Saturday, March 7, 2026
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उत्तराखंड भारत गणराज्य के 27 वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया

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उत्तराखण्ड या उत्तराखंड भारत के उत्तर में स्थित एक राज्य है। 2000 और 2006 के बीच यह उत्तरांचल के नाम से जाना जाता था, 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड भारत गणराज्य के 27 वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। राज्य का निर्माण कई वर्ष के आन्दोलन के पश्चात् हुआ। इस प्रान्त में वैदिक संस्कृति के कुछ सबसे महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थान हैं। उत्तर प्रदेश से अलग किये गये नए प्रांत उत्तरांचल 8 नवम्बर 2000 को अस्तित्व में आया। इस राज्य की राजधानी देहरादून है। उत्तरांचल अपनी भौगोलिक स्थिता, जलवायु, नैसर्गिक, प्राकृतिक दृश्यों एवं संसाधनों की प्रचुरता के कारण देश में प्रमुख स्थान रखता है।

केदारनाथ मे पैदल यात्रा शुरू होने पर भट्ट ने जताया सीएम और कार्यरत एजेंसियों का जताया आभार

भाजपा ने रिकॉर्ड समय में केदारनाथ पैदल यात्रा शुरू करने के लिए सीएम धामी के नेतृत्व में कार्यरत सभी एजेंसियों का आभार व्यक्त किया हैं ।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, बाबा भोलेनाथ की कृपा से हम सुरक्षित उत्तराखंड का संदेश दुनिया के सामने लाने में कामयाब हुए हैं । देवभूमि की आर्थिकी की रीड, इस यात्रा का शीघ्र सुचारू होना भी बेहद आवश्यक था, जिसमे हम सफल हुए हैं ।

 

मीडिया के लिए जारी अपने बयान में श्री भट्ट ने कहा, केदार घाटी से सभी प्रदेशवासियों के लिए बाबा भोलेनाथ ने खुशी की खबर भेजी है। वहां बादल फटने से हुए जबरदस्त नुकसान से पार पाते हुए हम उनके आशीर्वाद से पैदल यात्रा दोबारा शुरू करने में सफल हुए हैं । हालांकि इससे पूर्व ही हेलीकॉप्टर से भगवान के दर्शन, वहां आपदा राहत कार्य समाप्त होने के बाद ही शुरू हो गए थे । लेकिन सरकार की असल चुनौती आम श्रद्धालुओं को केदार धाम पहुंचाना की थी । क्योंकि गौरीकुंड तक के सड़क मार्ग और वहां से तीन चौथाई पैदल मार्ग अतिवृष्टि से पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो गए थे । लेकिन हमारी सरकार पहली प्राथमिकता वहां फंसे लगभग 19 लोगों को सुरक्षित निकलना था जिसे अंजाम देने में हम पूरी तरह सफल हुए। जानकारों एवं प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि 2013 की आपदा जैसी स्थिति के बावजूद, सूचना प्राप्त होने के बाद एक भी यात्री के जानो माल का नुकसान नहीं होने देना, सही मायने में आपदा प्रबंधन का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है।

 

हम सभी जानते हैं कि चार धाम यात्रा देवभूमि और विशेषकर स्थानीय व्यापारियों की आर्थिक रीड का काम करती है । लिहाजा हमारी सरकार की दूसरी अहम प्राथमिकता थी जल्द से जल्द यात्रा को पुनः शुरू किया जाए। अब बेहद प्रसन्नता एवं तारीफ की बात है कि हमारी सभी आपदा एवं निर्माण ऐजेंसियों ने वहां युद्ध स्तर पर काम करके मात्र 15 दिन में पैदल मार्ग को सुचारू किया है । हालांकि अभी पैदल मार्गों का और अधिक चौड़ीकरण किया जाना है लिहाजा ऐसे तमाम कठिन स्थान पर आपदा प्रबंधन की टीमों को यात्रियों की मदद के लिए वहां मुस्तैद करना भी काबिले तारीफ कदम है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में आपदा राहत एवं पुनर्निर्माण एजेंसियों द्वारा यात्रा मार्ग को लेकर किए अभूतपूर्व कार्यों का प्रदेश की जनता आभार व्यक्त कर रही है। एक बार पुनः जनता के सहयोग और बाबा के आशीर्वाद से हम सुरक्षित उत्तराखंड का संदेश दुनिया के सामने लाने में सफल हुए हैं।

 

 

मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री आवास में बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने भेंट की

