Friday, March 6, 2026
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केदारघाटी के उत्पादों को केदार ब्रांड बनाकर सुधारेंगे मातृशक्ति की आजीविका: सीएम

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग में लखपति दीदी अभियान- शक्ति को सम्मान में किया प्रतिभाग*

*195 करोड़ 75 लाख 16 हजार की लागत से 141 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास*

*30 करोड़ 85 लाख 68 हजार रुपए से 49 योजनाओं का लोकार्पण, 164 करोड़ 89 लाख 48 हजार की 92 योजनाओं का शिलान्यास*

*मुख्यमंत्री ने जनपद को दी 25 घोषणाओं की सौगात त्रियुगीनारायण-तोषी गरूडचट्टी मार्ग स्वीकृति, सुमाड़ी को नगर पंचायत बनाया जायेगा*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि क्रीड़ा मैदान में लखपति दीदी अभियान- शक्ति को सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केदारघाटी के स्थानीय उत्पादों को देश- विदेश में केदार ब्रांड बनाकर तैयार कर विपणन किया जाएगा। मातृशक्ति की आजीविका सुधार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा वहीं घाटी के होम स्टे से लेकर अन्य सुविधाओं को भी इसके अंतर्गत पहचान दी जाएगी। केदारघाटी की धार्मिक पहचान के साथ राज्य सरकार घाटी को नई पहचान दिलाने के लिए इसके अंतर्गत कार्य करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ विधानसभा की दिवंगत विधायक शैला रानी रावत को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके निधन पर मैंने इस विधानसभा की जिम्मेदारी बतौर उनका प्रतिनिधि लेने का आश्वासन दिया था। इसी क्रम में लगातार क्षेत्र के विकास के लिए शासन- प्रशासन सहित वरिष्ठ मंत्री इसमें लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बीते दिनों 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते भारी नुकसान हुआ, सड़कें और पैदल मार्ग बंद हो गए थे। यात्रा मार्ग पर फंसे विभिन्न स्थानों से करीब 15 हजार लोगों को रिकॉर्ड समय में मैनुअल एवं हैली से रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया। इसके अलावा 15 दिनों में पैदल मार्ग को सुचारू कर एक महीने के भीतर ही यात्रा को पूर्व जैसे भव्य स्वरूप में वापस लाया गया। उन्होंने स्थानीय जनता एवं केदार घाटी के लोगों को इस पूरे रेस्क्यू अभियान से लेकर यात्रा को दोबारा समय पर शुरू करवाने के लिए धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को नई पहचान दिलाने के लिए मातृशक्ति बड़ी अहम भूमिका निभा रही है। पूरे प्रदेश के अंदर सैकड़ों की संख्या में महिला स्वयं सहायता समूहों में जुड़ी हजारों महिलाएं वर्ड क्लास उत्पाद तैयार कर अपने समूह और राज्य को नई पहचान दिला रही हैं। लगातार उनकी आजीविका में सुधार हो रहा है। वहीं प्रदेश सरकार ने हाउस ऑफ हिमालयाज कम्पनी का गठन कर प्रदेश के उत्पादों की नई सिरे से ब्रांडिंग कर मातृशक्ति को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। इन्हीं महिला समूहों द्वारा 110 आउटलेट चारधाम यात्रा मार्गों पर खोले गए हैं जिनसे उनकी आजीविका सुदृढ़ हो रही है। रुद्रप्रयाग जनपद में 4000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल रही हैं और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और प्रदेशवासियों के हित में जल्द सख्त भू- कानून लागू होने जा रहा है। जिन लोगों ने अवैध रूप से जमीनों की खरीद फरोख्त की है उनसे जमीन वापस लेकर सरकारी भूमि में निहित की जाएगी। वहीं देश में सर्वप्रथम समान नागरिकता संहिता लागू करने वाला पहला प्रदेश भी उत्तराखण्ड बनने जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केदारनाथ धाम एक था, एक है और एक ही रहेगा, देश में किसी भी स्थान पर उत्तराखंड के चार धामों के प्रयोग कर कोई मंदिर नही बनने दिया जाएगा।

इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, विधायक शक्ति लाल शाह, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा आशा नौटियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठरी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी करन नगन्याल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं भारी संख्या में मातृशक्ति एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

*मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं*

1. त्रियुगीनारायण-तोषी गरूडचट्टी मार्ग स्वीकृति

2. विजयनगर झूला पुल से रामलीला मैदान के पीछे एप्रोच रोड एवं पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।

3. स्व० शहीद फते सिंह रा०उ०मा०वि० बाडव का उच्चीकरण कर इण्टरमीडिएट किया जाएगा।

4. श्री वासुदेव मंदिर पुजारगांव के सौन्दर्गीकरण हेतु रुपए 01 करोड की स्वीकृति।

5. ग्राम मैठाणा के पणसिल्ला नामी तोक में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति।

6. राजकीय इंटर कॉलेज नागजगई, रांसी, पौठी, बावई, कमसाल, ग्वेफड़, खाखंरा, बीना में कला वर्ग के पदों की स्वीकृति दी जाएगी।

