Monday, July 27, 2026
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भक्तिभाव और उल्लास के साथ शुरू हुई जगन्नाथ स्नान यात्रा, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

पुरी, ओडिशा – विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में आज से भगवान जगन्नाथ की स्नान यात्रा का शुभारंभ हो गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में एकत्र हुए और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के पवित्र स्नान पर्व के साक्षी बने।

स्नान यात्रा हर वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है, जिसमें भगवान को 108 कलशों के जल से स्नान कराया जाता है। इस विशेष अनुष्ठान के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को ‘स्नान मंडप’ में लाकर सार्वजनिक रूप से स्नान कराया जाता है। इसे भगवान की सार्वजनिक दर्शन की पहली झलक भी माना जाता है।

स्नान के पश्चात भगवानों को ‘अनसारा’ काल में रखा जाएगा, जहां वे 15 दिन तक विश्राम करेंगे। इसके बाद वे रथ यात्रा के लिए तैयार होंगे, जो कि इस महीने के अंत में आयोजित की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने विशेष इंतजाम किए हैं। भारी संख्या में पुलिस बल और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

श्रद्धालु इस स्नान यात्रा को ईश्वर से जुड़ने का विशेष अवसर मानते हैं और अपने परिवार के कल्याण की कामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।

मोदी सरकार के 11 साल: विकास, बदलाव और चुनौतियों का सफर

नई दिल्ली। 26 मई 2025 को नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने 11 वर्ष पूरे कर लिए। वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता संभालने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए, जिनका देश के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा असर पड़ा।

इन 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, जन-धन योजना, आयुष्मान भारत और आत्मनिर्भर भारत जैसी अनेक योजनाओं के जरिए देश के विकास की नई इबारत लिखी। साथ ही, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, तीन तलाक पर कानून, राम मंदिर निर्माण और नागरिकता संशोधन कानून जैसे बड़े निर्णयों ने राजनीतिक बहसों को भी जन्म दिया।

मोदी सरकार ने वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत किया और कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की आवाज को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदा में भी भारत ने वैक्सीन निर्माण और वितरण में अग्रणी भूमिका निभाई।

हालांकि सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, कृषि कानूनों को लेकर विरोध और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर सवाल जैसे मुद्दों पर विपक्ष और सामाजिक संगठनों से आलोचना भी झेलनी पड़ी।

11 साल बाद भी नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में गिरावट नहीं आई है और वर्ष 2024 के आम चुनावों में एक बार फिर भाजपा की ऐतिहासिक जीत ने साबित किया कि देश की बड़ी आबादी अभी भी उनके नेतृत्व पर भरोसा करती है।

अब जब मोदी सरकार तीसरे कार्यकाल में प्रवेश कर चुकी है, देशवासियों की निगाहें अगले पांच वर्षों की योजनाओं, नीतियों और बदलावों पर टिकी हैं।

गाजीपुर के ढाबे पर आत्मसमर्पण कर गिरफ्तार हुई सोनम रघुवंशी

गाजीपुर, 9 जून 2025, उत्तरी प्रदेश की पुलिस ने इंदौर की सोनम रघुवंशी को उसके गाजीपुर स्थित ढाबे पर हिरासत में लिया है। सोनम शिलांग मर्डर-मिस्ट्री केस में संदिग्ध थी, जिसमें उसके पति राजा रघुवंशी की हत्या हो गया था। सोनम साज़िश का मास्टरमाइंड मानी जाती है—इस मुठभेड़ में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है  ।

  • पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से सोनम को ढाबे पर हिरासत में लिया गया—वह “बदमाशों” से घबरा चुकी थी।
  • रिपोर्ट्स के अनुसार, तीन और आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है—ये इंडोर से लेकर मेघालय तक सोनम के साथ रहे थे और हत्या में शामिल रहे हैं।
  • प्रारंभिक पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि सोनम ने अपने पति की हत्या के लिए किलर्स को दी सुपारी।
  • गाजीपुर में एक ढाबे के मालिक ने बताया कि सोनम रात 1 बजे वहाँ पहुंची और घबराई हुई हालत में मदद माँगी—उसके फोन कॉल्स व मोबाइल रिकॉर्ड अब जांच में शामिल हैं।