मुख्यमंत्री ने पेरिस ओलंपिक में शानदार खेल के प्रदर्शन के लिए लक्ष्य सेन को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उत्तराखंड के बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन पेरिस ओलंपिक पुरुष सिंगल्स बैडमिंटन में कांस्य पदक मैच तक पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य सेन को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आगामी खेलों में पूरे समर्पण से अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें। राज्य सरकार और प्रदेश की जनता आपके साथ है। उन्होंने कहा कि जब किसी कार्य के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति होती है, तो उस कार्य में सफलता अवश्य मिलती है।

इस अवसर पर लक्ष्य सेन की माताजी श्रीमती निर्मला सेन एवं पिताजी श्री के.डी सेन तथा उत्तराखंड बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव श्री बी.एस मनकोटी उपस्थित थे।

देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता-मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सुभाष रोड स्थित होटल में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर देश के विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों को नमन करते हुए विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होने कहा कि देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को जब हम आजादी का जश्न मना रहे थे वहीं दूसरी ओर देश के विभाजन का भी हमने दुःख सहा है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के कारण सामने आई परिस्थितियों को देखते हुए भारत दो टुकड़ों में विभक्त हुआ। लाखों लोग इधर से उधर हुए उनका घर-बार छूटा, परिवार छूटा, लाखों की जानें गईं। भारत के लिए यह घटना किसी विभीषिका से कम नहीं थी। वर्ष 2021 में इसी दर्द को याद करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को ’’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ मनाने का निर्णय लिया। तब से यह दिन मनाया जा रहा है, जिससे हम अपने उन लाखों सेनानियों व परिवारजनों से बिछड़े लोगों के बलिदान को याद कर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन उन सभी सेनानियों की याद दिलाता है जिन्होंने भारत माँ के लिए बलिदान दिया। भारत के बंटवारे ने सामाजिक एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया था। उन्होंने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम देश को स्वतंत्र कराने वाले और देश के विभाजन की यातनाएं झेलने वाले मां भारती के प्रत्येक सपूत के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके लोग प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में सहयोगी बने हैं। देश विभाजन के समय हुई दर्दनाक हिंसक घटनाओं ने मानवता को ही शर्मसार नहीं किया बल्कि हिंसा का वह अमानवीय तांडव कभी न भरने वाला घाव दे गया, जिसकी टीस आज भी हमें महसूस होती है। यह दिवस हमारी भावी पीढ़ी को इतिहास की उस विभीषिका से परिचित कराता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा पिछले वर्ष रूद्रपुर में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उन्होने विभाजन का दंश झेलने वालों की स्मृति भी विभाजन विभीषिका स्मृति स्मारक बनाये जाने की घोषणा की थी जिस पर कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने विभाजन की विभीषिका को इतिहास का काला अध्याय तथा दुनिया का सबसे बडा विभाजन बताते हुऐ कहा कि लाखों लोगों ने अपनी जान गवाकर विभाजन के साथ विस्थापना का दर्द झेला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947, 1971 के बाद आज फिर बांगलादेश की घटना लोगों के लिये पलायन के लिये मजबूर कर रही है। आज हम सबको बांगलादेश के हिन्दुओं व अन्य अल्पसंख्यक समुदाय की चिन्ता करनी है। किन्तु देश में छोटी छोटी घटनाओं पर विरोध करने तथा मानवाधिकार का रोना रोने वाले न जाने कहां खो गये हैं, वे सीन से ही गायब हो गये हैं। यह अवसर सजग और सतर्क रहने के साथ ऐसे ढोंगियों से सतर्क रहने का भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन का पीड़ा झेलने वालों ने अपनी प्रबल इच्छा शक्ति तथा कौशल के बल पर देश व प्रदेश के विकास में अहम योगदान दिया है। उनका यह योगदान अविस्मरणीय है। उन्होने दिखाया है कि प्रबल इच्छा शक्ति के बल पर क्या कुछ नहीं किया जा सकता है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभाजन विभीषिका से संबंधित फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

कार्यक्रम में उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ देवेन्द्र भसीन, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति श्री विश्रवास डाबर, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, उद्यमी राकेश ओबेराय तथा अपने बचपन में विभाजन की विभीषिका का सामना करने वाले डॉ कुलदीप दत्त, तथा किशन लाल बिज ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री दिनेश अग्रवाल, श्री अनिल गोयल, श्री संतोश नागपाल, श्री डी.एस.मान, श्री नीरज कोहली सहित बडी संख्या में विभिन्न संस्थाओं से जुडे लोग तथा समाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अल्मोड़ा, गोपेश्वर, मसूरी, नैनीताल व उत्तरकाशी में भूस्खलन के खतरों का LIDAR Survey जारी

*सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने भूस्खलन की सूचनाओं के डेटाबेस, भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आकंलन व भूस्खलनों के स्थलीय परीक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए*

*लैण्डस्लाइड इंफोर्मेशन डेटाबेस के तहत चारधाम यात्रा मार्ग का बनेगा एटलस*

*जिलावार भूस्खलनों की संवेदनशीलता की मैपिंग की तैयारी*

*जोशीमठ, हल्दपानी (गोपेश्वर), इल धारा (धारचूला), बलियानाला (नैनीताल) व ग्लोगी (मसूरी) में भूस्खलन न्यूनीकरण व अनुश्रवण के प्रोजेक्ट संचालित*

*नैनीताल के नैना चोटी, हरिद्वार के मनसा देवी व कर्णप्रयाग के बहुगुणानगर में लैण्डस्लाइड मिटिगेशन व मॉनिटरिंग के प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी*

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने राज्य में भूस्खलन की सूचनाओं के डेटाबेस, भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आकंलन, भूस्खलनों के स्थलीय परीक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने प्रदेश में भूस्खलनों के न्यूनीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की निरन्तर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भूस्खलनों की मॉनिटरिंग व अर्ली वार्निग सिस्टम को प्रभावी बनाने के भी निर्देश सचिवालय में यूएलएमएमसी ( उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केन्द्र ) की दूसरी कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान जारी किए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में भूस्खलनों के जोखिम से बचाव के लिए जागरूकता एवं पूर्व तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

 

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने लैण्डस्लाइड इंफोर्मेशन डेटाबेस के तहत चारधाम यात्रा मार्ग का एटलस तैयार करने, जिलावार लैण्डस्लाइड इन्वेंटरी तैयार करने तथा जिलावार भूस्खलनों की संवेदनशीलता की मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अल्मोड़ा, गोपेश्वर, मसूरी, नैनीताल उत्तरकाशी में किए जा रहे भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आंकलन (LIDAR Survey ) की रिपोर्ट भी तलब की। बैठक में जानकारी दी गई कि यूएलएमएमसी द्वारा गत एक वर्ष में 60 स्थलों का भूस्खलन स्थलीय परीक्षण किया जा चुका है। जोशीमठ, हल्दपानी (गोपेश्वर), इल धारा (धारचूला), बलियानाला (नैनीताल) व ग्लोगी (मसूरी) में भूस्खलन न्यूनीकरण व अनुश्रवण के प्रोजेक्ट संचालित किये जा रहे हैं। नैनीताल के नैना चोटी, हरिद्वार के मनसा देवी व कर्णप्रयाग के बहुगुणानगर में लैण्डस्लाइड मिटिगेशन व मॉनिटरिंग के प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है। एसडीएमएफ के तहत 226 डीपीआर का मूल्यांकन किया जा चुका है।

बैठक में प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुधांशु, सचिव श्री विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव डा अहमद इकबाल, श्री विनीत कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध लोक गायक श्री नरेन्द्र सिंह नेगी को उत्तराखण्ड लोक सम्मान से सम्मानित किया

 

 

*प्रशस्ति पत्र भेंट कर दी जन्मदिन की शुभकामना।*

 

*नरेन्द्र सिंह नेगी को बताया हिमालय जैसा अडिग व्यक्तित्व।*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार रोड स्थित संस्कृति प्रेक्षागृह में प्रसिद्धि लोकगायक श्री नरेन्द्र सिंह नेगी के जन्मदिन पर गीत यात्रा के 50 वर्ष कार्यक्रम में उनकी रचनाओं पर श्री ललित मोहन रयाल द्वारा लिखित पुस्तक कल फिर जब सुबह होगी का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने श्री नरेन्द्र सिंह नेगी को उत्तराखण्ड लोक सम्मान से सम्मानित कर 2.51 लाख का चेक भेंट किया तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने पुस्तक के लेखक श्री ललित मोहन रयाल के प्रयासों की सराहना करते हुए पुस्तक को भावी पीढी के लिये संरक्षित करने वाला कार्य बताया।

 

