Monday, July 27, 2026
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Waqf Amendment Bill : वक्फ संशोधन बिल पर जेपीसी की बैठक में हंगामा, 10 विपक्षी सांसद निलंबित

Waqf Amendment Bill : वक्फ संशोधन विधेयक पर संसदीय समिति की बैठक शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। हंगामा थमता न देख समिति के 10 सांसदों को पूरे दिन के लिए कमेटी की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया। इससे पहले बैठक के दौरान विपक्षी सदस्यों ने दावा किया कि उन्हें मसौदा कानून में प्रस्तावित बदलावों का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा है। आज भाजपा सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली जेपीसी कश्मीर के मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के विचार सुनने वाली थी।

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सभी 10 विपक्षी सांसद दिनभर के लिए निलंबित

बैठक में हुए हंगामे के बाद वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक से सभी 10 विपक्षी सांसदों को दिनभर के लिए निलंबित कर दिया गया। निलंबित विपक्षी सांसदों में कल्याण बनर्जी, मोहम्मद जावेद, ए राजा, असदुद्दीन ओवैसी, नासिर हुसैन, मोहिबुल्लाह, एम अब्दुल्ला, अरविंद सावंत, नदीमुल हक, इमरान मसूद शामिल हैं।

निशिकांत दुबे ने पेश किया निलंबन प्रस्ताव

भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्षी सदस्यों को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। इसे समिति ने स्वीकार कर लिया। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने दावा किया कि विपक्षी सदस्यों का आचरण शर्मनाक था, क्योंकि वे बैठक के दौरान लगातार हंगामा कर रहे थे और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे।

मीरवाइज को बुलाने से पहले चर्चा में हंगामा

मीरवाइज को बुलाने से पहले समिति के सदस्यों ने आपस में चर्चा की और इसी दौरान विपक्षी नेताओं के साथ बैठक में हंगामा हो गया। विपक्षी सदस्यों ने दावा किया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा वक्फ संशोधन विधेयक पर रिपोर्ट को जल्द स्वीकार करने पर जोर दे रही है। बैठक के दौरान तीखी बहस के कारण कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई। मीरवाइज के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल समिति की बैठक फिर से शुरू होने के बाद उसके सामने पेश हुआ।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर

तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी और कांग्रेस के सैयद नासिर हुसैन बैठक से बाहर निकल आए। उन्होंने कहा कि समिति की कार्यवाही तमाशा बन गई है। उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित संशोधनों पर खंडवार विचार करने के लिए 27 जनवरी को होने वाली बैठक को 30 जनवरी या 31 जनवरी तक के लिए टाल दिया जाए। निशिकांत दुबे ने विपक्षी सदस्यों की आलोचना करते हुए कहा कि उनका आचरण संसदीय परंपरा के खिलाफ है और वे बहुमत की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

मीरवाइज ने क्या कहा?

समिति के समक्ष पेश होने से पहले मीरवाइज ने कहा कि वह वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) का कड़ा विरोध करते हैं और धर्म के मामलों में सरकार के हस्तक्षेप नहीं करने का समर्थन करते हैं। हमें उम्मीद है कि हमारे सुझावों को सुना जाएगा और उन पर अमल किया जाएगा। ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाए, जो मुसलमानों को बसहज महसूस कराए। यह पहली बार है, जब लगभग निष्क्रिय हो चुके अलगाववादी समूह हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख मीरवाइज ने पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य का विशेष दर्जा समाप्त होने के बाद कश्मीर घाटी से बाहर कदम रखा है।

बैठक में अघोषित आपातकाल जैसा माहौल: बनर्जी

कल्याण बनर्जी ने कहा कि बैठक में अघोषित आपातकाल जैसा माहौल चल रहा है। सभापति इस बैठक को आगे बढ़ा रहे हैं और वह किसी की नहीं सुन रहे हैं। हमें बताया गया था कि 24 और 25 जनवरी को बैठक होगी। अब आज की बैठक के लिए एजेंडे को खंड दर खंड चर्चा से बदल दिया गया है।

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PM Visit Uttarakhand : शीतकालीन यात्रा का संदेश देने फरवरी में भी आ सकते हैं पीएम मोदी उत्तराखंड