देश में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण का खतरा धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, देश भर में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या 6,133 हो गई है, जबकि पिछले 24 घंटों में 6 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है।

महत्वपूर्ण आंकड़े:

  • कुल सक्रिय केस: 6,133
  • पिछले 24 घंटे में मौतें: 6
  • नई संक्रमित संख्या: लगभग 769
  • इस साल अब तक कुल मौतें: 65 से अधिक

राज्यवार स्थिति:

  • केरल: सर्वाधिक सक्रिय मामले, लगभग 1,950
  • गुजरात: दूसरे स्थान पर, 822 सक्रिय केस
  • दिल्ली और महाराष्ट्र: मामूली वृद्धि, लेकिन सतर्कता बढ़ाई गई है

संक्रमण के कारण:

विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि मुख्यतः ओमिक्रॉन के उप-संस्करणों (जैसे NB.1.8.1, JN.1.7) की वजह से हो रही है। ये वैरिएंट तेजी से फैलने वाले हैं, लेकिन गंभीरता कम है।

सरकारी कार्रवाई:

  • केंद्र सरकार ने राज्यों को अस्पतालों में मॉक ड्रिल और स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।
  • ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय ने टेस्टिंग, ट्रैकिंग और वैक्सीनेशन पर जोर दिया है।
  • जीनोम सिक्वेंसिंग के ज़रिए नए वैरिएंट्स पर नजर रखी जा रही है।

स्वास्थ्य सलाह:

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि वे:

  • सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें
  • भीड़भाड़ से बचें
  • कोविड का टीका और बूस्टर डोज़ समय पर लगवाएं
  • लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाएं

हालांकि वर्तमान में कोरोना की स्थिति पूरी तरह से भयावह नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ते मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संक्रमण से बचाव के लिए जनता को पहले की तरह ही सतर्कता और सावधानी बनाए रखनी होगी।

हेलिकॉप्टर हादसा: केदारनाथ में कार पर गिरा हेलिकॉप्टर, बाल-बाल बचे लोग

केदारनाथ, 7 जून 2025 — उत्तराखंड के पवित्र तीर्थस्थल केदारनाथ में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एक हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते नियंत्रण खो बैठा और मंदिर मार्ग पर खड़ी एक कार पर गिर गया। हादसे के समय हेलिकॉप्टर में पायलट समेत कुल 6 लोग सवार थे।

गनीमत यह रही कि हेलिकॉप्टर ज़मीन पर गिरने से पहले ही काफी हद तक रफ्तार कम हो चुकी थी, जिससे बड़ा नुकसान नहीं हुआ। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन उसमें कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। हेलिकॉप्टर में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं, हालांकि एक पायलट को हल्की चोटें आई हैं जिन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गई।

प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में तकनीकी खराबी को दुर्घटना की वजह बताया गया है। मौके पर राहत और बचाव दल ने तेजी से कार्रवाई कर स्थिति को संभाल लिया।

पुलिस व प्रशासन ने यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करें। केदारनाथ यात्रा फिलहाल सामान्य रूप से जारी है।

मसूरी में पर्यटकों का सैलाब, देहरादून से पहुंचने में लग रहे ढाई से तीन घंटे; जाम से बेहाल यात्री

उत्तराखंड की प्रसिद्ध हिल स्टेशन मसूरी में इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे देहरादून-मसूरी मार्ग पर भीषण जाम की स्थिति बन गई है। सप्ताहांत और छुट्टियों के चलते हजारों की संख्या में पर्यटक मसूरी का रुख कर रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।

देहरादून से मसूरी की सामान्य यात्रा, जो आमतौर पर एक से डेढ़ घंटे में पूरी होती है, अब ढाई से तीन घंटे तक खिंच रही है। मसूरी-देहरादून मार्ग पर गलोगी पावर हाउस के पास लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

