Friday, April 24, 2026
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मुख्यमंत्री ने देहरादून में पूर्व सैनिक संगठन द्वारा आयोजित आभार एवं संवाद कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

 

 

*सैनिक कल्याण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के प्रति पूर्व सैनिकों द्वारा जताया गया आभार। मुख्यमंत्री का किया सम्मान।*

 

*कार्यक्रम में वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री का तथा मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं को किया सम्मानित।*

 

*हमारे पूर्व सैनिक हिमालय के प्रहरी तथा पर्यावरण के संरक्षक।*

 

*मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों से की ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान में सहयोगी बनने की अपेक्षा।*

 

*‘‘एक पेड मां के नाम’’ कार्यक्रम को सफल बनाने में भी योगदान देने की की अपेक्षा।*

 

*मुख्यमंत्री ने मसूरी में की सैनिक विश्राम गृह बनाये जाने की घोषणा।*

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक संगठन द्वारा रविवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट गढ़ीकैंट देहरादून में आयोजित आभार एवं संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पूर्व सैनिक संगठन के अधिकारियों एवं सैनिकों के साथ वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री द्वारा कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्य में शहीद सैनिकों को मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 50 लाख रूपये किये जाने, शहीद सैनिक के परिवारजनों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को 02 साल से बढ़ाकर 05 वर्ष किये जाने, शहीदों के आश्रितों को जिलाधिकारी कार्यालयों में समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के अलावा अन्य विभागों में भी इन पदों पर भी नियुक्ति प्रदान करने के साथ ही सैनिक कल्याण विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को उपनल कर्मियों की भांति अवकाश प्रदान किये जाने की घोषणा के प्रति उनका आभार व्यक्त कर मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया गया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिक हिमालय के प्रहरी तथा पर्यावरण के संरक्षक भी है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से ‘हर घर तिरंगा’ तथा ‘एक पेड मां के नाम’ अभियान की सफलता में सहयोगी बनने की अपेक्षा करते हुए मसूरी में सैनिक विश्राम बनाये जाने की घोषणा की। कार्यक्रम में वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री का तथा मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं को सम्मानित किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युद्ध में वीरगति को प्राप्त होने वाले सेना एवं अर्द्धसैन्य बलों के जवानों के एक आश्रित को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी जा रही है। अभी तक 17 सैनिक आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी गई है। उत्तराखण्ड एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां वीरता पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों को एकमुश्त वार्षिक राशि का जीवन पर्यन्त भुगतान किया जाता है। विशिष्ट सेवा पदक पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों की एकमुश्त राशि बढ़ाई गई है। द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिक एवं युद्ध विधवाओं को प्रतिमाह दिये जाने वाले अनुदान को 08 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सेना ने हमेशा अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय दिया है। हमारी सेना के शौर्य एवं पराक्रम का इतिहास है। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। उत्तराखण्ड से प्रत्येक परिवार सैनिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। उत्तराखण्ड के सैनिकों एवं सैन्य परिवारों द्वारा दिये गये योगदान को शब्दों से बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही भव्य सैन्य धाम का भी लोकार्पण किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमेशा सेना का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। होली, दीपावली और कोई विशिष्ट दिन हो तो सेना के बीच में जाकर उनके साथ मनाते हैं। उनके नेतृत्व में सेना के मनोबल बढ़ाने का कार्य हो रहा है। वन रैंक वन पेंशन से सैनिकों का मनोगल बढा है। हमें अपनी भारतीय सेना पर गर्व है, जिनकी वजह से देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। हम राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में सामिल करने के लिये प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान मिला है। इसे बनाये रखना हमारे लिए चुनौती भी है, जिन इन्डीकेटर पर राज्य को और सुधार की आवश्यकता है, उनको भी बेहतर बनाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने बांगलादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की घटना को दुःखद बताते हुए कहा कि ऐसे समय पर हमारे देश के कई लोग जाति पति के बंधन में उलझे हैं। जबकि यह समय हमारे लिये सामुहिक रूप से इस विषय पर चिन्तन करने का है। उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों में होने वाली घटनाओं पर कैंडल मार्च निकालने वाले भी इस घटना के प्रति अनजान बने है। उन्होंने कहा कि यह समय आपसी एकता का है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से राष्ट्र जागरण के कार्य में भी सहयोगी बनने को कहा।

