Sunday, July 26, 2026
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Kashi Vishwanath-Gyanvapi mosque case : SC ने ASI और मस्जिद प्रबंधन को नोटिस जारी किया

Kashi Vishwanath-Gyanvapi mosque case : काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और मस्जिद प्रबंधन समिति को नोटिस जारी किया है। शीर्ष कोर्ट ने यह आदेश हिंदू याचिकाकर्ताओं की याचिका पर दिया है। उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद के ‘वजूखाना’ क्षेत्र का सर्वेक्षण एएसआई से कराने की मांग की है।

AR Rahman : तलाक के बाद एआर रहमान ने साझा की पहली पोस्ट, जीता पुरस्कार

सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते के भीतर मांगा जवाब

हिंदू पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान एक शिवलिंग मिला था। सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 19 दिसंबर तक स्थगित किया

मामले पर वकील वरुण कुमार सिन्हा ने कहा, ज्ञानवापी मामला सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध था। एक आवेदन दायर किया गया था कि वाराणसी जिला न्यायालय के सभी मुकदमों को हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दिया जाए और उन्हें समेकित कर दिया जाए, ताकि सभी सुनवाई एक ही अदालत में हो। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 19 दिसंबर तक स्थगित किया है। उन्होंने कहा, ज्ञानवापी से जुड़ी सभी याचिकाओं को सूचीबद्ध किया जाएगा और सुनवाई शुरू करने की तारीख तय की जाएगी।

तथाकथित ‘वजूखाना’ क्षेत्र में एक शिवलिंग पाया गया

सील किए गए क्षेत्र की एएसआई जांच की मांग वाले अंतरिम आवेदनों को आझ के लिए सूचीबद्ध किया गया था। 16 मई, 2022 को हमने दावा किया था कि तथाकथित ‘वजूखाना’ क्षेत्र में एक शिवलिंग पाया गया था।

अंजुमन इंतजामिया इसको खारिज करती है और कहती है कि यह एक फव्वारा है। हमने इस क्षेत्र की एएसआई जांच की मांग की थी और हमने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अंतरिम आवेदन दायर किया था, जिसे आज के लिए सूचीबद्ध किया गया था। उस पर ही सुप्रीम कोर्ट ने आज अंजुमन इंतजामिया को नोटिस जारी किया है और दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।

Dehradun Car Accident : सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी मॉनिटरिंग कमेटी ने लिया हादसे का संज्ञान

AR Rahman : तलाक के बाद एआर रहमान ने साझा की पहली पोस्ट, जीता पुरस्कार

AR Rahman :  मंगलवार रात संगीतकार एआर रहमान ने अपने प्रशंसकों को तब चौंका दिया जब उन्होंने और उनकी पत्नी सायरा बानो ने शादी के 29 साल बाद अलग होने की घोषणा की। अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर साझा किए गए उस पोस्ट के बाद रहमान अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि, शुक्रवार की सुबह संगीतकार ने अलगाव के बाद अपनी पहली सोशल मीडिया पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में संगीतकार को खुशी जाहिर करते देखा गया है।

Dehradun Car Accident : सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी मॉनिटरिंग कमेटी ने लिया हादसे का संज्ञान

एआर रहमान को मिली बड़ी जीत

दरअसल, एआर रहमान (AR Rahman) ने गुरुवार को एक बड़ी जीत हासिल की। उन्होंने मलयालम फिल्म ‘द गोट लाइफ’ में अपने काम के लिए हॉलीवुड म्यूजिक इन मीडिया अवार्ड्स 2024 में सर्वश्रेष्ठ स्कोर-विदेशी भाषा फिल्म का पुरस्कार जीता। इसी को लेकर रहमान ने अपनी खुशी जाहिर करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।

