परिसर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था | वर्ष 2014 के बाद से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अथक एवं निरंतर प्रयासों से भव्य एवं दिव्य केदारनाथ धाम मे निरंतर पुनर्निर्माण एवं नवनिर्माण कार्य संचालित किये जा रहे हैं |

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गत वर्ष भी हमें केदार घाटी में एक बड़ी आपदा का सामना करना पड़ा | लगभग 29 स्थानों पर सड़क एवं पुल क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन सरकार की सतर्कता एवं प्रयासों से सभी श्रद्धालु सुरक्षित रहे | हमने 35 दिनों तक युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए यात्रा को दूसरे चरण में पुनः प्रारंभ कर दिया | देश और दुनिया भर से आए श्रद्धालुओं ने भी हमारे प्रयासों की सराहना की |

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष भी अभी तक चार धाम यात्रा के लिए लगभग 25 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं | हम आगामी चारधाम यात्रा को लेकर भी अत्यंत उत्साही है | हमने गत वर्ष 2024 की चार धाम यात्रा की समापन के बाद ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा के लिए तैयारियां शुरू कर दी थी |

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से इस वर्ष से हमने शीतकालीन चार धाम यात्रा भी आरंभ कर दी | अब देवभूमि उत्तराखंड में 12 महीने चार धाम यात्रा संचालित रहेगी, जो राज्य की संस्कृति एवं पर्यटन के उन्नति के साथ ही आर्थिकी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी|

कार्यक्रम में टपकेश्वर महादेव मंदिर समिति, उत्तराखंड सेवा समिति के पदाधिकारी, साधु संत तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे |

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने विभिन्न विषयों पर शहरी विकास एवं सिंचाई विभाग के साथ बैठक की

 

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने शहरी विकास विभाग को राज्यभर में मलिन बस्तियों में निवासरत जरूरतमंदों के पुर्नवास हेतु चरणबद्ध कार्ययोजना पर प्रभावी पहल के निर्देश दिए हैं। सीएस ने पहले चरण में शहरी विकास विभाग एवं नगर निगम को देहरादून की मलिन बस्तियों के पुर्नवास के ठोस एवं प्रभावी वर्किंग प्लान पर तत्काल कार्य करने की हिदायत दी है। इसके साथ ही मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सिंचाई विभाग को रिस्पना एवं बिन्दाल नदियों के पुनर्जीवीकरण की स्थिति पर अपडेट देने के साथ वर्किंग प्लान पर तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन आज सचिवालय में शहरी विकास एवं सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के साथ मलिन बस्तियों की स्थिति एवं रिस्पना व बिन्दाल के पुनर्जीवीकरण पर समीक्षा कर रहे थे।

 

 

मुख्य सचिव ने शहरी विकास विभाग को मलिन बस्तियों की सूचना, चिन्हीकरण की अद्यतन स्थिति, निवासरत लोगों की सूची पर अपडेट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने वांछित सूचना प्राप्ति के बाद मलिन बस्तियों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन की प्रभावी कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने अधिकारियों को स्लम फ्री उत्तराखण्ड के विजन के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों के जीवन स्तर में सुधार, पुनर्वास एवं पुनरूद्धार पर शीर्ष प्राथमिकता पर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मलिन बस्तियों के विषय को सामाजिक समस्या की तरह देखा जाना चाहिए तथा इस पर पूर्ण संवेदनशीलता एवं मानवीयता से कार्य किया जाना चाहिए।

बैठक में प्रमुख सचिव वन, सचिव शहरी विकास, सिंचाई, स्वास्थ्य, सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

डबल इंजन का दम – बीते एक साल में बनी 814 किमी लंबी ग्रामीण सड़कें

*उत्तराखंड में पीएमजीएसवाई योजना की प्रगति को केंद्र सरकार ने सराहा*

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत हाल में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान 814 किमी लंबी सड़कों का निर्माण किया गया। राज्य की प्रगति को देखते हुए भारत सरकार ने योजना के तीसरे चरण में स्वीकृत 09 पुलों के निर्माण के लिए भी बजट जारी कर दिया है।

