Monday, July 27, 2026
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मुख्यमंत्री ने किया ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ आउटलेट का उद्घाटन

नई दिल्ली, 08 जुलाई 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास परिसर में ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के आउटलेट का विधिवत उद्घाटन किया। यह आउटलेट उत्तराखण्ड की पारंपरिक धरोहर और जैविक उत्पादों को राजधानी दिल्ली में संगठित रूप से प्रस्तुत करने का एक प्रभावशाली मंच बनेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ राज्य सरकार की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसके तहत उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में तैयार होने वाले प्राकृतिक और हस्तनिर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों के लिए नए अवसर भी उत्पन्न करेगी।

चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री हेतु नैनी सैनी व पंतनगर एयरपोर्ट, देहरादून हेलीपैड, केदारनाथ, बद्रीनाथ, हर्षिल, मसूरी, ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन जैसे प्रमुख तीर्थ व पर्यटक स्थलों पर फ्लोर स्टैंडिंग यूनिट्स एवं रिटेल कार्ट्स स्थापित किए गए हैं। ये कार्ट्स न केवल पर्यटकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादों को नई बाजार पहुंच भी दिला रहे हैं।

इसके अलावा, मैरियट मसूरी, ताज देहरादून, एफआरआई, एलबीएसएनएए और दिल्ली हाट जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर भी इन रिटेल कार्ट्स की स्थापना की जा रही है। सचिव ग्रामीण विकास राधिका झा ने बताया कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड ने अल्प समय में अपनी गुणवत्ता व विश्वसनीयता के कारण एक विशिष्ट पहचान बनाई है। इसके उत्पाद अब houseofhimalayas.com, अमेज़न और ब्लिंकिट जैसे लोकप्रिय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं।

उच्च श्रेणी के पर्यटकों को स्थानीय उत्पादों से जोड़ने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ने ताज (ऋषिकेश, रामनगर), हयात, मैरियट, वेस्टिन और जेपी ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित होटलों के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इन होटलों में स्थापित रिटेल कार्ट्स पर्यटकों को उत्तराखण्ड के जैविक और पारंपरिक उत्पादों की सीधी उपलब्धता प्रदान कर रहे हैं।

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की अवधारणा को पहली बार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में प्रस्तुत किया गया था। इस ब्रांड के तहत बुरांश शरबत, जंगली शहद, पहाड़ी दालें, मसाले, हस्तनिर्मित वस्त्र और अन्य जैविक उत्पाद सुव्यवस्थित रूप से देशभर में पहुंचाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, सचिव ग्रामीण विकास राधिका झा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस प्रयास को आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड और सतत पर्यटन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

सीएम धामी ने कांवड़ मेला-2025 की तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की समीक्षा, दिए सख्त निर्देश

देहरादून, 08 जुलाई 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को आगामी कांवड़ मेला-2025 की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। उन्होंने पूर्व वर्षों की व्यवस्थाओं का विश्लेषण करते हुए इस वर्ष संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़, उपद्रव या अवांछनीय घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। शिविर संचालकों, वॉलंटियर, होटल और धर्मशालाओं में ठहरने वाले व्यक्तियों का पूर्ण सत्यापन कराए जाने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने प्रमुख स्थलों पर एक्सरे सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, फायर टेंडर एवं कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने, खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा। मुख्यमंत्री ने वॉलंटियर्स की मदद से भीड़ प्रबंधन, सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने पर जोर दिया।

बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए अलग से योजना बनाकर उसका व्यापक प्रचार करने, एटीएस व विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती करने, घाटों व प्रमुख मंदिर स्थलों पर एम्बुलेंस, बैकअप और सादी वर्दी में महिला-पुरुष सुरक्षाकर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने जल पुलिस और गोताखोरों को अलर्ट मोड पर रखने, तेज आवाज वाले यंत्रों, डीजे व लाउडस्पीकरों पर नियंत्रण, यात्रा मार्गों पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधारात्मक कार्य करने और कांवड़ यात्रियों को ‘क्या करें और क्या न करें’ की जानकारी पेम्फलेट, होर्डिंग, सोशल मीडिया और पब्लिक अनाउंसमेंट के माध्यम से देने को कहा।

साथ ही लाठी, डंडा, नुकीली वस्तुएं ले जाने से रोकने हेतु प्रचार अभियान चलाने, यात्रा मार्गों में शराब, मादक पदार्थ और मांस की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, और बिजली, पानी, चिकित्सा जैसी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।