 

सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई है। द्वितीय विश्व युद्ध की अनुदान राशि, विशिष्ट सेना मेडल अवार्ड राशि में बढ़ोतरी तथा वीरता पदक पुरस्कार की एक मुश्त अनुदान राशि में भी कई गुना बढ़ोतरी की गई है।

 

इस अवसर पर जे. ओ. सी. एब एरिया मे.ज. प्रेम राज, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, अध्यक्ष उपनल ब्रिगेडियर जे. एस. बिष्ट सहित बड़ी संख्या में सेना एवं पूर्व सैन्य अधिकारियों के साथ पूर्व सैनिक तथा वीरांगनायें उपस्थित थी।

दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की सुविधाओं का निःशुल्क लाभ मिलेगा सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को

 

सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राएं दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की सुविधाओं का निःशुल्क लाभ उठा सकते हैं। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर (डीएलआरसी) में सभी सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क सदस्यता की व्यवस्था के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी देहरादून को तत्काल इस सम्बन्ध में सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की 45वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता के दौरान मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर में प्रतियोगी परीक्षाओं के ऑरियेण्टेशन प्रोग्राम के साथ सरकार द्वारा युवाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं, स्वरोजगार योजनाओं, स्टार्ट अप पॉलिसी की जानकारी का प्रचार-प्रसार करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आज की बैठक में मुख्य सचिव ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर के कॉर्पस फण्ड के लिए 2.12 करोड़ रूपये के धनराशि की मांग पर अनुमोदन दिया।

बैठक में जिलाधिकारी देहरादून, दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर के निदेशक श्री एन रविशंकर, श्री नपच्याल, श्री बी के जोशी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

11 से 15 अगस्त तक भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश में निकलेगी तिरंगा यात्रा

केंद्र राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएंगे कार्यकर्ता :आशा नौटियाल

 

11 से 13 अगस्त तक भाजपा महिला मोर्चा पूरे प्रदेश में तिरंगा यात्रा निकालने जा रही है । भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि भाजपा महिला मोर्चा के सभी पदाधिकारी महिला कार्यकर्ता विधानसभा स्तर पर तिरंगा पदयात्रा निकलेंगे।

 

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ,वीर सैनिकों को भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारी सम्मानित करेंगे। शौर्य स्थल के साथ जगह-जगह स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा । स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों वीर सैनिकों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण भी किया जाएगा

 

 

 

तिरंगा यात्रा मेंअधिक से अधिक बच्चों की सहभागिता को भी सुनिश्चित किया जाएगा। मंडल स्तर पर पार्टी में इस तरह से तैयारी की है जिससे लोगों को तिरंगा झंडा उपलब्ध कराया जा सके

 

 

14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस पर कैंडल मार्च का भी आयोजन किया जाएगा उनका कहना है कि प्रदेश भर में भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारी कार्यकर्ता कैंडल मार्च निकालेंगे कैंडल मार्च पूरी तरह से साइलेंट मार्च होगा। बैनर पोस्टर के साथ सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता विभाजन विभीषिका दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि चार-पांच अगस्त को सभी पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के साथ में बैठक का आयोजन किया जा चुका है। सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता मंडल स्तर पर टोली बनाकर यात्रा को सफल बनाएंगे।

 

 

 

 

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल कहना है कि सोशल मीडिया में रील बनाकर अपलोड करेंगे भाजपा महिला मोर्चा के कार्यक्रम को लेकर प्रदेश स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के अनुभव का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में शेयर करेंगे

 

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के विकास के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार की जन उपयोगी योजनाओं का लाभ महिलाओं को मिल रहा है देश प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड लगातार विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सांसद राज्य सभा डा.नरेश बंसल ने की आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से भेंट

