Tuesday, March 3, 2026
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सीएम धामी हरिद्वार में एक्शन मोड में, चौपाल में सुनीं समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत आयोजित “मुख्य सेवक की चौपाल” कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच बैठकर सीधे संवाद किया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अब फाइलों में नहीं बल्कि मैदान में काम करेगी।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न ग्रामों के प्रधानों और स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि सभी प्राप्त प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण किया जाए और कोई भी जनसमस्या लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर देरी या लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुख्य सेवक की चौपाल” केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रमाण है। सरकार का उद्देश्य है कि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सरकार हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत डेढ़ माह में लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान सरकार और जनता के बीच विश्वास का सशक्त सेतु बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार, स्वरोजगार, किसानों की आय वृद्धि, आधारभूत सुविधाओं के विकास और समान नागरिक संहिता लागू किए जाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में चलेगा व्यापक सत्यापन अभियान, संदिग्धों व अवैध विदेशी नागरिकों पर होगी सख्त कार्रवाई: डीजीपी

देहरादून (प्रेस विज्ञप्ति) — मुख्यालय, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड से जारी निर्देशों के तहत प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।

दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड पुलिस के निर्देशानुसार यह विशेष अभियान प्रदेश के सभी जनपदों में सर्किल, थाना एवं चौकी स्तर पर संचालित किया जाएगा।

अभियान के अंतर्गत मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स, आश्रम, धर्मशालाएं, किराये के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल एवं गेस्ट हाउस में निवासरत व्यक्तियों का सत्यापन किया जाएगा। प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट एवं ब्रोकर का भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए उनके माध्यम से कराए गए किरायेदारी अनुबंधों की जांच की जाएगी। बिना पुलिस सत्यापन किरायेदारी कराने अथवा संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय देने पर विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

होम डिलीवरी सेवाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ, कैब संचालकों तथा इंडस्ट्रियल एरिया में कार्यरत ठेकेदारों का विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कार्मिकों की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।

अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान हेतु आधुनिक तकनीकी साधनों एवं केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा। NATGRID, CCTNS और ICJS जैसे सुरक्षा पोर्टलों के माध्यम से सूचनाओं का मिलान एवं विश्लेषण किया जाएगा।

अवैध रूप से निवास कर रहे प्रवासियों, विशेष रूप से अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशी नागरिकों तथा वीज़ा अवधि समाप्त होने के बावजूद ठहरे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश के रिहायशी क्षेत्रों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर, कोचिंग संस्थानों, जिम, स्कूल, विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों और अन्य प्रतिष्ठानों में हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और कार्यशीलता की जांच की जाएगी। तैनात सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन कर आवश्यक सुरक्षा ब्रीफिंग भी दी जाएगी।

साथ ही एकल एवं वरिष्ठ नागरिकों का चिन्हीकरण कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा तथा उनके यहां कार्यरत घरेलू सहायकों, केयर-टेकर, ड्राइवर और अन्य सहयोगी कार्मिकों का अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा।

अभियान के दौरान जनपदीय पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई, एसओजी और एसटीएफ द्वारा समन्वित रूप से कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष फील्ड टीमों का गठन किया गया है और CO से लेकर IG रेंज स्तर तक नियमित समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यह व्यापक अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे अभियान की मॉनिटरिंग के साथ हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है और आपराधिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा।

खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं के नए चैम्बर का लोकार्पण, मुख्यमंत्री ने 20 और चैंबर निर्माण की घोषणा की

खटीमा, 15 फरवरी 2026— माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर खटीमा सिविल न्यायालय में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर लोकार्पण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को महाशिवरात्रि पर्व तथा नए चैम्बर के निर्माण पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नया चैम्बर अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक विमर्श और विधि अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, जिससे न्यायिक कार्यों में सरलता और तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू की गई है, जिससे न्याय प्रणाली अधिक सुदृढ़ हुई है।

उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड, फास्ट ट्रैक और स्पेशल कोर्ट, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, ऑनलाइन सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों से न्याय व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और सुलभ बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में देशभर में लगभग 7 हजार से अधिक न्यायालय भवनों और 11 हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण और विधि शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं तथा खटीमा का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैंबरों के निर्माण हेतु 2 करोड़ 50 लाख रुपये देने की घोषणा की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, जिला जज सिकंद कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिला जज मंजू सिंह मुंडे, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव भरत पांडे सहित अधिवक्तागण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

