Wednesday, April 22, 2026
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लगभग 900 बीघा भूमि पर जिला प्रशासन ने लिया अपना कब्जा

प्रदेश के बाहर के व्यक्तियों द्वारा देहरादून में बिना अनुमति भूमि क्रय या अनुमति लेकर क्रय भूमि का उचित उपयोग न करने पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई।

बीघों के बीघों पर अनुमति विपरित कंस्ट्रक्शन या बंजर करने पर प्रशासन फ्रंटफुट पर

धारा 166,167 अंतर्गत शेष बची 200 बीघा भूमि पर भी कब्जा वापसी शुरूः डीएम

भू नियम की शक्तियों का इस्तेमाल कर भू-कपट दुस्साहस, भ्रष्टता को धराशायी करता जिला प्रशासन

15 जुलाई तक सभी जमीनों पर होगी प्रशासन की परचम।

राज्य की भूमि का जन समृद्धि के लिए ही हो उपयोग; इसके लिए प्रशासन प्रतिबद्धःडीएम

राज्य भू-कानून के उल्लंघन यानि हमारी अधिकारिक जिम्मेदारी का उल्लंघन

राज्य सम्पति का उपयोग राज्य की समृद्धि के मा0 मुख्यमंत्री के संकल्प को धरातल पर उतारता जिला प्रशासन

900 बीघा भूमि ऑलरेडी कर ली हैं निहित

कोर्ट कार्य की गई फास्ट ट्रेकः डीएम

166, 167 की कार्यवाही सिर्फ नोटिस तक सीमित नहीं,

प्रशासन है जनसंपत्ति का अभिरक्षकः डीएम

जिले में लगभग 260 प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए 900 बीघा भूमि सरकार में निहित

लगभग 75 प्रकरण गतिमान 200 बीघा भूमि शेष, जिस पर 30 दिन के भीतर निस्तारण का है लक्ष्य

सरकार लैंडस्केम को लेकर संवेदनशील, उच्च प्राथमिकता पर रखकर कार्य करें अधिकारीः

समन तामिली में ना हो समय बर्बाद, समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएं विज्ञप्ति

पर्याप्त सुनवाई का अवसर दे दिया है तो अंतिम आदेश रोकने का कोई अवसर नहींः डीएम

धारा 166,67 के वादों का त्वरित करें निस्तारण लंबित न रखें तिथि लगाकर करें निस्तारित

पटवारी की रिपोर्ट सीधे न भेंजे अपनी संस्तुति लिखे एसडीएम/ तहसीलदारः

सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले अधिकारी कार्मिक के विरूद्ध सख्त एक्शन।