मुख्यमंत्री ने महिला कांवड़ यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महिला घाटों और धर्मशालाओं में विशेष पुलिस व्यवस्था करने, अंतर्राज्यीय समन्वय मजबूत करने, सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने, अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई और भ्रामक पोस्टों का तत्काल खंडन सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय सचिवों और पुलिस महानिरीक्षकों को आगामी तीन दिनों में कांवड़ मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा करने और अपने-अपने विभागों की कार्य योजनाओं को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।

इस बैठक में गृह सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के आयुक्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

भूमि विवादों से लेकर रोजगार, शिक्षा, न्याय और महिला सुरक्षा तक के मामलों में हुआ तत्काल एक्शन, 125 शिकायते हुई प्राप्त

देहरादून, 08 जुलाई 2025— मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जनसेवा और सुशासन की नीति से प्रेरित होकर जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जनता दर्शन / जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 125 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें प्रमुख रूप से भूमि विवाद, नगर निगम, शिक्षा, विद्युत, एमडीडीए, पुलिस, सिंचाई, विधिक सहायता और रोजगार से संबंधित मुद्दे शामिल रहे।

प्रमुख कार्यवाहियां एवं जनसुनवाई में लिए गए निर्णय:

  • 70 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग राजेश्वरी देवी ने बताया कि उनकी विवाहित बेटी ने उनके मकान पर अवैध कब्जा कर लिया है। डीएम ने एसडीएम न्याय को आदेश दिए कि बुजुर्ग महिला को न्याय दिलाते हुए जल्द से जल्द कब्जा दिलाया जाए।
  • फरियादी रेनू, जिनके पति की मृत्यु सेवाकाल में हुई थी, आश्रित नौकरी के लिए डीएम दरबार पहुँचीं। जिलाधिकारी ने दस्तावेज़ों की गहन जांच के बाद पाया कि एक अभिलेख की कमी थी। संबंधित विभाग को 2 दिन में दस्तावेज जारी करने के निर्देश दिए गए।
  • 86 वर्षीय किसान प्रीतम सिंह, भू-माफियाओं से परेशान होकर डीएम से मिले। उनकी भूमि पर कब्जा कर खेती से रोका जा रहा है। डीएम ने एसडीएम डोईवाला को 1 सप्ताह में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
  • गौरी रानी, बुजुर्ग महिला, जो अपने घर में सड़क के ऊँचे होने से बरसात का पानी घुसने से परेशान थीं, ने डीएम से गुहार लगाई। नगर निगम को फटकार लगाते हुए डीएम ने 1 सप्ताह में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
  • रानीपोखरी निवासी अनिता ने बेटी की बीएससी आईटी की पढ़ाई के लिए ₹75,000 की फीस हेतु आर्थिक सहायता का अनुरोध किया। डीएम ने नंदा-सुनंदा प्रोजेक्ट के तहत मदद के निर्देश दिए।
  • रेनू (कांवली रोड), जिन्होंने पति की मृत्यु के बाद नगर निगम में नौकरी हेतु आवेदन किया था, उनके मामले को मुख्य नगर आयुक्त को सन्दर्भित कर शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
  • अवैध शराब परोसे जाने की शिकायत पर डांडा लखौण्ड क्षेत्र में होटल-रेस्टोरेंट्स पर आबकारी विभाग को तत्काल जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए।
  • विधिक सहायता के प्रकरण में फरियादी नितिन हेमदान को राहत देने हेतु सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेशित किया गया कि आर्थिक दयनीयता को देखते हुए विधिक सलाह व अपील की समुचित व्यवस्था की जाए।

प्रशासन की चेतावनी:

डीएम ने स्पष्ट किया कि जनता को अनावश्यक चक्कर कटवाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त नजर रखी जा रही है। यदि किसी ने जनभावना के विपरीत कार्य किया या फरियादियों को परेशान किया तो कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

महिला, बच्चों और बुजुर्गों के मामलों पर विशेष संवेदनशीलता:

डीएम ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला, बुजुर्ग और बच्चों से जुड़ी शिकायतों पर संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करें। साथ ही सभी एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देश दिए कि मृत्यु प्रमाणपत्र एवं वारिसाना प्रमाण पत्र एक सप्ताह के भीतर जारी किए जाएं।

इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जिला प्रशासन “जन के लिए तत्पर और समाधान के लिए प्रतिबद्ध” है। जनता के हर मुद्दे को गंभीरता से लेकर न्याय और राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री से भेंट कर उत्तराखंड की कृषि योजनाओं के लिए मांगा विशेष सहयोग, 3800 करोड़ की योजनाओं को मिली सैद्धांतिक सहमति

नई दिल्ली, 7 जुलाई 2025 – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि, ग्रामीण विकास एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की कृषि, बागवानी और ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन एवं विस्तार हेतु केंद्र सरकार से विशेष सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि उत्तराखंड सरकार ने कृषि क्षेत्र के समग्र विकास, नवाचार, यंत्रीकरण, तकनीकी समावेशन और पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग ₹3800 करोड़ की योजनाएं तैयार की हैं, जिन्हें केंद्रीय मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने इसके लिए केंद्रीय मंत्री का आभार जताया और कहा कि यह सहयोग राज्य की कृषि को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि—

  • जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु कृषि बाड़ निर्माण के लिए ₹1,052.80 करोड़ की आवश्यकता है।
  • 10,000 फार्म मशीनरी बैंक के लिए ₹400 करोड़ का प्रस्ताव, जिससे लघु, सीमांत किसानों व महिलाओं को मिलेगा लाभ।
  • स्टेट मिलेट मिशन के अंतर्गत पोषक फसलों के लिए ₹134.89 करोड़ का प्रावधान।
  • सीड हब के रूप में राज्य के विकास हेतु ₹5 करोड़ की योजना।
  • सेब उत्पादन, भंडारण व विपणन हेतु ₹1,150 करोड़ की योजना प्रस्तावित।
  • कीवी की खेती और संरक्षण हेतु ₹894 करोड़ की आवश्यकता दर्शाई गई।
  • नवाचार व एग्री स्टार्टअप्स के लिए ₹885.10 करोड़ का प्रस्ताव।
  • ड्रैगन फ्रूट उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु ₹42 करोड़ की योजना।

इसके अतिरिक्त खाद्य प्रसंस्करण, जैविक खेती, भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, कृषि शिक्षा, एग्रीटूरिज्म स्कूल, और माइक्रोबायोलॉजी लैब की स्थापना जैसे क्षेत्रों में भी अनेक योजनाएं प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय में एग्रो टूरिज्म स्कूल, सुपरफूड्स (जैसे मशरूम व एक्सॉटिक सब्जियों) हेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और हाई क्वालिटी नर्सरी व कोल्ड स्टोरेज की स्थापना के लिए भी सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के शेष कार्यों की समयसीमा बढ़ाने पर सैद्धांतिक सहमति दी तथा PMGSY-4 के प्रस्ताव पर भी सहमति देने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार द्वारा कृषि व ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत सरकार के कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, ग्रामीण विकास सचिव सैलेश कुमार सिंह तथा उत्तराखंड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने कुमाऊं-गढ़वाल में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन शुरू करने के दिए निर्देश, वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में होगी शामिल

देहरादून, 07/जुलाई/2025…. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन की शुरुआत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊं में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश तक और गढ़वाल में नीति माणा से मलारी तक आयोजित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस आयोजन को वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में सम्मिलित किया जाए और हर वर्ष एक निर्धारित तिथि पर इसका नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि आपदा प्रभावितों को तय समय सीमा के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने घेरबाड़ और सोलर फेंसिंग की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली और अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम की 20 नई वातानुकूलित टैम्पो ट्रैवलर सेवाओं का किया फ्लैग ऑफ, जानिए इनका रूट

देहरादून, 7 जुलाई 2025 — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से आयोजित एक विशेष समारोह में उत्तराखण्ड परिवहन निगम (UTC) द्वारा संचालित की जा रही 20 नई वातानुकूलित मिनी टैम्पो ट्रैवलर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें से 10 वाहन देहरादून-मसूरी मार्ग और 10 वाहन हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग पर सेवाएं देंगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कैम्प कार्यालय से जीटीसी हेलीपैड तक टैम्पो ट्रैवलर में सफर भी किया। उन्होंने कहा कि इन मिनी एसी बसों के संचालन से न केवल लोगों को सुरक्षित, सुगम और किफायती यात्रा सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और मसूरी व नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटक स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर जाम की समस्या में भी कमी आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि यह पहल सफल रहती है तो इस तरह की सेवाओं की संख्या भविष्य में और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने इसे राज्य के परिवहन ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक क्षेत्र को बेहतर सड़क नेटवर्क और विश्वसनीय परिवहन सुविधाओं से जोड़ना है।

