Saturday, July 25, 2026
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क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की दैनिक आधार पर तैयार की जाए रिपोर्ट

 

*आपदा के दृष्टिगत सभी जनपदों में कन्ट्रोल रूम की स्थापना की जाए*

 

सचिव, पेयजल श्री शैलेश बगोली ने गुरूवार को सचिवालय में प्रदेश में मानसून के दृष्टिगत पेयजल विभाग द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा की। इस अवसर पर अपर सचिव पेयजल श्री रणवीर सिंह चौहान सहित पेयजल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारी उपस्थित थे।

 

सचिव, पेयजल द्वारा निर्देश दिये गये कि प्रदेश में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की दैनिक आधार पर रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाय। क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत की सूचना उपलब्ध कराये जानें के साथ जल संस्थान एवं जल निगम के सभी डिवीजनों को समय पर मरम्मत हेतु पर्याप्त आवश्यक सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश उन्होंने दिये। उन्होंने पिछले 03 सालों के अनुभव के आधार पर संवेदनशील डिवीजन में अतिरिक्त मानव संसाधन एवं सामग्री की भी व्यवस्था रखे जाने तथा शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कैमिकल सोडियम हाइपोक्लोराईड, एलम सभी डिवीजनों को उपलब्ध कराये जाने को कहा।

 

सचिव पेयजल द्वारा आपदा के दृष्टिगत सभी जनपदों में कन्ट्रोल रूम की स्थापना किये जाने, पेयजल के स्रोतों की निरंतर सफाई व्यवस्था एवं जल संस्थान अथवा जल निगम द्वारा उपयोग किये जा रहे सभी पेयजल श्रोतों की जी०आई०एस० मैपिंग कराये जाने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये हैं।

राहुल का कथन झूठ, निराशा और 110 करोड़ हिंदुओं को अपमानित करने वाला: डॉ अग्रवाल

 

देहरादून 2 जुलाई। भाजपा ने राहुल गांधी के बतौर नेता प्रतिपक्ष दिए भाषण को झूठ, निराशा और तथ्यहीन बताते हुए, 110 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं का अपमान बताया। साथ ही संसद पटल पर सनातन के खिलाफ उगले इस जहर को माफी के काबिल न बताते हुए कहा कि जनता उन्हें इसका सबक सिखाएगी।

 

पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेम चंद अग्रवाल ने तंज कसा कि बार-बार लॉन्चिंग के बावजूद लगातार तीसरी बार फेल हो चुके राहुल गाँधी नेता प्रतिपक्ष के रूप में पहले ही भाषण में फिसड्डी हुए हैं । जो भाषण झूठ, निराशा और तथ्यहीन बातों से भरा हुआ था। इतना ही नहीं, उनका अपने भाषण के दौरान आचरण भी संसदीय गरिमा के अनुरूप बिलकुल भी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप में अपने अनुभव के आधार पर मुझे भी लगा कि राष्ट्रपति के जिस अभिभाषण पर चर्चा हो रही थी उसपर एक भी शब्द उन्होंने नही कहा, बल्कि राहुल गाँधी ने केवल और केवल झूठ बोला, वो भी संसदीय गरिमा को गिराते हुए। सबसे दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने भाषण में न केवल हिंदुओं का घोर अपमान किया, न केवल हिंदुओं को हिंसक, नफरती और झूठा बताया बल्कि अग्निवीर, किसान, अयोध्या, माइक सब पर असत्य और केवल असत्य बोला। उन्होंने अपील की कि राहुल गाँधी को अविलंब हिंदुओं का अपमान करने और सदन में झूठी बयानबाजी करने के लिए उन्होंने कटाक्ष कि राहुल गाँधी झूठ बोल कर भाग जाने में माहिर हैं। लेकिन संसद में कोई झूठ या भ्रामक बात नही की जा सकती है, लिहाजा उन्हें अपनी बातों को तथ्यों से साबित करना होगा।

 

*लोकतंत्र के मंदिर में राहुल द्वारा सनातन का अपमान माफी योग्य नही……*

 

उन्होंने कहा, संसद में राहुल गांधी ने सम्पूर्ण हिंदू समाज को हिंसक और असत्यवादी बताकर, हिंदू समाज का घोर अपमान किया है। इसकी जितनी भी निंदा की जाय, कम है। लेकिन अफसोस ये कांग्रेस की पुरानी आदत है। कांग्रेस ने यह भी पहली बार नहीं किया है। साथ ही आरोप लगाया कि 99 सीटें जीतने पर ये हिंदुओं को हिंसक, नफरती और झूठा बता रहे हैं, ये बताता है कि इनकी असल मंशा क्या है? जबकि सच्चाई सबको पता है कि 1984 में सिखों का नरसंहार किसने किया था। सच्चाई ये है कि आपातकाल में आम लोगों को प्रताड़ित किसने किया था? सच्चाई ये है कि संतों पर गोलियां किसने चलवाई थी?

