Sunday, July 26, 2026
Google search engine
Home Blog Page 73

सैन्य धाम निर्माण के संबंध में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक

*मुख्यमंत्री ने 15 अक्टूबर तक सैन्य धाम का निर्माण पूर्ण करने के दिए निर्देश।*

 

*शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाये जाने के दिए निर्देश।*

 

*कठुआ जम्मू कश्मीर में शहीद प्रदेश के वीर शहीदों के आश्रितों को शीघ्र किया जाए सेवायोजित।*

 

*पांचों शहीदों के गांवों के आस-पास सड़क व स्कूलों के नाम इन वीर शहीदों के नाम पर रखे जाने का बनाया जाए प्रस्ताव।*

 

*सैन्य धाम के निर्माण के पश्चात एम.डी.डी.ए. करेगा उसका रखरखाव व संचालन।*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सैन्य धाम के निर्माण में हो रही देरी को असन्तोषजनक बताते हुए 15 अक्टूबर तक इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिये है। उन्होंने इसके लिये आगणित 94 करोड़ की धनराशि के अन्तर्गत ही निर्माण कार्य सम्पन्न कराने के भी निर्देश दिये है। सैन्य धाम के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता में भी किसी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश कार्यदायी संस्था एवं अभियन्ताओं को उन्होंने दिए हैं।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सैन्य धाम निर्माण के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस कार्य मे अब और अधिक विलम्ब न हो इसके लिये सैनिक कल्याण मंत्री को सैन्य धाम के निर्माण कार्यों का निरन्तर अनुश्रवण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाये जाने का प्रस्ताव बनाये जाने को भी कहा। कठुआ, जम्मू कश्मीर में शहीद प्रदेश के पांचों वीर शहीदों के आश्रितों सहित इस तरह के समस्त मामलों में सरकारी सेवा में सेवायोजित करने की कार्यवाही तत्काल करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने इस तरह के प्रकरणों में भविष्य में ऐसी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये कि सरकारी सेवा में सेवायोजित करने का कार्य बिना विलंब के किया जाये तथा इसके लिये समय सीमा तय कर दी जाये। पांचों शहीदों के गांवों के आस-पास सड़क व स्कूलों के नाम इन वीर शहीदों के नाम पर रखे जाने की भी शीघ्र कार्यवाही अमल में लाये जाने को कहा। उन्होंने सैन्य धाम के निर्माण के पश्चात एम.डी.डी.ए. को उसके रखरखाव व संचालन की जिम्मेदारी दिये जाने की बात कही।

 

मुख्यमंत्री ने सैन्य धाम के निर्माण में आ रहे भूमि विवाद के समाधान हेतु जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। सैन्य धाम सैनिकों के सम्मान तथा राज्य की समृद्ध सैन्य परंपरा का भी प्रतीक है। यह हमारे युवाओं का भी प्रेरणा स्थल बनेगा।

 

बैठक में सैन्य धाम के 500 मी. की परिधि में निर्माण कार्य प्रतिबन्धित किये जाने संबंधी जारी आदेश को निरस्त किये जाने तथा इस व्यवस्था को युक्ति संगत बनाये जाने पर भी निर्णय लिया गया।

 

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द वर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के.सुधांशू, प्रमुख सचिव न्याय श्री प्रदीप पंत, जिलाधिकारी देहरादून श्रीमती सोनिका, एम.डी. पेयजल निगम श्री रणवीर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए. श्री बंशीधर तिवारी, जेओसी सब एरिया मे.ज. आर.प्रेम राज, एम.डी. उपनल ब्रिगेडियर (से.नि.) जे.एन.एस. विष्ट,, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ब्रिगेडियर (से.नि.) अमृतलाल सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

यूसीसी ड्राफ्ट सार्वजनिक करने पर भट्ट ने जताया सीएम का आभार, कांग्रेस को दी नसीहत

 

देहरादून 12 जुलाई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने यूसीसी के सम्पूर्ण ड्राफ्ट को सार्वजनिक करने के लिए मुख्यमंत्री धामी और समूची टीम का प्रदेशवासियों की तरफ से आभार व्यक्त किया है। वहीं कांग्रेस को ड्राफ्ट पढ़ने की नसीहत देते हुए कहा कि उसे अफवाह के बजाय अध्ययन की जरूरत है, नही तो जनता उसकी गलतफहमी को दूर कर देगी।

