Friday, April 24, 2026
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स्ट्रीट लाईटों से जुड़ी शिकायतों पर डीएम सख्त

 

*दीपावली तक लाईट सेक्शन से जुड़े सभी अधिकारी कार्मिकों की छु्ट्टी पर रोक।*

*अबतक लगभग 6 हजार लाइट की जा चुकी हैं, ठीक*

*लाईट टीमों के कार्यों की निगरानी हेतु 06 अधिकारियों की तैनाती*

*लाईट से जुड़ी शिकायतों की कन्ट्रोलरूम से भी मॉनिटिरिंग*

देहरादून दिनांक 20 अक्टूबर 2024,(जि.सू.का.), नगर निगम देहरादून क्षेत्रान्तर्गत खराब स्ट्रीट लाईट मरम्मत एवं बदलने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत प्रतिदिन 500 से अधिक लाईटे टीमों द्वारा बदली जा रही है। इसके लिए 09 अक्टूबर से 35 टीमें प्रतिदिन वार्डवार जाकर लाईन बदलने का कार्य कर रही हैं,जिनके कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटिरिंग की जा रही है। नगर निगम की टीम द्वारा आज विभिन्न वार्डों में लगभग 480 से अधिक लाईट ठीक की गई हैं वही देर रात प्राप्त सूचना के अनुसार नगर निगम की सभी टीमों द्वारा मिलकर कुल 646 लाईटों की मरम्मत की गई है।

*नगर निगम द्वारा वार्डवार 35 टीमों की रवानगी तिथि 09 अक्टूबर 2024 से अबतक लगभग 6 हजार से अधिक लाईटें ठीक की जा चुकी हैं।*

*डीएम के निर्देश पर दीपावली तक नगर निगम के लाईट कार्यों से जुड़े अधिकारी कार्मिकों, टीमों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है।*

वहीं ईईएसएल ने मेरठ रिपेयर सेंटर को भेजी गई 570 लाईटें मरम्मत उपरान्त प्राप्त हो गई हैं। तथा 208 मरम्मत की गई लाइटें ईईएसएल द्वारा नगर निगम को सौंप दी गई हैं, जबकि 334 लाइटें नगर निगम द्वारा मरम्मत के लिए ईईएसएल को दी गई हैं। अब तक निगम के पास 1500 से अधिक लाइटें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त कुल 11 टीमें पार्षद और जन प्रतिनिधियों के पास भेजी गईं, जबकि बाकी अन्य टीमें सीएम हेल्पलाइन और अन्य शिकायतों पर काम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष के बीच राज्य से जुडे विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा

*पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नीति बनाने का सीएम ने किया अनुरोध।*

*राज्य के सामरिक महत्व को देखते हुए नीति बने-सीएम।*

*नीति आयोग के उपाध्यक्ष से आपदा, वनाग्नि, राज्य की फ्लोटिंग आबादी के दृष्टिगत विशेष सहयोग की अपेक्षा की।*

*नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने एस.डी.जी रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मुख्यमत्री को दी बधाई।*

*राज्य की प्रमुख चुनौतियों पर हर संभव सहयोग का दिया आश्वासन।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी के साथ राज्य से जुड़े अहम विषयों पर बैठक की। मुख्यमंत्री ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत किया।

 

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। राज्य में पर्वतीय, मैदानी, भाबर और तराई क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा, वनाग्नि, पलायन और फ्लोटिंग जनसंख्या बड़ी चुनौती है। दो देशों की अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे होने के कारण उत्तराखण्ड सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से अनुरोध किया कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक परिस्थियों को ध्यान में रखते हुए नीतियों का निर्धारण किया जाए। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों की आजीविका में वृद्धि के लिए विशेष नीति बनाने का अनुरोध भी किया। इससे पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन जैसी बड़ी समस्या का समाधान होगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिम आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोड़े जाने की एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर कार्य कर रही है, इसके दीर्घकालिक परिणाम गेम चेंजर साबित होंगे। “नदी-जोड़ो परियोजना“ के क्रियान्वयन के लिए अत्यधिक धनराशि की आवश्यकता है जिसके लिये उन्होंने इसके नीति आयोग से तकनीकी सहयोग के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जनसख्या मूल रूप से लगभग सवा करोड़ है, लेकिन धार्मिक और पर्यटन प्रदेश होने की वजह से राज्य में इससे 10 गुना लोगों की आवाजाही है। राज्य में फ्लोटिंग जनंसख्या को ध्यान में रखते हुए आधारभूत और बुनियादी सुविधाओं के विकास की आवश्यकता होती है। उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से अनुरोध किया राज्य में फ्लोटिंग आबादी को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए नीति बने।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से बहुत संवेदनशील राज्य है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य को प्रत्येक साल जन-धन की काफी क्षति होती है। राज्य में विकसित किया गया इन्फ्रास्टक्चर प्राकृतिक आपदाओं के कारण काफी प्रभावित होता है। उन्होंने अनुरोध किया कि राज्य की प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए नीति बनाई जाय। उन्होंने कहा कि वनाग्नि भी राज्य की बड़ी समस्या है। राज्य में वनाग्नि की चुनौतियों से समाधान के लिए राज्य को पर्याप्त संसाधनों की आवश्यकता होगी। राज्य के सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए भी विशेष नीति बनाने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री ने किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने की दिशा में लिए ’सशक्त उत्तराखण्ड पहल“ वर्ष 2022 में आरम्भ किया गया, जिसके अन्तर्गत आगामी पांच वर्षों में राज्य की आर्थिकी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हमने राज्य की आर्थिकी वर्ष 2022 के सापेक्ष 1.3 गुना हो चुकी है। हमने इस लक्ष्य को पूरा करने हेतु अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक रोडमेप तैयार किये है।