उत्तराखण्ड राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में रू0 900 करोड़ के वित्तीय लक्ष्यों के सापेक्ष लगभग रू0 933 करोड़ की धनराशि व्यय की गई है, जो विगत वर्ष 2023-24 में किये गये व्यय से रू0 133 करोड़ अधिक है। इसी प्रकार भौतिक उपलब्धि में भी वित्तीय वर्ष 2024-25 में 814 किमी लम्बाई में मार्गो का निर्माण किया गया है, जो वर्ष 2023-24 की उपलब्धि 206 किमी अधिक है। इस बीत गत वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन पीएमजीएसवाई -3 के अन्तर्गत 09 सेतुओं के निर्माण के लिए 40.77 करोड़ की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो गई है।

इधर, विभाग ने पीएमजीएसवाई-4 के तहत 1490 सड़क विहीन बसावटों को चिन्हित कर प्रथम चरण में लगभग 8500 किमी सड़कों निर्माण का सर्वे पूरा करते हुए, डीपीआर पर काम शुरू कर दिया है। विभाग ने कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जारी निर्देशों के अतिरिक्त एक विशेष निरीक्षण एप तैयार किया है। एप के माध्यम से फील्ड अधिकारियों द्वारा किये जाने वाले निरीक्षणों को नियमित रूप से अंकित किया जा रहा है, जिससे उच्चाधिकारियों द्वारा मार्गों की गुणवत्ता का अनुश्रवण करना सुलभ हो गया है। भारत सरकार स्तर पर भी इस पहल की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को इसे अपनाने को कहा है। विदित है कि सड़क विहीन गांवों के लिए केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2000 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना शुरु की गई थी। योजना के प्रथम तीन चरणों में न्यूनतम 500 की आबादी वाले गांवों को सड़कों से जोड़ने का काम करीब- करीब पूरा हो चुका है।

 

*डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के जरिए राज्य की छोटी – छोटी बसावटों को सड़क से जोड़ने का काम किया जा रहा है। हाल के सम्पन्न वित्तीय वर्ष में विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है, अब हम चौथे चरण में शेष बसावटों को बराहमासी सड़क से जोड़ने का काम करेंगे।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड*

 

गुलामी और अत्याचार दर्शाने वाले प्रतीकों का नाम बदलना जन भावनाओं के अनुरूप: भट्ट

 

 

देहरादून 1 अप्रैल। भाजपा ने धामी सरकार द्वारा अनेकों स्थानों के नाम परिवर्तन का पुरजोर समर्थन किया है।

 

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने गुलामी और अत्याचार दर्शाने वाले प्रतीकों को जनभावना और समृद्ध विरासत के अनुसार बदलने को जरूरी बताया है। वहीं कांग्रेस के विरोध पर तंज किया कि उन्हें विदेशी आक्रांताओं के नाम और भाजपा को राष्ट्रभक्तों एवं संस्कृति के नामों से प्रेम है। उन्होंने राज्य के 4 जिलों में 17 स्थानों के नाम परिवर्तन को जनभावनाओं के अनुरूप बताते हुए स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि लम्बे समय से जनता द्वारा इन स्थानों के नामों को राष्ट्रभक्तों और सांस्कृतिक एवं विरासत की पहचान से जोड़ने की मांग की जा रही थी। वहीं भारतीय जनता पार्टी के विचार और सिद्धांत भी देश की संस्कृति, सुरक्षा और सम्मान के पुरोधाओं की पहचान को आगे बढ़ाने वाले हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने जन इच्छा का सम्मान और देवभूमि के स्वरूप को ध्यान में रखते हुए ये जरूरी बदलाव किए हैं। जो अपने आप में जरूरी था और इसके लिए समूची धामी सरकार की प्रशंसा होनी चाहिए।