खटीमा में महाशिवरात्रि मेले का भव्य शुभारम्भ, मुख्यमंत्री ने की मंदिर विकास की घोषणा

खटीमा, 15 फरवरी 2026 — सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के वनखंडी महादेव मंदिर, चकरपुर में आयोजित महाशिवरात्रि मेले का फीता काटकर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने वनखंडी महादेव मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और उन्नति की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वनखंडी महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है, इसलिए कार्ययोजना बनाकर मंदिर क्षेत्र का समुचित विकास किया जाएगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश जोशी, गंभीर सिंह धामी, गोपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

उधमसिंह नगर कार्निवाल सरस आजीविका मेला-2026 का शुभारम्भ, सीएम धामी ने 295.21 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रुद्रपुर स्थित गांधी पार्क में भव्य उधमसिंह नगर कार्निवाल सरस आजीविका मेला-2026 का फीता काटकर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने 295.21 करोड़ रुपये लागत की 61 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने 123.91 करोड़ रुपये की लागत से 26 विकास कार्यों का लोकार्पण किया, जिनमें चिकित्सा, लोक निर्माण, नगर निगम, पशुपालन, सिंचाई, खेल, शिक्षा और अन्य विभागों की परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा 171.30 करोड़ रुपये की लागत के 35 विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें मानसखंड कॉरिडोर के अंतर्गत गोल्ज्यू मंदिर, शिव मंदिर और नीलकंठ धाम को जोड़ते हुए शिव प्रतिमा स्थापना, पर्यावरण मित्रों के लिए आवास निर्माण, प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण तथा गुरु चांद ठाकुर स्मृति सहायता कोष को 2 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करना शामिल है।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने त्रिशूल चौक का लोकार्पण किया और कांवड़ियों का पैर पखारकर उनका सम्मान किया। इसके बाद वे शिव बारात में शामिल हुए, जहां विभिन्न संगठनों और नागरिकों ने उनका पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रुद्रपुर बाईपास, चार लेन सड़कों, रेलवे स्टेशन आधुनिकीकरण, मास्टर ड्रेनेज योजना, बायोगैस प्लांट, कूड़ा प्रबंधन संयंत्र तथा एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर जैसी कई बड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण, रोजगार सृजन, किसानों के सशक्तिकरण और पारदर्शी प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरस मेले के विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और स्वयं हस्तशिल्प गतिविधियों में भी भाग लिया।

इस अवसर पर सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान से मजबूत हुआ जनविश्वास, लाखों नागरिकों को मिला सीधा लाभ

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान निरंतर जनसेवा और सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। यह अभियान राज्य सरकार की पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील कार्यशैली का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है।

प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित शिविरों के माध्यम से अब तक 622 कैंपों का सफल आयोजन किया जा चुका है। 12 फरवरी 2026 को प्रदेश में 8 कैंप आयोजित किए गए, जिनमें 3,939 नागरिकों ने प्रतिभाग किया। अभियान की शुरुआत से अब तक कुल 4,84,023 से अधिक नागरिक इन कैंपों में शामिल होकर अपनी समस्याएं, सुझाव और आवेदन प्रस्तुत कर चुके हैं।

शिकायतों का त्वरित निस्तारण – सरकार की प्राथमिकता

अभियान के अंतर्गत प्राप्त जनशिकायतों पर तेजी से कार्यवाही की जा रही है। अब तक कुल 47,759 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 32,176 शिकायतों का प्रभावी निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार केवल शिकायतें सुन ही नहीं रही, बल्कि समयबद्ध समाधान भी सुनिश्चित कर रही है।

प्रमाण पत्र वितरण एवं सेवाओं में तेजी

कैंपों के माध्यम से विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए 68,101 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आय, जाति, निवास सहित अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों का निर्गमन शिविरों में ही सरल और सुगम बनाया गया है, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

योजनाओं का सीधा लाभ – अंतिम व्यक्ति तक पहुंच

राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से अब तक 2,89,055 से अधिक नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जा चुका है। यह सरकार की प्रतिबद्धता और प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण माना जा रहा है।

सुशासन का सशक्त मॉडल

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान मुख्यमंत्री की उस कार्यशैली को दर्शाता है, जिसमें सरकार जनता के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करती है। यह पहल उत्तराखंड में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परंपरा स्थापित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रशासनिक सेवाओं को सरल, सुगम और जनहितकारी बनाते हुए “सरकार आपके द्वार” की अवधारणा को पूरी तरह साकार करना है।