‘द गोट लाइफ’ के लिए जीता अवॉर्ड

एआर रहमान ने आधी रात के बाद एक्स पर हॉलीवुड म्यूजिक इन मीडिया अवार्ड्स में विजेताओं की पूरी सूची पर एक बिलबोर्ड लेख साझा किया। उन्होंने इसके साथ लिखा, ‘स्कोर- इंडिपेंडेंट फिल्म (विदेशी भाषा), द गोट लाइफ- एआर. रहमान।’ पोस्ट को देखकर प्रशंसकों और साथी कलाकारों ने संगीतकार को बधाई दी। कई लोगों ने कहा कि इससे उन्हें ‘ऑस्कर 2025’ में सम्मानित किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया।

वीडियो जारी कर दिया धन्यवाद

गुरुवार शाम को रहमान ने एक वीडियो भी जारी किया। इसमें वह फिल्म की टीम और प्रशंसकों को उनके साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद देते नजर आए। उन्होंने कहा, ‘एक विदेशी भाषा की फिल्म द गोट लाइफ के लिए सर्वश्रेष्ठ स्कोर का यह पुरस्कार प्राप्त करना एक अविश्वसनीय सम्मान है। मैं स्कोर को मान्यता देने के लिए हॉलीवुड म्यूजिक एंड मीडिया अवार्ड्स का बहुत आभारी हूं। यह प्रोजेक्ट प्यार का परिणाम था, और मैं इस पल को संगीतकारों और तकनीशियनों की अपनी अद्भुत टीम, निर्देशक ब्लेसी और उन सभी लोगों के साथ साझा करता हूं जो हमारे द्वारा जीवन में लाए गए दृष्टिकोण पर विश्वास करते थे।

Song Dam Drinking Water Project : सौंग बांध पेयजल परियोजना को लेकर सीएम धामी की बैठक

 

Dehradun Car Accident : सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी मॉनिटरिंग कमेटी ने लिया हादसे का संज्ञान

Dehradun Car Accident : ओएनजीसी चौक पर हुए हादसे का संज्ञान सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी मानीटरिंग कमेटी ने लिया है। कमेटी ने शासन से इस पर जवाब मांगा है। पूछा गया है कि आखिर हादसे के बाद शासन के स्तर से क्या कदम उठाए गए। इस हादसे के पीछे क्या वजह रही।

Song Dam Drinking Water Project : सौंग बांध पेयजल परियोजना को लेकर सीएम धामी की बैठक

ऐसे तमाम बिंदुओं पर कमेटी ने शासन से रिपोर्ट मांगी है। शासन ने परिवहन विभाग (Dehradun Car Accident) को बिंदुवार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। घटना के पीछे के कारणों की पड़ताल करने के साथ ही सुझावों को भी रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है। ताकि, शहर में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर तक रिपोर्ट भेजनी है। उधर, घटना की जांच हरियाणा का जेपी इंस्टीट्यूट भी कर रहा है। वह बेहद वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रिपोर्ट तैयार कर रहा है।

विशेषज्ञ रिपोर्ट के सामने आने के बाद घटना के कारणों का पता लगाया जा सकेगा। गत बुधवार को टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहन की जांच की।

Adani Row : गौतम अदाणी पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने व धोखाधड़ी के आरोप

Song Dam Drinking Water Project : सौंग बांध पेयजल परियोजना को लेकर सीएम धामी की बैठक

देहरादून : Song Dam Drinking Water Project  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सौंग बांध पेयजल परियोजना पर कार्य शुरू करने के लिए विस्थापन की कार्यवाही जल्द की जाए। जिन प्रभावित परिवारों को विस्थापित किया जाना उनकी यथासंभव सहमति के आधार पर शीघ्र भूमि उपलब्ध कराई जाए।
जिन परिवारों को विस्थापन किया जायेगा, उनके लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रभावित परिवारों से बातचीत कर सहमति के आधार पर सामुदायिक भवन, मंदिर, संड़क एवं अन्य कोई निर्माण करने की आवश्यकता हो तो किये जाएं। जमरानी बांध परियोजना पर कार्यों में और तेजी लाने के भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये।
सौंग बांध पेयजल परियोजना (Song Dam Drinking Water Project) से देहरादून शहर की लगभग 11 लाख आबादी को प्रतिदिन 150 एम.एल.डी. पेयजल की आपूर्ति होगी। जिससे भूजल स्तर में भी सुधार होगा। बांध के डाउनस्ट्रीम में स्थित 10 गांवों की लगभग 15 हजार आबादी की बाढ़ से सुरक्षा भी होगी।
बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री एस.एन. पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, अपर सचिव श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री ललित मोहन रयाल, सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर श्री जयपाल सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