 

नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी ने नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान मिलने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज बैठक में राज्य की प्रमुख चुनौतियों से संबंधित जिन विषयों पर चर्चा हुई है, इन सभी विषयों पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के आकांक्षी जनपदों और विकासखण्डों के विकास के लिए भी नीति आयोग द्वारा हर संभव सहयोग दिया जायेगा।

 

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के सेतु आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजशेखर जोशी, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आरं के. सुधांशु, राज्य सलाहकार नीति आयोग, भारत सरकार सोनिया पंत, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुदंरम, श्री शैलेश बगोली, श्री एस.एन.पाण्डेय, अपर सचिव श्री विजय कुमार जोगदण्डे, सीपीपीजीजी के एसीईओ डॉ. मनोज पंत उपस्थित थे।

वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को सुनने के लिए मसूरी में संवाद करेंगे अधिकारीः डीएम

स्पेशल पेंशन शिविर लगाकर पेंशन के पात्र लाभार्थियों को किया जाएगा लाभान्वितः डीएम

 

पर्यटक एवं स्थानीय लोगों को सुगम सुविधा उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी।

 

सीएससी सेन्टर की कार्यवाही हेतु एसडीएम को निर्देश।

 

पुलिस एवं लोनिवि को मॉलरोड पर स्पीड रोधक बनाने हेतु कार्य/उपकरण के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश

 

देहरादून दिनांक 18 अक्टूबर 2024, जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में नगर पालिका परिसर में जनता दर्शन, जनता दरबार लगाया गया, जिसमें जनमानस की समस्या सुनी तथा अधिकतर शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया। आज शिकायतों में अतिक्रमण, आवारा पशुओं, बंदरों, पार्किंग, ओवर स्पीड, वाहन संचालित करने, यातायात,वृद्धावस्था पैंशन, सड़क पर सीवर बहने आदि शिकायतें प्राप्त हुई। शिविर में आई 53 शिकायत।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो शिकायतें प्राप्त हुई हैं उनका एक सप्ताह के भीतर निस्तारण करना सुनिश्चित करते हुए वस्तुस्थिति से अवगत करायेंगे। वृद्धावस्था पेंशन की शिकायत पर जिलाधिकारी ने शिविर लगाते हुए पेंशन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्रों को लभान्वित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सीएससी सेन्टर खोले जाने की स्थानीय लोगों की मांग पर उप जिलाधिकारी मसूरी को निर्देश दिए। जिलाधिकारी पुलिस एवं लोनिवि को मॉलरोड पर स्पीड रोधक बनाने हेतु कार्य /उपकरण लगाने के प्रस्ताव मांगे कहा नही होगी धन की कमी। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटक एवं स्थानीय लोगों को सुगम सुविधा उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है, इस दिशा में अधिकारियों बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए।

स्थानीय निवासी जसबीर कौर मोतीलाल नेहरू मार्ग, सर्कुलर रोड़ की हालत खराब, आवारा पशुओं से लोग परेशान, बन्दर, कुत्तो की समस्या, टैक्सी स्कूटी सड़क पर अवैध तरीके से खड़ी है, सर्वे ऑफ इंडिया के सर्वे आज तक पूरा नही हुआ,नोटिफाइड, डी नोटिफाइड स्टेट क्लियर किया जाए, सड़को पर अतिक्रमण बढा है। जिलाधिकारी ने सड़क की शिकायतों पर उन्होंने अधि अभि लोनिवि से जानकारी ली, 1 करोड़ 75 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा है, चौम्बर सड़क से ऊपर है उनको ठीक किया जाएगा, मोतीलाल नेहरू मार्ग, को लेकर उच्च अधिकारी से बात करेंगे, आवारा पशुओं को लेकर डीएम ने ईओ से पूछा क्या व्यवस्था है, स्ट्रीट डॉग, मंकी की शिकायत को दूर करे। वहीं एक शिकायत कर्ता ओपी उनियाल ने बताया कि ट्रेफिक बहुत बढ़ गया,टाउन हॉल डेढ़ वर्षाे से बन्द पड़ा है, संचालन नही हो रहा, बारिश में सैलानियों के लिए कोई शेड नही, मालरोड में ट्रैफिक, वाहनों की रफ्तार बहुत बढ़ गई है, स्पीड मीटर लगाए जाएं, डीएम ने कहा मालरोड में ब्रेकर लगाने के लिए प्रस्ताव दे, नगर पालिका से फंड दिया जायेगा, ओवर स्पीड को रोकना जरूरी है।

