Saturday, March 7, 2026
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योजनाओं के क्रियान्वयन में हो विज्ञान एवं तकनीकि का उपयोग- मुख्यमंत्री

*सहकारिता की जन कल्याणकारी योजनायें बने गेम चेंजर

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि लंबे समय से संचालित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए इस दिशा में सुधारत्मक प्रयास की दिशा में कार्य किये जाएं। इन योजनाओं से लाभार्थियों को कितना फायदा हुआ और योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए और क्या विशेष नवाचार किये जा सकते हैं, इस दिशा में नियोजन विभाग के सहयोग से कार्य किया जाए। राज्य सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं को गेम चेंजर बनाने की दिशा में कार्य किये जाने पर भी उन्होंने बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के तहत स्वयं सहायता समूहों को प्रदान किये जा रहे ऋण की धनराशि की सीमा में वृद्धि की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रस्ताव लाया जाए। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बेहतर बाजार मिले, इसके लिए सप्लाई चेन को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा सहकारिता विभाग संबधित विभागों से भी समन्वय स्थापित कर योजनाओं को आगे बढ़ाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बंजर भूमि चिन्हित कर विभिन्न क्लस्टरों के माध्यम से उसे खेती योग्य बनाने के प्रयास किये जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक और पारम्परिक पद्धतियों के माध्यम से कृषि उत्पादन में वृद्धि की जाए। मुख्यमंत्री ने क्लस्टरों में मिल्लेट्स, सब्जियां, दालें, फल, औषधीय और सुगंधित पौधों फसलों, चारा फसलों और कृषि पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य स्थानीय समुदाय को आजीविका के अवसर प्रदान कर, रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देना है। सहकारिता से मिलेट्स उत्पादों को और अधिक बढ़ावा मिले, इसके भी पयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभिन्न जनपदों में चयनित क्लस्टरों की संख्या में वृद्धि के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत मत्स्य पालन, मौन पालन, मशरूम उत्पादन के निर्धारित लक्ष्यों को बढ़ाया दिया जाए। विभिन्न परियोजनाओ में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की नवीन तकनीकियो का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार द्वारा 85 करोड की ब्याज प्रतिपूर्ति का बजटीय प्राविधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 1,90,000 सहकारी सदस्यों को 1300 करोड़ रूपये का ब्याज रहित ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अन्तर्गत अभी तक कुल 960510 लाभार्थियों एवं 5339 स्वयं सहायता समूहों को कुल 5621.25 करोड रूपये़ का ऋण वितरित किया जा चुका है। राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना से 50 हजार से अधिक किसान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। इसके तहत जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, निबंधक सहकारिता श्री आलोक कुमार पाण्डेय एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

केदारनाथ यात्रा की कमान मुस्लिम आरक्षण के पैरोकार और नशा तस्करों के हाथ: चौहान

तुष्टिकरण मे आपा खो बैठी कांग्रेस, धामों की पवित्रता का रखे खयाल

 

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा, घोर सनातन विरोध के चलते कांग्रेस आपा खो गयी है और अब जहां चार धाम क्षेत्र को नशे के दलदल मे झोंकने की साजिश की जा रही है तो वहीं सनातन द्रोहियों के पल्ले यात्रा प्रबंधन किया जा रहा है।

 

कांग्रेस की केदारनाथ यात्रा पर पूछे गए सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा कि कांग्रेस चुनावी अवसर को भुनाने के लिए हर हथकंडे आजमाते हुए सभी हदें पार कर रही है। उन्होंने कहा कि सहसपुर मे नशा तस्करी मे जेल गए एक व्यक्ति को केदार की भूमि उखीमठ का ब्लॉक अध्यक्ष बना दिया गया है। इस नियुक्ति के जरिये कांग्रेस क्षेत्र के युवा और मातृ शक्ति को क्या संदेश देना चाहती है समझा जा सकता है। इन धामों मे नशे के फलने फूलने मे कहीं कांग्रेस का हाथ सहयोगी की भूमिका तैयार तो नही कर रहा है यह सवाल बन गया है। अभी हमारे पर्वतीय अंचल और चार धाम नशे से दूर हैं, लेकिन तमाम प्रवचन करने वाले विपक्षियों के सामने यह सवाल खड़े हैं।

