Friday, July 17, 2026
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योग की गूंज से महका सिटी फॉरेस्ट पार्क, 1000 से अधिक लोगों ने किया सामूहिक योग

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने किया योग, बोले- स्वस्थ समाज की सबसे बड़ी ताकत है योग

एमडीडीए के सिटी फॉरेस्ट पार्क से उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस हब बनाने का संदेश, डिजिटल फीडबैक सिस्टम भी होगा शुरू

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देहरादून का एमडीडीए सिटी फॉरेस्ट पार्क योग, प्रकृति और जनभागीदारी का भव्य केंद्र बन गया। हरियाली से घिरे पार्क में सुबह की ताज़ी हवा और पक्षियों की चहचहाहट के बीच 1000 से अधिक लोगों ने एक साथ योग, प्राणायाम और ध्यान कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ उत्तराखंड के निर्माण का संदेश दिया।

कार्यक्रम के समापन पर एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने योग प्रशिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया और समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में उनके योगदान की सराहना की।

प्रकृति की गोद में योग का अनूठा अनुभव

इस वर्ष योग दिवस को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ा गया। प्रतिभागियों को योग के वैज्ञानिक लाभों की जानकारी दी गई और नियमित योग को तनावमुक्त, संतुलित एवं स्वस्थ जीवन का आधार बताया गया। प्राकृतिक वातावरण में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम भी है।

योग भारत की अमूल्य धरोहर : आनंद बर्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि योग भारत की सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के करोड़ों लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

उत्तराखंड बनेगा वैश्विक योग एवं वेलनेस डेस्टिनेशन : बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, तप और आध्यात्मिक साधना की भूमि रही है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क जैसे सार्वजनिक स्थलों को स्वास्थ्य और जनकल्याण से जोड़कर लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।

सिटी फॉरेस्ट पार्क बनेगा स्मार्ट और जनहितैषी

योग कार्यक्रम के बाद मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सिटी फॉरेस्ट पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने चिल्ड्रन पार्क, कैफेटेरिया, साइकिल ट्रैक, थ्री-डी मूवी थिएटर, सोलर प्लांट, नर्सरी, ओपन जिम, ओपन थिएटर और ईवी चार्जिंग स्टेशन सहित विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को पार्क में आने वाले लोगों की राय जानने के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल फीडबैक सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक और जनभागीदारी के माध्यम से सार्वजनिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही पार्क की स्वच्छता, हरित क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण की व्यवस्थाओं की भी सराहना की।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्य सचिव के सभी सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा, जिससे सिटी फॉरेस्ट पार्क को देहरादून के सबसे आधुनिक, सुविधायुक्त और जनहितैषी सार्वजनिक स्थलों में शामिल किया जा सके।

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि योग दिवस में लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी प्रेरणादायक रही। भविष्य में भी पार्क में स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें।

उत्तराखंड में रेलवे विस्तार को मिलेगी नई रफ्तार, मुख्यमंत्री धामी ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन के साथ की उच्चस्तरीय बैठक

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना समय पर पूरी करने के निर्देश, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन पर नवंबर 2026 तक ठोस प्रगति की उम्मीद

कुंभ और कांवड़ यात्रा को देखते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर

देहरादून। उत्तराखंड में रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री सतीश कुमार के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में राज्य की प्रमुख रेल परियोजनाओं, रेलवे अवसंरचना के विस्तार और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मजबूत रेलवे कनेक्टिविटी राज्य के विकास, पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगी। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की सबसे महत्वपूर्ण और सामरिक परियोजनाओं में से एक बताते हुए इसके निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने से चारधाम यात्रा, विशेषकर श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक होगी।

बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने बताया कि परियोजना का सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अपेक्षा जताई कि नवंबर 2026 तक इस परियोजना पर ठोस प्रगति दिखाई दे। इसके साथ ही उन्होंने कर्णप्रयाग-बागेश्वर तथा किच्छा-खटीमा रेल परियोजनाओं को भी क्षेत्रीय संतुलित विकास और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप महत्वपूर्ण बताते हुए इन पर शीघ्र कार्यवाही आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे पर्यटन और तीर्थाटन को देखते हुए रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण समय की आवश्यकता है। उन्होंने गढ़वाल मंडल के देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की तथा कुमाऊँ मंडल के हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार और आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया।

