Wednesday, April 22, 2026
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यात्रा मार्ग पर डेंजर जोन हेलमेट पहनकर पार करेंगे श्रद्धालु

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*यात्रा मार्ग पर और पुख्ता होंगें श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजाम*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने केदार घाटी के लिए जारी किए 30 करोड़*

श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजाम और अधिक पुख्ता होंगे। यात्रा मार्ग पर भारी बारिश के बीच स्लाइडिंग एवं डेंजर जोन में अब यात्रियों को हेलमेट पहन कर रास्ते पार करवाए जाएंगे। ऐसे स्थानों पर यात्रियों को सचेत करने एवं सतर्कता की जानकारी देने को अनाउंसमेंट सिस्टम एवं अलर्ट लाइट्स का भी सहारा लिया जाएगा।

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में गढ़वाल कमिश्नर/ सचिव मा. मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडेय, आपदा सचिव विनोद सुमन ने बुधवार को श्री केदारनाथ यात्रा एवं आपदा संबधित बैठक लेने केदार घाटी पहुंचे। शेरसी में बैठक के दौरान उन्होंने मानसून सीजन के बाद शुरू हुई दूसरे चरण की यात्रा एवं 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते हुई क्षति के बाद हुए पुनर्स्थापन कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र एवं पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने जिलाधिकारी सौरभ गहरवार से सड़क एवं पैदल यात्रा मार्ग की पुनर्स्थापना के लिए किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट लेते हुए। इस वर्ष की शेष यात्रा काल के लिहाज से अनिवार्य कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में मास्क एवं हेलोजन लाईट लगवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारी बारिश के चलते बार बार भूस्खलन यात्रा मार्ग पर हो रहा है ऐसे में माननीय मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि केदारनाथ यात्रा सुगम एवं सुरक्षित हो इसके लिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन संवेदनशीलता के साथ करें।

आपदा सचिव विनोद सुमन ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा सुरक्षा के साथ सुचारू रखने के लिए मा. मुख्यमंत्री द्वारा लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। अब तक करीब 30 करोड़ रुपए मुआवजा एवं पुनर्थापना कार्यों के लिए मुख्यमंत्री स्वीकृत कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सड़क एवं पैदल मार्गों पर हुई क्षति की पुनर्थपना गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए तेजी से करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने बताया कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी संभव प्रयास किया जा रहे हैं पैदल यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग, जंगलचट्टी, रामबाड़ा, भीमबली सहित अन्य डेंजर जोन में यात्रियों को अब सुरक्षा हेलमेट पहन कर यात्रा करवाई जाएगी। वहीं यात्रा मार्ग पर अनाउंसमेंट सिस्टम एवं अलर्ट लाइट्स भी लगाने की तैयारी है। जिससे मौसम, भूस्खलन सहित यात्रा संबधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी यात्रियों को समय पर उपलब्ध करवाई जा सकें।

यात्रा मार्ग पर पुनर्स्थापना कार्यों की मॉनिटरिंग एवं सुझावों के लिए मा. मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्त कर्नल अजय कोठियाल ने सुझाव दिया कि कुंड में प्रस्तावित नए पुल निर्माण में सेना की सहायता ली जाए। इसके अलावा फिलहाल पैदल यात्रा मार्ग को चार मीटर तक चौड़ा किया जाना अनिवार्य है ताकि भीड़ बढ़ने पर पैदल मार्ग में जाम जैसी स्थिति न बने।

 

बैठक में विभागाध्यक्ष पीडब्लूडी दीपक यादव, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधीक्षण अभियंता आठवां वृत्त लोनिवि टिहरी मुकेश परमार, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ विमल गुसाईं, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष रावत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग निर्भय सिंह, जल संस्थान अनीश पिल्लई, सिंचाई खुशवंत सिंह, तहसीलदार ऊखीमठ प्रदीप नेगी, डीडीएमए विनय झिंक्वाण सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने एम्स ऋषिकेश से आरम्भ होने वाली ऐरो मेडिकल सर्विस के सम्बन्ध में बैठक ली

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*एसओपी को अन्तिम रूप देने के निर्देश

*दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को मिले हेली इमरजेन्सी मेडिकल सेवाओं का लाभ

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जल्द ही एम्स ऋषिकेश से आरम्भ होने वाली ऐरो मेडिकल सर्विस के सम्बन्ध में शीघ्र ही एसओपी को अन्तिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। सीएस श्रीमती रतूड़ी ने एम्स ऋशिकेश से सभी जिलाधिकारियों, सीएमओ, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारियों व अन्य हितधारकों के साथ समन्वय कर अन्तिम रूप से एसओपी तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को प्रेशित करने को कहा है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि एसओपी में राज्य के दुर्गम क्षेत्रों की गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं जिन्हें तत्काल आपात चिकित्सा सेवा की आवश्यकता हो, को एम्स की हेली इमरजेन्सी मेडिकल सेवाओं का शीर्श प्राथमिकता पर लाभ मिलना चाहिए।

