Sunday, July 26, 2026
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औली में चल रहे भारत-कजाकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास काजिंद-2024 आज संपन्न हुआ

भारत-कजाकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास काज़िंद – 2024 का 8वां संस्करण आज सूर्या विदेश प्रशिक्षण नोड, औली, उत्तराखंड में संपन्न हुआ। यह अभ्यास 30 सितंबर से 13 अक्टूबर 2024 तक आयोजित किया गया था। संयुक्त अभ्यास के समापन समारोह में कजाकिस्तान सेना के के उप प्रमुख कर्नल डी खमितोव, कजाकिस्तान सेना के दक्षिणी कमान के क्षेत्रीय बल कमांडर कर्नल नुरलान करिबयेव और ब्रिगेडियर उपिंदर पाल सिंह, कमांडर 116 इन्फैंट्री ब्रिगेड ने भाग लिया। काज़िंद अभ्यास भारत और कजाकिस्तान में वैकल्पिक रूप से आयोजित एक वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। पिछला संस्करण जुलाई 2023 में कजाकिस्तान में आयोजित किया गया था।

 

120 कर्मियों वाली भारतीय टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से कुमाऊं रेजिमेंट की एक बटालियन और भारतीय वायु सेना के अलावा अन्य सेवाओं के कर्मियों द्वारा किया गया था। 60 कर्मियों वाली कजाकिस्तान टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से सैन्य बल, वायु रक्षा बल और एयरबोर्न असॉल्ट सैन्य कर्मियों द्वारा किया गया था।

 

अभ्यास काज़िंद – 2024 का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र जनादेश के अध्याय 8 के तहत एक उप पारंपरिक परिदृश्य में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए दोनों पक्षों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना था। संयुक्त अभ्यास अर्ध-शहरी और पहाड़ी इलाकों में संचालन पर केंद्रित था। संयुक्त प्रशिक्षण से जो उद्देश्य प्राप्त हुए उनमें उच्च स्तर की शारीरिक योग्यता, सामरिक स्तर पर संचालन के लिए अभ्यास और परिष्कृत अभ्यास और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना शामिल है।

 

अभ्यास के दौरान किए गए सामरिक अभ्यास में एक परिभाषित क्षेत्र पर कब्जा करने की कार्यवाही, आतंकवादी कार्रवाई का जवाब देना, एक संयुक्त आदेश चौकी की स्थापना, एक खुफिया और निगरानी केंद्र की स्थापना, एक हेलीपैड / लैंडिंग साइट की सुरक्षा, फ्री फॉल और विशेष हेलिबोर्न ऑपरेशन शामिल थे। अभ्यास में घेराबंदी और तलाशी अभियान के अलावा ड्रोन का इस्तेमाल और ड्रोन विरोधी प्रणाली का उपयोग भी शामिल रहा।

 

काज़िंद अभ्यास – 2024 ने दोनों पक्षों को संयुक्त अभियान चलाने की रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं में अपनी सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में सक्षम बनाया। संयुक्त अभ्यास ने दोनों देशों के सशस्त्र बलों के कर्मियों के बीच अंतर-संचालन और सौहार्द विकसित करने में मदद की। इससे रक्षा सहयोग का स्तर भी बढ़ा, जिससे दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड देहरादून में दशहरा मोहत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउंड देहरादून में दशहरा मोहत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हजारों की संख्या में लोगों का अभिनंदन करते हुए हुए दशहरे की शुभकामनाएं दीं।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दशहरा, असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है।दशहरे हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है। उन्होंने कहा यह पर्व रावण जैसे अहंकारी और अधर्मी के अंत और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन के गुणों का स्मरण कराता है। सच्चाई, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलकर हमेशा बुराई पर अच्छाई की ही जीत होती है। उन्होने कहा अहंकार में रावण और उसकी लंका जलकर खाक हो गई थी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरे त्योहार पर हम सभी को अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प भी लेना है। उन्होने कहा भगवान श्री राम ऐसे आदर्श व्यक्ति हैं जो त्याग, समर्पण, न्याय, करुणा और कर्तव्य के प्रतीक के रूप में पूजे जातें हैं। एक राजकुमार होते हुए भी उन्होंने जंगल में जीवन बिताया, कई कठिनाइयों का सामना किया और अपनी सेना का गठन कर लंका पर विजय प्राप्त की। उनका आदर्श जीवन हमें विपरीत परिस्थितियो में भी अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन करना सिखाता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कई ऐसे स्थान हैं जो भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी से संबंधित घटनाओं के साक्षी रहे हैं। भगवान हनुमान, चमोली जिले के द्रोणागिरी पर्वत से ही संजीवनी लेकर आए थे।भगवान श्रीराम के कुल गुरू वशिष्ठ जी की तपस्थली भी ऋषिकेश में स्थित है। उन्होंने कहा राज्य के कोने-कोने में राम लीलाएं होती हैं। हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का संरक्षण ही हमें एकजुट और सशक्त बनाती हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कर सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा अयोध्या की पावन भूमि पर जल्द ही राज्य सरकार उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह का निर्माण करने जा रही है। राज्य सरकार ने पौलगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का नाम बदलकर माँ सीता के नाम पर “सीतावनी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी” रखा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड के देव स्वरूप को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार से डेमोग्राफी चेंज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पवित्र भूमि का सनातन स्वरूप सदा के लिए सुरक्षित रहेगा और उत्तराखंड का पवित्रता, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत, सदैव संरक्षित रहेगी।