चौहान ने कहा कि कांग्रेस के ही कार्यकर्ता और मुस्लिम आरक्षण की मांग करने वाले व 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद शहीद दिवस ब्लैक डे मनाने वाले प्रमुख चेहरे भी यात्रा का हिस्सा बने हुए हैं। दिन रात सनातन देवी देवताओं को कोसने वाले केदार प्रतिष्ठा के लिए अचानक निष्ठा और प्रेम का प्रदर्शन करे तो इससे अधिक नौटंकी क्या हो सकती है। कांग्रेस अध्यक्ष की यात्रा के हमराह और कदमताल कर रहे सनातन विरोधी मुस्लिम आरक्षण के पैरोकार कांग्रेस की मंशा को भी उजागर कर रहे हैं। चौहान ने कहा कि यह संयोग है या उसकी तुष्टिकरण का फल कि यात्रा मे भोजन आदि का प्रबंधन भी एक पूर्व राज्य मंत्री समुदाय विशेष के ही पास हैं।

 

चौहान के कहा कि जब पार्टी के बड़े नेता इस सनातन विरोधी यात्रा से कन्नी काट चुके हैं तो ऐसे मे तुष्टिकरण के फल उसके लिए मुफीद साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि धामों के खिलाफ दुर्भावनावश साजिश को किसी भी तरह से स्वीकार नही किया जायेगा। भाजपा पवित्र धामों मे सनातन विरोधियों की आमद को बर्दाश्त नही करेगी, क्योंकि उनका एक ही मकसद देश दुनिया मे हमारी रीति, नीति, परंपरा और हमारे धार्मिक स्वरूप को बदनाम करना है। समुदाय विशेष को खुश करने को अदालती लडाई के जरिये राम मन्दिर की राह मे कांटे बिछाने वाली कांग्रेस के लिए अब सनातन विरोधी मददगार बन रहे हैं। जनता इसे भूली नही है और कांग्रेस को सबक सिखायेगी।

 

 

सांसद राज्य सभा एवं भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष डा.नरेश बंसल ने सदन मे बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं होने पर बैंक ग्राहकों से जुर्माना वसूलने संबंधित जनहित का मुद्दा उठाया

 

डा. नरेश बंसल ने सदन मे स्पेशल मेनशन के माध्यम से यह विषय उठाते हुए कहा कि बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं होने पर बैंक ग्राहकों से जुर्माना वसूलते हैं। इस दंड से बचने के लिए आपके बचत खाते में न्यूमतम राशि की अनिवार्यता होनी जरूरी है। अगर आपके बचत खाते में एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) बैंक द्वारा तय की गई राशि से कम होता है तो आपसे ये जुर्माना वसूला जाता है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि अधिक समस्या इस बात को लेकर है कि ग्राहकों को इसकी पहले से जानकारी नहीं दी जा रही है। सॉफ्टवेयर के माध्यम से कम बैलेंस वाले खातों से स्वत: पेनाल्टी के रूप में रुपए काट लिया जा रहे हैं। हर महीने के क्लोजिंग डे के बैलेंस के औसत को मिनिमम अकाउंट बैलेंस कहा जाता है। मिनिमम अकाउंट बैलेंस अलग-अलग बैंकों और उनकी अलग-अलग शाखाओं पर निर्भर करता है। अर्ध-शहरी/ग्रामीण शाखाओं के मुकाबले मेट्रो/शहरी शाखाओं में अमूमन ज्यादा मिनिमम बैलेंस रखना होता है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि भारत मे बैक ग्राहको से ऐकाउंट मे मिनिमम बैलेंस नही रखने की वजह से 21000 करोड कमाने मे कामयाब रहे है। ज्यादा एटीएम ट्रांजैक्शन से 8000 करोड़ और मैसेजिंग से 6000 हजार करोड़। इस हिसाब से बैंको ने कुल 35000 करोड़ इन सुविधाओ से कमाए है आम जनता से। बैंक अलग अलग लोकेशन के हिसाब से ऐवरेज मंथली बैलेंस तय करता है जो ग्राहक को रखना होगा।
डा. नरेश बंसल ने सदन के माध्यम कि अगर मिनिमम बैलेंस नही हुआ तो जुर्माना लगाया जाता है इससे बैंकों के ग्राहकों में इससे आक्रोश है,इसे बंद किया जाना चाहिए।