7. ग्राम सभा नाला में त्रिपुरासुन्दरी खेल मैदान, ग्राम सभा बडेथ (तालजामण) के बुगला तोक, शिवानन्दी, रणधार बांगर एवं कोठगी में मिनी स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति।

8. पर्यटक स्थल बधाणीताल का सौन्दर्यकरण किया जायेगा।

9. सुमाड़ी को नगर पंचायत बनाया जायेगा।

10. थाती बड़मा में वैटनरी मेडिकल की स्वीकृति (पूर्व में प्रस्तावित स्वीकृति सैनिक स्कूल की भूमि पर)

11. चिरबटिया आईटीआई का भवन निर्माण किया जायेगा।

12. रुद्रप्रयाग में सर्किट हाउस का निर्माण किया जायेगा।

13. गंगाधर मैठाणी राजकीय महाविद्यालय विद्यापीठ में बीएससी, एमएससी एवं एमए के साथ स्नातकोत्तर की स्वीकृति दी जाती है।

14. नाला से जाखधार- बणसू- त्यूडी तक मोटर मार्ग का डामरीकरण किया जायेगा।

15. चोपता में पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन के अवशेष निर्माण कार्य को पूर्ण करने हेतु वन पत्रावली का निस्तारण किया जायेगा।

16. ऊखीमठ- पिंगलापानी पेयजल योजना की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाती है।

17. गुप्तकाशी- मस्ता- कालीमठ मोटर मार्ग की स्वीकृति दी जाती है

18. सिल्ला- बामण गाँव में साणेश्वर मन्दिर, सिद्धपीठ आशुतोष महादेव, तुगेश्रवर महादेव मन्दिर, फलासी एवं महड़ महादेव मंदिर महड़ गांव के सौंदर्गीकरण के लिए 25-25 लाख रुपए की स्वीकृति दी जाती है।

19. बसुकेदार में तहसील भवन के निर्माण की स्वीकृति दी जाती है।

20. पूर्व घोषणा के अंतर्गत शहीद रामसिंह राणा रा० उ०मा०वि० कालीमठ के उच्चीकरण की सैधान्तिक स्वीकृति ।

21. उरोली से कुंड सौड तक 2 किलोमीटर मोटर मार्ग की स्वीकृति दी जाती है।

22. जनता इंटर कॉलेज देवीधार (मोलखाचौरी) में भूगोल, ग्रह विज्ञान, मनो विज्ञान, एवं विज्ञान वर्ग की इंटर स्तर पर वित्त सहिता मान्यता स्वीकृति दी जाती है।

23. बदरी-केदार मंदिर समिति में अस्थाई कर्मियों का वन टाइम सेटलमेन्ट विनियमितीकरण किया जायेगा।

24. नगर पालिका परिषद रूद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि एवं नगर पंचायत तिलवाड़ा तथा ऊखीमठ के बाल्मिकी बस्ती के निवासियों हेतु आवासीय सुविधा की व्यवस्था की जायेगीl

राज्य में अतिशीघ्र साइबर सिक्योरिटी टास्क फोर्स का गठन किया जाए : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी

*डाटा की सुरक्षा के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर की हो स्थापना: मुख्यमंत्री।*

*सोमवार तक सभी साइट्स का संचालन हो शुरू।*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में स्टेट डाटा सेंटर में आए मालवेयर एवं अस्थायी रूप से बंद की गई ऑनलाइन सेवाओ के संबंध में स्टेट डाटा सेंटर, स्वान, एन.आई.सी, आई.टी.डी.ए से संबंधित सभी अधिकारियों, विशेषज्ञों, पुलिस विभाग एवं शासन के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्टेट डाटा सेंटर की स्कैनिंग अति शीघ्र पूर्ण कर जनहित से जुड़े विभागों की साइट को प्रथमिकता से पुनः शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए कि सोमवार तक सभी साइट्स का संचालन शुरू हो जाए । मुख्यमंत्री ने कहा इस तरह के मामलों की पुनरावृति न हो, एवं ऑनलाइन सेवाओं से संबंधित सुरक्षा हेतु राज्य में अतिशीघ्र साइबर सिक्योरिटी टास्क फोर्स का गठन किया जाए। उन्होंने कहा आईटी के क्षेत्र में कार्य कर रही भारत सरकार की सर्वश्रेष्ठ एजेंसियों के सहयोग से स्टेट डाटा सेंटर की सुरक्षा प्रणाली को और ज्यादा आधुनिक बनाए एवं तय समय में स्टेट डाटा सेंटर, ऑनलाइन साइट्स का सेफ्टी ऑडिट भी किया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की सुरक्षा एवं विभिन्न विभागों से संबंधित ऑनलाइन डाटा की रिकवरी के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा साइबर सुरक्षा में सर्वश्रेष्ठ कार्य कर रहे राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों एवं एजेंसियों की बेस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर उन्हें राज्य में लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आई.टी.डी.ए में टेक्निकल कार्य कर रही कंपनी की पुनः समीक्षा की जाए, यदि समीक्षा के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो कंपनी पर कार्यवाही की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आई.टी.डी.ए में आवश्कता अनुसार कार्मिकों की तैनाती हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक कर सभी पदों को अतिशीघ्र भरा जाए। उन्होंने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को साइबर सिक्योरिटी प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा आईटीडीए यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक सरकारी कार्यालय में एंटी वायरस सिस्टम अपडेट हो, जिससे इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने कहा आगे इस तरह की समस्याएं न आएं, इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए।

