हरेला पर्व के अवसर पर जनपद रुद्रप्रयाग में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम ऐतिहासिक बन गया, जहां जनसमुदाय, प्रशासन और विभिन्न संगठनों के सामूहिक प्रयास से एक ही दिन में 43,229 से अधिक पौधे रोपे गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “ग्रीन उत्तराखंड” विजन को साकार करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित हुआ।
‘ग्रीन रुद्रप्रयाग’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे प्रेरणादायक नारों के साथ जिले भर में वृक्षारोपण महाअभियान चलाया गया। जिला मुख्यालय से लेकर श्री केदारनाथ धाम तक व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया। जिला मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन ने स्वयं अभियान का नेतृत्व करते हुए रतनपुर (जवाड़ी) में मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता की और पर्यावरणीय शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में वन विभाग, न्यायालय परिसर, श्री केदारनाथ धाम, यात्रा मार्गों सहित शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पौधारोपण किया गया। अभियान ‘फल खाओ, बीज लगाओ’ को भी लोगों का भरपूर समर्थन मिला, जिसमें छात्रों ने फलों के बीजों से पौधे उगाने का संकल्प लिया।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि पर्यावरणीय संतुलन और आर्थिकी को ध्यान में रखते हुए आंवला, कचनाल, आम, लीची, जामुन, अमरूद, क्यूराल जैसी बहुउपयोगी प्रजातियों का चयन किया गया। उन्होंने लोगों से पौधों की सुरक्षा व देखरेख में भागीदारी की अपील की।
केदारनाथ मंदिर परिसर एवं यात्रा मार्ग पर भी विशेष पौधारोपण कार्यक्रम हुआ, जहां हिमालयी क्षेत्र की अनुकूल प्रजातियों के 150 पौधे लगाए गए। यह पहल न केवल तीर्थयात्रियों को हरित वातावरण देगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक बनेगी।
विभिन्न विकासखंड़ों और विभागों द्वारा वृक्षारोपण का आंकड़ा इस प्रकार रहा:
- अगस्त्यमुनि: 15,249 पौधे
- जखोली: 13,867 पौधे
- उखीमठ: 7,502 पौधे
- कृषि विभाग: 1,139
- शिक्षा विभाग: 3,449
- पीडब्ल्यूडी: 116
- उद्यान विभाग: 72
- चिकित्सा विभाग: 688
- वन विभाग: 1,120
- अन्य विभाग व नगरीय निकाय: शेष पौधे
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, एनसीसी/एनएसएस स्वयंसेवकों और आम जनता की सक्रिय सहभागिता से यह महाअभियान सफल हुआ।
रुद्रप्रयाग जनपद ने हरेला पर्व पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के हरित भविष्य में अग्रणी भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।