 

बूढ़ा केदार की घटना पर भाजपा ने जताया दुख, कार्यकर्ताओं से राहत कार्यों मे जुटने का आह्वान

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने टिहरी के बूढ़ा केदार क्षेत्र में आपदा से हुई मौतों पर दुख जताते हुए कहा कि राज्य भर में आपदा पीड़ितों की मदद के लिए संगठन सरकार के साथ समन्वय से कार्य कर रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को राहत एवं बचाव कार्यों में बढ़चढ़ कर सहयोग करने के निर्देश दिये।

 

भट्ट ने भारी बरसात से टिहरी, उत्तरकाशी एवं रुद्रप्रयाग समेत देवभूमि में आई आपदा और आम लोगों को हुई जन धन की हानि को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है । साथ ही ईश्वर से मृतकों की आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान देने और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य होने की कामना की है । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बूढ़ा केदार में घटना स्थल का निरीक्षण किया है और बचाव एवं राहत कार्यों को तेज करने के आवश्यक निर्देश स्थानीय प्रशासन को दिए हैं। उन्होंने बताया कि समूचा प्रशासन एसडीआरएफ, पुलिस एवं फायर ब्रिगेड की टीम के साथ सभी जिलों में पीड़ितों को राहत पहुंचाने में लगा हुआ है ।

 

श्री भट्ट ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से अपने अपने क्षेत्रों में आपदा की घटनाओं के पीड़ितों की मदद में जुटने के निर्देश दिए। जिसके लिए सभी को पुलिस प्रशासन एवं आपदा टीम से समन्वय बनाकर काम करना है । आपदा प्रभावितों को सरकार के माध्यम से मिलने वाली मदद के अतिरिक्त हमारी कोशिश होनी चाहिए कि व्यक्तिगत एवं सामाजिक स्तर पर खाद्यान, निवास या अन्य जरूरत की चीजे उन्हें उपलब्ध हों । साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से सुनिश्चित करने को कहा कि रास्ता बंद होने की स्थिति में प्रभावित श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो।

 

उन्होंने कांग्रेस समेत विपक्ष में नेताओं से भी आग्रह किया कि आपदाकाल में सभी को राजनीति से ऊपर उठकर, एकजुटता से पीड़ितों की मदद करनी चाहिए। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आपदा प्रबंध तंत्र, जनता के सहयोग से संपूर्ण क्षमता से प्राकृतिक आपदा का सामना करने में लगा हुआ है । ऐसे में राजनैतिक लाभ के लिए अनावश्यक बयानबाजी करने से सभी को बचना चाहिए। ताकि आम लोगों एवं आपदा एजेंसियों का मनोबल प्रभावित नहीं हो। लिहाजा सभी को राजनैतिक कार्यकर्ता के बजाय सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका का निर्वहन करना चाहिए ताकि नुकसान को कम से कम करने में सफल हों ।

 

 

आपदा प्रबंधन को लेकर व्यवस्था चाक चौबंद, हर पीड़ित तक पहुँच रही मदद: चौहान

 

आपदा को लेकर कांग्रेस की दो धाराएँ,एक पीड़ितों के बीच दूसरी सैर सपाटे पर

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि आपदा प्रबंधन को लेकर सरकार की पूरी तैयारी चाक चौबंद है और रेस्क्यू टीम तत्परता से हर पीड़ित तक पहुँच रही है।

 

नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस यशपाल आर्य के आपदा प्रबंधन पर उठाये गए सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा कि पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के वावजूद प्रबंधन तंत्र बेहतर ढंग से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य रात्रि मे घटित तोली भूस्खलन की घटना के बाद मौके पर रेस्क्यू टीम पहुँच गयी थी और बचाव कार्य भी समय से शुरू हो गया। घटना मे मृतकों के आश्रितों को मुआवजा और भवन निर्माण के लिए राशि के चेक सौंपे जा चुके हैं।

 

उन्होंने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी लगातार राहत कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वह विधायक और डीएम से लगातार अपडेट ले रहे हैं। सीएम के निर्देश के बाद प्रभारी मंत्री प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। वहीं स्थानीय विधायक और प्रतिनिधि प्रशासन के साथ रेस्क्यू गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। सीएम ने जिला प्रशासन को तिनगढ़ गांव के अलावा आपदा प्रभावित क्षेत्र के अन्य संवेदनशील गाँवों को तत्काल चिन्हित कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। इसके साथ स्थानीय निवासियों के मवेशियों एवं अन्य पालतू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने की व्यवस्था करने तथा राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से चलाए जाने के निर्देश दिए है। यह गाँव अस्थायी तौर पर शिविर मे शिफ्ट किया गया है।

 

चौहान ने कहा कि आपदाग्रस्त ग्राम तोली, जखाणा, कोट, विशन, थाती बूढाकेदार, पिंसवाड़ उरणी, अगुण्डा, कोटी आदि ग्रामों में सार्वजनिक रास्ते, कृषि भूमि, सड़क, पेयजल लाईन, विद्युत आदि परिसम्पत्तियों के क्षति आंकलन/सर्वे कार्य हेतु कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, राजस्व, उद्यान, समाज कल्याण, सहकारिता विभाग के अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं। इन गाँवों मे विद्युत आपूर्ति सुचारु करने की कार्यवाही की जा रही है।इसके अलावा अन्य गाँव जहाँ पेयजल, विद्युत आपूर्ति बाधित है वहाँ पर संबंधित विभाग आपूर्ति के लिए जुटा हुआ है।

 

चौहान ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस मे जन हित का दावा करने वाली दो धाराएं कार्य कर रही है। एक राजनैतिक और सैर सपाटे के लिए केदारनाथ की यात्रा पर है और दूसरी धारा मे जो इस यात्रा से दूरी बनाकर चल रहे हैं वह आपदा पर ध्यान लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के वक्त खामियां ढूंढने के बजाय मिलकर पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने की जरूरत है।

 

 

मुख्यमंत्री ने भिलंगना विकासखंड टिहरी के बाल गंगा एवं बूढ़ाकेदार क्षेत्र में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में बचाव एवं राहत कार्य संचालित करने के अधिकारियों को दिए निर्देश

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी गढ़वाल के भिलंगना विकासखंड के बाल गंगा एवं बूढ़ा केदार में हुई भारी बारिश और भूस्खलन से हुई क्षति पर गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे एवं जिला अधिकारी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित को राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से चलाए जाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने घटना के प्रति दुख व्यक्त करते हुए टिहरी के प्रभारी मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल को घटना स्थल पर जाकर राहत एवं बचाव कार्य की समीक्षा करने को कहा है।

 

मुख्यमंत्री ने टिहरी जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्र के संवेदनशील गाँवों को तत्काल चिन्हित कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि स्थानीय निवासियों के साथ ही मवेशियों एवं अन्य पालतू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने की व्यवस्था की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि राहत कैंप में बिजली, पेयजल इत्यादि की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ितों को अनुमन्य राहत राशि भी तुरंत प्रदान की जाए।

 

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद टिहरी गढ़वाल के भिलंगना विकास खण्ड के बालगंगा क्षेत्र में रात को भारी बारिश और भूस्खलन से तोली गांव में एक मकान में मलवे से दो महिलाएं दबने की सूचना प्राप्त हुई थी। एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य विभाग की टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना हुई तथा खोज एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मकान के उपर सीसी मार्ग का मलवा आने से क्षतिग्रस्त हुआ। एक अति संवेदनशील श्रीमती पूर्णिमा देवी के घर के समान को शिफ्ट किया गया है।

 

