Monday, July 27, 2026
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फटी विंडपाइप बनी मौत का कारण, मैक्स हॉस्पिटल देहरादून के डॉक्टरों ने बचाई महिला की जान

देहरादून से एक निजी अस्पताल की बड़ी मेडिकल सफलता सामने आई है, जहां मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के डॉक्टरों ने समय पर सटीक हस्तक्षेप कर एक महिला की जान बचा ली। हरिद्वार के पास हुए एक सड़क हादसे में 45 वर्षीय महिला की सांस की नली (विंडपाइप) लगभग पूरी तरह फट गई थी, जिसे चिकित्सकीय भाषा में अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा चोट माना जाता है।

पीड़िता पूनम, जो पेशे से एक स्कूल शिक्षिका हैं, मोटरसाइकिल पर पीछे बैठी थीं। यात्रा के दौरान उनका दुपट्टा अचानक पहिए में फंस गया, जिससे गर्दन पर जोरदार झटका लगा और गंभीर आंतरिक चोटें आईं। प्रारंभिक उपचार के बाद भी जब उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई, तो उन्हें तत्काल मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून रेफर किया गया।

अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति की गंभीरता को समझते हुए त्वरित जांच शुरू की। सिर और गर्दन में गंभीर चोटें, त्वचा के नीचे हवा भरना और सीने में हवा का रिसाव जैसे लक्षण स्पष्ट रूप से एयरवे इंजरी की ओर संकेत कर रहे थे। अगले 24 घंटों में मरीज की सांस लेने की समस्या और बढ़ गई, जिससे स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गई।

सीटी स्कैन जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मरीज की विंडपाइप लगभग पूरी तरह से फट चुकी थी। इसके बाद डॉ. अरविंद मक्कर, डायरेक्टर कार्डियक, थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी के नेतृत्व में एक मल्टी-डिसिप्लिनरी मेडिकल टीम ने तत्काल इमरजेंसी सर्जरी कर फटी हुई विंडपाइप की सफल मरम्मत की। इस जटिल सर्जरी में डॉ. इरम खान, सीनियर कंसल्टेंट ईएनटी सर्जरी की भी अहम भूमिका रही।

डॉ. अरविंद मक्कर ने बताया कि शुरुआती सुधार के बाद मरीज के गले में सूजन और सीने में दोबारा हवा का रिसाव देखा गया, जिससे सांस लेने में दिक्कत बढ़ने लगी। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों ने एहतियातन अस्थायी ट्रेकियोस्ट्रोमी की, ताकि एयरवे सुरक्षित रहे और मरम्मत किए गए हिस्से पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। यह निर्णय मरीज की सुरक्षित रिकवरी में निर्णायक साबित हुआ।

डॉ. मक्कर ने कहा, “विंडपाइप में इस प्रकार की चोट अत्यंत दुर्लभ होती है और यदि समय पर पहचान न हो तो यह जानलेवा सिद्ध हो सकती है। इस मामले में एयरवे लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त था, जिससे डायग्नोसिस और मैनेजमेंट दोनों ही अत्यंत चुनौतीपूर्ण थे। यह सफलता त्वरित निर्णय, उन्नत सर्जिकल तकनीक और विभिन्न विशेषज्ञों के समन्वय का परिणाम है।”

वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं।

यह मामला एक बार फिर प्रमाणित करता है कि मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून अपनी अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर सुविधाओं, उन्नत डायग्नोस्टिक तकनीक और अनुभवी चिकित्सकों की टीम के बल पर दुर्लभ और जटिल मेडिकल आपात स्थितियों को सफलतापूर्वक संभालने में सक्षम है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1035 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में 1035 सहायक अध्यापक (प्राथमिक शिक्षा) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें 17 विशेष शिक्षक भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी नव-नियुक्त अध्यापकों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि वे राज्य में शिक्षा के स्तर को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से नव-नियुक्त शिक्षकों के कंधों पर उत्तराखंड के भविष्य को संवारने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आ गई है। जब किसी बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा मिलती है, तो वह न केवल अपना जीवन संवारता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी अमूल्य योगदान देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक देश के उज्ज्वल भविष्य के शिल्पकार होते हैं।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध भी विकसित करें, जिससे वे शिक्षित होने के साथ संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक-समर्थ और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, शिक्षक प्रशिक्षण और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पिछले साढ़े चार वर्षों में 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि युवाओं के आत्मसम्मान और विश्वास की जीत है। इस अवधि में दी गई नौकरियां राज्य गठन के बाद पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में दो गुना से भी अधिक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने देगी।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में शिक्षा विभाग में 11 हजार 500 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं, जबकि 3 हजार 500 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय नौडियाल, निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक कंचन देवराड़ी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे

मुख्यमंत्री धामी से केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा की शिष्टाचार भेंट, सड़क व आधारभूत ढांचे के विकास पर हुई अहम चर्चा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के राज्य मंत्री अजय टम्टा ने शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा के मध्य उत्तराखंड में सड़क, राष्ट्रीय राजमार्गों तथा आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, सड़क सुरक्षा, पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी के साथ-साथ चल रही एवं प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में सड़क एवं परिवहन अवसंरचना को सुदृढ़ करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मजबूत और सुरक्षित सड़क नेटवर्क से प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी तथा पर्यटन, चारधाम यात्रा और सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।

केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित कर रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी उत्तराखंड को सड़क एवं परिवहन क्षेत्र में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना: सुरक्षित, सुगम और भविष्य-उन्मुख कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम

एनएच-07 कॉरिडोर से देहरादून को यातायात जाम से राहत, यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी; उत्तराखंड–हिमाचल के बीच सुदृढ़ संपर्क

पांवटा साहिब–देहरादून कॉरिडोर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री, औद्योगिक तथा वाणिज्यिक वाहन आवागमन करते हैं। वर्तमान में देहरादून राजधानी तथा पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर कॉरिडोर से जुड़े पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों में भारी यातायात दबाव देखा जा रहा है, जिसके चलते यात्रा समय बढ़ने, ईंधन की अधिक खपत और यातायात अव्यवस्था जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।

बढ़ते यातायात दबाव, सीमित सड़क चौड़ाई, रिबन डेवलपमेंट और तीव्र शहरी विस्तार के कारण यह मार्ग लंबे समय से जाम और सड़क सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा था। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, भारत (एनएचएआई) द्वारा पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना (एनएच-07) को स्वीकृति प्रदान की गई।

परियोजना का संक्षिप्त विवरण

एनएच-07 के अंतर्गत पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर परियोजना में कुल 44.800 किलोमीटर लंबे खंड का उन्नयन एवं चार-लेनीकरण किया जा रहा है। यह मार्ग पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) से प्रारंभ होकर बल्‍लूपुर चौक, देहरादून (उत्तराखंड) तक विस्तारित है। यह दैनिक यात्रियों, औद्योगिक-वाणिज्यिक यातायात और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग होने के साथ-साथ चारधाम यात्रा के प्रथम धाम यमुनोत्री तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करता है।

मौजूदा सड़क की कुल लंबाई लगभग 52 किलोमीटर (किमी 97.00 से किमी 148.80) है। प्रस्तावित चार-लेन परियोजना के तहत लगभग 25 किलोमीटर ग्रीनफील्ड हाईवे विकसित किया गया है, जो पांवटा साहिब, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई और सुधोवाला जैसे भीड़भाड़ वाले कस्बों को बायपास करता है। इससे मार्ग की लंबाई में लगभग 7 किलोमीटर की कमी आई है, जिससे यात्रा समय और ईंधन खपत में उल्लेखनीय बचत होगी तथा सड़क उपयोगकर्ताओं को अधिक सुरक्षित और सुगम अनुभव मिलेगा।

दिल्ली–देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर से एकीकरण

यातायात जाम की समस्या के समाधान हेतु एनएचएआई द्वारा इस कॉरिडोर के उन्नयन के साथ-साथ एक ग्रीनफील्ड हाईवे का विकास किया जा रहा है, जो दिल्ली–देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर का विस्तार होगा। इस एकीकरण से देहरादून शहर में प्रवेश करने वाले थ्रू-ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे शहर को यातायात जाम से बड़ी राहत प्राप्त होगी।

परियोजना विभाजन एवं लागत

परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड (HAM) के तहत दो पैकेजों में क्रियान्वित किया जा रहा है—

पैकेज-I: पांवटा साहिब से मेदनीपुर (18.700 किमी)

लागत ₹553.21 करोड़। इसके अंतर्गत 1,175 मीटर लंबा चार-लेन यमुना नदी पुल निर्मित किया गया है, जो एक प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धि है।