 

 

एम्स ऋषिकेश द्वारा जानकारी दी गई कि ऐरो मेडिकल सर्विस की एसओपी तैयार हो गई है। हेली इमरजेन्सी मेडिकल सर्विस कॉल सेन्टर स्थापित कर दिया गया है। हेल्पलाइन ऑडिट प्रोसेजर्स की गुणवत्ता सुधार पर कार्य प्रगति पर है। एम्स के मेडिकल स्टाफ व टीम की कैपिसिटी बिल्डिंग पर कार्य किया जा रहा है।

 

बैठक में अपर सचिव श्रीमती सोनिका, श्रीमती नमामि बंसल तथा निदेशक एम्स ऋषिकेश वर्चुअल माध्यम से मौजूद रही।

अटल भूजल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्टेट लेवल स्टीयरिंग कमेटी का गठन

चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में अटल भूजल योजना

*सामुदायिक नेतृत्व व भागीदारी से स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार किया जाएगा

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने अटल भूजल योजना के तहत राज्य के तीन जल संकटग्रस्त जनपदों चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में जल बजटिंग व कार्यक्रम के स्थानीय स्तर पर कार्यान्वयन की देखरेख और विभिन्न राज्य एजेंसियों के बीच भूजल प्रबंधन के लिए समन्वय हेतु स्टेट लेवल स्टीयरिंग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव द्वारा कमेटी में लघु सिचाई विभाग को नोडल विभाग बनाते हुए पेयजल व स्वच्छता, शहरी विकास, शहरी विकास, पंचायती राज, सिचाई, ग्राम्य विकास विभाग व स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण (SARRA) को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कमेटी को कार्यक्रम की नियमित रूप से मासिक समीक्षा के भी निर्देश दिए हैं। सीएस श्रीमती रतूड़ी ने नोडल विभाग को स्थानीय निकायों के स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स नामित करने तथा उनके प्रशिक्षण हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। यह मास्टर ट्रेनर वाटर प्लान व बजटिंग बनाने में सहायता करेंगे।

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जल संकटग्रस्त जनपदों चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में अटल भूजल योजना के तहत कैच द रैन, अमृतसरोवर, स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण (SARRA) की गतिविधियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

 

अटल भूजल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में संचालित विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बीच कन्वर्जेंस के माध्यम से सामुदायिक नेतृत्व व भागीदारी से स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जागरूकता कार्यक्रमों और स्थायी भूजल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए क्षमता निर्माण के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाने के लिए कार्य किए जाए। मुख्य सचिव ने जिलों में समुदायों और पंचायतों की विभिन्न गतिविधियों जैसे वाटर यूजर एसोसिएशन का गठन/मजबूती, भूजल आंकड़ों की निगरानी और प्रसार, जल बजट और ग्राम पंचायतवार जल सुरक्षा योजनाओं (डब्ल्यूएसपी) की तैयारी और उनके कार्यान्वयन में सक्रिय भागीदारी हेतु निर्देश दिए हैं।

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि अटल भूजल योजना का एक मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाना है। इसके लिए जल बजट और वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार करते समय जल उपलब्धता और उपयोग जैसे जल संबंधी डेटा का उपयोग किया जाएगा। ये योजनाएँ सामुदायिक भागीदारी से तैयार की जाएंगी और योजना में इस्तेमाल किए गए डेटा को पूरे समुदाय तक पहुँचाया जाएगा। इसके अलावा, जल संबंधी डेटा को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर (डीडब्ल्यूएलआर), वाटर लेवल साउंडर, रेन गेज, वाटर फ्लो मीटर जैसे विभिन्न उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अलावा, भारत सरकार राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के तहत सतही और भूजल दोनों के लिए विभिन्न रियल टाइम डेटा अधिग्रहण प्रणाली (आरटीडीएएस) भी स्थापित कर रही है।

 

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की अटल भूजल योजना के तहत पंचायत स्तर के वाटर यूजर एसोसिएशन में जल बजट और वाटर सिक्योरिटी प्लान अभ्यास में महिलाओं की भागीदारी कम से कम 33 प्रतिशत रखी गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में मौजूदा ग्राम जल और स्वच्छता समिति का विस्तार किया गया है और उनका सहयोग इस कार्यक्रम में लिया जा रहा है। अटल भूजल योजना (अटल जल) गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे 7 राज्यों के 80 जिलों की 8,562 ग्राम पंचायतों में कार्यान्वित की जा रही है, जिसका उद्देश्य मुख्य रूप से विभिन्न चल रही केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बीच अभिसरण के माध्यम से समुदाय के नेतृत्व में स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। उत्तराखण्ड राज्य के तीन जल संकटग्रस्त जिलों हरिद्वार, उधमसिंह नगर व चंपावत को भी योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

