Sunday, March 8, 2026
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हिंदुओं को हिंसक बताने के लिए राहुल देश से मांगे माफी: भट्ट

सनातन के अपमान पर देवभूमिवासी उपचुनाव में सिखाएंगे कांग्रेस को सबक

 

देहरादून 1 जुलाई। भाजपा ने सदन में राहुल गांधी के हिंदुओं को हिंसक बताने वाले बयान की कड़ी आलोचना करते हुए देश की जनता से सार्वजनिक माफी की मांग की हैं।

 

प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि जिस तरह उन्होंने सनातन का अपमान करने और योजनाओं पर झूठ परोसने के लिए सदन का दुरुपयोग किया, उसका जवाब देवभूमि की जनता बद्रीनाथ और मंगलोर के उपचुनावों में कांग्रेस को बुरी तरह पराजित कर देने वाली है।

 

श्री भट्ट द्वारा जारी बयान में कहा गया कि जिस तरह राहुल ने सदन के पटल पर हिंदू समाज को हिंसा करने वाला, नफरत फैलाने और असत्य कहने वाला बताया गया, वह पूरी तरह कांग्रेस की सनातन विरोधी सोच एक बार पुनः उजागर करता है। इससे पूर्व भी वे मंदिर जाने वालों को लड़की छेड़ने वाला बताते थे, उनकी पार्टी और सहयोगी पार्टी के नेता लगातार सनातन के अपमान और उसे समाप्त करने का आह्वाहन करते रहते हैं । लेकिन सर्वाधिक आपत्तिजनक यह है कि इस बार हिंदुओं के लिए अपमानजनक शब्दावली का उपयोग लोकतंत्र के पवित्र मंदिर में किया गया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को हिंदुओं से नफरत होगी, लेकिन देश में करोड़ों लोग गर्व से स्वयं को हिंदू कहते हैं ।

 

उन्होंने कहा कि अग्निवीर, कृषि आंदोलन समेत अनेकों योजनाओं को लेकर राहुल का तथ्यहीन आरोप लगाना बेहद निंदनीय हैं। अफसोस जो झूठ और भ्रम वह चुनाव के समय सड़कों पर फैलाते रहे, उसको और फैलाने के लिए उन्होंने सदन के मंच का दुरुपयोग किया। उन्हे इस पूरे मुद्दे पर राहुल गांधी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

 

भट्ट ने कहा कि सनातन के इस अपमान और गलतबयानी का करारा जबाब देवभूमि की सनातन प्रेमी एवं राष्ट्रवादी जनता उन्हे देने जा रही हैं। कांग्रेस नेता और उनकी पार्टी की हिंदू विरोधी मानसिकता के प्रतिकार की शुरुआत श्री बद्रीनाथ धाम विधानसभा के धर्मपरायण मतदाता करने वाले हैं । उनके उम्मीदवार की जमानत जब्त करवाकर वहां की जनता कांग्रेस आलाकमान को कड़ा संदेश देगी । ठीक इसी तरह मंगलौर की जनता भी विकास की संभावना और सनातन के सम्मान के पक्ष में वोट कर, कमल खिलाना अब पूरी तरह तय हो गया है।

आपदा प्रबंधन में वित्तीय अनियमितताओं की वजह से दिये जा रहे नोटिस: चौहान

धामी की जीरो टॉलरेंस की नीति से भ्रष्टाचार मे लिप्त लोगों मे हड़कंप

 

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस आपदा प्रवंधन विभाग मे इस्तीफे को लेकर चिंता जता रही है, लेकिन हकीकत यह है कि यह सरासर विभागीय भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है और कांग्रेस अपने स्वभाव के अनुरूप तूल दे रही है।

चौहान ने कहा कि आपदा प्रबंधन में अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच हुई थी और अब उसकी रिपोर्ट भी आ गयी है। विभागीय कर्मियों पर वित्त विभाग की अनुमति के बिना एलआईसी की ग्ग्रेच्युटी लेने का आरोप है। जबकि यह सेवा काल पूरी होने के बाद ही लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर, शासन द्वारा आरोपी अधिकारियों को नोटिस दिया जाता है तो इसमें गलत कहाँ है।

 

उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन हो या कोई भी अन्य विभाग हर जगह जीरो टॉलरेंस की नीति बेहतर ढंग से कार्य करेगी। किसी को भी अनियमितता की छूट नही दी जा सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महज आरोप प्रत्यारोप की राजनीति के सहारे चल रही है। कर्मियों से उनका पक्ष पूछने का मतलब किसी कंपनी को लाभ पहुंचाने का आरोप हास्यास्पद है।

 