 

*बंगाल,तमिलनाडु अन्य इंडी सरकारों की घंटनाओं पर चुप्पी साध लेते हैं राहुल ………*

 

साथ ही राहुल गाँधी को यथार्थ पर भी बोलने की चुनौती देते हुए कहा, वे पश्चिम बंगाल में हुई घटनाओं पर कुछ नहीं बोलते, तमिलनाडु में Hizb-ut-Tahir की मंशा पर कुछ नहीं बोलते, केरल में अपने सहयोगी की हिंसा भड़काने की तहरीरों पर कुछ नहीं बोलते लेकिन हिंदुओं को हर बार बदनाम करते हैं। इसी कांग्रेस की सरकार में 2010 में तत्कालीन गृह मंत्री श्री पी चिदंबरम ने हिंदुओं को आतंकवादी कहा था। 2013 में पूर्व गृह मंत्री श्री सुशील कुमार शिंदे ने भी हिंदुओं को आतंकवादी बताया था। 2021 में राहुल गांधी ने कहा था कि हिन्दुत्ववादियों को देश से बाहर निकालने को कहा था और आज सम्पूर्ण हिंदुओं को असत्यवादी और हिंसक कहा। राहुल गाँधी ने पहले भी कहा था कि मंदिर जाने वाले लड़कियों को छेड़ते हैं।

 

*ईश्वर के चित्रों को पटल पर रखना, सनातन और सदन का अपमान………*

 

उन्होंने राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को नीचा और कमजोर करने का आरोप लगाया। समूचा देश राहुल गांधी के इस बयान से दुखी है और इस बयान की जितनी निंदा की जाए वह कम है। संसद की बहस के दौरान ईश्वर के चित्रों को सामने रखना और राजनीति को इससे जोड़ना एक नेता प्रतिपक्ष को शोभा नहीं देता।

कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष, जो इस समय पीडब्लूडी मंत्री है, वो भी हिंदू शब्द को गंदा बोल चुके हैं। इनकी भारत जोड़ो यात्रा में जॉर्ज पोन्नैया ने कहा था कि भारत की धरती को इतना अपवित्र मानता हूँ कि मैं जूते पहनता हूँ ताकि इसका स्पर्श न हो जाए। इनके गठबंधन के लोगों ने ही हिंदू धर्म के नाश और उसकी तुलना कोरोना वायरस के साथ की थी।

 

उन्होंने अपने बतौर स्पीकर के अनुभवों के आधार पर कहा कि सदन में भगवान् शंकर, गुरु नानक देव के चित्र दिखाना पूरी तरह संसदीय नियमावली का उल्लघंन है। इसपर लोकसभा अध्यक्ष ने भी कहा था कि जिनको हम पूजते हैं, उनके ऐसे चित्र यहाँ प्रस्तुत नहीं कर सकते हैं। इसी तरह अभय मुद्रा पर भी गलत बातें करना, उन्होंने इस्लाम में भी अभय मुद्रा बता दी जबकि इस्लाम में कोई चित्र नहीं होता है, तो उन्हें अभय मुद्रा कहाँ से दिख गई? राहुल गाँधी को कोई इल्म हुआ है या ऊपर से कोई ऊपर से कोई फजल हुआ है कि उन्हें अभय मुद्रा दिख गई?

 

*अग्निवीर, किसानों, एमएसपी, अयोध्या को लेकर की गई गतलतबयानी पर तथ्य प्रस्तुत करें राहुल……..सदन में झूठ बोलकर, भागने नही दिया जाएगा……..*

 

इतना ही नही उन्होंने अग्निवीर, किसानों, अयोध्या आदि तमाम विषयों पर सफेद झूठ बोला । राहुल कहा कि अग्निवीर योजना में शहीदों को कोई मुआवजा नहीं दिया

जाता। तत्काल माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने तुरंत राहुल गांधी के झूठ को एक्सपोज करते हुए कहा कि अग्निवीर योजना में शहीदों को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसी तरह राहुल गांधी ने अयोध्या में मुआवजे पर भी भ्रामक बातें की। राहुल गाँधी ने कहा कि अयोध्या में लोगों की जमीनें ली गई लेकिन मुआवजा नहीं दिया गया जबकि सच्चाई कुछ और है। जबकि वहां मुआवजे के रूप में करीब 4,215 दुकानदारों को 1,253 करोड़ रुपए प्रदान किया गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को आतंकवादी बताया। राहुल गाँधी के इस झूठ का भी तुरंत खुलासा हो गया और इसका प्रूफ देने की मांग की गई। उन्होंने एक और झूठ बोला कि सरकार किसानों को एमएसपी नहीं देती। उनके इस झूठ की पोल स्वयं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह जी ने खोला कि वे गलत बयानी कर रहे हैं। एमएसपी पर खरीद जारी है। उनकी सरकार थी तब बताएं कि एमएसपी पर कितनी खरीद होती थी। ये सत्यापित करें कि एमएसपी पर खरीद नहीं हो रही। इस पर राहुल गाँधी ने बात पलट दी।

 

उन्होंने कहा, नेता प्रतिपक्ष के जिम्मेदार पद होते हुए भी राहुल गांधी बेहद गैरजिम्मेदार बाते करते हैं, वो भी सदन के अंदर। वे स्पीकर महोदय को माइक बंद करने, सांसदों को बर्खास्त करने बात करते हैं जबकि जिसे आसन से बोलने को कहा जाता है, उसका माइक कभी बंद नहीं होता। वे लगातार 5 पांच बारबके सांसद है फिर भी अमूमन सदन की पीठ या आसन का अपमान करते हैं । उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के पद पर भी गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी की, जो बहुत ही दुखद है।

 

*नेता प्रतिपक्ष के जिम्मेदार पद पर राहुल ने दिया गैरजिम्मेदाराना भाषण, पीठ का भी किया अपमान……*

 

राहुल गांधी लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष हैं और एक संवैधानिक पद पर हैं, तो हम लोग उम्मीद कर रहे थे कि वे परिपक्वता के साथ अपने व्यवहार और आचरण में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। लेकिन राहुल गांधी के भाषण के दौरान जो हमने देखा है, बार-बार पीठासीन

अधिकारी की कुर्सी से उन्हें बोला गया कि आप बात करते समय तर्क और पीठ स्पीकर की तरफ न करें, क्योंकि नियमानुसार जब कोई सांसद सदन में बोलता

है तो उसकी पीठ, पीठासीन अधिकारी की तरफ नहीं होनी चाहिए। लेकिन राहुल ने इस नियम की जानबूझकर अहवेलना की। उन्होंने बहस का लेवल इस तरह गिरा दिया है कि आज से पहले किसी ने इसके बारे में सोचा भी नहीं होगा। इससे पूर्व भी स्वर्गीय इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज आदि तमाम वरिष्ठ सांसद सदन में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं । लेकिन राहुल गांधी ने उनकी परंपरा को तार तार कर दिया हैं।

 

*110 करोड़ हिंदू, राहुल को कभी माफ नहीं करेंगे….*

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कुछ राहुल गांधी ने सदन के अंदर जो कुछ हिंदू समाज के लिए कहा, उससे 110 हिंदुओं की भावनाओं का अपमान हुआ है । लिहाजा उनके माफी मांगने से कुछ नहीं होने वाला, क्योंकि देश की जनता इसके लिए राहुल को कभी माफ नहीं करने वाली है।

 

पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर चौहान, सह मीडिया प्रभारी कमलेश उनियाल, राजेंद्र नेगी, संजीव वर्मा, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती मधु भट्ट, श्रीमती कमलेश उनियाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

 

 

मा0 मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं के सम्बन्ध में प्रत्येक विभाग की अलग -अलग समीक्षा की जाएगी

*मुख्य सचिव ने सभी विभागों को इस सम्बन्ध में अपनी तैयारियां समय से पूरी रखने के कड़े निर्देश दिए*

*किसी भी प्रकार के विलम्ब, लापरवाही या अपूर्ण तैयारी ना करने की सख्त हिदायत दी*

*विधानसभा चम्पावत हेतु मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई कुल 174 घोषणाओं में 111 पूर्ण कर ली गई हैं*

*अपूर्ण घोषणाओं पर तत्परता से कार्यवाही के निर्देश*

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सभी विभागीय सचिवों को कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि जल्द ही मा0 मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं के सम्बन्ध में प्रत्येक विभाग की अलग -अलग समीक्षा की जाएगी। मा0 मुख्यमंत्री जी घोषणाओं के सम्बन्ध में एक दिन में मात्र एक ही विभाग की विस्तृत व गहन समीक्षा की जाएगी। सीएस ने सभी विभागों को इस सम्बन्ध में अपनी सभी तैयारियां समय से पूरी रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस विषय में किसी भी प्रकार के विलम्ब, लापरवाही या अपूर्ण तैयारी ना करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने मा0 मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं के कार्यान्वयन के सम्बन्ध में सम्पूर्ण डाटा समय से सीएम पोर्टल पर अपलोड करने तथा स्थान्तरित की जाने वाली घोषणाओं की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने मा0 मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं के कार्यान्वयन को शीर्ष प्राथमिकता तथा गम्भीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।

 

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने मंगलवार को सचिवालय में मा0 मुख्यमंत्री जी की विधानसभा चम्पावत से सम्बन्धित 174 घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी चम्पावत को नियमित रूप से मा0 मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। सीएस ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं के कार्य कब तक पूरे कर लिए जाएंगे यह जिलाधिकारी द्वारा तत्काल स्पष्ट किया जाए। अधिकारियों को बैठकों में पूरी तैयारी के साथ आने की कड़ी हिदायत देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि विधानसभा चम्पावत हेतु मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई कुल 174 घोषणाओं में 111 पूर्ण कर ली गई हैं। 47 घोषणाओं पर कार्यवाही गतिमान है। उन्होंने अपूर्ण 16 घोषणाओं पर तत्परता से कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुधांशु, सचिव श्रीमती राधिका झा, श्री शैलेश बगौली, श्री एस एन पाण्डेय सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी चम्पावत मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि बच्चों में कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जच्चा और बच्चा दोनों का स्वस्थ रहना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकत्री और एएनएम के माध्यम से गर्भवती माताओं का ट्रेकिंग सिस्टम अपडेट रखा जाए। एनीमिया की कमी को दूर करने के लिए महिलाओं को मिलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चत की जाए। आंगनबाड़ी के माध्यम से बच्चों और माताओं को दिये जाने वाले पुष्टाहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। पुष्टाहार की आकस्मिक रूप से गुणवत्ता जांच भी की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कुपोषण से मुक्ति, मातृ-शिशु मृत्यु दर को और कम करने के लिए राज्य के कुछ गांवों को आकांक्षी गांवों के रूप में लिया जाए। कुपोषण से मुक्ति के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को आपसी समन्वय के साथ संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत राज्य में बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और आत्मनिर्भर बनाने के लिए बनाई गई योजनाओं को और अधिक व्यवहारिक बनाया जाय। महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

 

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, श्री चन्द्रेश यादव, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास श्री प्रशांत आर्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय में सूचना प्रौद्योगिकी एवं गुड गवर्नेंस की बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सूचना प्रौद्योगिकी एवं गुड गवर्नेंस की बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें की उनकी विभागीय वेबसाइट अपडेट हो। बैठक में जानकारी दी गई कि अपुणि सरकार पोर्टल के माध्यम से 886 सेवाएं ऑनलाईन माध्यम से दी जा रही हैं। ऑनलाईन माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं में प्राप्त आवेदनों पर समयबद्धता के साथ 93 प्रतिशत निस्तारण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे शत प्रतिशत करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के द्वार की भावना को साकार करने के लिए अधिकांश जन सुविधाएं लोगों को उनके घर तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देहरादून में विभिन्न प्रमाण पत्र लोगों के घरों तक उपलब्ध कराये जाने के लिए चलाये गये पायलट प्रोजेक्ट के तहत डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम के सफल प्रयोग के बाद इसे प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों तक ले जाने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना क्रांति के इस दौर में ऑनलाईन सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही डाटा सिक्योरिटी का भी विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रदान की जाने वाली धनराशि का वितरण डीबीटी के माध्यम से हो। उन्होंने निर्देश दिये कि पी.एम गतिशक्ति उत्तराखण्ड के तहत योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन हो इसके लिए संबंधित प्रस्तावों पर निर्धारित बिन्दुओं के अनुसार कार्यवाही की जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि ई-ऑफिस प्रणाली के तहत 89 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सीएम डैशबोर्ड प्रक्रिया के तहत सभी विभाग एक माह के अन्दर की-परर्फामेंस इंडिकेटर (के.पी.आई) बनाना सुनिश्चत करें।

 

बैठक में जानकारी दी गई कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कौशल विकास के अंतर्गत विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में 2026 तक 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके तहत 09 कोर्स शामिल किये गये हैं। ये सभी कोर्स राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईवीटी) से संबद्ध हैं। जबकि आईटीडीए- सीएससी के तहत 60 हजार से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें 25 प्रकार के कोर्स शामिल रहे हैं।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद श्री विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, अपर सचिव श्री विजय जोगदंडे, निदेशक आईटीडीए श्रीमती नीतिका खंडेलवाल और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

नए भारत के अपने तीन कानून लागू होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व देशवासियों को बधाई : डा.नरेश बंसल 

 

 

**भारत के न्यायिक इतिहास में एक “महत्वपूर्ण व स्वर्णिम क्षण”।तीनों कानून के लागू होने के बाद देश मे सबसे आधुनिक न्याय प्रणाली का सृजन होगा : डा.नरेश बंसल राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष भाजपा एवं सासंद राज्यसभा**

 

भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सासंद राज्य सभा डा. नरेश बंसल ने सोमवार से प्रभावी नये आपराधिक कानूनों को नए भारत के अपने कानून करार दिया ।डा. नरेश बंसल ने इसे भारत के न्यायिक इतिहास में एक “महत्वपूर्ण व स्वर्णिम क्षण” बताया।देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह से बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया। डा. बंसल ने कहा कि आज पूरे देश से अंग्रेज़ शासनकाल से चले आ रहे कानूनों के स्थान पर सशक्त संहिताएं लागू हो गई हैं।सभी देशवासियों को बधाई।

 

डा. नरेश बंसल ने कहा की यह हर्ष का विषय है कि स्वतंत्र भारत के अपने कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) ने क्रमशः औपनिवेशिक (ब्रिटिश युग ) युग के भारतीय दंड संहिता,दंड प्रक्रिया संहिता और इंडियन एवीडेंस एक्ट का स्थान लिया है।आजादी के करीब 77 साल बाद हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली पूरी तरह से ‘स्वदेशी’ हो रही है।आज इतने साल बाद इन कानूनों पर विचार किया गया और आज से जब ये कानून लागू हुए हैं तो अंग्रेज के कानून निरस्त होकर और भारतीय संसद में बने कानूनों को व्यवहार में लाया जा रहा है।

 

डा. नरेश बंसल ने कहा कि नए कानूनो के तहत प्राथमिकी दर्ज करना बहुत आसान हो गया है। नयी संहिता महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए अधिक संवेदनशील है। नये कानूनों को समय पर जांच पूरी करके सभी के लिए राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने वाले होगे।

 

डा. नरेश बंसल ने कहा कि नए कानून मे अब ‘दंड’ की जगह अब ‘न्याय’ होगा।देरी के बजाय स्पीडी ट्रायल और त्वरित न्याय मिलेगा।पहले, केवल पुलिस के अधिकारों की रक्षा की जाती थी, लेकिन अब, पीड़ितों और शिकायतकर्ताओं के अधिकारों की भी रक्षा की जाएगी। नए आपराधिक कानूनों में जांच,मुकदमे और अदालती कार्यवाही में प्रौद्योगिकी व तकनीक पर जोर दिया गया है।नाबालिग से रेप पर मौत की सजा मिलेगी। देश विरोधी गतिविधियों के लिए कड़ा कानून।मॉब लिंचिंग को परिभाषित किया गया।राजद्रोह को जड़ से समाप्त किया है।

 

डा. नरेश बंसल ने कहा की निश्चित रूप से ये तीनों कानून के लागू होने के बाद देश मे सबसे आधुनिक न्याय प्रणाली का सृजन होगा।केन्द्र व राज्य सरकारे इन कानूनों को लागू करने के लिए प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण तथा जागरूकता उत्पन्न करने के लिये पूरी तरह से तैयार हैं।भारत में न्याय का एक नया अध्याय प्रारंभ हो गया है।

 

 

नेशनल डाक्टर्स डे‘ पर सेवा और समर्पण के लिए सम्मानित किए गए 22 डॉक्टर और 13 संस्थाओं के प्रतिनिधि

 

*धामी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बनाया मजबूत -प्रेमचंद

*सीमांत इलाकों में मिल रही बेहत्तर स्वास्थ्य सेवायें, डॉक्टरों की कमी हुई दूर -डॉ आर राजेश कुमार*

 

*दूसरों की सेवा करना ही डॉक्टरों का लक्ष्य -बंशीधर तिवारी*

 

देहरादून। आज नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर देहरादून में चिकित्सा सेवा सम्मान-2024 समारोह का आयोजन किया गया। देहरादून के सहारनपुर चौक स्थित होटल एलएसी में उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन व विचार एक नई सोच सामाजिक संगठन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर विचार गोष्ठी व चिकित्सा सेवा सम्मान-2024 का आयोजन किया गया। इस मौके पर चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान दे रहे राज्य के विभिन्न जनपदों के 22 चिकित्सकों के साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रही 13 संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। संस्था ने चिकित्सकों को व स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं को सम्मानित कर समाज में एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था के सचिव राकेश बिजल्वाण ने किया।

 

डॉक्टर्स डे के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले अतिथियों ने दीप जलाकर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार, विशिष्ट अतिथि के रूप में महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा व प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज आशुतोष सयाना, सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के निदेशक ललित जोशी, केयर कॉलेज हरिद्वार के निदेशक आरके शर्मा, आरोग्यम कॉलेज रूड़की के निदेशक संदीप केडिया ने शिरकत की। विचार एक नई सोच सामाजिक संगठन के संरक्षक डॉ एसडी जोशी ने संस्था द्वारा पिछले 10 सालों में किये गये कार्यों की जानकारी दी।

कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने नेशनल डॉक्टर्स-डे की शुभकामनाएं। मैं डॉक्टरों को सम्मान देते हुए खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। ये वे डॉक्टर हैं, जो मरीजों की सेवा कर सेवा उनके और उनके परिजनों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरते हैं। बेहतर इलाज से दर्द और तकलीफ को कम करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में सुधार करने और डॉक्टरों को सम्मान सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉक्टर्स-डे के मौके पर हम स्वास्थ्य समुदाय- डॉक्टर, नर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएएनएम्स, आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के निस्वार्थ समर्पण के लिए उनकी सराहना करते हैं। कहा कि मुझे खुशी हुई कि चिकित्सा सेवा सम्मान के लिए राज्य के प्रत्येक जनपद के दूरस्थ व दुर्गम इलाकों से चिकित्सकों का चयन किया गया है। खासतौर से जो चिकित्सक लंबे समय से पर्वतीय जनपदों में अपनी सेवायें दे रहे हैं जो कि अच्छी पहल है। उन्होंने आगे कहा, लोगों की जान बचाने के लिए डॉक्टरों की अटूट प्रतिबद्धता को हम सलाम करते हैं। उन्होंने डाक्टरों से अपील की कि मानवता के नाते गरीब मरीजों को भी पूरी तवज्जो दें।

 

*सीमांत इलाकों में मिल रही बेहत्तर स्वास्थ्य सेवायें -डॉ आर राजेश कुमार*

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने नेशनल डॉक्टर डे की शुभकामनायें देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के दिशा निर्देशों में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है। राज्य के सूदरवर्ती इलाकों में बेहत्तर स्वास्थ्य सेवायें मिल रही हैं। राज्य कैबिनेट ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए सेवा विस्तार देते हुए रिटायरमेंट की उम्र 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी है। जिससे हम उम्मीद कर रहे हैं कई लोग आवेदन करेंगे। उन्होंने कहा की रिटायर्ड डीजी हैं उन्होंने भी आवेदन किया है कि वो दुर्गम क्षेत्र में काम करना चाहती हैं। इसके लिए वो मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने डॉक्टरों से अपील करते हुए कहा कि मरीजों के साथ अच्छे से पेश आएं, दवा के साथ अगर मरीज के साथ हमारा मानवता भरा व्यवहार रहता है तो उसको जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलती है।

 

*दूसरों की सेवा करना ही लक्ष्य -बंशीधर तिवारी*

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने नेशनल डॉक्टर्स डे की शुभकामनायें देते हुए कहा कि डॉक्टरों के अच्छे व्यवहार से मरीजों की आधी बीमारी ठीक हो जाती है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जब सांसें उखड़ने लगती हैं, तो डॉक्टर ही भगवान के रूप में नजर आते हैं। डॉक्टरों के सेवाभाव को करीब से देखा है। डॉक्टरों की जिंदगी सात दिन और 24 घंटे की है। हर वक्त वह मरीजों के लिए जीते हैं। ऐसे जिंदगी बचाने वाले डॉक्टर को सलाम करता हूं।

 

*डॉक्टरों के समर्पण को सलाम*

निदेशक चिकित्सा शिक्षा व प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज ने कहा कि डॉक्टर दूसरों की सेवा करने का लक्ष्य लेकर काम करते हैं। उनकी यह सेवा सैकड़ों लोगों की चेहरे पर मुस्कान लाता है। यह सम्मान उन्हें हर कदम पर प्रोत्साहित करेगा। डॉक्टरों के समर्पण को सलाम है।

 