ि मालरोड में करोड़ो खर्च करने के बाद पानी की निकासी नही है, चौम्बर सड़क लेवल से नीचे और ऊपर है लोग गिर रहा। लोहे के चौम्बर ढक्कन पर फिसलन हो रही है,जिस पर जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिकारियों को कार्य करने के निर्देश दिए। बारिश में शेड बनाने के लिए एसडीएम से बात की क्या हो सकता है। मॉलरोड में सफेद लाइन लगाने से लोग गाड़ियां लगा रहे, इससे ट्रेफिक जाम लग रहा है, जिस पर जिलाधिकारी ने मसूरी में पर्यटक पुलिस की तैनाती करने तथा सड़क पर सफेद लाइन की जगह येलो लाइन लगाना तथा नो पार्किंग बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।

वहीं एक शिकायतकर्ता ने घर के बगल में बार रेस्टोरेंट है जहां से तेज़ म्यूजिक से परेशान है, घर मे रहना मुश्किल हो गया, रात रात तक तेज़ म्यूजिक बजता है, 12 से 1 बजे तक म्यूजिक बज रहा इससे आसपास के लोग परेशान है। जिस पर पुलिस को कार्यवाही के निर्देश दिए।

कैम्पटी रोड़ स्थानीय निवासी हिम्मत सिंह- ने सीवर लाइन नही है क्षेत्र में, 5 परिवार को सीवर लाइन से नही जोड़ा गया है, जिस पर डीएम ने जल निगम के अधिकारियों को समस्या के समाधान करते हुए वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए।

पार्क स्टेट सुशील नौटियाल ने कॉमन पार्क रोड़ पर्यटन विभाग ने बन्द कर दिया, दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा, पार्क रोड खुलवाने की मांग, पर पर्यटन अधिकारी ने बताया कि अतिक्रमण किया है शिकायत की है, पर्यटन विभाग ने अपनी संपत्ति पर कब्जा किया है, जिस पर जिलाधिकारी ने दोनो पक्षों को भूमि के अभिलेख लेकर आने को कहते दोनो पक्षों सुकी निर्णय लेने की बात कही। पुष्पा पडियार ने कहा-नशा बढ़ रहा, युवा वर्ग नशे की चपेट में है, नशा के खिलाफ अभियान चलाते हुए कार्यवाही की जाए, कैमल बैक, झाडिपानी सहित कई क्षेत्रों में अभियान चलाने की मांग की जिस पर कार्यवाही के निर्देश दिए। झाडिपानी मार्ग 4 साल से रोड खराब है, सीवर लाइन नही है पर अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश दिए। वहीं अवतार कुकरेजा-अकेले रहने वाले सीनियर सिटीजन के साथ कोई मीटिंग नही हुई, सत्यापन नही हो रहा, अकेले रहने वाले और परिवार के साथ रहने वाले सीनियर सिटीजन का सत्यापन हो जिस पर पुलिस विभाग एवं सम्बन्धित विभाग को कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

मंडी समिति ने सर्वे किया लेकिन कृषि मंडी समिति नही बनी, मालरोड में डस्टबीन लगाए जाएं, कूड़ा इधर उधर लोग फेंक रहे। स्ट्रीट लाइट 75 लाइट बन्द रहती है, वहीं स्थानीय निवासी ने पंकज अग्रवाल–हेरिटेज मार्केट का बोर्ड लगा लेकिन मार्केट नही बना, अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा, लंढौर बाजार में अतिक्रमण बहुत है, प्रशासन का कोई रोल नही है, सड़क चौड़ी हो रही अतिक्रमण हो रहा है, हेरिटेज लंढौर बाजार बचाने की मांग, नजूल भूमि को फ्री होल्ड की कार्यवाही की जाए, नजूल भूमि के लिए हफ्ते में मसूरी में सुनवाई की मांग पर डीएम ने कार्यवाही की बात कही। डीएम ने गिरासू भवनों को लेकर एप्लिकेशन दे इसको देख लिया जाएग।

टिहरी बस सेवा, दिल्ली बस सेवा बन्द है, जिस पर जिलाधिकारी ने आरटीओ से इस मामले जानकारी रखें, जगजीत कुकरेजा–पिक्चर पैलेस सीवर लाइन की समस्या, जलनिगम नही सुन रहा है जिस पर डीएम ने सप्ताह के भीतर कार्यवाही करते हुए अवगत कराने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मसूरी अनामिका, पुलिस अधीक्षक यातायात मुकेश ठाकुर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संजय जैन, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार, अधि.अभि लोनिवि जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी आरटीओ शेलैष तिवारी सहित जल संस्थान, पेयजल, निगर निकाय आदि सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कांग्रेस प्रत्याशियों को विपक्ष के बजाय अपनों के हाथों निपटाने का डर: चौहान

जन आशीर्वाद से केदारघाटी मे कमल खिलना निश्चित

भाजपा ने कहा कि केदारनाथ उप चुनाव मे जीत के तमाम दावे करने वाली कांग्रेस की हकीकत यह है कि वह डरी हुई है और अधिकांश दावेदारों की चिंता विपक्ष के बजाय अपनों के हाथों निपटाने का डर है।

 

प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने केदारनाथ में जीत के कांग्रेसी दावों पर तंज किया कि वहां तो दावेदारों को ही चुनाव लड़ाने वालों पर भरोसा नहीं है । साथ ही चुनाव लड़ाने वाले भी एक दूसरे को ही निपटाने में जुटे हैं। केदारनाथ ब्रह्मकमल की भूमि है और ब्रह्मकमल के साथ कमल का खिलना भी निश्चित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुद्दा विहीन है और उसे पूर्व मे दिये गए मौके के बाद जनता उपलब्धियों के बारे मे भी पूछ रही है। भाजपा विकास कार्यों के बूते जनता के बीच मे है तो कांग्रेस मनगढंत आरोपों के चलते नैया पार करने की सोच रही है।