 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्य सभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास , विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्री संतोष नागपाल, श्री गगन सेठी, श्रीमती नेहा जोशी, श्री पुनीत मित्तल, श्री अशोक वर्मा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भाजपा की चिंता के बजाय पहले पर्यवेक्षकों की सूची को अप्रूव कराये कांग्रेस अध्यक्ष: चौहान

  • भाजपा विकास के बूते और जनता लड़ाती है चुनाव

देहरादून। भाजपा ने केदारनाथ उप चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के तंज पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को भाजपा की चिंता को छोड़कर कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा जारी सूची को पहले केंद्रीय समिति अथवा पार्टी प्रभारी से एप्रूव कराने की जरूरत है। कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा पूर्व मे की गयी नियुक्तियों को पार्टी प्रभारी खारिज कर चुके हैं इसलिए अभी उन्हे इस दिशा मे सोचने की जरूरत है। 

 

पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा अपने विकास कार्यों के बूते चुनाव मैदान मे उतरती है और जनता ही भाजपा को चुनाव लड़ाती है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जन हित की जो घोषणाएं की है उसमे कांग्रेस को राजनीति दिखना उसकी मानसिकता को दिखाता है। 

उन्होंने केदारनाथ चुनाव को लेकर कांग्रेस के आरोप एवं संगठनिक नियुक्तियां दोनों को पूरी तरह खोखला बताया है। चौहान ने कटाक्ष किया है कि जिस कांग्रेस प्रभारी को अपने राज्य के चुनावों में नही सुने जाने की शिकायत रही हो वो अब जनता की आवाज सुनने के लिए पर्यवेक्षक बना रही है। हरियाणा की हार से हतोत्साहित कांग्रेस फिर से झूठ एवं भ्रम का गुब्बारा फुला रही है, जिसकी हवा केदारघाटी की जनता निकालेगी है।

 

चौहान ने कहा कि केदारनाथ उपचुनाव को लेकर कांग्रेस में हुई नियुक्ति, उनका पार्टी के अंदर का विषय है। लेकिन जनसामान्य में ये चर्चा आम है कि दिल्ली से प्रदेश कांग्रेस संचालित करने वाली उनकी प्रभारी को अपने ही राज्य के चुनावों में अनसुना कर दिया गया था। अब वही केदार घाटी की आवाज सुनने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर रही हैं । लिहाजा जनता जानती है कि उपचुनाव को देखते हुई की गई यह सभी संगठनिक घोषणाएं पूरी तरह खोखली हैं। क्योंकि सभी को अहसास है कि जो पर्यवेक्षक बनाए गए हैं वे जनता की नही सुन सकते हैं और कांग्रेस आलाकमान इन पर्यवेक्षकों की नही सुनने वाला है। देश और राज्य दोनो स्थानों पर कांग्रेस पार्टी और उनके नेता जनसरोकारों से कट चुके हैं। 

 

साथ उन्होंने माहरा के आरोपों पर पलटवार किया कि डबल इंजन सरकार के ऐतिहासिक कामों का ही नतीजा है कि केदार धाम समेत चारों धामों में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। धामी सरकार के कुशल एवं शानदार यात्रा प्रबंधन से चलने वाली सफल एवं सुरक्षित यात्रा ने स्थानीय आर्थिकी को नई ऊंचाइयां दी हैं। आपदा सीजन के बाद एक बार पुनः यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है जिससे स्थानीय व्यापारियों एवम युवाओं के चेहरे खिले हुए हैं। बाबा के धाम की भव्यता और दिव्यता की बढ़ाने के लिए पीएम मोदी के निर्देश पर जो प्रोजेक्ट वहां अंतिम चरण में हैं, उससे केदार घाटी वासियों का विश्वास आसमान पर है। जिसे देखकर कांग्रेस पार्टी की चुनावी उम्मीदें जमीन पर आ गई हैं। श्री केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह में दानदाता ने सोने की परत चढ़ाई, लेकिन कांग्रेस झूठ एवं भ्रम फैलाकर, सनातनी आस्था पर अविश्वास की परत चढ़ाने की साजिश रच रही है । वे हरियाणा चुनावों के नतीजों से पूरी तरह बौखलाए हुए हैं और जनता के सामने झूठे आरोपों और संगठनात्मक सक्रियता का गुब्बारा फुलाने की कोशिश कर रहे हैं । लेकिन केदार घाटी की महान और सनातनी जनता उनके इस पाप के गुब्बारे की हवा उपचुनाव में निकालने वाली है।