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर देवभूमिवासियों के जनादेश का धरातल पर उतरने का समय आ गया है। उन्होंने साथ ही कांग्रेस को सलाह दी कि ड्राफ्ट को पढ़कर वे अपने संशय दूर कर लें, अन्यथा जनता पुनः चुनावों में उसकी दुविधा दूर कर देगी ।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही स्पष्ट कर चुके है कि अक्तूबर माह से हम सब एक समान कानून के संरक्षण में रहेंगे। उन्होंने इस ऐतिहासिक कानून की हकीकत में बदलने के लिए मुख्यमंत्री के गंभीर और साहसिक प्रयासों को लेकर आभार व्यक्त किया है। देवभूमि का गौरव बढ़ाने वाले इस कानून के यथार्थ में तब्दील होने के साथ भाजपा का जनता से चुनाव में किया यह वादा पूरा हो जाएगा ।

 

भट्ट ने उम्मीद जताई कि पूरा ड्राफ्ट सामने आने के बाद इस कानून को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां और अफवाह पर विराम लग जाएगा । जनता को वेबसाइट के माध्यम से अपने आसपास की परिस्थितियों को प्रभावित होने वाले नए कानूनी प्रावधान की जानकारी इससे हासिल होगी, जो एक अच्छा कदम है। साथ ही उन्होंने तंज किया कि कांग्रेस के नेताओं को भी ड्राफ्ट का ध्यान से अध्यन करना चाहिए और अपने मन के गैर जरूरी संशयों को हटाना चाहिए।

 

 

प्रतीकात्मक मन्दिर बनने से नही बदलता पौराणिक स्वरूप, कांग्रेस की चिंता राजनैतिक: चौहान

मन्दिर की शाखा नही बल्कि वह देवालय, कांग्रेसियों मे सनातन की समझ का अभाव

 

बाबरी मस्जिद के समर्थक कर रहे हैं , श्री केदारनाथ के नाम से बनने वाले मंदिर पर आपत्ति है

 

प्रतीकात्मक मंदिर को सेंटर या शाखा कहना शर्मनाक , तुष्टिकरण का परिचायक

 

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि दिल्ली मे भगवान केदारनाथ के प्रतीकात्मक मन्दिर को लेकर कांग्रेसियों की चिंता राजनीति से प्रेरित है या उन्हे सनातन या पौराणिक समझ कम है।

चौहान ने कहा कि दिल्ली अथवा कहीं भी प्रतीकात्मक मन्दिर बनने से किसी भी ज्योतिर्लिंगों का महत्व कम नही होता। पुराणों मे 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है और किसी प्रतीकात्मक मन्दिर के बनने से कुछ भी बदलाव असंभव है। उन्होंने कहा कि देश मे कई प्रतीकात्मक मंन्दिर हैं और आस्थावान लोग वहां सदियों से पूजा अर्चना करते आये हैं। इससे सनातन धर्मालंबी आहत नही बल्कि राहत महसूस करेंगे। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि एक प्रतीकात्मक मन्दिर को सेंटर और शाखा कहने वालों को पहले सनातन के बारे मे समझना होगा। मन्दिर कोई व्यावसायिक संस्थान नही जिसे सेंटर या शाखा से संबोधित किया जाय।

 

उन्होंने कांग्रेस द्वारा सदबुद्धि यज्ञ को आडंबर बताते हुए कहा कि इन कथित धर्मध्वजा के रखवाले उस समय सनातन के अपमान पर हंस रहे थे जब कांग्रेस समर्थित वकील कोर्ट मे भगवान को काल्पनिक बता रहे थे। तब उन्होंने कोई विरोध प्रदर्शन और न ही किसी तरह से अपने हाईकमान के सामने विरोध जताया।

चौहान ने कहा कि हमेशा तुष्टिकरण के लिए सनातन की आलोचना करने वाले कांग्रेसी आज सनातन पर ज्ञान बांच रहे हैं जो कि हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि सनातन विरोधियों के इस व्यवहार को देश की जनता भली भाँति जानती है और माफ नही करने वाली है। प्रतीकात्मक मन्दिर का विरोध कर रही कांग्रेस भगवान को काल्पनिक बताकर साफ कर चुकी है कि वह दोहरे मापदंड अपनाकर खुद को सनातन प्रेमी होने का ढोँग कर रही है।

 

चौहान ने तंज कसते हुए, कांग्रेस पर सनातन के विरोध और देवभूमि के अपमान की सुपारी लेने का आरोप लगाया है । जो लोग हमेशा बाहरी आक्रांताओं के नाम पर बनी बाबरी मस्जिद को बचाने में लगे रहे, उन्हे श्री केदारनाथ के नाम से बनने वाले मंदिर बनने पर आपत्ति है,