 

चौहान ने कहा कि संविधान, आरक्षण, जाति जनगणना, अग्निवीर, किसान, कानून व्यवस्था आदि तमाम मुद्दों पर उनकी पोल हरियाणा और जम्मू की जनता खोल चुकी है।

 

कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी को हास्यास्पद बताते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने से पहले ही कांग्रेस का घमासान दिखने लगा है और नेता तो एक दूसरे की ही पटकनी देने में लगे हैं। प्रदेश अध्यक्ष दो पर्यवेक्षकों की घोषणा करते हैं तो प्रभारी उनके ऊपर दो और पर्यवेक्षक बना देते हैं। पहले ही गुटबाजी के चलते दो वर्ष से प्रदेश कार्यकारिणी गठित करने की हिम्मत इनके अध्यक्ष नहीं जुटा पाए थे। जो थोड़े बहुत जिले पदाधिकारी घोषित भी किए, उन्हें भी केंद्रीय प्रभारी ने निरस्त कर दिए। हालत यह है कि पूरी पार्टी को प्रभारी दिल्ली में बैठकर चला रही हैं ।

 

उन्होंने कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके एक प्रत्याशी तो ऐसे हैं जिन्हें उम्मीदवार बनने पर भाजपा से ज्यादा कांग्रेसियों से ही अपने निपटने का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का जमीनी आधार कितना है यह इससे समझा जा सकता है कि उनकी यात्राएँ वाहनों और वीआईपी कल्चर मे आयोजित हो रही है।

 

उन्होंने कहा कि केदारघाटी के विकास कार्यों के खिलाफ कोर्ट जाने की धमकी, सनातन के प्रति वैमनष्यता, तुष्टिकरण और महज आरोप प्रत्यारोप के सहारे केदार विजय का सपना देख रही कांग्रेस को जनता सबक सिखाने को आतुर है और उसे जल्दी ही इसका अहसास हो जायेगा।

 

खाद्य पदार्थों में थूक और गंदगी मिलाने की घटानाओं के बाद सीएम धामी ने दिए निर्देश

खाद्य पदार्थों में थूक और गंदगी मिलाने की घटानाओं के बाद सीएम धामी के निर्देश पर एफडीए ने जारी की विस्तृत गाईडलाइन, दोषियों पर 25 हजार से 1 लाख रूपये तक का जुर्माना

*खाद्य कारोबारियों को अपने कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पहनाना होगा फोटोयुक्त पहचान पत्र, लगाने होगें सी०सी०टी०वी० कैमरे -डॉ आर राजेश कुमार*

*मीट कारोबारियों, ढाबे, होटल एवं रेस्टोरैन्ट संचालकों को अपने यहां लिखना होगा मीट हलाल का है या फिट झटका -डॉ आर राजेश कुमार*

*भोजन बनाने और परोसने वाले कार्मचारी अनिवार्य रूप से पहनेंगे फेस मास्क/ ग्लब्स/हेड गियर -डॉ आर राजेश कुमार*

उत्तराखंड में खाद्य पदार्थाें में थूक व गंदगी मिलाने की घटनाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कड़ा रूख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की सघन जांच हो और दोषियों को सजा मिले। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि त्योहारों का सीजन आ रहा है, जिसमें सुरक्षा और शुद्धता उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अशुद्धता या असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

*25 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक का जुर्माना*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने विस्तृत एसओपी जारी कर दी है। जिसमें दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ 25 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक का जुर्माना के प्राबधान किया गया है। आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जूस एवं अन्य खानपान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट एवं अन्य गन्दी चीजों की मिलावट के प्रकरण प्रकाश में आये हैं। यह खाद्य सुरक्षा एव मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा सभी खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस लेना व उसकी शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों में स्वच्छता एवं सफाई सम्बंधी अपेक्षायें का अनुपालन करना भी अनिवार्य है।

*स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से हो पालन*

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा नियमों का पालन न करने वाले खाद्य करोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्राविधानों के तहत दण्डित किये जाने का प्राविधान है। उन्होंने कहा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत आम जनता को शुद्ध, स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के दृष्टिगत राज्य में संचालित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैण्टीन, फूड वेन्डिंग एजेन्सीज, फूड स्टॉल, स्ट्रीट फूड वेण्डर्स इत्यादि द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु प्राविधान हैं। जिसको लेकर टीमें लगतार छापेमारी अभियान चला रही हैं। सैंपलिंग भरी जा रही हैं जांच में दोषी पाये जाने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई भी की जा रही है।

 

*खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी की गई एसओपी पर एक नजर…*

 

(1) एसओपी के बारे में जारकारी देते हुए आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा राज्य में स्वच्छता और सफाई की अनिवार्यता के दृष्टिगत खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा भोजन बनाने एवं परोसने वाले कार्मिकों को अनिवार्य रूप से फेस मास्क/ ग्लब्स/हेड गियर का उपयोग करना होगा।

 

