Friday, April 24, 2026
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भ्रष्टाचार का महिमामंडन कर रही है कांग्रेस, जांच एजेंसियों के अस्तित्व पर उठा रही सवाल: चौहान

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस के ईडी दफ्तर के घेराव को अनौचित्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि कांग्रेस के कदम से प्रतीत होता है कि वह भ्रष्टाचार का महिमामंडन कर रही है और जांच एजेंसियों के अस्तित्व पर सवाल उठा रही है।

चौहान ने कहा कि ईडी, सीबीआई और इनकम टेक्स जैसी संस्थाओं का गठन भ्रष्टाचार को रोकने के लिए ही किया गया है और उन्हे यह शक्तियां कांग्रेस शासन मे ही मिली थी। इन संस्थाओं के द्वारा सरकार के इशारे पर उत्पीड़नात्मक कार्यवाही की बात भी तब कांग्रेस और आज इंडी गठबंधन के सहयोगी कर रहे हैं। तब भी वह इन संस्थाओं की जांच से पीड़ित थे और आज भी यही राग अलाप रहे है।

 

चौहान ने कहा कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं और उन पर सरकार का कोई अंकुश नही है। अदालत सर्वोपरि है और कई लोग ऐसे भी हैं जो कि अदालत से आसानी राहत नही पा सके। यह तभी संभव है जब मामला अधिक संगीन होगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली और उनके उपर मामले हैं उन्हे न बन्द किया गया और न ही पार्टी का इसमें कोई हस्तक्षेप है।

 

चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार की निंदा और समाज को इस बारे मे जागरूक करने की जरूरत है, न बल्कि जांच एजेंसियों का मनोबल तोड़ने अथवा भ्रष्टाचार का महिमामंडन की जरूरत है। कांग्रेस बेहतर जानती होगी कि उसके द्वारा 70 साल तक जांच एजेंसियों का किस तरह दुरूपयोग किया गया, लेकिन भाजपा की मंशा और नीति साफ है। पारदर्शिता के लिए कोई समझौता नही। उन्होंने कहा कि जनता बार बार भाजपा को मौके दे रही है और यह स्वच्छ और पारदर्शी शासन से संभव है। कांग्रेस को सोच बदलने की जरूरत है।

 

 

मुख्यमंत्री ने किया तीन दिवसीय “नन्दा देवी लोकजात मेले” का शुभारंभ

 

*मुख्यमंत्री ने चमोली जनपद के लिए की विभिन्न घोषणाएं*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चमोली स्थित कुरुड़ पहुंचकर तीन दिवसीय नन्दा देवी लोकजात मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मां नंदा के दर्शन कर पूजा अर्चना की एवं प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की।

 

*इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणा भी की। मुख्यमंत्री घोषणा में नंदानगर, नारायणबगड़ और देवाल में खेल मैदान निर्माण, प्राणमती नदी के दोनों तटों पर सुरक्षा कार्य, थराली के ढाडरबगड़ में बाढ़ सुरक्षा कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नंदा देवी लोकजात मेले को राजकीय मेला घोषित करने, नंदानगर चिकित्सालय को उप जिला चिकित्सालय में उच्चीकृत करने की घोषणा भी की।*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक मेले हमें हमारी संस्कृति के साथ अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के पौराणिक मेलों को संरक्षण करते हुए नए आयामों को जोड़कर भव्यता प्रदान कर रही है।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए विकास कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में युवाओं के भविष्य को देखते हुए पारदर्शी भर्ती परीक्षाओं के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जहां एक ओर नकल विरोधी कानून बनाकर नकल पर प्रभावी रोक लगाई है, वहीं राज्य में भर्ती परीक्षाओं में नकल करवाने वाले 100 से अधिक दोषियों को जेल भेजने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कार्य प्रणाली का प्रतिफल है कि अब तक 16 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं।

 

उन्होंने कहा कि राज्य में सतत विकास का कार्य भी तीव्र गति से हो रहा है। जिसके कारण उत्तराखण्ड देश में सतत विकास में पहले पायदान पर खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देशन में बद्रीनाथ और केदारनाथ का विकास किया जा रहा है।

इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा,मंदिर समिति अध्यक्ष सुखबीर रौतेला, राकेश गौड़, मेला समिति अध्यक्ष रेखा देवी, प्रकाश गौड़, कृपाल सिंह, प्रमुख भारती फर्स्वाण, जिला पंचायत सदस्त नंदिता रावत, हरेंद्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जानता उपस्थित रही।

भट्ट ने जतायी पक्ष- विपक्ष के विधायको से पटल पर रखे विधेयकों पर सार्थक चर्चा की उम्मीद

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने गैरसैंण में आयोजित सत्र को लेकर सभी विधायकों को शुभकामनाएं देते हुए

उम्मीद जताई कि सत्र में सभी प्रतिनिधि, पटल पर रखे विधेयकों पर सार्थक चर्चा करेंगे और जनसरोकारो से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। साथ ही प्रतिपक्ष के रचनात्मक सहयोग की सदन में अपील की ।

उन्होंने कहा कि गैरसैंण राज्यवासियों की भावनाओं का केंद्र है, लिहाजा वहां आयोजित होने वाला प्रत्येक सत्र हम सबके लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। आपदा सीजन में वहां सत्र का आयोजन करना एक चुनौती है, लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने उसे स्वीकार किया है। आज सरकार और सदन के सभी विधायकों के इस सामूहिक प्रयास पर प्रदेशवासी आभार व्यक्त कर रहे है। लिहाजा ऐसे में सभी विधायकों से जनता भी उम्मीद करती है कि सदन में लंबित और प्रस्तुत विधेयकों पर सार्थक चर्चा होगी । क्योंकि प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए इन जनसरोकारों से जुड़े विधेयकों का कानून बनना आवश्यक है। इसी तरह सदन का पटल, जनता से जुड़े मुद्दों और उनकी आवाज को उठाने का सर्वश्रेष्ठ मंच है, जिसका सदुपयोग सभी विधायकों को करना चाहिए ।

उन्होंने प्रतिपक्ष के विधायकों से विशेष आग्रह किया कि सभी राजनैतिक दुराग्रहों एवं पूर्वाग्रह से ग्रस्त विचारों का त्याग कर वे चर्चा में शामिल हों । प्रदेश की सवा करोड़ जनता, सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष दोनों की सदन में भूमिका को गौर से देखता है । ऐसे में सभी की जिम्मेदारी है कि सदन का संचालन रचनात्मक हो और वहां अधिक से अधिक विधायी कार्य संपन्न हों।

 

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से अगस्त्यमुनि में आयोजित रक्षाबंधन एवं जन मिलन कार्यक्रम को किया संबोधित

*रक्षाबंधन की सभी बहनों को दी शुभकामना। मातृशक्ति से शीघ्र ही रुद्रप्रयाग पहुंचने का किया वादा