चौहान ने दावा किया कि सीएम पुष्कर सिंह धामी की कड़ी जीरो टॉलरेंस की नीति के चलते भ्रष्टाचार मे लिप्त लोगों मे हड़कंप हैं और वह बहाने तलाश रहे है। भर्ती घोटाले हों या लैंड फ्राड अथवा अन्य किसी भी मामले में जिस तरह से धामी सरकार ने क्विक एक्शन लिया उसकी देश भर मे चर्चा है। आरोपी कितना ही रसूखदार क्यों न हो उसे कानून के दायरे मे आना होगा। इसके लिये जांच एजेंसियां भी दबाव मुक्त कार्य कर रही है। आज आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सेवा पोर्टल सहित सीएम खुद मॉनिटरिंग और लोगों से वार्ता कर रहे हैं। राज्य मे पारदर्शिता युक्त भाजपा की सरकार है कांग्रेस को यह समझने की जरूरत है।

 

 

सी.एम हेल्पलाईन पर लंबित शिकायतों का आगामी 15 दिनों में सकारात्मक निवारण किया जाए- मुख्यमंत्री

 

*पिछले एक माह से सी.एम. हेल्पलाईन पर लॉगिन न करने वाले अधिकारियों पर कारवाई की जाए।*

 

*शिकायतकर्ताओं से नियमित संवाद करें अधिकारी।*

 

*रोस्टर बनाकर बीडीसी की बैठकों का नियमित आयोजन किया जाए।*

 

*तहसील दिवस पर शिकायतों के निस्तारण सबंधी जानकारी मुख्यमंत्री जन-समर्पण तहसील दिवस पोर्टल पर भी नियमित अपलोड किया जाए।*

 

*मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाईन पर शिकायत करने वाले 07 शिकायतकर्ताओं से की फोन पर की बातचीत।*

 

*मुख्यमंत्री ने सी.एम. हेल्पलाईन के व्हाट्सएप चैटबोट का भी शुभारंभ किया।*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन से वर्चुअल माध्यम से सी.एम. हेल्पलाईन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि सी.एम हेल्पलाईन पर आयी सभी शिकायतों का समयबद्धता से निस्तारण किया जाए। आगामी 15 दिनों में लंबित शिकायतों का सकारात्मक निवारण किया जाए। उन्होंने सख्त निर्देश दिये हैं कि जिन अधिकारियों ने पिछले एक माह में सी.एम हेल्पलाईन पोर्टल में लॉगइन नहीं किया है, संबंधित विभागीय शीघ्र उन अधिकारियों का यथाशीघ्र स्पष्टीकरण लें। यदि स्पष्टीकरण में संतोषजनक कारण नहीं बताया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कारवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में विभागों की कार्य के प्रति इस प्रकार की शिथिलता पाये जाने पर संबंधित विभागीय सचिव एवं विभागाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी तय की जायेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ब्लॉक लेबल अधिकारी से विभागीय सचिव तक सभी अधिकारी जन शिकायतों के समाधान के लिए शिकायतकर्ताओं से स्वयं नियमित संवाद करें। उन्होंने कहा कि संवाद से समरसता के भाव से कार्य करें।

 

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने जनपदों में प्रत्येक ब्लॉक में आयोजित होने वाली बीडीसी की बैठकों के लिए रोस्टर बनाया जाए। इन बैठकों में विकास से संबंधित विभागीय अधिकारियों और रेखीय विभागों के अधिकारियों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करवाई जाय। बीडीसी की बैठकों में जनपद स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी का भी रोस्टर बनाकर उन्हें बैठकों में भेजा जाए। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी भी प्रयास करें कि वे हर बीडीसी बैठक में रहें। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि तहसील दिवस का नियमित आयोजन किया जाए। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जनपदों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तहसील दिवस में नियमित प्रतिभाग कर जन संमस्याओं का समाधान करें। तहसील दिवस पर शिकायतों के निस्तारण सबंधी जानकारी मुख्यमंत्री जन-समर्पण तहसील दिवस पोर्टल पर भी नियमित अपलोड किया जाए।

 

180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागीय सचिवों को निर्देश दिये कि इन शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए। इन शिकायतों में जो शिकायतें मांग से संबंधित हैं, उनका अलग से उल्लेख किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों को क्लोज करना उद्देश्य न हो, बल्कि शिकायतों का समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन मॉड्यूल के हिसाब से नियमित प्रशिक्षण कराया जाय। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण में संबंधित अधिकारी स्वयं उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष प्रत्येक माह के द्वितीय सप्ताह में सीएम हेल्पलाईन-1905 की विभागीय समीक्षा करें और शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें। सभी विभागों द्वारा समीक्षा बैठकों का कार्यवृत्त नियमित पोर्टल पर अपलोड किया जाए।