मुख्यमंत्री नें प्रसिद्ध लोक गायक श्री नरेन्द्र सिंह नेगी को उनके जन्म दिन की हार्दिक बधाई देते हुए उन्हें हिमालय जैसे अडिग व्यक्तित्व वाला देवभूमि का महान सपूत बताते हुए कहा कि नेगी जी के गीत हमें अपने परिवेश के साथ पहाड की चुनौतियों से परिचित कराने का कार्य करते है। उनके गीतों में प्रकृति, परम्परा, परिवेश, विरह वियोग व व्यथा का जो मिश्रण है वह हमें अपनी समृद्ध परम्पराओं एवं लोक संस्कृति से जोडने का कार्य करती है। उनके गीत हमारी विरासत की समृद्ध परम्परा को पीढी दर पीढी आगे बढ़ाने का कार्य करेगी तथा युवाओं को प्रेरित करने का कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने श्री नरेन्द्र सिंह नेगी को पहाड़ की आवाज बताते हुये उनके दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध लोक संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों को अपने गीतों एवं संगीत के माध्यम से देश व दुनिया तक पहुंचाने का कार्य नेगी जी ने किया है। वे वास्तव में समाज के सफल नायक के रूप में रहे हैं। उनके गीत राज्य वासियों को अपनी परम्पराओं से जोड़ने में मददगार रहे हैं।

 

श्री नरेन्द्र सिंह नेगी ने लोक संस्कृति के प्रति मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के लगाव के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने श्री ललित मोहन रयाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी विद्वता से 101 गीतों की विवेचना 400 पृष्ठों के ग्रंथ के रूप में समाज के समक्ष रखा है। यह उनकी लोक साहित्य एवं संस्कृति के प्रति गहरी समझ का भी प्रतीक है वे शब्दों के शब्दार्थ को गीत के लेखक से आगे ले गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने पहाड़ों से पलायन रोकने पर लिखा अपना प्रसिद्ध गीत ठंडो रे ठंडो गाकर लोगों को अपनी लोक संस्कृति से जुड़ने के लिए मजबूर किया।

 

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूडी, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो.सुरेखा डंगवाल, पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री अनिल कुमार रतूडी, साहित्यकार श्री नंद किशोर हटवाल, श्री दिनेश सेमवाल, श्री सचिदानंद भारती, श्री गणेश खुकसाल गणी के अलावा बडी संख्या में साहित्यकार एवं लोक संस्कृति से जुडे लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने देहरादून में पूर्व सैनिक संगठन द्वारा आयोजित आभार एवं संवाद कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

 

 

*सैनिक कल्याण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के प्रति पूर्व सैनिकों द्वारा जताया गया आभार। मुख्यमंत्री का किया सम्मान।*

 

*कार्यक्रम में वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री का तथा मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं को किया सम्मानित।*

 

*हमारे पूर्व सैनिक हिमालय के प्रहरी तथा पर्यावरण के संरक्षक।*

 

*मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों से की ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान में सहयोगी बनने की अपेक्षा।*

 

*‘‘एक पेड मां के नाम’’ कार्यक्रम को सफल बनाने में भी योगदान देने की की अपेक्षा।*

 