*रूद्रप्रयाग को दी कई योजनाओं की सौगात

मौसम खराब होने के चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अगस्त्यमुनि रुद्रप्रयाग में आयोजित रक्षाबंधन एवं जनमिलन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्मय से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी बहनों को रक्षा बन्धन की शुभकामनायें दी तथा शीघ्र रुद्रप्रयाग पहुंचने का वादा कार्यक्रम में शामिल मातृशक्ति से किया।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को आठ घोषणाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने अगस्त्यमुनि नगर पंचायत को नगर पालिका बनाने, जनपद में तकनीकि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भणज में आईटीआई खोलने, तुंगनाथ महोत्सव मक्कू को जिला स्तरीय मेला घोषित किये जाने, मयाली बसुकेदार गुप्तकाशी मोटर मार्ग का चौड़ीकरण-हॉटमिक्स किये जाने, गुप्तकाशी पीएचसी को उच्चीकृत कर सीएचसी बनाये जाने, महर्षि अगस्त्यमुनि मंदिर का सौंदर्यीकरण किये जाने, यात्रा मार्ग पर घोड़े एवं खच्चरों की अचानक मृत्यु होने पर दाह किए जाने एवं दफनाने की व्यवस्था बनाये जाने के साथ ही विजयनगर- पठालीधार मार्ग के हिस्से का पुननिर्माण किये जान हेतु 05 करोड़ की स्वीकृति प्रदान किये जाने की घोषणा की।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विभिन्न जनकल्याणकारी एवं महिला सशक्तिकरण आधारित योजनाओं से हमारा प्रयास महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं, स्वयं को, परिवार एवं राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं । राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में मातृशक्ति सबसे आगे हैं। स्वयं सहायता समूह के उत्पाद, मल्टीनेशनल कंपनी के उत्पादों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत महिलाओं के द्वारा निर्मित उत्पादों को बेचने के लिए उचित बाजार उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में ’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’ का शुभारंभ किया गया है। इस ब्रांड के उत्पादों की तेजी से मांग हो रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु लखपति दीदी योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम में दूसरी चरण की यात्रा को लेकर पूरी व्यवस्थाएं चाक- चौबंद की जा रही है। यात्रा को और सुगम एवं सुव्यस्थित बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। केदार घाटी आपदा के बाद फिर से पुराने स्वरूप में आये और केदारनाथ की यात्रा फिर से अच्छी तरह से संचालित हो तथा इसमें कोई व्यवधान न हो इसके लिये प्रभावी प्रयास किये जा रहे है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह से कपाट बन्द होने तक चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाईन की व्यवस्था पूर्व की भांति चलती रहेगी एवं जो तीर्थ यात्री उत्तराखण्ड में चारों धामों के दर्शन के लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन नहीं करा पायेंगे, उन्हें मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था उपलब्ध करायी जायेगी। इसमें किसी भी प्रकार की संख्या की बाध्यता नहीं रहेगी। इसके लिए ऑफलाईन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जायेगी। यह व्यवस्था हरिद्वार, ऋषिकेश एवं इसके अतिरिक्त गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बदरीनाथ के मुख्य पड़ावों पर भी की जायेगी। चारधाम यात्रा के दौरान बैरिकेडिंग एवं चौकिंग की व्यवस्था की समीक्षा कर उसे न्यूनतम किया जायेगा। इस वर्ष की यात्रा पूर्ण होते ही अगले वर्ष की यात्रा के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। जल्द यात्रा प्राधिकरण के माध्यम से यात्रा संचालन के प्रयास किये जायेंगे, इसके लिए तेजी से कार्य चल रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ या किसी दूसरे धाम के नाम पर कहीं भी देश में दूसरा मंदिर नहीं बनेगा। कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर यह निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारखण्ड के सभी मंदिरों का विकास किया जा रहा है। पर्यटन को बढावा देने के लिये 05 करोड तक की पर्यटन विकास से संबंध्ाित योजनाओं पर 1.50 करोड की सब्सिडी दिये जाने का निर्णय भी राज्य मंत्रिमण्डल द्वारा लिया गया है इससे पर्वतीय क्षेत्रों में होटल, होमस्टे सहित अन्य पर्यटन योजनाओं के विकास में मदद मिलेगी तथा युवाओं के लिये स्वरोजगार के अवसर बढेंगे।

 

मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में अगस्त्यमुनि एवं रिजेंटा रिसोर्ट ऊखीमठ में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने विधायक के हाथों में रक्षा सूत्र बांधकर मुख्यमंत्री को राखियाँ प्रेषित की।

 

विधायक भरत सिंह चौधरी ने भी उपस्थित सभी महिलाओं को रक्षाबंधन पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को कार्यक्रम में प्रतिभाग करना था, लेकिन पल- पल बदल रहे खराब मौसम के कारण उनका पहुंचना संभव नहीं हो पाया। उन्होंने सभी महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी बहनों की राखियाँ मुख्यमंत्री जी तक सुरक्षित पहुंचा दी जाएंगी। इस अवसर पर उन्होंने केदारनाथ की दिवंगत विधायक शैला रानी रावत के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। साथ ही कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं केदारनाथ क्षेत्र के विकास को लेकर संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में प्रदेश के मुख्यमंत्री केदारनाथ क्षेत्र में आकर स्थानीय महिलाओं एवं ग्रामीणों से रूबरू होंगे।