चौहान ने कहा, लगातार जनता द्वारा नकारे जाने के बाद भी कांग्रेस नेताओं का सनातन और देवभूमि विरोधी बयानबाजी करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा, कांग्रेस हमेशा सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने वाले कार्यों का विरोध करती आई है । कांग्रेस नेताओं और सहयोगी दलों ने हिंदू धर्म को खुलेआम नाश करने की बात की है। यही वजह है कि दिल्ली में श्री केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर का निर्माण उन्हे हजम नही हो रहा है । हैरानी है कि काबूल से आए लुटेरे बाबर की अयोध्या में स्थित मस्जिद को बचाने के लिए जिन्होंने रात दिन एक किए, अब उन्ही को श्री केदार मंदिर निर्माण से होने वाले प्रचार प्रसार से आपत्ति हो रही है ।

 

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को हरेला पर्व के दौरान किए गए वृक्षारोपण का डॉक्यूमेन्टेशन अनिवार्यतः करने के निर्देश दिए

*हरेला पर्व के डॉक्यूमेन्टेशन की रिपोर्ट मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा अपेक्षित*

*अतिक्रमण हटाए गए स्थानों में फैन्सिंग कर वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा*

*क्रैश बैरियर के स्थान पर बांस के पौधों का वृक्षारोपण*

*वृक्षारोपण किए जाने वाले स्थानों की जानकारी डीएफओं अपने विभागाध्यक्ष के माध्यम से हॉफ को तत्काल भेजे*

*विकास प्राधिकरणों से शहरी क्षेत्रों में कक्रींट निर्माण की अपेक्षा अधिकाधिक वृक्षारोपण को प्राथमिकता देने की अपेक्षा*

प्रदेशभर में 16 जुलाई को हरेला पर्व को व्यापक जन आन्दोलन के रूप में मनाये जाने को लेकर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों से एक्शन प्लान की रिपोर्ट तलब की। सीएस ने जिलाधिकारियों को ठोस एक्शन प्लान पर कार्य करते हुए जनपदों में वृक्षारोपण हेतु लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ हरेला पर्व के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों/गतिविधियों के सम्बन्ध में बैठक में हरेला पर्व के दौरान किए गए वृक्षारोपण का डॉक्यूमेन्टेशन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने जिलाधिकारियों एवं डीएफओं को स्पष्ट किया कि हरेला पर्व के डॉक्यूमेन्टेशन की रिपोर्ट मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा अपेक्षित है।

 

 

उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वृक्षारोपण के लक्ष्य के साथ ही नर्सरी में पर्याप्त संख्या में पौधों की उपलब्धता की सुनिश्चित कर ली जाए। वृक्षारोपण के दौरान छोटी पौध की अपेक्षा 2 वर्ष से अधिक के पौधों को वरीयता दी जाए। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के किनारे क्रैश बैरियर के स्थान पर बांस के पौधों का वृक्षारोपण किया जाए। जिलों में आबादी के सापेक्ष वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया जाए।

 

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि जनपदों में जिन स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई हैं वहाँ पर फैन्सिंग कर वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में फैन्सिंग के प्रस्ताव तत्काल भेजने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस श्रीमती रतूड़ी ने सभी जिलों के डीएम को शहरी क्षेत्रों में नगर वन विकसित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी डीएफओं को निर्देश दिए हैं कि जिन स्थानों पर वृक्षारोपण किया जाना है उसकी विस्तृत जानकारी निर्धारित प्रारूप में अपने विभागाध्यक्ष के माध्यम से हॉफ को तत्काल भेजा जाए।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि जनपदों में ग्राम पंचायत की बैठकों के दौरान वृक्षारोपण के कार्यक्रम करवाए जाए। उन्होंने सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए हैं कि शहरी क्षेत्रों में कक्रींट निर्माण की अपेक्षा अधिकाधिक वृक्षारोपण को प्राथमिकता दी जाए। हरेला वन स्थापित कर उनकी देखभाल की जाए।

 

 

बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष जनपद देहरादून द्वारा 10 लाख से अधिक, हरिद्वार द्वारा 2 लाख से अधिक वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है।राज्य में मानसून की वर्षा प्रारम्भ होने से वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण का कार्य फील्ड स्तर पर प्रारम्भ हो चुका है। प्रभागीय वनाधिकारियों द्वारा लगभग 20 प्रतिशत वृक्षारोपण पूर्ण होने की जानकारी दी गयी है। विभागीय वृक्षारोपण के अतिरिक्त हरेला कार्यक्रम के सम्बन्ध में प्रभागीय वनाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि जिला स्तर पर गठित समिति के साथ उनकी बैठक हो चुकी है, जिसमें हरेला कार्यक्रम के अन्तर्गत स्थलों का चयन एवं रोपित की जाने

वाली पौध की तैयारी पूर्ण कर ली गयी है। इस वर्ष हरेला पर्व की थीम “पर्यावरण की रखवाली, घर-घर हरियाली, लाये समृद्धि और खुशहाली होगा। हरेला पर्व के अन्तर्गत मुख्य रूप से फलदार प्रजाति के 50 प्रतिशत एवं चारा प्रजाति के पौधों को रोपित किया जायेगा।

हरेला अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, स्थानीय निकायों / संस्थाओं/जिला विकास प्राधिकरणों / वन पंचायत तथा जनमानस की सहभागिता से वृक्षारोपण किया जायेगा। भारत सरकार के निर्देशानुसार वर्ष 2024-25 में किये जाने वाले विभागीय वृक्षारोपण तथा वृहद् वृक्षारोपण एवं हरेला कार्यक्रम के अन्तर्गत रोपित किये जाने वाले वृक्षारोपण में “EK Ped Maa Ke Naam” “एक पेड़ माँ के नाम Hashtag का प्रयोग किया जाना है। इस सम्बन्ध में अपर प्रमुख वन संरक्षक, नियोजन एवं वित्तीय प्रबन्धन, उत्तराखण्ड द्वारा अनुपालन हेतु निर्देशित किया गया है तथा उक्त वृक्षारोपण को साप्ताहिक रूप से प्रगति सूचना Merilife.nic.in पोर्टल पर भरी जा रही है तथा वृक्षारोपण से सम्बन्धित स्थल के फोटोग्राफ आदि भी अपलोड किये जाएंगे ।

 

 

बैठक में प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक, अपर प्रमुख वन संरक्षक, अपर सचिव श्री विनीत कुमार एवं सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने नम आंखों से दी उत्तराखंड के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि

 

 

*वीर सपूतों के बलिदान को याद कर भावुक हुए मुख्यमंत्री*

 

*इस दुख की घड़ी में संपूर्ण देश व प्रदेश शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है*

 

*सैन्यभूमि उत्तराखण्ड वीर सैनिकों को जन्म देने वाली भूमि है-मुख्यमंत्री*

 

जम्मू के कठुआ में शहीद हुए उत्तराखंड के पांच जवानों के पार्थिव शरीर मंगलवार को जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पांचों शाहिद जवानों के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर संपूर्ण राज्य की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने वीर सपूतों के बलिदान को याद कर मुख्यमंत्री भावुक नज़र आए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत पीड़ा का क्षण है क्योंकि हमने भाई और बेटा भी खोया है। हमारे रणबाँकुरों ने उत्तराखण्ड की समृद्ध सैन्य परंपरा का पालन करते हुए माँ भारती के चरणों में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ भारती की रक्षा करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध हमारे वीर जवानों का यह सर्वाेच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इस कायरतापूर्ण हमले के दोषी, मानवता के दुश्मन आतंकवादी किसी भी क़ीमत पर बख्शे नहीं जाएँगे और इनको पनाह देने वाले लोगों को भी इसके परिणाम भुगतने होंगे। सैन्यभूमि उत्तराखण्ड वीर सैनिकों को जन्म देने वाली भूमि है। यहां के जवानों ने सदैव माँ भारती की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देकर अपने राष्ट्रधर्म का निर्वहन किया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहीद जवानों का नाम भारत हमेशा याद रखेगा। संपूर्ण राज्य को अपने बेटों व भाइयों पर गर्व हैं। पांचों वीर जवान हमारे परिवार के सदस्य हैं। इस दुख की घड़ी में संपूर्ण देश व प्रदेश शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है।

 

इस अवसर पर सांसद त्रिवेंद्र रावत, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक बृजभूषण गैरोला, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव दीपेंद्र चौधरी, जिला आधिकारी सोनिका, मेजर जनरल आर. प्रेम राज, ब्रिगेडियर संजोग नेगी, कर्नल साकेत उनियाल, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मण्डल मुख्यालय पौड़ी में मुख्यमंत्री ने की विकास कार्यों की समीक्षा