 

सचिवालय में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में अटल भूजल योजना से सम्बन्धित आज की बैठक में सचिव श्री शैलेश बगौली सहित पंचायती राज, पेयजल, शहरी विकास, सिचाई, लघु सिचाई, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

निष्पक्ष एवं न्यायसंगत कानून व्यवस्था, भाजपा सरकारों की पहचान : भट्ट

 

  • महिला इंसाफ पर नाकाम कांग्रेस, देवभूमि की छवि खराब करने मे जुटी

देहरादून 8 सितंबर । भाजपा ने अपराध मुक्त शासन को अपनी सरकारों की पहचान बताते हुए राज्य में भी न्यायसंगत एवं निष्पक्ष कानून व्यवस्थता होने का दावा किया है ।

प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने विपक्ष को आइना दिखाते हुए कहा कि हिमाचल में दलित युवक के टुकड़े टुकड़े होना, राजस्थान के रेप में नंबर वन होने को मर्दानगी बताने और अपनी पार्टी एवं सरकारों में मातृ शक्ति की रक्षा करने में अक्षम लोग शांत प्रदेश की छवि खराब करने में लगे हैं । जबकि उतराखंड सभी घटनाओं में हुई निष्पक्ष एवं कठोर कार्यवाही से जनता पूरी तरह संतुष्ट है।

मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कानून व्यवस्था पूरी तरह चाक चौबंद है । किसी भी तरह की घटना संज्ञान में आते ही तत्काल निष्पक्ष कठोर कार्यवाही की जा रही है । हमारी सरकार अपराधों के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, विशेष कर महिला अपराधों को लेकर बेहद गंभीर है । आज एक भी उदाहरण ऐसा नहीं है जिसमे त्वरित कठोर कार्यवाही सुनिश्चित नही की गई हो। चाहे आईएसबीटी की घटना हो, चाहे रुद्रपुर की, चाहे रानीखेत या जसपुर की या चाहे कोई अन्य, सभी घटनाओं के आरोपी सलाखों के पीछे अपनी सजा का इंतजार कर रहे हैं । इसी तरह हल्द्वानी के दंगाइयों की बात हो या बनवसा नेपाल सीमा की बात हो सभी प्रकरणों में बिना किसी पक्षपात के कानून सम्मत कार्यवाही की गई है ।
साथ ही कहा कि राज्य की जनता सभी घटनाओं में हुई शासन प्रशासन की कार्यवाही से संतुष्ट है, लिहाजा कानून व्यवस्था को लेकर प्रश्न खड़ा करने का सवाल ही नहीं उठता है ।

उन्होंने आरोप लगाया कि हैरान परेशान मुद्दाविहीन एवं विचारहीन कांग्रेस नित नए नए झूठ एवं प्रपंच के साथ सामने आती है । केंद्र में 10 और राज्य में 8 वर्ष से आधी सत्ता से बाहर रहने के कारण वह येन केन प्रकारेण सरकार को बदनाम करने की कोशिश में जुटी रहती है । जबकि सचाई यह है कि कांग्रेस और उनके सहयोगी सरकारें अपराध और उसमे भी विशेषकर महिला अपराधों के लिए कुख्यात रही हैं । ये अपनी सरकारों में अपनी ही पार्टी के नेताओं के साथ हुए अपराधों में भी न्याय करने में अक्षम रहते हैं, चाहे कर्नाटक में कांग्रेस नेता की बेटी की नृसंस हत्या हो, चाहे छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ हुआ शोषण हो, चाहे असम की युवा प्रभारी के साथ राष्ट्रीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा किया यौन शौषण हो । हिमाचल में एक दलित युवक को मुस्लिम समुदाय ने 8 टुकड़ों में काट दिया, लेकिन एक भी कांग्रेसी की आवाज नही निकली, अयोध्या कन्नौज, कलकत्ता ऐसी अनेकों घटनाओं में इनकी चुप्पी महिला अपराध पर बेनकाब करने वाली है । इनके गठबंधन के बड़े नेता तो बलात्कार को लड़कों की गलती ठहराते थे और राजस्थान के रेप में नंबर आने को इनके मंत्री मर्दानगी की निशानी बताते थे ।

उन्होंने तंज किया कि कांग्रेस नेताओं ने राजनैतिक चश्मा पहना हुआ है, यही वजह है कि उन्हे इन घटनाओं में की गई त्वरित एवं कठोरतम कार्यवाही दिखाई नही देती है । सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए विपक्ष सरकार की संवेदनशीलता और गंभीरता पर झूठे आरोपों का एजेंडा चला रहा हैं।

