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देहरादून शहर की सड़कों पर रोड़ कटिंग कार्यों की आयुक्त गढ़वाल ने की समीक्षा, अधूरी सड़कों को जल्द सुधारने के निर्देश

देहरादून, 05 जुलाई 2025— आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय ने शनिवार को मंथन सभागार में देहरादून शहर के विभिन्न मार्गों पर रोड़ कटिंग कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विधायक रायपुर उमेश शर्मा (काऊ), जिलाधिकारी सविन बंसल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं एवं विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

आयुक्त पाण्डेय ने निर्देश दिए कि जहां कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां सड़कों को गुणवत्तापूर्वक समतल कर सुधार कार्य पूरा किया जाए। वहीं जिन स्थानों पर सड़कों की खुदाई के बाद समतलीकरण कार्य चल रहा है, वहां बरसात के दौरान सड़कों के धंसने की संभावनाओं को देखते हुए त्वरित सुधार और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अनुमतियों पर अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां 15 सितम्बर तक कोई भी नया कार्य शुरू न किया जाए।

यूयूएसडीए को चेतावनी:

यूयूएसडीए के अधिकारियों को आयुक्त ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे निर्माण कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूरा करें और खोदी गई सड़कों की मरम्मत भी समय से करें। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद इन स्थलों का मौका निरीक्षण किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

94 मार्गों पर निर्माण कार्य से प्रभावित:

बैठक में जानकारी दी गई कि देहरादून शहर में 94 मार्गों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिनमें से:

  • 55 मार्गों पर कार्य पूर्ण हो चुका है
  • 31 मार्गों पर कार्य प्रगति पर है
  • 08 मार्गों पर कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हुआ है

आयुक्त ने निर्देश दिए कि जहां कार्य पूर्ण हो चुके हैं वहां सड़कों का गुणवत्तापूर्वक समतलीकरण करें, और जहां कार्य प्रगति पर हैं वहां शीघ्रता से कार्य पूरा करें। जिन मार्गों पर कार्य शुरू नहीं हुआ है वहां 15 सितम्बर के बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाए।

विधायक ने उठाया पेयजल लाइन क्षति का मुद्दा:

विधायक रायपुर उमेश शर्मा काऊ ने अपने क्षेत्र में निर्माण कार्यों के दौरान पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा उठाया। इस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यदि किसी योजना को नुकसान पहुंचता है तो तत्काल उसकी मरम्मत की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी शिकायतें मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

यह समीक्षा बैठक देहरादून शहर में चल रहे विकास कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जनहित में सुरक्षित रूप से पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम रही।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर, जिला प्रशासन का राशन व आयुष्मान कार्ड माफियाओं पर करारा प्रहार

राज्य में पहली बार, राशन कार्ड व आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़े पर जिला प्रशासन की कड़ी कार्यवाही बनी नजीर

देहरादून, 05 जुलाई 2025 — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में देहरादून जिला प्रशासन ने राशन और आयुष्मान कार्ड माफियाओं पर अब तक की सबसे सख्त कार्यवाही करते हुए एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया है। जनमानस के अधिकारों पर डाका डालने वाले माफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि इस प्रकार की अनियमितताओं को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा अपात्र व्यक्तियों के नाम पर बने राशन व आयुष्मान कार्डों की शिकायतों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए व्यापक स्तर पर जांच और सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान 136,676 निष्क्रिय राशन कार्डों से बनाए गए 9,428 आयुष्मान कार्ड पकड़े गए, जबकि 3,323 राशन कार्ड फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए पाए गए।

इन मामलों में नगर कोतवाली एवं थाना राजपुर रोड में भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(2), 336(3) व धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही 9428 आयुष्मान कार्डों और 3323 राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया है।

प्रशासन की निर्णायक कार्यवाही:

  • 3323 राशन कार्ड गलत दस्तावेजों के आधार पर पाए जाने पर निरस्त
  • 136676 निष्क्रिय राशन कार्डों से बने 9428 आयुष्मान कार्ड निष्क्रिय घोषित
  • राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज, माफियाओं की भूमिका की जांच जारी
  • 387954 राशन कार्डों में से 75576 सत्यापित, सत्यापन प्रक्रिया तेजी से जारी
  • राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा 9428 आयुष्मान कार्डों को किया गया निष्क्रिय