Adani Row : गौतम अदाणी पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने व धोखाधड़ी के आरोप

Adani Row : अमेरिकी अभियोजकों ने अदाणी (62), उनके भतीजे सागर अदाणी और अन्य पर सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए 2020 से 2024 के बीच भारतीय सरकारी अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर से अधिक की रिश्वत देने का आरोप लगाया। एक अनुमान के अनुसार इससे समूह को संभावित रूप से दो अरब डॉलर से अधिक का लाभ हो सकता है।

Jamrani Dam Project : जमरानी बांध परियोजना का कामकाज पकड़ रहा रफ्तार, 11 करोड़ होंगे खर्च

अदाणी समूह के मुखिया उद्योगपति गौतम अदाणी पर अमेरिकी अभियोजकों ने भारत में सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए अपने पक्ष में शर्तें रखने के बदले भारतीय अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर (करीब 21 अरब डॉलर) की रिश्वत देने का आरोप लगाया है। पिछले साल हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट से शुरू हुए विवाद के बाद अदाणी समूह पर नए आरोप क्या हैं? सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने का ताजा मामला क्या है? सबकुछ यहां जानें

अमेरिकी अभियोजकों ने अदाणी समूह पर क्या आरोप लगाए हैं?

अमेरिकी अभियोजकों ने अदाणी (62), उनके भतीजे सागर अदाणी और अन्य पर सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए 2020 से 2024 के बीच भारतीय सरकारी अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर से अधिक की रिश्वत देने का आरोप लगाया। एक अनुमान के अनुसार इससे समूह को संभावित रूप से दो अरब डॉलर से अधिक का लाभ हो सकता है।

अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया कि यह सब उन अमेरिकी बैंकों और निवेशकों से छुपाया गया, जिनसे अदाणी समूह ने इस परियोजना के लिए अरबों डॉलर जुटाए थे। अमेरिकी कानून अपने निवेशकों या बाजारों से जुड़े विदेशों में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच को आगे बढ़ाने की अनुमति देता है। अदाणी समूह से इस संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन फिलहाल उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

अमेरिकी अटॉर्नी ब्रायन पीस ने अदाणी समूह के खिलाफ क्या कहा?

न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी ब्रायन पीस ने बयान में कहा, ‘‘प्रतिवादियों ने अरबों डॉलर के अनुबंध हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की एक विस्तृत साजिश रची।’’ विभिन्न कारोबारों से जुड़े अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी, उनके भतीजे एवं अदाणी ग्रीन एनर्जी के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी और कंपनी के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रहे विनीत जैन पर प्रतिभूति धोखाधड़ी, प्रतिभूति धोखाधड़ी साजिश और वायर धोखाधड़ी की साजिश का आरोप लगाया गया है। अदाणी पर अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग के एक दीवानी मामले में भी आरोप लगाए गए हैं। अभियोग में सागर और जैन पर संघीय कानून तोड़ने के भी आरोप लगाये गये हैं।

अदाणी के खिलाफ ताजा विवाद कनाडा से कैसे जुड़ा है?

अमेरिकी अधिकारियों ने कथित साजिश के संबंध में कनाडाई पेंशन फंड सीडीपीक्यू के तीन पूर्व कर्मचारियों पर भी आरोप लगाए हैं। इसमें कहा गया कि उन्होंने ई-मेल ‘डिलीट’ कर और अमेरिकी सरकार को गलत जानकारी देने के लिए सहमत होकर रिश्वत के मामले की जांच में बाधा डाली। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश करने वाला सीडीपीक्यू अदाणी की कंपनियों में शेयरधारक है।

ताजा विवाद का समूह पर क्या असर पड़ सकता है?

अदाणी समूह पर ये आरोप उसे फिर से समस्याओं में डाल सकता है। इससे पहले, अमेरिकी शोध एवं निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने समूह पर धोखाधड़ी के आरोप लगाये थे, जिससे वह अभी उबरा ही था। हिंडनबर्ग ने जनवरी 2023 में शेयरों में हेराफेरी और लेखा के स्तर पर गड़बड़ी करने के आरोप लगाये थे। अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग के सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया था। इन आरोपों के कारण समूह के बाजार मूल्यांकन में 150 अरब डालर का नुकसान हुआ था। हालांकि समूह उससे उबर गया और कंपनियों के शेयरों में जो नुकसान हुआ था, उसकी काफी हद तक भरपाई कर ली गयी।

अदालत के दस्तावेज के अनुसार, ‘‘विशेष रूप से 17 मार्च 2023 को या उसके आसपास एफबीआई (संघीय जांच ब्यूरो) के अधिकारियों ने अमेरिका में सागर अदाणी से संपर्क किया और तलाशी वारंट के तहत उनके पास मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया।’’

Order of Excellence : पीएम मोदी को गुयाना का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’

Jamrani Dam Project : जमरानी बांध परियोजना का कामकाज पकड़ रहा रफ्तार, 11 करोड़ होंगे खर्च

Jamrani Dam Project : सिंचाई विभाग की जमरानी बांध परियोजना का कामकाज रफ्तार पकड़ रहा है। बांध निर्माण के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल होगा, ऐसे में सिंचाई विभाग अमृतपुर से जमरानी बांध को जाने वाले मार्ग की क्षमता बढ़ाने के साथ आवश्यकता वाली जगह को चौड़ा करने की तैयारी की है।

Order of Excellence : पीएम मोदी को गुयाना का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’

सिंचाई विभाग ने बांध निर्माण को लेकर बढ़ाए कदम

इस कार्य में 11 करोड़ खर्च होंगे। नैनीताल जिले में जमरानी बांध (Jamrani Dam Project) महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसमें नौ किमी की झील निर्मित होनी है। सिंचाई विभाग ने बांध निर्माण को लेकर कदम बढ़ाए हैं। अक्तूबर में बांध प्रभावितों को मुआवजा बांटने की प्रक्रिया की गई थी।

मार्ग को 11 करोड़ की लागत से सुधारा जाएगा

अब विभाग बांध निर्माण के लिए अमृतपुर से जमरानी को जाने वाली प्रोजेक्ट रोड को बेहतर करने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे बांध निर्माण के लिए भारी मशीनरी को सुगमतापूर्वक पहुंचाया जा सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सिंचाई विभाग की प्रोजेक्ट रोड है, इस सात किमी मार्ग को 11 करोड़ की लागत से सुधारा जाएगा। इसमें जहां भारी मशीनरी को ले जाने वाला मार्ग कम चौड़ा है, वह चौड़ा किया जाएगा। इस काम को तय समय से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रोजेक्ट रोड को सुधारने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं, इस कार्य को पूरा करने के लिए नौ महीने का समय रखा गया है। यह प्रयास किया जाएगा कि इसे पांच महीने में पूरा कर लिया जाए। मार्ग सुधारीकरण से बांध निर्माण के लिए भारी मशीनरी को ले जाने में और सुगमता होगी। -सुभाष पांडेय, निदेशक उत्तराखंड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड

Clean Toilet Challenge – 2023 : सार्वजनिक शौचालयों की साफ सफाई में उत्तराखंड को मिला तीसरा पुरस्कार