 

इस अवसर पर दायित्वधारी चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवाड़ी, भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, जिलाध्यक्ष महावीर सिंह पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, महिला मोर्चा अध्यक्ष आशा नौटियाल, ने भी महिलाओं को राखी की शुभकामनाएं दी एवं सरकार द्वारा महिलाओं के हित चलाई जा रही योजनाओं तथा सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, एसएसपी लोकेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती सहित बडी संख्या में महिलायें एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

उत्तराखंड भारत गणराज्य के 27 वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया

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उत्तराखण्ड या उत्तराखंड भारत के उत्तर में स्थित एक राज्य है। 2000 और 2006 के बीच यह उत्तरांचल के नाम से जाना जाता था, 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड भारत गणराज्य के 27 वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। राज्य का निर्माण कई वर्ष के आन्दोलन के पश्चात् हुआ। इस प्रान्त में वैदिक संस्कृति के कुछ सबसे महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थान हैं। उत्तर प्रदेश से अलग किये गये नए प्रांत उत्तरांचल 8 नवम्बर 2000 को अस्तित्व में आया। इस राज्य की राजधानी देहरादून है। उत्तरांचल अपनी भौगोलिक स्थिता, जलवायु, नैसर्गिक, प्राकृतिक दृश्यों एवं संसाधनों की प्रचुरता के कारण देश में प्रमुख स्थान रखता है।

केदारनाथ मे पैदल यात्रा शुरू होने पर भट्ट ने जताया सीएम और कार्यरत एजेंसियों का जताया आभार

भाजपा ने रिकॉर्ड समय में केदारनाथ पैदल यात्रा शुरू करने के लिए सीएम धामी के नेतृत्व में कार्यरत सभी एजेंसियों का आभार व्यक्त किया हैं ।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, बाबा भोलेनाथ की कृपा से हम सुरक्षित उत्तराखंड का संदेश दुनिया के सामने लाने में कामयाब हुए हैं । देवभूमि की आर्थिकी की रीड, इस यात्रा का शीघ्र सुचारू होना भी बेहद आवश्यक था, जिसमे हम सफल हुए हैं ।

 

मीडिया के लिए जारी अपने बयान में श्री भट्ट ने कहा, केदार घाटी से सभी प्रदेशवासियों के लिए बाबा भोलेनाथ ने खुशी की खबर भेजी है। वहां बादल फटने से हुए जबरदस्त नुकसान से पार पाते हुए हम उनके आशीर्वाद से पैदल यात्रा दोबारा शुरू करने में सफल हुए हैं । हालांकि इससे पूर्व ही हेलीकॉप्टर से भगवान के दर्शन, वहां आपदा राहत कार्य समाप्त होने के बाद ही शुरू हो गए थे । लेकिन सरकार की असल चुनौती आम श्रद्धालुओं को केदार धाम पहुंचाना की थी । क्योंकि गौरीकुंड तक के सड़क मार्ग और वहां से तीन चौथाई पैदल मार्ग अतिवृष्टि से पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो गए थे । लेकिन हमारी सरकार पहली प्राथमिकता वहां फंसे लगभग 19 लोगों को सुरक्षित निकलना था जिसे अंजाम देने में हम पूरी तरह सफल हुए। जानकारों एवं प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि 2013 की आपदा जैसी स्थिति के बावजूद, सूचना प्राप्त होने के बाद एक भी यात्री के जानो माल का नुकसान नहीं होने देना, सही मायने में आपदा प्रबंधन का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है।

 