देहरादून दिनांक 13 जून , 2025(सू.वि.), जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता आज ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में उत्तर प्रदेश जमीदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 154, 4(3) क, ख एवं बिना अनुमति के 250 वर्ग मी0 से अधिक भूमि क्रय के उल्लंघन के प्रकरणों में गतिमान धारा 166/167 की कार्यवाही पर अद्यतन प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि उत्तर प्रदेश जमीदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 154, 4(3) क, ख एवं बिना अनुमति के 250 वर्ग मी0 से अधिक भूमि क्रय के उल्लंघन के प्रकरणों में गतिमान धारा 166/167 की कार्यवाही पर लगाकर त्वरित निस्तारण कराएं। उन्होंनें कहा कि सरकार लैंडस्केम मामलों संवेदनशील है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शमन तामिली प्रक्रिया हो त्वरित करें समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित कराते हुए कार्यवाही तामिली कराएं, पर्याप्त अवसर देने तथा सुनवाई करने के उपरान्त निर्णय लें इस कार्यवाही में समय न लगाएं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर बाहरी व्यक्ति जिन्होंने नियमों का उल्लंघन करके और तथ्य छुपाकर देहरादून एवं उसके आसपास के इलाकों में भूमि क्रय की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इन लोगों ने अन्य कार्यों के लिए अनुमति लेकर भूमि का उपयोग होमस्टे या फार्म हाउस आदि बनाकर अपने ऐशोआराम व अन्य कार्यों के लिए किया जा रहा है। जिससे उत्तराखंड के नागरिकों को जहां भूमि नहीं मिल रही है और दूसरी ओर भूमि के दाम आसमान छू रहे है। कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर ऐसे लोगों की भूमि राज्य सरकार में निहित करने की कार्रवाई की जा रही है। देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को बचाने और पर्यावरण संरक्षण एवं राज्य के नागरिकों के हित में मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशन में उत्तराखंड में नया भू-कानून लागू किया गया है। सख्त भू-कानून लागू होने से अनियंत्रित भूमि खरीद और बिक्री पर रोक लगी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिला प्रशासन इसमें पूरी सजगता से काम कर रहा है।
ज्ञातब्य है कि धारा 154, 4(3) क, ख एवं बिना अनुमति के 250 वर्ग मी0 से अधिक भूमि क्रय के उल्लंघन के प्रकरणों में गतिमान धारा 166/167 के मामलों लगभग 260 से अधिक मामलों पर कार्यवाही करते हुए 900 बीघा भूमि राज्य सरकार में निहित कर ली है तथा लगभग 75 से 80 प्रकरण लम्बित हैं जिनमें 200 बीघा भूमि शेष है पर 30 दिन में सुनवाई पूर्ण करते हुए निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है। जिले में उत्तराखण्ड उत्तरप्रदेश जमीदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 154 के कुल प्रकरण अन्तर्गत अन्तर्गत 260 प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए 900 बीघा भूमि राज्य सरकार में निहित की गई।
मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में भू कानून को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय। जिलाधिकारी सविन बसंल ने समस्त उप जिलाधिकारियों को अपनी-अपनी तहसील अन्तर्गत धारा 154 (4)(3)(क) और 154 (4)(3)(ख), 166/167 के उल्लंघन के शेष मामलों पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए है।
लगभग 900 बीघा भूमि पर जिला प्रशासन ने लहराया अपना परचम लहरा दिया है। प्रदेश के बाहर के व्यक्तियों द्वारा देहरादून में बिना अनुमति भूमि क्रय या अनुमति लेकर क्रय भूमि का उचित उपयोग न करने पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई। बीघों के बीघों पर अनुमति विपरित कंस्ट्रक्शन या बंजर करने पर प्रशासन फ्रंटफुट परधारा 166,167 अंतर्गत शेष बची 200 बीघा भूमि पर भी कब्जा वापसी शुरू कर दी है। भू नियम की शक्तियों का इस्तेमाल कर भू-कपट दुस्साहस, भ्रष्टता को धराशायी करता जिला प्रशासन। 15 जुलाई तक सभी जमीनों पर होगी प्रशासन परचम की तैयार कर ली है। डीएम ने कहा कि राज्य की भूमि का जन समृद्धि के लिए ही हो उपयोग; इसके लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। राज्य भू-कानून के उल्लंघन यानि हमारी अधिकारिक जिम्मेदारी का उल्लंघन है। राज्य सम्पति का उपयोग राज्य की समृद्धि के मा0 मुख्यमंत्री के संकल्प को जिला प्रशासन धरातल पर उतार रहा है। 900 बीघा भूमि ऑलरेडी कर ली हैं निहित कर ली गई है। डीएम ने कोर्ट कार्य की गई फास्ट ट्रेक करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन है जनसंपत्ति का अभिरक्षक बन कार्यवाही कर रहा है। जिले में लगभग 260 प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए 900 बीघा भूमि सरकार में निहित कर ली गई है। लगभग 75 प्रकरण गतिमान 200 बीघा भूमि शेष, जिस पर 30 दिन के भीतर निस्तारण का है लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार लैंडस्केम को लेकर संवेदनशील, उन्होंने उच्च प्राथमिकता पर रखकर कार्य करने के अधिकारियों को निर्देश दिए है। डीएम ने समन तामिली में ना हो समय बर्बाद, समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित कराते हुए तेजी से कार्यवाही के निदेश दिए है। डीएम ने कहा कि पर्याप्त सुनवाई का अवसर दे दिया है तो अंतिम आदेश रोकने का कोई अवसर नहीं हैं कार्यवाही करें। उन्होंने धारा 166,67 के वादों का त्वरित करें निस्तारण लंबित न रखें तिथि लगाकर करें निस्तारित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों तहसीलदारों को वसूली बढाने तथा अपनी-अपनी तहसील के 10 बड़े बकायेदारों वसूली की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। विविध देय वसूली देहरादून अन्तर्गत 30.84 प्रतिशत्, विकासनगर 14.51 प्रतिशत, ऋषिकेश 20.26 प्रतिशत् त्यूनी 7.87 प्रतिशत, कालसी 3.43 प्रतिशत्, चकराता 03 प्रतिशत् डोईवाला 11.93 प्रतिशत् रही, जिस पर वसूली बढाने के निर्देश दिए। साथ राजस्व अमीनों के साथ निरंतर बैठक करते हुए राजस्व वसूली योजना के अन्तर्गत कार्यवाही कर राजस्व वसूली बढाएं। जिलाधिकारी ने तहसील अन्तर्गत पीएम किसान योजना अन्तर्गत अंश निर्धारण के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र देव, तहसीलदार चमन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर, तहसीलदार चकराता/त्यूनी सुशीला कोठियाल वचुअल माध्यम से जुड़े रहे।