 

सचिव श्री नितेश झा ने बताया कि आई.टी.डी.ए डाटा सेंटर में वर्चुअल मशीनों पर मालवेयर के कारण किसी भी प्रकार की डेटा हानि नही हुई है।1378 में से 11 मशीनों पर मालवेयर का प्रभाव पड़ा था। बीते 2 दिनो में डाटा सेंटर की स्कैनींग कई बार कर ली गई है। ई- ऑफिस एवं सीएम हेल्पलाइन सूचारू सहित अन्य साइट्स शुरू हो गयी हैं।

 

इस दौरान बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूडी (वर्चुअल), पुलिस महानिदेशक श्री अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, सचिव श्री मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय, कुमाऊँ कमिश्नर श्री दीपक रावत, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, निदेशक आई.टी.डी.ए. श्रीमती नितिका खण्डेलवाल, एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

नैनीताल में मुख्य सचिव ने ली विकास कार्यों की बैठक

*सरकार की योजनाओं को हर वर्ग व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश

*प्रदेश में सशक्त भू कानून लाया जाएगा: मुख्य सचिव

*अवैध कब्जे के खिलाफ भी होगी सख्त कार्रवाई

मुख्य सचिव राधा रुतूड़ी ने शनिवार को एटीआई में जिले में हो रहे विकास कार्यों के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। कहा कि सरकार की योजनाओं को हर वर्ग व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। जिसके लिए सरकार प्रयत्नशील है।

 

भू कानून पर उन्होंने बताया कि प्रदेश में भू कानून लागू करने के लिए सशक्त कानून बनाया जाए। जिसमें प्रदेश के निवासियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय ना हो। जिसके लिए भू कानून के संबंध में सभी अधिकारियों के सुझाव लिए गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर सरकार हर स्तर पर कार्य कर रही है।

 

सीएस रतूड़ी ने नैनीताल में बालिका सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा कराई गई कार्यशाला की प्रशंसा की। कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर उठाया गया कदम सराहनीय है। जल्द ही इस मॉडल को पूरे राज्य में लागू करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने महिला समूह और उद्योग विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण भी किया।

 

इस दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी वंदना सिंह, अपर जिलाधिकारी शिव चरण द्विवेदी, पी आर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट वरुणा अग्रवाल, एसडीएम प्रमोद कुमार, तहसीलदार मनीषा मकराना समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने ली देर शाम कैम्प कार्यालय में अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक

*आपदा से क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में पुनर्निर्माण हेतु समयबद्ध कार्यवाही की जाए- मुख्यमंत्री*

*पुनर्निमाण कार्यों हेतु अधिकारियों की जिम्मेदारी की जाए तय- मुख्यमंत्री*

*डेंगू रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग सहित सभी मिलकर कार्य करें- मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरियाणा चुनाव प्रचार से वापस आकर देर शाम मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश में आपदा से हुए क्षतिग्रस्थ सड़क मार्गों व पेयजल लाइनों को अभियान के तहत पुनः सुचारू करने, डेंगू की रोकथाम, चारधाम यात्रा समेत विभिन्न विषयों पर विस्तृत दिशा निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश का मौसम लगभग समाप्त हो गया अतः सड़कों के निर्माण और मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए। मानसून के दौरान आपदा में जो भी पेयजल और बिजली की लाइन सहित संपर्क मार्ग क्षति ग्रस्त हुए हैं उन्हें प्राथमिकता से ठीक किया जाए । मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान सभी विभागों के सामने विभिन्न चुनौतियां थी लेकिन अब इस अभियान में कोई भी लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आपदा से जहां-जहां नुक़सान हुआ है।उसके पुनर्निर्माण हेतु समय बद्ध कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए।

 

*मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि इस अभियान के लिए हर अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए ।*

 

 

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा को लेकर समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के बाद दीपावली तक पुनः धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी ऐसे में किसी प्रकार की अव्यवस्था ना हो इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा अच्छी चल रही है, यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका ध्यान रखा जाए।

 

*डेंगू रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग सहित सभी मिलकर कार्य करें- मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में डेंगू की रोकथाम के लिए किए हा रहे प्रयासों पर समीक्षा करते हुए कहा कि डेंगू के बढ़ते मामले चिंताजनक हैं।इस पर रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग सहित सभी मिलकर कार्य करें।और प्रभावी नियंत्रण करें। मुख्यमंत्री ने नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ़ सफ़ाई पर विशेष दिए जाने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव डॉ. आर.के.सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगौली, गढ़वाल आयुक्त एवं सचिव विनय शंकर पांडेय, सहित अन्य अधि कारी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी के “मन की बात” में छाया उत्तराखंड

*जब भी अवसर आया, देश को दी देवभूमि की मिसाल

*स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को सराहा

*नवरात्रि के शुभारंभ पर 3 अक्टूबर को 10 साल पूरे कर रहा प्रधानमंत्री का “मन की बात” कार्यक्रम