आवास एवं शहरी विकास विभाग में सुधारों पर केंद्र से 264.5 करोड़ की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाले गुड गवर्नेंस मॉडल को केंद्र सरकार ने फिर सराहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा आवास एवं शहरी विकास विभाग में लागू किए गए विभिन्न सुधारों के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को 264.5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री धामी ने इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह राशि राज्य में शहरी विकास को नई गति प्रदान करेगी।

केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा राज्यों को शहरी एवं आवास क्षेत्र से जुड़े नीतिगत सुधार लागू करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं सुधारों के सफल क्रियान्वयन के तहत मंत्रालय ने “स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट 2025–26” के अंतर्गत उत्तराखंड को यह प्रोत्साहन राशि प्रदान की है।

इस प्रोत्साहन राशि के अंतर्गत शहरी विकास विभाग को जीआईएस आधारित यूटिलिटी मैपिंग (सीवर, पेयजल एवं ड्रेनेज कार्य) के लिए 3 करोड़ रुपये, सरकारी भूमि एवं भवनों की मैपिंग हेतु 6.5 करोड़ रुपये, तथा नगर निकायों के स्तर पर आय के स्रोत बढ़ाने के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

आवास विभाग के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

केंद्र सरकार द्वारा सबसे अधिक प्रोत्साहन राशि आवास विभाग के अंतर्गत किए गए सुधारों के लिए स्वीकृत की गई है। अर्बन लैंड एंड प्लानिंग रिफॉर्म के तहत उत्तराखंड आवास विभाग द्वारा टाउन प्लानिंग स्कीम एवं लैंड पूलिंग स्कीम के नियम लागू किए गए, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त पुराने शहरी क्षेत्रों के पुनरुद्धार कार्यक्रम के लिए 140 करोड़ रुपये तथा बिल्डिंग बायलॉज में ग्रीन बिल्डिंग मानकों के क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि आवास विभाग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को किफायती आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार केंद्र सरकार के सभी दिशा-निर्देशों को पूरी निष्ठा के साथ लागू कर रही है। इसी क्रम में आवास एवं शहरी विकास विभाग में किए गए सुधारों पर यह 264.5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है। इससे पूर्व खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए भी केंद्र सरकार से 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो चुकी है। इन उपलब्धियों के साथ उत्तराखंड देश के सामने गुड गवर्नेंस के एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है।

आधुनिक तकनीक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण पर यूसैक में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

देहरादून |  उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक) के सभागार में आज आधुनिक तकनीक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं को अंतरिक्ष तकनीक RS/GIS, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं ड्रोन तकनीक जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उन्हें शैक्षणिक एवं व्यावसायिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, यूसैक के निदेशक एवं यौकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, पूर्व निदेशक वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान डॉ. मीरा तिवारी, शिक्षाविद प्रो. रीमा पंत एवं वैज्ञानिक डॉ. पूनम गुप्ता द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

कार्यशाला में यूसैक की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण रानी ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए RS/GIS, AI एवं ड्रोन तकनीक के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ये तकनीकें महिलाओं को रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर प्रदान कर रही हैं।

यूसैक के निदेशक एवं यौकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक तकनीक के माध्यम से महिलाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और नेतृत्व के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, इंटरनेट, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ने महिलाओं को नई पहचान और आत्मनिर्भरता प्रदान की है। AI आधारित प्लेटफॉर्म, मोबाइल हेल्थ ऐप्स, टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन परामर्श और सुरक्षा ऐप्स महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सुदृढ़ कर रहे हैं।

मुख्य अतिथि कुसुम कंडवाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का तात्पर्य महिलाओं को निर्णय निर्माण, नेतृत्व और शासन के प्रत्येक स्तर पर समान अवसर, अधिकार और संसाधन उपलब्ध कराना है। प्रशासनिक सेवाओं एवं नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से शासन की गुणवत्ता, संवेदनशीलता और प्रभावशीलता में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल मंच महिलाओं के अधिकारों, समस्याओं और उपलब्धियों को मुखर रूप से सामने लाने का सशक्त माध्यम बन गए हैं।

कार्यशाला के अति विशिष्ट अतिथि, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता दिलीप ताहिल ने कहा कि तकनीकी विकास ने फिल्म जगत में भी महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिजिटल कैमरा, एडिटिंग सॉफ्टवेयर, वीएफएक्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने महिलाओं को निर्देशक, लेखक, सिनेमेटोग्राफर और निर्माता के रूप में नए अवसर प्रदान किए हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने उनकी आवाज को वैश्विक पहचान दिलाई है।