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई एक उदाहरण है कि शासन-प्रशासन आम जनता के हकों की रक्षा के लिए किस हद तक प्रतिबद्ध है। यह राज्य का पहला मामला है जिसमें राशन और आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़े पर इतनी सख्ती दिखाई गई है।

प्रशासन अब इस फर्जीवाड़े से जुड़े संभावित गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की दिशा में अग्रसर है। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि सभी दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

यह अभियान दर्शाता है कि जिला प्रशासन कर्तव्यपथ पर अडिग है और जनहित से जुड़ी योजनाओं में अनियमितता बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

देवभूमि से शिवधाम की ओर पहला कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ

टनकपुर (चम्पावत)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को टनकपुर स्थित पर्यटन आवास गृह से कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का पारंपरिक रूप से स्वागत किया और उन्हें उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्मृति चिह्न भेंट किए।

मुख्यमंत्री धामी ने 11 राज्यों से आए सभी श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद करते हुए देवभूमि उत्तराखंड में उनका हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आत्मिक और आध्यात्मिक जागरण का मार्ग है। यह यात्रा शिव से साक्षात्कार की वह अनुभूति है जो जीवन को नया दृष्टिकोण देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि के कण-कण में भगवान शिव का वास है। यह यात्रा पहले केवल एक कठिन भौगोलिक मार्ग थी, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह अब एक सुलभ और सशक्त आध्यात्मिक यात्रा बन चुकी है। पहले जो यात्रा कई दिनों में पूरी होती थी, वह अब कुछ ही घंटों में संभव हो रही है।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, आवास, भोजन, सुरक्षा और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि किसी यात्री को कोई कठिनाई न हो। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से सभी यात्रियों की मंगलमय, सफल और सुरक्षित यात्रा की कामना की।

श्रद्धालुओं ने भी उत्तराखंड सरकार की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और चम्पावतवासियों के आत्मीय व्यवहार की सराहना की, और कहा कि यह यात्रा उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृति बन गई है।

इस अवसर पर कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत, आईजी आईटीबीपी और कैलाश मानसरोवर यात्रा के जन संपर्क अधिकारी संजय गुंजियाल, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं मंडल रिद्धिम अग्रवाल, कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ विनोद गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक चम्पावत अजय गणपति सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा में की धान रोपाई, किसानों के श्रम को किया नमन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा के नगरा तराई क्षेत्र में अपने खेत में स्वयं धान की रोपाई कर किसानों के परिश्रम, त्याग और समर्पण को नमन किया। खेत में काम करते हुए उन्होंने अपने पुराने दिनों की यादों को भी साझा किया और कहा कि अन्नदाता केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं के संवाहक भी हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत “हुड़किया बौल” के माध्यम से भूमि के देवता भूमियां, जल के देवता इंद्र और छाया के देवता मेघ की वंदना की। मुख्यमंत्री का यह सांस्कृतिक जुड़ाव और किसानों के साथ आत्मीय सहभाग क्षेत्रीय जनता को भावनात्मक रूप से गहराई से छू गया।

मुख्यमंत्री धामी की यह पहल न केवल कृषकों के सम्मान में एक प्रेरणादायक उदाहरण है, बल्कि यह उत्तराखंड की ग्रामीण संस्कृति, पारंपरिक लोककलाओं और कृषि आधारित जीवनशैली के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश भी देती है।

स्वास्थ्य संवाद एवं चिकित्सा सेवा सम्मान समारोह–2025” में 26 उत्कृष्ट चिकित्सकों को किया गया सम्मानित

सेवा और संवेदना से बनता है सच्चा चिकित्सक: अजय टम्टा

उत्तराखंड को मॉडल हेल्थ स्टेट बनाने की दिशा में पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्यरत हैं: बंशीधर तिवारी

देहरादून स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में विचार एक नई सोच सामाजिक संगठन व उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में “स्वास्थ्य संवाद एवं चिकित्सा सेवा सम्मान समारोह–2025” का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री, सड़क परिवहन श्री अजय टम्टा, अति विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड सरकार श्री सुबोध उनियाल, विशिष्ट अतिथि राज्य महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर सचिव एवं सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना आदि सम्मिलित हुए। इस अवसर पर राज्यभर से चयनित 26 उत्कृष्ट चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।