पैकेज-II: मेदनीपुर से बल्‍लूपुर, देहरादून (26.100 किमी)

लागत ₹1,093 करोड़। इसमें अनेक अंडरपास, सर्विस रोड और शहरी बायपास खंड शामिल हैं, जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात सुचारु रहेगा।

परियोजना की कुल लागत ₹1,646.21 करोड़ है, जिसमें भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और यूटिलिटी शिफ्टिंग शामिल है। कुल 25 गांव प्रभावित हैं—21 उत्तराखंड और 4 हिमाचल प्रदेश में।

वर्तमान स्थिति

दोनों पैकेजों के अंतर्गत सभी प्रमुख पुल, अंडरपास और संरचनात्मक कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सीमित हिस्सों में आरई वॉल (Reinforced Earth Wall) और अंतिम चरण का पेवमेंट कार्य प्रगति पर है, जिसे फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। सड़क सुरक्षा ऑडिट के बाद 31.50 किलोमीटर पूर्ण खंड पर वाणिज्यिक यातायात प्रारंभ कर दिया गया है।

प्रमुख इंजीनियरिंग एवं सड़क सुरक्षा विशेषताएं

  • 1,175 मीटर लंबा चार-लेन यमुना नदी पुल
  • 105 मीटर लंबा चार-लेन आसन नदी पुल
  • ऊंचे तटबंधों पर थ्री-बीम क्रैश बैरियर
  • एंटी-ग्लेयर स्क्रीन और उन्नत प्रकाश व्यवस्था
  • 24×7 PTZ कैमरों से निगरानी
  • आधुनिक साइनएज व रोड मार्किंग
  • टेंसर तकनीक से बिटुमिन खपत में कमी
  • ढलान सुरक्षा और व्यापक पौधारोपण से हरित कॉरिडोर

जनसामान्य को लाभ

परियोजना पूर्ण होने पर पांवटा साहिब से देहरादून का यात्रा समय लगभग 2 घंटे से घटकर करीब 35 मिनट रह जाएगा। देहरादून शहर को यातायात जाम से बड़ी राहत मिलेगी, दिल्ली–देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर से बेहतर संपर्क बनेगा, तथा पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। दीर्घकाल में यह कॉरिडोर प्रस्तावित देहरादून–मसूरी कनेक्टिविटी से भी जुड़ेगा।

एनएचएआई सुरक्षित, स्थायी और भविष्य-उन्मुख राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने और आमजन को सुगम व सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति की

देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता के अनुरोध एवं उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई यह अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी और सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई। इसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत में सुनवाई पूर्ण होने के बाद दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनकी जांच प्रक्रिया लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री धामी ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता लागू होने पर सम्मान समारोह में की भागीदारी, कहा – यह उत्तराखंड की जनता का सम्मान है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सीएम आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने पर आयोजित सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया।

हालाकि समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत नहीं बल्कि उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता का सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद और समर्थन से ही समान नागरिक संहिता जैसे ऐतिहासिक कदम को साकार किया जा सका।

आपको बता दें कि समान नागरिक संहिता लागू कर राज्य सरकार ने संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि अब राज्य में सभी नागरिकों के अधिकार समान हो गए हैं और यू.सी.सी. ने समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि समान नागरिक संहिता के माध्यम से विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की गई है। लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण को अनिवार्य बनाए जाने से बहन-बेटियों की सुरक्षा को और सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समान नागरिक संहिता की यह गंगा उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश में बहने लगेगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की विचारधारा सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता जैसे मूल्यों पर आधारित है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 26 नवम्बर को संविधान दिवस के रूप में राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है और बाबा साहेब अंबेडकर से जुड़ी स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा कि उत्तराखंड सरकार ने दंगारोधी कानून, धर्मांतरण कानून और ऑपरेशन कालनेमि जैसे कड़े और निर्णायक कदम उठाए हैं ताकि राज्य की डेमोग्राफी में किसी भी प्रकार का अवांछनीय परिवर्तन न हो सके।

इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, साध्वी रेणुका, स्वामी निरंजन चैतन्य महाराज, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, विधायक सुरेश गड़िया, सफीपुर (उन्नाव, उत्तर प्रदेश) के विधायक बंबा लाल दिवाकर सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