उन्होंने बताया कि आज परिवहन विभाग डिजिटल टिकटिंग, ऑनलाइन बुकिंग और ट्रैकिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से यात्रियों को अधिक सुलभ सेवाएं प्रदान कर रहा है। उत्तराखंड परिवहन निगम लगातार तीन वर्षों से मुनाफे में है, और इसे और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी घोषणा की कि परिवहन निगम के बेड़े में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया जाएगा, जिसकी खरीद प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने बताया कि निगम के कर्मचारियों की डीए वृद्धि, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन और नई भर्तियों के माध्यम से मानव संसाधन बढ़ाने जैसे कदम भी उठाए गए हैं।

इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, प्रमुख सचिव एवं उत्तराखण्ड परिवहन निगम के अध्यक्ष एल. फैनई, निगम की प्रबंध निदेशक रीना जोशी सहित परिवहन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

दलाई लामा के 90वें जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं, बुद्धा टेंपल मार्ग चौड़ीकरण और तिब्बती श्मशान घाट निर्माण की घोषणा

देहरादून, 6 जुलाई 2025 – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को क्लेमेनटाउन, देहरादून में परम पूज्य दलाई लामा जी के 90वें जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों और तिब्बती समाज को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि बुद्धा टेंपल मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा और तिब्बती श्मशान घाट में टिन शेड का निर्माण कराया जाएगा, जिससे स्थानीय तिब्बती समुदाय को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दलाई लामा जी ने समस्त विश्व को शांति, अहिंसा और करुणा का संदेश दिया है। आज जब दुनिया विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही है, उनकी शिक्षाएं और भी अधिक प्रासंगिक हो गई हैं। उन्होंने दलाई लामा जी के प्रसिद्ध कथन “मेरा धर्म करुणा है” को उद्धृत करते हुए उन्हें एक सच्चा आध्यात्मिक गुरु बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने हमेशा तिब्बती समाज को स्नेह, सम्मान और सुरक्षा प्रदान की है। राज्य सरकार तिब्बती समुदाय के सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक विकास में निरंतर सहयोग करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि परम पूज्य दलाई लामा जी को उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्राप्त हो, ताकि वे आने वाली पीढ़ियों को भी अपने विचारों और शिक्षाओं से मार्गदर्शन देते रहें।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक विनोद चमोली, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स, पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार, सांगयम सोनम पालडन, डॉ. त्सावांग फुंटसोक, तेनजिंग चोएफेल, महेश पांडे, सरदार इंद्रपाल कोहली, राजेश मित्तल सहित तिब्बती समुदाय के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्बेट नेशनल पार्क में सीएम धामी ने किया जंगल सफारी का अनुभव, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ 1000 से अधिक पौधारोपण

रामनगर, 6 जुलाई 2025 – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कार्बेट नेशनल पार्क में जंगल सफारी का रोमांचकारी अनुभव लिया। सफारी के दौरान उन्होंने पार्क की जैव विविधता और वन्यजीवन की अद्भुत झलकियों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रकृति की सुंदरता से जुड़ने और उसकी अमूल्य विरासत को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से उत्तराखंड का जंगल सफारी पर्यटन देश और विदेश में लोकप्रिय हो रहा है। इससे राज्य की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार व आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

इस अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वन विभाग, स्थानीय समुदाय एवं पर्यावरण प्रेमियों के सहयोग से 1000 से अधिक पौधों का सामूहिक रूप से रोपण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान सिर्फ पौधारोपण नहीं है, बल्कि मातृत्व और प्रकृति के प्रति सम्मान प्रकट करने का भावपूर्ण प्रतीक है।

मुख्यमंत्री धामी ने वन विभाग की टीम से भी मुलाकात की और वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विभाग की प्रतिबद्धता को राज्य की हरियाली और जैव विविधता के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

देहरादून शहर की सड़कों पर रोड़ कटिंग कार्यों की आयुक्त गढ़वाल ने की समीक्षा, अधूरी सड़कों को जल्द सुधारने के निर्देश

देहरादून, 05 जुलाई 2025— आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय ने शनिवार को मंथन सभागार में देहरादून शहर के विभिन्न मार्गों पर रोड़ कटिंग कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विधायक रायपुर उमेश शर्मा (काऊ), जिलाधिकारी सविन बंसल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं एवं विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

