Monday, July 27, 2026
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नन्दा गौरा योजना के 40 हजार 504 लाभार्थियों को 01 अरब 72 करोड़ 44 लाख 04 हजार रुपए की धनराशि का मुख्यमंत्री ने  किया वितरण 

योजना से विगत 05 वर्ष में 02 लाख 84 हजार 559 लाभार्थियों को कुल 09 अरब 68 करोड़ 64 लाख 51 हजार की धनराशि प्रदान की गई।*

*बालिका के जन्म और 12वीं पास करने पर दी जा रही है कुल 62 हजार की धनराशि।*

*बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे हैं अनेक कार्य-मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से डीबीटी के माध्यम से नंदा गौरा योजना के 40 हजार 504 लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2024-25 में लाभान्वित 01 अरब 72 करोड़ 44 लाख 04 हजार रुपए की धनराशि का वितरण किया। इस योजना के माध्यम से विगत 05 वर्ष में 02 लाख 84 हजार 559 लाभार्थियों को कुल 09 अरब 68 करोड़ 64 लाख 51 हजार की धनराशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई।

नंदा गौरा योजना के अंतर्गत उत्तराखंड में कन्या के जन्म पर 11 हजार एवं एवं 12वीं उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लाभार्थियों में जन्म पर 08 हजार 616 बालिकाओं को 09 करोड़ 81 लाख 16 हजार की धनराशि और 12वीं पास करने वाली 31 हजार 888 बालिकाओं को 01 अरब 62 करोड़ 62 लाख 88 हजार की धनराशि मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। नंदा गौरा योजना से बड़ी संख्या में राज्य के गरीब परिवारों की बालिकाएं लाभान्वित हो रही हैं। उत्तराखण्ड में बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, सचिव श्री चंद्रेश कुमार यादव, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास श्री प्रशांत आर्य और महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित है।

जिहाद के मायने बता रही है कांग्रेस जनता नहीं करेगी माफ आशा नौटियाल 

कांग्रेस पार्टी की तुष्टिकरण की मानसिकता हुई उजागर

 

कांग्रेस के जिहादी शब्द का मायने बताने पर प्रदेश में चढा सियासी पारा

 

तुष्टिकरण की मानसिकता से ग्रसित है कांग्रेस पार्टी

 

कांग्रेस पार्टी को प्रदेश की जनता नहीं करेगी कभी माफ

 

27 मार्च202

कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी के जिहाद शब्द का क्रांतिकारी मायने बताने को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता में जिस तरह से जिहाद शब्द के मायने बताए हैं उस पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और नाराजगी भी जताई है ।

 

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष/ केदारनाथ विधानसभा के विधायक आशा नौटियाल का कहना है कि जिस तरह से कांग्रेस पार्टी अब जिहाद का अर्थ बता रही है इससे साफ है कि कांग्रेस पार्टी किसका समर्थन कर रही है क्या लैंड जिहाद का समर्थन किया जा सकता है जो समाज में नफरत फैलाने का काम करते हो क्या उनको क्रांतिकारी कहा जा सकता है जिस तरह से कांग्रेस पार्टी अब जिहाद शब्द का क्रांतिकारी होने का मायने बता रही है।

 

इससे साफ है कि कांग्रेस पार्टी देश के सच्चे सपूतों और क्रांतिकारी साथ में सामाजिक बदलाव लाने वालों का भी अपमान कर रही है।जिन्होंने इस देश में सामाजिक बदलाव लाया है ।

 

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष केदारनाथ के विधायक आशा नौटियाल का कहना है कि कांग्रेस पार्टी की तुष्टिकरण मानसिकता जाहिर हो चुकी है कांग्रेस पार्टी का असली चेहरा उजागर हो चुका है।

 

कांग्रेस पार्टी के छद्म चेहरे को जनता पहचान चुकी है

 

 