*मुख्यमंत्री ने मसूरी में की सैनिक विश्राम गृह बनाये जाने की घोषणा।*

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक संगठन द्वारा रविवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट गढ़ीकैंट देहरादून में आयोजित आभार एवं संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पूर्व सैनिक संगठन के अधिकारियों एवं सैनिकों के साथ वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री द्वारा कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्य में शहीद सैनिकों को मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 50 लाख रूपये किये जाने, शहीद सैनिक के परिवारजनों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को 02 साल से बढ़ाकर 05 वर्ष किये जाने, शहीदों के आश्रितों को जिलाधिकारी कार्यालयों में समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के अलावा अन्य विभागों में भी इन पदों पर भी नियुक्ति प्रदान करने के साथ ही सैनिक कल्याण विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को उपनल कर्मियों की भांति अवकाश प्रदान किये जाने की घोषणा के प्रति उनका आभार व्यक्त कर मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया गया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिक हिमालय के प्रहरी तथा पर्यावरण के संरक्षक भी है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से ‘हर घर तिरंगा’ तथा ‘एक पेड मां के नाम’ अभियान की सफलता में सहयोगी बनने की अपेक्षा करते हुए मसूरी में सैनिक विश्राम बनाये जाने की घोषणा की। कार्यक्रम में वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री का तथा मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं को सम्मानित किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युद्ध में वीरगति को प्राप्त होने वाले सेना एवं अर्द्धसैन्य बलों के जवानों के एक आश्रित को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी जा रही है। अभी तक 17 सैनिक आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी गई है। उत्तराखण्ड एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां वीरता पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों को एकमुश्त वार्षिक राशि का जीवन पर्यन्त भुगतान किया जाता है। विशिष्ट सेवा पदक पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों की एकमुश्त राशि बढ़ाई गई है। द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिक एवं युद्ध विधवाओं को प्रतिमाह दिये जाने वाले अनुदान को 08 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सेना ने हमेशा अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय दिया है। हमारी सेना के शौर्य एवं पराक्रम का इतिहास है। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। उत्तराखण्ड से प्रत्येक परिवार सैनिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। उत्तराखण्ड के सैनिकों एवं सैन्य परिवारों द्वारा दिये गये योगदान को शब्दों से बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही भव्य सैन्य धाम का भी लोकार्पण किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमेशा सेना का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। होली, दीपावली और कोई विशिष्ट दिन हो तो सेना के बीच में जाकर उनके साथ मनाते हैं। उनके नेतृत्व में सेना के मनोबल बढ़ाने का कार्य हो रहा है। वन रैंक वन पेंशन से सैनिकों का मनोगल बढा है। हमें अपनी भारतीय सेना पर गर्व है, जिनकी वजह से देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। हम राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में सामिल करने के लिये प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान मिला है। इसे बनाये रखना हमारे लिए चुनौती भी है, जिन इन्डीकेटर पर राज्य को और सुधार की आवश्यकता है, उनको भी बेहतर बनाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने बांगलादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की घटना को दुःखद बताते हुए कहा कि ऐसे समय पर हमारे देश के कई लोग जाति पति के बंधन में उलझे हैं। जबकि यह समय हमारे लिये सामुहिक रूप से इस विषय पर चिन्तन करने का है। उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों में होने वाली घटनाओं पर कैंडल मार्च निकालने वाले भी इस घटना के प्रति अनजान बने है। उन्होंने कहा कि यह समय आपसी एकता का है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से राष्ट्र जागरण के कार्य में भी सहयोगी बनने को कहा।

 

सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई है। द्वितीय विश्व युद्ध की अनुदान राशि, विशिष्ट सेना मेडल अवार्ड राशि में बढ़ोतरी तथा वीरता पदक पुरस्कार की एक मुश्त अनुदान राशि में भी कई गुना बढ़ोतरी की गई है।

 

इस अवसर पर जे. ओ. सी. एब एरिया मे.ज. प्रेम राज, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, अध्यक्ष उपनल ब्रिगेडियर जे. एस. बिष्ट सहित बड़ी संख्या में सेना एवं पूर्व सैन्य अधिकारियों के साथ पूर्व सैनिक तथा वीरांगनायें उपस्थित थी।

दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की सुविधाओं का निःशुल्क लाभ मिलेगा सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को

 

सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राएं दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की सुविधाओं का निःशुल्क लाभ उठा सकते हैं। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर (डीएलआरसी) में सभी सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क सदस्यता की व्यवस्था के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी देहरादून को तत्काल इस सम्बन्ध में सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की 45वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता के दौरान मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर में प्रतियोगी परीक्षाओं के ऑरियेण्टेशन प्रोग्राम के साथ सरकार द्वारा युवाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं, स्वरोजगार योजनाओं, स्टार्ट अप पॉलिसी की जानकारी का प्रचार-प्रसार करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आज की बैठक में मुख्य सचिव ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर के कॉर्पस फण्ड के लिए 2.12 करोड़ रूपये के धनराशि की मांग पर अनुमोदन दिया।

बैठक में जिलाधिकारी देहरादून, दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर के निदेशक श्री एन रविशंकर, श्री नपच्याल, श्री बी के जोशी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

11 से 15 अगस्त तक भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश में निकलेगी तिरंगा यात्रा

केंद्र राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएंगे कार्यकर्ता :आशा नौटियाल

 

11 से 13 अगस्त तक भाजपा महिला मोर्चा पूरे प्रदेश में तिरंगा यात्रा निकालने जा रही है । भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि भाजपा महिला मोर्चा के सभी पदाधिकारी महिला कार्यकर्ता विधानसभा स्तर पर तिरंगा पदयात्रा निकलेंगे।