विशिष्ट अतिथि वैज्ञानिक डॉ. पूनम गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, डिजिटल क्लासरूम और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सरल हुई है। दूर-दराज क्षेत्रों की महिलाएं भी अब घर बैठे कौशल विकास और उच्च शिक्षा प्राप्त कर पा रही हैं।

शिक्षाविद प्रो. रीमा पंत ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म महिलाओं को अपनी आवाज उठाने, नेटवर्क बनाने और नेतृत्व में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। ई-गवर्नेंस और सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाएं नीति निर्माण और सामाजिक परिवर्तन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि समान पहुंच, प्रशिक्षण और सुरक्षा सुनिश्चित होने पर तकनीक महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी कुंजी बन सकती है।

कार्यशाला में डीएवी पीजी कॉलेज की एनसीसी छात्राएं, महिला प्रौद्योगिकी संस्थान, देहरादून की छात्राएं, यूसैक के वैज्ञानिक, शोधार्थी एवं कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नीलम रावत द्वारा प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर डीएवी पीजी कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर लेफ्टिनेंट डॉ. अर्चना पाल, महिला प्रौद्योगिकी संस्थान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंशुल, यूसैक के वैज्ञानिक प्रियदर्शी उपाध्याय, डॉ. आशा थपलियाल, डॉ. गजेन्द्र सिंह, शशांक लिंगवाल, पुष्कर सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आर.एस. मेहता, जनसंपर्क अधिकारी सुधाकर भट्ट, देवेश कपरवान, सौरभ डंगवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सुशासन का सशक्त मॉडल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित सेवा वितरण का एक प्रभावी एवं जन-केंद्रित मॉडल बनकर उभरा है। इस अभिनव पहल के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रही है, जिससे प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास और संवाद की नई परंपरा स्थापित हुई है।

अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों में नियमित रूप से जनसेवा शिविरों (कैंपों) का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को प्रशासनिक सेवाएं, शिकायत निवारण, विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

अभियान की प्रगति एवं उपलब्धियाँ:

अब तक प्रदेश भर में कुल 589 जनसेवा कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें से 08 कैंप 07 फरवरी 2026 को आयोजित किए गए। इन कैंपों में कुल 4,63,956 नागरिकों ने सहभागिता की, जबकि 07 फरवरी को आयोजित कैंपों में 4,237 नागरिकों ने भाग लिया।

अभियान के तहत नागरिकों से प्राप्त शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक कुल 45,601 शिकायत/प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 30,723 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़े सरकार की संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

प्रमाण पत्र एवं योजनाओं का लाभ:

“जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों हेतु भी आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। अब तक कुल 65,528 प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

साथ ही, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से अब तक 2,58,056 नागरिकों को लाभान्वित किया जा चुका है। इससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान इसी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसमें प्रशासन स्वयं जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रदेश में लोक विश्वास को सुदृढ़ करने, भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने और सेवाओं की सरल एवं सुगम पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

सुशासन की ओर सशक्त कदम:

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने यह सिद्ध कर दिया है कि उत्तराखंड सरकार संवाद, सेवा और समाधान के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह अभियान प्रदेश को सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनहितकारी नीतियों की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर फिल्म ‘गोदान’ को उत्तराखंड में टैक्स फ्री, शासनादेश जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर किसान परंपरा, ग्रामीण जीवन और गोवंश के महत्व पर आधारित फिल्म ‘गोदान’ को उत्तराखंड राज्य में टैक्स फ्री कर दिया गया है। इस संबंध में शासन द्वारा औपचारिक शासनादेश जारी कर दिया गया है, जिसके साथ ही यह निर्णय प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

फिल्म ‘गोदान’ 06 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म भारतीय संस्कृति, ग्रामीण परिवेश और किसान जीवन की संवेदनशील झलक प्रस्तुत करती है तथा समाज को अपनी परंपराओं, मूल्यों और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का सशक्त संदेश देती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गाय केवल धर्म और आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक ताने-बाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की फिल्में समाज में सकारात्मक सोच, संवेदनशीलता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देती हैं, इसलिए ऐसे रचनात्मक प्रयासों को प्रोत्साहन दिया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार गोवंश संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में गोसदनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश की समुचित देखभाल सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही गोपालकों और पशुपालकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनहित से जुड़े विषयों पर आधारित फिल्मों और रचनात्मक प्रयासों को भविष्य में भी निरंतर प्रोत्साहन देती रहेगी, ताकि संस्कृति, परंपरा और समाज के मूल्यों को सशक्त बनाया जा सके।