मानव–वन्यजीव संघर्ष में उत्तराखंड सरकार ने दिया ₹19.5 करोड़ का मुआवजा: सीएम धामी

उत्तराखंड में बढ़ते मानव–वन्यजीव संघर्ष को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2024–25 के दौरान पीड़ित परिवारों को ₹19.5 करोड़ का मुआवजा प्रदान किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह जानकारी एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी, जिसमें वन विभाग और जिला अधिकारियों को इस दिशा में और अधिक संवेदनशील व त्वरित कार्य करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित परिवारों की सहायता राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने वन अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुआवजा वितरण में देरी न हो और डिजिटल पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता बनाए रखी जाए।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मानव–वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर भी बल दिया, जिनमें शामिल हैं:

  • संवेदनशील क्षेत्रों में सौर बाड़बंदी और चेतावनी प्रणाली
  • मानव–वन्यजीव ट्रैकिंग सिस्टम की स्थापना
  • स्थानीय समुदायों को प्रशिक्षण और सहायता

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले 10 वर्षों के लिए एक इको-टूरिज़्म और संरक्षण योजना भी तैयार की जा रही है, जिससे न केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को आजीविका के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।

सरकार के इस प्रयास से न केवल पीड़ित परिवारों को राहत मिली है, बल्कि वन्यजीवों के साथ सुरक्षित सहअस्तित्व की दिशा में एक ठोस कदम भी उठाया गया है।

स्वच्छता अभियान को नया संकल्प: “हर स्ट्रीट, हर गांव में स्वच्छता” – सीएम धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यव्यापी स्वच्छता अभियान को नए स्तर पर ले जाने का ऐलान किया है। उन्होंने “स्वच्छता हर स्ट्रीट, हर गांव” के संकल्प के साथ सभी नगर निकायों, पंचायतों और प्रशासनिक इकाइयों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “जहाँ मैं रुकता हूँ, वहाँ स्वच्छता अभियान भी चलता है। यह सिर्फ़ एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने अधिकारियों से कहा कि साफ‑सफाई अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन होना चाहिए।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वच्छता का मूल्यांकन अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर गांव, हर मोहल्ले और हर गली तक इसका विस्तार किया जाएगा। इसके लिए ग्राउंड स्तर पर निगरानी टीमों, स्थानीय स्वयंसेवकों और युवाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

इस अभियान का उद्देश्य न केवल पर्यावरणीय स्वच्छता है, बल्कि उत्तराखंड को ‘स्वस्थ और स्वच्छ राज्य’ के रूप में स्थापित करना भी है। आने वाले दिनों में नियमित सफाई अभियानों, जागरूकता रैलियों और सामुदायिक भागीदारी के ज़रिये इस मुहिम को जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा।

हेलीकॉप्टर सेफ़्टी में कड़े निर्देश: सीएम धामी ने दिए डुअल इंजन और वेदर कैमरा अनिवार्यता के आदेश

चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हाल ही की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अब चारधाम मार्गों पर केवल डुअल इंजन हेलीकॉप्टर ही संचालन में लाए जाएं।

साथ ही मौसम की सटीक निगरानी के लिए हेलिपैड और रूट्स पर वेदर कैमरा सिस्टम की स्थापना को भी अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री धामी ने DGCA, Airport Authority India और UCADA के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर हेलीकॉप्टर ऑपरेशंस की समीक्षा की।

उन्होंने कहा, “किसी भी प्रकार की लापरवाही या जोखिम अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हो सकता।”

मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिए कि सभी ऑपरेटर नियमित रूप से हेलीकॉप्टरों की तकनीकी जांच करें और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का पूरी तरह पालन हो।

इस कदम से न सिर्फ़ श्रद्धालुओं का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि उत्तराखंड सरकार की तीर्थयात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की प्रतिबद्धता भी और मजबूत होगी।