 

उन्होंने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया कि जाने क्यों उनके नेताओं को हर अच्छे काम का विरोध करना जरूरी लगता है। यदि जनता को लगाया है उनके क्षेत्र को किसी विदेशी आक्रमणकारी, आतताई, राष्ट्र या संस्कृति विरोधी व्यक्ति के नाम से नहीं पहचाना जाए तो उनकी भावनाओं का सम्मान करना सरकार का दायित्व है। हमे जनता ने चुना है उनकी भावनाओं के अनुसार प्रदेश हित में निर्णय लेना भी जरूरी है। लिहाजा कांग्रेस को भी अपने विपक्ष की भूमिका का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए। ऐसे में राजनैतिक दृष्टि से सिर्फ विरोध के लिए किए जा रहे ऐसे विरोध को किसी भी तरह से जायज नही ठहराया जा सकता है।

 

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसे तमाम स्थानों के नाम बदलने पर किसी को आपत्ति नहीं है, खासकर जिस समुदाय को खुश करने के लिए कांग्रेस विरोध कर रही है उनको भी नहीं। वहीं पलटकर सवाल किया कि यदि देवभूमि में देश, संस्कृति और राष्ट्र सम्मान से जुड़े ऐसे नाम नहीं रखे जा सकते हैं तो कहां रख रख सकते हैं? वहीं उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी जहां जहां जरूरत होगी, नाम परिवर्तन की कार्यवाही होती रहेगी।

 

सीएम धामी के कड़े निर्देश, बख्शे नहीं जाएंगे मिलावटखोर, जांच समिति का गठन, तीन दिन में रिपोर्ट देगी समिति

 

*प्रदेशभर में एफडीए के ताबड़तोड़ छापे, अब तक पंद्रह सौ से अधिक दुकानों में छापे, दो दर्जन दुकानों को नोटिस, बड़ी मात्रा में कुट्टू का आटा किया गया नष्ट*

 

स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर दूषित कुट्टू के आटे से अस्पतालों में भर्ती मरीजों के प्रकरण की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया है। यह समिति तीन दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस समिति के अध्यक्ष ताजबर सिंह, अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन होंगे। अन्य सदस्यों में राजेंद्र सिंह रावत, उपायुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, सतर्कता सह अभिसूचना शाखा के अधिकारी तथा महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य द्वारा नामित दो वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि समस्त पहलुओं की गहन जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उपयुक्त सुझाव भी रिपोर्ट में शामिल करने को कहा गया है। इससे पहले, 31 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री को दूषित कुट्टू के आटे से बीमार मरीजों से जुड़ी निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे खाद्य उत्पादों की खरीद में सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

 

*पंद्रह सौ से अधिक दुकानों पर छापेमारी*

खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मिलावटखोरों के खिलाफ मंगलवार को प्रदेशभर में दुकानों और खाद्य गोदामों में छापेमारी की। एफडीए की टीमों ने सभी 13 जनपदों में अब तक पंद्रह सौ से अधिक दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 100 से अधिक सैंपल लिए गए और दो दर्जन से अधिक दुकानों को नोटिस थमाए गए हैं। एफडीए आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत छापेमारी अभियान चलाया गया। राज्य के सभी जनपदों में दूषित कुट्टू के आटे की जांच की गई। आयुक्त ने कहा मिलावटखोरों से सख्ती से निपटेंगे। मिलावटखोरी के खिलाफ जनता को भी जागरूक किया जा रहा है। खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि कुट्टू के आटे के मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। इस दौरान दुकानों से कुट्टू के आटे समेत कई वस्तुओं के सैंपल लिए गए हैं। मिलावट की आशंका को देखते हुए कई जनपदों में कुट्टू के आटे को बड़ी मात्रा में नष्ट कर दिया गया। एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि सभी 13 जिलों में छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेशभर में लगभग पंद्रह सौ से भी अधिक दुकानों पर छापेमारी की गई है। कई दुकानों से सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा दो दर्जन से भी अधिक दुकानदारों को नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