हम सभी जानते हैं कि चार धाम यात्रा देवभूमि और विशेषकर स्थानीय व्यापारियों की आर्थिक रीड का काम करती है । लिहाजा हमारी सरकार की दूसरी अहम प्राथमिकता थी जल्द से जल्द यात्रा को पुनः शुरू किया जाए। अब बेहद प्रसन्नता एवं तारीफ की बात है कि हमारी सभी आपदा एवं निर्माण ऐजेंसियों ने वहां युद्ध स्तर पर काम करके मात्र 15 दिन में पैदल मार्ग को सुचारू किया है । हालांकि अभी पैदल मार्गों का और अधिक चौड़ीकरण किया जाना है लिहाजा ऐसे तमाम कठिन स्थान पर आपदा प्रबंधन की टीमों को यात्रियों की मदद के लिए वहां मुस्तैद करना भी काबिले तारीफ कदम है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में आपदा राहत एवं पुनर्निर्माण एजेंसियों द्वारा यात्रा मार्ग को लेकर किए अभूतपूर्व कार्यों का प्रदेश की जनता आभार व्यक्त कर रही है। एक बार पुनः जनता के सहयोग और बाबा के आशीर्वाद से हम सुरक्षित उत्तराखंड का संदेश दुनिया के सामने लाने में सफल हुए हैं।

 

 

मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री आवास में बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने भेंट की

मुख्यमंत्री ने पेरिस ओलंपिक में शानदार खेल के प्रदर्शन के लिए लक्ष्य सेन को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उत्तराखंड के बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन पेरिस ओलंपिक पुरुष सिंगल्स बैडमिंटन में कांस्य पदक मैच तक पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य सेन को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आगामी खेलों में पूरे समर्पण से अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें। राज्य सरकार और प्रदेश की जनता आपके साथ है। उन्होंने कहा कि जब किसी कार्य के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति होती है, तो उस कार्य में सफलता अवश्य मिलती है।

इस अवसर पर लक्ष्य सेन की माताजी श्रीमती निर्मला सेन एवं पिताजी श्री के.डी सेन तथा उत्तराखंड बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव श्री बी.एस मनकोटी उपस्थित थे।

देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता-मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सुभाष रोड स्थित होटल में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर देश के विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों को नमन करते हुए विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होने कहा कि देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को जब हम आजादी का जश्न मना रहे थे वहीं दूसरी ओर देश के विभाजन का भी हमने दुःख सहा है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के कारण सामने आई परिस्थितियों को देखते हुए भारत दो टुकड़ों में विभक्त हुआ। लाखों लोग इधर से उधर हुए उनका घर-बार छूटा, परिवार छूटा, लाखों की जानें गईं। भारत के लिए यह घटना किसी विभीषिका से कम नहीं थी। वर्ष 2021 में इसी दर्द को याद करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को ’’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ मनाने का निर्णय लिया। तब से यह दिन मनाया जा रहा है, जिससे हम अपने उन लाखों सेनानियों व परिवारजनों से बिछड़े लोगों के बलिदान को याद कर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन उन सभी सेनानियों की याद दिलाता है जिन्होंने भारत माँ के लिए बलिदान दिया। भारत के बंटवारे ने सामाजिक एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया था। उन्होंने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम देश को स्वतंत्र कराने वाले और देश के विभाजन की यातनाएं झेलने वाले मां भारती के प्रत्येक सपूत के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके लोग प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में सहयोगी बने हैं। देश विभाजन के समय हुई दर्दनाक हिंसक घटनाओं ने मानवता को ही शर्मसार नहीं किया बल्कि हिंसा का वह अमानवीय तांडव कभी न भरने वाला घाव दे गया, जिसकी टीस आज भी हमें महसूस होती है। यह दिवस हमारी भावी पीढ़ी को इतिहास की उस विभीषिका से परिचित कराता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा पिछले वर्ष रूद्रपुर में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उन्होने विभाजन का दंश झेलने वालों की स्मृति भी विभाजन विभीषिका स्मृति स्मारक बनाये जाने की घोषणा की थी जिस पर कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने विभाजन की विभीषिका को इतिहास का काला अध्याय तथा दुनिया का सबसे बडा विभाजन बताते हुऐ कहा कि लाखों लोगों ने अपनी जान गवाकर विभाजन के साथ विस्थापना का दर्द झेला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947, 1971 के बाद आज फिर बांगलादेश की घटना लोगों के लिये पलायन के लिये मजबूर कर रही है। आज हम सबको बांगलादेश के हिन्दुओं व अन्य अल्पसंख्यक समुदाय की चिन्ता करनी है। किन्तु देश में छोटी छोटी घटनाओं पर विरोध करने तथा मानवाधिकार का रोना रोने वाले न जाने कहां खो गये हैं, वे सीन से ही गायब हो गये हैं। यह अवसर सजग और सतर्क रहने के साथ ऐसे ढोंगियों से सतर्क रहने का भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन का पीड़ा झेलने वालों ने अपनी प्रबल इच्छा शक्ति तथा कौशल के बल पर देश व प्रदेश के विकास में अहम योगदान दिया है। उनका यह योगदान अविस्मरणीय है। उन्होने दिखाया है कि प्रबल इच्छा शक्ति के बल पर क्या कुछ नहीं किया जा सकता है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभाजन विभीषिका से संबंधित फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

