Saturday, April 25, 2026
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Ram Gopal Varma : चेक बाउंस मामले में राम गोपाल वर्मा दोषी करार, गैर जमानती वारंट जारी

Ram Gopal Varma : मशहूर फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा को मुंबई की एक अदालत ने लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस मामले में तीन महीने की जेल की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले से कई सालों से चल रही कानूनी लड़ाई का अंत हो गया है। उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया है। अंधेरी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में फैसला सुनाने के लिए मंगलवार (21 जनवरी) की तारीख तय की थी, जो फिल्म निर्माता द्वारा अपनी आगामी फिल्म सिंडिकेट की घोषणा करने से एक दिन पहले की बात है।

Jalgaon Train Accident : जलगांव रेल हादसे में 13 की मौत , ट्रेन में फैली थी आग की अफवाह

सात साल चली मामले की सुनवाई

हालांकि, राम गोपाल वर्मा ने इस सेशन में भाग नहीं लेने का फैसला किया। अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सात साल तक मामले की सुनवाई के बाद मुंबई की अदालत ने आखिरकार आज उनके नाम पर गैर-जमानती वारंट जारी किया है। राम गोपाल वर्मा को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी पाया गया है।

राम को हो सकती है अतिरिक्त कैद की सजा

यह विशेष अधिनियम ‘अपर्याप्त धनराशि या खाते में तय राशि से अधिक होने के कारण चेक अनादर के लिए दंडनीय है।’ जेल की सजा के अलावा राम गोपाली वर्मा को शिकायतकर्ता को क्षतिपूर्ति के रूप में 3.75 लाख रुपये भी देने होंगे और अगर वह तीन महीने में ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त कैद की सजा दी जाएगी।

क्या है पूरा मामला

यह मामला श्री नाम की कंपनी द्वारा महेशचंद्र मिश्रा के माध्यम से 2018 में राम गोपाल वर्मा की फर्म के खिलाफ दायर की गई शिकायत से शुरू हुआ है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि राम गोपाल वर्मा द्वारा जारी किया गया चेक कम राशि के कारण बाउंस हो गया था। जून 2022 में निदेशक को व्यक्तिगत मुचलका और 5000 रुपये की सुरक्षा जमा राशि प्रदान करने के बाद जमानत दे दी गई थी। मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत कोई ‘सेट-ऑफ’ नहीं होगा, क्योंकि राम गोपाल वर्मा मुकदमे के दौरान हिरासत में नहीं थे। कई सुनवाई और कानूनी कार्यवाही के बाद अदालत ने फिल्म निर्माता के खिलाफ फैसला सुनाया और कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।

Tiger Safari case : उत्‍तराखंड के पूर्व मंत्री पर ईडी का शिकंजा, 70 करोड़ की 101 बीघा भूमि अटैच

Jalgaon Train Accident : जलगांव रेल हादसे में 13 की मौत , ट्रेन में फैली थी आग की अफवाह

Jalgaon Train Accident :  उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव जिले में बुधवार शाम एक ट्रेन में आग की अफवाह फैली। इसके बाद यात्री दहशत में आए। घबराए यात्रियों ने ट्रेन से बाहर कूदना शुरू कर दिया। इस दौरान पटरी पर उतरे कुछ यात्री पास की पटरी पर विपरीत दिशा से आ रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। अधिकारियों ने इस हादसे में कम से कम 13 यात्रियों की मौत होने की जानकारी दी है।

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उन्होंने बताया कि हादसा उस समय हुआ, जब 12533 लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस में सवार यात्री आग लगने के डर से जल्दबाजी में बगल की पटरियों पर कूद गए और बंगलूरू से दिल्ली जा रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।

दुर्घटना में 15 अन्य यात्री घायल

मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना में 15 अन्य यात्री घायल हो गए। दुर्घटना उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले के पचोरा कस्बे के निकट माहेजी और परधाड़े स्टेशन के बीच हुई। दुर्घटना उस समय हुई, जब शाम करीब 4:45 बजे किसी ने चेन खींच दी, जिसके बाद पुष्पक एक्सप्रेस रुक गई।

सेंट्रल सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त दुर्घटना के कारणों की जांच करेंगे

हालांकि, रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने इस बात से इनकार किया कि डिब्बे के अंदर किसी चिंगारी या आग के कारण यात्रियों ने अलार्म बजाया। उन्होंने बताया कि हमें जो सूचना मिली है उसके अनुसार कोच में कोई चिंगारी या आग नहीं देखी गई। इस बीच स्विटजरलैंड के दावोस से एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ट्रेन में कुछ यात्रियों ने गलती से मान लिया कि ट्रेन से धुआं निकल रहा है और वे कूद गए। दुर्भाग्य से वे दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। उन्होंने इस त्रासदी में मारे गए यात्रियों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। सेंट्रल सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त दुर्घटना के कारणों की जांच करेंगे।