PM Visit Uttarakhand :  राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोबारा फरवरी में भी उत्तराखंड आ सकते हैं। फरवरी में उनके शीतकालीन यात्रा का संदेश देने के लिए उत्तरकाशी में प्रवास का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली प्रवास के दौरान पीएम से शीतकालीन यात्रा पर आने का अनुरोध किया था।

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यही माना जा रहा था कि पीएम राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करने जब उत्तराखंड आएंगे तो इस दौरान वह शीतकालीन यात्रा पर जाएंगे। लेकिन आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री शीतकालीन यात्रा के लिए बाद में आएंगे। वह 28 जनवरी को देहरादून आएंगे और इस दौरान राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन व अवस्थापना से जुड़ी कुछ योजनाओं का शिलान्यास करने के बाद नई दिल्ली लौट जाएंगे।

प्रदेश सरकार की यह कोशिश है कि पीएम के इस प्रवास के दौरान राज्य के विकास से जुड़ी योजनाओं के मसले भी उठाए जाएं। हालांकि, अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय से राज्य सरकार को अभी पूरा कार्यक्रम प्राप्त नहीं हुआ है।

ऐसे संकेत मिले हैं कि प्रधानमंत्री शीतकालीन यात्रा का संदेश देने के लिए फरवरी में उत्तरकाशी में प्रवास कर सकते हैं। उनके गंगोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा जाने की प्रबल संभावनाएं हैं। उस दौरान प्रधानमंत्री सीमांत गांवों के स्थानीय लोगों, युवाओं और सीमा पर तैनात सैनिकों से भी संवाद कर सकते हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत प्रयासों से बदरीनाथ और केदारनाथ में मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं। केंद्रीय सहायता से इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी अवस्थापना कार्य कराने का अनुरोध प्रधानमंत्री से कर चुके हैं।

Uttarakhand Earthquake : उत्तरकाशी में महसूस किए गए भूकंप के झटके, वरुणावत पर्वत से गिरा मलबा

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Donald Trump : अमेरिका में संविधान संशोधन की तैयारी हो रही है और अगर यह संशोधन मंजूर हुआ तो फिर अमेरिका में राष्ट्रपति का कार्यकाल तीन बार का हो जाएगा। अभी यह दो बार है। इस संविधान संशोधन का फायदा मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिल सकता है। ट्रंप का यह दूसरा कार्यकाल है और मौजूदा कानून के तहत अब वे तीसरी बार राष्ट्रपति नहीं बन सकेंगे, लेकिन अगर संविधान संशोधन हो जाता है तो ट्रंप का तीसरी बार भी राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।

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ट्रंप को तीसरी बार राष्ट्रपति बनाने के लिए पेश किया प्रस्ताव

अमेरिका की सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी के एक सांसद ने अमेरिकी कांग्रेस में एक संयुक्त सदन प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत अमेरिकी संविधान में संशोधन की मांग की गई है। संशोधन के तहत अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यकाल तीन बार का हो सकेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव पेश किया गया है। प्रस्ताव पेश करते हुए सांसद एंडी ओगल्स ने कहा कि ‘इस संशोधन के बाद राष्ट्रपति ट्रंप तीसरी बार भी राष्ट्रपति बन सकेंगे और देश को एक मजबूत नेतृत्व सुनिश्चित हो सकेगा, जिसकी हमारे देश को बहुत जरूरत है।’

क्या है प्रस्तावित संशोधन

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, ‘कोई भी व्यक्ति तीन बार से अधिक राष्ट्रपति के पद पर नहीं चुना जाएगा, लेकिन लगातार दो कार्यकालों के लिए चुने जाने के बाद कोई भी नेता तीसरे कार्यकाल के लिए दावा पेश नहीं कर सकेगा। और कोई भी व्यक्ति जिसने दो साल से अधिक राष्ट्रपति का पद संभाला है, या राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया है, उसे भी राष्ट्रपति के पद पर दो बार से अधिक नहीं चुना जाएगा।’

‘ट्रंप को पर्याप्त समय देने की जरूरत’

सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए सांसद एंडी ओगल्स ने कहा, ‘यह संशोधन राष्ट्रपति ट्रम्प को तीन कार्यकाल तक सेवा करने की अनुमति देगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि हम उस साहसिक नेतृत्व को बनाए रख सकें जिसकी हमारे देश को सख्त जरूरत है। यह जरूरी है कि हम राष्ट्रपति ट्रम्प को बाइडन सरकार में किए गए गलत कामों को सही करने के लिए जरूरी हर संसाधन प्रदान करें। राष्ट्रपति ट्रम्प ने बार-बार दिखाया है कि उनकी वफादारी अमेरिकी लोगों और हमारे महान राष्ट्र के लिए है।’

Ram Gopal Varma : चेक बाउंस मामले में राम गोपाल वर्मा दोषी करार, गैर जमानती वारंट जारी

Uttarakhand Earthquake : उत्तरकाशी में महसूस किए गए भूकंप के झटके, वरुणावत पर्वत से गिरा मलबा

Uttarakhand Earthquake :  उत्तरकाशी और आसपास के कई इलाकों में शुक्रवार को दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। दहशत के चलते लोग घरों से बाहर निकल आए। लोगों में भय का माहौल है। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सभी तहसीलों से जानकारी जुटाई जा रही है।

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रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.5 रही (Uttarakhand Earthquake)

बताया जा रहा है कि पहले सुबह करीब 7 बजकर 42 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस हुए। भूकंप के कारण वरुणावत पर्वत के भूस्खलन जोन से मलबा और पत्थर गिरे। इसके बाद दोबारा 8 बजकर 19 मिनट पर फिर झटके महसूस हुए, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.5 रही।

भूकंप का केंद्र जमीन से पांच किमी नीचे उत्तरकाशी में था। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने अधिकारियों को जिले की सभी तहसील क्षेत्रों में भूकंप के असर के बारे में सूचना जुटाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल जिले में कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

क्यों आता है भूकंप?

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?

भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता और क्या है मापने का पैमाना?

भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

Jalgaon Train Accident : जलगांव रेल हादसे में 13 की मौत , ट्रेन में फैली थी आग की अफवाह

 

Ram Gopal Varma : चेक बाउंस मामले में राम गोपाल वर्मा दोषी करार, गैर जमानती वारंट जारी

Ram Gopal Varma : मशहूर फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा को मुंबई की एक अदालत ने लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस मामले में तीन महीने की जेल की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले से कई सालों से चल रही कानूनी लड़ाई का अंत हो गया है। उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया है। अंधेरी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में फैसला सुनाने के लिए मंगलवार (21 जनवरी) की तारीख तय की थी, जो फिल्म निर्माता द्वारा अपनी आगामी फिल्म सिंडिकेट की घोषणा करने से एक दिन पहले की बात है।

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सात साल चली मामले की सुनवाई

हालांकि, राम गोपाल वर्मा ने इस सेशन में भाग नहीं लेने का फैसला किया। अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सात साल तक मामले की सुनवाई के बाद मुंबई की अदालत ने आखिरकार आज उनके नाम पर गैर-जमानती वारंट जारी किया है। राम गोपाल वर्मा को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी पाया गया है।

राम को हो सकती है अतिरिक्त कैद की सजा

यह विशेष अधिनियम ‘अपर्याप्त धनराशि या खाते में तय राशि से अधिक होने के कारण चेक अनादर के लिए दंडनीय है।’ जेल की सजा के अलावा राम गोपाली वर्मा को शिकायतकर्ता को क्षतिपूर्ति के रूप में 3.75 लाख रुपये भी देने होंगे और अगर वह तीन महीने में ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त कैद की सजा दी जाएगी।

क्या है पूरा मामला

यह मामला श्री नाम की कंपनी द्वारा महेशचंद्र मिश्रा के माध्यम से 2018 में राम गोपाल वर्मा की फर्म के खिलाफ दायर की गई शिकायत से शुरू हुआ है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि राम गोपाल वर्मा द्वारा जारी किया गया चेक कम राशि के कारण बाउंस हो गया था। जून 2022 में निदेशक को व्यक्तिगत मुचलका और 5000 रुपये की सुरक्षा जमा राशि प्रदान करने के बाद जमानत दे दी गई थी। मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत कोई ‘सेट-ऑफ’ नहीं होगा, क्योंकि राम गोपाल वर्मा मुकदमे के दौरान हिरासत में नहीं थे। कई सुनवाई और कानूनी कार्यवाही के बाद अदालत ने फिल्म निर्माता के खिलाफ फैसला सुनाया और कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।