(2) खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों को हेन्डल करते समय धूम्रपान, थूकना आदि व डेयरी (दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ) उत्पादों को प्रयोग में लाये जाने से पूर्व व छूने से पूर्व नाक खुजाना बालों में हाथ फेरना, शरीर के अंगों को खुजाना आदि हैण्ड हैबिट पर नियंत्रण रखें। इन आदतों से खाद्य पदार्थों में बैक्टीरियल संक्रमण के दृष्टिगत यह नियमों के विरूद्ध है।

 

(3)-संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्तियों को खाद्य निर्माण/संग्रहण / वितरण स्थलों पर कदापि नियोजित न करें। खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबारकर्ताओं का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 के अंतर्गत खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिको की सूची चिकित्सकीयप्रमाण-पत्र सहित उपलब्ध कराने का प्राविधान है। अतः सभी अनुज्ञप्तिधारकों / पंजीकरणधारकों द्वारा तदनुसार विनियम के अनुपालन में अपने समस्त खाद्य कार्मिकों की सूची उनके चिकित्सकीय प्रमाण-पत्रों के साथ कार्यस्थल/प्रतिष्ठान में सदैव रक्षित करना अनिवार्य होगा।

 

(4)-विगत दिनों हुई उपरोक्त घटनाओं के दृष्टिगत यह निर्देशित किया जाता है कि सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिकों को अनिवार्यरूप से फोटोयुक्त पहचान पत्र निर्गत किया जायेगा, जिसे कार्यस्थल पर प्रतिष्ठान के कार्मिकों द्वारा अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना सुनिश्चित किया जायेगा।

 

(5)-स्वच्छता और सफाई की अनिवार्यता के दृष्टिगत खाद्य पदार्थ निर्माण करने वाले कार्मिकों/परोसने वाले कार्मिकों/खाद्य पदार्थ विक्रय करने वाले कार्मिकों कोकार्यस्थल पर थूकने एवं अन्य किसी भी प्रकार की गन्दगी फैलाने को प्रतिबन्धित किया जाता है। उक्त विनियम में वर्णित प्रावधानों का उल्लंघन किये जाने पर खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अधीन रू0 25,000 से रू0 1,00,000 तक अर्थदण्ड से दण्डित किया जायेगा।

 

(6)- उपरोक्त विनियम में वर्णित अनुज्ञप्ति की शर्तों के अनुसार खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा खाद्य परिसर में उत्पादित अथवा तैयार की गयी किसी खाद्य सामग्री को मल, मूत्र, थूक अथवा किसी अन्य दूषित पदार्थ से प्रभावित युक्त नहीं किया जायेगा। खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य कारोबार के लिये अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम 2011 का विनियम-2.1.2 (5) अनुसूची, 3

 

(1) प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता प्रारूप-ग में जारी अनुज्ञप्ति की एक साफ, प्रमुख स्थान पर पठनीय प्रति चस्पा करेगा।

(2) प्रत्येक अनुज्ञप्ति धारी यह सुनिष्चित करेगा कि विनिर्दिष्ट उत्पादन से भिन्न अन्य किसी उत्पाद का उत्पादन नही किया जायेगा।

(3) प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता उत्पादन, कच्ची सामग्री का उपयोग और विक्रय का अलग-अलग दैनिक रिकार्ड रखेगा।

 

अन्य दिशा-निर्देश-

(1)- अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण प्राप्त किये बिना कारोबार कर रहे खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही कर उन्हें तत्काल अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण से आच्छादित किया जाए। (एफ०एस०एस०एक्ट, 2006 की धारा-58 एवं 63)

(2)- समस्त खाद्य प्रतिष्ठानों यथा ढाबों / होटलों / रेस्टोरेंट्स आदि में सी०सी०टी०वी० कैमरों की व्यवस्था की जाए।

(3) राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पत्र दिनांक 26.12.2022 के अनुपालन में प्रत्येक मीट विक्रेता, मीट कारोबारकर्ता, होटल एवं रेस्टोरैन्ट विक्रय/प्रस्तुत किये जा रहे मीट एवं मीट उत्पाद के प्रकार यथा हलाल अथवा झटका, का अनिवार्य रूप से प्रकटीकरण करेगें। उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन खाद्य कारोबारकर्ता का स्वयं का तथा अपने प्रतिष्ठान के कार्मिकों द्वारा कराये जाने का दायित्व खाद्य कारोबारकर्ता का होगा। उपर्युक्त निर्देशों का प्रदेश के समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया एवं कराया जायेगा। अनुपालन न किये जाने की स्थिति में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं तत्सम्बन्धी विनियमों के सुसंगत प्राविधानों के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी।

आपदा मे धामी सरकार ने किया बेहतर प्रबंधन, विकास और विरासत पर आगे बढ़ रही भाजपा: तीरथ

  • वोट बैंक की खातिर कांग्रेस करती रही तुष्टिकरण की राजनीति

भाजपा ने कांग्रेस पर अपने शासन में वोट बैंक, तुष्टिकरण एवं देश को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया है, वहीं हमारी सरकार विकास और विरासत पर आगे बढ़ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि आपदा में हमारी सरकार शानदार कार्य किया है, अन्यथा राज्य ने 2013 का वो दौर भी देखा जब आपदा पीड़ितों तक गुजरात से आई राहत सामग्रियों पर कांग्रेसी हाथ टूट पड़े थे। साथ ही भू कानून और मूल निवास पर स्पष्ट किया कि सरकार आवश्यक कदम उठा रही है, लेकिन अपनी जमीनों को लेकर सामाजिक जनजागरूकता भी बेहद अहम है।