Order of Excellence : पीएम मोदी को गुयाना का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’

Order of Excellence :  गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली ने जॉर्जटाउन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे गुयाना के सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए मैं अपने मित्र राष्ट्रपति इरफान अली का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान है। यह हमारे संबंधों के प्रति आपकी गहरी प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है। जो हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

Clean Toilet Challenge – 2023 : सार्वजनिक शौचालयों की साफ सफाई में उत्तराखंड को मिला तीसरा पुरस्कार

‘हम हर दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे’

उन्होंने कहा कि भारत और गुयाना संबंध हमारे साझा इतिहास, सांस्कृतिक धरोहर और गहरे आपसी विश्वास पर आधारित है। इन संबंधों को अभूतपूर्व ऊंचाईयों तक ले जाने में राष्ट्रपति इरफान अली का निजी रूप से बहुत बड़ा योगदान रहा है उनके नतृत्व में हम हर दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

‘हमारा सहयोग पूरे ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की चर्चाओं में मैंने भारत के लोगों के प्रति उनके स्नेह और आदर को महसूस किया। भारत भी गुयाना के साथ हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए तैयार है। दो लोकतंत्रों के रूप में हमारा सहयोग केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए नहीं, बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण है।

‘भारत और गुयाना के बीच समानताओं के कई उदाहरण’

उन्होंने कहा कि अनेक नदियां, झरना और झीलों से समृद्ध गुयाना को ‘अनेक जलों की भूमि’ कहा जाता है। जिस प्रकार से गुयाना की नदियां यहां के लोगों की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं, उसी प्रकार भारत की गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र जैसी महान नदियां हमारी प्राचीन सभ्यता का जन्म स्थल रही है। भारत और गुयाना के बीच समानताओं के ऐसे कई उदाहरण हैं, जो हमारे ऐतिहासिक संबंधों और भी गहरा करते हैं।

कई देशों के सर्वोच्च सम्मान से किया गया है सम्मानित

प्रधानमंत्री मोदी को कई देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। बीते जुलाई माह में ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’, से सम्मानित किया गया था। उससे पहले पीएम मोदी को भूटान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो से भी सम्मानित किया गया। भूटान ने पहली बार किसी गैर भूटानी व्यक्ति को यह सम्मान दिया है। प्रधानमंत्री मोदी को संयुक्त अरब अमीरात, अफगानिस्तान, बहरीन और सऊदी अरब, फ्रांस, मिस्त्र, फिजी, पापुआ न्यू गिनी, पलाऊ, अमेरिका, मालदीव, फलस्तीन के भी शीर्ष नागरिक पुरस्कार मिल चुके हैं।

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Clean Toilet Challenge – 2023 : सार्वजनिक शौचालयों की साफ सफाई में उत्तराखंड को मिला तीसरा पुरस्कार