 

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सी.एम. हेल्पलाईन पर प्राप्त हुई शिकायतों के शिकायतकर्ताओं से फोन से वार्ता की। जिन 07 शिकायतकर्ताओं से मुख्यमंत्री ने वार्ता की उनमें से 03 शिकायतकर्ताओं की समस्या का समाधान किया जा चुका है, जबकि 04 शिकायर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान किये जाने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया।

 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सी.एम. हेल्पलाईन के व्हाट्सएप चैटबोट का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम हेल्पलाईन के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए।

 

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, श्री शैलेश बगोली, श्री दिलीप जावलकर, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री रंजीत सिन्हा, श्री बृजेश कुमार संत, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनोद कुमार सुमन, निदेशक आई.टी.डी.ए. श्रीमती नितिका खण्डेलवाल, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राम मोहन नायडू से की भेंट

 

*-पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के संबंध में अनुमोदन प्रदान करने का किया अनुरोध*

 

*-जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण हेतु वन विभाग की भूमि के हस्तांतरण के संबंध में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुरोध करते हुए विस्तारीकरण की अनुमति प्रदान करने का भी किया अनुरोध*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री श्री किंजरापू राम मोहन नायडू से शिष्टाचार भेंट कर केंद्रीय मंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दायित्व का कार्यभार ग्रहण करने पर बधाई और शुभकामनाएं प्रदान की।

 

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की कार्यवाही शीघ्रातिशीघ्र शुरू करने के संबंध में अनुमोदन प्रदान कर सम्बंधित को निर्देशित करने का अनुरोध किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के जनपद उधमसिंहनगर के पंतनगर में स्थित रनवे छोटा होने के कारण इस एयरपोर्ट पर बड़े वायुयानों को उतारना संभव नहीं हो पा रहा है, जिसके लिए रनवे को बढ़ा कर एयरपोर्ट का विस्तारीकरण किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई वर्तमान में 1372 मीटर है जिसे बढ़ाकर 3000 मीटर किया जाना है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट के विस्तारीकरण हेतु राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में विभिन्न विभागों तथा राष्ट्रीय राजमार्ग सिडकुल की कुल 804.0162 एकड़ अथवा 325.5126 हैक्टेएयर भूमि अधिग्रहण की जा चुकी है। जिसमें से 212.4868 (524.78 एकड़) भूमि नागरिक उड्डयन विभाग के नाम हस्तान्तरित की जा चुकी है।

 

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से देहरादून स्थित जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण हेतु वन विभाग की 87.0815 हेक्टेयर भूमि के हस्तातंरण के संबंध में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुरोध करते हुए विस्तारीकरण पर कार्य शुरू करने की अनुमति प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट से काठमांडू(नेपाल) के लिए वायुयान सेवा संचालित किए जाने के लिए निविदा की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। जिसके दृष्टिगत जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का दर्जा देने की कार्यवाही को गति देने की नितांत आवश्यकता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग की 87.0815 हेक्टेयर भूमि को एयरपोर्ट के विस्तारीकरण हेतु माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के अनुसार नागरिक उड्डयन मंत्रालय को हस्तांतरित करने में कोई अवरोध नहीं है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्तारीकरण हेतु एयरपोर्ट सीमा से लगी एनटीआरओ की परिधि में आने वाली भूमि के लिए अनापत्ति की कार्यवाही गतिमान है।

 

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से केदारनाथ धाम और देहरादून के सहस्त्रधारा हेलिड्रोम पर एटीसी की स्थापना के सम्बंध में अनुरोध करते हुए अवगत कराया कि वर्तमान में उत्तराखंड के तीन हवाई अड्डे हैं जहां VHF संचार सहित वायु यातायात सेवा उपलब्ध हैं। हालांकि VHF

संचार व्यवस्था एक लाइन ऑफ साइट कम्युनिकेशन व्यवस्था होने तथा राज्य की पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्र अभी भी इस व्यवस्था से आच्छादित नहीं हो पाए हैं। इसके मद्देनजर श्री केदारनाथ धाम और सहस्त्रधारा हेलिड्रोम में वायु यातायात नियंत्रण स्थापित किया जाए।

 