प्रमुख उद्धरण व वक्तव्य:

“स्वास्थ्य सेवा केवल इलाज नहीं, एक भरोसे की प्रणाली है” – अजय टम्टा

टम्टा ने कहा कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण राज्य में डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, टेलीमेडिसिन, और ई-हॉस्पिटल जैसी पहलों की आवश्यकता है। चिकित्सकों को अब नवाचार और प्रबंधन के दृष्टिकोण से कार्य करना होगा। सम्मान समारोह जैसे आयोजनों से सेवा और समर्पण की संस्कृति को बल मिलता है।

“सेवा भाव और समर्पण उन्हें विशिष्ट बनाता है” – सुबोध उनियाल

कैबिनेट मंत्री उनियाल ने कहा कि चिकित्सक केवल पेशेवर नहीं, समाज की प्रेरक शक्ति हैं। ऐसे कार्यक्रम समाज के प्रति उनकी भूमिका की स्वीकृति हैं और युवा पीढ़ी को सेवा के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

“महिला चिकित्सक समाज के पुनर्निर्माण की अग्रणी हैं” – कुसुम कंडवाल

श्रीमती कंडवाल ने कहा कि महिला चिकित्सकों की भूमिका स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण है और उनके समर्पण को मंच प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है।

“उत्तराखंड को मॉडल हेल्थ स्टेट बनाने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है” – बंशीधर तिवारी

श्री तिवारी ने कहा कि सरकार ई-हॉस्पिटल सिस्टम, हेल्थ डैशबोर्ड व डिजिटल माध्यमों के जरिए राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बना रही है। चिकित्सकों का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनकी निःस्वार्थ सेवा को सार्वजनिक मान्यता देना है।

“चिकित्सा शिक्षा और व्यवहार में संतुलन आवश्यक” – डॉ. आशुतोष सयाना

डॉ. सयाना ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों को केवल तकनीकी ज्ञान नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी बल देना चाहिए।

अन्य प्रमुख आकर्षण:

  • वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक मनोज इष्टवाल की पुस्तक “वो साल चौरासी” का लोकार्पण
  • उत्तराखंड के पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म “वीडियो अर्लाम” का शुभारंभ
  • मंच संचालन संस्था के सचिव राकेश बिजलवाण द्वारा किया गया
  • समीक्षा व संबोधन: वरिष्ठ लेखक गणेश खुगसाल ‘गणि’ व प्रेम पंचोली
  • ओटीटी निर्माता वैभव गोयल ने बताया कि वीडियो अर्लाम ऐप प्ले स्टोर पर ₹99 में उपलब्ध है

सम्मानित चिकित्सकों की सूची:

  1. डॉ. अंजली नौटियाल – वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, देहरादून
  2. डॉ. भागीरथी जोशी – स्त्री रोग विशेषज्ञ, हल्द्वानी
  3. डॉ. उषा भट्ट – पैथोलॉजिस्ट, हल्द्वानी
  4. डॉ. शिव मोहन शुक्ला – सीएमओ, पौड़ी गढ़वाल
  5. डॉ. सुनील शर्मा – जनरल फिजीशियन, पौड़ी गढ़वाल
  6. डॉ. एल. डी. सेमवाल – सीएमएस, पौड़ी गढ़वाल
  7. डॉ. विमल सिंह गुसाईं – सीएमएस, श्रीनगर
  8. डॉ. अविनाश खन्ना – स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम, देहरादून
  9. डॉ. आलोक सेमवाल – बाल रोग विशेषज्ञ, देहरादून
  10. डॉ. राजलक्ष्मी मुंघड़ा – स्त्री रोग विशेषज्ञ, देहरादून
  11. डॉ. सोनाली मंडल – जनरल फिजीशियन, चंपावत
  12. डॉ. गुरूशरण कौर – जनरल फिजीशियन, लोहाघाट
  13. डॉ. पंकज कुमार सिंह – निदेशक, एनएचएम, देहरादून
  14. डॉ. कुलदीप यादव – सितारगंज, उधमसिंहनगर
  15. डॉ. रामेश कुंवर – डिप्टी सीएमओ, हरिद्वार
  16. डॉ. नीजर कर्दम – मनोरोग विशेषज्ञ, टिहरी गढ़वाल
  17. डॉ. श्रद्धा प्रधान सयाना – स्त्री रोग विशेषज्ञ, देहरादून
  18. डॉ. कनिका दत्ता पराशर – पैथोलॉजिस्ट, देहरादून
  19. डॉ. कुमार जी कौल – फिजीशियन, दून मेडिकल कॉलेज
  20. डॉ. राजीव गैरोला – फिजीशियन, देहरादून
  21. डॉ. सार्थक अरोड़ा – सुभारती मेडिकल कॉलेज
  22. डॉ. ऐश्वर्य कौशिक – जनरल फिजीशियन, कल्जीखाल
  23. डॉ. पुष्कर शुक्ला – जिला चिकित्सालय, रुद्रप्रयाग
  24. डॉ. रवि कुमार – मेडिकल ऑफिसर, चंपावत
  25. डॉ. रोहित उनियाल – हड्डी रोग विशेषज्ञ, देहरादून
  26. डॉ. सुरभि थपलियाल – डेंटल सर्जन, हरिद्वार