आशा नौटियाल का कहना है विशेष समुदाय से राजनीतिक वोट बैंक का प्रेम सबके सामने उजागर हो चुका है। देश की आन बान शान को भी कांग्रेस पार्टी अपनी सियासत के लिए दांव पर लगा रही है । आशा नौटियाल ने कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता के बयान पर आपत्ति जताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है उनका कहना है कि थूक जिहाद का कैसे समर्थन किया जा सकता है क्या कांग्रेस पार्टी लव जिहाद करने वालों के साथ खड़ी है ।जो मासूम और भोली भाली बहन बेटियों की आबरू से खिलवाड़ करते है ।

ऐसे लोगों को क्या क्रांतिकारी बताया जा सकता है क्या वे क्रांतिकारी है देश में स्वतंत्रता संग्राम से लेकर अब तक न जाने कितने महान क्रांतिकारियों ने इस देश के लिए अपनी आहुति दी है उन क्रांतिकारियों का कांग्रेस पार्टी अपमान कर रही है।

 

 

जो थूक जिहाद करते हैं भला वे क्रांतिकारी कैसे हो सकते हैं कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड प्रदेश में अपनी खोई जमीन को तलाशने के लिए तुष्टिकरण को एक राजनीतिक हथिया के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।जिसका खामियाजा खुद कांग्रेस पार्टी को उठाना पड़ेगा ,उत्तराखंड की जनता कभी भी कांग्रेस पार्टी की तुष्टिकरण की मानसिकता को कभी माफ नहीं करेगी।

 

जेहाद और अवैध मदरसों के समर्थन का जनता देगी कांग्रेस को जवाब:भट्ट

जिहाद को क्रांति से जोड़ना, देश प्रदेश के क्रांतिकारियों का अपमान

 

मुस्लिमपरस्त राजनीति, वक्फ, पर्सनल कानून जैसी समस्याओं की जड़ : महंत दिलीप रावत

 

देहरादून 27 मार्च। भाजपा ने कांग्रेस की विशेष समुदाय परस्त और विभाजन वाली सोच को वक्फ, मुस्लिम पर्सनल आदि तमाम विवादों की जड़ बताया है। धार्मिक कट्टरता के प्रतीक जिहाद शब्द को क्रांति से जोड़ना, देश और प्रदेश पर सर्वस्व न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारियों का अपमान है। जेहाद और अवैध मदरसों के समर्थन वाली कांग्रेस को जनता चुनावों में पुनः सबक सिखाएगी।

 

मीडिया मे जारी बयान में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के लोग तुष्टिकरण की पराकाष्ठा पार कर रहे हैं। आलाकमान की शह पर लोग जेहाद शब्द की नई नई परिभाषा गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि इसके प्रचलित भावार्थ को सभी जानते हैं कि अपने धर्म से इतर अन्य लोगों का विचारों और सशरीर विरोध करना इसका असली अर्थ है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण हैं कि राष्ट्रवादी और सनातन भाव वाले राज्य में रहने वाले इनकी पार्टी के लोग जेहाद को क्रांतिकारी बता रहे हैं। समुदाय विशेष के अपने वोट बैंक का यह महिमामंडन, देश और उत्तराखंड पर सर्वस्य न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारियों का अपमान है। इसी तरह कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व सीएम जिस तरह से अवैध मदरसों और मजारों का समर्थन कर रहे हैं, उसे भी जनता देख रहे है। लिहाजा समय आने पर चुनावों में देवतुल्य जनता कांग्रेस को फिर से करारा सबक सिखाएगी। फिलहाल प्रदेश कांग्रेस नेताओं समेत इनके आलाकमान को अपने ऐसे कृत्यों के लिए जनता से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।

 