मुख्यमंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य के सीमावर्ती शहर पिथौरागढ़ के लिए अलायन्स एयर द्वारा द्वारा उत्तराखंड एयर कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत दिल्ली-पिथौरागढ़-दिल्ली उड़ान संचालन हेतु सहमति हो गई है। राज्य सरकार द्वारा हवाई अड्डे के लिए 2 सी श्रेणी का लाइसेंस प्राप्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एटीआर 42 विमानों के संचालन हेतु पायलट्स के लिए सिम्युलेटर ट्रेनिंग आवश्यक है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अलायन्स एयर को सिम्युलेटर ट्रेनिंग प्रक्रिया शीघ्र आरंभ करने हेतु सम्बंधित विभाग को निर्देशित करने का अनुरोध किया गया।

लैब्स ऑन व्हील्स’’ मोबाइल सांइस लैब प्रोजेक्ट चार जिलों में आरम्भ किया जाएगा-मुख्य सचिव

*राज्य सरकार एवं यूकॉस्ट परिषद की महत्वकांक्षी परियोजना*

*राज्य के कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों में विज्ञान, टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग तथा गणित विषयों में क्रियात्मक ज्ञान की वृद्धि हेतु 13 जिलों में लैब्स ऑन व्हील्स प्रोजेक्ट के तहत मोबाइन साइंस लैब संचालित करने की योजना*

*मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने राज्य में बालिकाओं को विज्ञान शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए*

सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने प्रोजेक्ट ‘‘लैब्स ऑन व्हील्स’’ मोबाइल सांइस लैब प्रोजेक्ट की डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महानिदेशक शिक्षा को इस सम्बन्ध में सभी विद्यालयों को निर्देश जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने राज्य के ग्रामीण एवं सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं की मजबूती तथा विज्ञान व शिक्षा को जोड़ने वाले प्रोजेक्ट ‘‘लैब्स ऑन व्हील्स’’ मोबाइल सांइस लैब की समीक्षा के दौरान प्रथम चरण में चम्पावत, अल्मोड़ा, देहरादून एवं पौड़ी में इसे संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के तहत विज्ञान शिक्षा हेतु बालिकाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। शासन द्वारा प्रोजेक्ट ‘‘लैब्स ऑन व्हील्स’’ मोबाइल सांइस लैब के लिए 5 करोड़ की धनराशि निर्गत की गई है। राज्य के कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों में विज्ञान, टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग तथा गणित विषयों में क्रियात्मक ज्ञान की वृद्धि हेतु 13 जिलों में लैब्स ऑन व्हील्स प्रोजेक्ट के तहत मोबाइन साइंस लैब संचालित की जाएगी। आरम्भ में चम्पावत, अल्मोड़ा, देहरादून एवं पौड़ी चार जिलों में छः माह तक कार्यक्रम के सफल संचालन के बाद सभी जनपदों में इस प्रोजेक्ट को संचालित किया जाएगा।

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि प्रोजेक्ट लैब्स ऑन व्हील्स के तहत मोबाइल सांइस लैब के माध्यम से राज्य के ग्रामीण एवं सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ किया जाए तथा विज्ञान एवं शिक्षा को पूरक बनाने के साथ-साथ विज्ञान को लोकप्रिय बनाने व विज्ञान संचार गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों में व्यवहारिक प्रदर्शनों/मॉडलों गतिविधियों और प्रदर्शनों के माध्यम से जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक और गणित पाठयक्रम में अनुभावत्मक कौशल विकसित करने तथा व्यवहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए हैं।

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने लैब्स ऑन व्हील्स के तहत राज्य के दुर्गम एवं ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं हेतु साइंस फिल्मों के प्रदर्शन, टेलिस्कॉप से लाइव स्काई ऑब्जर्वेशन, विज्ञान मेलों एवं वर्कशॉप का आयोजन, नवाचार मेलों का आयोजन एवं शिक्षकों हेतु प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं के आयोजन के निर्देश दिए हैं।

 

राज्य सरकार एवं यूकॉस्ट परिषद की महत्वकांक्षी परियोजना लैब्स ऑन व्हील्स मोबाइल सांइस लैब हेतु अगस्तया फाउडेशन बेंगलुरू का सहयोग लिया जा रहा है।

 

बैठक में अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरू, महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी, यूकॉस्ट महानिदेशक प्रो0 दुर्गेश पंत व अगस्तया फाउण्डेशन के संस्थापक उपस्थित रहे।

बिरला का लोकसभा अध्यक्ष बनना, जनमत पर संसद की पहली मुहर : भट्ट* 

 

 

*आपातकाल की चर्चा पर सदन में हंगामा, विपक्ष का लोकतंत्र विरोधी चरित्र : भट्ट*

 

*संविधान की प्रति हाथ में लेकर ड्रामा करने वालों ने ही इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र का गला घोटने का पाप किया था : भट्ट*