देहरादून : Clean Toilet Challenge – 2023   सार्वजनिक शौचालयों के रख – रखाव और स्वच्छता के लिए केंद्र सरकार की ओर से आयोजित ‘क्लीन टॉयलेट चैलेंज – 2023’ प्रतियोगिता में उत्तराखंड को देश के सभी राज्यों के बीच तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
केंद्रीय आवासन और शहरी विकास मंत्रालय के अधीन संचालित स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की ओर से देशभर में सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बढ़ाने के साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत सार्वजनिक शौचालयों को चालू हालत में रखने, इन तक पहुंच को आसान बनाने के साथ ही साफ सफाई और सुरक्षा पर फोकस किया जा रहा है।
इसके लिए, गत वर्ष मिशन की ओर से क्लीन टॉयलेट चैलेंज – 2023 (Clean Toilet Challenge – 2023) प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। जिसमें विभिन्न राज्यों से प्राप्त आवेदनों के बाद उत्तराखंड को सौ से अधिक निकायों वाले राज्यों की सूची में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस लिस्ट में गुजरात प्रथम और उड़ीसा दूसरे स्थान पर रहा है। सर्वे में शामिल उत्तराखंड के लगभग 40 प्रतिशत पब्लिक टॉयलेट स्वच्छता और सुरक्षा के उच्चतम कोटि के मानकों पर खरे उतरे हैं।
उत्तराखंड में कुल 2553 सार्वजनिक शौचालय सीट हैं, जो ज्यादातर शहरी निकाय, यात्रा मार्ग, तीर्थस्थलों, पर्यटन स्थलों पर मौजूद हैं। सचिव शहरी विकास नितेश झा के अनुसार सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता के लिए, सभी निकायों को खासकर निर्देश दिए गए हैं, साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत मिशन, के जरिए देश वासियों में स्वच्छता के प्रति जागरुकता पैदा की है। प्रदेश सरकार भी स्वच्छता अभियान मिशन मोड पर संचालित कर रही है, शहरी विकास विभाग सार्वजनिक शौचालयों के रख रखाव के लिए निश्चित तौर पर प्रशंसा का पात्र है।

WFH In Delhi-Gurugram : दिल्ली सरकार का एलान, 50 फीसदी स्टाफ करेगा वर्क फ्रॉम होम

WFH In Delhi-Gurugram : दिल्ली समेत एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पाबंदियां लगाई जा रही है। दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि अब सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे और 50 फीसदी कार्यालय आएंगे। राजधानी में जैसे जैसे प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है सरकार की ओर से चीजों को लेकर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। ग्रेप-4 पहले ही लागू हो चुका है। स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया है। अब कर्मचारियों के स्वास्थ्य को देखते हुए घर से काम करने के लिए कहा है।

Kedarnath By Election : केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी,आशा नौटियाल ने डाला वोट

दिल्ली में सरकारी कर्मचारी घरों से काम करेंगे

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ़्तरो में वर्क फ्रॉम होम (WFH In Delhi-Gurugram) का निर्णय लिया है। 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे। इसके इम्पलिमेंटेशन के लिए सचिवालय में आज दोपहर एक बजे अधिकारियों के साथ बैठक होगी।

गुरुग्राम में भी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा

वहीं गुरुग्राम में भी बढ़ते एक्यूआई को देखते हुए मंगलवार को जिला प्रशासन ने वर्क फॉर होम (WFH In Delhi-Gurugram) के लिए एडवाइजरी जारी कर दी। उपायुक्त अजय कुमार की ओर से जारी इस एडवाइजरी में कॉर्पोरेट और निजी क्षेत्र की कंपनियों से कहा गया है कि 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से ही काम करने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही उपायुक्त ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की भौतिक उपस्थिति पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

दिल्ली-एनसीआर में स्कूल बंद

दिल्ली में वायु प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी में पहुंचते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कक्षा 12वीं तक के स्कूल बंद करने के आदेश दिए। सभी कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी। साथ ही एनसीआर के जिलों में से फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुरुग्राम, नोएडा में भी प्रशासन ने 12वीं तक के स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। वहीं कॉलेजों की बात करें तो जामिया मिलिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने भी ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया।

किन वाहनों पर प्रतिबंध

जीआरएपी 4 प्रतिबंधों के तहत सबसे प्रमुख उपायों में दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध शामिल है। जिसमें आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों को अपवाद के रूप में रखा गया है। इसके अलावा, एलएनजी, सीएनजी, बीएस-VI डीजल या इलेक्ट्रिक पावर जैसे स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों को प्रतिबंधों से छूट दी गई है। इस बीच, दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-जरूरी हल्के वाणिज्यिक वाहनों पर भी प्रतिबंध है, सिवाय सीएनजी, इलेक्ट्रिक पावर और बीएस-VI डीजल से चलने वाले वाहनों के। GRAP 4 के तहत, दिल्ली में पंजीकृत मध्यम और हल्के वाणिज्यिक वाहन जो डीजल या बीएस-IV पर चलते हैं, उन पर भी प्रतिबंध है, सिवाय जरूरी वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों के। निजी वाहनों पर कोई नया प्रतिबंध नहीं है।