वहीं पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों के सवालों का ज़बाब देते हुए लैंसडाउन विधायक महंत दिलीप रावत ने कांग्रेस नेताओं को मुस्लिमपरस्ती पर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि ये तुष्टिकरण वाली राजनीति बताती है कि आज देश में वक्फ बोर्ड, मुस्लिम पर्सनल कानून आदि ऐसी सभी समस्याओं की जड़ कांग्रेस है। वहीं आरोप लगाया कि कांग्रेस के लोग अपने को सनातनी कहते हैं और हमेशा दूसरे पक्ष की बात करते हैं। अभी इनके प्रवक्ता जिहाद पर ज्ञान बांट रहे हैं, उनको पता ही नहीं है कि जिहाद को अपने धर्म से अलग सभी को काफिर मानते हुए मिटाने के प्रयास को कहा जाता है। यह शब्द तो अरबी भाषा के ज़ेहद शब्द से आया है, जिसका अर्थ है दूसरे धर्म के लोगों को जीने मत दो, ये क्रांति तो अन्य धर्मों के विरोध की है, तो क्या कांग्रेस नेतृत्व ऐसी बातों का समर्थन करती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं की यही देश विभाजन और मुस्लिमपरस्त राजनीति, उनकी पार्टी को लगातार रसातल में ले जा रही है।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड उद्यमी कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आज उद्योग विभाग द्वारा देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड उद्यमी कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी ने कहा कि श्रमशक्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए | उन्होंने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में एमएसएमई के योगदान में हो रही निरंतर वृद्धि के लिए उद्योग विभाग की सराहना की। सीएस ने उत्तराखंड के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पीस टू प्रोस्पेरीटी के बारे में बताते हुए कहा की उत्तराखंड में वातावरण औद्योगिक अनुकूल है और ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में तीन लाख करोड़ के एमओयू में से नब्बे हजार करोड की ग्राउंडिंग हो चुकी है। उन्होंने उत्तराखंड के strategic investment plan (रणनीतिक निवेश कार्ययोजना) की प्रशंसा करते हुए इसे राज्य के लिए बेंचमार्क बताया। उनके द्वारा उद्योग विभाग के यू हब इनवेस्टर मित्र और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी जैसे नवाचारों की सराहना की गई। उन्होंने विभाग को लघु उद्योगों की लिस्टिंग के लिए प्रेरित किया जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर अधिक निवेश प्राप्त हो सके। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में उत्तराखंड की उपलब्धियों के बारे मे चर्चा करते हुए बताया कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की ईज ऑफ डुइंग बिज़नेस में उत्तराखंड टॉपअचीवर, और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर केटेगरी में शामिल है, साथ ही उत्तराखण्ड निर्यात के मामले में हिमालयन राज्यों में प्रथम स्थान पर है।

 

 

सुश्री अंकिता पांडे, निदेशक एमएसएमई मंत्रालय ने विलंबित भुगतान के लिए विवाद निवारण पर चर्चा की। कार्यक्रम में स्टार्ट अप ग्रांड चैलेंज के उद्यमियों को पुरस्कृत किया गया। सेतु आयोग के एडवाइजर श्री हनुमंत रावत ने बताया कि सतत विकास के माध्यम से राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए लघु उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता को बढ़ा सकते हैं। साथ ही कार्यक्रम में उत्तराखंड में रैंप योजना का शुभारंभ करने के साथ-साथ एक वर्कशाप का आयोजन भी किया गया। एमएसएमई इकाइयों के प्रदर्शन में सुधार के लिए विश्व बैंक पोषित रैंप योजना के राज्य में आरंभ होने से वैश्विक स्तर पर हमारे उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। उत्तराखंड को रैंप के अंतर्गत 100 करोड़ का बजट आउटले प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में रैंप पोर्टल और एक्सपोर्ट पोर्टल का लॉन्च किया गया। साथ ही गति शक्ति पर एक पुस्तिका भी लॉन्च की गई।

कार्यक्रम में सचिव श्री विनय शंकर पांडे, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के निदेशक श्री विनम्र मिश्रा, SME लिस्टिंग के वाइस प्रेसिडेंट श्री हरीश आहूजा, उद्योग विभाग के सभी अधिकारियों समेत भारत सरकार के अधिकारी व अन्य अतिथि मौजूद रहे।