 

देहरादून 26 जून। भाजपा ने ओम बिरला के दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बनने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जीत का सिलसिला बनाए रहने का दावा किया है। प्रदेश अध्यक्ष एवम राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने आपातकाल के मुद्दे पर चर्चा के दौरान हुए सदन में हुए विपक्षी हंगामे की कड़ी निंदा करते हुए, इसे संविधान की प्रति हाथ में लेकर ड्रामा करने वालों का असल लोकतंत्र विरोधी चरित्र बताया । साथ ही तंज किया कि संविधान बचाने पर भ्रम फैलाने वालों ने ही 50 वर्ष पहले आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोटने का काम किया था।

 

उन्होंने 18 वी लोकसभा की कार्यवाही को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए हुए श्री ओम बिरला को लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनने पर बधाई दी हैं । एनडीए उम्मीदवार के तौर पर ध्वनिमत से हासिल हुई इस जीत को उन्होंने जनमत पर संसद की पहली मुहर बताया। साथ ही विपक्ष पर तंज किया कि कल तक लोकतंत्र की नैतिक परंपराओं को दरकिनार कर अपना उम्मीदवार खड़ा करने वालों की पोल आज खुलने से बच गई । अन्यथा अध्यक्ष चुनाव में वोटिंग होती तो इंडी गठबंधन की संख्या 235 से घटकर 200 से नीचे भी जाना तय था । उन्होंने सुझाव दिया कि अब तो राहुल समेत सभी विपक्षी नेताओं को चुनावों में मिली अपनी हार स्वीकार करते हुए अब सदन में रचनात्मक सहयोग देना चाहिए ।

 

साथ ही उन्होंने सदन के अंदर लोकसभा अध्यक्ष द्वारा आपातकाल को लेकर प्रस्ताव लाने का स्वागत करते हुए कहा, लोकतंत्र की रक्षा और सम्मान के लिए देशवासियों के सामने लोकतंत्र कुचलने की कोशिशों की चर्चा बेहद आवश्यक हैं । जो लोग संविधान और लोकतंत्र समाप्त होने पर भ्रम फैलाकर अपनी राजनैतिक रोटियां सेक रहे हैं, उनको भी अहसास होना चाहिए कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति का गला घोटना कैसा होता है। लेकिन आपातकाल के काले इतिहास पर सदन में चर्चा से उन्हे अपनी पोल खुलने का अहसास था । यही वजह है कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर लोकतंत्र के मंदिर में इमरजेंसी पर चर्चा और इस दौरान जान गंवाने वाले आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि देने के बजाय विपक्ष को हंगामा करना उचित लगा। उन्हे मालूम था कि संविधान की जिन प्रतियों को वे अपने साथ लेकर चल रहे हैं, उनका सर्वाधिक अपमान और समाप्त करने की कोशिश तो स्वयं उनकी सरकारों ने 50 वर्ष पहले आपातकाल लागू कर किया था । जिसमे लाखों लोगों को जेल में ठूंस दिया गया, पत्रकारिकता ही नही न्यायालय पर भी इमरजेंसी लगाई, आम लोगों के अधिकार छीन लिए गए, सैकड़ों लोगों ने इमरजेंसी के खिलाफ आंदोलन में अपनी जान गंवाई । यही वजह है, आपातकाल लागू करने के पाप की दोषी, कांग्रेस के सांसदों ने सदन में हंगामा किया । उन्होंने कटाक्ष किया कि जिस तरह कांग्रेस का आईने से मुंह फेरने मात्र से उनके चेहरे के दाग नहीं दूर हो सकते हैं ठीक उसी तरह संविधान बचाने का ड्रामा करने से जनता का विश्वास नही जीता जा सकता है।

 

 

पीएम से सीएम की विकास के मुद्दों पर चर्चा राज्य हित के प्रति प्रतिबद्धता: कोठारी

 

 

  • भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही पारदर्शिता के लिए जरूरी

 

देहरादून 25 जून। भाजपा ने सीएम पुष्कर सिंह धामी की पीएम से मुलाकात और विभिन्न योजनाओं पर हुई चर्चा को भाजपा ने डबल इंजन सरकार की राज्य के विकास को लेकर प्रतिबद्धता बताया हैं ।

 

भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री आदित्य कोठारी ने स्वागत करते हुए विश्वास जताते हुए सीएम के अनुरोध पर शीघ्र अमल होने का भरोसा जताया। वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्यवाही को करप्शन फ्री स्टेट बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

 