 

बालवीर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय में पहुंचे श्री रावत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, देशवासियों को विश्वास है कि भारत परम वैभव को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही प्राप्त कर सकता है । यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़ने के लिए आम लोगों में जबरदस्त उत्साह है। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन को लेकर कांग्रेसी आरोपों पर पलटवार कर कहा, कांग्रेस और भाजपा सरकारों के अंतर को 2013 की आपदा और वर्तमान में आई आपदा के बाद किए प्रबंधन से ही आसानी से समझा जा सकता है । जो लोग केदारनाथ आपदा रहता को उंगली उठा रहे हैं वही कांग्रेसी हाथ 2013 में आई आपदा के समय राहत पहुंचाने की बजाय दिल्ली दरबार में हाथ फैलाए बैठा था। उन्होंने कहा, में तब प्रदेश अध्यक्ष था और सबने देखा कि श्री नरेंद्र मोदी जी बतौर गुजरात के मुख्यमंत्री तीन दिन और श्री शिवराज चौहान 2 दिन राज्य में मदद करने के लिए रहे। इतना ही नहीं आपदा में भी राजनीति करते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने गुजरात सरकार की 22 बोगी राहत सामग्री को पीड़ितों तक नहीं पहुंचने दिया। इतना ही नहीं तत्कालीन राज्य सरकार के संरक्षण में कांग्रेसियों के हाथ राहत सामग्री पर टूट पड़े थे। वही आज प्रदेश सरकार ने केंद्र की मदद से केदारनाथ आपदा में शानदार और प्रभावी प्रबंधन किया उसकी तारीफ चारों ओर हो रही है।

 

साथी उन्होंने मंत्रियों के केदारघाटी दौरों पर लगाए कांग्रेसी आरोपों पर पलटवार किया कि भाजपा के लिए देश और क्षेत्र का विकास, जन स्वास्थ्य, जनसुविधा प्राथमिकता में हमेशा रहा है, चुनाव नही। और इसी दृष्टि से लगातार हमारे प्रदेश सरकार और केंद्र की एजेंसियां वहां लोगों के जीवन आमूलचूल परिवर्तन लाने में जुटी हैं। हमारी डबल इंजन सरकार की कोशिशें का नतीजा है कि लाखों लाख श्रद्धालु पावन धर्मो में पहुंच रहे हैं। साथ ही तंज किया कि अब चूंकि कांग्रेस के नेता चुनाव में ही सक्रिय होते हैं लिहाजा उन्हें वहां आजकल ही मंत्रियों की मौजूदगी नजर आ रही होगी।

 

मूल निवास एवं भू कानून को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस संबंध में सभी जरूरी कदम उठा रही है। जिन लोगों ने भी अवैध तरीके से नियमों का उल्लंघन कर या लालच आदि देकर भूमि कब्जाई है उन पर सरकार आवश्य कार्यवाही करेगी। लेकिन इस पूरे मुद्दे पर स्वयं की सक्रियता, जन जागरूकता भूमि बचाने को लेकर भी बेहद जरूरी है।

 

उन्होंने डेमोग्राफी बदलने के नाम पर राज्य का माहौल खराब करने के आरोप पर कांग्रेस को आइना दिखाया कि 6 दशक सत्ता में रहते इन्होंने तुष्टिकरण एवं देश समाज को बांटने की राजनीति को आगे बढ़ाया है। यही लोग हैं जिनके पास वोट बैंक और सत्ता में बने रहने के अतिरिक्त कोई नीति नहीं है । वहीं आज मोदी जी के मार्गदर्शन में देश तेजी से विकास कर रहा है और भारतीय संस्कृति अपने चरम की और अग्रसर है ।

औली में चल रहे भारत-कजाकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास काजिंद-2024 आज संपन्न हुआ

भारत-कजाकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास काज़िंद – 2024 का 8वां संस्करण आज सूर्या विदेश प्रशिक्षण नोड, औली, उत्तराखंड में संपन्न हुआ। यह अभ्यास 30 सितंबर से 13 अक्टूबर 2024 तक आयोजित किया गया था। संयुक्त अभ्यास के समापन समारोह में कजाकिस्तान सेना के के उप प्रमुख कर्नल डी खमितोव, कजाकिस्तान सेना के दक्षिणी कमान के क्षेत्रीय बल कमांडर कर्नल नुरलान करिबयेव और ब्रिगेडियर उपिंदर पाल सिंह, कमांडर 116 इन्फैंट्री ब्रिगेड ने भाग लिया। काज़िंद अभ्यास भारत और कजाकिस्तान में वैकल्पिक रूप से आयोजित एक वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। पिछला संस्करण जुलाई 2023 में कजाकिस्तान में आयोजित किया गया था।

 

120 कर्मियों वाली भारतीय टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से कुमाऊं रेजिमेंट की एक बटालियन और भारतीय वायु सेना के अलावा अन्य सेवाओं के कर्मियों द्वारा किया गया था। 60 कर्मियों वाली कजाकिस्तान टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से सैन्य बल, वायु रक्षा बल और एयरबोर्न असॉल्ट सैन्य कर्मियों द्वारा किया गया था।