देहरादून पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष योजना बनाई है। एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने वीकेंड पर ग्राउंड जीरो पर उतरकर डायवर्जन प्वाइंट्स और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने कटों को अस्थाई रूप से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, वीकेंड्स पर शहर में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों को दिन के समय शहर के बाहरी मार्गों पर रोकने के निर्देश दिए गए हैं। 

पर्यटकों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट्स की जानकारी लें और संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। स्थानीय प्रशासन ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मास्क पहनने और कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन करने की सलाह दी है।

मसूरी की यात्रा पर निकलने से पहले, पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे ट्रैफिक और मौसम की जानकारी प्राप्त करें और यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं।

अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए नहीं दौड़ने होंगे 20 किलोमीटर, आरटीओ में बने ट्रैक पर होगा टेस्ट

देहरादून 07 जून 2025: ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने वालों के लिए राहत भरी खबर है। अब आवेदकों को टेस्ट देने के लिए 20 किलोमीटर दूर तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परिवहन विभाग ने आरटीओ कार्यालय परिसर में ही ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तैयार कर लिया है, जहां अब सभी लाइसेंस परीक्षाएं संपन्न होंगी।

पहले आवेदकों को टेस्ट के लिए शहर से दूर स्थित टेस्टिंग ट्रैक पर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होता था। लेकिन अब नए ट्रैक के निर्माण के बाद यह प्रक्रिया अधिक आसान, पारदर्शी और सुगम हो गई है।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस ट्रैक पर दोपहिया, तिपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग लेन और पैटर्न बनाए गए हैं। ट्रैक पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से लैस है, जिसमें कैमरा निगरानी और सेंसर आधारित मूल्यांकन की व्यवस्था भी होगी।

इस पहल का उद्देश्य न केवल प्रक्रिया को सरल बनाना है, बल्कि फर्जी लाइसेंस पर भी लगाम लगाना है। अधिकारी अब ट्रैक पर आवेदकों की वास्तविक ड्राइविंग क्षमता का परीक्षण कर सकेंगे।

जनता की प्रतिक्रिया:

लाइसेंस बनवाने आए आवेदकों ने नई व्यवस्था की सराहना की है और कहा है कि इससे समय की बचत होगी और बिना किसी दलाल के प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

परिवहन विभाग का संदेश:

“हमारा प्रयास है कि जनता को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं मिलें। नई व्यवस्था से ईमानदारी से लाइसेंस पाने वालों को लाभ होगा, और सड़क सुरक्षा में भी सुधार आएगा।”

चारधाम और वैष्णो देवी से लौटे श्रद्धालु समेत 30 में से 23 कोरोना मरीज उत्तराखंड के निकले

देश में धार्मिक स्थलों से लौट रहे यात्रियों के बीच कोरोना संक्रमण के मामले फिर से चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। ताजा रिपोर्ट में सामने आया है कि चारधाम और वैष्णो देवी यात्रा से लौटे तीन श्रद्धालुओं समेत कुल 30 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिनमें से 23 मरीज उत्तराखंड के रहने वाले हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संक्रमितों में अधिकांश हाल ही में चारधाम यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ वैष्णो देवी से लौटे थे। रिपोर्ट आने के बाद इन सभी को आइसोलेशन में रखा गया है और उनके संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड में एक बार फिर संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं, जो कि चिंता का विषय है। धार्मिक यात्राओं में भीड़ और मौसम में बदलाव के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।

इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग, टेस्टिंग और मॉनिटरिंग को तेज कर दिया गया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे कोविड गाइडलाइन का पालन करें, मास्क पहनें और लक्षण दिखने पर तत्काल जांच करवाएं।

स्वास्थ्य विभाग की अपील:

“धार्मिक आस्था के साथ-साथ सतर्कता भी ज़रूरी है। सभी श्रद्धालु यात्रा से पहले और लौटने के बाद अपनी जांच अवश्य करवाएं।”