 

*मुख्यमंत्री द्वारा 133 करोड़ 14 लाख रुपए की 158 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया*

 

*नो पेंडेंसी के सिद्धांत के आधार पर कार्य करें अधिकारी : मुख्यमंत्री*

 

*जनपद पौड़ी के पुराने वैभव को बनाए रखने के लिए कार्य करें सभी विभाग*

 

*प्रतियोगी परीक्षाओं और सेना में जाने की तैयारी करने वालों के लिए हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा*

 

*कार्य मात्र औपचारिक ना हो बल्कि उसका ठोस आउटकम भी निकले*

 

*सभी सरकारी भवनों की छत पर सोलर पैनल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़वाल मण्डल मुख्यालय पौडी में विकास कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 133 करोड़ की 158 योजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया, जिसमें 80 करोड़ की 137 योजनाओं का लोकार्पण तथा 53 करोड़ की 21 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि योजनाओं का क्रियान्वयन नो पेंडेंसी के सिद्धांत के आधार पर किया जाए। उन्होंने पौड़ी के पुराने वैभव को बनाए रखने के लिए सभी विभागों से कार्य योजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौड़ी में प्रतियोगी परीक्षाओं और सेना में जाने की तैयारी करने वाले युवओं के लिए हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जनहित से जुड़े कार्य मात्र औपचारिक ना हो बल्कि उसका ठोस आउटकम भी निकले। मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी भवनों की छत पर सोलर पैनल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के भी निर्देश दिये।

*इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने विकासखंड कार्यालय पौड़ी के समीप 21 लाख की सहायता से बने पहाड़ी अंजीर(बेड़ू) प्रसंकरण इकाई का लोकार्पण किया। जिसका संचालन उमंग स्वायत्त सहकारिता पौड़ी द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने इकाई में बेड़ू से बनाये जा रहे उत्पादों का जायजा लिया तथा इस तरह के अनूठे प्रयास की सराहना की।*

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री धन सिंह रावत, विधायक श्री राजकुमार पोरी, महंत दिलीप रावत श्रीमती रेनू बिष्ट, आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डे, आईजी करन सिंह नगन्याल, जिलाधिकारी पौड़ी श्री आशीष चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए

 

 

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईएमडी द्वारा जारी पूर्वानुमान को लेकर जारी किए निर्देश*

 

*रविवार को प्रदेश के नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का है पूर्वानुमान*

 

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दिनांक 07 जुलाई 2024, रविवार को मौसम विभाग द्वारा राज्य के नौ जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा के पूर्वानुमान को लेकर सभी संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से भी भारी बारिश के चलते संभावित आपदाओं के दृष्टिगत सावधानी बरतने तथा सुरक्षित स्थलों पर रहने की अपील की है।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन तथा आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े अन्य अधिकारियों को यूएसडीएमए के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से सभी जनपदों की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में जैसे ही आपदा को लेकर कोई भी सूचना आए तो उस पर तुरंत कार्यवाही अमल में लाई जाए।

 

गौरतलब है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 07 जुलाई रविवार को अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर जनपद में अनेक जगह भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। इसके अलावा पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग जनपद में कहीं-कहीं बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश तथा कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने का पूर्वानुमान जताया है।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को प्रत्येक स्तर पर तत्परता एवं आम लोगों के जान-माल की सुरक्षा हेतु हर संभव एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में उससे प्रभावी तरीके से निपटा जाए। मार्ग बाधित होने पर तत्काल उसे खुलवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संभावित आपदा के दृष्टिगत सभी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद्य तथा मेडिकल टीम को हर स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भी आपसी सामंजस्य बनाते हुए हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के आम जनमानस के लिए जारी अपनी संदेश में कहा है कि लोग अफवाहों पर कतई ध्यान न दें। जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। खतरे वाली जगहों पर न जाएं और बहुत जरूरी हो तभी आवागमन करें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आपदाओं से कम से कम जान-माल का नुकसान हो।

 

सरकार तथा विभिन्न विभागों के स्तर पर तैयारियां पूरी हैं और चुनौतीपूर्ण से चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने लिए सरकारी की पूरी तैयारी है। उन्होंने बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों से खास तौर पर एहतियात बरतने की अपील की है।

बंद सड़कों को यथाशीघ्र खोला जाएः विनोद कुमार सुमन

 