*मरीजों की सेवा करने के लिए ही जीते हैं कुछ डॉक्टर*

ललित जोशी ने कहा स्वस्थ जीवन हर किसी की प्रियोरिटी लिस्ट में टॉप पर होता है। उन्होंने कहा सेहत सबसे बड़ी पूंजी है, हेल्दी व्यक्ति ही लाइफ को सही तरह से एन्जॉय कर सकता है। इसमें डॉक्टर्स का रोल बहुत अहम होता है। छोटी बड़ी हर तरह की बीमारियों को डॉक्टर्स की मदद से ठीक किया जा सकता है। शायद इसलिए, इन्हें भगवान का दर्जा मिला हुआ है। हमारे समाज में बहुत से ऐसे डॉक्टर है, जो सिर्फ मरीजों की सेवा करने के लिए ही जीते हैं। तमाम डॉक्टर्स ऐसे हैं, जो छुट्टी के दिन भी मरीज के ऑपरेशन या इलाज के लिए संस्थान आते हैं। यहां तक, कि अगर मरीज के पास दवा लेने का पैसा नहीं होता है, तो वह मरीज को दवा खरीद कर भी देते हैं और पूरा इलाज का खर्चा भी खुद उठाते हैं। ऐसे डॉक्टरों को सम्मानित करते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है।

 

*10 साल से जारी है संस्था का सफर*

विचार एक नई सोच सामाजिक संस्था के संरक्षक प्रदेश के प्रख्यात फिजिशियन डा. एसडी जोशी ने कहा कि उनकी संस्था राज्य के प्रत्येक जनपद के सूदरवर्ती क्षेत्रों का भ्रमण कर डॉक्टरों की कार्यशैली व सर्मपण को देखती है। उसके बाद मरीजों के फीडबैक के आधार पर सूची तैयार होती है। हमारा प्रयास रहता है कि पूर्ण सर्मपण व निष्ठा के साथ रात-दिन मरीजों की सेवा करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया जाये।

 

*इनकी रही मौजूदगी*

कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष अरूण चमोली, सचिव राकेश बिजल्वाण, वरिष्ठ पत्रकार अरूण शर्मा, मनोज इस्टवाल, गुणानंद जखमोला, अमित अमोली, रमन जयसवाल, हरीश कंडवाल, मुकेश कुकरेती, दयाशंकर पांडेय, उमाशंकर कुकरेती, अरूण पांडेय, रजनीश सैनी, प्रकाश भंडारी, संतोष थपलियाल, जगमोहन मौर्य, दीपक जुगरान, एसपी सती, नमित पराशर, अखिल, मोहन पुरोहित, आदि प्रमुख लोग मौजूद थे।

 

*इन 22 चिकित्सकों को किया गया सम्मानित*

01- डॉ संदीप टंडन, वरिष्ठ फिजीशियन, देहरादून।

02- डॉ वीएस टोलिया, एमबीबीएस, छाती रोग विशेषज्ञ,देहरादून।

03- डॉ अनिल आर्य, चर्म रोग विशेषज्ञ, कोरोनेशन जिला अस्पताल,

04- डॉ के.पी सिंह, वरिष्ठ सर्जन, जिला चिकित्सालय, उत्तरकाशी।

05- डॉ कमलेश भारती, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, देहरादून।

06- डॉ अमरनाथ पांडेय, वरिष्ठ फिजीशियन, मंहत इंद्रेश अस्पताल, देहरादून।

07- डॉ अमर उपाध्याय, हृदय रोग विशेषज्ञ, दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून।

08- डॉ मंजीत सिंह, लोहाघाट, चंपावत।

09- डॉ अतुल उपाध्याय, एमडी, छाती रोग विशेषज्ञ, अगस्तमुनि, रूद्रप्रयाग।

10- डॉ गिरिजा शंकर जोशी, ऑर्थोपैडिक सर्जन, जिला चिकित्सालय, बागेश्वर

11- डॉ अमन सैनी, पैथोलॉजिस्ट, रूड़की, जनपद, हरिद्वाऱ।

12- डॉ सुभांकर अग्रवाल, जनरल सर्जन, जिला चिकित्सालय, रूद्रप्रयाग ।

13- डॉ विजय पांडेय, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय, पिथौरागढ।़

14- डॉ शिवासीस पंत, दंत चिकित्सक, पिथौरागढ़।

15- डॉ आशीष परगंईं, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बागेश्वर।

16- डॉ सचिन चौबे, आर्थोपेडिक सर्जन, राजकीय चिकित्सालय, श्रीनगर

17- डॉ वैभव विशाल, एमडी, जनरल सर्जन,अगस्तमुनि, जनपद रूद्रप्रयाग।

18- डॉ अजय कुमार, एमडी जनरल मेडिसन, जिला चिकित्सालय, चंपावत

19- डॉ जया नवानी, मानसिक रोग विशेषज्ञ, दून मेडिकल कॉलेज,

20- डॉ तरूण जोशी, दंत चिकित्सक, दुगडडा, पौड़ी गढ़वाल

21- डॉ अंकुर ठाकुर, हड्डी रोग विशेषज्ञ, रूद्रप्रयाग।

22- डॉ अंकुर पांडेय, फिजिशियन, दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून।

 

 