गाज़ा में बिका भारत का 5 रुपये वाला पारले-जी बिस्किट 2345 रुपये में, युद्ध के बीच जीवन-जरूरतों की कीमतें आसमान पर

गाज़ा पट्टी में जारी संघर्ष और मानवीय संकट के बीच भारत का एक साधारण 5 रुपये का पारले-जी बिस्किट पैकेट 2345 रुपये में बिकने की ख़बर ने सभी को चौंका दिया है। युद्धग्रस्त इलाक़े में जरूरी वस्तुओं की भारी किल्लत और आपूर्ति ठप होने से खाद्य सामग्री की कीमतें बेतहाशा बढ़ गई हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाज़ा में जीवन-जरूरतों की वस्तुएं दुर्लभ होती जा रही हैं। इसी के चलते अंतरराष्ट्रीय सहायता से पहुंचे सीमित राहत सामानों में पारले-जी जैसे उत्पाद ब्लैक मार्केट में कई गुना महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं।

भारत में रोजमर्रा के नाश्ते का हिस्सा माना जाने वाला पारले-जी बिस्किट जहां मात्र ₹5 में उपलब्ध होता है, वहीं गाज़ा में इसकी कीमत 2345 रुपये (लगभग 28 डॉलर) तक पहुंच गई है। यह स्थिति न केवल संघर्ष की भयावहता को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य वस्तुएं भी विलासिता बन जाती हैं।

समाज, तकनीक और शिक्षा में विकास की नई इबारत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में सचिवालय में तीन महत्वपूर्ण समझौते

उत्तराखंड में सामाजिक, तकनीकी और शैक्षणिक क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में तीन महत्वपूर्ण समझौते किए गए।

राज्य सरकार, सेतु आयोग और टाटा ट्रस्ट के बीच हुए पहले समझौते के तहत अगले 10 वर्षों तक जल प्रबंधन, पोषण, टेलीमेडिसिन, ग्रामीण आजीविका और ग्रीन एनर्जी जैसे सामाजिक विकास के क्षेत्रों में मिलकर काम किया जाएगा। यह समझौता राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास और जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

दूसरे समझौते में नैस्कॉम/आईटी-आईटीईएस सेक्टर स्किल काउंसिल, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग और सेतु आयोग के बीच त्रिपक्षीय करार हुआ, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड को भारत के डिजिटल टैलेंट हब के रूप में विकसित करना है। इस पहल के तहत प्रदेश के सभी सरकारी और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में फ्यूचर स्किल्स प्राइम प्लेटफॉर्म से जुड़े कोर्सेस को शैक्षणिक क्रेडिट के साथ लागू किया जाएगा। प्रत्येक जिले में एक मॉडल कॉलेज को ‘मेंटर संस्थान’ के रूप में भी विकसित किया जाएगा। इससे लगभग 1.5 लाख छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, पायथन, डाटा साइंस जैसे भविष्य की तकनीकों में प्रशिक्षण मिलेगा।

तीसरा समझौता वाधवानी फाउंडेशन के साथ किया गया, जिसके अंतर्गत राज्य के सभी सरकारी महाविद्यालयों में एआई आधारित व्यक्तित्व विकास और स्वरोजगार आधारित कोर्सेस को लागू किया जाएगा। तीन वर्षों के लिए किए गए इस करार से लगभग 1.20 लाख छात्रों को रोजगारपरक और आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन तीनों समझौतों को उत्तराखंड के समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा, “राज्य को डिजिटल टैलेंट, आधुनिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण का केंद्र बनाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। ये समझौते राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।”

मुख्यमंत्री ने टाटा ट्रस्ट, नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड को एआई और साइबर सुरक्षा के आधुनिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए यह साझेदारी बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी, मुख्य सचिव आनंद  बर्द्धन, टाटा ट्रस्ट के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा, नैस्कॉम स्किल काउंसिल की सीईओ अभिलाषा गौड़, वाधवानी फाउंडेशन के ईवीपी सुनील दहिया सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

उत्तराखंड अब टेक्नोलॉजी, कौशल और सामाजिक नवाचार का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।