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Jalgaon Train Accident : जलगांव रेल हादसे में 13 की मौत , ट्रेन में फैली थी आग की अफवाह

Jalgaon Train Accident :  उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव जिले में बुधवार शाम एक ट्रेन में आग की अफवाह फैली। इसके बाद यात्री दहशत में आए। घबराए यात्रियों ने ट्रेन से बाहर कूदना शुरू कर दिया। इस दौरान पटरी पर उतरे कुछ यात्री पास की पटरी पर विपरीत दिशा से आ रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। अधिकारियों ने इस हादसे में कम से कम 13 यात्रियों की मौत होने की जानकारी दी है।

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उन्होंने बताया कि हादसा उस समय हुआ, जब 12533 लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस में सवार यात्री आग लगने के डर से जल्दबाजी में बगल की पटरियों पर कूद गए और बंगलूरू से दिल्ली जा रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।

दुर्घटना में 15 अन्य यात्री घायल

मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना में 15 अन्य यात्री घायल हो गए। दुर्घटना उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले के पचोरा कस्बे के निकट माहेजी और परधाड़े स्टेशन के बीच हुई। दुर्घटना उस समय हुई, जब शाम करीब 4:45 बजे किसी ने चेन खींच दी, जिसके बाद पुष्पक एक्सप्रेस रुक गई।

सेंट्रल सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त दुर्घटना के कारणों की जांच करेंगे

हालांकि, रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने इस बात से इनकार किया कि डिब्बे के अंदर किसी चिंगारी या आग के कारण यात्रियों ने अलार्म बजाया। उन्होंने बताया कि हमें जो सूचना मिली है उसके अनुसार कोच में कोई चिंगारी या आग नहीं देखी गई। इस बीच स्विटजरलैंड के दावोस से एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ट्रेन में कुछ यात्रियों ने गलती से मान लिया कि ट्रेन से धुआं निकल रहा है और वे कूद गए। दुर्भाग्य से वे दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। उन्होंने इस त्रासदी में मारे गए यात्रियों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। सेंट्रल सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त दुर्घटना के कारणों की जांच करेंगे।

मुख्यमंत्री के अलावा रेलवे बोर्ड ने अलग से मृतकों के परिजनों को 1.5-1.5 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों के लिए 5,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। जलगांव जिला सूचना अधिकारी युवराज पाटिल ने बताया कि इस हादसे में 12 यात्रियों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस महज 15 मिनट में ही घटनास्थल से रवाना हो गई, जबकि कर्नाटक एक्सप्रेस को दुर्घटना के 20 मिनट के भीतर ही हटा दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘महाराष्ट्र के जलगांव में रेलवे पटरी पर हुए दुखद हादसे से दुखी हूं। मैं शोकसंतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस से बात की और स्थिति का जायजा लिया। शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘महाराष्ट्र के जलगांव में हुई रेल दुर्घटना अत्यंत दुखद है। मैंने इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस जी से बात की और दुर्घटना के बाद उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय प्रशासन घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। मैं इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’

विश्व आर्थिक मंच में भाग लेने के लिए वर्तमान में दावोस में मौजूद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली और सभी घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

Uttarakhand Nikay Chunav : मतदान को उमड़ी भीड़, करीब 30 लाख 29 हजार मतदाता करेंगे मतदान

Tiger Safari case : उत्‍तराखंड के पूर्व मंत्री पर ईडी का शिकंजा, 70 करोड़ की 101 बीघा भूमि अटैच

देहरादून। Tiger Safari case : भाजपा की त्रिवेंद्र सरकार में वन मंत्री रहे और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने हरक सिंह रावत की सहसपुर क्षेत्र में 70 करोड़ रुपए की करीब 101 बीघा भूमि को अटैच कर दिया है।

Uttarakhand Nikay Chunav : मतदान को उमड़ी भीड़, करीब 30 लाख 29 हजार मतदाता करेंगे मतदान

यह भूमि हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत और उनकी करीबी लक्ष्मी राणा के नाम पर खरीदी गई थी। जिस पर पर श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के तहत दून इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस का निर्माण किया गया। इस इंस्टीट्यूट का संचालन हरक सिंह रावत के पुत्र तुषित रावत के पास है।