मा0 सीएम के निर्देश पर डीएम का औचक तूफानी दौरा फिर उड़ा ले गया खाद्य के कई अफसर

 

दूरस्थ ग्रामीणों, स्कूली नौनिहालों, धात्री माताओं को नही करने देंगे निकृष्ट अनाज का सेवनःडीएम

ग्राउंड जीरो पर पंहुचे डीएम, मौके पर सैंपलिंग, कुंटलो के कुंटल अनाज रिजेक्ट

Prima Facie सैम्पल फेल होने पर कुंटलों अनाज मौके पर ही किया रिजेक्ट

 

वरिष्ठ विपणन अधिकारी की प्रतिकूल प्रविष्टि, वेतन बंद, विभागीय कार्रवाई के निर्देश

 

गुलरघाटी बेस खाद्य गोदाम का छान मारा कोना-कोना

 

न रजिस्टर मेंटेन, ना Fifo प्रचलित, ना अनाज रखने को रेक, नाही रेट ट्रैप, सिलाई भी निर्धारित सुतली से नहीं,

 

अनाज बोरोे पर अनाज भरान की तिथि, वजन अंकित नही,

 

एडीएम, डीएसओ, तहसीलदार 5 घटें से मौके पर विराजमान, विस्तृत रिपोर्ट साक्ष्य दर्ज की कार्यवाही गतिमान

 

डीएम के कड़े निर्देश पहले आया अनाज पहले हो विपणन, मानकों का पालन नही तो सख्त एक्शन

 

आंगनबाड़ी, नौनिहाल, दुरस्थ क्षेत्रवासी करते हैं उपभोग, सेहत से खिलवाड़ नही है बर्दाश्त

 

देहरादून दिनांक 26 मार्च 2025,( सू वि) मा0 सीएम के संकल्प, सरकार की छवि बरकार रखने को जिला प्रशासन दूरी नही धूरी की तरह हर वक्त सजग है कोताही लापरवाही निष्ठाहीनता पर जिला प्रशासन देहरादून की निरंतर एक बाद एक एक्शन जारी। जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज खाद्य गोदाम गुलर घाटी का औचक निरीक्षण किया। गोदाम में निर्धारित मानको का पालन न होने तथा रजिस्टर मेंटेन ना होने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए वरिष्ठ विपणन अधिकारी विष्णु प्रसाद चतुर्वेदी पर प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने तथा विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। बेस गोदाम से सिर्फ देहरादूनवासी हो नही, अपितु, गढवाल मण्डल के नई जिलों में होती है आपूर्ति

जिलाधिकारी आज गुलरघाटी स्थित अनाज गोदाम पर पंहुचे जहां डीएम के पंहुचते ही गोदाम में कार्यरत अधिकारियों/कार्मिकों में खलबली मच गई। डीएम का निरीक्षण औचक निरीक्षण था बेहद गोपनीय डीएम बाद आनन-फानन में पंहुचे अधिकारी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अनाज के सैंपल करवाए, जिसमें सैंपल फेल होने पर जिलाधिकारी ने कुंटलों अनाज को नष्ट करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में कहां कि बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों जनमानस की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इस प्रकार की लापरवाही करने वाले अधिकारी को विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान अनाज रखने हेतु मानकों के अनुसार व्यवस्था नहीं पाई गई , चूहों से अनाज की सुरक्षा के लिए चूहेदानी व्यवस्था नहीं थी। जिस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यदि व्यवस्था नही थी तो उच्चाधिकारियों के संज्ञान में क्यों नही लाया गया यदि लाया गया है तो पत्राचार की प्रति उपलब्ध कराएं।