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड से विशेष लगाव रहा है। प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम में उत्तराखंड छाया रहा है। शारदीय नवरात्रि के शुभारंभ पर आगामी तीन अक्टूबर को “मन की बात कार्यक्रम” दस वर्ष पूर्ण कर लेगा। इन दस वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार उत्तराखंड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अपने कार्यों से पूरे देश और समाज के सामने आदर्श मिसाल पेश की है। कई कार्यो को प्रेरणाजनक बताते हुए उन्होंने पूरे देश का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया।

*हर गांव में शुरू हो धन्यवाद प्रकृति अभियान*
मन की बात के 114वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनपद उत्तरकाशी के सीमांत गांव झाला का जिक्र किया। इस गांव के ग्रामीण हर रोज दो-तीन घंटे गांव की सफाई में लगाते हैं। गांव का सारा कूड़ा कचरा उठाकर गांव से बाहर निर्धारित स्थान पर रख दिया जाता है। ग्रामीणों ने इसे धन्यवाद प्रकृति अभियान नाम दिया है। प्रधानमंत्री ने ग्रामीणों की मुहिम की सराहना कर कहा कि देश के हर गांव में यह अभियान शुरू होना चाहिए।

*जखोली में महिलाओं ने जलस्रोत किए पुनर्जीवित*
रुद्रप्रयाग जनपद के जखोली ब्लॉक की ग्राम पंचायत लुठियाग में महिलाओं ने जल संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल की है। चाल-खाल (छोटी झील) बनाकर बारिश के पानी का संरक्षण किया। इस मुहिम से गांव में सूख चुके प्राकृतिक जलस्रोत पुनर्जीवित होने से पेयजल की किल्लत काफी हद तक दूर हो गई है और सिंचाई के लिए भी पानी मिलने लगा है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना कर इसे अनुकरणीय बताया। यहां ग्रामीणों को पानी के लिए तीन किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता था।

*रोज 5-7 किमी पैदल सफर तय कर लगाए कोरोना के टीके*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कोरोना काल में बेहतर काम करने वाली बागेश्वर की एएनएम पूनम नौटियाल की खूब सराहना की। कोरोना का टीका लगाने के लिए पूनम ने रोज पांच से सात किमी का पैदल सफर तय किया। जो लोग वैक्सीन लगाने से डर रहे थे, उन्हें भी पूनम जागरूक किया। पीएम ने स्वयं भी पूनम से बात की। पीएम ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र होने से वैक्सीनेशन का सारा सामान इन्हें खुद ही अपने कंधे पर उठाकर ले जाना होता था।

*स्वच्छता अभियान में जुटे सुरेंद्र*
गुप्तकाशी के सुरेंद्र प्रसाद बगवाड़ी स्वच्छता अभियान में जुटे हैं। उन्होंने रुद्रप्रयाग के तत्कालीन जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को गदेरे की सफाई करते देखा तो उन्होंने भी सफाई में जुटने का फैसला किया। वह केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित हैं।

*बोली-भाषा को बचाने के लिए काम कर रहा रं समाज*
प्रधानमंत्री ने अपनी मन की बात में धारचूला के रं समाज का जिक्र किया। अपनी बोली-भाषा को बचाने के लिए रं समाज द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रधानमंत्री ने जमकर तारीफ की और इसे पूरी दुनिया को राह दिखाने वाली पहल बताया। पीएम ने कहा कि उन्होंने धारचूला में रं समाज के लोगों द्वारा अपनी बोली को बचाने के प्रयास की कहानी एक किताब में पढ़ी।

*पवित्र स्थलों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त करने में जुटे मनोज*
रुद्रप्रयाग के मनोज बैंजवाल पवित्र स्थलों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त करने में जुटे हैं। पीएम ने उनकी सराहना की है। जो घाट गंदगी से पटे थे, उन्होंने वहां सफाई कर आरती शुरू कर दी। अन्य लोगों को भी इससे जोड़ा। अब लोगों ने वहां गंदगी फैलाना बंद कर दिया। उन्होंने तुंगनाथ, बासुकीताल आदि बुग्यालों को कचरे से मुक्त करने के लिए अभियान चलाया। अब वह स्कूलों में छात्रों को जागरूक कर रहे हैं।

*गायत्री ने रिस्पना की पीड़ा बताई*
देहरादून के दीपनगर निवासी छात्रा गायत्री ने रिस्पना नदी की पीड़ा को प्रधानमंत्री के सामने रखा था। उन्होंने बताया कि यह नदी अब लगभग सूख चुकी है। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में उनकी बातचीत की रिकॉर्डिंग पूरे देश को सुनाई थी।

*घोड़ा लाइब्रेरी से दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही किताबें*
नैनीताल जिले में कुछ युवाओं ने बच्चों के लिए अनोखी घोड़ा लाइब्रेरी की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री ने इस कार्य की सराहना की है। इस लाइब्रेरी की खासियत है कि दुर्गम से दुर्गम इलाकों में भी इसके जरिए बच्चों तक पुस्तकें पहुंच रही हैं और यह सेवा बिल्कुल निशुल्क है। अब तक इसके माध्यम से नैनीताल के 12 गांवों को कवर किया गया है। बच्चों की शिक्षा से जुड़े इस नेक काम में मदद करने के लिए स्थानीय लोग भी खूब आगे आ रहे हैं।