हजारों पेड़ों के अवैध कटान और निर्माण

कार्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज में टाइगर सफारी के नाम पर हजारों पेड़ों के अवैध कटान और निर्माण के साथ ही जमीन फर्जीवाड़े के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिसंबर 2024 से ही जांच तेज कर दी थी। मामले में ईडी ने हरक की पत्नी दीप्ति रावत और उनकी करीबी रुद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा के बाद हरक सिंह के पुत्र तुषित से पूछताछ की थी।

ईडी जांच में पाया था कि पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के करीबी बीरेंद्र सिंह कंडारी और नरेंद्र कुमार वालिया ने हरक सिंह रावत के साथ आपराधिक साजिश करते हुए एक जमीन की 02 पवार ऑफ अटॉर्नी पंजीकृत कराई। हालांकि, कोर्ट ने संबंधित भूमि के विक्रय विलेख रद्द कर दिए थे।

बावजूद इसके भूमि को अवैध रूप से हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत और उनकी करीबी लक्ष्मी राणा को बेचा जाना दिखाया गया। जिस भूमि पर बाद श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के तहत दून इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस का निर्माण भी किया गया। पूर्व की पूछताछ में ईडी अधिकारियों को कई बातें ऐसी पता चलीं, जिन्हें मनी लांड्रिंग का हिस्सा माना गया। यही वजह है कि अब ईडी के अधिकारियों ने हरक सिंह रावत से जुड़ी सहसपुर की भूमि को अटैच करने का बड़ा कदम उठाया।

ईडी ने फरवरी 2024 में 17 स्थानों पर की थी छापेमारी

ईडी ने कार्बेट सफारी (Tiger Safari case) और जमीन फर्जीवाड़े के प्रकरण में फरवरी 2024 में उत्तराखंड समेत हरियाणा व दिल्ली में 17 ठिकानों पर एक साथ शुरू की थी। जिसमें ईडी की 17 टीमों ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के देहरादून में डिफेंस कालोनी स्थित आवास, उनके बेटे के सहसपुर के शंकरपुर स्थित दून इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज समेत उनसे जुड़े करीबी अधिकारियों उत्तराखंड के वरिष्ठ आइएफएस अधिकारी सुशांत पटनायक व पेड़ कटान में आरोपित सेवानिवृत्त प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) किशन चंद के हरिद्वार के आवास पर जांच की थी।

पाखरो रेंज में टाइगर सफारी (Tiger Safari case) के लिए पेड़ों के अवैध कटान का मामला तब सामने आया था, जब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने इस संबंध में मिली शिकायत की स्थलीय जांच की। साथ ही शिकायत को सही पाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई। इस प्रकरण की अब तक कई एजेंसियां जांच कर चुकी हैं। यह बात सामने आई है कि सफारी के लिए स्वीकृति से अधिक पेड़ों के कटान के साथ ही बड़े पैमाने पर बिना वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति के निर्माण कराए गए।

सुप्रीम कोर्ट की उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने इस प्रकरण में तत्कालीन वन मंत्री हरक सिंह की भूमिका पर भी प्रश्न उठाते हुए उन्हें भी जिम्मेदार ठहराया था। भारतीय वन सर्वेक्षण की सेटेलाइट जांच में यहां छह हजार से ज्यादा (163 पेड़ों की स्वीकृति थी) पेड़ों के कटान की बात सामने आई थी। मामले में दो आएफएस पर भी कार्रवाई की जा चुकी है।

इस तरह बढ़ता चला गया जांच का शिकंजा

वर्ष 2022 में विजिलेंस के हल्द्वानी सेक्टर में इस मामले मे मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के बाद विजिलेंस ने एक आरोपित बृजबिहारी शर्मा को गिरफ्तार किया और इसके बाद 24 दिसंबर 2022 को पूर्व डीएफओ किशनचंद को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में विजिलेंस न्यायालय में आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया था।
विजिलेंस ने उसी वर्ष 30 अगस्त को पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के परिवार से संबंधित देहरादून में एक शिक्षण संस्थान और एक पेट्रोल पंप पर भी छापा मारा था।
उसी बीच उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआइ ने विजिलेंस से जांच संबंधी दस्तावेज हासिल किए और मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु की और फिर ईडी ने भी एंट्री ली।
ईडी दिसंबर 2023 में अटैच की गई रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी किशन चंद की हरिद्वार-रुड़की में स्थित 31.8 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर चुकी है।
इन संपत्ति में रुड़की में स्कूल, स्टोन क्रशर, भवन और भूमि शामिल हैं।