*इन 13 संस्थाओं के प्रतिनिधियों को किया गया सम्मानित*

स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय कार्य कर रही 13 संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी इस मौके पेर सम्मानित किया गया। उपनिदेशक सूचना व पी.आर.एस.आई देहादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारिया, मैसकॉट हैल्थ कंपनी की एक्सक्यूजिटिव डॉयरेक्टर कशिश कुकरेजा, उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अरूण शर्मा, रंत रैबार संस्था के अमित अमोली, आकाश शिक्षा एवं सांस्कृतिक विकास समिति के घनश्याम चंन्द्र जोशी, फ्यूजन होटल इंस्टीयूूट ऑफ मैनेजमैंट संस्थान के अरूण चमोली, कलर्ड चैकर्स फिल्म एंड इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के वैभव गोयल, सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के ललित जोशी, उत्तरजन टुडे परिवार के गुणानंद जखमोला, अमोलाज रेस्टोरेंट के जय प्रकाश अमोला, लाइफ केयर पैथोलॉजी सेंटर के राजेश रावत को सम्मानित किया गया।

हिंदुओं को हिंसक बताने के लिए राहुल देश से मांगे माफी: भट्ट

सनातन के अपमान पर देवभूमिवासी उपचुनाव में सिखाएंगे कांग्रेस को सबक

 

देहरादून 1 जुलाई। भाजपा ने सदन में राहुल गांधी के हिंदुओं को हिंसक बताने वाले बयान की कड़ी आलोचना करते हुए देश की जनता से सार्वजनिक माफी की मांग की हैं।

 

प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि जिस तरह उन्होंने सनातन का अपमान करने और योजनाओं पर झूठ परोसने के लिए सदन का दुरुपयोग किया, उसका जवाब देवभूमि की जनता बद्रीनाथ और मंगलोर के उपचुनावों में कांग्रेस को बुरी तरह पराजित कर देने वाली है।

 

श्री भट्ट द्वारा जारी बयान में कहा गया कि जिस तरह राहुल ने सदन के पटल पर हिंदू समाज को हिंसा करने वाला, नफरत फैलाने और असत्य कहने वाला बताया गया, वह पूरी तरह कांग्रेस की सनातन विरोधी सोच एक बार पुनः उजागर करता है। इससे पूर्व भी वे मंदिर जाने वालों को लड़की छेड़ने वाला बताते थे, उनकी पार्टी और सहयोगी पार्टी के नेता लगातार सनातन के अपमान और उसे समाप्त करने का आह्वाहन करते रहते हैं । लेकिन सर्वाधिक आपत्तिजनक यह है कि इस बार हिंदुओं के लिए अपमानजनक शब्दावली का उपयोग लोकतंत्र के पवित्र मंदिर में किया गया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को हिंदुओं से नफरत होगी, लेकिन देश में करोड़ों लोग गर्व से स्वयं को हिंदू कहते हैं ।

 

उन्होंने कहा कि अग्निवीर, कृषि आंदोलन समेत अनेकों योजनाओं को लेकर राहुल का तथ्यहीन आरोप लगाना बेहद निंदनीय हैं। अफसोस जो झूठ और भ्रम वह चुनाव के समय सड़कों पर फैलाते रहे, उसको और फैलाने के लिए उन्होंने सदन के मंच का दुरुपयोग किया। उन्हे इस पूरे मुद्दे पर राहुल गांधी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

 

भट्ट ने कहा कि सनातन के इस अपमान और गलतबयानी का करारा जबाब देवभूमि की सनातन प्रेमी एवं राष्ट्रवादी जनता उन्हे देने जा रही हैं। कांग्रेस नेता और उनकी पार्टी की हिंदू विरोधी मानसिकता के प्रतिकार की शुरुआत श्री बद्रीनाथ धाम विधानसभा के धर्मपरायण मतदाता करने वाले हैं । उनके उम्मीदवार की जमानत जब्त करवाकर वहां की जनता कांग्रेस आलाकमान को कड़ा संदेश देगी । ठीक इसी तरह मंगलौर की जनता भी विकास की संभावना और सनातन के सम्मान के पक्ष में वोट कर, कमल खिलाना अब पूरी तरह तय हो गया है।

आपदा प्रबंधन में वित्तीय अनियमितताओं की वजह से दिये जा रहे नोटिस: चौहान

धामी की जीरो टॉलरेंस की नीति से भ्रष्टाचार मे लिप्त लोगों मे हड़कंप

 

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस आपदा प्रवंधन विभाग मे इस्तीफे को लेकर चिंता जता रही है, लेकिन हकीकत यह है कि यह सरासर विभागीय भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है और कांग्रेस अपने स्वभाव के अनुरूप तूल दे रही है।

चौहान ने कहा कि आपदा प्रबंधन में अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच हुई थी और अब उसकी रिपोर्ट भी आ गयी है। विभागीय कर्मियों पर वित्त विभाग की अनुमति के बिना एलआईसी की ग्ग्रेच्युटी लेने का आरोप है। जबकि यह सेवा काल पूरी होने के बाद ही लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर, शासन द्वारा आरोपी अधिकारियों को नोटिस दिया जाता है तो इसमें गलत कहाँ है।

 

उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन हो या कोई भी अन्य विभाग हर जगह जीरो टॉलरेंस की नीति बेहतर ढंग से कार्य करेगी। किसी को भी अनियमितता की छूट नही दी जा सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महज आरोप प्रत्यारोप की राजनीति के सहारे चल रही है। कर्मियों से उनका पक्ष पूछने का मतलब किसी कंपनी को लाभ पहुंचाने का आरोप हास्यास्पद है।

 