मुख्यमंत्री के अलावा रेलवे बोर्ड ने अलग से मृतकों के परिजनों को 1.5-1.5 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों के लिए 5,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। जलगांव जिला सूचना अधिकारी युवराज पाटिल ने बताया कि इस हादसे में 12 यात्रियों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस महज 15 मिनट में ही घटनास्थल से रवाना हो गई, जबकि कर्नाटक एक्सप्रेस को दुर्घटना के 20 मिनट के भीतर ही हटा दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘महाराष्ट्र के जलगांव में रेलवे पटरी पर हुए दुखद हादसे से दुखी हूं। मैं शोकसंतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस से बात की और स्थिति का जायजा लिया। शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘महाराष्ट्र के जलगांव में हुई रेल दुर्घटना अत्यंत दुखद है। मैंने इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस जी से बात की और दुर्घटना के बाद उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय प्रशासन घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। मैं इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’

विश्व आर्थिक मंच में भाग लेने के लिए वर्तमान में दावोस में मौजूद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली और सभी घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

Uttarakhand Nikay Chunav : मतदान को उमड़ी भीड़, करीब 30 लाख 29 हजार मतदाता करेंगे मतदान

Tiger Safari case : उत्‍तराखंड के पूर्व मंत्री पर ईडी का शिकंजा, 70 करोड़ की 101 बीघा भूमि अटैच

देहरादून। Tiger Safari case : भाजपा की त्रिवेंद्र सरकार में वन मंत्री रहे और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने हरक सिंह रावत की सहसपुर क्षेत्र में 70 करोड़ रुपए की करीब 101 बीघा भूमि को अटैच कर दिया है।

Uttarakhand Nikay Chunav : मतदान को उमड़ी भीड़, करीब 30 लाख 29 हजार मतदाता करेंगे मतदान

यह भूमि हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत और उनकी करीबी लक्ष्मी राणा के नाम पर खरीदी गई थी। जिस पर पर श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के तहत दून इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस का निर्माण किया गया। इस इंस्टीट्यूट का संचालन हरक सिंह रावत के पुत्र तुषित रावत के पास है।

हजारों पेड़ों के अवैध कटान और निर्माण

कार्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज में टाइगर सफारी के नाम पर हजारों पेड़ों के अवैध कटान और निर्माण के साथ ही जमीन फर्जीवाड़े के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिसंबर 2024 से ही जांच तेज कर दी थी। मामले में ईडी ने हरक की पत्नी दीप्ति रावत और उनकी करीबी रुद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा के बाद हरक सिंह के पुत्र तुषित से पूछताछ की थी।

ईडी जांच में पाया था कि पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के करीबी बीरेंद्र सिंह कंडारी और नरेंद्र कुमार वालिया ने हरक सिंह रावत के साथ आपराधिक साजिश करते हुए एक जमीन की 02 पवार ऑफ अटॉर्नी पंजीकृत कराई। हालांकि, कोर्ट ने संबंधित भूमि के विक्रय विलेख रद्द कर दिए थे।

बावजूद इसके भूमि को अवैध रूप से हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत और उनकी करीबी लक्ष्मी राणा को बेचा जाना दिखाया गया। जिस भूमि पर बाद श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के तहत दून इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस का निर्माण भी किया गया। पूर्व की पूछताछ में ईडी अधिकारियों को कई बातें ऐसी पता चलीं, जिन्हें मनी लांड्रिंग का हिस्सा माना गया। यही वजह है कि अब ईडी के अधिकारियों ने हरक सिंह रावत से जुड़ी सहसपुर की भूमि को अटैच करने का बड़ा कदम उठाया।

ईडी ने फरवरी 2024 में 17 स्थानों पर की थी छापेमारी

ईडी ने कार्बेट सफारी (Tiger Safari case) और जमीन फर्जीवाड़े के प्रकरण में फरवरी 2024 में उत्तराखंड समेत हरियाणा व दिल्ली में 17 ठिकानों पर एक साथ शुरू की थी। जिसमें ईडी की 17 टीमों ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के देहरादून में डिफेंस कालोनी स्थित आवास, उनके बेटे के सहसपुर के शंकरपुर स्थित दून इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज समेत उनसे जुड़े करीबी अधिकारियों उत्तराखंड के वरिष्ठ आइएफएस अधिकारी सुशांत पटनायक व पेड़ कटान में आरोपित सेवानिवृत्त प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) किशन चंद के हरिद्वार के आवास पर जांच की थी।