उन्होंने बताया कि रेस्क्यू टीम ने मलवे से सरिता देवी पत्नी वीरेंद्र सिंह तथा अंकिता पुत्री वीरेंद्र सिंह के शवों को निकाला गया है जबकि एक घायल वीरेंद्र सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद पीएचसी बेलेश्वर में भर्ती किया गया है। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख के राहत राशि के चेक दिये गये है तथा आवास क्षति का 01 लाख 35 हजार रुपए का चेक तत्काल उपलब्ध कराया गया। इसके साथ 2 पशु हानि की जांचोपरांत मुआवजा राहत राशि के चेक वितरित किए गए। इसके अतारिक्त थाती बुढ़ाकेदार नाथ में पूल के पास एक घर बहा है । धाम के गेट के नीचे बाजार में नदी के जलस्तर से खोखली हो रही सड़क के पास स्थित घर और दुकानों को खाली कराया जा चुका है।

भट्ट ने संसद में जोशीमठ ओबीसी क्षेत्र को केंद्रीय आरक्षित सूची में शामिल करने का मुद्दा उठाया

 

*भट्ट ने संसद में जोशीमठ ओबीसी क्षेत्र को केंद्रीय आरक्षित सूची में शामिल करने की मांग की*

 

देहरादून 25 जुलाई। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने जोशीमठ के ओबीसी क्षेत्र को आरक्षण की राष्ट्रीय अनुसूची में शामिल करने का मुद्दा उच्च सदन में उठाया हैं ।

 

राज्यसभा में प्रश्न काल के दौरान उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए सीमांत जनपद चमोली में विकासखंड जोशीमठ के पेनखंड क्षेत्र को केंदीय ओबीसी अनुसूची में किया जाना आवश्यक बताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र 43 ग्राम पंचायतों 73 जातियों के 48 हजार 202 लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। इस क्षेत्र एवं क्षेत्रवासियों के समग्र विकास को लेकर लंबे समय से ओबीसी आरक्षण दिए जाने की मांग रही है । हालांकि राज्य सरकार द्वारा 2016 में उन्हें ओबीसी कैटेगिरी में शामिल कर सरकारी सेवा में 14 फीसदी आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। लेकिन वहां के लोगों को समुचित लाभ हेतु उन्हें केंद्र की ओबीसी आरक्षण सूची में शामिल किए जाने की मांग लगातार जारी है।

 

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्रवासी अपनों को केंद्रीय ओबीसी आरक्षण सूची में सम्मिलित करने हेतु अनेकों बार भारत सरकार को आवेदन कर चुके हैं, परंतु अभी तक इस दिशा में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आया है जिससे पूरा क्षेत्र 27% केंद्रीय आरक्षण की सुविधा से वंचित है। लिहाजा इस लोक महत्व के महत्वपूर्ण विषय पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने इस क्षेत्र को केंद्रीय अनुसूची में सम्मिलित करने की मांग की है। साथ ही उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार तिब्बत सीमा क्षेत्र के अपनी दूसरी पंक्ति के सैनिकों की मांग को शीघ्र पूर्ण करेंगे ।

 

 

मलिन बस्तियों के चिन्हीकरण की रिपोर्ट 15 दिनों में शासन को भेजेंगे सभी जिलाधिकारी-मुख्य सचिव

 

*सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों से नगर निगमों के तहत कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों की आवासीय व्यवस्था की रिपोर्ट भी तलब की*

*प्रवासी श्रमिकों की आवासीय व्यवस्था की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश*

*मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ‘‘स्लम फ्री उत्तराखण्ड’’ विजन के साथ कार्य करने की नसीहत दी*

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को मलिन बस्तियों का चिन्हीकरण कर 15 दिन में रिपोर्ट शासन को प्रेषित करने की डेडलाइन दी है। इसके साथ सीएस ने जिलाधिकारियों से नगर निगमों के तहत कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों की आवासीय व्यवस्था की रिपोर्ट भी तलब की है। मुख्य सचिव ने निर्माण स्थलों पर कार्य करने वाले प्रवासी श्रमिकों की आवासीय व्यवस्था की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