National sport 2025 : स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी 141 टीमें

Uttarakhand Nikay Chunav : मतदान को उमड़ी भीड़, करीब 30 लाख 29 हजार मतदाता करेंगे मतदान

Uttarakhand Nikay Chunav : 100 निकायों में मतदान कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने 16,284 कर्मचारी, 18 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी चुनाव में लगाए हैं। करीब 30 लाख 29 हजार मतदाता मतदान करेंगे। सुबह आठ बजे वोटिंग शुरू होगी।

National sport 2025 : स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी 141 टीमें

बड़कोट में मतदाता आईडी को लेकर प्रत्याशियों में विवाद

बड़कोट नगरपालिका में मतदान शुरू हुआ तो सुबह से ही भीड़ जुट गई। वहीं, मतदाता आईडी को लेकर प्रत्याशियों में विवाद हो गया। इस दौरान समर्थकों और पुलिस प्रशासन के बीच नोकझोंक भी हुई।

मतदान को लेकर भारी उत्साह

मतदान को लेकर मतदाताओं में सुबह से ही भारी उत्साह देखने को मिला। पहाड़ से मैदान तक बूथों पर लंबी लाइन लगी है। वहीं, देहरादून में मेयर प्रत्याशी सौरभ थपलियाल ने मतदान की लाइन में लगकर अपने नंबर का इंतजार किया। इसके बाद मतदान किया।

शुरू हुआ मतदान, बूथों पर लगी लंबी लाइन

उत्तराखंड के 100 नगर निकायों में आज छोटी सरकार चुनने के लिए मतदान शुरू हो गया है। करीब 30 लाख 29 हजार मतदाता मतदान करेंगे। पहाड़ से मैदान तक सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई।

मतदान प्रतिशत 70 पार जाने का अनुमान

पिछले निकाय चुनावों (Uttarakhand Nikay Chunav) में लगातार मतदान प्रतिशत बढ़ता जा रहा है। इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रतिशत और बढ़ाने पर जोर दिया है। 2008 में राज्य में 60 प्रतिशत, 2013 में 61 प्रतिशत और 2018 में 69.79 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार मतदान 70 से 75 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

तीन नगर निगमों में पहली बार चुनाव

पिछले छह वर्षों के दौरान राज्य में नगर निगमों की संख्या 11 हो चुकी है। श्रीनगर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ नगर निगमों में पहली बार चुनाव हो रहे हैं। इससे पहले वे नगर पालिकाएं थीं।

सीसीटीवी से रहेगी नजर

चुनाव को देखते हुए पुलिस ने प्रदेश में 185 चेकिंग बैरियर स्थापित किए गए हैं। इनमें 117 बैरियरों पर सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी जा रही है। बाकी बैरियरों पर वीडियो कवरेज की जा रही है। प्रदेशभर में 105 मोबाइल टीम और 109 क्यूआरटी काम कर रही हैं।

18 हजार से अधिक सुरक्षा बल रहेगा तैनात

शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए बृहस्पतिवार को 18 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें 1,120 पुलिस बल, 24 कंपनी पीएसी, 4,352 होमगार्ड, 2,550 पीआरडी जवान और 300 वन कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा चेकिंग बैरियरों पर क्यूआरटी व अन्य पुलिस बल की तैनात रहेगी।

मेयर का बैलेट नीला, पार्षद का सफेद

मेयर प्रत्याशियों का बैलेट नीले, पार्षद और नगर पालिका व नगर पंचायत में वार्ड सदस्यों के सफेद बैलेट पेपर होंगे। नगर पालिका अध्यक्ष प्रत्याशियों के हरे, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशियों के बैलेट गुलाबी रंग के होंगे। सबसे नीचे नोटा यानी उपरोक्त में से कोई नहीं का विकल्प भी मिलेगा।

प्रदेश में 592 संवेदनशील और 412 अतिसंवेदनशील केंद्र

प्रदेश में कुल 1,516 मतदान केंद्र और 3,394 मतदेय स्थल हैं। इनमें 592 संवेदनशील और 412 अतिसंवेदनशील मतदेय स्थल शामिल हैं।

