देहरादून शहर में ई-रिक्शा संचालन को लेकर निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिन क्षेत्रों में ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाई गई है, वहां भी ई-रिक्शा चलते दिखाई दे रहे हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर प्रतिबंधित क्षेत्रों में ई-रिक्शा का संचालन किसकी अनुमति से हो रहा है? क्या चालकों को नियमों की जानकारी नहीं है या फिर यातायात पुलिस और संबंधित विभागों की निगरानी में कमी है?
शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और जाम की समस्या को कम करने के उद्देश्य से ई-रिक्शा के संचालन के लिए रूट और प्रतिबंधित क्षेत्र निर्धारित किए जाते हैं। लेकिन यदि इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है, तो इसका सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब ई-रिक्शा के संचालन के लिए नियम निर्धारित हैं, तो उनका सख्ती से पालन क्यों नहीं कराया जा रहा है? प्रतिबंधित क्षेत्रों में लगातार ई-रिक्शा संचालन पर जिम्मेदार विभागों को जवाब देना चाहिए।
अब देखना होगा कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और प्रतिबंधित क्षेत्रों में ई-रिक्शा संचालन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।