उन्होंने आगामी कुंभ और कांवड़ मेले के दौरान यात्रियों की संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की रेलवे स्टेशनों पर विशेष सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं और यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण (डबल लाइन) की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि बैठक में जिन सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई है, उन पर रेलवे बोर्ड पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ कार्य करेगा।

बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत एवं अपर सचिव रीना जोशी भी उपस्थित रहे।

धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: चारधाम के घोड़े-खच्चरों के बीमा में सरकार देगी 20% प्रीमियम, उत्तराखंड बनेगा पूर्ण साक्षर राज्य

गौवंश नस्ल सुधार से लेकर हिमालयन कार रैली, गोल्डन कार्ड भुगतान और कारागार नियमों तक कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पशुपालन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने गौवंश नस्ल सुधार की नई योजना, चारधाम यात्रा में संचालित घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम में सरकारी सहायता, उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने सहित 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।

चारधाम यात्रा से जुड़े पशुपालकों को बड़ी राहत

कैबिनेट ने केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर संचालित पंजीकृत घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का निर्णय लिया। वर्ष 2026 की यात्रा के दौरान लगभग 15 हजार पंजीकृत अश्ववंशीय पशुओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

गौवंश नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण परियोजना

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और उच्च गुणवत्ता वाली नस्ल तैयार करने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार गौवंशीय पशुओं में भ्रूण प्रत्यारोपण (एम्ब्रियो ट्रांसफर) आधारित पायलट परियोजना को मंजूरी दी गई। इससे शुद्ध नस्ल के पशुओं का उत्पादन बढ़ेगा और दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

उत्तराखंड बनेगा पूर्ण साक्षर राज्य

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उत्तराखंड को पूर्णतः साक्षर राज्य (Fully Literate State) घोषित किए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसे शिक्षा क्षेत्र में राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

हिमालयन कार रैली से मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा

राज्य सरकार ने उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को मंजूरी दी। प्रतियोगिता में 120 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय, एशिया क्रॉस कंट्री, क्लासिक कार और भारतीय राष्ट्रीय रैली चैम्पियनशिप के प्रतिभागी शामिल होंगे।

गोल्डन कार्ड के लंबित बिलों का होगा भुगतान

राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न अस्पतालों के लंबे समय से लंबित भुगतान के लिए स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया, जिससे अस्पतालों और लाभार्थियों दोनों को राहत मिलेगी।

सड़कों के निर्माण कार्यों को राहत

बिटुमिन की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत वृद्धि को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के चल रहे बिटुमिन कार्यों में 1 मई से 30 जून 2026 तक मूल्य समायोजन (प्राइस एडजस्टमेंट) की अनुमति दी गई, ताकि सड़क निर्माण कार्य प्रभावित न हों।

युवा अभ्यर्थियों को राहत

उत्तराखंड आंदोलनकारियों के आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण से संबंधित प्रमाणपत्र दस्तावेज सत्यापन के दौरान एक बार स्वीकार करने का निर्णय लिया गया। इससे तीन प्रमुख भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा।

सेलाकुई में बनेगा अत्याधुनिक परीक्षण तंत्र

सुगंधित तेलों एवं हर्बल उत्पादों में मिलावट की जांच और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में अत्याधुनिक एएमएस (Accelerator Mass Spectrometry) मशीन के संचालन हेतु पांच विशेषज्ञ पद सृजित करने को मंजूरी दी गई।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • उपनल कर्मियों के समान कार्य के लिए समान वेतन संबंधी पात्रता तिथि में संशोधन।
  • उत्तराखंड कारागार (संशोधन) नियमावली-2026 को मंजूरी।
  • उत्तराखंड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय।
  • उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली-2026 को स्वीकृति।
  • आबकारी नीति में तकनीकी संशोधन को मंजूरी।

किशाऊ बांध परियोजना पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का जताया आभार

कैबिनेट ने वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। सरकार ने इसे उत्तराखंड के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

रिस्पना को नया जीवन देने की तैयारी, जिला प्रशासन-नगर निगम की संयुक्त मुहिम तेज

देहरादून, 17 जून 2026। राजधानी की जीवनरेखा मानी जाने वाली रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त रूप से व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। मानसून से पहले नदी की सफाई, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और नदी संरक्षण को लेकर प्रशासन ने अभियान को युद्धस्तर पर तेज कर दिया है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को राजीव नगर क्षेत्र में रिस्पना नदी में चल रहे सफाई एवं पुनरुद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान महापौर सौरभ थपलियाल और मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर सफाई कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून से पहले रिस्पना नदी की व्यापक सफाई जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि वर्षाकाल में जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे और नदी संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिल सके। उन्होंने कहा कि रिस्पना नदी को कूड़ाघर नहीं बनने दिया जाएगा तथा इसके पुनरुद्धार के लिए दीर्घकालिक और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

नगर निगम द्वारा मार्च 2026 से विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक लगभग 17 हजार मीट्रिक टन कचरा उठाया जा चुका है। निगम की ओर से बिंदाल नदी के लगभग 8 किलोमीटर और रिस्पना नदी के लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा शहर के विभिन्न नदी-नालों और जलधाराओं की भी नियमित सफाई की जा रही है।

रिस्पना नदी की सफाई के लिए नगर निगम ने 12 जेसीबी मशीनें और 15 डम्पर लगाए हैं, जिनकी मदद से नदी क्षेत्र से कूड़ा, मलबा और अन्य अवरोध हटाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम लगातार अभियान को गति दे रही है।

जिलाधिकारी ने बताया कि नमामि गंगे एवं जिला स्वच्छता समिति के माध्यम से नदी संरक्षण के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत नदी किनारे कूड़े के ढेर वाले स्थानों का चिन्हीकरण कर प्राथमिकता के आधार पर उन्हें हटाया जाएगा। साथ ही नदी में गिरने वाले बिना उपचारित (अनट्रीटेड) नालों के पानी के उपचार के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों तथा दृढ़ इच्छाशक्ति से रिस्पना नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने अभियान में सहयोग के लिए नगर निगम की सराहना करते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री, विकास योजनाओं पर हुई चर्चा

नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की तथा उनका बहुमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त किया।

बैठक में उत्तराखंड के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, सीमांत क्षेत्रों के विकास, पर्यटन, निवेश संवर्धन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न विकासात्मक और जनकल्याणकारी प्रयासों के लिए केंद्र सरकार से निरंतर मिल रहे सहयोग के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के विकास और जनहित से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रदेश के विकास को गति देने के लिए आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन, खेल जगत में शोक की लहर

नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज खिलाड़ी और प्रसिद्ध कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और उपचार के दौरान उनकी नींद में ही अचानक कार्डियक रप्चर (हृदय की गंभीर क्षति) होने से मृत्यु हो गई। उनके निधन से भारतीय खेल जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

जसपाल राणा को इस सप्ताह की शुरुआत में गंभीर हृदयाघात और अन्य कार्डियक जटिलताओं के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF विश्व कप से भारत लौट रहे थे, तभी उन्हें असहजता महसूस होने लगी। दिल्ली पहुंचते ही उन्हें सीधे साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद उनकी स्थिति में शुरुआती सुधार देखा गया। हालांकि, उपचार के दौरान नींद में ही उन्हें अचानक कार्डियक रप्चर हुआ, जिससे उनका निधन हो गया।

भारतीय निशानेबाजी में जसपाल राणा का योगदान अतुलनीय रहा है। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने एशियाई खेलों में कई स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्ड 15 पदक हासिल किए, जो भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में एक अद्वितीय उपलब्धि मानी जाती है।

खिलाड़ी जीवन के बाद उन्होंने कोच के रूप में भी भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में उन्होंने देश के कई शीर्ष पिस्टल निशानेबाजों को प्रशिक्षित किया। विशेष रूप से, उन्होंने युवा स्टार मनु भाकर का मार्गदर्शन किया, जिन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था।