अध्यक्षीय टिप्पणी:

विचार एक नई सोच संगठन के अध्यक्ष डॉ. एस.डी. जोशी ने बताया कि यह मंच भविष्य में भी समाज के विभिन्न क्षेत्रों के नायकों को सम्मानित करता रहेगा।

आभार ज्ञापन:

उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने सभी प्रतिभागियों, चिकित्सकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की पर्वतीय राज्यों के लिए पृथक विमानन नीति की मांग

देहरादून में आयोजित नागर विमानन सम्मेलन-2025 में मुख्यमंत्री ने किया प्रतिभाग, पर्वतीय क्षेत्रों की हवाई कनेक्टिविटी पर दिया विशेष जोर

देहरादून, 4 जुलाई 2025: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून के एक होटल में आयोजित नागर विमानन सम्मेलन-2025 में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने पर्वतीय राज्यों की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक पृथक “पर्वतीय विमानन नीति” बनाने की मांग केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू से की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के नागर विमानन क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। ‘उड़ान योजना’ के माध्यम से देश के छोटे शहरों और दुर्गम क्षेत्रों को हवाई मार्ग से जोड़कर न केवल आम नागरिकों के लिए यात्रा सुलभ हुई है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को भी बल मिला है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में वर्तमान में 18 हेलीपोर्ट्स का विकास किया जा रहा है, जिनमें से 12 पर सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवाएं उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और तीर्थयात्रा के लिए जीवन रेखा बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने सुझाव दिया कि प्रस्तावित पर्वतीय विमानन नीति में विशेष वित्तीय सहायता, संचालन हेतु सब्सिडी, पर्वतीय क्षेत्र के लिए उपयुक्त एटीसी नेटवर्क, सटीक मौसम पूर्वानुमान प्रणाली, स्लॉटिंग व्यवस्था और आपदा पूर्व तैयारी जैसे प्रावधान शामिल किए जाएं। उन्होंने ऑपरेटरों से पर्वतीय उड़ानों के लिए विशेष पायलट प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया।

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, राजस्थान के कैबिनेट मंत्री श्री गौतम कुमार, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल, उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

दिव्यांग मतदाताओं के बूथों को चिन्हित कर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं: मुख्य निर्वाचन अधिकारी

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में सुगम मतदान हेतु राज्य स्तरीय प्रचालन समिति “स्टेट स्टेयरिंग कमेटी ऑन एक्सेसिबल इलेक्शन” की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुविधाजनक और समावेशी मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु कई अहम निर्णय लिए गए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी पोलिंग बूथों पर आयोग द्वारा निर्धारित एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटीज़ (AMF) जैसे रैम्प, व्हीलचेयर, स्वच्छ शौचालय, पीने का पानी, शेड व बैठने की सुविधा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि दिव्यांग पेंशनधारकों की अद्यतन सूची प्रत्येक तीन माह – 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई व 1 अक्टूबर को निर्वाचन विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें मतदाता सूची में पीडब्ल्यूडी श्रेणी में सम्मिलित किया जा सके।