*स्कूल परिसर में उगाई हरियाली*
राजकीय इंटर कालेज कोटद्वार में गणित के शिक्षक संतोष नेगी की ओर से जल संरक्षण के लिए किए गए प्रयोग को प्रधानमंत्री ने सराहा था। संतोष नेगी ने कॉलेज परिसर में दो सौ गड्ढे बनाकर उनमें बारिश के पानी का संचय किया, जिससे पूरा परिसर हरियाली से भर गया।

*दस साल से सूखा नाला हुआ पुनर्जीवित*
पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लाक के उफ्रेखाल निवासी रिटायर्ड शिक्षक सचिदानंद भारती ने वर्ष 1989 में उफ्रेखाल में चाल खाल बनाकर बारिश के जल का संरक्षण किया। उन्होंने 30 हजार से अधिक चाल-खाल बनाकर बांज और बुरांश के पेड़ लगाए। इसका परिणाम हुआ कि 10 साल से सूखा नाला पुनर्जीवित हो उठा। उन्होंने अपने अभियान को पाणी राखो नाम दिया है।

*भोजनमाता भी कर रही स्वच्छता के प्रति जागरूक*
गुप्तकाशी के देवरगांव की चंपा देवी स्कूल में भोजन माता है और लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रही हैं। उन्होंने बंजर भूमि पर पेड़ लगाकर उसे हराभरा बनाया है।

*भोजपत्र पर कलाकृतियां बना रही चमोली की महिलाएं*
उत्तराखंड के चमोली जिले के उच्च हिमालय क्षेत्र में उगने वाले दुर्लभ भोजपत्र की छाल पर महिलाएं अपनी कलम चलाकर पुरातन संस्कृति की याद दिला रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बद्रीनाथ दौरे के दौरान सीमांत नीति माणा घाटी की महिलाओं ने उन्हें भोजपत्र पर लिखा एक अभिनंदन पत्र भेंट किया था। इसके बाद प्रधानमंत्री ने भोजपत्र के सोवियत बनाने को लेकर अपने मन की बात कार्यक्रम में महिलाओं की इस पहल की सराहना की।

*युवाओं ने बनाया घड़ियालों पर नजर रखने वाला ड्रोन*
रुड़की क्षेत्र में स्थित रोटर कंपनी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात में जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वन्य जीव संरक्षण और इको टूरिज्म के लिए नए-नए इनोवेशन युवा सामने ला रहे हैं । रुड़की में रोटर प्रीसिश़न ग्रुप ने वन्य जीव संस्थान की मदद से ऐसा ड्रोन तैयार किया हैं, जिससे नदी में घड़ियालों पर नजर रखने में मदद मिल रही है।

*लोक संस्कृति के संरक्षण में जुटे हैं पूरण सिंह*
जनपद बागेश्वर के रीमा गांव के निवासी पूरण सिंह उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संरक्षण में जुटे हैं। उत्तराखंड की लोक विधा जागर, न्योली, हुड़का बोल, राजुला मालूशाही लोकगाथा के गायन में उन्होंने खास पहचान बनाई है। पूरण सिंह की बचपन मे ही दोनों आंखें खराब हो गई थी। वह पहाड़ी गीत झोड़ा, छपेली, चाचरी, न्यौली, छपेली, जागर आदि सुना करते थे। आंखें खराब होने से वह पढ़ाई नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने बाल्यावस्था से ही गायन शुरू कर दिया।

*प्रधानमंत्री के दिल में बसता है उत्तराखंड : धामी*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तराखंड से अगाध प्रेम है। उत्तराखंड उनके दिल में बसता है। यह उनके देवभूमि से असीम लगाव को ही प्रदर्शित करता है कि प्रधानमंत्री ने “मन की बात” कार्यक्रम में देवतुल्य जनता, प्राकृतिक संपदा, रीति-नीति और लोक परंपराओं का अक्सर जिक्र किया है। इस कार्यक्रम ने छोटे से छोटे स्तर पर काम करने वालों को भी देश-दुनिया मे पहचान दी है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नवरात्रि के शुभारंभ पर आगामी तीन अक्टूबर को “मन की बात” कार्यक्रम के 10 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। दस वर्षों में इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने सामाजिक संगठनों और लोगों द्वारा जनहित में किए गए अनेक कार्यों का जिक्र कर लोगों को अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित किया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने के लिए हम सबको अपना योगदान देना है।

जन भावनाओं के अनुरूप भू -कानून में होगा संशोधन

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*अवैध रूप से क्रय की गई भूमि को राज्य सरकार में किया जाएगा निहित- वन मंत्री*

*सशक्त भू-कानून को लेकर प्रदेश के नागरिक जागरूक होकर सरकार का सहभागी बनें – वन मंत्री सुबोध उनियाल*

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के भू-कानून की दिशा में लिए गए निर्णय के बाद प्रदेश में अवैध रूप से जमीनों की खरीद फरोख्त करने वालों के ख़िलाफ़ सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है।

 