डीएम ने अपने सामने बोरियों का वजन कराया जिसमें उल्लिखित वजन से कम वजन पाया गया। बोरी सहित वजन 50580 किलो होना चाहिए जबकि बोरी में 50150 किलो वजन पाया गया जो की मानक से कम रहा। जिलाधिकारी ने गेहूं-चावल के मौके पर ही सैम्पल कराए।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह, तहसीलदार सुरेन्द्र देव, फूड सेफ्टी ऑफिसर सहित सम्बन्धित अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

 

अवैध मदरसों के खिलाफ कांग्रेस की तिलमिलाहट स्वाभाविक: चौहान

बदलती डेमोग्राफी के बजाय समुदाय विशेष के प्रति प्रेम दुर्भाग्यपूर्ण

देहरादून 25 मार्च। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने राज्य मे अवैध मदरसों की फंडिंग की जांच को लेकर विपक्षी कांग्रेस की तिलमिलाहट को स्वभाविक बताते हुए कहा कि समुदाय विशेष के प्रति उसके प्रेम का आकलन और जवाब जनता देगी।

पार्टी मुख्यालय में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए चौहान ने इस पर हो रही कार्रवाई के विरोध को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि
उत्तराखंडियत का ज्ञान बांटने वाले देवभूमि का स्वरूप बिगाड़ने की मंशा से खुले अवैध मदरसों के पक्ष में खड़े हैं। यदि इस शैक्षणिक सफाई के अभियान में वे साथ नहीं आए तो जनता द्वारा अगले चुनावों में उन्हे जवाब देगी।

उन्होंने कहा भारतीय जनता पार्टी हमेशा से देवभूमि की संस्कृति, पहचान और शांत माहौल के लिए कटिबद्ध रही है। यही वजह है कि हमारी सरकार ने इन तीन सालों में जन भावनाओं के अनुसार ऐसे तमाम निर्णय लिए हैं जिससे राज्य की डेमोग्राफी और उसके स्वरूप को पूर्णतया संरक्षित किया जाए। राज्य मे यूसीसी, धर्मांतरण, दंगारोधी और अवैध धार्मिक अतिक्रमणों पर कार्रवाई के बाद ऐसे शिक्षण संस्थानों पर भी रोक लगाने की जरूरत महसूस की जा रही थी, जहां शिक्षा की आड़ में कट्टरता परोसी जा रही है। आज पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता और देवभूमि वासी मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों पर अवैध मदरसों के खिलाफ उठाये गए कदमों से बेहद खुश है। वहीं उम्मीद जताई कि शेष बचे अवैध मदरसों पर भी शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया, जहां तक अवैध पाए गए मदरसों को हुई फंडिंग के जांच की बात है तो पार्टी इसका पुरजोर समर्थन करती है। हम पहले से इस बात के हिमायती रहे हैं कि छोटे और सनातन संस्कृति वाले राज्य में इतनी बड़ी संख्या में मदरसों की क्या आवश्यकता है। जब समुदाय विशेष के बच्चों की संख्या सीमित है तो इन तमाम तथाकथित मदरसों में कहां के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे? जब इनमें शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों की संख्या बेहद कम थी तो इन संस्थाओं को संचालित करने के लिए धन कहां से आता था? यह जानना भी जरूरी है कि इन संस्थाओं के आय के स्रोत क्या थे और वह कौन से लोग थे जो इनकी मदद कर रहे थे?

उन्होंने कहा कि पूर्व मे जब अवैध धार्मिक कब्जों से भूमि मुक्त कराई गई तो भी उन्हें बहुत तकलीफ हुई। राज्य के खान पान और बोली भाषा मे उन्हे
उत्तराखंड की याद आती है, लेकिन राज्य के देवभूमि स्वरूप को बचाना उनके लिए अहम नही है। कांग्रेस का यही दोहरा रवैया उसे जनता से दूर कर रहा है।

 

उत्तराखंड में सीएम धामी सरकार के तीन वर्ष पूरे: पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल

 

*मैदान से लेकर पहाड़ तक, हर जगह, हर वर्ग में उत्साह और ऊर्जा का रहा माहौल*

 