दुखद: आज अहमदाबाद‑लंदन एयर इंडिया की बोइंग ड्रीमलाइनर‑787 फ्लाइट क्रैश

अहमदाबाद: आज दोपहर लगभग 1:17बजे, एयर इंडिया की फ्लाइट AI‑171 (बोइंग ड्रीमलाइनर‑787) अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भर चुकी थी। हालांकि, उड़ान एयर स्पेस में प्रवेश करते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी एआई 171 में सवार थे।

पायलट ने टेकऑफ़ के कुछ देर बाद इंजन की तकनीकी समस्या की सूचना दी थी और कहा May day.. May day… लेकिन विमान अचानक अस्थिर हुआ और रडार से गायब हो गया।

  • एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल search-and-rescue ऑपरेशन आरंभ किया।
  • भारतीय वायुसेना और नागरिक विमानन मंत्रालय ने राहत टीमों को तैनात कर दिया है।
  • हादसे वाले क्षेत्र की पहचान के लिए ड्रोन और वायु सर्वेक्षण जारी हैं।
  • केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा: “हम हर संभव सहायता दे रहे हैं; राहत और बचाव में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।”


यात्रियों और चालक दल की स्थिति:

  • कुल अनुमानित यात्री संख्या: 232 यात्री + 8 क्रू मेंबर + 2 चालक गण कुल 242 लोग थे सवार
  • फिलहाल सभी की स्थिति “अज्ञात” है।
  • परिवारों को क्राइसिस कोर्लोम सेंटर में रखा गया है। एयर इंडिया की टीम लगातार संपर्क में है।

कैंचीधाम मेले की सुरक्षा को लेकर सीएम धामी ने की हाई-लेवल समीक्षा बैठक

नैनीताल। प्रसिद्ध कैंचीधाम मेले में इस वर्ष भारी भीड़ की संभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, बैरिकेडिंग और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अस्थायी पार्किंग जोन और शटल सेवा की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।

कैंचीधाम मेला हर साल हज़ारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, ऐसे में सरकार द्वारा की जा रही यह तैयारी जनसुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

उत्तराखंड में महंगाई भत्ता बढ़ा, स्थानीय निकाय कर्मचारियों को मिली राहत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राज्य के स्थानीय निकाय कर्मचारियों, पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) को 53% से बढ़ाकर 55% करने की मंजूरी दे दी है। यह निर्णय बढ़ती महंगाई के प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राज्य सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और समय-समय पर आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।

इसके साथ ही, देहरादून की सुभाषनगर–भरुवाला पेयजल योजना के लिए ₹27.48 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह योजना शहर में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।

सरकार के इन फैसलों से न केवल कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि देहरादून में बुनियादी सुविधाओं के ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

सिक्किम में प्रतापगढ़ का जोड़ा 16 दिन से लापता, परिजन परेशान

सिक्किम से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश का एक विवाहित जोड़ा बीते 16 दिनों से लापता है। परिवार वालों का कहना है कि दोनों किसी निजी काम से सिक्किम गए थे, लेकिन 16 दिनों से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।

लापता जोड़े की पहचान अमित सिंह (32) और उनकी पत्नी पूजा सिंह (29) के रूप में हुई है। प्रतापगढ़ पुलिस ने सिक्किम पुलिस से संपर्क कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं परिवार वालों ने मुख्यमंत्री और स्थानीय सांसद से मदद की गुहार लगाई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित राज्यों की एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है और जल्द ही कोई ठोस जानकारी मिलने की उम्मीद है।

गोविंद बल्लभ पंत संस्थान की भूमि पर अतिक्रमण: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा के एसएसपी और एसडीएम से मांगी रिपोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, अल्मोड़ा की भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने अल्मोड़ा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि संस्थान की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है, जिससे न केवल संस्थान के कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन पर भी खतरा मंडरा रहा है।

न्यायालय ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि संस्थान की भूमि के संरक्षण और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे।

यह मामला अब राज्य के पर्यावरणीय और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

देश में कोरोना के ऐक्टिव केस 7 हज़ार के पार, 74 लोगों की हुई मौत

देश में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देशभर में कोरोना के ऐक्टिव केसों की संख्या 7000 के पार पहुंच गई है। बीते 24 घंटों में संक्रमण से 74 लोगों की मौत हुई है, जिससे स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम और लोगों की लापरवाही के चलते संक्रमण का फैलाव तेज़ हो रहा है। सरकार ने राज्यों को सतर्क रहने और टेस्टिंग, ट्रैकिंग और वैक्सीनेशन पर जोर देने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें, हाथों की स्वच्छता बनाए रखें और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।