 

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ,वीर सैनिकों को भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारी सम्मानित करेंगे। शौर्य स्थल के साथ जगह-जगह स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा । स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों वीर सैनिकों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण भी किया जाएगा

 

 

 

तिरंगा यात्रा मेंअधिक से अधिक बच्चों की सहभागिता को भी सुनिश्चित किया जाएगा। मंडल स्तर पर पार्टी में इस तरह से तैयारी की है जिससे लोगों को तिरंगा झंडा उपलब्ध कराया जा सके

 

 

14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस पर कैंडल मार्च का भी आयोजन किया जाएगा उनका कहना है कि प्रदेश भर में भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारी कार्यकर्ता कैंडल मार्च निकालेंगे कैंडल मार्च पूरी तरह से साइलेंट मार्च होगा। बैनर पोस्टर के साथ सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता विभाजन विभीषिका दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि चार-पांच अगस्त को सभी पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के साथ में बैठक का आयोजन किया जा चुका है। सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता मंडल स्तर पर टोली बनाकर यात्रा को सफल बनाएंगे।

 

 

 

 

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल कहना है कि सोशल मीडिया में रील बनाकर अपलोड करेंगे भाजपा महिला मोर्चा के कार्यक्रम को लेकर प्रदेश स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के अनुभव का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में शेयर करेंगे

 

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के विकास के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार की जन उपयोगी योजनाओं का लाभ महिलाओं को मिल रहा है देश प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड लगातार विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सांसद राज्य सभा डा.नरेश बंसल ने की आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से भेंट

गंगाजली ,रुद्राक्ष की माला,हिमाद्री का बना शाल व विभिन्न पुस्तके भेंट की

**आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डा.नरेश बंसल ने भेंट कर लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की शुभकामनाए व बधाई दी**

 

आज भारतीय जानता पार्टी के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सासंद राज्यसभा डा. नरेश बंसल जी ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से शिष्टाचार भेंट की व विभिन्न समसामयिक विषयो पर चर्चा की।

डा. नरेश बंसल आज सुबह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिलने पहुंचे ।

इस मौके पर डा. नरेश बंसल ने आदरणीय प्रधानमंत्री जी को आज हथकरघा दिवस पर उत्तराखंड के कारीगरो द्वारा निर्मित “हिमाद्री” का बना शाल व सावन के पवित्र माह मे मां गंगा के जल से भरी गंगाजली एवं भगवान शिव की प्रिय रुद्राक्ष की माला भेंट की ।

 

डा. नरेश बंसल ने तीज के त्यौहार व स्वर्णिम इतिहास बनाते हुए लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री शपथ लेने एवं एनडीए की सरकार बनने की हार्दिक शुभकामनाए व बधाई प्रेषित की।

 

डा.नरेश बंसल ने मोदी जी के दस साल के कुशल व प्रशंसनीय कार्यकाल पर आधारित अपनी लिखी पुस्तक “अमृतकालम” का ड्राफ्ट भी मोदी जी को सौंपा जिसे माननीय प्रधानसेवक जी ने सराहा व इसे संपूर्ण रूप देकर जनता के बीच साझा करने को कहा।डा. नरेश बंसल ने इस पुस्तक के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी का आशीर्वाद मांगा ।डा. नरेश बंसल ने अंग्रेजी मे अनुवादित श्री भगवत गीता,नमो एमपैकट एवं सुभाषचंद्र बोस जी के उपर लिखी पुस्तक भी प्रधानमंत्री जी को भेंट की।

 

आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने डा. नरेश बंसल से विभिन्न समसामयिक विषयो के साथ राज्य-विशिष्ट मुद्दों पर भी चर्चा की व विचार विमर्श किया।आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सासंद की डा. नरेश बंसल की दोनो भूमिका की सराहना की व ऐसे ही आगे लगन से कार्य करते रहने का मंत्र दिया।

डा. नरेश बंसल ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी जी से भेंट के बाद कहा कि यह सुखद अनुभूति थी,आदरणीय प्रधानसेवक जी से हर बार कुछ नया सिखने को मिलता है।उनके ओजपूर्ण व कुशल नेतृत्व मे भारत विकसित राष्ट्र की और आगे बढ रहा है,उनका मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणादायी है जो समय-समय पर मिलता रहता है व उनकी तरह देशहित मे काम करने को प्रेरित करता है।