पूरे एनसीआर में प्रतिबंध लागू

ये प्रतिबंध सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जैसे आसपास के इलाकों में भी लागू होंगे। जो लोग नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन्हें 20,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। अन्य सभी निजी वाहन जिनके पास BS-IV पेट्रोल और BS-VI डीजल प्रमाणन और उससे ऊपर है, उन्हें इस अवधि के दौरान बिना किसी प्रतिबंध के शहर में चलने की अनुमति होगी।

निजी वाहनों पर क्या प्रतिबंध हैं?

राजधानी क्षेत्र में वाहन मालिकों पर अब कड़ी निगरानी रखी जा रही है। क्योंकि अधिकारी शहर में प्रदूषण के स्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी से निपटने के लिए प्रयास बढ़ा रहे हैं। वाहन मालिकों को अपने वाहन को बाहर ले जाने से पहले वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र साथ रखना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है, तो उन्हें भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नियमों का पालन न करने वाले वाहनों पर अपनी कार्रवाई को कई गुना बढ़ा दिया है। इस साल 31 अक्तूबर तक नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 2.70 लाख से ज्यादा चालान जारी किए हैं।

वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाना एक गंभीर अपराध है और इसके लिए 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के व्यापक उपायों का हिस्सा है, जो दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वाहन मालिकों को दंड से बचने के लिए नियमित रूप से अपने पीयूसी प्रमाणपत्रों की जांच और रिन्युअल करवाना चाहिए।

ग्रेप-4 में ये सब है बंद

– दिल्ली के बाहर से आने वाले सभी ट्रकों को प्रवेश पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, जरूरी सामान लाने वाले व सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों पर पाबंदी से छूट दी गई है।

– दिल्ली में पंजीकृत मध्यम व भारी डीजल संचालित माल वाहनों पर प्रतिबंध। जरूरी सामान वाले वाहनों को छूट मिलेगी।

– एनसीटी दिल्ली व एनसीआर में डीजल चलित चार पहिया वाहनों पर रोक रहेगी। हालांकि, आपातकालीन वाहनों को छूट दी गई है। इस श्रेणी में केवल बीएस-6 वाहन चल सकते हैं।

– एनसीआर में उद्योगों पर पाबंदी। जहां पीएनजी ईंधन की सुविधा नहीं है और सरकार द्वारा अधिकृत सूची से बाहर के ईंधन का उपयोग किया जा रहा है तो रोक लगेगी। हालांकि, दूध व डेयरी उत्पादों और मेडिकल उपकरणों से जुड़े उद्योगों को छूट दी जाएगी।

– निर्माण व विध्वंस गतिविधियों पर रोक। इसके अलावा फ्लाईओवर, राजमार्ग, पुल व पाइपलाइन समेत अन्य गतिविधियों पर रोक। केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को घरों से काम करने की छूट दे सकती है।

– एनसीआर राज्य सरकारें सार्वजनिक, निगम और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी क्षमता के साथ घरों से काम करने की छूट दे सकती है।

– राज्य सरकारें स्कूल व कॉलेज को बंद करने के साथ गैर आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों को बंद कर सकती है।

– राज्य सरकार लागू कर सकती है ऑड-ईवन योजना

– डीजल जनरेटर सेट पर प्रतिबंध

CM Visit Garsain : गैरसैंण के ऐतिहासिक गांव सारकोट पहुंच कर CM धामी ने सुनी जन समस्याएं

 

Kedarnath By Election : केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी,आशा नौटियाल ने डाला वोट

Kedarnath By Election : इस वर्ष नौ जुलाई को केदारनाथ विस की विधायक शैलारानी रावत के निधन से यह सीट खाली हो गई थी। जिसके लिए आज मतदान हो रहा है। आज केदारनाथ विधानसभा के 90 हजार से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