पाखरो रेंज में टाइगर सफारी (Tiger Safari case) के लिए पेड़ों के अवैध कटान का मामला तब सामने आया था, जब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने इस संबंध में मिली शिकायत की स्थलीय जांच की। साथ ही शिकायत को सही पाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई। इस प्रकरण की अब तक कई एजेंसियां जांच कर चुकी हैं। यह बात सामने आई है कि सफारी के लिए स्वीकृति से अधिक पेड़ों के कटान के साथ ही बड़े पैमाने पर बिना वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति के निर्माण कराए गए।

सुप्रीम कोर्ट की उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने इस प्रकरण में तत्कालीन वन मंत्री हरक सिंह की भूमिका पर भी प्रश्न उठाते हुए उन्हें भी जिम्मेदार ठहराया था। भारतीय वन सर्वेक्षण की सेटेलाइट जांच में यहां छह हजार से ज्यादा (163 पेड़ों की स्वीकृति थी) पेड़ों के कटान की बात सामने आई थी। मामले में दो आएफएस पर भी कार्रवाई की जा चुकी है।

इस तरह बढ़ता चला गया जांच का शिकंजा

वर्ष 2022 में विजिलेंस के हल्द्वानी सेक्टर में इस मामले मे मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के बाद विजिलेंस ने एक आरोपित बृजबिहारी शर्मा को गिरफ्तार किया और इसके बाद 24 दिसंबर 2022 को पूर्व डीएफओ किशनचंद को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में विजिलेंस न्यायालय में आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया था।
विजिलेंस ने उसी वर्ष 30 अगस्त को पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के परिवार से संबंधित देहरादून में एक शिक्षण संस्थान और एक पेट्रोल पंप पर भी छापा मारा था।
उसी बीच उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआइ ने विजिलेंस से जांच संबंधी दस्तावेज हासिल किए और मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु की और फिर ईडी ने भी एंट्री ली।
ईडी दिसंबर 2023 में अटैच की गई रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी किशन चंद की हरिद्वार-रुड़की में स्थित 31.8 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर चुकी है।
इन संपत्ति में रुड़की में स्कूल, स्टोन क्रशर, भवन और भूमि शामिल हैं।

National sport 2025 : स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी 141 टीमें

Uttarakhand Nikay Chunav : मतदान को उमड़ी भीड़, करीब 30 लाख 29 हजार मतदाता करेंगे मतदान

Uttarakhand Nikay Chunav : 100 निकायों में मतदान कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने 16,284 कर्मचारी, 18 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी चुनाव में लगाए हैं। करीब 30 लाख 29 हजार मतदाता मतदान करेंगे। सुबह आठ बजे वोटिंग शुरू होगी।

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बड़कोट में मतदाता आईडी को लेकर प्रत्याशियों में विवाद

बड़कोट नगरपालिका में मतदान शुरू हुआ तो सुबह से ही भीड़ जुट गई। वहीं, मतदाता आईडी को लेकर प्रत्याशियों में विवाद हो गया। इस दौरान समर्थकों और पुलिस प्रशासन के बीच नोकझोंक भी हुई।

मतदान को लेकर भारी उत्साह

मतदान को लेकर मतदाताओं में सुबह से ही भारी उत्साह देखने को मिला। पहाड़ से मैदान तक बूथों पर लंबी लाइन लगी है। वहीं, देहरादून में मेयर प्रत्याशी सौरभ थपलियाल ने मतदान की लाइन में लगकर अपने नंबर का इंतजार किया। इसके बाद मतदान किया।

शुरू हुआ मतदान, बूथों पर लगी लंबी लाइन

उत्तराखंड के 100 नगर निकायों में आज छोटी सरकार चुनने के लिए मतदान शुरू हो गया है। करीब 30 लाख 29 हजार मतदाता मतदान करेंगे। पहाड़ से मैदान तक सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई।

मतदान प्रतिशत 70 पार जाने का अनुमान

पिछले निकाय चुनावों (Uttarakhand Nikay Chunav) में लगातार मतदान प्रतिशत बढ़ता जा रहा है। इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रतिशत और बढ़ाने पर जोर दिया है। 2008 में राज्य में 60 प्रतिशत, 2013 में 61 प्रतिशत और 2018 में 69.79 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार मतदान 70 से 75 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

तीन नगर निगमों में पहली बार चुनाव

पिछले छह वर्षों के दौरान राज्य में नगर निगमों की संख्या 11 हो चुकी है। श्रीनगर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ नगर निगमों में पहली बार चुनाव हो रहे हैं। इससे पहले वे नगर पालिकाएं थीं।

सीसीटीवी से रहेगी नजर

चुनाव को देखते हुए पुलिस ने प्रदेश में 185 चेकिंग बैरियर स्थापित किए गए हैं। इनमें 117 बैरियरों पर सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी जा रही है। बाकी बैरियरों पर वीडियो कवरेज की जा रही है। प्रदेशभर में 105 मोबाइल टीम और 109 क्यूआरटी काम कर रही हैं।