प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने भू क़ानून को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भू-क़ानून को लेकर गंभीर है।जिन लोगों ने भी यहाँ भूमि ख़रीदी और उसका उपयोग उस प्रयोजन हेतु नहीं कर रहे हैं जिस प्रयोजन हेतु भूमि क्रय की है उनके विरुद्ध कार्यवाही करते हुए भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाएगा। इसके अतिरिक एक परिवार में 250 वर्ग मीटर से ज़्यादा भूमि ख़रीद कर जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है,उनकी भी अतिरिक्त ज़मीन राज्य सरकार में निहित की जाएगी।

 

*वन मंत्री ने कहा भू-क़ानून में जो भी सुधार राज्य हित में अपेक्षित होंगे वह प्रयास किए जायेंगे लेकिन इसके लिए प्रदेश के नागरिकों को भी जागरूक होकर सरकार का सहभागी बनना होगा। वन मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रदेशवासी अपने पैतृक भूमि को संरक्षित करें और उसकी बिक्री ना करें।* वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूर्व में भू-कानून में जो भी ऐसे संशोधन हुए हैं, और उनसे अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हुए हैं, जन भावनाओं के अनुरूप उनमें भी संशोधन करने से पीछे नहीं हटा जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों के हक हकूकों को संरक्षित करने को हर संभव कदम उठाये जा रहे हैं। राज्य का भावी भू कानून इसी सोच के साथ तैयार किया जा रहा है।

 

गौरतलब है कि भू कानून को लेकर मुख्यमंत्री ने कई स्तर पर कार्यवाही करने और अगले बजट सत्र में राज्य की जनभावनाओं के अनुरूप भू क़ानून लागू करने दिशा में निर्णय लिया है।राज्य सरकार ने सुभाष कुमार समिति का गठन किया है इसके साथ ही भू कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में गठित समिति सुझावों का अध्ययन कर लागू करने के लिए बैठकें कर के इसको अंतिम रूप दे रही है।

आम जन की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए किया जाए निस्तारण: आर्या

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*कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में चोपता में आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर*

*स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने दर्ज की विभिन्न समस्याएं*

*विभिन्न विभागों से संबंधित 150 से अधिक समस्याएं हुई दर्ज*

जनपद भ्रमण पर पहुंची प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती रेखा आर्या की अध्यक्षता में आज विकास खंड अगस्त्यमुनि के राजकीय इंटर कॉलेज चोपता एवं रुमसी गांवों में *जनता दरवार एवं बहुउद्देशीय शिविर* का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्याओं से कैबिनेट मंत्री को अवगत कराया। चोपता में आयोजित शिविर में लगभग 150 जबकि रूमसी में 80 से अधिक समस्याएं दर्ज की गई। जिनको गंभीरता से लेते हुए उनका यथाशीघ्र निराकरण हेतु श्रीमती रेखा आर्या ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।

 

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित *बहुउद्देशीय शिविर* में कोखंडी के प्रधान कमल लाल आगरी ने ग्राम सभा कोखंडी (तलगढ़) की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। राजकीय इंटर काॅलेज चोपता की कमेटी द्वारा विद्यालय की सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने का अनुरोध किया गया। सदस्य जिला पंचायत सुनीता बर्त्वाल ने चोपता में स्थापित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण करने की मांग की। भाजपा के जिलामंत्री गंभीर सिंह बिष्ट ने सतेराखाल क्षेत्र के आसपास ग्रामीण क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से अवगत कराया। महड़ मल्ला निवासी अषाड़ी देवी व जग्गी कांडई के पुष्कर लाल ने मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। इनके अलावा लोदला गांव के गजेंद्र लाल ने विकलांग पुत्र को आर्थिक सहायता व पेंशन दिलाए जाने के संबंध में प्रार्थना-पत्र दिया। नारी के ग्रामीणों ने क्षेत्र में मिनी स्टेडियम बनाने की बात कही। स्यूपुरी के क्षेत्र पंचायत सदस्य गौरव सुपरियाल ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति जिला कार्यालय एवं विकास भवन परिसर में लगाए जाने तथा स्वांरी ग्वांस गांव निवासी संगीता देवी ने प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने की मांग की।

*बहुउद्देशीय शिविर* की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन समस्याओं से संबंधित शिकायतों का निस्तारण करने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशन में कैबिनेट मंत्री, विधायक और सचिव स्तर के अधिकारी पूरे प्रदेश में जनता की समस्याओं के निस्तारण एवं विकास कार्यों हेतु काम कर रहे हैं। चारधाम यात्रा एवं विशेष रूप से श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है एवं लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस शिवर में को भी शिकायत मिली हैं अगली बार यह वापस न आएं इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है। क्षेत्र के विकास एवं जनता की समस्याओं के निदान के लिए अधिकारियों को अपने दैनिक कार्यों से हटकर अतिरिक्त परिश्रम करना होगा। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी से जनपद की सभी ग्राम सभाओं एवं ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम या खेल मैदान के लिए आए हुए सभी प्रस्तावों को उन्हें जल्द भेजने के निर्देश दिए।

इससे पहले उन्होंने दोनों बहुउद्देशीय शिविरों में आयोजित विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया। साथ ही मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लाभार्थियों से संवाद कर उन्हें पुरस्कृत किया। वहीं दोनों कार्यक्रमों में पहुंची गर्भवती महिलाओं को महालक्ष्मी किट भेंट की।