सचिवालय में शहरी विकास की राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को ‘‘स्लम फ्री उत्तराखण्ड’’ विजन के साथ कार्य करने की नसीहत दी है। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी 15 दिनों से पहले जनपदों में अवस्थित मलिन बस्तियों के श्रेणीवार चिन्हांकन कर उनकी सूची शासन को प्राथमिकता के आधार पर भेज दी जाए। इसके बाद राज्य में अवस्थित मलिन बस्तियों में निवासरत परिवारों के जीवन स्तर में सुधार, मलिन बस्तियों के विनियमितीकरण, पुनरूद्धार पुनर्वास की कार्ययोजना पर कार्य किया जाएगा। मुख्य सचिव ने मलिन बस्तियों के सुधार हेतु विभिन्न राज्यों के मॉडल पर किए गए अध्ययन की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट भी तलब की।

 

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने विशेषरूप से जनपद टिहरी, रूद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी उधमसिंहनगर और चम्पावत के जिलाधिकारियों से और समय न लेते हुए यथाशीघ्र मलिन बस्तियों की वांछित सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करते हुए प्रभावितों को प्रधानमंत्री आवास योजना या राज्य में प्रचलित अन्य उपयोगी एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करते हुए मलिन बस्तियों के निवासियों का पुनर्वासन एवं पुनर्व्यस्थापन किया जा सके।

 

 

बैठक में प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुधांशु, सचिव श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, श्री नितेश कुमार झा सहित अन्य अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से आयुक्त गढ़वाल और कुमाऊ व सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

उच्च शिक्षा एवं शहरी विकास विभाग के 153 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र

*68 असिस्टेंट प्रोफेसर, 63 अधिशासी अधिकारी एवं 22 कर व राजस्व निरीक्षकों को प्रदान किए गये नियुक्ति पत्र।*

 

*सरकारी विभागों में रिक्त विभिन्न पदों पर और तेजी से होगी नियुक्ति की प्रक्रिया।*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग में चयनित  68  असिस्टेंट प्रोफेसर, शहरी विकास विभाग में चयनित 63 अधिशासी अधिकारी एवं 22 कर व राजस्व निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी अभ्यर्थी राज्य सरकार के साथी के रूप में राज्य में अपनी सेवाएं देंगे। उन्होंने कहा जो जिम्मेदारी मिलने वाली है, उसका निर्वहन पूर्ण मनोयोग और ईमानदारी से करना है और उत्तराखंड को आदर्श राज्य बनाने के लिए सभी को अपना योगदान देना है। सभी चयनित युवा अपनी मेहनत, माता-पिता, गुरुजनों एवं भगवान के आशीर्वाद से इस मुकाम पर पहुंचे हैं। जीवन के इस नए आयाम में नई शुरुआत करनी है, नौकरी के पहले दिन से ही संकल्प, अनुशासन लेकर कार्य करें, आगे काम करने के लिए जीवन में मापदंड तय करने होंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी और पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि चयनित अभ्यर्थी हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आपके द्वारा किए गए कार्यों का प्रभाव लाखों लोगों पर पड़ेगा, जनता के विश्वास पर खड़ा उतरना सभी की शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए। आपकी लगन और मेहनत से प्रदेश विकास क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार की संकल्पना समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की थी। उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सरकार हर संभव कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों के विकास हेतु अनेक कार्य कर रही है। सभी छोटे बड़े शहरों को विकसित करने हेतु निरंतर कार्य जारी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मागर्दशन में सभी शहरों के नवीनीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शहरी विकास में चयनित सभी अभ्यर्थी पूर्ण निष्ठा से शहरों के विकास की परियोजनाओं को आगे बढ़ाएंगे और राज्य के विकास में अपना अहम योगदान देंगे। अभ्यर्थी जन सहभागिता को प्राथमिक देकर कार्य करें, ताकि योजनाओं का सीधा लाभ आम जन को मिले। उन्होंने कहा निश्चित ही नए अभ्यर्थियों के आने से विभाग में नवाचार, ट्रांसपेरेंसी आएगी और कार्यशैली में परिवर्तन भी होगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिये गये हैं। राज्य में 20 मॉडल कॉलेज बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू करके इस समस्या को जड़ से खत्म किया है। आज योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आगे भी विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को जल्द भरेगी।