गंगाजली ,रुद्राक्ष की माला,हिमाद्री का बना शाल व विभिन्न पुस्तके भेंट की

**आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डा.नरेश बंसल ने भेंट कर लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की शुभकामनाए व बधाई दी**

 

आज भारतीय जानता पार्टी के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सासंद राज्यसभा डा. नरेश बंसल जी ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से शिष्टाचार भेंट की व विभिन्न समसामयिक विषयो पर चर्चा की।

डा. नरेश बंसल आज सुबह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिलने पहुंचे ।

इस मौके पर डा. नरेश बंसल ने आदरणीय प्रधानमंत्री जी को आज हथकरघा दिवस पर उत्तराखंड के कारीगरो द्वारा निर्मित “हिमाद्री” का बना शाल व सावन के पवित्र माह मे मां गंगा के जल से भरी गंगाजली एवं भगवान शिव की प्रिय रुद्राक्ष की माला भेंट की ।

 

डा. नरेश बंसल ने तीज के त्यौहार व स्वर्णिम इतिहास बनाते हुए लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री शपथ लेने एवं एनडीए की सरकार बनने की हार्दिक शुभकामनाए व बधाई प्रेषित की।

 

डा.नरेश बंसल ने मोदी जी के दस साल के कुशल व प्रशंसनीय कार्यकाल पर आधारित अपनी लिखी पुस्तक “अमृतकालम” का ड्राफ्ट भी मोदी जी को सौंपा जिसे माननीय प्रधानसेवक जी ने सराहा व इसे संपूर्ण रूप देकर जनता के बीच साझा करने को कहा।डा. नरेश बंसल ने इस पुस्तक के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी का आशीर्वाद मांगा ।डा. नरेश बंसल ने अंग्रेजी मे अनुवादित श्री भगवत गीता,नमो एमपैकट एवं सुभाषचंद्र बोस जी के उपर लिखी पुस्तक भी प्रधानमंत्री जी को भेंट की।

 

आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने डा. नरेश बंसल से विभिन्न समसामयिक विषयो के साथ राज्य-विशिष्ट मुद्दों पर भी चर्चा की व विचार विमर्श किया।आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सासंद की डा. नरेश बंसल की दोनो भूमिका की सराहना की व ऐसे ही आगे लगन से कार्य करते रहने का मंत्र दिया।

डा. नरेश बंसल ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी जी से भेंट के बाद कहा कि यह सुखद अनुभूति थी,आदरणीय प्रधानसेवक जी से हर बार कुछ नया सिखने को मिलता है।उनके ओजपूर्ण व कुशल नेतृत्व मे भारत विकसित राष्ट्र की और आगे बढ रहा है,उनका मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणादायी है जो समय-समय पर मिलता रहता है व उनकी तरह देशहित मे काम करने को प्रेरित करता है।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से हिमाचल के कैबिनेट मंत्री श्री विक्रमादित्य सिंह ने भेंट की

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को हिमाचल के कैबिनेट मंत्री श्री विक्रमादित्य सिंह ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और हिमाचल के कैबिनेट मंत्री के मध्य उत्तराखण्ड और हिमाचल के बीच उत्तराखण्ड और हिमाचल की आपसी कनेक्टिविटी जोड़ने के लिए चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की सीमा पर स्थानीय काश्तकारों को टोल टैक्स में छूट प्रदान की जाय।

 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हिमाचल के मुख्यमंत्री श्री सुखविन्द्र सिंह सुखू से भी फोन पर वार्ता कर दोनों राज्यों की आपसी कनेक्टिविटी को और अधिक विस्तार देने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड और हिमाचल की भौगोलिक स्थिति लगभग एक जैसी है। हाल ही में सम्पन्न हुई नीति आयोग की बैठक में हिमालयी राज्यों के समग्र विकास के लिए विशिष्ट नीतियां बनाने का भी अनुरोध किया है।

 

हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड को जोडने वाले पांवटा साहिब में यमुना नदी पर 550 मीटर लम्बे 02 लेन पुल पर वाहनों की आवाजाही के कारण भारी कम्पन दिखाई देती है। आई.आई.टी. रूडकी की जांच और संस्तुति के बाद सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भी इसके मरम्मत की मंजूरी दे दी गयी है। इसके लिये कम से कम 02 माह पुल के यातायात को बन्द करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इसके लिए पूरा सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पुल की मरम्मत से पहले जिलाधिकारी देहरादून और जिलाधिकारी सिरमोर द्वारा डायवर्जन प्लान बनाया जायेगा।

 

कैबिनेट मंत्री हिमाचल प्रदेश ने कहा कि यातायात की सुगमता के लिये पुल के पास बनाये गये वन, खनन, आबकारी एवं आर.टी.ओ. के अवरोधों तथा लोडेड वाहनों की पार्किंग को पुल से 01 किमी. दूर स्थानान्तरित किये जाने की आवश्यकता होगी, इस पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

 

कैबिनेट मंत्री हिमाचल प्रदेश ने हिमाचल को उत्तराखण्ड से जोड़ने के प्रयासों पर बल देते हुए उत्तराखण्ड द्वारा यमुना नदी पर बनाये गये भीमावाला नावघाट 540 मीटर लम्बे पुल को जोडने वाले 820 मीटर लम्बे सम्पर्क मार्ग के निर्माण पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल से उत्तराखण्ड को जोडने वाले धौला से सेवाडोगरी तक 10 कीमी. सड़क निर्माण कार्य होने से डोडराक्वार क्षेत्र 12 महीने आवागमन सुचारू हो जायेगा और दोनों राज्यों की आपसी कनेक्टिविटी भी बन जायेगी।

 

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश की पूर्व लोकसभा सांसद श्रीमती प्रतिभा सिंह, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय और हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

भारत सरकार से केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग के लिए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए

भारत सरकार से केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग के लिए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए

*रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए शासन-प्रशासन की प्रंशसा*

हाल ही में केदारनाथ में आपदा से हुई क्षति के पुनर्निर्माण तथा भविष्य में आपदा से बचाव हेतु भारत सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज मांग हेतु मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने प्रभावित विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने नागरिक उड्डयन विभाग से भीमबली, केदारनाथ, सोनप्रयाग, चिम्बासा व लिंचौली क्षतिग्रस्त हैलीपेड्स का आंकलन, आपदा प्रबन्धन विभाग से भूस्खलन की निगरानी व पूर्व चेतावनी, लाइट डिटेक्शन एण्ड रेंजिंग सर्वेक्षण, असंतुलित ढलानों का भूतकनीकी अन्वेक्षण, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के लिए शमन उपाय, रिमोट सेंसिंग द्वारा बाढ़ निगरानी एवं भूस्खलन पूर्व चेतावनी हेतु आर्थिक पैकेज का आंकलन तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने यूएलएमएमसी , लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पुलिस, यूपीसीएल, आरडब्ल्यूडी, उरेडा, परिवहन व पशुपालन विभाग को आपदा न्यनीकरण हेतु प्रस्तावित कार्यों का आगणन भी प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए सभी सम्बन्धित अधिकारियों व कार्मिकों की प्रंशसा की है।

बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुधांशु, सचिव श्री पंकज पाण्डेय, श्री सचिन कुर्वे, श्री विनोद कुमार सुमन, डा0 आर राजेश कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक रूद्रप्रयाग मौजूद रहे।

सत्र की अवधि का विरोध, सिर्फ नकारत्मक राजनीति का हिस्सा : भट्ट

हमेशा वॉक आउट की राजनीति करने वालों को अब सत्र की अवधि कम लग रही

भाजपा ने सत्र की अवधि पर होने वाली कांग्रेसी बयानबाजी को सिर्फ विरोध के मकसद से की जाने वाली नकारत्मक राजनीति करार दिया है।

प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने निशाना साधा कि जिन्होंने हमेशा राज्य निर्माण और उसके विकास का विरोध किया, वे नहीं चाहते गैरसैण में सत्र का संचालन हो। साथ ही सुझाव दिया कि कांग्रेस राजनीति करने के बजाय सत्र की तैयारी करे अन्यथा सदन का एक दिन भी उनके विधायकों के लिए बड़ा साबित होने वाला है।