 

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशीष घिल्डियाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेंद्र बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, अधिशासी अभियंता जल संस्थान अनीश पिल्लई, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा वाचस्पति सेमवाल, मंडल अध्यक्ष त्रिलोचन भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के कोऑर्डिनेटर दलबीर सिंह दानू, सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी विक्रम सिंह कंडारी, जिला पंचायत सदस्य-चोपता सुनीता बर्तवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष गंभीर सिंह बिष्ट, अमित प्रदाली, मानवेंद्र कुमार, जगदीश नेगी, सचिन रावत, सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे।

 

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में कंडारा में आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर

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*विभिन्न विभागों से संबंधित 50 समस्याएं हुई दर्ज, 20 का मौके पर ही निराकरण*

*शेष शिकायतों का निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को किया गया प्रेषित*

*विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टाॅल*

*योजनाओं की दी गई जानकारी*

जनपद भ्रमण पर पहुंचे प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण एवं ग्राम्य विकास विभाग मंत्री श्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में आज विकास खंड अगस्त्यमुनि की ग्राम पंचायत कंडारा में *जनता दरबार एवं बहुउद्देशीय शिविर* का आयोजन किया गया। इस अवसर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा 50 समस्याओं को दर्ज कराया गया जिसमें 20 शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया जबकि शेष शिकायतों का निस्तारण हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित किया गया।

ग्राम पंचायत भवन कंडारा में आयोजित *बहुउद्देशीय शिविर* में ग्राम प्रधान क्यूंजा विनीता नेगी ने क्यूंजा में राजकीय पाॅलीटेक्निक स्वीकृत कराने की मांग की। इसी तरह शिक्षक-अभिभावक संघ द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज कंडारा में हिन्दी के रिक्त प्रवक्ता पद पर शिक्षक की तैनाती करने तथा उच्छाढुंगी के ग्रामीणों ने सहकारी मिनी बैंक में कार्य प्रणाली ऑनलाइन ढंग से करने की मांग की। कंडारा के ग्रामीणों ने खेल मैदान के विस्तारीकरण व सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की। जबकि कंडारा गांव की ही विछना देवी ने अवगत कराया कि अत्यधिक बारिश के कारण उनका आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने इसके लिए मुआवजा दिलाने तथा शांति देवी ने शौचालय निर्माण हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रार्थना की। क्यूंजा के ग्रामीण दर्शन सिंह ने स्वतंत्रता सैनानी के नाम पर मोटर मार्ग स्वीकृत करने की मांग की। कंडारा निवासी कुलदीप सिंह भंडारी ने सड़क मार्ग की दुर्दशा के साथ ही सुधारीकरण को लेकर अवगत कराया। इस तरह आयोजित *बहुउद्देशीय शिविर* में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर लगभग 50 शिकायतें दर्ज की गई। जिनमें 20 शिकायतों का मौके पर ही जबकि शेष शिकायतों का निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

*बहुउद्देशीय शिविर* की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण एवं ग्राम्य विकास विभाग मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि आज विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमें बहुत सी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया जबकि अन्य समस्याओं के निराकरण हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनता की सरकार जनता के द्वार के तहत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गांव के गरीब, किसान व मातृशक्ति की समस्याओं का उनके क्षेत्र में जाकर ही समाधान किया जाए। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र से अब तक लखपति दीदी योजना के तहत 70 बहिनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। इसके लिए उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को शुभकामनाएं व बधाई दी हैं। बताया कि जहां केंद्र सरकार द्वारा 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है वहीं राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025 तक डेढ़ लाख बहनों को लखपति दीदी बनाएंगे। अब तक राज्य में 92 हजार बहिनें लखपति दीदी बन गई हैं। इससे साबित होता है कि हम निरंतर अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया है कि आज प्राप्त शिकायतों का निश्चित रूप से समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन स्तर की समस्याओं को लेकर शासन को अवगत कराया जाएगा। जबकि जिला स्तर की समस्याओं का निस्तारण करने हेतु उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।

इस अवसर पर रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत सिंह चौधरी ने प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण एवं ग्राम्य विकास विभाग मंत्री श्री गणेश जोशी का कार्यक्रम में प्रतिभाग करने पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सैनिक बाहूल्य क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि सरकार हर वर्ग की समस्याओं के लिए बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर रही है ताकि स्थानीय स्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टाॅल भी लगाते हुए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी से लोगों को अवगत कराया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 55 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वहीं ग्राम्य विकास विभाग द्वारा 23 लोगों को संचालित योजनाओं की जानकारी से अवगत कराया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा विजय कप्रवान, शकुंतला जगवाण, सदस्य जिला पंचायत सुमंत नेगी, मंडल अध्यक्ष अनिल कोठियाल, प्रधान कंडारा ज्योति देवी, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला, प्र. जिला विकास अधिकारी विमल कुमार, खंड विकास अधिकारी प्रवीण भट्ट सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे।

उत्तराखण्ड राज्य में प्रधानमंत्री उन्नत ग्राम योजना के क्रियान्वयन हेतु 07 जनपदों के 15 ब्लाॅक के 128 जनजाति बाहुल्य ग्रामों का चयन