निष्पक्ष एवं न्यायसंगत कानून व्यवस्था, भाजपा सरकारों की पहचान : भट्ट

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  • महिला इंसाफ पर नाकाम कांग्रेस, देवभूमि की छवि खराब करने मे जुटी

देहरादून 8 सितंबर । भाजपा ने अपराध मुक्त शासन को अपनी सरकारों की पहचान बताते हुए राज्य में भी न्यायसंगत एवं निष्पक्ष कानून व्यवस्थता होने का दावा किया है ।

प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने विपक्ष को आइना दिखाते हुए कहा कि हिमाचल में दलित युवक के टुकड़े टुकड़े होना, राजस्थान के रेप में नंबर वन होने को मर्दानगी बताने और अपनी पार्टी एवं सरकारों में मातृ शक्ति की रक्षा करने में अक्षम लोग शांत प्रदेश की छवि खराब करने में लगे हैं । जबकि उतराखंड सभी घटनाओं में हुई निष्पक्ष एवं कठोर कार्यवाही से जनता पूरी तरह संतुष्ट है।

मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कानून व्यवस्था पूरी तरह चाक चौबंद है । किसी भी तरह की घटना संज्ञान में आते ही तत्काल निष्पक्ष कठोर कार्यवाही की जा रही है । हमारी सरकार अपराधों के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, विशेष कर महिला अपराधों को लेकर बेहद गंभीर है । आज एक भी उदाहरण ऐसा नहीं है जिसमे त्वरित कठोर कार्यवाही सुनिश्चित नही की गई हो। चाहे आईएसबीटी की घटना हो, चाहे रुद्रपुर की, चाहे रानीखेत या जसपुर की या चाहे कोई अन्य, सभी घटनाओं के आरोपी सलाखों के पीछे अपनी सजा का इंतजार कर रहे हैं । इसी तरह हल्द्वानी के दंगाइयों की बात हो या बनवसा नेपाल सीमा की बात हो सभी प्रकरणों में बिना किसी पक्षपात के कानून सम्मत कार्यवाही की गई है ।
साथ ही कहा कि राज्य की जनता सभी घटनाओं में हुई शासन प्रशासन की कार्यवाही से संतुष्ट है, लिहाजा कानून व्यवस्था को लेकर प्रश्न खड़ा करने का सवाल ही नहीं उठता है ।

उन्होंने आरोप लगाया कि हैरान परेशान मुद्दाविहीन एवं विचारहीन कांग्रेस नित नए नए झूठ एवं प्रपंच के साथ सामने आती है । केंद्र में 10 और राज्य में 8 वर्ष से आधी सत्ता से बाहर रहने के कारण वह येन केन प्रकारेण सरकार को बदनाम करने की कोशिश में जुटी रहती है । जबकि सचाई यह है कि कांग्रेस और उनके सहयोगी सरकारें अपराध और उसमे भी विशेषकर महिला अपराधों के लिए कुख्यात रही हैं । ये अपनी सरकारों में अपनी ही पार्टी के नेताओं के साथ हुए अपराधों में भी न्याय करने में अक्षम रहते हैं, चाहे कर्नाटक में कांग्रेस नेता की बेटी की नृसंस हत्या हो, चाहे छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ हुआ शोषण हो, चाहे असम की युवा प्रभारी के साथ राष्ट्रीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा किया यौन शौषण हो । हिमाचल में एक दलित युवक को मुस्लिम समुदाय ने 8 टुकड़ों में काट दिया, लेकिन एक भी कांग्रेसी की आवाज नही निकली, अयोध्या कन्नौज, कलकत्ता ऐसी अनेकों घटनाओं में इनकी चुप्पी महिला अपराध पर बेनकाब करने वाली है । इनके गठबंधन के बड़े नेता तो बलात्कार को लड़कों की गलती ठहराते थे और राजस्थान के रेप में नंबर आने को इनके मंत्री मर्दानगी की निशानी बताते थे ।

उन्होंने तंज किया कि कांग्रेस नेताओं ने राजनैतिक चश्मा पहना हुआ है, यही वजह है कि उन्हे इन घटनाओं में की गई त्वरित एवं कठोरतम कार्यवाही दिखाई नही देती है । सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए विपक्ष सरकार की संवेदनशीलता और गंभीरता पर झूठे आरोपों का एजेंडा चला रहा हैं।

 

राम और राष्टवाद का विरोध करना कांग्रेस की फितरत: चौहान

आरएसएस की गतिविधियों पर कर्मियों की रोक हटाना सीएम धामी का स्वागतयोग्य कदम

 

कांग्रेस राष्ट्रभक्त और सांस्कृतिक पुनरोत्थान समर्थकों का हमेशा करती है विरोध

 

देहरादून 6 सितंबर। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस राम और राष्ट्रवाद का हमेशा विरोध करती रही है और इसी कारण वह आरएसएस के कार्यक्रमों मे सरकारी कर्मियों की भागीदारी पर सवाल उठा रही है।

 

चौहान ने आरएसएस की गतिविधियों में राज्य सरकार कर्मचारियों पर लगी रोक हटने का स्वागत करते हुए सीएम धामी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह केंद्र एवं राज्य का यह ऐतिहासिक निर्णय देवभूमि के सांस्कृतिक, सामाजिक उत्थान एवं विकास की कोशिश को मजबूती देगा। उन्होंने कांग्रेस की आपत्तियों पर पलटवार किया कि उन्हें संघ के योगदान को राहुल गांधी के पुराने संसदीय क्षेत्र वायनाड के आपदा प्रभावितों से समझना चाहिए,क्योंकि राहुल गाँधी और कांग्रेसी प्रभावितों के बीच से नदारद रहे और संघ के स्वयंसेवकों ने पीड़ितों के बीच शानदार काम किया है।

 

चौहान ने कहा कि 58 साल पहले 1966 में एक असंवैधानिक आदेश जारी किया गया था, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया गया था। पहले मोदी सरकार और अब धामी सरकार ने एक राष्ट्रभक्त संस्था से जुड़ने पर लगी असंवैधानिक रोक को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है । देश की तरह प्रदेश में भी इस निर्णय के बाद उत्साह का माहौल है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गत 99 वर्षों से सतत राष्ट्र के पुनर्निर्माण एवं समाज की सेवा में समर्पित है। राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता-अखंडता एवं प्राकृतिक आपदा के समय संघ के योगदान को लेकर देश के हर नेतृत्व ने प्रशंसा भी की है। लेकिन अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते तत्कालीन इंदिरा सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियों को संघ जैसे रचनात्मक संगठन की गतिविधियों में भाग लेने के लिए निराधार रूप से प्रतिबंधित किया था। जिसमें 1970 और 1980 में तत्कालीन कांग्रेस शासन ने और अधिक कड़ा किया । ऐसे में वर्तमान सरकारों का निर्णय समुचित है और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पुष्ट करने वाला है।

 

उन्होंने कांग्रेस समेत तमाम विपक्ष की आपत्तियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्र और राम विरोधी पार्टियों के समर्थन की उम्मीद बेमानी है । साथ ही उन्होंने राज्य के स्थानीय कांग्रेस नेताओं से पर कटाक्ष किया कि उन्हें विरोध करने से पहले कम से कम उत्तरकाशी, केदारनाथ, मालपा, कोविड आदि तमाम प्राकृतिक आपदाओं एवं देवभूमि के सनातन एवं सांस्कृतिक पुनरुत्थान में संघ के अद्वितीय योगदान का स्मरण करना चाहिए। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने केंद्रीय नेतृत्व से पूछना चाहिए, हाल में उनके पुराने संसदीय क्षेत्र वायानाड की जनता विकट प्राकृतिक आपदा से त्रस्त थी तो वे कहां थे। लेकिन आरएसएस के कार्यकर्ता वहां आपदा से जूझ रहे लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बचाव कार्यों को अंजाम दे रहे थे । संघ आज भी वहां प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर लगातार कार्य कर रहा है। राष्ट्रभक्त और सांस्कृतिक पुनरोत्थान समर्थकों का विरोध करना कांग्रेस की फितरत है। कांग्रेस का ऐसा व्यवहार राष्ट्रवादी जनता माफ नही करेगी।

 

 

डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों से प्रदेश में संगठन पर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह : जोशी

 

*मानसून उपरांत तत्काल क्षतिग्रस्त सड़कें, पेयजल आदि व्यवस्थाएं मिलेंगी दुरस्त, सरकार बना रही है कार्ययोजना : भाजपा*

*भाजपा, देवभूमि में गौहत्या करने वालों का साथ देने वाली कांग्रेस का करेगी पुरजोर विरोध*

*कांग्रेस स्पष्ट करे, वे गौहत्या करने वालों के साथ या गौरक्षकों के साथ : भाजपा*

देहरादून 6 सितंबर । भाजपा ने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों के चलते संगठन पर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह का दावा किया है । साथ ही सरकार द्वारा मानसून उपरांत तत्काल क्षतिग्रस्त सड़क, पेयजल आदि व्यवस्थाओं के दुरस्त करने की बात कही है । वहीं भाजपा देवभूमि में गौहत्या करने वालों का साथ देने वाली कांग्रेस का पुरजोर विरोध और जनता के सामने उन्हे बेनकाब करेगी। साथ ही चुनौती दी कि कांग्रेस स्पष्ट करें गौहत्या करने वालों के साथ है या गौमाता रक्षकों के साथ ।

पार्टी मुख्यालय में प्रदेश प्रवक्ता श्री सुरेश जोशी ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की धामी सरकार के ऐतिहासिक और शानदार कार्यों का लाभ हमे सदस्यता अभियान में मिल रहा है । डबल इंजन की सरकार की उपलब्धियों के कारण, पार्टी के पक्ष में जबरदस्त माहौल है । यही वजह है कि आम लोगों की उत्सुकता से सदस्यता अभियान तीव्र से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा, उनकी अथक मेहनत का परिणाम है कि विगत वर्षों में हम केंद्र से विभिन्न विकास कार्यों के लिए 15 फ़ीसदी अधिक मदद प्राप्त करने में सफल हुए हैं । आज राजस्व को लेकर राज्य अभूतपूर्व वृद्धि हासिल कर रहा है । वहीं यूसीसी, धर्मांतरण एवं अवैध धार्मिक अतिक्रमण पर रोक, दंगारोधी कानून आदि अनेकों सनातन संरक्षण के प्रयासों ने देवभूमि की छवि को अधिक प्रगाढ़ किया है। नकल निरोधक कानून का परिणाम है कि 18000 से अधिक नियुक्ति पत्र बिना किसी विवाद के हम देने में सफल हुए हैं, जो राज्य के इतिहास में पहली बार हुआ है । वहीं ताजा पीसीएस परीक्षा के नतीजे भी देखें तो 90 फीसदी सफल प्रत्याशी स्थानीय हैं ।

उन्होंने दावा किया कि ऐसा पहली बार होगा कि मानसून समाप्त होते ही आपको सभी सड़के, पेयजल योजनाएं, स्कूल आदि तमाम व्यवस्थाएं तत्काल दुरस्त होती नजर आएंगी । क्योंकि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी के निर्देश पर सभी विभागों द्वारा बारिश के चलते क्षत्रिग्रस्त हुई व्यवस्थाओं की कार्ययोजनाएं अभी से तैयार हो रहीं हैं । जबकि अमूमन नुकसान को लेकर डीपीआर आदि सभी कार्य बरसात सीजन समापत होने के बाद ही शुरू हो पाते थे ।

उन्होंने कहा, हम देश दुनिया में उत्तराखंड देवभूमि के नाम से जाना जाता है । इसी भाव के साथ, इस बार जो आपदा आई, विशेषकर केदारनाथ में सीएम धामी के कुशल नेतृत्व और तमाम ऐजेंसियों के प्रयासों से हम हजारों लोगों की सुरक्षित निकलने में सफल हुए हैं। आगे भविष्य में यात्रा को अधिक सुरक्षित करने के लिए सरकार वहां नया रास्ता भी खोज रही है।

इस अवसर पर उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा की इनको राज्य के विकास, युवाओं के रोजगार और देवभूमि की पहचान से कोई लेना देना नहीं । अपने केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों पर ये सब सनातन विरोधी हिंदू विरोधी और देवभूमि के स्वरूप को खराब करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने हरिद्वार प्रकरण को लेकर हो रही राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि हद हो गई है जब एक ऐसे व्यक्ति के साथ हुए घटनाक्रम में कांग्रेस के तमाम बड़े से बड़े नेता एकसाथ खड़े नजर आ रहे हैं जो गौकशी की घटनाओं में लिप्त रहे हों । संबंधित व्यक्ति के गाय काटने से लेकर गोकशी से संबंधित अनेकों वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक हैं, लेकिन तुष्टीकरण के चलते कांग्रेस के सभी बड़े नेता में उसके समर्थन की होड़ लगी है । उन्होंने कांग्रेस नेताओं को अपना पक्ष स्पष्ट करने की चुनौती दी कि वे गौ माता की हत्या करने वालों के साथ हैं या गौमाता की पूजा करने वालों के साथ हैं । उन्होंने कटाक्ष किया कि गौहत्यारों का साथ देने वाले लोगों से राज्य के विकास और देवभूमि का भला करने की उम्मीद कभी नहीं की जा सकती है। जो देवभूमि में रहकर गौ माता की हत्या और सनातन विरोध के पाप में साथ खड़े होते हों, ऐसे लोगों का पर्दाफाश करना हमारा कर्तव्य है। लिहाजा मीडिया एवं अन्य माध्यमों के सहयोग से भाजपा, कांग्रेस को उनके ऐसे सनातन विरोधी कृत्यों पर बेनकाब करने का काम करती रहेगी।

इस दौरान मंत्री गणेश जोशी को लेकर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा, आरोप और आरोपित होने में अंतर होता है, अभी उनपर सिर्फ आरोप लगे है और आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है । उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा कि भाजपा की सरकार पारदर्शिता से काम करती है, लिहाजा जो भी कानून सम्मत होगा, उस आधार पर शीघ्र निर्णय करेगी।