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने तीन वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर पूरे प्रदेश में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मैदान से लेकर पहाड़ तक, हर जगह उत्साह और ऊर्जा का अनोखा नज़ारा देखने को मिला।

 

देहरादून से लेकर राज्य के दूरस्थ गांवों तक जश्न का माहौल बना रहा। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग—सभी वर्गों ने इन आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। हर क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों और जनहितकारी योजनाओं को साझा किया गया।

 

प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों में सरकार की तीन वर्षों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को रेखांकित किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में राज्य के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि उत्तराखंड को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

 

सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में भी लोगों में खासा उत्साह देखा गया। स्थानीय लोग सरकार की विकास योजनाओं से मिल रहे लाभ को लेकर संतुष्ट नजर आए। महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार योजनाएं, आधारभूत ढांचे के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने जैसी नीतियों की सराहना की गई।

 

सरकार के तीन साल पूरे होने पर आयोजित इन कार्यक्रमों में जनता की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि लोग सरकार की नीतियों से संतुष्ट हैं और उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य को लेकर आशान्वित हैं।

भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और अवैध कब्जों पर जारी रहेगा प्रहार

तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने साझा कीं प्राथमिकताएं

*महत्वपूर्ण मुद्दों को हमने कभी ठंडे बस्ते में नहीं डालाः मुख्यमंत्री

*यूसीसी, भू-कानून, दंगा रोधी, नकल विरोधी कानून आदि पर चर्चा की

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और अवैध कब्जों पर सरकार का प्रहार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान अनेक चुनौतियों सामने आईं, लेकिन उनका जनता के बीच खडे़ होकर सामना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी केे कथन के अनुसार ही उत्तराखण्ड प्रगति कर रहा है। निश्चित तौर पर यह दशक उत्तराखण्ड का होगा।

 

तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शनिवार कोे सीएम आवास स्थित मुुख्य सेवक सदन में पत्रकारोें से बातचीत की। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया और भविष्य के लिए अपनी प्राथमिकताओं को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि भाजपा की सरकार वापसी नहीं कर पाएगी। क्योंकि इस तरह की परिपाटी नहीं रही है। मगर जनता ने भाजपा को आशीर्वाद देकर फिर से राज सौंप दिया। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष में सरकार के सामने कई तरह की चुनौतियां आईं, लेकिन सरकार ने धरातल पर जाकर उसका सामना किया। रैणी, सिलक्यारा, केदार घाटी से लेकर हालिया माणा की आपदा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संकट के समय पीछे रहकर काम नहीं किया जाता।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 में जिस विकसित भारत का संकल्प लिया है, उसमेें अपनी भूमिका निभाने के लिए उत्तराखण्ड पूरी सार्मथ्य से काम कर रहा है। उन्होंने कनेक्टिविटी के विस्तार की बात करते हुए कई उदाहरण दिए और कहा कि उत्तराखण्ड अपनी क्षमताओं का आंकलन करते हुए इसी अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में अवैध निर्माण, कब्जों, अतिक्रमण केे खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। भ्रष्टाचार पर और सख्त प्रहार किए जाएंगेे।

 

यूसीसी, भू-कानून, नकल विरोेधी जैसे कानूनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महत्वपूर्ण मसलों को ठंडे बस्ते में डालने में यकीन नहीं करती। इसलिए प्रमुख मुद्दों पर फैसले किए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए 30 फीसदी आरक्षण समेत लखपति दीदी जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन से मातृ शक्ति के कल्याण के लिए ठोस कदम आगे बढ़ाए गए हैं। आंदोलनकारियों के लिए दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रवासी उत्तराखण्डियों के सम्मेलन केे माध्यम सेे प्रवासियों को राज्य के साथ जोड़ा गया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में राज्य का पूरे देश में 13 वां स्थान पर आना सुखद संकेत है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हो या जी-20 बैठकों का आयोजन उत्तराखण्ड को इन आयोजनों से दूरगामी लाभ मिला है। सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में देश में पहला स्थान महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा है। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष मेें राज्य का सालाना बजट एक लाख करोड़ को पार कर जाना बताता है कि चुनौतियों के बावजूद हम सही राह पर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में कुंभ और इसके बाद नंदा राजजात का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार इसके लिए तैयारी कर रही है। उन्होंने राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से जुड़ी सफलता की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा समेेत राज्य के कई स्थानों पर पहुंचकर पर्यटन विकास में अभूतपूर्व योगदान किया।