उन्होंने प्रशंसा करते हुए कहा, पीएम मोदी से मुख्यमंत्री धामी की औपचारिक मुलाकात में विकास योजनाओं की चर्चा होना, दोनों की राज्य को लेकर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राज्य हित में जिन लम्बित जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण हेतु अनुरोध किया गया वे क्षेत्र के विकास और ऊर्जापूर्ति के लिए बहुत आवश्यक है। इसी तरह विकास की योजनाओं में वृक्षों का प्रबंधन बड़ी बाधा बनता है, लिहाजा निर्माण कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में क्षतिपूरक वृक्षारोपण हेतु वन भूमि हस्तान्तरण को व्यवहारिक बनाने की चर्चा होने में एक उम्मीद की किरण दिखाई देती है। इसी तरह चाहे मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन में सहायता के लिए अनुरोध की बात हो, चाहे प्रस्तावित 3 टनल परियोजनाओं के लिए किया अनुरोध हो, सभी प्रदेश के विकास के प्रति डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

उन्होंने राज्य कर सहायक आयुक्त की गिरफ्तारी को भ्रष्टाचार पर जारी धामी सरकार का प्रचंड प्रहार बताया। इस तरह के जो भी प्रकरण सामने आए हैं उसपर त्वरित एवं कठोर कार्यवाही का होना पार्टी की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की इस नीति का हिस्सा बताया। साथ ही भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए टोल फ्री 1064 नंबर भी जारी किया गया है। जिस पर आने वाली शिकायतों पर कठोरतम कार्यवाही की जा रही हैं । उन्होंने विश्वास दिलाया कि जनसहयोग से मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड, करप्शन फ्री स्टेट की और अग्रसर हो रहा है।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जाली प्रमाण-पत्रों के मामलों में कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए

 

*आम जनता के लिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया अत्यन्त सरल बनाने के भी निर्देश जारी*

 

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जाली प्रमाण-पत्रों के मामलों में कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। सीएस ने आम जनता के लिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया अत्यन्त सरल बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि आमजन को प्रमाण पत्र हेतु इधर उधर न भटकना पड़े। श्रीमती राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र भारत सरकार व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे स्कूल में दाखिला लेने, विधवा पेंशन प्राप्त करने, जीवन बीमा की राशि प्राप्त करने आदि के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ हैं, जिसे प्राप्त करने के लिए कभी कभी परिवार जालसाजों के झांसे में आकर मोटी धनराशि के बदले जाली प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेते हैं तथा बाद में उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त जन्म मृत्यु पंजीकरण की भारत सरकार की अधिकारिक वेबसाइट से बहुत सी मिलती जुलती जाली वेबसाइट के मामले भी संज्ञान में आए हैं।

 

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आम जनता से भी अपील की है कि जनता इस प्रकार के जालसाजों से सचेत रहे तथा प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अपने क्षेत्र के रजिस्ट्रार से ही संपर्क करें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जन्म -मृत्यु पंजीकरण के फर्जी मामलों की रोकथाम तथा आम जनता हेतु पंजीकरण प्रक्रिया को सरल एवं सुदृढ़ बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा एक नया सुदृढ़ पोर्टल (dc. crsorgi.gov.in) लॉंच कर दिया गया है। इसके माध्यम से परिवार का कोई भी सदस्य पोर्टल पर अपनी आई0 डी0 बनाकर परिवार में होने वाले जन्म या मृत्यु के पंजीकरण के लिए घर बैठे ही आवेदन कर सकता है। इसके लिए उसे केवल एक ईमेल एवं एक मोबइल नंबर की आवश्यकता होगी। आवेदन पश्चात् आवेदक किसी भी समय अपने आवेदन की स्थिती को भी देख सकता है। सम्बंधित रजिस्ट्रार द्वारा आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों से संतुष्ट होने पर आवेदन को स्वीकार कर लिया जाता है तथा डिजिटल प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। जारी किये गए इस डिजिटल प्रमाण पत्र की एक प्रति आवेदक द्वारा दिए गए ईमेल आई डी पर भी तत्काल ही उपलब्ध हो जाती है, जिसे वह किसी भी समय डाउनलोड कर उसका उपयोग कर सकता है। मुख्य सचिव द्वारा इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि चूँकि यह कार्य आम जनता के लिए ही है अतः जनता के बीच इसका उचित प्रचार प्रसार आवश्यक है, जिसके लिए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

 

 

सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने राज्य में चल रहे जन्म -मृत्यु पंजीकरण कार्य की सभी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा की।