डॉ. पुरुषोत्तम ने आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसएसआर) में दिव्यांगजनों के चिन्हीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट स्वीप पीडब्ल्यूडी आइकॉन चिन्हित किए जाएं। ब्रेल आधारित मतदाता जागरुकता सामग्री तैयार करने के लिए एनआईईपीवीडी को भी निर्देशित किया गया है।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने राज्य में गठित तीन स्तरीय समितियों – राज्य, जनपद व विधानसभा स्तर की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि राज्य में 30-39 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांगजनों की संख्या सबसे अधिक है और आयोग का मुख्य उद्देश्य उन्हें मतदान केंद्रों पर सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास, अपर जिलाधिकारी देहरादून श्री जय भारत सिंह, उच्च शिक्षा, समाज कल्याण, लोक निर्माण, सूचना विभाग के अधिकारीगण तथा विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधि – दिव्य एजुकेशनल सोसाइटी, नन्ही दुनिया, अरुणिमा फाउंडेशन, चेशायर होम, बाल वनिता आश्रम आदि उपस्थित रहे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी विभागों व संगठनों से समन्वय कर दिव्यांगजनों के लिए मतदान को पूरी तरह सुगम व सम्मानजनक बनाने का आह्वान किया।

वाहन स्क्रैप नीति में बड़ा बदलाव: अब दिल्ली में नहीं हटेंगी पुरानी गाड़ियाँ, सरकार ने बदली नीति

दिल्ली में पुरानी गाड़ियों को जब्त करने का अभियान अब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। दिल्ली सरकार ने इस मामले में बड़ा यू-टर्न लेते हुए कहा है कि यह नियम सिर्फ राजधानी में नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर लागू होना चाहिए। हाल ही में पुरानी गाड़ियों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई थी। 10 साल से पुरानी डीजल और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को सीज किया जा रहा था। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाए गए थे जो पुरानी गाड़ियों की पहचान करके उन पर कार्रवाई कर रहे थे। लेकिन इस नियम की वजह से आम जनता को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। एक बड़ा उदाहरण सामने आया जब एक व्यक्ति को अपनी 84 लाख रुपये की मर्सिडीज महज ढाई लाख में बेचनी पड़ी क्योंकि उसकी गाड़ी पुराने नियमों के अनुसार सीज की जा सकती थी।

गुरुवार को दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पुरानी आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सिरसा ने दावा किया कि यह पूरी साजिश वाहन शोरूम के मालिकों से मिलीभगत कर रची गई थी ताकि लोगों को अपनी पुरानी गाड़ियां बेचने के लिए मजबूर किया जा सके और शोरूम मालिकों को फायदा हो। सिरसा ने CAQM (Commission for Air Quality Management) के चेयरमैन से बातचीत में ANPR कैमरा सिस्टम को तर्कसंगत नहीं बताया और कहा कि इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है।

दिल्ली सरकार ने अब CAQM को पत्र लिखकर यह प्रस्ताव रखा है कि जब तक यह नियम हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों में एकसाथ लागू नहीं होता तब तक इसे दिल्ली में भी रोका जाए। सरकार का मानना है कि नियमों का क्षेत्रीय संतुलन जरूरी है ताकि वाहन मालिकों के साथ भेदभाव न हो।

इस फैसले के बाद पुरानी गाड़ियों के मालिकों को थोड़ी राहत जरूर मिली है लेकिन यह देखना बाकी है कि आगे आने वाले समय में सरकार इस नीति को किस रूप में लागू करती है।

मुख्यमंत्री की प्रेरणा और डीएम सविन बंसल के प्रयासों से देहरादून में विकास योजनाएं रफ्तार पर, यातायात प्रबंधन से लेकर सौंदर्यीकरण तक दिख रहा असर

देहरादून, 03 जुलाई 2025।। देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल के अभिनव प्रयासों और मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से आज शहर के विकास कार्य रिकॉर्ड समय में धरातल पर उतर रहे हैं। न केवल योजनाएं तेज़ी से बन रही हैं, बल्कि उनका वास्तविक क्रियान्वयन भी प्रभावी ढंग से हो रहा है।