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*मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को जनजातीय ग्रामों में कैम्प लगाकर जनजातीय समुदायों के लोगो को जनजाति प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए*

*प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्य करने वाले सभी 17 विभागों को अपने नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश*

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को सभी जनजातीय ग्रामों में कैम्प लगाकर जनजातीय समुदायों के लोगो को जनजाति प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्य करने वाले सभी 17 विभागों को अपने नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं। यह नोडल अधिकारी आगामी 27 सितम्बर को प्रधानमंत्री उन्नत ग्राम योजना के सम्बन्ध में जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित मंथन शिविर में प्रतिभाग करेंगे। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों एवं सम्बन्धित विभागों को सभी जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में कैम्प लगाकर पीएम उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, विद्युतीकरण योजनाओं के शत् प्रतिशत कवरेज के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को आगामी 02 अक्टूबर को मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के शुभारम्भ के अवसर पर जिला स्तर पर चयनित प्रत्येक ग्राम में एक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

उल्लेखनीय है कि 27 सितम्बर को प्रधानमंत्री उन्नत ग्राम योजना के सम्बन्ध में जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मंथन शिविर आयोजित किया जाना है। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने उससे पूर्व सभी 17 विभागों को अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को प्रधानमंत्री उन्नत ग्राम योजना हेतु जनपद की सूचनाओं के लिए समन्वय स्थापित किये जाने हेतु एक नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं। उत्तराखण्ड राज्य में प्रधानमंत्री उन्नत ग्राम योजना के क्रियान्वयन हेतु 07 जनपदों के 15 ब्लाॅक के 128 जनजाति बाहुल्य ग्रामों का चयन किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों की सामाजिक आर्थिक स्थिति में सुधार करना है, जिसके तहत बुनियादी सुविधाओं का विकास, आर्थिक सशक्तीकरण, अच्छी शिक्षा व स्वस्थ्य जीवन को प्रोत्साहित करना है।

सचिवालय में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री उन्नत ग्राम योजना के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव श्री सचिन कुर्वे, डा0 बी वी आर सी पुरूषोत्तम, अपर सचिव डा0 नीरज खैरवाल, श्री सी रविशंकर सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

अयोध्या में श्रीराम को समर्पित उत्तराखंड के शुभवस्त्रम् ने बढ़ाई प्रदेश की सांस्कृतिक प्रतिष्ठा

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*सीएम धामी के नेतृत्व में प्रदेश की संस्कृति और कला को मिल रही नई पहचान

उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक कलाओं को न केवल एक नई पहचान मिल रही है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियाँ भी इससे प्रेरित होकर जुड़ रही हैं। सोमवार का दिन उत्तराखंडवासियों के लिए गौरव का दिन था, जब अयोध्या में विराजमान भगवान श्रीरामलाल का दिव्य विग्रह देवभूमि की विश्वविख्यात ऐपण कला से सुसज्जित शुभवस्त्रम में सुशोभित हुए। यह शुभवस्त्रम न केवल उत्तराखंड की पारंपरिक कला और समर्पण का प्रतीक था, बल्कि इसने राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि को राष्ट्रीय पटल पर एक नया गौरवशाली अध्याय जोड़ा।

इन शुभवस्त्रों को उत्तराखंड के कुशल शिल्पकारों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से तैयार किया, और स्वयं मुख्यमंत्री ने इसे अयोध्या पहुँचाकर श्रीराम मंदिर में भेंट किया। यह शुभवस्त्रम् में न केवल प्रदेश की ऐपण कला नजर आती है बल्कि इसमें निहित भक्ति और श्रम साधकों की अद्वितीय शिल्पकला का अद्भुत समन्वय भी है, जिसने उत्तराखंड की सांस्कृतिक छवि को और अधिक प्रखर बना दिया।

मुख्यमंत्री धामी के गतिशील नेतृत्व में प्रदेश की लोक कला, संगीत, नृत्य और शिल्पों के संवर्धन की दिशा में भी अनेक ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी न केवल राज्य के स्थानीय हस्तशिल्प और कारीगरों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, बल्कि राज्य के युवाओं को भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और इसे संजोने की प्रेरणा दे रहे हैं।

सीएम धामी के प्रयासों का ही प्रतिफल है कि उत्तराखंड की पारंपरिक कला और संस्कृति की गूंज अब अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी सुनाई देने लगी है। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में उत्तराखंड की लोक कलाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे राज्य को वैश्विक पहचान और सम्मान मिल रहा है। धामी का मानना है कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण और संवर्धन आधुनिक संसाधनों और तकनीकों के साथ होना चाहिए ताकि यह अमूल्य विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रहे।

मुख्यमंत्री धामी का यह दृढ़ विश्वास है कि राज्य का समग्र विकास तभी संभव है जब उसकी सांस्कृतिक जड़ें मजबूत हों। इसलिए, उनके नेतृत्व में युवाओं को डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के ज़रिए संस्कृति से जोड़ा जा रहा है। सांस्कृतिक संस्थानों और कला संगठनों के सहयोग से युवाओं को पारंपरिक कलाओं में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे अपनी संस्कृति पर गर्व करें और इसे और आगे बढ़ा सकें।