चौहान ने दावा किया कि सीएम पुष्कर सिंह धामी की कड़ी जीरो टॉलरेंस की नीति के चलते भ्रष्टाचार मे लिप्त लोगों मे हड़कंप हैं और वह बहाने तलाश रहे है। भर्ती घोटाले हों या लैंड फ्राड अथवा अन्य किसी भी मामले में जिस तरह से धामी सरकार ने क्विक एक्शन लिया उसकी देश भर मे चर्चा है। आरोपी कितना ही रसूखदार क्यों न हो उसे कानून के दायरे मे आना होगा। इसके लिये जांच एजेंसियां भी दबाव मुक्त कार्य कर रही है। आज आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सेवा पोर्टल सहित सीएम खुद मॉनिटरिंग और लोगों से वार्ता कर रहे हैं। राज्य मे पारदर्शिता युक्त भाजपा की सरकार है कांग्रेस को यह समझने की जरूरत है।

 

 

सी.एम हेल्पलाईन पर लंबित शिकायतों का आगामी 15 दिनों में सकारात्मक निवारण किया जाए- मुख्यमंत्री

 

*पिछले एक माह से सी.एम. हेल्पलाईन पर लॉगिन न करने वाले अधिकारियों पर कारवाई की जाए।*

 

*शिकायतकर्ताओं से नियमित संवाद करें अधिकारी।*

 

*रोस्टर बनाकर बीडीसी की बैठकों का नियमित आयोजन किया जाए।*

 

*तहसील दिवस पर शिकायतों के निस्तारण सबंधी जानकारी मुख्यमंत्री जन-समर्पण तहसील दिवस पोर्टल पर भी नियमित अपलोड किया जाए।*

 

*मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाईन पर शिकायत करने वाले 07 शिकायतकर्ताओं से की फोन पर की बातचीत।*

 

*मुख्यमंत्री ने सी.एम. हेल्पलाईन के व्हाट्सएप चैटबोट का भी शुभारंभ किया।*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन से वर्चुअल माध्यम से सी.एम. हेल्पलाईन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि सी.एम हेल्पलाईन पर आयी सभी शिकायतों का समयबद्धता से निस्तारण किया जाए। आगामी 15 दिनों में लंबित शिकायतों का सकारात्मक निवारण किया जाए। उन्होंने सख्त निर्देश दिये हैं कि जिन अधिकारियों ने पिछले एक माह में सी.एम हेल्पलाईन पोर्टल में लॉगइन नहीं किया है, संबंधित विभागीय शीघ्र उन अधिकारियों का यथाशीघ्र स्पष्टीकरण लें। यदि स्पष्टीकरण में संतोषजनक कारण नहीं बताया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कारवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में विभागों की कार्य के प्रति इस प्रकार की शिथिलता पाये जाने पर संबंधित विभागीय सचिव एवं विभागाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी तय की जायेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ब्लॉक लेबल अधिकारी से विभागीय सचिव तक सभी अधिकारी जन शिकायतों के समाधान के लिए शिकायतकर्ताओं से स्वयं नियमित संवाद करें। उन्होंने कहा कि संवाद से समरसता के भाव से कार्य करें।

 

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने जनपदों में प्रत्येक ब्लॉक में आयोजित होने वाली बीडीसी की बैठकों के लिए रोस्टर बनाया जाए। इन बैठकों में विकास से संबंधित विभागीय अधिकारियों और रेखीय विभागों के अधिकारियों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करवाई जाय। बीडीसी की बैठकों में जनपद स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी का भी रोस्टर बनाकर उन्हें बैठकों में भेजा जाए। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी भी प्रयास करें कि वे हर बीडीसी बैठक में रहें। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि तहसील दिवस का नियमित आयोजन किया जाए। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जनपदों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तहसील दिवस में नियमित प्रतिभाग कर जन संमस्याओं का समाधान करें। तहसील दिवस पर शिकायतों के निस्तारण सबंधी जानकारी मुख्यमंत्री जन-समर्पण तहसील दिवस पोर्टल पर भी नियमित अपलोड किया जाए।

 

180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागीय सचिवों को निर्देश दिये कि इन शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए। इन शिकायतों में जो शिकायतें मांग से संबंधित हैं, उनका अलग से उल्लेख किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों को क्लोज करना उद्देश्य न हो, बल्कि शिकायतों का समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन मॉड्यूल के हिसाब से नियमित प्रशिक्षण कराया जाय। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण में संबंधित अधिकारी स्वयं उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष प्रत्येक माह के द्वितीय सप्ताह में सीएम हेल्पलाईन-1905 की विभागीय समीक्षा करें और शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें। सभी विभागों द्वारा समीक्षा बैठकों का कार्यवृत्त नियमित पोर्टल पर अपलोड किया जाए।

 

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सी.एम. हेल्पलाईन पर प्राप्त हुई शिकायतों के शिकायतकर्ताओं से फोन से वार्ता की। जिन 07 शिकायतकर्ताओं से मुख्यमंत्री ने वार्ता की उनमें से 03 शिकायतकर्ताओं की समस्या का समाधान किया जा चुका है, जबकि 04 शिकायर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान किये जाने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया।

 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सी.एम. हेल्पलाईन के व्हाट्सएप चैटबोट का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम हेल्पलाईन के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए।

 

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, श्री शैलेश बगोली, श्री दिलीप जावलकर, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री रंजीत सिन्हा, श्री बृजेश कुमार संत, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनोद कुमार सुमन, निदेशक आई.टी.डी.ए. श्रीमती नितिका खण्डेलवाल, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।