Friday, April 24, 2026
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नैनीताल के कालाढूंगी के तहत पनचक्की चौराहे से कमलुवागांजा तक 8.2 कि0मी0 लम्बी नहर कवरिंग के निर्माण कार्य को स्वीकृति

*हल्द्वानी शहर की ट्रैफिक समस्या का समाधान*

*मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने योजना पूरी करने हेतु एक वर्ष की समयसीमा दी*

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने नैनीताल के कालाढूंगी के तहत पनचक्की चौराहे से कमलुवागांजा तक 8.2 कि0मी0 लम्बी नहर कवरिंग के निर्माण कार्य के प्रस्ताव को सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति की बैठक में अनुमोदन दिया। इस नहर के कवरिंग व सुदृढ़ीकरण से मार्ग की चौड़ाई बढ़ने से चौफला, कठघरिया, कमलुवागांजा, घुनी, भगवानपुर एवं रामणी की आबादी लाभान्वित होगी। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने इस योजना को निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखते हुए समयबद्धता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। योजना के निर्माण की अवधि 12 माह प्रस्तावित की गयी है। योजना की लागत 1245.64 लाख रूपये है। मुख्य सचिव ने योजना के निर्माण के दौरान ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज व पौधारोपण पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

 

 

सीएस श्रीमती रतूड़ी ने कहा कि कॉलटैक्स-पनचक्की से लेकर चौफुला-कठघरिया तक नहर कवरिंग एवं मार्ग का चौड़ीकरण करने से यह मार्ग एक 2 लेन बाईपास के रूप में कार्य करेगा। जिसके फलस्वरूप नैनीताल से दिल्ली/देहरादून वाया बाजपुर/रामनगर, कॉर्बेट नेशनल पार्क को आने जाने वाले यात्रियों के लिए यह उपयोगी सिद्ध होगा। इससे हल्द्वानी शहर के यातायात घनत्व को कम किया जा सकता है।

 

बैठक में सचिव श्री पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव डा0 अहमद इकबाल, श्री विनीत कुमार सहित लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

सरुताल को ट्रेक ऑफ़ द ईयर बनाने के लिए क्षेत्रीय लोगों ने जताया सीएम का आभार

  • औली की तर्ज़ पर सुतड़ी बुग्याल को शीतकालीन क्रीड़ा स्थल बनाया जाये : चौहान

 

देहरादून 25 अगस्त। राज्य सरकार द्वारा जनपद उत्तरकाशी के सर बडियार/सरनौल – सौत्तरी से सरूताल तक ट्रेक को ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित किए जाने पर खुशी जताते हुए पुरोला विधानसभा से आए प्रतिनिधि मंडल ने

रविवार को जी.टी.सी हेलीपैड देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उनका आभार जताया।

 

विधायक पुरोला श्री दुर्गेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सर-बडियार/सरनौल – सौत्तरी से सरूताल तक ट्रेक को ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित किए जाने के बाद पुरोला क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे एवं ट्रैक मार्ग पर पर्यटकों एवं ट्रैक्टर्स की संख्या बढ़ेगी। ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित होने से क्षेत्र में बुनियादी विकास सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रुकेगा, जिससे क्षेत्र के लोग काफी उत्साहित हैं।

 

बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने सीएम धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएम धामी ने उत्तरकाशी और बड़कोट आगमन पर जो वादा वर्ष 2023 में किया था वो पूरा किया है । और ये रँवाईं के चौमुखी विकास के लिए मिल का पत्थर साबित होने वाला है इस कार्य से पूरे क्षेत्र में अपार उत्साह का माहोल है । उन्होंने सरनोल बड़ियार सुतड़ी सरुताल को ट्रैक ऑफ दि ईयर बनाने के लिए पुरोला बडीयार एवं यमुनाघाटी क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी का आभार व्यक्त किया ।चौहान ने मुख्यमंत्री से नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण सुतड़ी सरूताल को पर्यटन मानचित्र पर स्थान देने की माँग करते हुए सुतड़ी को औली की तर्ज़ पर शीतक़ालीन क्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित करने के लिए भी अनुरोध किया ।

 

भाजपा जिला अध्यक्ष ( उत्तरकाशी) श्री सतेंद्र सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तरकाशी के विकास के लिए हमेशा अग्रसर रहते हैं। उत्तरकाशी जिले में ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित होने से क्षेत्र के विकास को नई मजबूती मिलेगी। इससे उत्तरकाशी क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा एवं दूरस्थ क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार होगा। बड़ी संख्या में ट्रैकर्स के आने पर क्षेत्र के युवा होमस्टे एवं स्वरोजगार को अपना कर उत्तरकाशी के साथ ही राज्य की आर्थिकी को मजबूत करेगें।

 

इस दौरान भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर सिंह चौहान, श्री धर्मवीर ज्याडा, श्री अरविंद ज्याडा, श्री कैलाश रावत, श्री जगवीर सिंह रावत, श्री चिरंजीव सेमवाल एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संचालित प्लास्टिक वेस्ट मेनेजमेंट के डिजिटल डिपॉजिट रिफन्ड सिस्टम का शुभारंभ किया

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संचालित प्लास्टिक वेस्ट मेनेजमेंट के डिजिटल डिपॉजिट रिफन्ड सिस्टम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं प्लास्टिक की बोतल को बार कोड से स्कैन कर डिजिटल पेमेंट प्राप्त किया।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक की खपत को कम करने एवं अधिक से अधिक प्लास्टिक को रिसाइकल कर, उसे इस्तेमाल में लाने के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफन्ड सिस्टम का शुभारंभ एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा डिजिटल डिपॉजिट रिफन्ड सिस्टम को धरातल में उतारने के लिए समन्वय से कार्य किये जाएं। यह पहल चार धाम यात्रा एवं अन्य पर्यटन स्थलो में भी कूड़े की खपत को कम करते हुए स्वच्छता का वातावरण बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक की समस्या संपूर्ण विश्व के लिए चुनौती बन गई है। धार्मिक और पर्यटन स्थलों में प्लास्टिक की बड़ी समस्या के तौर पर सामने आती है। इसके समाधान हेतु राज्य सरकार ठोस कदम उठा रही है। राज्य में स्वच्छता का वातावरण बनाते हुए क्लीन उत्तराखंड, ग्रीन उत्तराखंड पर सरकार विशेष फोकस कर रही है। राज्य की प्राकृतिक संपदा हम सभी के जीवन का अभिन्न अंग है , इसको सुरक्षित रखना भी हम सभी की सामुहिक जिम्मेदारी है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल डिपोजिट रिफन्ड सिस्टम को 2 साल पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उत्तराखंड में लाया गया था। जिसके सफल संचालन के लिए उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले को डिजिटल इंडिया अवॉर्ड 2022 से भी सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा नदियां, जंगल, पहाड़ राज्य की धरोहर और पहचान है। प्लास्टिक हमारी इन धरोहरों को खतरे में डाल रही है। जिसके निस्तारण के लिए राज्य सरकार विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गई थी। जिससे भारत में स्वच्छता के क्षेत्र में नई क्रांति का संचार हुआ था। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा की स्वच्छता के लिए अनेक कार्य हो रहे हैं।

 

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे का एकत्रीकरण सरल हो जाएगा। डी.डी.आर.एस के तहत प्लास्टिक बोतल / प्लास्टिक पदार्थों का उत्पादन करने वाली ईकाईयों द्वारा ’क्यूआर कोड सिस्टम’ जनित किया जायेगा, जिससे उपभोगताओं द्वारा प्लास्टिक पैकेजिंग में भण्डारित पदार्थों का प्रयोग करने के पश्चात् प्लास्टिक अपशिष्ट को नज़दीकी डी.डी.आर.एस सेंटर को वापस किया जायेगा व बार कोड स्कैन करने के पश्चात् उपभोगता को प्रत्येक प्लास्टिक अपशिष्ट पर एक निश्चित धनराशि वापस की जायेगी। डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम के लागू होने से प्लास्टिक कचरे को सरकुलर इकोनॉमी में वापस लाया जा सकेगा, जिससे संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा।

 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ धनंजय मोहन, विशेष सचिव / मेंबर सेक्रेटरी, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव युगल किशोर पंत, श्री आलोक कुमार पाण्डेय, एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

घोड़े- खच्चरों की आवाजाही के लिए खुला केदारनाथ मार्ग

 

 

*आपदा के 26 दिनों के भीतर खुला मार्ग

*घोड़े- खच्चरों से शुरू हुई राशन एवं अन्य सामग्री की आपूर्ति

 

श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते बंद हुए पैदल मार्ग घोड़े- खच्चरों के लिए 26 दिनों के भीतर ही खुल गए हैं। यात्रा मार्ग पर घोड़े- खच्चरों की आवाजाही के साथ ही घोड़े- खच्चरों से राशन एवं अन्य अनिवार्य सामग्री की आपूर्ति भी शुरू हो गई है।

 

केदारनाथ पैदल मार्ग को जिला प्रशासन एवं मजदूरों की कड़ी मेहनत के बाद दुरुस्त कर लिया गया गया। 25 दिन बाद ही घोड़े खच्चर केदारनाथ पहुंचना शुरू हो गए हैं।

बता दें कि 31 जुलाई की रात केदारनाथ पैदल मार्ग पर आई त्रासदी के कारण जगह-जगह ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद सबसे पहली प्राथमिकता के तहत पैदल मार्ग से तीर्थ यात्राओं को सुरक्षित निकाला गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी और डीएम सौरभ गहरवार के नेतृत्व में चले रेस्क्यू अभियान में हजारों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनता को हेली सेवा के साथ पैदल आवाजाही से उनकी जान को बचाया गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से पैदल मार्ग को तेजी के साथ दुरुस्त करने की चुनौती थी। इस चुनौती को भी जिला प्रशासन ने पार पा लिया जिसके बाद मार्ग को घोड़ा खच्चर संचालन के लिए भी दुरुस्त कर लिया गया है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि आपदा से 19 किलोमीटर पैदल मार्ग 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। जिलाधिकारी के निर्देशन एवं निगरानी में तेजी से काम होने के चलते पैदल मार्ग के बाद घोड़े खच्चरों की आवाजाही भी शुरू हो गई है।

 

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द पैदल मार्ग को और अधिक दुरुस्त किया जाए, जिससे ज्यादा संख्या में भक्त बाबा केदारनाथ के धाम पहुंच सके। पैदल मार्ग पर सैकड़ों की संख्या में लोनिवि गुप्तकाशी के मजदूर मार्ग का ट्रीटमेंट करने में लगे हुए हैं। इसके अलावा सोनप्रयाग – गौरीकुण्ड राजमार्ग को भी दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है। यहां भी जल्द ही वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। एनएच विभाग की मशीने और मजदूर रात दिन राजमार्ग को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने सालम क्रांति के शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि

 

*सालम क्रांति के नायको का है स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान।*

*मुख्यमंत्री ने सालम शहीद समारक के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिये की कुल 50 लाख की घोषणा।*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जनपद अल्मोडा की तहसील जैंती के धामदेव में सालम क्रांति दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद नर सिंह एवं टीका सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वतंत्रता सेनानी नर सिंह और टीका सिंह ने अग्रेजो से लड़ते हुए 25 अगस्त 1942 को इस स्थान पर अपना बलिदान दिया था। उनकी बरसी पर हर साल धामदेव में सालम क्रांति दिवस मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सालम क्रांति का देश में विशेष महत्व है। देश की आजादी में जैंती क्षेत्र का अहम योगदान रहा है। शहीद टीका सिंह धामदेव, अल्मोड़ा जनपद के लमगड़ा क्षेत्र में रहने वाले एक प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह में हिस्सा लिया और देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। टीका सिंह का नाम उन गिने-चुने स्थानीय नायकों में आता है जिन्होंने अपने साहस और बलिदान से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय गोपाल नाथ की पत्नी श्रीमती सरोली देवी को भी शॉल भेट कर सम्मानित किया।

*इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सालम शहीद समारक के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिये कुल 50 लाख की घोषणा की इसमें पूर्व में शिक्षा मंत्री द्वारा की गई 25 लाख की घोषणा भी इसमें शामिल है। मुख्यमंत्री ने मोरनौल जैंती से चौकुना दन्योला मोटर मार्ग का नाम अमर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सैनानी श्री नरसिंह धानक जी के नाम पर किये जाने तथा उनकी स्मृति में उनके पैतृक गांव में स्मारक बनाये जाने की भी घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सालम शहीद स्मारक स्थल का पर्यटन विभाग एवं संस्कृति विभाग द्वारा मास्टर प्लान बनाकर विकसित किये जाने, जैंती से मोर नौला तक मोटर मार्ग में हाटमिक्स एवं चौड़ीकरण का कार्य किये जाने, पनार नदी के सैमदेव नामक स्थान से धामदेव व कुटोली के टाबिसै तक पंपिंग योजना का निर्माण किये जाने, कुसैल बैंड, जैंती, छाना, खरकुटा से थुवा सिमल तक लिंक मोटर मार्ग का निर्माण किये जाने, ग्राम पंचायत पीतना में बहुउद्देशीय भवन का निर्माण किये जाने, भनोली के महाविद्यालय में सुविधाओं के विकास हेतु उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से परीक्षण कराये जाने, गांधी इंटर कालेज में 4 कक्षा-कक्षों का निर्माण किये जाने, ध्याडी खोला एवं छाना धारकोटा में खेल मैदानों के लिए 25-25 लाख रुपए, की धनराशि प्रदान किये जाने, सिल्दिया मल्ला में शिव मंदिर का सौंदर्यीकरण किये जाने के साथ ही राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के उच्चीकरण किये जाने पर विचार किये जाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की।*

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 अगस्त का दिन हमारे लिए महत्वपूर्ण दिवस है हमारे वीर नरसिंह एवं टीका सिंह ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों से लड़ते हुए आज के दिन ही अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उनके बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनके इस बलिदान ने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान क्षेत्र में आंदोलन की एक नई अलख जगाई थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की बदौलत ही आज हम स्वतंत्र एवं खुशहाल जीवन जी रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहीदों के सपनों के अनुरूप विकसित भारत बनाने का संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लिया है। आज देश के सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। शहीद स्मारकों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत बनने का सपना साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने विकसित राष्ट्र का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमारी सरकार भी इस दिशा में निरन्तर कार्य कर रही है। आज भारत का मान व सम्मान विश्व में बढा है भारत की बात को विश्व के देश सुनते हैं एवं विश्व पटल पर यदि भारत कोई बात करता है तो उस पर ध्यान दिया जाता है। बदलते भारत की नई तस्वीर हम सबको दिखाई दे रही है। हमारी सरकार द्वारा जन कल्याण के लिये चलाई जा रही योजनाये प्रदेश के आमजन जीवन को आसन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। भ्रष्टाचार पर हमारी सरकार ने कड़ा शिकंजा कसा है। डीबीटी के माध्यम से गरीबों का पैसा उनके खाते में पहुंच रहा है। प्रदेश के समग्र विकास का हमारा संकल्प है।

*मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हवालबाग स्थित रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर (आरबीआई) का भी किया उल्लेख।*

मुख्यमंत्री धामी ने आरबीआई हवालबाग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान आज ग्रामीण अंचल के व्यवसायियों एवं नवयुवकों एवं रोजगार के लिये प्रशिक्षित कर रहा है। अपने उत्पादों एवं सेवाओं की विपणन व ब्रांडिंग आदि के बारे में प्रशिक्षण प्रदान कर युवओ के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे है। जागेश्वर के विधायक मोहन सिंह मेहरा ने भी वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर जिलाधिकारी विनीत तोमर, एसएसपी देवेंद्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे, जिलाध्यक्ष बीजेपी रमेश बहुगुणा, महामंत्री धर्मेंद्र बिष्ट,शहीद स्मारक सालम समिति अध्यक्ष दीवान सिंह बोरा समेत अन्य जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय जनता एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

स्थायी राजधानी मे बाधक बनने वाले कांग्रेसी नेताओं के नाम सार्वजनिक करे हरदा: चौहान

राज्य के सरोकारों पर चुप्पी साधते रहे हैं हरीश रावत

भाजपा ने पूर्व सीएम हरदा के स्थायी राजधानी गैरसैंण को लेकर दिए बयान पर पलटवार करते हुए चुनौती दी कि वे स्थाई राजधानी बनाने से रोकने वाले कांग्रेस नेताओं का नाम बताए अन्यथा गलतबयानी के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगे। हालांकि उनका इतिहास राज्य निर्माण विरोध से पटा पड़ा है, ऐसे में गैरसैंण को योग, ध्यान और सैमिनार आदि कार्यक्रमों का केंद्र बनाने को लेकर सीएम धामी की कोशिशें उन्हें दिखाई नही देने वाली हैं।

 

प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि अगर, उनकी स्थाई राजधानी बनाने की तथाकथित कोशिशों में थोड़ी सी भी सच्चाई है तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि वह कौन से कांग्रेस नेता है जिन्होंने अपने मुख्यमंत्री को ऐसा करने से रोका? और वह कौन सी कमजोरी रही जिसके चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री का गैरसैंण को लेकर प्यार काफूर हो गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम हरदा की असलियत से प्रदेश की जनता अच्छी तरह वाकिफ है । उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन को पेचीदा बनाने मे लगे रहे हरदा फिर केंद्र शासित राज्य बनाने का शिगूफा भी छोड़ा। उन्होंने कहा कि अटल जी ने राज्य गठन कर जब राज्य के विकास

के लिए आर्थिक पैकेज दिया तो मनमोहन सरकार द्वारा उसे वापिस लेने पर अन्य कांग्रेस नेताओं की तरह हरीश रावत का मुंह तक नही खुला। बतौर मुख्यमंत्री कुछ भी विकास कार्य वहां नही कराए और अब गैरसैंण को लेकर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं ।

 

उन्होंने कहा कि दरअसल कांग्रेस को सीएम धामी द्वारा वहां कराए जा रहे विकास कार्य एवं प्रस्तावित योजनाएं हजम नही हो रही हैं । सरकार गैरसैंण को योग, ध्यान, अध्यात्म के केंद्र के रूप में भी विकसित करने जा रही है। सभी जानते हैं कि हमारी प्राथमिकता गैरसैंण का सर्वांगीण विकास है इसके लिए गैरसैंण भवन में सालभर विभिन्न प्रशिक्षण, वर्कशॉप, सेमिनार कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। सीएम ने समन्वय हेतु सचिव स्तर के अधिकारी को यह ज़िम्मेदारी दी गई है ताकि ऐसे विभिन्न कार्यक्रमों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिले।

 

उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली विधान सभा गठन से लेकर सभी कांग्रेसी सरकारों मे हरीश रावत एक मुख्यधारा मे कद्दावर नेता रहे और उन्होंने राज्य की कमान भी संभाली, लेकिन वह राज्य के सरोकारों को लेकर आवाज नही बन सके। महज गुटबाजी और अस्थिरता को बढ़ावा देते रहे। राज्य को उनके अनुभवों का लाभ नही मिल सका जो कि दुखद है।

राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड बनाना हमारा लक्ष्य-मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी मंच के पदाधिकारियों ने भेंट की। राज्य आन्दोलनकारियों के लिए सरकारी सेवा में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिये जाने की व्यवस्था के प्रति सभी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड़ बनाना हमारा लक्ष्य है। इस दिशा में हम विकल्प रहित संकल्प के साथ तत्परता से कार्य करे रहे है। राज्य निर्माण में राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष को प्रदेशवासी सदैव याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण आन्दोलन के वे भी साक्षी रहे है, खटीमा के जन आन्दोलन को उन्होने स्वयं देखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को कभी भूल नहीं सकती। हमारी सरकार उनकी सुविधाओं को शीर्ष प्राथमिकता देने के साथ उनके सपने के अनुरूप राज्य के विकास के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों को राज्य सरकार ने राज्य आन्दोलनकारियों एवं उनके सभी आश्रित पात्रों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था, तमाम कठिनाईयों के बावजूद क्षेतिज आरक्षण को अब लागू कर दिया गया है। इससे राज्य आन्दोलनकारियों की एक बड़ी लम्बित मांग की भी पूर्ति हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के साथ ही उनकी मृत्यु के पश्चात् उनके आश्रितों को भी पेंशन देने का निर्णय लिया है। हम शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के बलिदान को भूल नही सकते है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश विकास की दिशा में निरन्तर आगे बढ़ता जा रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी विकास के सूचकांक में प्रदेश प्रथम स्थान पर रहा है। प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश प्रगति के पथ पर निरन्तर अग्रसर है। लगभग 2 लाख करोड की केन्द्रीय योजनाओं पर राज्य में कार्य हो रहे है। सड़क निर्माण हो स्कूल निर्माण हो या हॉस्पिटल या फिर कोई भी प्रदेश हित का कार्य हो, इसके लिए किसी भी प्रकार की धन की कमी नही होने दी जायेगी। उन्होेंने कहा कि हम प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है इसके लिए सिर्फ सरकार ही नही बल्कि सभी को सहयोग करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गत वर्ष आयोजित इन्वेस्टर सम्मिट में बडी संख्या मंे उद्योगपति निवेश के लिए राज्य में आ रहे है। इससे हमारे युवाओं को राज्य में ही रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे तथा पलायन पर भी रोक लगेगी। उन्होने कहा प्रदेश में अवैध अतिक्रमण की समस्या का निदान करते हुए लगभग 5000 एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है। मुख्यमंत्री ने सभी से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।

मुलाकात के दौरान उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रवींद्र जुगरान, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती सहित बडी संख्या में मंच के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

सत्र मे जरूरी विधायकों और अनुपूरक बजट पारित होने पर भट्ट ने जतायी प्रसन्नता

 

 

खेल यूनिवर्सिटी, भू कानून में सुधार और दंगा रोधी विधेयक अमन चैन और विकास के लिए जरूरी

 

देहरादून 22 अगस्त । भाजपा ने गैरसैंण सत्र के महत्वपूर्ण विधेयकों और अनुपूरक बजट पारित करने के साथ संपन्न होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने सदन में सहयोग के लिए सभी विधायकों का आभार व्यक्त किया तथा खेल यूनिवर्सिटी, भू कानून में सुधार के अतिरिक्त दंगा रोधी विधेयक पारित होने को राज्य में अमन चैन और विकास के लिए जरूरी बताया। साथ ही उन्होंने विपक्ष से सत्र की अविधि को लेकर राजनैतिक बयानबाजी से बचने का आग्रह किया है।

 

मानसून सत्र के पूर्व निर्धारित बिजनेस के अनुरूप सकुशल संपन्न होने पर उन्होंने खुशी जताई । साथ ही लोकतांत्रिक परंपरा के निर्वाहन के लिए मुख्यमंत्री श्रीं पुष्कर धामी एवं उनकी सरकार समेत पक्ष विपक्ष के सभी विधायकों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने सदन में पारित विधेयकों, विशेषकर उत्तराखंड लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली विधेयक को भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता बताया। हम किसी भी कीमत पर देवभूमि की पहचान और उसकी शांति से किसी को भी खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दे सकते हैं । लिहाजा दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के लिए बिना किसी देरी किए हमारी सरकार इस मुद्दे पर कठोरतम अध्यादेश लेकर आई थी। अब सर्वसम्मति से सदन से पास होने के बाद शीघ्र ही यह विधेयक कानून की शक्ल लेगा और जिससे उपद्रवियों की मंशा पर लगाम निश्चित है । इसी तरह उन्होंने खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को युवाओं के लिए सुनहरा अवसर प्रदान करने वाला बताया। वहीं जमीदारी उन्मूलन संशोधन कानून, नगरपालिका एवं नगर निगम अधिनियम संशोधन से नए परिसीमन के कारण परिधि में आए क्षेत्रों को राहत मिलेगी। अनुपूरक बजट के पास होने पर खुशी जताते हुए उन्होंने आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जाहिर की। साथ ही कहा कि अब शिक्षा, सड़क व्यवस्था एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के सुचारू संचालन में सरकार तीव्र गति से आगे बढ़ेगी।

 

उन्होंने सत्र की अविधि को लेकर उठाए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि नियमावली के तहत जब सत्र का बिजनेस तय होता है तो उस समय विपक्ष के विधायक भी रहते हैं । बैठक में तय लक्ष्य के अनुरूप ही सदन का संचालन किया गया है, जिसमे विपक्ष ने भी सहयोग किया । लेकिन मात्र राजनैतिक भाषणबाजी के लिए सदन को चलाया जाना, जनता के विश्वास और धन की बर्बादी करना उचित नही है। उन्होंने आग्रह किया कि प्रत्येक मुद्दे पर विपक्ष का राजनीति करना उचित नही है।

 

ईडी दफ्तरों पर कांग्रेसी प्रदर्शन दबाव और काले कारनामों पर पर्दे की कोशिश: चौहान

  • पारदर्शिता को बर्दाश्त नहीं कर पा रही कांग्रेस

भाजपा ने ईडी दफ्तरों के कांग्रेसी घेराव को जांच एजेंसियों पर दबाव डालकर, अपने काले कारनामों पर पर्दा डालने की कोशिश बताया है।

 

प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर सिंह चौहान ने पलटवार किया कि ईडी के पास मात्र 3 फीसदी मामले ही राजनेताओं के हैं उसमें भी अधिकांश नेता कांग्रेसी हैं । लिहाजा जांच एजेंसियों का विरोध बताता है कि कांग्रेस का हाथ अब भी भ्रष्टचारियों के साथ है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों का इस तरह का राजनैतिक घेराव बताता है कि कांग्रेस पारदर्शिता को बर्दाश्त नही कर पा रही है। क्योंकि कल तक ईडी जैसी जांच एजेंसियों के गठन का क्रेडिट लेनें वाली कांग्रेस ही, अब इन जांच एजेंसियों की विश्वसनीयताच पर सवाल उठा रही है। आज ईडी भ्रष्टाचार के जितने मामलों की जांच कर रही है, उसमें सिर्फ 3 प्रतिशत राजनेता हैं, बाकी के 97% मामले अफसरों और अपराधियों के खिलाफ हैं। अब तक काग्रेस पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के सरकारी 1 रुपए के 15 पैसे में बदलने के सिद्धांत मानकर चलते रहे। यही वजह है कि अधिकांश भ्रष्टाचार के मामले उनके नेताओं द्वारा ही अंजाम दिए गए हैं, ऐसे में जांच एजेंसी की क्या गलती है। दरअसल कांग्रेस करप्शन को बढ़ावा देती रही है और यही वजह हैं कि उन्हें भ्रष्ट सिस्टम के बने रहने में ही फायदा नजर आता है।

 

भ्रष्टाचार निवारण में ईडी की भूमिका इन आंकड़ों से ही स्पष्ट होती है कि 2014 से पहले ईडी ने मनमोहन सरकार में केवल 34 लाख रुपए कैश जब्त किए थे, जबकि एनडीए की सरकार में उसने 2,200 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश जब्त किए हैं। मोदी सरकार से पहले इस संस्था ने केवल 5,000 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की थी। पिछले 10 सालों में यह राशि एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गई है। हमारी एनडीए सरकार ने 2014 में सरकार बनने के तुरंत बाद सेवभ्रष्टाचार के खिलाफ कई स्तर पर कड़े कदम उठाए। लेकिन कांग्रेस और उनके सहयोगी इंडी गठबंधन को यह सब हजम नही होने वाला। जिन्होंने देश को लूटने का काम किया है उन सभी पर ही ED की तलवार लटकी है । यही वजह है कि वे नेगेटिव नैरेटिव फैलाकर देश की सभी जांच एजेंसियों की छवि खराब कर, जांच प्रभावित करना चाहती हैं ।

 

 

भराड़ीसैंण में माँ भराड़ी देवी का बनेगा भव्य मंदिर

*गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में बनेगा पत्रकारों के लिए रेस्टहाउस, मुख्यमंत्री ने की घोषणा

*गैरसैंण को योग, ध्यान, अध्यात्म के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा- मुख्यमंत्री

*सालभर गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम, सचिव स्तर के अधिकारी को दी जाएगी ज़िम्मेदारी*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित मुख्यमंत्री आवास में जनपद चमोली के विभिन्न पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ पत्रकारों के शिष्टमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री धामी ने पत्रकारों की माँग पर गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में पत्रकारों के लिये रेस्टहाउस बनाए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने महानिदेशक सूचना को निर्देशित किया कि इस संबंध में तत्काल कार्ययोजना तैयार किया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने सचिव संस्कृति एवं धर्मस्व श्री हरिचन्द्र सेमवाल को निर्देश दिए कि गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में माँ भराड़ी देवी का भव्य मंदिर बनाया जाए एवं इसके लिए स्थानीय जनता एवं हितधारक तीर्थ पुरोहितों के सुझाव लिए जाएं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि गैरसैंण का सर्वांगीण विकास हो इसके लिए गैरसैंण (भराड़ीसैंण) भवन में सालभर विभिन्न प्रशिक्षण, वर्कशॉप, सेमिनार कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में सालभर चलने वाले कार्यक्रमों हेतु सचिव स्तर के अधिकारी को यह ज़िम्मेदारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षभर संचालित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण को योग, ध्यान, अध्यात्म के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण में पुलिस आवास का निर्माण कार्य गतिमान है।

 

 

इस अवसर पर महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, चमोली जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री देवेन्द्र रावत, वरिष्ठ पत्रकार श्री क्रांति भट्ट, श्री रजपाल बिष्ट, श्री दिनेश थपलियाल श्री जगदीश पोखरियाल उपस्थित रहे।