कार्यक्रम में उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ देवेन्द्र भसीन, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति श्री विश्रवास डाबर, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, उद्यमी राकेश ओबेराय तथा अपने बचपन में विभाजन की विभीषिका का सामना करने वाले डॉ कुलदीप दत्त, तथा किशन लाल बिज ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री दिनेश अग्रवाल, श्री अनिल गोयल, श्री संतोश नागपाल, श्री डी.एस.मान, श्री नीरज कोहली सहित बडी संख्या में विभिन्न संस्थाओं से जुडे लोग तथा समाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अल्मोड़ा, गोपेश्वर, मसूरी, नैनीताल व उत्तरकाशी में भूस्खलन के खतरों का LIDAR Survey जारी

*सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने भूस्खलन की सूचनाओं के डेटाबेस, भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आकंलन व भूस्खलनों के स्थलीय परीक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए*

*लैण्डस्लाइड इंफोर्मेशन डेटाबेस के तहत चारधाम यात्रा मार्ग का बनेगा एटलस*

*जिलावार भूस्खलनों की संवेदनशीलता की मैपिंग की तैयारी*

*जोशीमठ, हल्दपानी (गोपेश्वर), इल धारा (धारचूला), बलियानाला (नैनीताल) व ग्लोगी (मसूरी) में भूस्खलन न्यूनीकरण व अनुश्रवण के प्रोजेक्ट संचालित*

*नैनीताल के नैना चोटी, हरिद्वार के मनसा देवी व कर्णप्रयाग के बहुगुणानगर में लैण्डस्लाइड मिटिगेशन व मॉनिटरिंग के प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी*

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने राज्य में भूस्खलन की सूचनाओं के डेटाबेस, भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आकंलन, भूस्खलनों के स्थलीय परीक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने प्रदेश में भूस्खलनों के न्यूनीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की निरन्तर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भूस्खलनों की मॉनिटरिंग व अर्ली वार्निग सिस्टम को प्रभावी बनाने के भी निर्देश सचिवालय में यूएलएमएमसी ( उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केन्द्र ) की दूसरी कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान जारी किए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में भूस्खलनों के जोखिम से बचाव के लिए जागरूकता एवं पूर्व तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

 

 

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने लैण्डस्लाइड इंफोर्मेशन डेटाबेस के तहत चारधाम यात्रा मार्ग का एटलस तैयार करने, जिलावार लैण्डस्लाइड इन्वेंटरी तैयार करने तथा जिलावार भूस्खलनों की संवेदनशीलता की मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अल्मोड़ा, गोपेश्वर, मसूरी, नैनीताल उत्तरकाशी में किए जा रहे भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आंकलन (LIDAR Survey ) की रिपोर्ट भी तलब की। बैठक में जानकारी दी गई कि यूएलएमएमसी द्वारा गत एक वर्ष में 60 स्थलों का भूस्खलन स्थलीय परीक्षण किया जा चुका है। जोशीमठ, हल्दपानी (गोपेश्वर), इल धारा (धारचूला), बलियानाला (नैनीताल) व ग्लोगी (मसूरी) में भूस्खलन न्यूनीकरण व अनुश्रवण के प्रोजेक्ट संचालित किये जा रहे हैं। नैनीताल के नैना चोटी, हरिद्वार के मनसा देवी व कर्णप्रयाग के बहुगुणानगर में लैण्डस्लाइड मिटिगेशन व मॉनिटरिंग के प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है। एसडीएमएफ के तहत 226 डीपीआर का मूल्यांकन किया जा चुका है।