जसपाल राणा के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और देशभर के खिलाड़ियों, कोचों तथा खेल प्रशासकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें भारतीय खेलों का एक महान योद्धा, प्रेरणास्रोत और उत्कृष्ट मार्गदर्शक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

उनके निधन के साथ भारतीय निशानेबाजी के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत हो गया है, लेकिन उनकी उपलब्धियां और उनके द्वारा तैयार किए गए खिलाड़ी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

हरिद्वार में फिल्म शूटिंग के दौरान विवाद, ‘बार एंड कैफे’ बोर्ड पर हिंदू संगठनों का हंगामा

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में अभिनेता इमरान हाशमी और अपारशक्ति खुराना की आगामी फिल्म की शूटिंग के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब शूटिंग स्थल पर एक मकान के बाहर ‘कैफे एंड बार’ का साइनबोर्ड लगाया गया। बोर्ड की जानकारी मिलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों, तीर्थ पुरोहितों और क्षेत्रीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार, फिल्म के एक दृश्य की शूटिंग के लिए सेट तैयार किया गया था, जिसके तहत एक भवन पर अस्थायी रूप से ‘कैफे एंड बार’ का बोर्ड लगाया गया था। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि हरिद्वार एक पवित्र धार्मिक नगरी है और यहां इस प्रकार के बोर्ड प्रदर्शित करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।

विरोध बढ़ने पर हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने शूटिंग स्थल पर पहुंचकर कड़ा एतराज जताया। स्थिति को देखते हुए फिल्म निर्माण टीम और भवन स्वामियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए साइनबोर्ड से “बार” शब्द हटा दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ और प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया।

घटना के समय अभिनेता इमरान हाशमी और अपारशक्ति खुराना भी शूटिंग स्थल पर मौजूद थे। हालांकि, विवाद को लेकर कलाकारों या फिल्म की प्रोडक्शन टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

बताया जा रहा है कि फिल्म की शूटिंग इन दिनों हरिद्वार के विभिन्न स्थानों पर चल रही है। फिल्म का नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। विवाद के बाद शूटिंग से जुड़े आयोजकों ने स्थानीय संवेदनशीलताओं का सम्मान करने की बात कही है।

स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए। फिलहाल विवाद शांत हो चुका है और शूटिंग का कार्य सामान्य रूप से जारी है।

MBA छात्रा के लापता होने के छह दिन बाद भी सुराग नहीं, 150 सदस्यीय टीम चला रही सर्च ऑपरेशन

उत्तरकाशी, 11 जून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध ट्रैकिंग स्थल दयारा बुग्याल में ट्रैकिंग के दौरान लापता हुई 24 वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पांडे की तलाश में व्यापक खोज अभियान जारी है। छात्रा के छह दिन से अधिक समय से लापता रहने के बाद पुलिस ने उसके साथ ट्रैक पर गए दोनों दोस्तों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई परिजनों की शिकायत के आधार पर की गई है।

बबीता पांडे अपने दो मित्रों हरमनपाल सिंह (ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड) और हरमनप्रीत सिंह (शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश) के साथ 25 मई को देहरादून पहुंची थीं। इसके बाद तीनों ने हर्षिल, गंगोत्री और आसपास के पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के अनुसार, 28 मई को वे रैथल गांव पहुंचे और वहीं रुके। रैथल में लगे सीसीटीवी कैमरों में उन्हें अंतिम बार देखा गया था।

29 मई को तीनों ने रैथल से दयारा बुग्याल के लिए ट्रैकिंग शुरू की और गोई बेस कैंप में रात बिताई। पुलिस के अनुसार, आधी रात के आसपास बबीता पांडे कैंप से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

छात्रा की तलाश के लिए सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिवादन बल (एनडीआरएफ), पुलिस, वन विभाग और जिला आपदा प्रबंधन की संयुक्त 150 सदस्यीय टीम लगातार अभियान चला रही है। खोज अभियान में स्निफर डॉग्स और ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। घने जंगलों, ट्रैकिंग मार्गों और गुफाओं में लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