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केदारनाथ धाम, आपदा के मुद्दे को कांग्रेस मान रही ताकत

उपचुनाव में कांग्रेस की ताकत केदारनाथ धाम के नाम पर दिल्ली में प्रतीकात्मक मंदिर का निर्माण, धाम से सोना गायब होना, केदारघाटी में आपदा के मुद्दे को ताकत मान रही है। 2017 में केदारनाथ विस जीत कर मनोज रावत ने महिला उम्मीदवार जीतने का मिथक तोड़ा था। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार भी मनोज रावत मिथक को तोड़ेंगे।

सुबह नौ बजे तक कुल 4.30 फीसदी मतदान

केदारनाथ विधानसभा सीट पर सुबह नौ बजे तक कुल 4.30 फीसदी मतदान हुआ है। मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। पोलिंग बूथों पर भी लोगों के आने का सिलसिला जारी है।

आशा नौटियाल और मनोज रावत ने डाला वोट

केदारनाथ उपचुनाव सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत ने भणज पोलिंग बूथ पर वोट डाला। वहीं भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने सारी गांव में अपना मतदान किया।

प्रचार में चिरपरिचित अंदाज में दिखे पूर्व सीएम हरीश रावत

पूर्व सीएम हरीश रावत भी प्रचार में चिरपरिचित अंदाज में दिखे। प्रचार के दौरान महिला मतदाताओं को साधने के लिए खेत खलियान में भी गए। प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक प्रीतम सिंह, चुनाव प्रभारी व विधायक विक्रम सिंह नेगी, पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत समेत सभी दिग्गजों ने प्रत्याशी मनोज रावत की जीत के लिए प्रचार किया।

कांग्रेस की चाहत 2027 के लिए बड़ा संदेश देने की

कांग्रेस की चाहत केदारनाथ में जीत के साथ 2027 के लिए एक बड़ा संदेश देने की भी है। लोस चुनाव में पांचों सीट हारने के बाद कांग्रेस के हौसले पस्त थे, लेकिन बदरीनाथ व मंगलौर विस उपचुनाव में जीत ने उम्मीदों से भर दिया। उसने मिशन केदारनाथ के लिए प्रचार में पूरी ताकत झोंकी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मोर्चा संभाला।

कांग्रेस ने प्रचार में एकजुटता से किए वार

अलग-अलग गुटों में बंटी कांग्रेस उपचुनाव के प्रचार युद्ध में भाजपा पर पूरी एकजुटता संग वार-पलटवार करती नजर आई। अब उसे मनचाहे नतीजे का इंतजार है। बदरीनाथ व मंगलौर उपचुनाव में जीत का उत्साह केदारनाथ के प्रचार को प्रचंड बनाने में उसके खूब काम आया।

भाजपा की ये ताकत और ये कमजोरी

उपचुनाव में भाजपा की ताकत का जिक्र करें तो प्रदेश और केंद्र में सरकार, केदारनाथ से सीधे पीएम मोदी का जुड़ाव, सीएम, मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारियों का प्रचार, महिला मतदाता बहुल सीट पर दो बार की विधायक रही महिला चेहरे आशा नौटियाल पर लगाया गया दांव, कराए गए विकास कार्य मजबूत पक्ष माने जा रहे हैं। भाजपा उम्मीद कर रही कि एक बार महिला प्रत्याशी पर लगाया गया दांव सही साबित होगा और महिला उम्मीदवार की जीत का मिथक दोहराएगा, जबकि नई दिल्ली में केदारनाथ मंदिर का शिलान्यास भाजपा का कमजोर पक्ष माना जा रहा।

पहले घंटे में 5.33 प्रतिशत हुआ मतदान

केदारनाथ विधानसभा सीट पर मतदान जारी है। पहले घंटे में 5.33 प्रतिशत हुआ मतदान।

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