 

इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, महंत दिलीप रावत, श्री राजकुमार पोरी और महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

सीएम के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने शुरू की बुनियादी शिक्षा को डिजिटल बनाने की नवीन अभिनव पहल

*अब सरकारी स्कूल के बच्चे भी प्रेक्टिकली सीखेंगे, विज्ञान अंग्रेजी व तकनीकि शिक्षा

*इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमीफिकेशन से ऑनलाइन पढ़ाए और सिखाए जाएंगे कठिन विषय

*जिला प्रशासन, आईआईटी मद्रास संचालित ट्रस्ट के साथ साइन किया एमओयू

*प्रथम चरण में 01 अप्रैल से 20 स्कूलों में शुरू होगी ऑनलाइन टीचिंग

*डीएम ने स्कूलों को उपलब्ध कराए ऑनलाइन टीचिंग हेतु जरूरी उपकरण

 

*30 मई तक सभी स्कूलों में होगा, एलईडी स्क्रीन, इन्टरनेट वाई-फाई*

 

आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन द्वारा ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत वर्चुअल रियलिटी (वीआर) के उपयोग से देहरादून जिले में बेसिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई को जिला प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है। बेसिक स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए शनिवार को जिला प्रशासन ने आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, ओपन मेंटर ट्रस्ट और तारा जोशी फाउंडेशन के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया। इसके तहत कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों को स्कूल में गठित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।

 

जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को बेसिक स्कूलों में ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन हेतु जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन विद्यालयों में टीवी दे दिए गए है, उन सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से नेटवर्क की सुविधा दी जाए। ऐसे विद्यालय जहां पर ऑनलाइन पढ़ाई के लिए टीवी, इंटरनेट और अन्य उपकरणों की जरूरत है, प्रोजेक्ट उत्कर्ष में इसका प्रस्ताव उपलब्ध करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए पर्याप्त धनराशि दी जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं से स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर होने के साथ बच्चों को इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमीफिकेशन से कठिन विषयों को सीखने समझने में सरलता होगी। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत संचालित शैक्षणिक कार्याे की नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

 

ओपन मंेंटर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी पी0 नागराजन और विद्या शक्ति के ग्लोवल कनवेनर डा. एस सुब्रमण्यम ने बताया कि उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिले में आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन द्वारा तारा जोशी फाउंडेशन के साथ मिलकर स्थानीय हिन्दी भाषा में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों को गणित, साइंस और अंग्रेजी विषय इंटरैक्टिव सिमुलेशन (वर्चुअल लैब) और गेमीफिकेशन (खेल-खेल में) के माध्यम से सरल तरीके से पढ़ाए और सिखाए जाएंगे। कहा कि बच्चे जो विजुअल देखते है, तो उसको सिमुलेशन के माध्यम से आसानी से समझ सकते है। ऑनलाइन लाइव कक्षाओं में टू-वे कम्यूनिकेशन की सुविधा है, जिससे बच्चे अपने शंकाओं का समाधान मौके पर कर सकेंगे। प्रत्येक सप्ताह के अंत में बहुविकल्पी प्रश्नों पर आधारित टेस्ट भी लिया जाएगा। इससे बच्चों की प्रोग्रेस को एनालिसिस किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमीफिकेशन को लेकर बेसिक शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।