इन दस्तावेज को दिखाकर डाल सकेंगे वोट

आधार कार्ड, पैनकार्ड, दुकान पंजीकरण पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य या केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या निजी औद्योगिक घरानों की ओर से कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान पत्र, बैंक या डाकघर की पासबुक, राशनकार्ड, भूमि की रजिस्ट्री या हाउसटैक्स का बिल, छात्र पहचान पत्र या लाइब्रेरी कार्ड, एससी, एसटी या ओबीसी का प्रमाणपत्र, शस्त्र लाइसेंस, पेंशन दस्तावेज, भूतपूर्व सैनिक विधवा या आश्रित प्रमाण पत्र, रेलवे या बस का पास, दिव्यांग प्रमाणपत्र, स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र, टेलीफोन, पानी या बिजली का बिल, दुकान पंजीकरण पत्र, गैस कनेक्शन ब्लू बुक, अन्नपूर्णा कार्ड योजना, परिवहन अधिकारियों से जारी संवाहक लाइसेंस, परिवार रजिस्टर का सत्यापित दस्तावेज, निवास का प्रमाणपत्र, राज्य पुलिस की ओर से बस्तियों में जारी पहचान पत्र।

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National sport 2025 : स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी 141 टीमें

देहरादून : National sport 2025  38 वें राष्ट्रीय खेल के दौरान खिलाड़ियों और मेहमानों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 141 टीमों का गठन किया गया है। 28 जनवरी से लेकर 14 फरवरी तक यह टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी। इस दौरान जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां की हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के अनुसार-राज्य स्तर पर राज्य नोडल अधिकारी, उप नोडल अधिकारी व सह नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। जनपद स्तर पर जिला नोडल अधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी और सह नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बनाए गए हैं। एंबुलेंस हेतु जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप स्टेडियम, रायपुर, देहरादून के धनवन्तरी ब्लॉक में 10 बैडेड अस्पताल खिलाड़ियों हेतु संचालित किया जाएगा। इसी तरह, आईजीआईसीएस स्टेडियम, गोला पार हल्द्वानी में दो बैडेट अस्पताल संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त मात्रा में औषधियां, उपकरण क्रय किए जा रहे हैं।
डॉ टम्टा कुमाऊं और डॉ नेगी गढ़वाल के नोडल अफसर

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के अनुसार-डॉ० तरूण टम्टा, प्रमुख अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, नैनीताल को कुमाऊं मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। डॉ टम्टा ने स्पोर्ट्स मेडिसन में शिक्षा प्राप्त की है। निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गढ़वाल मंडल पौड़ी गढ़वाल के स्तर पर डॉ केएस नेगी को गढ़वाल मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नोडल अफसरों को स्थलीय निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।
इस तरह की हैं विभाग की तैयारियां (National sport 2025)
1-प्राइमरी हेल्थ केयर, सेकेंड्री हेल्थकेयर व टर्रसियरी हेल्थ केयर के नोडल अधिकारी और सह नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। सेकेंड्री हेल्थ केयर, जो जिला चिकित्सालय है, उनमें चिकित्सा विशेषज्ञ जैसे-न्यूरो, कार्डिक, हैड इंजरी एवं स्पाइन इंजरी को उक्त अवधियों में ऑन-कॉल (24×7) रखे गए हैं।
2-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन कॉल (24×7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा ईकाईयों में ऑन-कॉल (24×7) टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक जनपद में सूचीबद्ध चिकित्सालयों की व्यवस्था की गई है।
3-प्रत्येक खेल व शिफ्ट में एक टीम बनाई गई है, जिसमें डॉक्टर-01, नर्सिंग स्टॉफ-02, फिजियोथेरेपिस्ट-02(महिला/पुरुष) व वार्ड ब्वाय-01 को टीम में रखा गया है और 01 टीम को स्टैंड बाय रखा गया है।
4-सभी खेल स्थलों में 01-एएलएस एंड 01-बीएलएस एंबुलेंस की तैनाती चिकित्सकीय दल के साथ की गई है। 01 बीएलएस एंबुलेंस को स्टैंड बाय रखा गया है।
5-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन-कॉल (24×7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा इकाईयों में ऑन-कॉल (24×7) टीमें तैनात की गई है।
तैयारियों का ये भी लेखा-जोखा
150 डॉक्टर, 300 नर्सिंग स्टॉफ, 25 फिजियोथेरेपिस्ट, 30 फार्मासिस्ट व 50 वार्ड ब्वाय तैनात किए गए हैं।
115 एंबुलेंस राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैनात रहेंगी। ये एंबुलेंस विभागीय और 108 सेवा की हैं।
05 बैड एम्स ऋषिकेश के ट्रामा विभाग में दिनांक 28 जनवरी 2025 से दिनांक 14 फरवरी 2025 तक) रिजर्व रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर एयरलिफ्ट की सुविधा हेली एंबुलेंस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
50 चिकित्साधिकारियों को एम्स ऋषिकेश में कैपेसिटी बिल्डिंग हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह चिकित्साधिकारी समस्त जनपद के हैं।
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“राष्ट्रीय खेल हमारे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। खिलाड़ियों और मेहमानों को उच्चतम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा गया है।