 

सीएम धामी की पहल से उत्तराखंड में नेशनल गेम्स पर असमंजस दूर हुआ

 

*मुख्यमंत्री ने दिल्ली पहुंचकर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष के सामने रखा पूरा मामला*

 

*अब 38वें नेशनल गेम्स के साथ उत्तराखंड में ही होंगे विंटर नेशनल गेम्स*

 

देहरादून। लंबे इंतजार के बाद भी जब 38वें नेशनल गेम्स के आयोजन की तारीख पर असमंजस दूर नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद पहल करते हुए भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ पीटी उषा से मुलाकात कर पूरा मामला उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री की पहल पर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष ने उत्तराखंड सरकार के आयोजन की तारीखों के प्रस्ताव को सहर्ष मंजूरी दे दी है। अब उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स अगले वर्ष 28 जनवरी से 14 फरवरी तक आयोजित होंगे। यही नहीं ओलंपिक संघ अध्यक्ष ने विंटर नेशनल गेम्स भी उत्तराखंड में आयोजित करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने पी टी उषा के अनुरोध को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि उत्तराखंड इसके लिए भी तैयार है।

 

उत्तराखंड को 38वें नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलने के बाद राज्य सरकार और खेल विभाग इसकी तैयारियों में जुटा था, लेकिन आयोजन की तारीखों का ऐलान नहीं होने से असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। बुधवार को मुख्यमंत्री धामी दिल्ली के दौरे पर थे, इसी दौरान अत्यंत व्यस्तता के बावजूद मुख्यमंत्री ने भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष से मुलाकात कर नेशनल गेम्स की तारीखों पर बने असमंजस को खत्म कर दिया।

*उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स बेहद सफल और ऐतिहासिक होंगे। इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ के लिए उत्तराखण्ड पूरी तरह से तैयार है। राज्य सरकार इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जायेंगी।हमारा प्रयास होगा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल बेहतर ढंग से आयोजित किए जाएं। यह राज्य को नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री आवास में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने मुलाकात की

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के कृषि उत्पादों के निर्यात का केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार कई योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा राज्य के उत्पादों को बढावा देने हेतु हाउस ऑफ़ हिमालयाज का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा राज्य में जैविक खेती, जीआई-टैग उत्पादों को बढावा देने और राज्य के उत्पादों को विश्व स्तर पर ले जाने के लिए एपीडा की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा राज्य सरकार कृषि इंडस्ट्री पर साथ साथ कार्य कर रही है।

 

भारत सरकार के सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने बताया कि प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाणिज्य मंत्रालय, द्वारा प्रथम बार किसी राज्य में इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें से उत्तराखण्ड राज्य के मुख्य एग्रो प्रोसेसिंग एवं एलाइड इंडस्ट्री के सीईओ द्वारा भी प्रतिभाग किया गया। सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट के आयोजन में राज्य सरकार के सहयोग हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

 

सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने बताया कि इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट के दौरान उत्तराखंड राज्य के जलवायु अनुरूप यहां कृषि, बागवानी को बढावा देने की संभावना पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया उत्तराखंड के कृषि उत्पादों के निर्यात, जैविक खेती और जीआई-टैग उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी कई नीतिगत निर्णय लिए गए। उन्होंने चाय विकास एवं संवर्धन योजना (2023-2026) के तहत उत्तराखंड के छोटे चाय उत्पादकों को जैविक खेती और कारखाना स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने पर भी चर्चा की गई है।

 

 

गौरतलब है कि बुधवार को मसूरी रोड, देहरादून स्थित एक होटल में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट का आयोजन किया गया। इस दौरान वाणिज्य सचिव, भारत सरकार ने हाउस ऑफ हिमालयाज के प्रोत्साहन, प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग हेतु विस्तार पूर्वक चर्चा हुई एवं विभिन्न एग्रो प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के सीईओ से उत्तराखण्ड राज्य से एक्सपोर्ट को बढ़ाने हेतु सुझाव भी प्राप्त किए गए।

 

इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट के दौरान सचिव श्री सुनील बर्थवाल द्वारा हाउस ऑफ़ हिमालयाज के CART (मोबाइल स्टोर) का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों का ब्रांड “हाउस ऑफ़ हिमालयाज” को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हेतु विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए गए।

 