बैठक में प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुधांशु, सचिव श्री विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव डा अहमद इकबाल, श्री विनीत कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध लोक गायक श्री नरेन्द्र सिंह नेगी को उत्तराखण्ड लोक सम्मान से सम्मानित किया

 

 

*प्रशस्ति पत्र भेंट कर दी जन्मदिन की शुभकामना।*

 

*नरेन्द्र सिंह नेगी को बताया हिमालय जैसा अडिग व्यक्तित्व।*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार रोड स्थित संस्कृति प्रेक्षागृह में प्रसिद्धि लोकगायक श्री नरेन्द्र सिंह नेगी के जन्मदिन पर गीत यात्रा के 50 वर्ष कार्यक्रम में उनकी रचनाओं पर श्री ललित मोहन रयाल द्वारा लिखित पुस्तक कल फिर जब सुबह होगी का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने श्री नरेन्द्र सिंह नेगी को उत्तराखण्ड लोक सम्मान से सम्मानित कर 2.51 लाख का चेक भेंट किया तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने पुस्तक के लेखक श्री ललित मोहन रयाल के प्रयासों की सराहना करते हुए पुस्तक को भावी पीढी के लिये संरक्षित करने वाला कार्य बताया।

 

मुख्यमंत्री नें प्रसिद्ध लोक गायक श्री नरेन्द्र सिंह नेगी को उनके जन्म दिन की हार्दिक बधाई देते हुए उन्हें हिमालय जैसे अडिग व्यक्तित्व वाला देवभूमि का महान सपूत बताते हुए कहा कि नेगी जी के गीत हमें अपने परिवेश के साथ पहाड की चुनौतियों से परिचित कराने का कार्य करते है। उनके गीतों में प्रकृति, परम्परा, परिवेश, विरह वियोग व व्यथा का जो मिश्रण है वह हमें अपनी समृद्ध परम्पराओं एवं लोक संस्कृति से जोडने का कार्य करती है। उनके गीत हमारी विरासत की समृद्ध परम्परा को पीढी दर पीढी आगे बढ़ाने का कार्य करेगी तथा युवाओं को प्रेरित करने का कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने श्री नरेन्द्र सिंह नेगी को पहाड़ की आवाज बताते हुये उनके दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध लोक संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों को अपने गीतों एवं संगीत के माध्यम से देश व दुनिया तक पहुंचाने का कार्य नेगी जी ने किया है। वे वास्तव में समाज के सफल नायक के रूप में रहे हैं। उनके गीत राज्य वासियों को अपनी परम्पराओं से जोड़ने में मददगार रहे हैं।

 

श्री नरेन्द्र सिंह नेगी ने लोक संस्कृति के प्रति मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के लगाव के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने श्री ललित मोहन रयाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी विद्वता से 101 गीतों की विवेचना 400 पृष्ठों के ग्रंथ के रूप में समाज के समक्ष रखा है। यह उनकी लोक साहित्य एवं संस्कृति के प्रति गहरी समझ का भी प्रतीक है वे शब्दों के शब्दार्थ को गीत के लेखक से आगे ले गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने पहाड़ों से पलायन रोकने पर लिखा अपना प्रसिद्ध गीत ठंडो रे ठंडो गाकर लोगों को अपनी लोक संस्कृति से जुड़ने के लिए मजबूर किया।

 

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूडी, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो.सुरेखा डंगवाल, पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री अनिल कुमार रतूडी, साहित्यकार श्री नंद किशोर हटवाल, श्री दिनेश सेमवाल, श्री सचिदानंद भारती, श्री गणेश खुकसाल गणी के अलावा बडी संख्या में साहित्यकार एवं लोक संस्कृति से जुडे लोग उपस्थित थे।