डीएम बंसल की कार्यप्रणाली की विशेषता यह रही है कि वे स्रोत से समन्वय कर प्लान, डिज़ाइन, बजट व्यवस्था और क्रियान्वयन को एक साथ जोड़कर योजनाओं को आकार दे रहे हैं। कुठालगेट और साई मंदिर जैसे अति व्यस्त जंक्शनों पर नई स्लिप रोड, राउंड अबाउट, हिल आर्किटेक्चर शैली में सौंदर्यीकरण का कार्य अब अंतिम चरण में है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर इन कार्यों की डिज़ाइन, सर्वे और कांसेप्ट जिलाधिकारी ने अपनी नियुक्ति के दूसरे महीने में ही तैयार कर लिए थे और उसके बाद लगातार धनराशि जुटाने में प्रयासरत रहे।

शहर को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए स्मार्ट सिटी बजट से ₹10 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इन पैसों का उपयोग करके लोक परंपरा, धार्मिक, सांस्कृतिक स्थलों की झलक देने वाले कलात्मक चौराहों का विकास किया जा रहा है। साथ ही, राज्य आंदोलनकारियों की स्मृतियों को भी प्रमुख स्थलों पर उकेरा जा रहा है।

यातायात प्रबंधन के क्षेत्र में भी जिलाधिकारी ने बड़ा काम किया है।

देहरादून के 11 अति व्यस्त जंक्शनों पर ट्रैफिक लाइट्स लगाने का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिनमें शामिल हैं –

  • महाराणा प्रताप चौक
  • नालापानी चौक
  • मोथरोवाला
  • आईटी पार्क
  • ट्रांसपोर्ट नगर

जल्द ही जिन स्थलों पर लाइट कार्य पूर्ण होगा:

  • प्रेमनगर चौक
  • सुधोवाला चौक
  • रांगड़वाला
  • धूलकोट तिराहा
  • सेलाकुई बाजार तिराहा
  • डाकपत्थर तिराहा

इतना ही नहीं, पांच वर्षों में पहली बार प्रमुख चौराहों पर लगे पुलिस सीसीटीवी कैमरे इंटीग्रेट कर दिए गए हैं जिससे सड़कों की सुरक्षा और यातायात की नियमित निगरानी की जा रही है।

जिला प्रशासन के इन ठोस प्रयासों से देहरादून शहर अब विकास की राह पर मजबूती से अग्रसर हो रहा है। यह पहल न केवल स्थानीय निवासियों को राहत पहुंचा रही है, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों के लिए भी संस्कृति और सुविधा का बेहतर संगम प्रस्तुत कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड के मध्य अवशेष आस्तियों एवं दायित्वों की समीक्षा, जल्द होगी सीएम योगी संग बैठक

देहरादून, 2 जुलाई 2025 (सू.वि.) —

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्यों के बीच विभाजन के उपरांत शेष बचे आस्तियों एवं दायित्वों से जुड़े मामलों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन बिंदुओं पर दोनों राज्यों की पिछली बैठक में सहमति बनी थी और जिन मामलों में कार्यवाही प्रगति पर है, उनके शीघ्र समाधान हेतु उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ समन्वय कर त्वरित बैठक आयोजित की जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वे इस विषय में शीघ्र ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से बैठक करेंगे, जिससे लम्बित मामलों का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

धामी-योगी की पिछली बैठक के सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं:

  • उधमसिंहनगर एवं हरिद्वार में जलाशयों/नहरों में वॉटर स्पोर्ट्स की अनुमति दी जा चुकी है।
  • उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने विद्युत बिलों के रूप में ₹57.87 करोड़ का भुगतान किया है।
  • उत्तर प्रदेश मत्स्य निगम द्वारा उत्तराखण्ड मत्स्य पालन विकास अभिकरण को ₹3.98 करोड़ का भुगतान किया गया है।
  • वन विकास निगम उत्तराखण्ड को दी जाने वाली देयताओं का आंशिक भुगतान भी किया जा चुका है।
  • परिवहन निगम की अवशेष राशि का भी निपटान कर दिया गया है।
  • आवास विकास परिषद की परिसम्पत्तियों के निस्तारण का निर्णय लिया गया है।

बैठक में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. नीरज खेरवाल एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

यह बैठक दोनों राज्यों के बीच वर्षों से लंबित विवादों और बकाया मामलों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।