बैठक में प्रमुख सचिव, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जनगणना निदेशक, अपर सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा स्वास्थ्य निदेशालय, पंचायती राज, राजस्व विभाग, शहरी विकास, उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल, अर्थ एवं संख्या निदेशालय एवं जनगणना कार्य निदेशालय, भारत सरकार आदि के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन कायम रखते हुए भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन में विकास के काम हों : मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी

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*-भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन की मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक आयोजित

 

*-उत्तरकाशी जिले की भागीरथी घाटी के अनेक विकास कार्यों पर सहमति बनी

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन की मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन कायम रखते हुए भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन के अंतर्गत तय पर्यावरणीय मानकों के अनुसार निर्माण कार्य किए जांय और मानकों की अवहेलना के मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित की जाय।

उत्तरकाशी जिले की भागीरथी घाटी में उत्तरकाशी ने लेकर गंगोत्री तक के लगभग 100 कि.मी. लंबाई में व लगभग चार हजार वर्ग कि.मी. के क्षेत्र में भागीरथी इको सेंसेटिव जोन घोषित है। जिसके दायरे में 88 गांव पड़ते हैं। भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन की मॉनीटरिंग कमेटी की आज बैठक आयोजित कर इन क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न विकास योजनाओं व अन्य गतिविधियों की अनुमति देने तथा जोन के लिए अधिसूचित मानकों के अनुपालन के संबंध में विचार-विमर्श किया गया।

इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि इको सेंसेटिव जोन के भीतर सड़कों के निर्माण में तय पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए डीपीआर में स्पष्ट प्राविधान किए जांय और जीएसआई जैसे किसी प्रतिष्ठित संगठन से भी स्िलीय जांच कराई जाय। मुख्य सचिव ने कहा कि जोन से संबंधित प्रकरणों का तत्परता से अनुश्रवण करने के लिए मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक अब हर तीसरे महीन आयोजित होगी और इससे संबंधित कार्रवाई करने के लिए किसी विभाग को नामित करने या जिला विकास प्राधिकरण को यह जिम्मा सौंपे जाने पर भी विचार किया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय लोगों के हितों व विकास के साथ ही चारधाम यात्रा पर बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए इस क्षेत्र में अनेक विकास कार्य किए जाने जरूरी हैं, लिहाजा तय नियमों व मानकों का अनुपालन कर पर्यावरण के साथ बेहतर संतुलन कायम रखते हुए कार्रवाई की जाय। नियमों व मानकों का उल्लंघन के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इस बारे में समिति के सभी गैरसरकारी सदस्यों को भी अवगत कराया जाय और इन सदस्यों को प्रस्तावित परियोजना स्थलों का निरीक्षण भी करवाया जाय। मुख्य सचिव ने कहा कि मॉनीटरिंग समिति का मुख्य कार्य जोन के लिए तय नियमों और मानकों के अनुपालन पर नजर रखना है। लिहाजा संबंधित विभाग संबंधित अनुमतियां जारी करने के साथ ही नियमों का अनुपालन भी सुनिश्चित कराएं।

 

 

बैठक में जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने भागीरथी इको सेंसेटिव जोन की अधिसूचना, इसके अनुपालन एवं वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए जोन के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों एवं अन्य गतिविधियों को समिति के विचारार्थ एवं अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि भागीरथी इको सेंसेटिव जोन के दायरे में सदियों पूर्व से स्थित गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास से जुड़ी परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तीर्थाटन व पर्यटन इस क्षेत्र की आजीविका का मुख्य जरिया है और हर साल लाखों की संख्या में तीर्थयात्री व पर्यटक इस क्षेत्र में आते हैं। लिहाजा पर्यावरण से संबंधित मानकों व अन्य सभी तय नियमों का अनुपालन करते हुए इस क्षेत्र में अपेक्षित अवस्थापना सुविधाओं का विकास करने के साथ होम-स्टे, होटल आदि से जुड़े कार्यों को अनुमति दिया जाना जरूरी है। जिलाधिकारी ने जोन के अंतर्गत अधिसूचित कार्यो की अनुमति तथा नियामक कार्रवाईयों के लिए जिला विकास प्राधिकरण को जिम्मेदारी दिए जाने का प्रस्ताव भी रखा। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए इस क्षेत्र में अनेक उपाय किए जा रहे हैं । गंगोत्री धाम में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए आधुनिक तकनीक का एक प्लांट स्थापित किया गया है। बैठक में इस प्लांट को शीघ्र संचालित करने पर सहमति व्यक्त की गई।

 

 