 

*दुकानदारों पर नोटिस*

खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि विभाग ने यह स्पष्ट किया कि उन दुकानदारों को कड़ी सजा दी जाएगी, जो मिलावट में शामिल पाए जाएंगे। विभाग ने दुकानदारों से शुद्ध सामग्री बेचने की अपील की और कहा कि किसी भी हाल में मिलावट करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।

 

*देहरादून में 100 किलो आटा नष्ट*

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने उपायुक्त गढ़वाल आर. एस. रावत और जिला अभिहित अधिकारी के नेतृत्व में रेसकोर्स, आराघर, धर्मपुर, नेहरू कॉलोनी, आढत बाजार, हनुमान चैक सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, संजय तिवारी, संतोष कुमार सिंह और सतर्कता अभिसूचना एफ.डी.ए. के जगदीश रतूडी समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान 21 प्रतिष्ठानों में कुट्टू का आटा विक्रय हेतु नहीं पाया गया, केवल गोयल आटा चक्की, रेस्ट कैंप में पैक्ड कुट्टू का आटा बिक्री पर था, जिसका नमूना जांच के लिए लिया गया। जांच दल ने करीब 100 किलो दूषित कुट्टू के आटे को जब्त कर कारगी ट्रेचिंग ग्राउंड में नष्ट कर दिया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

 

*आयुक्त ने ली एफडीए अधिकारियों की बैठक*

खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने प्रदेशभर में युद्धस्तर पर हुई छापेमारी की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अभियान लगातार जारी रहे। अभियान को व्यापक बनाकर चलाया जाए। इसी माह चारधाम यात्रा भी शुरू हो रही है। इसलिए यात्रा से संबंधित जनपदों व यात्रा मार्ग पर खास फोकस किया जाए। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अभियान में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

*आम जनता से अपील*

डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि यह केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम जनता को भी मिलावटखोरों के खिलाफ जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता की सहायता से ही मिलावटखोरी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। लोगों को यह समझना होगा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ उनके स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक हो सकते हैं। मिलावटखोरी का मामला सिर्फ एक कानूनी चुनौती नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे हम सबको मिलकर हल करना है।

मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधमसिंह नगर जनपद स्थित विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन की घोषणा की

 

 

*कहा:- जनभावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप किया जा रहा है नामकरण*

 

मुख्यमंत्री धामी द्वारा आज एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जनपद हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर में स्थित विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन की घोषणा की गई।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन जन भावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप किया जा रहा है। जिससे लोग भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सके।

 

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार,

हरिद्वार जनपद में प औरंगजेबपुर का शिवाजी नगर, गाजीवाली का आर्य नगर, चांदपुर का ज्योतिबा फुले नगर, मोहम्मदपुर जट का मोहनपुर जट, खानपुर कुर्सली का अंबेडकर नगर, इंदरीशपुर का नंदपुर, खानपुर का श्री कृष्णपुर, अकबरपुर फाजलपुर का नाम विजयनगर किया जाना है।

 

देहरादून जनपद में मियांवाला का रामजी वाला, पीरवाला का केसरी नगर, चांदपुर खुर्द का पृथ्वीराज नगर, अब्दुल्ला नगर का नाम दक्ष नगर किया जाएगा।

 

जनपद नैनीताल में नवाबी रोड़ का अटल मार्ग, पनचक्की से आईटीआई मार्ग का नाम गुरु गोवलकर मार्ग किया जाएगा।

 

उधमसिंह नगर में नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम बदलकर कौशल्या पुरी किये जाने की घोषणा की गई है।

नन्दा गौरा योजना के 40 हजार 504 लाभार्थियों को 01 अरब 72 करोड़ 44 लाख 04 हजार रुपए की धनराशि का मुख्यमंत्री ने  किया वितरण 