केदारनाथ सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर उन्होंने सर्वकालिक रिकॉर्ड मतों से जीतने का दावा किया। साथ ही बताया कि संगठन ने वहां पर बूथ एवं शक्ति केंद्रों तक की योजना बनाकर, उसपर काम करना शुरू कर दिया है। पार्टी केंद्र की मोदी सरकार एवं राज्य की धामी सरकार के ऐतिहासिक एवं साहसिक कार्यों के बल पर इन चुनाव में घर-घर पहुंच रही है। पीएम मोदी का असीम लगाव बाबा केदार धाम से है और वहां की जनता का आशीर्वाद हमें बंपर वोटो के रूप में मिलने जा रहा है। जिससे कांग्रेस समेत तमाम विपक्ष की बद्रीनाथ सीट की खुशफहामी को दूर कर देगा ।

पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर सिंह चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, संजीव वर्मा, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती सुनीता विद्यार्थी बौड़ाई, श्रीमती कमलेश रमन, श्रीमती लक्ष्मी अग्रवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

 

मुख्यमंत्री ने पुरस्कार को बताया राज्य में उद्यमियों को निवेष के लिये प्रेरित करने वाला

*उत्तराखण्ड को मिला ईज ऑफ डूईंग कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एकल खिड़की व्यवस्था के तहत Top Achievers श्रेणी का पुरस्कार।*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में ईज ऑफ डूईंग कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एकल खिड़की व्यवस्था को देश में Top Achievers श्रेणी का पुरस्कार प्राप्त होने प्रसनता व्यक्त की है राज्य को यह पुरूस्कार वर्ष 2022-23 के लिये इस क्षेत्र में की गई पहल के लिए प्रदान किया गया है।

 

गुरूवार को यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में सभी प्रदेशों के उद्योग मंत्रियों के साथ आयोजित उद्योग समागम कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, श्री पीयूष गोयल द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किये गये। राज्य की ओर से मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में कैबिनेट मंत्री, श्री सुबोध उनियाल तथा सचिव उद्योग, श्री विनय शंकर पाण्डेय द्वारा पुरस्कार ग्रहण किया गया।

 

राज्य में ईज ऑफ डूइंग कार्यक्रम के अंतर्गत निवेशकों के सम्मुख आने वाली विभिन्न समस्याओं की पहचान की जाती है। समस्याओं की पहचान कर उनके निराकरण हेतु अनुकूल नीतियां तैयार की जाती हैं। नीतियों के क्रियान्वयन तथा निवेशकों को समस्त प्रकार की स्वीकृतियां/अनापत्तियां ऑनलाईन माध्यम से उपलब्ध कराये जाने हेतु www-investuttarakhand-uk-gov-in के नाम से पोर्टल तैयार किया गया है। पोर्टल पर उद्यम स्थापना से संबंधित सभी जानकारियां, विधिक अनापत्तियों/स्वीकृतियों की उद्योगवार सूचना उपलब्ध है। एकल खिड़की अधिनियम के अंतर्गत निवेशकों को उद्योग स्थापना तथा संचालन से संबंधित स्वीकृतियां/अनापत्तियां निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत उपलब्ध करायी जाती हैं।

 

भारत सरकार द्वारा विकसित नेशनल सिंगल विण्डो सिस्टम के साथ इण्टीग्रेशन करने वाला उत्तराखण्ड प्रथम राज्य रहा है। पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं, एकल खिड़की अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित विधिक समय-सीमा, अन्य विभागों के साथ इण्टीग्रेशन, नेशनल सिंगल विण्डो के साथ इण्टीग्रेशन, शिकायतों का ऑनलाईन निस्तारण तथा समर्पित हेल्पलाईन विशिष्टताओं के दृष्टिगत भारत सरकार द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने इस पुरस्कार को राज्य में उद्यमियों को निवेश के लिये प्रेरित करने वाला बताया है। उन्होने कहा कि राज्य में उद्यमियों एवं निवेश अनुकूल नीनियों के कारण बडी संख्या में उद्यमी राज्य में निवेश के प्रति आकर्षित हुए है।

स्वच्छता ही सेवा अभियान के प्रभावी व सफल संचालन के लिए मुख्य सचिव ने जनभागीदारी, जागरूकता, व एडवोकेसी के निर्देश दिए

*सार्वजनिक व वाणिज्यिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर संचालित किया जाएगा स्वच्छता अभियान

*सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य जांच व सामाजिक सुरक्षा कवरेज हेतु सिंगल विण्डों कैम्प की व्यवस्था*

*चारधाम रूट पर डंपिंग जोन हेतु उचित स्थानों का चिन्हीकरण किया जाएगा*

*स्वच्छता व पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से राज्य में सभी होटल व होम स्टे की ग्रीन लीफ रेटिंग के निर्देश*

*सभी एसटीपी की चेकिंग व ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ने की पुख्ता व्यवस्था के निर्देश*