गोई कैंप के समीप स्थित एक झील में भी छह सदस्यीय गोताखोर टीम द्वारा तलाश की जा रही है। पुलिस ने बबीता की तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी कर आम जनता से सहयोग की अपील की है। किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर 01374-222116, 9411112863, 8193990347 अथवा परिजनों के नंबर 7465949032 पर संपर्क करने का अनुरोध किया गया है।

इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि ट्रैकिंग एजेंसी ‘प्रो माउंटेन’ ने बबीता और उनके साथियों को फर्जी परमिट के आधार पर ट्रैक पर भेजा था। इसके बाद एजेंसी का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। एजेंसी से जुड़े ट्रैकिंग गाइड और अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा रही है।

जिला पर्यटन अधिकारी के.के. जोशी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि बबीता और उनके साथियों के नाम से आधिकारिक पर्यटन पोर्टल पर कोई वैध डिजिटल परमिट जारी नहीं किया गया था। आरोप है कि एजेंसी ने सरकारी नियमों और प्रतिदिन 150 ट्रैकर्स की निर्धारित सीमा को दरकिनार करते हुए एक पुराने और समाप्त हो चुके परमिट पर इनके नाम चिपकाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि चेकपोस्ट पर परमिट के क्यूआर कोड को स्कैन करने पर पूर्व में ट्रैकिंग कर चुके अन्य लोगों का डेटा सामने आया। अधिकारियों का कहना है कि इस फर्जीवाड़े के कारण शुरुआती चरण में रेस्क्यू टीमों को ट्रैकर्स और संबंधित एजेंसी की पहचान करने में कठिनाई हुई, जिससे खोज अभियान प्रभावित हुआ।

पुलिस अब इस मामले में व्यक्तिगत विवाद, आपराधिक साजिश या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि के पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है। फिलहाल बबीता पांडे की तलाश जारी है और प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही इस रहस्यमयी गुमशुदगी से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर 12 वर्षों के सफल नेतृत्व पर दी शुभकामनाएं

देहरादून, 10 जून 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र प्रेषित कर उनके सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सर्वाधिक अवधि तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने पर देवभूमि उत्तराखण्ड की जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान, डिजिटल इंडिया, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, जीएसटी व्यवस्था तथा रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने देश को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान संचालित विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान और ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल को भारत के वैश्विक नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र की सुरक्षा, सैनिकों के सम्मान, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और सनातन सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के लिए किए गए प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण जैसे कार्यों को भारत के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखण्ड के प्रति प्रधानमंत्री के विशेष स्नेह और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम पुनर्विकास परियोजनाओं, चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, विभिन्न रोपवे परियोजनाओं, वंदे भारत एक्सप्रेस तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास कार्यों को नई गति मिली है।

उन्होंने लखवाड़, सौंग व्यासी और जमरानी बहुद्देशीय बांध परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके पूर्ण होने से राज्य की पेयजल और सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित होगी तथा लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के अपने संकल्प को अवश्य प्राप्त करेगा और विश्व मंच पर एक अग्रणी एवं सशक्त राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान और अधिक मजबूत करेगा।

सुरक्षा, मानसून तैयारी और यात्रा सुविधाओं पर फोकस

चारधाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने से पहले अलर्ट, मानसून को लेकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर जोर

मानसून सीजन को देखते हुए चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मानसून को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

समिति के अनुसार, धामों में भीड़ प्रबंधन के लिए पंजीकरण और टोकन प्रणाली को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। मंदिर परिसरों में कतार प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ, मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। यात्रा मार्गों और मंदिर परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विश्राम गृहों और यात्री आवासों में बेहतर आवास, पेयजल, स्वच्छता और विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए हैं। वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए त्वरित दर्शन की विशेष व्यवस्था भी की गई है।

मंदिरों की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए धामों के अंदर मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लागू है। इसके अलावा मंदिरों के 70 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी और रील बनाने की अनुमति नहीं है।

बीकेटीसी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पंजीकरण के बाद ही यात्रा करें और मौसम संबंधी सलाह का पालन करें। अधिकारियों को मानसून पूर्व सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हो सके।