 

अभ्यास काज़िंद – 2024 का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र जनादेश के अध्याय 8 के तहत एक उप पारंपरिक परिदृश्य में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए दोनों पक्षों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना था। संयुक्त अभ्यास अर्ध-शहरी और पहाड़ी इलाकों में संचालन पर केंद्रित था। संयुक्त प्रशिक्षण से जो उद्देश्य प्राप्त हुए उनमें उच्च स्तर की शारीरिक योग्यता, सामरिक स्तर पर संचालन के लिए अभ्यास और परिष्कृत अभ्यास और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना शामिल है।

 

अभ्यास के दौरान किए गए सामरिक अभ्यास में एक परिभाषित क्षेत्र पर कब्जा करने की कार्यवाही, आतंकवादी कार्रवाई का जवाब देना, एक संयुक्त आदेश चौकी की स्थापना, एक खुफिया और निगरानी केंद्र की स्थापना, एक हेलीपैड / लैंडिंग साइट की सुरक्षा, फ्री फॉल और विशेष हेलिबोर्न ऑपरेशन शामिल थे। अभ्यास में घेराबंदी और तलाशी अभियान के अलावा ड्रोन का इस्तेमाल और ड्रोन विरोधी प्रणाली का उपयोग भी शामिल रहा।

 

काज़िंद अभ्यास – 2024 ने दोनों पक्षों को संयुक्त अभियान चलाने की रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं में अपनी सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में सक्षम बनाया। संयुक्त अभ्यास ने दोनों देशों के सशस्त्र बलों के कर्मियों के बीच अंतर-संचालन और सौहार्द विकसित करने में मदद की। इससे रक्षा सहयोग का स्तर भी बढ़ा, जिससे दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड देहरादून में दशहरा मोहत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउंड देहरादून में दशहरा मोहत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हजारों की संख्या में लोगों का अभिनंदन करते हुए हुए दशहरे की शुभकामनाएं दीं।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दशहरा, असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है।दशहरे हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है। उन्होंने कहा यह पर्व रावण जैसे अहंकारी और अधर्मी के अंत और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन के गुणों का स्मरण कराता है। सच्चाई, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलकर हमेशा बुराई पर अच्छाई की ही जीत होती है। उन्होने कहा अहंकार में रावण और उसकी लंका जलकर खाक हो गई थी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरे त्योहार पर हम सभी को अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प भी लेना है। उन्होने कहा भगवान श्री राम ऐसे आदर्श व्यक्ति हैं जो त्याग, समर्पण, न्याय, करुणा और कर्तव्य के प्रतीक के रूप में पूजे जातें हैं। एक राजकुमार होते हुए भी उन्होंने जंगल में जीवन बिताया, कई कठिनाइयों का सामना किया और अपनी सेना का गठन कर लंका पर विजय प्राप्त की। उनका आदर्श जीवन हमें विपरीत परिस्थितियो में भी अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन करना सिखाता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कई ऐसे स्थान हैं जो भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी से संबंधित घटनाओं के साक्षी रहे हैं। भगवान हनुमान, चमोली जिले के द्रोणागिरी पर्वत से ही संजीवनी लेकर आए थे।भगवान श्रीराम के कुल गुरू वशिष्ठ जी की तपस्थली भी ऋषिकेश में स्थित है। उन्होंने कहा राज्य के कोने-कोने में राम लीलाएं होती हैं। हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का संरक्षण ही हमें एकजुट और सशक्त बनाती हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कर सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा अयोध्या की पावन भूमि पर जल्द ही राज्य सरकार उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह का निर्माण करने जा रही है। राज्य सरकार ने पौलगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का नाम बदलकर माँ सीता के नाम पर “सीतावनी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी” रखा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड के देव स्वरूप को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार से डेमोग्राफी चेंज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पवित्र भूमि का सनातन स्वरूप सदा के लिए सुरक्षित रहेगा और उत्तराखंड का पवित्रता, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत, सदैव संरक्षित रहेगी।

 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्य सभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास , विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्री संतोष नागपाल, श्री गगन सेठी, श्रीमती नेहा जोशी, श्री पुनीत मित्तल, श्री अशोक वर्मा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भाजपा की चिंता के बजाय पहले पर्यवेक्षकों की सूची को अप्रूव कराये कांग्रेस अध्यक्ष: चौहान

  • भाजपा विकास के बूते और जनता लड़ाती है चुनाव

देहरादून। भाजपा ने केदारनाथ उप चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के तंज पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को भाजपा की चिंता को छोड़कर कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा जारी सूची को पहले केंद्रीय समिति अथवा पार्टी प्रभारी से एप्रूव कराने की जरूरत है। कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा पूर्व मे की गयी नियुक्तियों को पार्टी प्रभारी खारिज कर चुके हैं इसलिए अभी उन्हे इस दिशा मे सोचने की जरूरत है। 

 

पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा अपने विकास कार्यों के बूते चुनाव मैदान मे उतरती है और जनता ही भाजपा को चुनाव लड़ाती है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जन हित की जो घोषणाएं की है उसमे कांग्रेस को राजनीति दिखना उसकी मानसिकता को दिखाता है। 

उन्होंने केदारनाथ चुनाव को लेकर कांग्रेस के आरोप एवं संगठनिक नियुक्तियां दोनों को पूरी तरह खोखला बताया है। चौहान ने कटाक्ष किया है कि जिस कांग्रेस प्रभारी को अपने राज्य के चुनावों में नही सुने जाने की शिकायत रही हो वो अब जनता की आवाज सुनने के लिए पर्यवेक्षक बना रही है। हरियाणा की हार से हतोत्साहित कांग्रेस फिर से झूठ एवं भ्रम का गुब्बारा फुला रही है, जिसकी हवा केदारघाटी की जनता निकालेगी है।

 

चौहान ने कहा कि केदारनाथ उपचुनाव को लेकर कांग्रेस में हुई नियुक्ति, उनका पार्टी के अंदर का विषय है। लेकिन जनसामान्य में ये चर्चा आम है कि दिल्ली से प्रदेश कांग्रेस संचालित करने वाली उनकी प्रभारी को अपने ही राज्य के चुनावों में अनसुना कर दिया गया था। अब वही केदार घाटी की आवाज सुनने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर रही हैं । लिहाजा जनता जानती है कि उपचुनाव को देखते हुई की गई यह सभी संगठनिक घोषणाएं पूरी तरह खोखली हैं। क्योंकि सभी को अहसास है कि जो पर्यवेक्षक बनाए गए हैं वे जनता की नही सुन सकते हैं और कांग्रेस आलाकमान इन पर्यवेक्षकों की नही सुनने वाला है। देश और राज्य दोनो स्थानों पर कांग्रेस पार्टी और उनके नेता जनसरोकारों से कट चुके हैं। 

 

साथ उन्होंने माहरा के आरोपों पर पलटवार किया कि डबल इंजन सरकार के ऐतिहासिक कामों का ही नतीजा है कि केदार धाम समेत चारों धामों में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। धामी सरकार के कुशल एवं शानदार यात्रा प्रबंधन से चलने वाली सफल एवं सुरक्षित यात्रा ने स्थानीय आर्थिकी को नई ऊंचाइयां दी हैं। आपदा सीजन के बाद एक बार पुनः यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है जिससे स्थानीय व्यापारियों एवम युवाओं के चेहरे खिले हुए हैं। बाबा के धाम की भव्यता और दिव्यता की बढ़ाने के लिए पीएम मोदी के निर्देश पर जो प्रोजेक्ट वहां अंतिम चरण में हैं, उससे केदार घाटी वासियों का विश्वास आसमान पर है। जिसे देखकर कांग्रेस पार्टी की चुनावी उम्मीदें जमीन पर आ गई हैं। श्री केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह में दानदाता ने सोने की परत चढ़ाई, लेकिन कांग्रेस झूठ एवं भ्रम फैलाकर, सनातनी आस्था पर अविश्वास की परत चढ़ाने की साजिश रच रही है । वे हरियाणा चुनावों के नतीजों से पूरी तरह बौखलाए हुए हैं और जनता के सामने झूठे आरोपों और संगठनात्मक सक्रियता का गुब्बारा फुलाने की कोशिश कर रहे हैं । लेकिन केदार घाटी की महान और सनातनी जनता उनके इस पाप के गुब्बारे की हवा उपचुनाव में निकालने वाली है।

 

सीएम धामी की पहल से उत्तराखंड में नेशनल गेम्स पर असमंजस दूर हुआ

 

*मुख्यमंत्री ने दिल्ली पहुंचकर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष के सामने रखा पूरा मामला*

 

*अब 38वें नेशनल गेम्स के साथ उत्तराखंड में ही होंगे विंटर नेशनल गेम्स*

 

देहरादून। लंबे इंतजार के बाद भी जब 38वें नेशनल गेम्स के आयोजन की तारीख पर असमंजस दूर नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद पहल करते हुए भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ पीटी उषा से मुलाकात कर पूरा मामला उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री की पहल पर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष ने उत्तराखंड सरकार के आयोजन की तारीखों के प्रस्ताव को सहर्ष मंजूरी दे दी है। अब उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स अगले वर्ष 28 जनवरी से 14 फरवरी तक आयोजित होंगे। यही नहीं ओलंपिक संघ अध्यक्ष ने विंटर नेशनल गेम्स भी उत्तराखंड में आयोजित करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने पी टी उषा के अनुरोध को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि उत्तराखंड इसके लिए भी तैयार है।

 

उत्तराखंड को 38वें नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलने के बाद राज्य सरकार और खेल विभाग इसकी तैयारियों में जुटा था, लेकिन आयोजन की तारीखों का ऐलान नहीं होने से असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। बुधवार को मुख्यमंत्री धामी दिल्ली के दौरे पर थे, इसी दौरान अत्यंत व्यस्तता के बावजूद मुख्यमंत्री ने भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष से मुलाकात कर नेशनल गेम्स की तारीखों पर बने असमंजस को खत्म कर दिया।

*उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स बेहद सफल और ऐतिहासिक होंगे। इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ के लिए उत्तराखण्ड पूरी तरह से तैयार है। राज्य सरकार इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जायेंगी।हमारा प्रयास होगा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल बेहतर ढंग से आयोजित किए जाएं। यह राज्य को नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।