देहरादून। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने माफी मांगने के सवाल पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए आत्मसम्मान को सर्वोपरि बताया है। उन्होंने एक दिलचस्प वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उन्हें माफी मांगने के लिए कहा जाए तो वह माफी मांगने के बजाय इस्तीफा देना पसंद करेंगे।
मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि एक बार उनसे सवाल किया गया था कि यदि पार्टी हाईकमान उन्हें माफी मांगने का निर्देश दे तो वह क्या करेंगे? इस पर उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया कि वह माफी मांगने के बजाय अपने पद से इस्तीफा देना बेहतर समझेंगे।
उन्होंने कहा कि जीवन में आत्मसम्मान से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उनके इस बयान में व्यक्तिगत सम्मान और सिद्धांतों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता झलकती है।
सुबोध उनियाल का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन सकता है। खास तौर पर हाईकमान के निर्देश और माफी मांगने के सवाल पर उनके स्पष्ट रुख ने राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया है।