 

विभिन्न माध्यम से पूछे गए मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिनके विधायक पहले गैरसैण में सत्र नहीं करने के लिए पत्र लिखते थे और बाद में राजनीति के लिए इनका संगठन पलट जाता है। जो सत्र गैरसैंण कराने के लिए बयानबाजी करते हैं और सत्र की घोषणा होने पर दोबारा राजनैतिक लाभ के लिए उसकी अवधि को लेकर सवाल खड़ा करते हैं। प्रत्येक सत्र को हंगामे के साथ शुरू करते हैं और हंगामे के साथ ही समापन करते हैं । जिनके लिए सत्र का मतलब, आम जनता के विषय उठाना नहीं बल्कि हंगामा और वॉक आउट कर मीडिया में चर्चा का मुद्दा बनना है।

कांग्रेस पार्टी और उनके विधायकों की सदन की गतिविधि सबके सामने है। आम लोगों की समस्याओं को उठाने, महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने और सदन में रचनात्मक भूमिका निभाने में उनकी भूमिका कभी नहीं रही है। वह आज सत्र की अवधि को कम बताते हैं और जब सत्र चलता है तो हंगामा और वॉक आउट कर सदन को चलने नहीं देते हैं।

बेहतर है कि कांग्रेस सत्र की पूरी तैयारी करे अन्यथा मुद्दाविहीन एवं विचारहीन कांग्रेस के विधायकों के लिए लिए तो एक दिन भी ज्यादा साबित होगा ।

 

उन्होंने कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा राज्य निर्माण के विरोधी रहे हैं। जिन्होंने अटल सरकार के दिए विशेष औद्यौगिक पैकेज सत्ता में आने पर वापिस लेने का पाप किया है और हमेशा से ही विकास विरोधी रहे हैं । गैरसैण की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने से लेकर वहां के विकास को लेकर भाजपा सरकार ने ही अधिकांश योगदान दिया है । कांग्रेस को न पृथक उत्तराखंड से सहानुभूति रही है और न ही गैरसैण को लेकर उनके मन में कोई भावना है। सच्चाई यह है कि कांग्रेस के लिए गैरसैण एक राजनैतिक मुद्दे से अधिक कुछ नहीं है ।

 

 

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान की गतिविधियों के अनिवार्य डॉक्यूमेंटेशन करने के निर्देश दिए

*15 अगस्त तक हरेला के तहत निर्धारित किए गए 50 लाख वृक्षारोपण के लक्ष्य को पूरा करे*

*प्लास्टिक के झण्डों का प्रयोग नही करें*

*झण्डों के निर्माण व आपूर्ति में महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता ली जाएगी*

*15 अगस्त से पहले एक सप्ताह चलेगा स्वच्छता अभियान*

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान की सभी गतिविधियों के अनिवार्य डॉक्यूमेंटेशन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने 15 अगस्त तक हरेला के तहत निर्धारित किए गए 50 लाख वृक्षारोपण के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी डीएम को 15 अगस्त से एक सप्ताह पूर्व जनपदों में स्वच्छता अभियान भी चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने हर घर तिरंगा अभियान में प्लास्टिक के झण्डों का प्रयोग नही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने झण्डों के निर्माण व आपूर्ति में महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता लेने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर अमृत सरोवर पर झण्डारोहण तथा एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस दौरान जल संरक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

 

 