 

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, ओपन मंेंटर ट्रस्ट के नागराजन पी0, विद्या शक्ति के ग्लोबल कनवेनर डा. एस सुब्रमण्यम, तारा जोशी फाउंडेशन से किरन जोशी आदि मौजूद थे।

धामी सरकार की दिशा में चारधाम यात्रा 2025 के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार, श्रद्धालुओं को मिलेगा बेहतरीन इलाज

 

*154 एम्बुलेंस तैनात, हेलीकॉप्टर और बोट एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध, ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल के माध्यम से स्वास्थ्य निगरानी*

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार चारधाम यात्रा 2025 के दौरान तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में विभाग ने यात्रा को और अधिक सुगम, सुरक्षित और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के मद्देनजर व्यापक तैयारियां की हैं। इस बार चारधाम और यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व विस्तार किया जा रहा है।

केदारनाथ और बद्रीनाथ में नए अस्पतालों की शुरुआत
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि इस बार केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में दो नए अस्पताल खोले जा रहे हैं। केदारनाथ में 17 बेड और बद्रीनाथ में 45 बेड के अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जो तीर्थयात्रियों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर 25 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके।

नई स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
इस साल यात्रा मार्ग में 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) और 31 स्वास्थ्य जांच केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो तीर्थयात्रियों की उच्च ऊंचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच करेंगे। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी जैसे ट्रांजिट जिलों में 37 स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ किया गया है और नई स्क्रीनिंग इकाइयों की स्थापना की योजना बनाई गई है।

154 एम्बुलेंस तैनात, हेलीकॉप्टर और बोट एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्ग पर 154 एम्बुलेंस तैनात करने का निर्णय लिया है, जिनमें 17 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस शामिल हैं। इसके अलावा, एम्स ऋषिकेश द्वारा संचालित हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस और टिहरी झील में बोट एम्बुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी, ताकि आपातकालीन स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके।

सुरक्षा को लेकर नई रणनीतियाँ
पिछले साल 34,000 से अधिक मेडिकल आपातकालीन मामले सामने आए थे, जिसमें 1,011 मरीजों को एम्बुलेंस द्वारा और 90 मरीजों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया था। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि इस साल स्वास्थ्य मित्रों (फर्स्ट मेडिकल रिस्पॉन्डर) की संख्या बढ़ाई जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल के माध्यम से स्वास्थ्य निगरानी
स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत किया जा रहा है। इस वर्ष ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल को अपग्रेड किया जाएगा, जिसमें एक ैव्ै बटन जोड़ा जाएगा, ताकि तीर्थयात्री आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, प्वाइंट ऑफ केयर टेस्टिंग डिवाइस के माध्यम से तीर्थयात्रियों की 28 महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मापदंडों की तुरंत जांच की जाएगी।

धामी सरकार की प्रतिबद्धता
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष लाखों श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी। उच्च ऊंचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण महज कुछ श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबधी दिक्कते हुईं। इस बार स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार किया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार से धनराशि स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहन के रूप में मंजूर की गई है और गुप्तकाशी में 50 बेड के अस्पताल के लिए बजट स्वीकृत किया गया है।

आगे की योजना और यात्रियों की सुरक्षा
इस बार तीर्थयात्रियों के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य घोषणा को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि यात्रा से पहले ही हाई-रिस्क तीर्थयात्रियों की पहचान की जा सके। इसके अलावा, आपातकालीन कॉल सेंटर को और मजबूत किया जाएगा और यात्रा मार्ग पर होटल, धर्मशाला, खच्चर चालकों और अन्य स्थानीय सेवाओं से जुड़े लोगों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नेतृत्व में राज्य सरकार का यह प्रयास है कि चारधाम यात्रा 2025 को श्रद्धालुओं के लिए न केवल आध्यात्मिक बल्कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी सुरक्षित और सुकूनदायक बनाया जाए।