18 हजार से अधिक सुरक्षा बल रहेगा तैनात

शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए बृहस्पतिवार को 18 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें 1,120 पुलिस बल, 24 कंपनी पीएसी, 4,352 होमगार्ड, 2,550 पीआरडी जवान और 300 वन कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा चेकिंग बैरियरों पर क्यूआरटी व अन्य पुलिस बल की तैनात रहेगी।

मेयर का बैलेट नीला, पार्षद का सफेद

मेयर प्रत्याशियों का बैलेट नीले, पार्षद और नगर पालिका व नगर पंचायत में वार्ड सदस्यों के सफेद बैलेट पेपर होंगे। नगर पालिका अध्यक्ष प्रत्याशियों के हरे, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशियों के बैलेट गुलाबी रंग के होंगे। सबसे नीचे नोटा यानी उपरोक्त में से कोई नहीं का विकल्प भी मिलेगा।

प्रदेश में 592 संवेदनशील और 412 अतिसंवेदनशील केंद्र

प्रदेश में कुल 1,516 मतदान केंद्र और 3,394 मतदेय स्थल हैं। इनमें 592 संवेदनशील और 412 अतिसंवेदनशील मतदेय स्थल शामिल हैं।

इन दस्तावेज को दिखाकर डाल सकेंगे वोट

आधार कार्ड, पैनकार्ड, दुकान पंजीकरण पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य या केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या निजी औद्योगिक घरानों की ओर से कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान पत्र, बैंक या डाकघर की पासबुक, राशनकार्ड, भूमि की रजिस्ट्री या हाउसटैक्स का बिल, छात्र पहचान पत्र या लाइब्रेरी कार्ड, एससी, एसटी या ओबीसी का प्रमाणपत्र, शस्त्र लाइसेंस, पेंशन दस्तावेज, भूतपूर्व सैनिक विधवा या आश्रित प्रमाण पत्र, रेलवे या बस का पास, दिव्यांग प्रमाणपत्र, स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र, टेलीफोन, पानी या बिजली का बिल, दुकान पंजीकरण पत्र, गैस कनेक्शन ब्लू बुक, अन्नपूर्णा कार्ड योजना, परिवहन अधिकारियों से जारी संवाहक लाइसेंस, परिवार रजिस्टर का सत्यापित दस्तावेज, निवास का प्रमाणपत्र, राज्य पुलिस की ओर से बस्तियों में जारी पहचान पत्र।

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National sport 2025 : स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी 141 टीमें

देहरादून : National sport 2025  38 वें राष्ट्रीय खेल के दौरान खिलाड़ियों और मेहमानों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 141 टीमों का गठन किया गया है। 28 जनवरी से लेकर 14 फरवरी तक यह टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी। इस दौरान जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां की हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के अनुसार-राज्य स्तर पर राज्य नोडल अधिकारी, उप नोडल अधिकारी व सह नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। जनपद स्तर पर जिला नोडल अधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी और सह नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बनाए गए हैं। एंबुलेंस हेतु जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप स्टेडियम, रायपुर, देहरादून के धनवन्तरी ब्लॉक में 10 बैडेड अस्पताल खिलाड़ियों हेतु संचालित किया जाएगा। इसी तरह, आईजीआईसीएस स्टेडियम, गोला पार हल्द्वानी में दो बैडेट अस्पताल संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त मात्रा में औषधियां, उपकरण क्रय किए जा रहे हैं।
डॉ टम्टा कुमाऊं और डॉ नेगी गढ़वाल के नोडल अफसर