अत्यधिक वर्षा के कारण नालियों व नालों में जलभराव की समस्याओं के निस्तारण हेतु मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस से पूर्व स्वच्छता अभियान के साथ ही नालियों के सफाई सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनपदों में तिरंगा यात्रा के तहत भव्य जुलूस के आयोजन तथा इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्कूलों, कॉलेजों, संगठनों व निवासियों को अपने झंडों के साथ शामिल होने के लिए आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने तिरंगा श्रद्धाजंलि के तहत स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवारों को सम्मानित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही तिरंगा कैनवास के तहत हर घर तिरंगा कार्यक्रम स्थलों पर तिरंगा कैनवास लगाया जाएगा ताकि लोग स्थानीय भाषा में हर घर तिरंगा या जय हिंद लिख सके। मुख्य सचिव ने 12 अगस्त को स्कूल, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों व अन्य ऐसे स्थलों जहां पर युवाओं की संख्या अधिक हैं, युवाओं को विकसित भारत के तहत नशे से मुक्ति की शपथ दिलवाने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव श्री एच सी सेमवाल, निदेशक संस्कृत सुश्री बीना भटट, अपर सचिव श्री सविन बंसल सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग किया जाए -मुख्यमंत्री

*पत्रकारों कल्याण कोष के लिए काॅरपस फंड की धनराशि 05 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ की जायेगी-सीएम

*सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदों का नोडल बनाया जाए।

*सचिव सूचना विभागीय कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा करेंगे।

*रिंग रोड स्थित सूचना निदेशालय में 05 घण्टे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने दिये अधिकारियों को आवश्यक निर्देश।

सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक प्रभावी माध्यम से पंहुचाने के लिए सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। आधुनिक तकनीक के प्रयोग के साथ प्रिन्ट, इलेक्ट्रानिक माध्यमों के साथ ही सोशल मीडिया और यूट्यूब माध्यमों का भी अधिकाधिक प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। कार्यों में तेजी लाने के लिए सूचना विभाग द्वारा ई-फाइलिंग प्रणाली का पूर्ण उपयोग किया जाए। जनपदों में सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सूचना तंत्र राज्य के पर्वतीय जनपदों में भी मजबूत हो। इसके लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदों का नोडल अधिकारी बनाया जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रिंग रोड स्थित सूचना भवन में सूचना विभाग की लगभग 05 घण्टे की समीक्षा के दौरान दिये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग के विभिन्न प्रभागों का निरीक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि पत्रकार कल्याण कोष के लिए काॅरपस फंड की धनराशि 05 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ की जायेगी। पत्रकारों के लिए ग्रुप इंश्योरेंस लागू करने के सबंध में उन्होंने विभाग को परीक्षण करने के निर्देश दिये हैं। तहसील स्तर तक पत्रकारों को मान्यता प्रदान करने के लिए भी व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच समन्वय बनाने के लिए सरकार के चेहरे के रूप में सूचना विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाए कि मीडिया और विभिन्न प्रचार माध्यमों से जनता को सरल भाषा में सरकार के कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी जाए।

जनहित में सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और कार्यों की सक्सेस स्टोरी नियमित प्रकाशित की जाए। मुख्यमंत्री ने सचिव सूचना को निर्देश दिये कि विभाग के कार्यों में और तेजी लाने और विभिन्न व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रत्येक 15 दिनों में विभाग की समीक्षा की जाए। सूचना विभाग द्वारा विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों को मीडिया के माध्यम से जन सामान्य तक पहुंचाया जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि विकास पुस्तिका डिजिटल रूप में भी प्रस्तुत की जाए। फिल्म निर्माताओं को राज्य में फिल्म निर्माण के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका में भी वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद में हो रहे विभिन्न घटनाक्रमों की भी नियमित माॅनिटरिंग की जाए। जिला सूचना अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित किया जाए कि जनपदों में मीडिया के साथ बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। जिलाधिकारी और अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाते हुए सरकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाए। उन्होंने निर्देश दिये कि जनपद स्तर पर सूचना तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए मानव संसाधन के साथ आधुनिक तकनीक पर विशेष बल दिया जाए।
सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने मुख्यमंत्री को विभागीय क्रियाकलापों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में प्र्रिंट मीडिया में 1572 सूचना पत्र/पत्रिकाएं सूचीबद्ध हैं, जबकि 41 इलेक्ट्रानिक चैनल सूचीबद्ध हैं। सोशल मीडिया में 615 वेब पोर्टल व 13 कम्युनिटी रेडियो सूचीबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि विभाग में कार्मिकों के काफी पद रिक्त चल रहे हैं। सूचना अधिकारी और अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है।