 

*सचिव आपदा प्रबंधन ने की जनपदों की स्थिति की समीक्षा*

 

देहरादून। मौसम विभाग द्वारा रविवार को उत्तराखंड के अधिकांश जनपदों में भारी से बहुत भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आईटी पार्क स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) से जनपदों की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी जिलों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों को एलर्ट पर रहने तथा हालात पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। रविवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों से वर्तमान स्थिति तथा जिलों में हो रही बारिश को लेकर जानकारी ली।

 

उन्होंने नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे के साथ ही ग्रामीण सड़कों को लेकर निर्देश दिए कि जो भी मार्ग बंद हैं, उन्हें जल्द से जल्द खुलवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इस दौरान सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने स्टेट तथा नेशनल हाईवे में यातायात संचालन की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि मार्ग बंद हैं तो साइनेज लगाए जाएं तथा लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए। साथ ही मार्ग खुलने की भी जानकारी आम जनमानस तक विभिन्न माध्यमों से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्रामीण सड़कों को भी जल्द से जल्द खोलने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने नदियों के जलस्तर को लेकर भी डीडीएमओ से जानकारी ली और किसी भी आपात स्थिति को लेकर तुरंत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में सूचना भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नदियों का जलस्तर बढ़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने और लोगों को नदी-नालों से दूर रहने को लेकर जागरूक करने को कहा। इस दौरान यूएसडीएमए के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, ड्यूटी ऑफिसर आलोक कुमार सिंह, एसईओसी के दिवस प्रभारी रोहित कुमार आदि मौजूद थे।

 

 

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि सोशल मीडिया पर विभिन्न आपदाओं को लेकर भ्रामक तथा फर्जी पोस्ट डाले जाने की सूचना मिली है। पुराने वीडियो तथा फोटो को वर्तमान का बताकर गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने सभी डीडीएमओ से कहा कि आम जनता में भय और डर का माहौल न रहे, इसलिए ऐसे भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट का तुरंत खंडन किया जाए।

 

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशभर में सूखी नदियों पर खास तौर पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के चलते सूखी नदियों में भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने लोगों से भी सूखी नदियों में न जाने तथा वाहन इत्यादि न खड़े करने की अपील की है।

 

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावितों को राहत राशि वितरित करने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने 15 जून से लेकर अब तक कितनी राहत राशि बंट चुकी है तथा कितने मामले लंबित हैं, इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अभी तक राहत राशि नहीं बांटी गई है, उन तक हर हाल में जल्द से जल्द राहत राशि पहुंचाई जाए।

 

जिलों के कंट्रोल रूम में इंटरनेट की सुविधा तथा कनेक्टिविटी सुचारु तथा निर्बाध रूप से बनी रहे, इसे लेकर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने सभी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिर्फ एक नेटवर्क के भरोसे न रहें और अन्य कंपनियों के नेटवर्क की भी सेवाएं लें ताकि यदि किसी एक की कनेक्टिविटी बाधित हो तो दूसरे नेटवर्क का प्रयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए यह जरूरी है कि सूचनाओं का आदान-प्रदान समय पर हो।

प्रदेश के ग्रामीण स्कूलों में मॉर्डन क्लास रूम बनाएगा श्री श्री ग्रामीण विकास ट्रस्ट

 

 

*मुख्यमंत्री के समक्ष यूकॉस्ट (उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी परिषद) एवं ट्रस्ट के मध्य हुआ एमओयू हस्ताक्षरित*

 

प्रदेश के ग्रामीण स्कूलों में 04 किलोवॉट के सोलर पैनल एवं मॉर्डन क्लास रूमों का निर्माण श्री श्री ग्रामीण विकास परिजनों ट्रस्ट (SSRDP) द्वारा किया जाएगा। इस संबंध मंे शुक्रवार को सांय मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में युकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत तथा ऑर्ट ऑफ लिविंग एवं SSRDP के प्रतिनिधि श्री दीपक शर्मा के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।

 

इस संबंध में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि संस्था द्वारा मौजूदा समय में 30 ग्रामीण सकूलों को मॉर्डन बनाया जा रहा है जिसमें 4 किलो वॉट के सोलर पैनल व मॉर्डन क्लास रूम बनाए गए और आने वाले समय में 100 स्कूल और उनके गांव में कार्य किए जाएंगे जिससे स्कूलों की व्यवस्था में सही मायने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने ऐसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा की इस से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी।