Friday, March 6, 2026
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खाद्य पदार्थों में थूक और गंदगी मिलाने की घटानाओं के बाद सीएम धामी ने दिए निर्देश

खाद्य पदार्थों में थूक और गंदगी मिलाने की घटानाओं के बाद सीएम धामी के निर्देश पर एफडीए ने जारी की विस्तृत गाईडलाइन, दोषियों पर 25 हजार से 1 लाख रूपये तक का जुर्माना

*खाद्य कारोबारियों को अपने कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पहनाना होगा फोटोयुक्त पहचान पत्र, लगाने होगें सी०सी०टी०वी० कैमरे -डॉ आर राजेश कुमार*

*मीट कारोबारियों, ढाबे, होटल एवं रेस्टोरैन्ट संचालकों को अपने यहां लिखना होगा मीट हलाल का है या फिट झटका -डॉ आर राजेश कुमार*

*भोजन बनाने और परोसने वाले कार्मचारी अनिवार्य रूप से पहनेंगे फेस मास्क/ ग्लब्स/हेड गियर -डॉ आर राजेश कुमार*

उत्तराखंड में खाद्य पदार्थाें में थूक व गंदगी मिलाने की घटनाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कड़ा रूख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की सघन जांच हो और दोषियों को सजा मिले। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि त्योहारों का सीजन आ रहा है, जिसमें सुरक्षा और शुद्धता उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अशुद्धता या असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

*25 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक का जुर्माना*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने विस्तृत एसओपी जारी कर दी है। जिसमें दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ 25 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक का जुर्माना के प्राबधान किया गया है। आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जूस एवं अन्य खानपान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट एवं अन्य गन्दी चीजों की मिलावट के प्रकरण प्रकाश में आये हैं। यह खाद्य सुरक्षा एव मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा सभी खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस लेना व उसकी शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों में स्वच्छता एवं सफाई सम्बंधी अपेक्षायें का अनुपालन करना भी अनिवार्य है।

*स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से हो पालन*

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा नियमों का पालन न करने वाले खाद्य करोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्राविधानों के तहत दण्डित किये जाने का प्राविधान है। उन्होंने कहा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत आम जनता को शुद्ध, स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के दृष्टिगत राज्य में संचालित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैण्टीन, फूड वेन्डिंग एजेन्सीज, फूड स्टॉल, स्ट्रीट फूड वेण्डर्स इत्यादि द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु प्राविधान हैं। जिसको लेकर टीमें लगतार छापेमारी अभियान चला रही हैं। सैंपलिंग भरी जा रही हैं जांच में दोषी पाये जाने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई भी की जा रही है।

 

*खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी की गई एसओपी पर एक नजर…*

 

(1) एसओपी के बारे में जारकारी देते हुए आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा राज्य में स्वच्छता और सफाई की अनिवार्यता के दृष्टिगत खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा भोजन बनाने एवं परोसने वाले कार्मिकों को अनिवार्य रूप से फेस मास्क/ ग्लब्स/हेड गियर का उपयोग करना होगा।

 

(2) खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों को हेन्डल करते समय धूम्रपान, थूकना आदि व डेयरी (दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ) उत्पादों को प्रयोग में लाये जाने से पूर्व व छूने से पूर्व नाक खुजाना बालों में हाथ फेरना, शरीर के अंगों को खुजाना आदि हैण्ड हैबिट पर नियंत्रण रखें। इन आदतों से खाद्य पदार्थों में बैक्टीरियल संक्रमण के दृष्टिगत यह नियमों के विरूद्ध है।

 

(3)-संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्तियों को खाद्य निर्माण/संग्रहण / वितरण स्थलों पर कदापि नियोजित न करें। खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबारकर्ताओं का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 के अंतर्गत खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिको की सूची चिकित्सकीयप्रमाण-पत्र सहित उपलब्ध कराने का प्राविधान है। अतः सभी अनुज्ञप्तिधारकों / पंजीकरणधारकों द्वारा तदनुसार विनियम के अनुपालन में अपने समस्त खाद्य कार्मिकों की सूची उनके चिकित्सकीय प्रमाण-पत्रों के साथ कार्यस्थल/प्रतिष्ठान में सदैव रक्षित करना अनिवार्य होगा।

 

(4)-विगत दिनों हुई उपरोक्त घटनाओं के दृष्टिगत यह निर्देशित किया जाता है कि सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिकों को अनिवार्यरूप से फोटोयुक्त पहचान पत्र निर्गत किया जायेगा, जिसे कार्यस्थल पर प्रतिष्ठान के कार्मिकों द्वारा अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना सुनिश्चित किया जायेगा।

 

(5)-स्वच्छता और सफाई की अनिवार्यता के दृष्टिगत खाद्य पदार्थ निर्माण करने वाले कार्मिकों/परोसने वाले कार्मिकों/खाद्य पदार्थ विक्रय करने वाले कार्मिकों कोकार्यस्थल पर थूकने एवं अन्य किसी भी प्रकार की गन्दगी फैलाने को प्रतिबन्धित किया जाता है। उक्त विनियम में वर्णित प्रावधानों का उल्लंघन किये जाने पर खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अधीन रू0 25,000 से रू0 1,00,000 तक अर्थदण्ड से दण्डित किया जायेगा।

 

(6)- उपरोक्त विनियम में वर्णित अनुज्ञप्ति की शर्तों के अनुसार खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा खाद्य परिसर में उत्पादित अथवा तैयार की गयी किसी खाद्य सामग्री को मल, मूत्र, थूक अथवा किसी अन्य दूषित पदार्थ से प्रभावित युक्त नहीं किया जायेगा। खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य कारोबार के लिये अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम 2011 का विनियम-2.1.2 (5) अनुसूची, 3

 

(1) प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता प्रारूप-ग में जारी अनुज्ञप्ति की एक साफ, प्रमुख स्थान पर पठनीय प्रति चस्पा करेगा।

(2) प्रत्येक अनुज्ञप्ति धारी यह सुनिष्चित करेगा कि विनिर्दिष्ट उत्पादन से भिन्न अन्य किसी उत्पाद का उत्पादन नही किया जायेगा।

(3) प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता उत्पादन, कच्ची सामग्री का उपयोग और विक्रय का अलग-अलग दैनिक रिकार्ड रखेगा।

 

अन्य दिशा-निर्देश-

(1)- अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण प्राप्त किये बिना कारोबार कर रहे खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही कर उन्हें तत्काल अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण से आच्छादित किया जाए। (एफ०एस०एस०एक्ट, 2006 की धारा-58 एवं 63)

(2)- समस्त खाद्य प्रतिष्ठानों यथा ढाबों / होटलों / रेस्टोरेंट्स आदि में सी०सी०टी०वी० कैमरों की व्यवस्था की जाए।

(3) राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पत्र दिनांक 26.12.2022 के अनुपालन में प्रत्येक मीट विक्रेता, मीट कारोबारकर्ता, होटल एवं रेस्टोरैन्ट विक्रय/प्रस्तुत किये जा रहे मीट एवं मीट उत्पाद के प्रकार यथा हलाल अथवा झटका, का अनिवार्य रूप से प्रकटीकरण करेगें। उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन खाद्य कारोबारकर्ता का स्वयं का तथा अपने प्रतिष्ठान के कार्मिकों द्वारा कराये जाने का दायित्व खाद्य कारोबारकर्ता का होगा। उपर्युक्त निर्देशों का प्रदेश के समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया एवं कराया जायेगा। अनुपालन न किये जाने की स्थिति में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं तत्सम्बन्धी विनियमों के सुसंगत प्राविधानों के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी।

आपदा मे धामी सरकार ने किया बेहतर प्रबंधन, विकास और विरासत पर आगे बढ़ रही भाजपा: तीरथ

  • वोट बैंक की खातिर कांग्रेस करती रही तुष्टिकरण की राजनीति

भाजपा ने कांग्रेस पर अपने शासन में वोट बैंक, तुष्टिकरण एवं देश को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया है, वहीं हमारी सरकार विकास और विरासत पर आगे बढ़ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि आपदा में हमारी सरकार शानदार कार्य किया है, अन्यथा राज्य ने 2013 का वो दौर भी देखा जब आपदा पीड़ितों तक गुजरात से आई राहत सामग्रियों पर कांग्रेसी हाथ टूट पड़े थे। साथ ही भू कानून और मूल निवास पर स्पष्ट किया कि सरकार आवश्यक कदम उठा रही है, लेकिन अपनी जमीनों को लेकर सामाजिक जनजागरूकता भी बेहद अहम है।

 

बालवीर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय में पहुंचे श्री रावत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, देशवासियों को विश्वास है कि भारत परम वैभव को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही प्राप्त कर सकता है । यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़ने के लिए आम लोगों में जबरदस्त उत्साह है। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन को लेकर कांग्रेसी आरोपों पर पलटवार कर कहा, कांग्रेस और भाजपा सरकारों के अंतर को 2013 की आपदा और वर्तमान में आई आपदा के बाद किए प्रबंधन से ही आसानी से समझा जा सकता है । जो लोग केदारनाथ आपदा रहता को उंगली उठा रहे हैं वही कांग्रेसी हाथ 2013 में आई आपदा के समय राहत पहुंचाने की बजाय दिल्ली दरबार में हाथ फैलाए बैठा था। उन्होंने कहा, में तब प्रदेश अध्यक्ष था और सबने देखा कि श्री नरेंद्र मोदी जी बतौर गुजरात के मुख्यमंत्री तीन दिन और श्री शिवराज चौहान 2 दिन राज्य में मदद करने के लिए रहे। इतना ही नहीं आपदा में भी राजनीति करते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने गुजरात सरकार की 22 बोगी राहत सामग्री को पीड़ितों तक नहीं पहुंचने दिया। इतना ही नहीं तत्कालीन राज्य सरकार के संरक्षण में कांग्रेसियों के हाथ राहत सामग्री पर टूट पड़े थे। वही आज प्रदेश सरकार ने केंद्र की मदद से केदारनाथ आपदा में शानदार और प्रभावी प्रबंधन किया उसकी तारीफ चारों ओर हो रही है।

 

साथी उन्होंने मंत्रियों के केदारघाटी दौरों पर लगाए कांग्रेसी आरोपों पर पलटवार किया कि भाजपा के लिए देश और क्षेत्र का विकास, जन स्वास्थ्य, जनसुविधा प्राथमिकता में हमेशा रहा है, चुनाव नही। और इसी दृष्टि से लगातार हमारे प्रदेश सरकार और केंद्र की एजेंसियां वहां लोगों के जीवन आमूलचूल परिवर्तन लाने में जुटी हैं। हमारी डबल इंजन सरकार की कोशिशें का नतीजा है कि लाखों लाख श्रद्धालु पावन धर्मो में पहुंच रहे हैं। साथ ही तंज किया कि अब चूंकि कांग्रेस के नेता चुनाव में ही सक्रिय होते हैं लिहाजा उन्हें वहां आजकल ही मंत्रियों की मौजूदगी नजर आ रही होगी।

 

मूल निवास एवं भू कानून को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस संबंध में सभी जरूरी कदम उठा रही है। जिन लोगों ने भी अवैध तरीके से नियमों का उल्लंघन कर या लालच आदि देकर भूमि कब्जाई है उन पर सरकार आवश्य कार्यवाही करेगी। लेकिन इस पूरे मुद्दे पर स्वयं की सक्रियता, जन जागरूकता भूमि बचाने को लेकर भी बेहद जरूरी है।

 

उन्होंने डेमोग्राफी बदलने के नाम पर राज्य का माहौल खराब करने के आरोप पर कांग्रेस को आइना दिखाया कि 6 दशक सत्ता में रहते इन्होंने तुष्टिकरण एवं देश समाज को बांटने की राजनीति को आगे बढ़ाया है। यही लोग हैं जिनके पास वोट बैंक और सत्ता में बने रहने के अतिरिक्त कोई नीति नहीं है । वहीं आज मोदी जी के मार्गदर्शन में देश तेजी से विकास कर रहा है और भारतीय संस्कृति अपने चरम की और अग्रसर है ।

औली में चल रहे भारत-कजाकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास काजिंद-2024 आज संपन्न हुआ

भारत-कजाकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास काज़िंद – 2024 का 8वां संस्करण आज सूर्या विदेश प्रशिक्षण नोड, औली, उत्तराखंड में संपन्न हुआ। यह अभ्यास 30 सितंबर से 13 अक्टूबर 2024 तक आयोजित किया गया था। संयुक्त अभ्यास के समापन समारोह में कजाकिस्तान सेना के के उप प्रमुख कर्नल डी खमितोव, कजाकिस्तान सेना के दक्षिणी कमान के क्षेत्रीय बल कमांडर कर्नल नुरलान करिबयेव और ब्रिगेडियर उपिंदर पाल सिंह, कमांडर 116 इन्फैंट्री ब्रिगेड ने भाग लिया। काज़िंद अभ्यास भारत और कजाकिस्तान में वैकल्पिक रूप से आयोजित एक वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। पिछला संस्करण जुलाई 2023 में कजाकिस्तान में आयोजित किया गया था।

 

120 कर्मियों वाली भारतीय टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से कुमाऊं रेजिमेंट की एक बटालियन और भारतीय वायु सेना के अलावा अन्य सेवाओं के कर्मियों द्वारा किया गया था। 60 कर्मियों वाली कजाकिस्तान टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से सैन्य बल, वायु रक्षा बल और एयरबोर्न असॉल्ट सैन्य कर्मियों द्वारा किया गया था।

 

अभ्यास काज़िंद – 2024 का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र जनादेश के अध्याय 8 के तहत एक उप पारंपरिक परिदृश्य में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए दोनों पक्षों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना था। संयुक्त अभ्यास अर्ध-शहरी और पहाड़ी इलाकों में संचालन पर केंद्रित था। संयुक्त प्रशिक्षण से जो उद्देश्य प्राप्त हुए उनमें उच्च स्तर की शारीरिक योग्यता, सामरिक स्तर पर संचालन के लिए अभ्यास और परिष्कृत अभ्यास और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना शामिल है।

 

अभ्यास के दौरान किए गए सामरिक अभ्यास में एक परिभाषित क्षेत्र पर कब्जा करने की कार्यवाही, आतंकवादी कार्रवाई का जवाब देना, एक संयुक्त आदेश चौकी की स्थापना, एक खुफिया और निगरानी केंद्र की स्थापना, एक हेलीपैड / लैंडिंग साइट की सुरक्षा, फ्री फॉल और विशेष हेलिबोर्न ऑपरेशन शामिल थे। अभ्यास में घेराबंदी और तलाशी अभियान के अलावा ड्रोन का इस्तेमाल और ड्रोन विरोधी प्रणाली का उपयोग भी शामिल रहा।

 

काज़िंद अभ्यास – 2024 ने दोनों पक्षों को संयुक्त अभियान चलाने की रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं में अपनी सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में सक्षम बनाया। संयुक्त अभ्यास ने दोनों देशों के सशस्त्र बलों के कर्मियों के बीच अंतर-संचालन और सौहार्द विकसित करने में मदद की। इससे रक्षा सहयोग का स्तर भी बढ़ा, जिससे दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड देहरादून में दशहरा मोहत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउंड देहरादून में दशहरा मोहत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हजारों की संख्या में लोगों का अभिनंदन करते हुए हुए दशहरे की शुभकामनाएं दीं।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दशहरा, असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है।दशहरे हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है। उन्होंने कहा यह पर्व रावण जैसे अहंकारी और अधर्मी के अंत और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन के गुणों का स्मरण कराता है। सच्चाई, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलकर हमेशा बुराई पर अच्छाई की ही जीत होती है। उन्होने कहा अहंकार में रावण और उसकी लंका जलकर खाक हो गई थी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरे त्योहार पर हम सभी को अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प भी लेना है। उन्होने कहा भगवान श्री राम ऐसे आदर्श व्यक्ति हैं जो त्याग, समर्पण, न्याय, करुणा और कर्तव्य के प्रतीक के रूप में पूजे जातें हैं। एक राजकुमार होते हुए भी उन्होंने जंगल में जीवन बिताया, कई कठिनाइयों का सामना किया और अपनी सेना का गठन कर लंका पर विजय प्राप्त की। उनका आदर्श जीवन हमें विपरीत परिस्थितियो में भी अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन करना सिखाता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कई ऐसे स्थान हैं जो भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी से संबंधित घटनाओं के साक्षी रहे हैं। भगवान हनुमान, चमोली जिले के द्रोणागिरी पर्वत से ही संजीवनी लेकर आए थे।भगवान श्रीराम के कुल गुरू वशिष्ठ जी की तपस्थली भी ऋषिकेश में स्थित है। उन्होंने कहा राज्य के कोने-कोने में राम लीलाएं होती हैं। हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का संरक्षण ही हमें एकजुट और सशक्त बनाती हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कर सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा अयोध्या की पावन भूमि पर जल्द ही राज्य सरकार उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह का निर्माण करने जा रही है। राज्य सरकार ने पौलगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का नाम बदलकर माँ सीता के नाम पर “सीतावनी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी” रखा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड के देव स्वरूप को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार से डेमोग्राफी चेंज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पवित्र भूमि का सनातन स्वरूप सदा के लिए सुरक्षित रहेगा और उत्तराखंड का पवित्रता, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत, सदैव संरक्षित रहेगी।

 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्य सभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास , विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्री संतोष नागपाल, श्री गगन सेठी, श्रीमती नेहा जोशी, श्री पुनीत मित्तल, श्री अशोक वर्मा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भाजपा की चिंता के बजाय पहले पर्यवेक्षकों की सूची को अप्रूव कराये कांग्रेस अध्यक्ष: चौहान

  • भाजपा विकास के बूते और जनता लड़ाती है चुनाव

देहरादून। भाजपा ने केदारनाथ उप चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के तंज पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को भाजपा की चिंता को छोड़कर कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा जारी सूची को पहले केंद्रीय समिति अथवा पार्टी प्रभारी से एप्रूव कराने की जरूरत है। कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा पूर्व मे की गयी नियुक्तियों को पार्टी प्रभारी खारिज कर चुके हैं इसलिए अभी उन्हे इस दिशा मे सोचने की जरूरत है। 

 

पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा अपने विकास कार्यों के बूते चुनाव मैदान मे उतरती है और जनता ही भाजपा को चुनाव लड़ाती है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जन हित की जो घोषणाएं की है उसमे कांग्रेस को राजनीति दिखना उसकी मानसिकता को दिखाता है। 

उन्होंने केदारनाथ चुनाव को लेकर कांग्रेस के आरोप एवं संगठनिक नियुक्तियां दोनों को पूरी तरह खोखला बताया है। चौहान ने कटाक्ष किया है कि जिस कांग्रेस प्रभारी को अपने राज्य के चुनावों में नही सुने जाने की शिकायत रही हो वो अब जनता की आवाज सुनने के लिए पर्यवेक्षक बना रही है। हरियाणा की हार से हतोत्साहित कांग्रेस फिर से झूठ एवं भ्रम का गुब्बारा फुला रही है, जिसकी हवा केदारघाटी की जनता निकालेगी है।

 

चौहान ने कहा कि केदारनाथ उपचुनाव को लेकर कांग्रेस में हुई नियुक्ति, उनका पार्टी के अंदर का विषय है। लेकिन जनसामान्य में ये चर्चा आम है कि दिल्ली से प्रदेश कांग्रेस संचालित करने वाली उनकी प्रभारी को अपने ही राज्य के चुनावों में अनसुना कर दिया गया था। अब वही केदार घाटी की आवाज सुनने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर रही हैं । लिहाजा जनता जानती है कि उपचुनाव को देखते हुई की गई यह सभी संगठनिक घोषणाएं पूरी तरह खोखली हैं। क्योंकि सभी को अहसास है कि जो पर्यवेक्षक बनाए गए हैं वे जनता की नही सुन सकते हैं और कांग्रेस आलाकमान इन पर्यवेक्षकों की नही सुनने वाला है। देश और राज्य दोनो स्थानों पर कांग्रेस पार्टी और उनके नेता जनसरोकारों से कट चुके हैं। 

 

साथ उन्होंने माहरा के आरोपों पर पलटवार किया कि डबल इंजन सरकार के ऐतिहासिक कामों का ही नतीजा है कि केदार धाम समेत चारों धामों में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। धामी सरकार के कुशल एवं शानदार यात्रा प्रबंधन से चलने वाली सफल एवं सुरक्षित यात्रा ने स्थानीय आर्थिकी को नई ऊंचाइयां दी हैं। आपदा सीजन के बाद एक बार पुनः यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है जिससे स्थानीय व्यापारियों एवम युवाओं के चेहरे खिले हुए हैं। बाबा के धाम की भव्यता और दिव्यता की बढ़ाने के लिए पीएम मोदी के निर्देश पर जो प्रोजेक्ट वहां अंतिम चरण में हैं, उससे केदार घाटी वासियों का विश्वास आसमान पर है। जिसे देखकर कांग्रेस पार्टी की चुनावी उम्मीदें जमीन पर आ गई हैं। श्री केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह में दानदाता ने सोने की परत चढ़ाई, लेकिन कांग्रेस झूठ एवं भ्रम फैलाकर, सनातनी आस्था पर अविश्वास की परत चढ़ाने की साजिश रच रही है । वे हरियाणा चुनावों के नतीजों से पूरी तरह बौखलाए हुए हैं और जनता के सामने झूठे आरोपों और संगठनात्मक सक्रियता का गुब्बारा फुलाने की कोशिश कर रहे हैं । लेकिन केदार घाटी की महान और सनातनी जनता उनके इस पाप के गुब्बारे की हवा उपचुनाव में निकालने वाली है।

 

सीएम धामी की पहल से उत्तराखंड में नेशनल गेम्स पर असमंजस दूर हुआ

 

*मुख्यमंत्री ने दिल्ली पहुंचकर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष के सामने रखा पूरा मामला*

 

*अब 38वें नेशनल गेम्स के साथ उत्तराखंड में ही होंगे विंटर नेशनल गेम्स*

 

देहरादून। लंबे इंतजार के बाद भी जब 38वें नेशनल गेम्स के आयोजन की तारीख पर असमंजस दूर नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद पहल करते हुए भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ पीटी उषा से मुलाकात कर पूरा मामला उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री की पहल पर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष ने उत्तराखंड सरकार के आयोजन की तारीखों के प्रस्ताव को सहर्ष मंजूरी दे दी है। अब उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स अगले वर्ष 28 जनवरी से 14 फरवरी तक आयोजित होंगे। यही नहीं ओलंपिक संघ अध्यक्ष ने विंटर नेशनल गेम्स भी उत्तराखंड में आयोजित करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने पी टी उषा के अनुरोध को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि उत्तराखंड इसके लिए भी तैयार है।

 

उत्तराखंड को 38वें नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलने के बाद राज्य सरकार और खेल विभाग इसकी तैयारियों में जुटा था, लेकिन आयोजन की तारीखों का ऐलान नहीं होने से असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। बुधवार को मुख्यमंत्री धामी दिल्ली के दौरे पर थे, इसी दौरान अत्यंत व्यस्तता के बावजूद मुख्यमंत्री ने भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष से मुलाकात कर नेशनल गेम्स की तारीखों पर बने असमंजस को खत्म कर दिया।

*उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स बेहद सफल और ऐतिहासिक होंगे। इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ के लिए उत्तराखण्ड पूरी तरह से तैयार है। राज्य सरकार इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जायेंगी।हमारा प्रयास होगा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल बेहतर ढंग से आयोजित किए जाएं। यह राज्य को नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री आवास में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने मुलाकात की

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के कृषि उत्पादों के निर्यात का केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार कई योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा राज्य के उत्पादों को बढावा देने हेतु हाउस ऑफ़ हिमालयाज का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा राज्य में जैविक खेती, जीआई-टैग उत्पादों को बढावा देने और राज्य के उत्पादों को विश्व स्तर पर ले जाने के लिए एपीडा की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा राज्य सरकार कृषि इंडस्ट्री पर साथ साथ कार्य कर रही है।

 

भारत सरकार के सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने बताया कि प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाणिज्य मंत्रालय, द्वारा प्रथम बार किसी राज्य में इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें से उत्तराखण्ड राज्य के मुख्य एग्रो प्रोसेसिंग एवं एलाइड इंडस्ट्री के सीईओ द्वारा भी प्रतिभाग किया गया। सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट के आयोजन में राज्य सरकार के सहयोग हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

 

सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने बताया कि इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट के दौरान उत्तराखंड राज्य के जलवायु अनुरूप यहां कृषि, बागवानी को बढावा देने की संभावना पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया उत्तराखंड के कृषि उत्पादों के निर्यात, जैविक खेती और जीआई-टैग उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी कई नीतिगत निर्णय लिए गए। उन्होंने चाय विकास एवं संवर्धन योजना (2023-2026) के तहत उत्तराखंड के छोटे चाय उत्पादकों को जैविक खेती और कारखाना स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने पर भी चर्चा की गई है।

 

 

गौरतलब है कि बुधवार को मसूरी रोड, देहरादून स्थित एक होटल में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट का आयोजन किया गया। इस दौरान वाणिज्य सचिव, भारत सरकार ने हाउस ऑफ हिमालयाज के प्रोत्साहन, प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग हेतु विस्तार पूर्वक चर्चा हुई एवं विभिन्न एग्रो प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के सीईओ से उत्तराखण्ड राज्य से एक्सपोर्ट को बढ़ाने हेतु सुझाव भी प्राप्त किए गए।

 

इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट के दौरान सचिव श्री सुनील बर्थवाल द्वारा हाउस ऑफ़ हिमालयाज के CART (मोबाइल स्टोर) का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों का ब्रांड “हाउस ऑफ़ हिमालयाज” को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हेतु विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए गए।

 

“हाउस ऑफ़ हिमालयाज” एवं लुलु ग्रुप के बीच उत्तराखंड के उच्च गुणवत्ता वाले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने एवं निर्यात को बढावा देने, हाउस ऑफ़ हिमालयाज” एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के मध्य अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार पैकेजिंग मानकों में सुधार लाने, एवं “हाउस ऑफ़ हिमालयाज” एवं स्पाइसेस बोर्ड के मध्य उत्तराखंड में स्थानीय मसालों की खेती को बढ़ावा देने एवं उनकी मैन्युफैक्चरिंग कर वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने हेतु एम.ओ.यू साइन हुए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के सधांशु, सचिव राधिका झा, डायरेक्टर आरके मिश्रा, अपर सचिव श्री मनोज गोयल मौजूद रहे।

हिन्दी फ़िल्मों के सुप्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता श्री परेश रावल ने महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी से मुलाक़ात

 

 

मंगलवार देहरादून मसूरी रोड पर अनंत नारायण महादेवन निर्देशित आगामी बॉलीवुड फ़िल्म “पास्ट टेंस” के सेट पर बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता श्री परेश रावल से महानिदेशक सूचना और उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद (UFDC) में मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी ने मुलाक़ात की। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक सूचना और संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा नितिन उपाध्याय भी उपस्थित रहे।

 

परेश रावल ने अभी तक अपने फ़िल्म करियर में 240 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया है और कई पुरस्कारों से सम्मानित हुए हैं। फ्लाइंग स्टोंस फ़िल्म के बैनर टेल बन रही फ़िल्म “पास्ट टेंस” जिसका निर्देशन अनंत नारायण महादेवन द्वारा किया जा रहा है। इस फ़िल्म के मुख्य किरदारों में श्री परेश रावल, आदित्य रावल, आदिल हुसैन, शरीब हाशमी, तनिष्ठा चटर्जी, गगन देव रीआर, स्मिता ताम्बे , सतीश शर्मा और शरद्धा भट्ट अभिनय कर रहें हैं। यह फ़िल्म एक सोशल फ़ैमिली ड्रामा फ़िल्म है, जिसमें अधिक से अधिक से सपोर्ट क्रू स्थानीय स्तर से लिये लिया गया है।

 

महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी ने बताया प्रदेश सरकार द्वारा पारित नई फ़िल्म नीति में फ़िल्मों के लिए पहले अधिक अनुदान की राशि को सम्मिलित किया गया है, ओटीटी प्लेटफ़ार्म पर रिलीज़ फ़िल्मों और वेब सीरीज को भी अनुदान हेतु सम्मिलित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार सरकार फ़िल्म निर्माण से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए पूर्णरूप से प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार फ़िल्म निर्माण से राज्य में प्रत्यक्ष रोज़गार की नयी गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के पर्यटन को भी प्रोत्साहित कर रही है। इस नयी पारित फ़िल्म पालिसी में उत्तराखंड के अनछुए शूटिंग डेस्टिनेशन को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है। उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद (UFDC) पर्यटन विभाग के सहयोग से नये शूटिंग डेस्टिनेशंस को भी लगातार चिन्हित करने का कार्य कर रही है ताकि राज्य में नये शूटिंग डेस्टिनेशंस को बढ़ावा मिले, और फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड के अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों का भी प्रचार हो सके।

 

मुलाक़ात के दौरान बातचीत में श्री परेश रावल ने महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी को बताया कि अभी हाल ही में उन्होंने अपनी दो बॉलीवुड फ़िल्मो की शूटिंग उत्तराखण्ड में कम्प्लीट की है जिनका पोस्ट प्रोडक्शन का काम अभी चल रहा है और वो भी जल्द ही रिलीज़ होने की कगार पर हैं।

 

राज्य में लागू हुई नयी फ़िल्म नीति की सारहना करते हुए करते हुए श्री रावल ने उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद (UFDC) द्वारा लागू सिंगल विंडो सिस्टम को सराहते हुए बताया कि राज्य में सभी प्रकार की शूटिंग परमिशन प्रक्रिया के सरल से होने के कारण उत्तराखण्ड बॉलीवुड और देश के अन्य राज्यों के लिए संपूर्ण एक फ़िल्म फ्रेंडली डेस्टिनशन के रूप उभर रहा हैं।

उन्होंने कहा कि इस नयी नीति के अन्तर्गत फ़िल्म शूटिंग को बढ़ाने के लिए सभी पहलुओं पर बारीकी से काम किया गया है। हिन्दी और स्थानीय फ़िल्मों को बढ़े हुए अनुदान की व्यवस्था और ससमय निःशुल्क शूटिंग परमिशन मिलने के कारण बाहर से आने वाले फ़िल्मकारों को राज्य में अधिक से अधिक शूटिंग करने का प्रोत्साहन मिल रहा है, और बताया कि यहाँ स्थानीय लोगो द्वारा भी शूटिंग के दौरान हर प्रकार की सहायता भी मिलती जिससे राज्य को फ़िल्मों की शूटिंग के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद मिलती है। उनके अनुसार इस नई फिल्म नीति से फ़िल्म निर्माताओं में उत्साह का माहौल है।

 

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पिछले कुछ समय से फ़िल्म और वेब सीरीज शूटिंग में तेज़ी आयी है । अभी हाल ही में पिछले दिनों निर्माता निर्देशक श्री विपुल शाह की एक कॉमेडी सस्पेंस फ़िल्म हिसाब का शूट कम्पलीट हुआ था। उससे पहले अनुपम खेर के बैनर “अनुपम खेर स्टूडियो” की फ़िल्म “तन्वी द ग्रेट” का शूट भी लैंसडौन में कैम्पलीट हुआ है। जिसकी शूटिंग यहाँ 36 दिनों तक कि गई है। राज शांडिल्य निर्देशित फ़िल्म “विकी विद्या का वो वाला वीडियो” की शूटिंग भी मार्च के महीने में कम्पलीट हुई है जिसमें मुख्य भूमिकाओं में राजकुमार राव और तृप्ति डिमरी हैं। इसके पहले काजोल और कृति सेनन अभिनीत “दो पत्ती” का शूट दिसम्बर माह में समाप्त हुआ था ।

 

संयुक्त निदेशक सूचना डा नितिन उपाध्याय ने बताया कि उत्तराखण्ड में शूट हुई “11 11” (ग्यारह-ग्यारह) वेब सीरिज़ zee5 पर देखी जा सकती जिसमें उत्तराखण्ड के ही डांसिंग स्टार राघव जुयाल मुख्य किरदारों में शामिल है। zee5 पर ही “रौतू का राज” फ़िल्म को भी देखा जा सकता है जिसमें मुख्य अभिनय नवाजुद्दीन सिद्धिकी ने किया है। वेब सीरिज़ “लाइफ हिल गई” को डिज़्नी हॉटस्टार पर देखा जा सकता है, जिसमें उत्तराखंड के बहुत से कलाकारों हो शामिल किया गया है। अमित सियाल द्वारा अभिनीत एक फ़िल्म जिसका नाम “तिकड़म” जियो सिनेमा प्रीमियम पर इसी माह 23 अगस्त को रिलीज़ हुई है।

प्रदेश में गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी स्थानीय भाषाओं की फ़िल्मों की शूटिंग की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अभी पिछले कुछ महीनों में उत्तराखंड की क्षेत्रीय बोली में बनी गढ़वाली फ़िल्में मीठी, असगार, शहीद, संस्कार भी रिलीज़ हुईं है जिनको उत्तराखंड में और राज्य के बाहर के दर्शकों द्वारा काफ़ी सराहा जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये जीत प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आम जन के विश्वास को प्रदर्शित करती है।

 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति और बाबा केदारनाथ जी का प्रसाद भी भेंट किया।

 

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विकास में निरंतर मिल रहे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ समिति-२ द्वारा संस्तुत 21 जल परियोजना (कुल क्षमता 2123 MW) के विकास एवं निर्माण की अनुमति प्रदान किए जाने हेतु अनुरोध किया। उन्होंने तीन रोपवे परियोजनाए, (क) सोनप्रयाग-गौरीकुंड केदारनाथ (ख) गोविंद घाट-हेमकुंड साहिब और (ग) काठगोदाम-नैनीताल को राज्य सरकार द्वारा विकास और संचालन के लिए हस्तांतरित करने का भी अनुरोध किया।

 

मुख्यमंत्री ने भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS) के अंतर्गत देहरादून-गौचर-देहरादून और देहरादून-चिन्यालीसौंड-देहरादून की हवाई सेवा पुनःसंचालित किए जाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय को निर्देशित करने के लिए भी आग्रह किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्यालीसौंड हवाई पट्टी जनपद उत्तरकाशी पर छोटे विमान संचालन की अनुमति हेतु सम्बन्धित मंत्रालय को दिशा-निर्देश का अनुरोध किया।

 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कुमाऊँ एवं गढ़वाल को संयोजित करने के लिये 02 मार्गों, (क) खैरना-रानीखेत- बंगीधार-बैजरों मोटरमार्ग (256.9 किमी0) और (ख) काठगोदाम-भीमताल लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग (189 किमी०) को राष्ट्रीय राजमार्ग अधिसूचित करने का भी अनुरोध किया। इसके साथ ही देहरादून रिंग रोड़ की अवशेष लम्बाई की स्वीकृति का भी अनुरोध किया।

सिस्टम विहीन कांग्रेस बिना बही की खातेदार: चौहान

 

राज्य की प्रगति इर्ष्या नही बल्कि गौरवान्वित होने का विषय

 

सीएम धामी के नेतृत्व में विकसित उत्तराखंड की ओर तेज गति से बड़ रहा राज्य : चौहान

 

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस न केवल सिस्टम विहीन दल है, बल्कि वह बिना बही के खातेदार भी है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के साइबर व्यवधान को सरकार की नाकामी संबंधी बयान को हताशा और खीज बताया।

चौहान ने कहा कि साइबर मे व्यवधान अस्थाई है और यह कुछ घण्टो मे ठीक हो जायेगा। विशेषज्ञ कमी को ढूंढकर दूर करने मे जुटे हैं और सीएम हेल्प लाइन सहित कुछ साइट ठीक भी हो गयी है। सोमवार तक साइबर के ठीक होने का भरोसा विशेषज्ञों ने दिया है। लेकिन कांग्रेस इसे मौका देखकर सरकार के कामकाज से तोल रही है जो कि उसकी मानसिकता को दिखाता है।

उन्होंने कहा कि डिजिटिलाईजेशन का यह पूरा नेटवर्क भाजपा की सरकारों मे ही तैयार किया गया और आज यह सुविधा आसानी से लोगों को मिल रही है। आधार कार्ड हो या जनाधार अथवा खतौनी सभी आनलाइन हैं। वहीं कांग्रेस दस्तावेजों को आनलाइन नही कर पायी, क्योंकि इसे लेकर न उसके पास विजन था और न ही मंशा। पारदर्शिता के बजाय कांग्रेस हाईटेक से दूरी बनाकर चलती रही और इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला और कांग्रेस इसी को मुफीद मानती रही।

उन्होंने कहा कि यह आरोप सरासर मनगढंत है कि कानून व्यवस्था अथवा अन्य जरूरी कार्य इससे प्रभावित हुए हैं। थाना चौकी या अन्य जगहों पर नियमित सुनवाई आम जन की हो रही है और सीएम हेल्प लाइन कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सीएम धामी का कार्यकाल बेरोजगारों को रोजगार देने के मामले मे एक नजीर है। नियमित सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन, पारदर्शी परीक्षा और नियुक्ति मिल रही है। वहीं गैर सरकारी और स्वरोजगार के क्षेत्र मे युवा और महिलाएं लाभांवित हो रहे है। केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्टों ने राज्य की विकास दर मे इजाफा, प्रति व्यक्ति आय मे वृद्धि, घटती बेरोजगारी दर, रोजगार मे महिलाओं की भागीदारी, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आदि तमाम विषयों पर हो रहे सकारात्मक बदलावों पर अपनी प्रमाणिक मुहर लगाई है। आज प्रदेश की जनता को भी विश्वास है कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में विकसित उत्तराखंड की ओर बहुत तेज गति के साथ राज्य आगे बड़ रहा है ।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही वह दल है जिसके मुखिया और पूर्व सीएम ने बिना खाता बही के अपनी बात को सही ठहराया। आज कांग्रेस अध्यक्ष भी उसी राह पर हैं। राज्य हित मे तमाम ऐतिहासिक कानून धामी सरकार मे बने हैं और अब राज्य की सांस्कृतिक सरंक्षण के लिए कानून आने वाला है। लेकिन कांग्रेस इस ओर जान बूझकर अनजान होने का नाटक कर रही है, लेकिन प्रदेश के लाखों युवा और महिलाएं हकीकत से रूबरू है और उन्हे कांग्रेस के दुष्प्रचार के बारे मे पूरी जानकारी है। कांग्रेस को विकास कार्यों अथवा युवा और महिलाओं को रोजगार के मामले पर इर्ष्या नही बल्कि प्रसन्नचित होकर सुझाव देने चाहिए।