“हाउस ऑफ़ हिमालयाज” एवं लुलु ग्रुप के बीच उत्तराखंड के उच्च गुणवत्ता वाले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने एवं निर्यात को बढावा देने, हाउस ऑफ़ हिमालयाज” एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के मध्य अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार पैकेजिंग मानकों में सुधार लाने, एवं “हाउस ऑफ़ हिमालयाज” एवं स्पाइसेस बोर्ड के मध्य उत्तराखंड में स्थानीय मसालों की खेती को बढ़ावा देने एवं उनकी मैन्युफैक्चरिंग कर वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने हेतु एम.ओ.यू साइन हुए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के सधांशु, सचिव राधिका झा, डायरेक्टर आरके मिश्रा, अपर सचिव श्री मनोज गोयल मौजूद रहे।

हिन्दी फ़िल्मों के सुप्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता श्री परेश रावल ने महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी से मुलाक़ात

 

 

मंगलवार देहरादून मसूरी रोड पर अनंत नारायण महादेवन निर्देशित आगामी बॉलीवुड फ़िल्म “पास्ट टेंस” के सेट पर बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता श्री परेश रावल से महानिदेशक सूचना और उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद (UFDC) में मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी ने मुलाक़ात की। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक सूचना और संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा नितिन उपाध्याय भी उपस्थित रहे।

 

परेश रावल ने अभी तक अपने फ़िल्म करियर में 240 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया है और कई पुरस्कारों से सम्मानित हुए हैं। फ्लाइंग स्टोंस फ़िल्म के बैनर टेल बन रही फ़िल्म “पास्ट टेंस” जिसका निर्देशन अनंत नारायण महादेवन द्वारा किया जा रहा है। इस फ़िल्म के मुख्य किरदारों में श्री परेश रावल, आदित्य रावल, आदिल हुसैन, शरीब हाशमी, तनिष्ठा चटर्जी, गगन देव रीआर, स्मिता ताम्बे , सतीश शर्मा और शरद्धा भट्ट अभिनय कर रहें हैं। यह फ़िल्म एक सोशल फ़ैमिली ड्रामा फ़िल्म है, जिसमें अधिक से अधिक से सपोर्ट क्रू स्थानीय स्तर से लिये लिया गया है।

 

महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी ने बताया प्रदेश सरकार द्वारा पारित नई फ़िल्म नीति में फ़िल्मों के लिए पहले अधिक अनुदान की राशि को सम्मिलित किया गया है, ओटीटी प्लेटफ़ार्म पर रिलीज़ फ़िल्मों और वेब सीरीज को भी अनुदान हेतु सम्मिलित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार सरकार फ़िल्म निर्माण से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए पूर्णरूप से प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार फ़िल्म निर्माण से राज्य में प्रत्यक्ष रोज़गार की नयी गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के पर्यटन को भी प्रोत्साहित कर रही है। इस नयी पारित फ़िल्म पालिसी में उत्तराखंड के अनछुए शूटिंग डेस्टिनेशन को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है। उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद (UFDC) पर्यटन विभाग के सहयोग से नये शूटिंग डेस्टिनेशंस को भी लगातार चिन्हित करने का कार्य कर रही है ताकि राज्य में नये शूटिंग डेस्टिनेशंस को बढ़ावा मिले, और फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड के अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों का भी प्रचार हो सके।

 

मुलाक़ात के दौरान बातचीत में श्री परेश रावल ने महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी को बताया कि अभी हाल ही में उन्होंने अपनी दो बॉलीवुड फ़िल्मो की शूटिंग उत्तराखण्ड में कम्प्लीट की है जिनका पोस्ट प्रोडक्शन का काम अभी चल रहा है और वो भी जल्द ही रिलीज़ होने की कगार पर हैं।

 

राज्य में लागू हुई नयी फ़िल्म नीति की सारहना करते हुए करते हुए श्री रावल ने उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद (UFDC) द्वारा लागू सिंगल विंडो सिस्टम को सराहते हुए बताया कि राज्य में सभी प्रकार की शूटिंग परमिशन प्रक्रिया के सरल से होने के कारण उत्तराखण्ड बॉलीवुड और देश के अन्य राज्यों के लिए संपूर्ण एक फ़िल्म फ्रेंडली डेस्टिनशन के रूप उभर रहा हैं।

उन्होंने कहा कि इस नयी नीति के अन्तर्गत फ़िल्म शूटिंग को बढ़ाने के लिए सभी पहलुओं पर बारीकी से काम किया गया है। हिन्दी और स्थानीय फ़िल्मों को बढ़े हुए अनुदान की व्यवस्था और ससमय निःशुल्क शूटिंग परमिशन मिलने के कारण बाहर से आने वाले फ़िल्मकारों को राज्य में अधिक से अधिक शूटिंग करने का प्रोत्साहन मिल रहा है, और बताया कि यहाँ स्थानीय लोगो द्वारा भी शूटिंग के दौरान हर प्रकार की सहायता भी मिलती जिससे राज्य को फ़िल्मों की शूटिंग के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद मिलती है। उनके अनुसार इस नई फिल्म नीति से फ़िल्म निर्माताओं में उत्साह का माहौल है।

 