बैठक में विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् श्री विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सूचना श्री शैलेश बगोली, अपर निदेशक सूचना श्री आशिष त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक श्री के.एस. चैहान, डाॅ. नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ वित्त अधिकारी श्रीमती शशि सिंह, उप निदेशक श्री मनोज श्रीवास्तव और श्री रवि बिजारनियां उपस्थित थे।

प्रत्येक विकासखण्ड में 5-5 गांवों को बनाया जाए आदर्श ग्राम -मुख्यमंत्री

 

*ग्राम चौपालों के आयोजन में उच्चाधिकारी भी हों शामिल।

 

*पंचायत भवनों के निर्माण के 10 लाख की धनराशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये किये जाने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश।

 

*पर्वतीय शैली के आधार पर हो पंचायत भवनों का निर्माण।*

 

गांवों के सुनियोजित विकास के लिए प्रत्येक विकासखण्ड में 5-5 गांवों को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में कार्य किये जाएं। देश के शीर्ष 100 आदर्श गांवों की श्रेणी में उत्तराखण्ड के 10 गांवों के नाम भी शामिल हों, इसके लिए गावों के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जाएं। ग्राम चौपाल के आयोजन में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जनपदों में जिलाधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया जाए तथा ग्राम पंचायतों के प्रबुद्धजनों के साथ बैठकर गांवों की विकास योजनाओं पर कार्य किया जाए। ग्राम सभाओं के स्थापना दिवस उत्सव के रूप में मनाये जाए, इनमें उन गांवों के प्रवासी लोगों को प्रतिभाग करने के लिए विशेष रूप से प्रतिभागी बनाया जाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में पंचायतीराज विभाग की समीक्षा के दौरान कही।

 

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि मानक तय कर पंचायत भवनों का निर्माण किया जाए। ग्राम पंचायतों में जो भी पंचायत भवन बनाये जा रहे हैं, वे पर्वतीय शैली में बनाये जाय, जिसमें उत्तराखण्ड की विरासत की झलक हो। पंचायत भवनों के लिए उचित स्थलों का चयन किया जाए, ताकि उनका ग्राम पंचायतों में पूर्णतः उपयोग हो सके। पंचायत भवनों के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत की जा रही 10 लाख की धनराशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। गांवों में सड़क निर्माण के समय नालियां भी बनाई जाय, ताकि जल निकासी की समस्या न हो। ग्राम पंचायतों में ओपन जिम और पार्कों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सेना और अर्द्धसैन्य बलों के शहीदों के नाम पर उनके गांवों में द्वार, स्कूल और पंचायत भवनों के नाम रखे जाएं और गांवों में शिलापटों पर शहीदों के नाम अंकित करने की व्यवस्था बनाई जाए।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि गांवों के विकास के लिए 15वें वित्त आयोग से राज्य को प्राप्त धनराशि का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए। स्वच्छता, कूड़ा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गांवों के विकास के लिए जो भी योजनाएं बनाई जाए, धरातल पर पहले उसका आंकलन किया जाए। सभी ग्राम पंचायतों में कम्प्यूटर और हाई स्पीड इन्टरनेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था की जाए।

 

कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि गांवों के विकास के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा दिया जाए। ग्राम पंचायतों में हो रहे कार्यों की वरिष्ठ अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने सभी पंचायतों की परिसम्पतियों की जी.आई.एस मैपिंग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मल्टी-लेवल पार्किंग के निर्माण से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका उचित इस्तेमाल और देख-रेख हो। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से गांवों के विकास के लिए निर्धारित मानकों के हिसाब से तेजी से कार्य किये जाएं।

 

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, सचिव पंचायतीराज श्री चन्द्रेश यादव, अपर सचिव श्री आलोक कुमार पाण्डेय, निदेशक पंचायतीराज सुश्री निधि यादव, निदेशक सेतु डॉ. मनोज पंत उपस्थित थे।