योजना से विगत 05 वर्ष में 02 लाख 84 हजार 559 लाभार्थियों को कुल 09 अरब 68 करोड़ 64 लाख 51 हजार की धनराशि प्रदान की गई।*

*बालिका के जन्म और 12वीं पास करने पर दी जा रही है कुल 62 हजार की धनराशि।*

*बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे हैं अनेक कार्य-मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से डीबीटी के माध्यम से नंदा गौरा योजना के 40 हजार 504 लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2024-25 में लाभान्वित 01 अरब 72 करोड़ 44 लाख 04 हजार रुपए की धनराशि का वितरण किया। इस योजना के माध्यम से विगत 05 वर्ष में 02 लाख 84 हजार 559 लाभार्थियों को कुल 09 अरब 68 करोड़ 64 लाख 51 हजार की धनराशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई।

नंदा गौरा योजना के अंतर्गत उत्तराखंड में कन्या के जन्म पर 11 हजार एवं एवं 12वीं उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लाभार्थियों में जन्म पर 08 हजार 616 बालिकाओं को 09 करोड़ 81 लाख 16 हजार की धनराशि और 12वीं पास करने वाली 31 हजार 888 बालिकाओं को 01 अरब 62 करोड़ 62 लाख 88 हजार की धनराशि मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। नंदा गौरा योजना से बड़ी संख्या में राज्य के गरीब परिवारों की बालिकाएं लाभान्वित हो रही हैं। उत्तराखण्ड में बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, सचिव श्री चंद्रेश कुमार यादव, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास श्री प्रशांत आर्य और महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित है।

जिहाद के मायने बता रही है कांग्रेस जनता नहीं करेगी माफ आशा नौटियाल 

कांग्रेस पार्टी की तुष्टिकरण की मानसिकता हुई उजागर

 

कांग्रेस के जिहादी शब्द का मायने बताने पर प्रदेश में चढा सियासी पारा

 

तुष्टिकरण की मानसिकता से ग्रसित है कांग्रेस पार्टी

 

कांग्रेस पार्टी को प्रदेश की जनता नहीं करेगी कभी माफ

 

27 मार्च202

कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी के जिहाद शब्द का क्रांतिकारी मायने बताने को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता में जिस तरह से जिहाद शब्द के मायने बताए हैं उस पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और नाराजगी भी जताई है ।

 

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष/ केदारनाथ विधानसभा के विधायक आशा नौटियाल का कहना है कि जिस तरह से कांग्रेस पार्टी अब जिहाद का अर्थ बता रही है इससे साफ है कि कांग्रेस पार्टी किसका समर्थन कर रही है क्या लैंड जिहाद का समर्थन किया जा सकता है जो समाज में नफरत फैलाने का काम करते हो क्या उनको क्रांतिकारी कहा जा सकता है जिस तरह से कांग्रेस पार्टी अब जिहाद शब्द का क्रांतिकारी होने का मायने बता रही है।

 

इससे साफ है कि कांग्रेस पार्टी देश के सच्चे सपूतों और क्रांतिकारी साथ में सामाजिक बदलाव लाने वालों का भी अपमान कर रही है।जिन्होंने इस देश में सामाजिक बदलाव लाया है ।

 

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष केदारनाथ के विधायक आशा नौटियाल का कहना है कि कांग्रेस पार्टी की तुष्टिकरण मानसिकता जाहिर हो चुकी है कांग्रेस पार्टी का असली चेहरा उजागर हो चुका है।

 

कांग्रेस पार्टी के छद्म चेहरे को जनता पहचान चुकी है

 

 