Trump on H-1B Visa : राष्ट्रपति बनते ही Trump का बड़ा एलान,H1B वीजा पर भारतीयों के लिए खुशखबरी

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नई दिल्ली। Trump on H-1B Visa :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा को लेकर रुख साफ कर दिया। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने जन्मसिद्ध अधिकार पर रोक लगाने और अप्रवासियों को वापस उनके देश भेजने सहित कई फैसले लिए। आशंका जताई जा रही थी कि H-1B वीजा को लेकर भी ट्रंप कोई फैसला ले सकते हैं। हालांकि, H-1B वीजा को लेकर ट्रंप की बात ने भारतीयों को राहत पहुंचाई है।

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ट्रंप ने H-1B वीजा का किया समर्थन (Trump on H-1B Visa)

मंगलवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप से H-1B वीजा पर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि काबिल लोग अमेरिका आएं। मैंने खुद भी इस प्रोग्राम का इस्तेमाल किया है, ऐसे में मैं इसे रोकना नहीं चाहता हूं।

ट्रंप ने आगे कहा कि मैं चाहता हूं कि सक्षम लोग हमारे देश में आएं। मैं सिर्फ इंजीनियरों की बात नहीं कर रहा हूं। मैं सभी स्तर के लोगों की बात कर रहा हूं।

मस्क ने भी की है H-1B वीजा की पैरवी

उन्होंने कहा कि ओरेकल के सीटीओ लैरी एलिसन को इंजीनियर की जरूरत है। नासा को भी इंजीनियर की जरूरत है। ऐसे में मैं काबिल लोगों का अमेरिका में स्वागत करता हूं। कुछ दिनों पहले टेस्ला के सीईओ ने भी H-1B वीजा की वकालत की थी। हालांकि, ट्रंप के कई समर्थकों का मानना है कि विदेशों से आए लोगों की वजह से अमेरिका के नागरिकों को नौकरी नहीं मिल रही।

बता दें कि भारतीय पेशेवरों को इस एच-1बी वीजा से बहुत फायदा मिलता है और इसकी वजह से ही लाखों भारतीय अमेरिका में काम कर रहे हैं। हाल ही में जानकारी सामने आई थी कि H1-B वीजा नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं।

ये हैं तीन अहम बदलाव

निष्पक्ष लॉटरी प्रोसेस: सख्त उपायों से संगठनों की तरफ से एक से अधिक बड़े पैमाने पर आवेदन जमा करने पर रोक लगेगी, जिससे अधिक न्यायसंगत प्रणाली सुनिश्चित होगी।

एफ-1 वीजा वाले छात्रों को एच-1बी स्थिति में जाने पर कम चुनौतियों का अनुभव होगा।

जो छात्र अमेरिका में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं और अमेरिका में काम करना चाहते हैं, उनके एफ-1 वीजा को एच-1बी वीजा में बदलने की प्रक्रिया को आसान किया गया है।

विशेष पेशे में भी बदलाव किए जाएंगे। इनके तहत पात्र पदों को भरने के लिए स्नातक डिग्री की जरूरी होगी, लेकिन कुछ मामलों में इसमें छूट भी दी जा सकती है और अगर उनकी योग्यता नौकरी से संबंधित है तो बिना विशेषज्ञ डिग्री भी उन्हें प्राथमिकता दी जा सकती है।

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