बैठक में भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित नौ सड़कों की अनुमति का प्रस्ताव रखा गया। इन प्रस्तावों को पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन करने पर शर्त पर अनुमोदन देने की सहमति व्यक्त करते हुए कहा गया कि सड़कों के डीपीआर में इसके लिए जरूरी प्राविधान आवश्यक रूप से शामिल किए जांएगे और जीएसआई जैसेस संगठन से भी इनका परीक्षण कराया जाएगा। जोन क्षेत्र में प्रस्तावित पॉंच लघु जल विद्युत परियोजनाओं पर विचार-विमर्श के बाद दो मेगावाट क्षमता वाली दो नई परियोजनाओं पर आगे की कार्रवाई करने और तीन निर्माणाधीन परियोजनाओं पर फिर से विचार करने की सहमति जाहिर की गई। बैठक में डाक विभाग की गंगोत्री धाम से गंगा जल भरने विषयक प्रस्ताव के साथ ही सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के अंतर्गत प्रस्तावित दो होटल इकाईयों और जेड.एल.आर. एक्ट की धारा 143 के तहत भूमि उपयोग परिवर्तन के मामले भी विचार हेतु प्रस्तुत किए गए।

 

 

हाईब्रिड मोड में आयोजित इस बैठक में गैर सरकारी सदस्य हेम पाण्डे, मल्लिका भनोट, शांति परमार सहित विभिन्न विभागों व संगठनों के राज्य मुख्यालय देहरादून तथा उत्तरकाशी स्थित अधिकारियों ने भी भाग लिया।

उत्तराखण्ड में सर्वप्रथम यू.सी.सी.लागू किए जाने पर मुख्यमंत्री धामी मुंबई में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति पुरस्कार से हुए सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दादर, वेस्ट मुंबई में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस एवं उत्तराखण्ड में सर्वप्रथम यू.सी.सी. लागू किए जाने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सम्मान समारोह’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति सम्मान से भी सम्मानित किया गया।

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने अपना पूरा जीवन भारत की एकता, अखंडता को समर्पित किया है। वह एक अच्छे विचारक थे। उन्होंने भारतीय जन संघ के रूप में जो बीज बोया वह आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने है। उनका जीवन हमें देश सेवा में समर्पण की याद दिलाता है। उन्होंने हमेशा समानता, एकता, न्याय का समर्थन किया, उन्होंने देश को एक विधान, एक प्रधान और एक निशान का मंत्र दिया। अपने विचारों से एक शक्तिशाली समृद्ध भारत के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, वीर सावरकर और डॉ मुखर्जी को एक साथ स्मरण करने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कार्यक्रम हेतु आयोजकों का भी आभार व्यक्त किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के सपनों को आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में पूरा होते सभी देशवासी देख रहे हैं। आज देश में समान नागरिक अधिकार पर कार्य हो रहा है, देश की आज़ादी के बाद अब जाकर कश्मीर से धारा 370 को समाप्त कर दिया गया हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड सरकार ने भी डॉ. मुखर्जी जी के सपनों को साकार करते हुए संविधान के अनुसार समान नागरिक संहिता विधेयक पारित कर महामहिम राष्ट्रपति जी की मंजूरी ले ली है। देश में उत्तराखंड राज्य सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू करने वाला राज्य बन गया है। विधानसभा चुनाव 2022 में उत्तराखंड की जनता ने पुनः लगातार दूसरी बार हमारी सरकार बनाई। सत्ता में आते ही हमने सबसे पहले जनता से लिए वादे अनुसार समान नागरिक संहिता लाने का काम किया। उन्होंने कहा राज्य में सभी के विचारों को एकत्र कर समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट को तैयार किया गया ।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का मानना था कि मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए समाज में रह रहे सभी लोगों हेतु समान कानून की आवश्कता है। उन्होंने इसे समाजिक और नैतिक आवश्यकता बताया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता किसी से पक्षपात करने के लिए नहीं अपितु आदरणीय प्रधानमंत्री जी का सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास को धरातल में उतारने हेतु लाए हैं। उन्होंने कहा यूसीसी से महिलाओ, बुजुर्गों, बच्चों, आम नागरिकों को उनका अधिकार मिलेगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत में शक्तिशाली समाज की स्थापना के लिए निरन्तर कार्य हो रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में ही देश में अनेकों ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। तीन तलाक को समाप्त कर दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर बनने का सपना पुरा हुआ है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य सरकार ने कई कार्य किए हैं। देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप, इसकी पवित्रता और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रभावी कार्य हुए हैं।

 

इस अवसर पर मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार, लोकसभा सांसद प्रताप चंद सारंगी, पद्मश्री मनोज जोशी, राज्य दर्जा मंत्री विनय रोहेला, श्री अमर जीत मिश्र, भाजपा नेता दीनानाथ तिवारी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।