आशा नौटियाल का कहना है विशेष समुदाय से राजनीतिक वोट बैंक का प्रेम सबके सामने उजागर हो चुका है। देश की आन बान शान को भी कांग्रेस पार्टी अपनी सियासत के लिए दांव पर लगा रही है । आशा नौटियाल ने कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता के बयान पर आपत्ति जताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है उनका कहना है कि थूक जिहाद का कैसे समर्थन किया जा सकता है क्या कांग्रेस पार्टी लव जिहाद करने वालों के साथ खड़ी है ।जो मासूम और भोली भाली बहन बेटियों की आबरू से खिलवाड़ करते है ।

ऐसे लोगों को क्या क्रांतिकारी बताया जा सकता है क्या वे क्रांतिकारी है देश में स्वतंत्रता संग्राम से लेकर अब तक न जाने कितने महान क्रांतिकारियों ने इस देश के लिए अपनी आहुति दी है उन क्रांतिकारियों का कांग्रेस पार्टी अपमान कर रही है।

 

 

जो थूक जिहाद करते हैं भला वे क्रांतिकारी कैसे हो सकते हैं कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड प्रदेश में अपनी खोई जमीन को तलाशने के लिए तुष्टिकरण को एक राजनीतिक हथिया के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।जिसका खामियाजा खुद कांग्रेस पार्टी को उठाना पड़ेगा ,उत्तराखंड की जनता कभी भी कांग्रेस पार्टी की तुष्टिकरण की मानसिकता को कभी माफ नहीं करेगी।

 

जेहाद और अवैध मदरसों के समर्थन का जनता देगी कांग्रेस को जवाब:भट्ट

जिहाद को क्रांति से जोड़ना, देश प्रदेश के क्रांतिकारियों का अपमान

 

मुस्लिमपरस्त राजनीति, वक्फ, पर्सनल कानून जैसी समस्याओं की जड़ : महंत दिलीप रावत

 

देहरादून 27 मार्च। भाजपा ने कांग्रेस की विशेष समुदाय परस्त और विभाजन वाली सोच को वक्फ, मुस्लिम पर्सनल आदि तमाम विवादों की जड़ बताया है। धार्मिक कट्टरता के प्रतीक जिहाद शब्द को क्रांति से जोड़ना, देश और प्रदेश पर सर्वस्व न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारियों का अपमान है। जेहाद और अवैध मदरसों के समर्थन वाली कांग्रेस को जनता चुनावों में पुनः सबक सिखाएगी।

 

मीडिया मे जारी बयान में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के लोग तुष्टिकरण की पराकाष्ठा पार कर रहे हैं। आलाकमान की शह पर लोग जेहाद शब्द की नई नई परिभाषा गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि इसके प्रचलित भावार्थ को सभी जानते हैं कि अपने धर्म से इतर अन्य लोगों का विचारों और सशरीर विरोध करना इसका असली अर्थ है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण हैं कि राष्ट्रवादी और सनातन भाव वाले राज्य में रहने वाले इनकी पार्टी के लोग जेहाद को क्रांतिकारी बता रहे हैं। समुदाय विशेष के अपने वोट बैंक का यह महिमामंडन, देश और उत्तराखंड पर सर्वस्य न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारियों का अपमान है। इसी तरह कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व सीएम जिस तरह से अवैध मदरसों और मजारों का समर्थन कर रहे हैं, उसे भी जनता देख रहे है। लिहाजा समय आने पर चुनावों में देवतुल्य जनता कांग्रेस को फिर से करारा सबक सिखाएगी। फिलहाल प्रदेश कांग्रेस नेताओं समेत इनके आलाकमान को अपने ऐसे कृत्यों के लिए जनता से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।

 