स्वच्छता ही सेवा अभियान के प्रभावी व सफल संचालन के लिए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को प्रदेशभर में जनभागीदारी, जागरूकता, एडवोकेसी के साथ सार्वजनिक व वाणिज्यिक स्थलों, कार्यालयों, संस्थानों, सड़कों, राजमार्गो, बाजारों, ट्रैकिंग व कैंपिंग स्थलों व अन्य पर्यटन व धार्मिक स्थलों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाने के साथ ही सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य जांच व सामाजिक सुरक्षा कवरेज हेतु सिंगल विण्डों कैम्प लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अभियान में स्वयं सहायता समूहों व एनजीओ की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

चारधाम मार्गों में मलबे की समस्या के समाधान के लिए सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने चारधाम रूट पर डंपिंग जोन हेतु उचित स्थानों के चिन्हीकरण के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सचिव पेयजल व जिलाधिकारियों को सभी एसटीपी के निरीक्षण व जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी एसटीपी को ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश सभी डीएम को दिए।

 

 

सफाई मित्रों की सामाजिक सुरक्षा व बीमा के मुद्दे पर संवेदनशीलता से कार्य करने की हिदायत देते हुए सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान सफाई मित्रों के लिए व्यापक स्तर पर सिंगल विण्डो कैम्प लगाकर उनकी सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच में बढ़ाकर कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सफाई मित्रों के लिए हेल्थ कैम्प लगाकर स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवाएं, जांच व उपचार के साथ ही अन्य सभी सम्बन्धित विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

 

स्वच्छता व पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से राज्य में सभी होटल व होम स्टे की ग्रीन लीफ रेटिंग को अत्यन्त महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को इस सम्बन्ध में त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने क्लाउड किचन के मामलें में स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं।

 

राज्य में सभी वाहनों में Garbage Bag अनिवार्यतः लगाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने परिवहन व पुलिस विभाग के साथ ही उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सक्रियता के साथ चैकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

 

 

विदित है कि स्वच्छता ही सेवा अभियान 2024, जो भारत सरकार की एक राष्ट्रव्यापी स्वच्छता पहल है, 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा।

 

इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा अभियान की थीम ‘‘स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’’ के तहत स्वच्छता को व्यवहार के हिस्से के रूप में बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

अभियान में तीन प्रमुख घटक शामिल हैं: जन भागीदारी, स्वच्छता प्राप्त करना, और सफाई मित्रों, सफाई कर्मचारियों और अन्य हितधारकों की मान्यता जो पिछले एक दशक से कार्यक्रम का अभिन्न अंग रहे हैं।

 

पखवाड़े भर चलने वाले इस अभियान में जिला प्रशासन और राज्य सरकार की व्यापक भागीदारी होगी, जिससे राज्यभर में स्वच्छता के प्रति सहयोगात्मक और समन्वित दृष्टिकोण विकसित होगा।

बैठक में सचिव श्री शैलेश बगौली, अपर सचिव श्री नितिन भदौरिया सहित शहरी विकास, पेयजल, पर्यटन विभाग के अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने किया अनुसूचित जाति के युवाओं से संवाद

 

*बड़ी संख्या में युवाओं एवं स्थानीय जनता ने मुख्यमंत्री का किया स्वागत*

 

*समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का है हमारा संकल्प-मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का रविवार को खटीमा मुख्य चौराहे पर वाल्मीकि समाज एवं पर्यावरण मित्रों द्वारा पगड़ी पहनाकर तथा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण देने, पर्यावरण मित्रों का वेतन 7000 से 15000 किये जाने तथा राज्य की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने के निर्णय पर सभी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का हमारा संकल्प है। इस दिशा में जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाएं संचालित की गई है। युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार के बेहतर साधन उपलब्ध हो इस दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। नकल विरोधी कानून से आज युवाओं की प्रतिभा को पहचान मिली है। आज युवा एक नही दो तीन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे है। शीघ्र ही सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की व्यवस्था हो इसके लिए समान नागरिकता लागू करने की भी प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून, अवैध अतिक्रमण हटाये जाने, दंगारोधी कानून लागू करने से समाज में सुख शांति एवं आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलेगा। इससे देवभूमि के मूलस्वरूप को बनाये रखने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।

 

कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों के प्रांतीय नेता पूर्व दर्जा राज्य मंत्री संतोष गौरव अनिल कुमार नीरज कुमार राकेश कुमार राजा विनोद कुमार विजय पंकज रामू श्याम विक्की विक्रम श्रीमती जय एवं श्रीमती गणेश देवी ललिता देवी किलो देवी श्यामवती कलावती रूपा देवी नीतू सिंह सैकड़ो संख्या में वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधित उपस्थित थे।