 

कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि लोक सेवा आयोग से चयनित सभी युवा, आने वाले समय में हमारे योग्य और सक्षम अधिकारीगण बनेंगे। आज प्रदेश में 105 निकाय हैं,  शहरी विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाने में सभी युवा अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इन अभ्यर्थियों के आने से विभाग के कार्यों में तेजी आयेगी। प्रदेश में 9 नगर निगम, 47 नगर पालिका, 49 नगर पंचायतें हैं। इन क्षेत्रों का विकास विभाग की प्राथमिकता में है। अब नए युवा अधिकारियों के आने से यह कार्य और सरलता से हो सकेगा।

 

 

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में तीन वर्षों में 15 हजार 500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया गया है। इस वर्ष 4000 बेसिक शिक्षकों, 1600 एल.टी , 882 लेक्चरर, करीब 622  प्रधानाचार्य, बीआरपी सीआरपी में 1500, हर इंटर कालेज हेतु 2500 चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति करने वाले हैं। इस प्रकार से कुल 11 हज़ार लोगों की नियुक्तियां शिक्षा विभाग में होंगी। इसके अलावा 1500 नर्सिंग स्टाफ, 750 एएनएम, 500 सीएचओ, 500 डॉक्टर्स, 378 मेडिकल कॉलेज हेतु असिस्टेंट प्रोफेसर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हरिद्वार, रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज हेतु 3700 पदों पर नियुक्तियां देने जा रहे हैं। आज राज्य सरकार युवाओं की रोजगार के कई अवसर दे रही है।

 

इस अवसर पर विधायक श्री फ़कीर राम टम्टा, सचिव श्री शैलेश बगौली, सचिव श्री नितेश झा, निदेशक शहरी विकास श्री नितिन भदौरिया, अपर निदेशक डॉ. ललित नारायण मिश्रा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड का अम्ब्रेला ब्राण्ड होने के साथ स्थानीय महिलाओं की आजीविका का सशक्त माध्यम बनेगा हाउस ऑफ हिमालयाज-मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी

*वॉकल फॉर लोकल तथा लोकल फॉर ग्लोबल की थीम पर हाउस ऑफ हिमालयाज*

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत स्थानीय उत्पादों की बेहतरीन मार्केटिंग, क्वालिटी व ब्राण्डिंग पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने हाउस ऑफ हिमालयाज को उत्तराखण्ड के अम्ब्रेला ब्राण्ड के रूप में स्थापित करते हुए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मिशन मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत अधिकाधिक महिला स्वयं सहायता समूहों व स्थानीय महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उत्तराखण्ड के सभी उत्पादों को एक ही नाम व ब्राण्ड मिलने से राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा।

सीएस ने निर्देश दिए हैं कि हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से राज्य के सभी स्थानीय ब्राण्ड्स की पहुंच बढ़ाने के लिए कार्य किया जाना चाहिए। हाउस ऑफ हिमालयाज को वॉकल फॉर लोकल तथा लोकल फॉर ग्लोबल की थीम के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक स्तर तक पहुचाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज राज्य का अम्ब्रेला ब्राण्ड होने के साथ ही प्रदेशभर की स्थानीय महिलाओं की आजीविका का सशक्त माध्यम बनने जा रहा है। उन्होंने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और उनके उत्पादों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए हैं। हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत प्रथम चरण में 21 उत्पादों को रखा गया है। भविष्य में अधिकाधिक स्थानीय उत्पादों को इससे जोड़ा जाएगा। इसके उत्पादों की गुणवत्ता की जांच तीन स्तरों पर की जा रही है।

सचिवालय में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हाउस ऑफ हिमालयाज की बोर्ड ऑफ गर्वनेस की बैठक में सचिव श्रीमती राधिका झा, अपर सचिव श्री मनुज गोयल सहित सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।