वहीं पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों के सवालों का ज़बाब देते हुए लैंसडाउन विधायक महंत दिलीप रावत ने कांग्रेस नेताओं को मुस्लिमपरस्ती पर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि ये तुष्टिकरण वाली राजनीति बताती है कि आज देश में वक्फ बोर्ड, मुस्लिम पर्सनल कानून आदि ऐसी सभी समस्याओं की जड़ कांग्रेस है। वहीं आरोप लगाया कि कांग्रेस के लोग अपने को सनातनी कहते हैं और हमेशा दूसरे पक्ष की बात करते हैं। अभी इनके प्रवक्ता जिहाद पर ज्ञान बांट रहे हैं, उनको पता ही नहीं है कि जिहाद को अपने धर्म से अलग सभी को काफिर मानते हुए मिटाने के प्रयास को कहा जाता है। यह शब्द तो अरबी भाषा के ज़ेहद शब्द से आया है, जिसका अर्थ है दूसरे धर्म के लोगों को जीने मत दो, ये क्रांति तो अन्य धर्मों के विरोध की है, तो क्या कांग्रेस नेतृत्व ऐसी बातों का समर्थन करती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं की यही देश विभाजन और मुस्लिमपरस्त राजनीति, उनकी पार्टी को लगातार रसातल में ले जा रही है।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड उद्यमी कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आज उद्योग विभाग द्वारा देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड उद्यमी कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी ने कहा कि श्रमशक्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए | उन्होंने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में एमएसएमई के योगदान में हो रही निरंतर वृद्धि के लिए उद्योग विभाग की सराहना की। सीएस ने उत्तराखंड के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पीस टू प्रोस्पेरीटी के बारे में बताते हुए कहा की उत्तराखंड में वातावरण औद्योगिक अनुकूल है और ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में तीन लाख करोड़ के एमओयू में से नब्बे हजार करोड की ग्राउंडिंग हो चुकी है। उन्होंने उत्तराखंड के strategic investment plan (रणनीतिक निवेश कार्ययोजना) की प्रशंसा करते हुए इसे राज्य के लिए बेंचमार्क बताया। उनके द्वारा उद्योग विभाग के यू हब इनवेस्टर मित्र और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी जैसे नवाचारों की सराहना की गई। उन्होंने विभाग को लघु उद्योगों की लिस्टिंग के लिए प्रेरित किया जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर अधिक निवेश प्राप्त हो सके। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में उत्तराखंड की उपलब्धियों के बारे मे चर्चा करते हुए बताया कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की ईज ऑफ डुइंग बिज़नेस में उत्तराखंड टॉपअचीवर, और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर केटेगरी में शामिल है, साथ ही उत्तराखण्ड निर्यात के मामले में हिमालयन राज्यों में प्रथम स्थान पर है।

 

 

सुश्री अंकिता पांडे, निदेशक एमएसएमई मंत्रालय ने विलंबित भुगतान के लिए विवाद निवारण पर चर्चा की। कार्यक्रम में स्टार्ट अप ग्रांड चैलेंज के उद्यमियों को पुरस्कृत किया गया। सेतु आयोग के एडवाइजर श्री हनुमंत रावत ने बताया कि सतत विकास के माध्यम से राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए लघु उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता को बढ़ा सकते हैं। साथ ही कार्यक्रम में उत्तराखंड में रैंप योजना का शुभारंभ करने के साथ-साथ एक वर्कशाप का आयोजन भी किया गया। एमएसएमई इकाइयों के प्रदर्शन में सुधार के लिए विश्व बैंक पोषित रैंप योजना के राज्य में आरंभ होने से वैश्विक स्तर पर हमारे उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। उत्तराखंड को रैंप के अंतर्गत 100 करोड़ का बजट आउटले प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में रैंप पोर्टल और एक्सपोर्ट पोर्टल का लॉन्च किया गया। साथ ही गति शक्ति पर एक पुस्तिका भी लॉन्च की गई।

कार्यक्रम में सचिव श्री विनय शंकर पांडे, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के निदेशक श्री विनम्र मिश्रा, SME लिस्टिंग के वाइस प्रेसिडेंट श्री हरीश आहूजा, उद्योग विभाग के सभी अधिकारियों समेत भारत सरकार के अधिकारी व अन्य अतिथि मौजूद रहे।