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पिछले कुछ समय से फ़िल्म और वेब सीरीज शूटिंग में तेज़ी आयी है । अभी हाल ही में पिछले दिनों निर्माता निर्देशक श्री विपुल शाह की एक कॉमेडी सस्पेंस फ़िल्म हिसाब का शूट कम्पलीट हुआ था। उससे पहले अनुपम खेर के बैनर “अनुपम खेर स्टूडियो” की फ़िल्म “तन्वी द ग्रेट” का शूट भी लैंसडौन में कैम्पलीट हुआ है। जिसकी शूटिंग यहाँ 36 दिनों तक कि गई है। राज शांडिल्य निर्देशित फ़िल्म “विकी विद्या का वो वाला वीडियो” की शूटिंग भी मार्च के महीने में कम्पलीट हुई है जिसमें मुख्य भूमिकाओं में राजकुमार राव और तृप्ति डिमरी हैं। इसके पहले काजोल और कृति सेनन अभिनीत “दो पत्ती” का शूट दिसम्बर माह में समाप्त हुआ था ।

 

संयुक्त निदेशक सूचना डा नितिन उपाध्याय ने बताया कि उत्तराखण्ड में शूट हुई “11 11” (ग्यारह-ग्यारह) वेब सीरिज़ zee5 पर देखी जा सकती जिसमें उत्तराखण्ड के ही डांसिंग स्टार राघव जुयाल मुख्य किरदारों में शामिल है। zee5 पर ही “रौतू का राज” फ़िल्म को भी देखा जा सकता है जिसमें मुख्य अभिनय नवाजुद्दीन सिद्धिकी ने किया है। वेब सीरिज़ “लाइफ हिल गई” को डिज़्नी हॉटस्टार पर देखा जा सकता है, जिसमें उत्तराखंड के बहुत से कलाकारों हो शामिल किया गया है। अमित सियाल द्वारा अभिनीत एक फ़िल्म जिसका नाम “तिकड़म” जियो सिनेमा प्रीमियम पर इसी माह 23 अगस्त को रिलीज़ हुई है।

प्रदेश में गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी स्थानीय भाषाओं की फ़िल्मों की शूटिंग की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अभी पिछले कुछ महीनों में उत्तराखंड की क्षेत्रीय बोली में बनी गढ़वाली फ़िल्में मीठी, असगार, शहीद, संस्कार भी रिलीज़ हुईं है जिनको उत्तराखंड में और राज्य के बाहर के दर्शकों द्वारा काफ़ी सराहा जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये जीत प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आम जन के विश्वास को प्रदर्शित करती है।

 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति और बाबा केदारनाथ जी का प्रसाद भी भेंट किया।

 

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विकास में निरंतर मिल रहे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ समिति-२ द्वारा संस्तुत 21 जल परियोजना (कुल क्षमता 2123 MW) के विकास एवं निर्माण की अनुमति प्रदान किए जाने हेतु अनुरोध किया। उन्होंने तीन रोपवे परियोजनाए, (क) सोनप्रयाग-गौरीकुंड केदारनाथ (ख) गोविंद घाट-हेमकुंड साहिब और (ग) काठगोदाम-नैनीताल को राज्य सरकार द्वारा विकास और संचालन के लिए हस्तांतरित करने का भी अनुरोध किया।

 

मुख्यमंत्री ने भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS) के अंतर्गत देहरादून-गौचर-देहरादून और देहरादून-चिन्यालीसौंड-देहरादून की हवाई सेवा पुनःसंचालित किए जाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय को निर्देशित करने के लिए भी आग्रह किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्यालीसौंड हवाई पट्टी जनपद उत्तरकाशी पर छोटे विमान संचालन की अनुमति हेतु सम्बन्धित मंत्रालय को दिशा-निर्देश का अनुरोध किया।

 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कुमाऊँ एवं गढ़वाल को संयोजित करने के लिये 02 मार्गों, (क) खैरना-रानीखेत- बंगीधार-बैजरों मोटरमार्ग (256.9 किमी0) और (ख) काठगोदाम-भीमताल लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग (189 किमी०) को राष्ट्रीय राजमार्ग अधिसूचित करने का भी अनुरोध किया। इसके साथ ही देहरादून रिंग रोड़ की अवशेष लम्बाई की स्वीकृति का भी अनुरोध किया।

सिस्टम विहीन कांग्रेस बिना बही की खातेदार: चौहान

 

राज्य की प्रगति इर्ष्या नही बल्कि गौरवान्वित होने का विषय

 

सीएम धामी के नेतृत्व में विकसित उत्तराखंड की ओर तेज गति से बड़ रहा राज्य : चौहान

 

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस न केवल सिस्टम विहीन दल है, बल्कि वह बिना बही के खातेदार भी है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के साइबर व्यवधान को सरकार की नाकामी संबंधी बयान को हताशा और खीज बताया।