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के अनुसार-डॉ० तरूण टम्टा, प्रमुख अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, नैनीताल को कुमाऊं मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। डॉ टम्टा ने स्पोर्ट्स मेडिसन में शिक्षा प्राप्त की है। निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गढ़वाल मंडल पौड़ी गढ़वाल के स्तर पर डॉ केएस नेगी को गढ़वाल मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नोडल अफसरों को स्थलीय निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।
इस तरह की हैं विभाग की तैयारियां (National sport 2025)
1-प्राइमरी हेल्थ केयर, सेकेंड्री हेल्थकेयर व टर्रसियरी हेल्थ केयर के नोडल अधिकारी और सह नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। सेकेंड्री हेल्थ केयर, जो जिला चिकित्सालय है, उनमें चिकित्सा विशेषज्ञ जैसे-न्यूरो, कार्डिक, हैड इंजरी एवं स्पाइन इंजरी को उक्त अवधियों में ऑन-कॉल (24×7) रखे गए हैं।
2-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन कॉल (24×7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा ईकाईयों में ऑन-कॉल (24×7) टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक जनपद में सूचीबद्ध चिकित्सालयों की व्यवस्था की गई है।
3-प्रत्येक खेल व शिफ्ट में एक टीम बनाई गई है, जिसमें डॉक्टर-01, नर्सिंग स्टॉफ-02, फिजियोथेरेपिस्ट-02(महिला/पुरुष) व वार्ड ब्वाय-01 को टीम में रखा गया है और 01 टीम को स्टैंड बाय रखा गया है।
4-सभी खेल स्थलों में 01-एएलएस एंड 01-बीएलएस एंबुलेंस की तैनाती चिकित्सकीय दल के साथ की गई है। 01 बीएलएस एंबुलेंस को स्टैंड बाय रखा गया है।
5-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन-कॉल (24×7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा इकाईयों में ऑन-कॉल (24×7) टीमें तैनात की गई है।
तैयारियों का ये भी लेखा-जोखा
150 डॉक्टर, 300 नर्सिंग स्टॉफ, 25 फिजियोथेरेपिस्ट, 30 फार्मासिस्ट व 50 वार्ड ब्वाय तैनात किए गए हैं।
115 एंबुलेंस राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैनात रहेंगी। ये एंबुलेंस विभागीय और 108 सेवा की हैं।
05 बैड एम्स ऋषिकेश के ट्रामा विभाग में दिनांक 28 जनवरी 2025 से दिनांक 14 फरवरी 2025 तक) रिजर्व रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर एयरलिफ्ट की सुविधा हेली एंबुलेंस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
50 चिकित्साधिकारियों को एम्स ऋषिकेश में कैपेसिटी बिल्डिंग हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह चिकित्साधिकारी समस्त जनपद के हैं।
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“राष्ट्रीय खेल हमारे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। खिलाड़ियों और मेहमानों को उच्चतम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा गया है।

Trump on H-1B Visa : राष्ट्रपति बनते ही Trump का बड़ा एलान,H1B वीजा पर भारतीयों के लिए खुशखबरी

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नई दिल्ली। Trump on H-1B Visa :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा को लेकर रुख साफ कर दिया। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने जन्मसिद्ध अधिकार पर रोक लगाने और अप्रवासियों को वापस उनके देश भेजने सहित कई फैसले लिए। आशंका जताई जा रही थी कि H-1B वीजा को लेकर भी ट्रंप कोई फैसला ले सकते हैं। हालांकि, H-1B वीजा को लेकर ट्रंप की बात ने भारतीयों को राहत पहुंचाई है।

Mahakumbh : आज कैबिनेट संग आस्था की डुबकी लगाएंगे सीएम योगी

ट्रंप ने H-1B वीजा का किया समर्थन (Trump on H-1B Visa)

मंगलवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप से H-1B वीजा पर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि काबिल लोग अमेरिका आएं। मैंने खुद भी इस प्रोग्राम का इस्तेमाल किया है, ऐसे में मैं इसे रोकना नहीं चाहता हूं।

ट्रंप ने आगे कहा कि मैं चाहता हूं कि सक्षम लोग हमारे देश में आएं। मैं सिर्फ इंजीनियरों की बात नहीं कर रहा हूं। मैं सभी स्तर के लोगों की बात कर रहा हूं।

मस्क ने भी की है H-1B वीजा की पैरवी

उन्होंने कहा कि ओरेकल के सीटीओ लैरी एलिसन को इंजीनियर की जरूरत है। नासा को भी इंजीनियर की जरूरत है। ऐसे में मैं काबिल लोगों का अमेरिका में स्वागत करता हूं। कुछ दिनों पहले टेस्ला के सीईओ ने भी H-1B वीजा की वकालत की थी। हालांकि, ट्रंप के कई समर्थकों का मानना है कि विदेशों से आए लोगों की वजह से अमेरिका के नागरिकों को नौकरी नहीं मिल रही।

बता दें कि भारतीय पेशेवरों को इस एच-1बी वीजा से बहुत फायदा मिलता है और इसकी वजह से ही लाखों भारतीय अमेरिका में काम कर रहे हैं। हाल ही में जानकारी सामने आई थी कि H1-B वीजा नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं।

ये हैं तीन अहम बदलाव

निष्पक्ष लॉटरी प्रोसेस: सख्त उपायों से संगठनों की तरफ से एक से अधिक बड़े पैमाने पर आवेदन जमा करने पर रोक लगेगी, जिससे अधिक न्यायसंगत प्रणाली सुनिश्चित होगी।

एफ-1 वीजा वाले छात्रों को एच-1बी स्थिति में जाने पर कम चुनौतियों का अनुभव होगा।

जो छात्र अमेरिका में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं और अमेरिका में काम करना चाहते हैं, उनके एफ-1 वीजा को एच-1बी वीजा में बदलने की प्रक्रिया को आसान किया गया है।

विशेष पेशे में भी बदलाव किए जाएंगे। इनके तहत पात्र पदों को भरने के लिए स्नातक डिग्री की जरूरी होगी, लेकिन कुछ मामलों में इसमें छूट भी दी जा सकती है और अगर उनकी योग्यता नौकरी से संबंधित है तो बिना विशेषज्ञ डिग्री भी उन्हें प्राथमिकता दी जा सकती है।

ED Raid in Bihar : ED की ताबड़तोड़ छापामारी; पटना, नालंदा समेत 5 ठिकानों पर बोला धावा

Mahakumbh : आज कैबिनेट संग आस्था की डुबकी लगाएंगे सीएम योगी

Mahakumbh : आज महाकुंभ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कैविनेट बैठक करेंगे और फिर पानव स्नान। इन्फोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति भी महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाएंगी।

ED Raid in Bihar : ED की ताबड़तोड़ छापामारी; पटना, नालंदा समेत 5 ठिकानों पर बोला धावा

महाकुंभ नगर में प्रेसवार्ता करेंगे सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुंभ (Mahakumbh) नगर में त्रिवेणी संकुल अरैल पर आज 1 बजे प्रेसवार्ता करेंगे। कैबिनेट बैठक के बाद सीएम योगी मीडिया से बातचीत करेंगे और महाकुंभ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करेंगे।

इस्कॉन किचन मैनेजर दीन गोपाल दास ने कहा, “हम अडानी परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने हमें भरपूर मात्रा में मदद किया। हम 2013 से कुंभ मेले में सेवा कर रहे हैं और हमारी क्षमता हर दिन 5,000-10,000 भक्तों को खाना खिलाने की थी। उनके योगदान देने से हमारी क्षमता 10 गुना बढ़ गई है। उन्होंने इस इस्कॉन की मेगा रसोई को अलग स्तर पर ले गए हैं इसके लिए उनका धन्यवाद। रसोई सुबह करीब 2 बजे शुरू होती है और सुबह 9 बजे तक हम करीब 50,000 लोगों के लिए प्रसाद तैयार कर देते हैं।

श्रद्धालुओं को भोजन परोसने के लिए स्टेट- ऑफ-द-आर्ट मेगा किचन का उद्घाटन किया

इस्कॉन ने महाकुंभ (Mahakumbh) के दौरान हर दिन एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को भोजन परोसने के लिए स्टेट- ऑफ-द-आर्ट मेगा किचन का उद्घाटन किया है। पूरे महाकुंभ के दौरान 20 निर्दिष्ट स्थानों पर भोजन तैयार करके वितरित किया जाता है। अडानी समूह और इस्कॉन ने प्रयागराज में महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं को भोजन परोसने के लिए हाथ मिलाया है। महाप्रसाद सेवा 13 जनवरी से 26 फ़रवरी तक महाकुंभ मेले की पूरी अवधि के दौरान दी जा रही है।

द्वारका शारदा पीठम मठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का आह्वान

द्वारका शारदा पीठम मठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा है कि हम यहां धर्म की रक्षा के लिए हैं। सभी का मुख्य उद्देश्य धर्म का प्रचार-प्रसार है ताकि आने वाली पीढ़ी हमारे धर्म के बारे में अधिक समझ सके। आप यहां एकता देख सकते हैं। इस तरह से विविधता में एकता साबित की जा सकती है। सनातन बोर्ड का गठन किया जा रहा है ताकि धार्मिक मामलों में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप न हो। हमारे मंदिर राज्य के नियंत्रण में हैं और हम उन्हें वापस चाहते हैं।

विदेशी आध्यात्मिक नेताओं को भाया महाकुंभ

महाकुंभ विदेशी आध्यात्मिक नेताओं पर भी गहरी छाप छोड़ रहा है। वे सनातन धर्म की जयकार कर रहे हैं।

आज कैबिनेट संग आस्था की डुबकी लगाएंगे सीएम योगी

महाकुंभ का आज दसवां दिन है। दिन भर उत्साही श्रद्धालुओं के पावन स्नान के साथ ही आज का दिन सरकारी गतिविधियों से हलचल भरा रहने वाला है। आज महाकुंभ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कैविनेट बैठक करेंगे और फिर पानव स्नान। इन्फोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति भी महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाएंगी।

Uniform Civil Code : घर बैठे करा सकेंगे विवाह, विवाह विच्छेदन व लिव इन का पंजीकरण

ED Raid in Bihar : ED की ताबड़तोड़ छापामारी; पटना, नालंदा समेत 5 ठिकानों पर बोला धावा

पटना। ED Raid in Bihar : रेलवे क्लेम घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार की सुबह से पटना,नालन्दा और मैंगलूर समेत पांच स्थानों पर अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रेलवे के कर्मचारियों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे करीब 100 करोड़ से अधिक से जुड़ा है घोटाला।

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ईडी इस मामले में कई न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है। खासकर, रेलवे न्यायिक अधिकारी रहे आर.के. मित्तल और वकील बी.एन. सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। उल्लेखनीय है कि आर.के. मित्तल को कुछ साल पहले भ्रष्टाचार के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया गया था।

रेलवे में हुए करोड़ो के इस घोटाले (ED Raid in Bihar) में सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति उदय यू. ललित की पीठ के निर्देश पर सीबीआइ ने यह मामला दर्ज किया था।

माना जा रहा है कि इस घोटाले में रेलवे कर्मचारियों के नाम पर फर्जी दावे दाखिल किए गए थे और फिर उन दावों के आधार पर बड़ी रकम हड़पी गई थी। इस पूरे रैकेट में कई लोगों की मिलीभगत थी।

सूत्रों की माने तो एक-एक व्यक्ति के नाम पर चार-चार बार धन की उगाही की गई। मामला वर्ष 2015-2018 के बीच का है। सीबीआइ की कार्रवाई को आधार बनाकर प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की जांच शुरू की थी।

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Uniform Civil Code : घर बैठे करा सकेंगे विवाह, विवाह विच्छेदन व लिव इन का पंजीकरण

देहरादून। Uniform Civil Code :  उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद देश में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बनने जा रहा है। कानून बनने के 10 माह 22 दिन की मशक्कत के बाद नियमावली को कैबिनेट में प्रस्तुत किया गया, जहां इसे स्वीकृति दी गई। राज्य में संहिता के 26 जनवरी को लागू होने की संभावना है।

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प्रदेश सरकार ने सभी नागरिकों को समान अधिकार देने के उद्देश्य से समान नागरिक संहिता कानून बनाया। आठ मार्च 2024 को सदन से इसे पारित किया गया। 12 मार्च को इसे राष्ट्रपति से मंजूरी प्राप्त हुई। 14 मार्च को सरकार ने इसकी नियमावली बनाने के लिए समिति का गठन किया।

न्याय और विधायी विभाग से कई दौर के मंथन के बाद अब यह नियमावली अंतिम रूप ले चुकी है। 92 पन्नों की इस नियमावली में प्रदेश के सभी नागरिकों के विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार के अधिकार, लिव इन रिलेशनशिप व लिव इन रिलेशनशिप की समाप्ति का पंजीकरण करने की व्यवस्था बताई गई है। आवेदक ucc.uk.gov.in पर पंजीकरण कर सकेंगे।

लिव इन पर सहमति से समाप्त हो सकेगा पंजीकरण

लिव इन में साथ रहने वाले जोड़े आपसी सहमति से पंजीकरण निरस्त कर सकते हैं। यद्यपि इसमें एक साथी द्वारा समाप्ति के आवेदन पर दूसरे साथी की पुष्टि करना अनिवार्य किया गया है।

तीन स्तर पर बनेगी पंजीकरण की व्यवस्था

नियमावली में पंजीकरण के लिए तीन स्तर पर रजिस्ट्रार और सब रजिस्ट्रार की व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी उप रजिस्ट्रार और एसडीएम स्तर के अधिकारी रजिस्ट्रार होंगे। नगर पालिका व पंचायतों में अधिशासी अधिकारी रजिस्ट्रार तो एसडीएम स्तर के अधिकारी रजिस्ट्रार होंगे। वहीं नगर निगमों में कर अधीक्षक सब रजिस्ट्रार और नगर आयुक्त रजिस्ट्रार की भूमिका में रहेंगे। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि आमजन स्थानीय स्तर पर ही पंजीकरण करा सकें।

अपील सुनने के लिए बनाए जाएंगे रजिस्ट्रार जनरल

इन सभी पंजीकरण संबंधी विषयों पर किसी भी प्रकार की शिकायत सुनने के लिए रजिस्ट्रार जनरल भी नियुक्त किए जाएंगे। इनके पास आमजन अपने विषयों की अपील कर सकेंगे। ये एक तय समय के भीतर अपील का निस्तारण करेंगे।

जल्द ही पंजीकरण शुल्क होगा तय

समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) में उल्लिखित विभिन्न कार्यों के पंजीकरण के लिए सरकार शुल्क भी तय कर रही है। इसकी दरों का निर्धारण किया जा रहा है। संहिता के लागू होने पर शुल्क की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। सूत्रों की मानें तो यह शुल्क 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक होगा।

घर बैठे भी करा सकेंगे पंजीकरण

नागरिक घर बैठे अपने मोबाइल अथवा कंप्यूटर से भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें ucc.uk.gov.in पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए वह आधार नंबर के आधार पर पंजीकरण करा सकते हैं।