प्रमुख धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाएं हों सुदृढ़ और सुव्यवस्थित – मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों — हरिद्वार स्थित मनसा देवी व चंडी देवी मंदिर, टनकपुर के पूर्णागिरि धाम, नैनीताल के कैंची धाम, अल्मोड़ा के जागेश्वर मंदिर, पौड़ी स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर सहित अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मंदिरों में भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालु पंजीकरण, पैदल मार्गों एवं सीढ़ियों का चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने तथा सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन अनुभव प्राप्त हो।

उन्होंने निर्देश दिए कि कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के आयुक्तों की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाए, जिसमें संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मनसा देवी मंदिर परिसर सहित अन्य प्रमुख मंदिर परिसरों के सुनियोजित विकास, धारणा क्षमता में वृद्धि और दुकानों के व्यवस्थित प्रबंधन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के पंजीकरण को अनिवार्य बनाया जाए तथा दर्शन की संख्या को नियंत्रित करते हुए चरणबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे और श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

इस बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, एस.एन. पाण्डेय, सचिव एवं आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

विधवा माँ प्रिया को प्रताड़ित करने वाले सीएसएल फाइनेंस बैंक पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, बैंक सीज़, संपत्ति कुर्क, जल्द होगी नीलामी

देहरादून, 28 जुलाई 2025— पति की आकस्मिक मृत्यु के उपरांत चार नन्ही बालिकाओं की माँ, विधवा प्रिया को ऋण बीमा के बावजूद प्रताड़ित करने वाले निजी बैंक सीएसएल फाइनेंस लिमिटेड पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर राजपुर रोड स्थित बैंक शाखा को सील करते हुए बैंक की संपत्तियों को कुर्क किया गया है। बैंक खातों को भी सीज़ कर दिया गया है और जल्द ही नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

विधवा प्रिया ने 11 जुलाई 2025 को जिलाधिकारी से मिलकर गुहार लगाई थी कि उनके पति स्व. विकास कुमार ने सीएसएल फाइनेंस लिमिटेड से ₹6.50 लाख का ऋण लिया था, जिसका बीमा भी बैंक के माध्यम से किया गया था। बीमा प्रक्रिया पूरी तरह वैध और जांचपूर्ण रही थी, बावजूद इसके 12 जुलाई 2024 को उनके पति की मृत्यु के बाद बीमा राशि न तो दी गई और न ही ऋण माफ किया गया। उल्टा बैंक ने घर के कागजात जब्त कर, महिला को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पर मजबूर कर दिया।

प्रशासन की ओर से तत्काल प्रभाव से बैंक प्रबंधक के विरुद्ध ₹7.15 लाख की वसूली आरसी जारी की गई। एक सप्ताह की मोहलत के बावजूद बैंक ने न तो महिला को ‘नो ड्यूज’ सर्टिफिकेट दिया और न ही वसूली में सहयोग किया। इस नाफरमानी पर प्रशासन ने बैंक को सील कर दिया है और चल संपत्ति को कुर्क कर लिया गया है।

बावजूद कुर्की के, संपत्ति मूल्य वसूली की राशि के समकक्ष नहीं होने पर प्रशासन ने उ०प्र० ज०वि० धारा 282 एवं भू-राजस्व अधिनियम 1950 के अंतर्गत ज०वि० आकार-पत्र 71 के तहत चल संपत्ति कुर्की अधिपत्र जारी कर, सीएसएल फाइनेंस लिमिटेड के बैंक खातों को भी कुर्क कर दिया है।

जिला प्रशासन के अनुसार, जनहित में सख्त रुख अपनाया गया है। जनमानस को धोखा देने वाले बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर अब कोई रहम नहीं बरता जाएगा। डीएम सविन बंसल ने कहा कि “जो भी जनहित के विरुद्ध कार्य करेगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।” प्रशासन के इस एक्शन से पीड़ित महिला को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं अन्य निजी वित्त संस्थानों को भी स्पष्ट संदेश गया है कि ग़लत कार्यों की अब कोई जगह नहीं।

प्रमुख बिंदु:

  • सीएसएल बैंक के सभी खाते सीज़, शाखा सील।
  • बैंक की चल संपत्ति कुर्क, नीलामी की प्रक्रिया शुरू।
  • ऋण बीमा होते हुए भी प्रिया को नहीं मिला क्लेम, उल्टा कागजात जब्त।
  • डीएम के आदेश पर ₹7.15 लाख की वसूली आरसी जारी।
  • प्रिया न्याय के लिए एक वर्ष से भटक रही थी, प्रशासन ने दिलाया न्याय।

जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश: जनहित से खिलवाड़ करने वालों की अब खैर नहीं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में जनता से की मुलाकात, अधिकारियों को जन समस्याओं के समाधान के दिए सख्त निर्देश

खटीमा, 24 जुलाई 2025 –मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग अतिथि गृह, खटीमा में क्षेत्रीय जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारियों को “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि” के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आमजन की परेशानियों को लेकर गंभीर है और उन्हें दूर करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण हेतु सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। “हमारी पूरी कोशिश है कि लोगों को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े,” उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिलाधिकारियों को नियमित रूप से जन समस्याएं सुनने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं जनपदों का भ्रमण कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं और अधिकारियों को जनता दरबार, तहसील दिवस जैसी बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार जनहित में कार्य कर रही है और जटिल से जटिल मुद्दों का समाधान कर रही है।

इस अवसर पर मेयर काशीपुर दीपक बाली, रुद्रपुर के विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टुरना, दर्जा मंत्री शंकर कोरंगा, राजपाल सिंह, गंभीर सिंह धामी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जनता मौजूद रही।

हरेला पर्व पर रुद्रप्रयाग में हुआ लक्ष्य से अधिक पौधारोपण, ‘ग्रीन उत्तराखंड’ विजन को मिला जनसमर्थन

हरेला पर्व के अवसर पर जनपद रुद्रप्रयाग में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम ऐतिहासिक बन गया, जहां जनसमुदाय, प्रशासन और विभिन्न संगठनों के सामूहिक प्रयास से एक ही दिन में 43,229 से अधिक पौधे रोपे गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “ग्रीन उत्तराखंड” विजन को साकार करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित हुआ।

‘ग्रीन रुद्रप्रयाग’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे प्रेरणादायक नारों के साथ जिले भर में वृक्षारोपण महाअभियान चलाया गया। जिला मुख्यालय से लेकर श्री केदारनाथ धाम तक व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया। जिला मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन ने स्वयं अभियान का नेतृत्व करते हुए रतनपुर (जवाड़ी) में मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता की और पर्यावरणीय शपथ दिलाई।

कार्यक्रम में वन विभाग, न्यायालय परिसर, श्री केदारनाथ धाम, यात्रा मार्गों सहित शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पौधारोपण किया गया। अभियान ‘फल खाओ, बीज लगाओ’ को भी लोगों का भरपूर समर्थन मिला, जिसमें छात्रों ने फलों के बीजों से पौधे उगाने का संकल्प लिया।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि पर्यावरणीय संतुलन और आर्थिकी को ध्यान में रखते हुए आंवला, कचनाल, आम, लीची, जामुन, अमरूद, क्यूराल जैसी बहुउपयोगी प्रजातियों का चयन किया गया। उन्होंने लोगों से पौधों की सुरक्षा व देखरेख में भागीदारी की अपील की।

केदारनाथ मंदिर परिसर एवं यात्रा मार्ग पर भी विशेष पौधारोपण कार्यक्रम हुआ, जहां हिमालयी क्षेत्र की अनुकूल प्रजातियों के 150 पौधे लगाए गए। यह पहल न केवल तीर्थयात्रियों को हरित वातावरण देगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक बनेगी।

विभिन्न विकासखंड़ों और विभागों द्वारा वृक्षारोपण का आंकड़ा इस प्रकार रहा:

  • अगस्त्यमुनि: 15,249 पौधे
  • जखोली: 13,867 पौधे
  • उखीमठ: 7,502 पौधे
  • कृषि विभाग: 1,139
  • शिक्षा विभाग: 3,449
  • पीडब्ल्यूडी: 116
  • उद्यान विभाग: 72
  • चिकित्सा विभाग: 688
  • वन विभाग: 1,120
  • अन्य विभाग व नगरीय निकाय: शेष पौधे

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, एनसीसी/एनएसएस स्वयंसेवकों और आम जनता की सक्रिय सहभागिता से यह महाअभियान सफल हुआ।

रुद्रप्रयाग जनपद ने हरेला पर्व पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के हरित भविष्य में अग्रणी भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।