चौहान ने कहा कि साइबर मे व्यवधान अस्थाई है और यह कुछ घण्टो मे ठीक हो जायेगा। विशेषज्ञ कमी को ढूंढकर दूर करने मे जुटे हैं और सीएम हेल्प लाइन सहित कुछ साइट ठीक भी हो गयी है। सोमवार तक साइबर के ठीक होने का भरोसा विशेषज्ञों ने दिया है। लेकिन कांग्रेस इसे मौका देखकर सरकार के कामकाज से तोल रही है जो कि उसकी मानसिकता को दिखाता है।

उन्होंने कहा कि डिजिटिलाईजेशन का यह पूरा नेटवर्क भाजपा की सरकारों मे ही तैयार किया गया और आज यह सुविधा आसानी से लोगों को मिल रही है। आधार कार्ड हो या जनाधार अथवा खतौनी सभी आनलाइन हैं। वहीं कांग्रेस दस्तावेजों को आनलाइन नही कर पायी, क्योंकि इसे लेकर न उसके पास विजन था और न ही मंशा। पारदर्शिता के बजाय कांग्रेस हाईटेक से दूरी बनाकर चलती रही और इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला और कांग्रेस इसी को मुफीद मानती रही।

उन्होंने कहा कि यह आरोप सरासर मनगढंत है कि कानून व्यवस्था अथवा अन्य जरूरी कार्य इससे प्रभावित हुए हैं। थाना चौकी या अन्य जगहों पर नियमित सुनवाई आम जन की हो रही है और सीएम हेल्प लाइन कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सीएम धामी का कार्यकाल बेरोजगारों को रोजगार देने के मामले मे एक नजीर है। नियमित सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन, पारदर्शी परीक्षा और नियुक्ति मिल रही है। वहीं गैर सरकारी और स्वरोजगार के क्षेत्र मे युवा और महिलाएं लाभांवित हो रहे है। केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्टों ने राज्य की विकास दर मे इजाफा, प्रति व्यक्ति आय मे वृद्धि, घटती बेरोजगारी दर, रोजगार मे महिलाओं की भागीदारी, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आदि तमाम विषयों पर हो रहे सकारात्मक बदलावों पर अपनी प्रमाणिक मुहर लगाई है। आज प्रदेश की जनता को भी विश्वास है कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में विकसित उत्तराखंड की ओर बहुत तेज गति के साथ राज्य आगे बड़ रहा है ।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही वह दल है जिसके मुखिया और पूर्व सीएम ने बिना खाता बही के अपनी बात को सही ठहराया। आज कांग्रेस अध्यक्ष भी उसी राह पर हैं। राज्य हित मे तमाम ऐतिहासिक कानून धामी सरकार मे बने हैं और अब राज्य की सांस्कृतिक सरंक्षण के लिए कानून आने वाला है। लेकिन कांग्रेस इस ओर जान बूझकर अनजान होने का नाटक कर रही है, लेकिन प्रदेश के लाखों युवा और महिलाएं हकीकत से रूबरू है और उन्हे कांग्रेस के दुष्प्रचार के बारे मे पूरी जानकारी है। कांग्रेस को विकास कार्यों अथवा युवा और महिलाओं को रोजगार के मामले पर इर्ष्या नही बल्कि प्रसन्नचित होकर सुझाव देने चाहिए।

 

केदारघाटी के उत्पादों को केदार ब्रांड बनाकर सुधारेंगे मातृशक्ति की आजीविका: सीएम

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग में लखपति दीदी अभियान- शक्ति को सम्मान में किया प्रतिभाग*

*195 करोड़ 75 लाख 16 हजार की लागत से 141 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास*

*30 करोड़ 85 लाख 68 हजार रुपए से 49 योजनाओं का लोकार्पण, 164 करोड़ 89 लाख 48 हजार की 92 योजनाओं का शिलान्यास*