आयुक्त पाण्डेय ने निर्देश दिए कि जहां कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां सड़कों को गुणवत्तापूर्वक समतल कर सुधार कार्य पूरा किया जाए। वहीं जिन स्थानों पर सड़कों की खुदाई के बाद समतलीकरण कार्य चल रहा है, वहां बरसात के दौरान सड़कों के धंसने की संभावनाओं को देखते हुए त्वरित सुधार और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अनुमतियों पर अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां 15 सितम्बर तक कोई भी नया कार्य शुरू न किया जाए।

यूयूएसडीए को चेतावनी:

यूयूएसडीए के अधिकारियों को आयुक्त ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे निर्माण कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूरा करें और खोदी गई सड़कों की मरम्मत भी समय से करें। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद इन स्थलों का मौका निरीक्षण किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

94 मार्गों पर निर्माण कार्य से प्रभावित:

बैठक में जानकारी दी गई कि देहरादून शहर में 94 मार्गों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिनमें से:

  • 55 मार्गों पर कार्य पूर्ण हो चुका है
  • 31 मार्गों पर कार्य प्रगति पर है
  • 08 मार्गों पर कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हुआ है

आयुक्त ने निर्देश दिए कि जहां कार्य पूर्ण हो चुके हैं वहां सड़कों का गुणवत्तापूर्वक समतलीकरण करें, और जहां कार्य प्रगति पर हैं वहां शीघ्रता से कार्य पूरा करें। जिन मार्गों पर कार्य शुरू नहीं हुआ है वहां 15 सितम्बर के बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाए।

विधायक ने उठाया पेयजल लाइन क्षति का मुद्दा:

विधायक रायपुर उमेश शर्मा काऊ ने अपने क्षेत्र में निर्माण कार्यों के दौरान पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा उठाया। इस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यदि किसी योजना को नुकसान पहुंचता है तो तत्काल उसकी मरम्मत की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी शिकायतें मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

यह समीक्षा बैठक देहरादून शहर में चल रहे विकास कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जनहित में सुरक्षित रूप से पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम रही।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर, जिला प्रशासन का राशन व आयुष्मान कार्ड माफियाओं पर करारा प्रहार

राज्य में पहली बार, राशन कार्ड व आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़े पर जिला प्रशासन की कड़ी कार्यवाही बनी नजीर

देहरादून, 05 जुलाई 2025 — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में देहरादून जिला प्रशासन ने राशन और आयुष्मान कार्ड माफियाओं पर अब तक की सबसे सख्त कार्यवाही करते हुए एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया है। जनमानस के अधिकारों पर डाका डालने वाले माफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि इस प्रकार की अनियमितताओं को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा अपात्र व्यक्तियों के नाम पर बने राशन व आयुष्मान कार्डों की शिकायतों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए व्यापक स्तर पर जांच और सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान 136,676 निष्क्रिय राशन कार्डों से बनाए गए 9,428 आयुष्मान कार्ड पकड़े गए, जबकि 3,323 राशन कार्ड फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए पाए गए।

इन मामलों में नगर कोतवाली एवं थाना राजपुर रोड में भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(2), 336(3) व धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही 9428 आयुष्मान कार्डों और 3323 राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया है।

प्रशासन की निर्णायक कार्यवाही:

  • 3323 राशन कार्ड गलत दस्तावेजों के आधार पर पाए जाने पर निरस्त
  • 136676 निष्क्रिय राशन कार्डों से बने 9428 आयुष्मान कार्ड निष्क्रिय घोषित
  • राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज, माफियाओं की भूमिका की जांच जारी
  • 387954 राशन कार्डों में से 75576 सत्यापित, सत्यापन प्रक्रिया तेजी से जारी
  • राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा 9428 आयुष्मान कार्डों को किया गया निष्क्रिय

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई एक उदाहरण है कि शासन-प्रशासन आम जनता के हकों की रक्षा के लिए किस हद तक प्रतिबद्ध है। यह राज्य का पहला मामला है जिसमें राशन और आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़े पर इतनी सख्ती दिखाई गई है।

प्रशासन अब इस फर्जीवाड़े से जुड़े संभावित गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की दिशा में अग्रसर है। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि सभी दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

यह अभियान दर्शाता है कि जिला प्रशासन कर्तव्यपथ पर अडिग है और जनहित से जुड़ी योजनाओं में अनियमितता बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।