सीएचसी से कराने पर 50 रुपये शुल्क

सरकार ने कामन सर्विस सेंटर (सीएचसी) के माध्यम से भी आमजन को यह सुविधा देने का निर्णय लिया है। सीएचसी के माध्यम से पंजीकरण कराने के आवेदक को 50 रुपये शुल्क देना होगा। पंजीकरण शुल्क अलग रहेगा। पर्वतीय व दूर दराज के क्षेत्रों में सीएचसी के एजेंट घर-घर जाकर नागरिकों को यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे।

पोर्टल के माध्यम से भी दर्ज कर सकेंगे शिकायत

नियमावली में पोर्टल के माध्यम से शिकायतों का पंजीकरण करने की भी व्यवस्था की गई है। आमजन अपने पंजीकरण के आवेदन व शिकायतों को को ई-मेल व एसएमएस के माध्यम से भी ट्रेक कर सकते हैं।

आज होगी वेब पोर्टल की जांच को माक ड्रिल

समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) के लिए बनाए गए वेब पोर्टल की जांच के लिए मंगलवार को प्रदेश स्तर पर माकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इसमें रजिस्ट्रार व सब रजिस्ट्रार पोर्टल के माध्यम से अपने कार्यों की जांच करेंगे। सीएचसी के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन किए जाएंगे, जिन्हें सब रजिस्टार व रजिस्ट्रार स्तर से अनुमोदन दिया जाएगा। यह देखा जाएगा कि कहीं इसमें कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है।

उत्तराधिकार पर चाहिए होंगे नाम, पता और गवाह

उत्तराधिकार के विषय पर पंजीकरण के लिए व्यवस्था सब रजिस्ट्रार कार्यालय के जरिये ही होगी। समान नागरिक संहिता का पोर्टल इसके पंजीकरण का जरिया होगा। इसमें सभी के नाम व पते के साथ ही गवाह का होना भी जरूरी होगा। पोर्टल में वसीयत को अपलोड कर आनलाइन पंजीकरण, संशोधन व रद करने की सुविधा भी दी गई है।

पंजीकरण के आंकड़े होंगे सार्वजनिक

समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) के तहत होने वाले सभी प्रकार के पंजीकरण के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। इसमें कोई निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। इसके लिए पहले संबंधित व्यक्ति की अनुमति जरूरी होगी।

तलाक के लिए कोर्ट का आदेश जरूरी

तलाक के मामलों का पंजीकरण भी अनिवार्य किया गया है। यद्यपि व्यवस्था यह की गई है कि बिना कोर्ट के आदेश के तलाक का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।

पोर्टल को बनाया गया है सुरक्षित

प्रदेश में हुए साइबर हमले के बाद समान नागरिक संहिता के लिए बनाए गए पोर्टल को भी सुरक्षित बनाया गया है। यह पोर्टल क्लाउड बेस्ड है और इसमें डिजास्टर रिकवरी की भी व्यवस्था की गई है।

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Nikay Chunav 2025 : प्रदेश के 100 नगर निकायों में चुनाव प्रचार का शोर आज शाम थमेगा

Nikay Chunav 2025 : प्रदेश के 100 नगर निकायों में चुनाव प्रचार का शोर मंगलवार को शाम पांच बजे थम जाएगा। 11 नगर निगमों में मेयर के 72 प्रत्याशी, नगर पालिका व नगर पंचायतों में अध्यक्ष के 445 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 23 जनवरी को होगा। बुधवार को प्रत्याशी केवल डोर-टू-डोर प्रचार कर सकेंगे।

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21 जनवरी की शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा

राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि मतदान से ठीक 48 घंटे पहले 21 जनवरी की शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी केवल घर-घर जाकर अपना प्रचार कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि 100 निकायों में 30,29,000 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 1515 मतदान केंद्र और 3394 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। चुनाव (Nikay Chunav 2025) के लिए कार्मिकों का प्रथम चरण का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।

द्वितीय चरण का प्रशिक्षण मंगलवार तक पूरा हो जाएगा। 16,284 कार्मिक और 25,800 सुरक्षाकर्मी मतदान में लगाए गए हैं। पोलिंग पार्टियों के आवागमन के लिए 846 हल्के और 572 भारी वाहन लगाए गए हैं। बुधवार को पोलिंग पार्टियां रवाना हो जाएंगी। चुनाव के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

5405 प्रत्याशी मैदान में

प्रदेशभर में 5405 प्रत्याशियों का भाग्य 23 जनवरी को मतपेटियों में कैद हो जाएगा। 11 नगर निगमों में मेयर के लिए 72 प्रत्याशी मैदान में हैं। 89 नगर पालिका व नगर पंचायतों में अध्यक्ष पदों के लिए 445 प्रत्याशी और सभी निकायों में पार्षद-वार्ड सदस्य के पदों के लिए 4888 प्रत्याशी मैदान में हैं।

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