*मुख्यमंत्री ने जनपद को दी 25 घोषणाओं की सौगात त्रियुगीनारायण-तोषी गरूडचट्टी मार्ग स्वीकृति, सुमाड़ी को नगर पंचायत बनाया जायेगा*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि क्रीड़ा मैदान में लखपति दीदी अभियान- शक्ति को सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केदारघाटी के स्थानीय उत्पादों को देश- विदेश में केदार ब्रांड बनाकर तैयार कर विपणन किया जाएगा। मातृशक्ति की आजीविका सुधार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा वहीं घाटी के होम स्टे से लेकर अन्य सुविधाओं को भी इसके अंतर्गत पहचान दी जाएगी। केदारघाटी की धार्मिक पहचान के साथ राज्य सरकार घाटी को नई पहचान दिलाने के लिए इसके अंतर्गत कार्य करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ विधानसभा की दिवंगत विधायक शैला रानी रावत को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके निधन पर मैंने इस विधानसभा की जिम्मेदारी बतौर उनका प्रतिनिधि लेने का आश्वासन दिया था। इसी क्रम में लगातार क्षेत्र के विकास के लिए शासन- प्रशासन सहित वरिष्ठ मंत्री इसमें लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बीते दिनों 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते भारी नुकसान हुआ, सड़कें और पैदल मार्ग बंद हो गए थे। यात्रा मार्ग पर फंसे विभिन्न स्थानों से करीब 15 हजार लोगों को रिकॉर्ड समय में मैनुअल एवं हैली से रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया। इसके अलावा 15 दिनों में पैदल मार्ग को सुचारू कर एक महीने के भीतर ही यात्रा को पूर्व जैसे भव्य स्वरूप में वापस लाया गया। उन्होंने स्थानीय जनता एवं केदार घाटी के लोगों को इस पूरे रेस्क्यू अभियान से लेकर यात्रा को दोबारा समय पर शुरू करवाने के लिए धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को नई पहचान दिलाने के लिए मातृशक्ति बड़ी अहम भूमिका निभा रही है। पूरे प्रदेश के अंदर सैकड़ों की संख्या में महिला स्वयं सहायता समूहों में जुड़ी हजारों महिलाएं वर्ड क्लास उत्पाद तैयार कर अपने समूह और राज्य को नई पहचान दिला रही हैं। लगातार उनकी आजीविका में सुधार हो रहा है। वहीं प्रदेश सरकार ने हाउस ऑफ हिमालयाज कम्पनी का गठन कर प्रदेश के उत्पादों की नई सिरे से ब्रांडिंग कर मातृशक्ति को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। इन्हीं महिला समूहों द्वारा 110 आउटलेट चारधाम यात्रा मार्गों पर खोले गए हैं जिनसे उनकी आजीविका सुदृढ़ हो रही है। रुद्रप्रयाग जनपद में 4000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल रही हैं और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और प्रदेशवासियों के हित में जल्द सख्त भू- कानून लागू होने जा रहा है। जिन लोगों ने अवैध रूप से जमीनों की खरीद फरोख्त की है उनसे जमीन वापस लेकर सरकारी भूमि में निहित की जाएगी। वहीं देश में सर्वप्रथम समान नागरिकता संहिता लागू करने वाला पहला प्रदेश भी उत्तराखण्ड बनने जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केदारनाथ धाम एक था, एक है और एक ही रहेगा, देश में किसी भी स्थान पर उत्तराखंड के चार धामों के प्रयोग कर कोई मंदिर नही बनने दिया जाएगा।

इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, विधायक शक्ति लाल शाह, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा आशा नौटियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठरी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी करन नगन्याल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं भारी संख्या में मातृशक्ति एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

*मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं*

1. त्रियुगीनारायण-तोषी गरूडचट्टी मार्ग स्वीकृति

2. विजयनगर झूला पुल से रामलीला मैदान के पीछे एप्रोच रोड एवं पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।

3. स्व० शहीद फते सिंह रा०उ०मा०वि० बाडव का उच्चीकरण कर इण्टरमीडिएट किया जाएगा।

4. श्री वासुदेव मंदिर पुजारगांव के सौन्दर्गीकरण हेतु रुपए 01 करोड की स्वीकृति।

5. ग्राम मैठाणा के पणसिल्ला नामी तोक में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति।

6. राजकीय इंटर कॉलेज नागजगई, रांसी, पौठी, बावई, कमसाल, ग्वेफड़, खाखंरा, बीना में कला वर्ग के पदों की स्वीकृति दी जाएगी।

7. ग्राम सभा नाला में त्रिपुरासुन्दरी खेल मैदान, ग्राम सभा बडेथ (तालजामण) के बुगला तोक, शिवानन्दी, रणधार बांगर एवं कोठगी में मिनी स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति।

8. पर्यटक स्थल बधाणीताल का सौन्दर्यकरण किया जायेगा।

9. सुमाड़ी को नगर पंचायत बनाया जायेगा।

10. थाती बड़मा में वैटनरी मेडिकल की स्वीकृति (पूर्व में प्रस्तावित स्वीकृति सैनिक स्कूल की भूमि पर)

11. चिरबटिया आईटीआई का भवन निर्माण किया जायेगा।

12. रुद्रप्रयाग में सर्किट हाउस का निर्माण किया जायेगा।

13. गंगाधर मैठाणी राजकीय महाविद्यालय विद्यापीठ में बीएससी, एमएससी एवं एमए के साथ स्नातकोत्तर की स्वीकृति दी जाती है।

14. नाला से जाखधार- बणसू- त्यूडी तक मोटर मार्ग का डामरीकरण किया जायेगा।

15. चोपता में पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन के अवशेष निर्माण कार्य को पूर्ण करने हेतु वन पत्रावली का निस्तारण किया जायेगा।

16. ऊखीमठ- पिंगलापानी पेयजल योजना की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाती है।

17. गुप्तकाशी- मस्ता- कालीमठ मोटर मार्ग की स्वीकृति दी जाती है

18. सिल्ला- बामण गाँव में साणेश्वर मन्दिर, सिद्धपीठ आशुतोष महादेव, तुगेश्रवर महादेव मन्दिर, फलासी एवं महड़ महादेव मंदिर महड़ गांव के सौंदर्गीकरण के लिए 25-25 लाख रुपए की स्वीकृति दी जाती है।

19. बसुकेदार में तहसील भवन के निर्माण की स्वीकृति दी जाती है।

20. पूर्व घोषणा के अंतर्गत शहीद रामसिंह राणा रा० उ०मा०वि० कालीमठ के उच्चीकरण की सैधान्तिक स्वीकृति ।

21. उरोली से कुंड सौड तक 2 किलोमीटर मोटर मार्ग की स्वीकृति दी जाती है।

22. जनता इंटर कॉलेज देवीधार (मोलखाचौरी) में भूगोल, ग्रह विज्ञान, मनो विज्ञान, एवं विज्ञान वर्ग की इंटर स्तर पर वित्त सहिता मान्यता स्वीकृति दी जाती है।

23. बदरी-केदार मंदिर समिति में अस्थाई कर्मियों का वन टाइम सेटलमेन्ट विनियमितीकरण किया जायेगा।

24. नगर पालिका परिषद रूद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि एवं नगर पंचायत तिलवाड़ा तथा ऊखीमठ के बाल्मिकी बस्ती के निवासियों हेतु आवासीय सुविधा की व्यवस्था की जायेगीl

राज्य में अतिशीघ्र साइबर सिक्योरिटी टास्क फोर्स का गठन किया जाए : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी

*डाटा की सुरक्षा के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर की हो स्थापना: मुख्यमंत्री।*

*सोमवार तक सभी साइट्स का संचालन हो शुरू।*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में स्टेट डाटा सेंटर में आए मालवेयर एवं अस्थायी रूप से बंद की गई ऑनलाइन सेवाओ के संबंध में स्टेट डाटा सेंटर, स्वान, एन.आई.सी, आई.टी.डी.ए से संबंधित सभी अधिकारियों, विशेषज्ञों, पुलिस विभाग एवं शासन के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्टेट डाटा सेंटर की स्कैनिंग अति शीघ्र पूर्ण कर जनहित से जुड़े विभागों की साइट को प्रथमिकता से पुनः शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए कि सोमवार तक सभी साइट्स का संचालन शुरू हो जाए । मुख्यमंत्री ने कहा इस तरह के मामलों की पुनरावृति न हो, एवं ऑनलाइन सेवाओं से संबंधित सुरक्षा हेतु राज्य में अतिशीघ्र साइबर सिक्योरिटी टास्क फोर्स का गठन किया जाए। उन्होंने कहा आईटी के क्षेत्र में कार्य कर रही भारत सरकार की सर्वश्रेष्ठ एजेंसियों के सहयोग से स्टेट डाटा सेंटर की सुरक्षा प्रणाली को और ज्यादा आधुनिक बनाए एवं तय समय में स्टेट डाटा सेंटर, ऑनलाइन साइट्स का सेफ्टी ऑडिट भी किया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की सुरक्षा एवं विभिन्न विभागों से संबंधित ऑनलाइन डाटा की रिकवरी के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा साइबर सुरक्षा में सर्वश्रेष्ठ कार्य कर रहे राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों एवं एजेंसियों की बेस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर उन्हें राज्य में लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आई.टी.डी.ए में टेक्निकल कार्य कर रही कंपनी की पुनः समीक्षा की जाए, यदि समीक्षा के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो कंपनी पर कार्यवाही की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आई.टी.डी.ए में आवश्कता अनुसार कार्मिकों की तैनाती हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक कर सभी पदों को अतिशीघ्र भरा जाए। उन्होंने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को साइबर सिक्योरिटी प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा आईटीडीए यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक सरकारी कार्यालय में एंटी वायरस सिस्टम अपडेट हो, जिससे इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने कहा आगे इस तरह की समस्याएं न आएं, इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए।

 

सचिव श्री नितेश झा ने बताया कि आई.टी.डी.ए डाटा सेंटर में वर्चुअल मशीनों पर मालवेयर के कारण किसी भी प्रकार की डेटा हानि नही हुई है।1378 में से 11 मशीनों पर मालवेयर का प्रभाव पड़ा था। बीते 2 दिनो में डाटा सेंटर की स्कैनींग कई बार कर ली गई है। ई- ऑफिस एवं सीएम हेल्पलाइन सूचारू सहित अन्य साइट्स शुरू हो गयी हैं।

 

इस दौरान बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूडी (वर्चुअल), पुलिस महानिदेशक श्री अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, सचिव श्री मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय, कुमाऊँ कमिश्नर श्री दीपक रावत, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, निदेशक आई.टी.डी.ए. श्रीमती नितिका खण्डेलवाल, एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।