Wednesday, November 4, 2026
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रुद्रप्रयाग के बीरों देवल में मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में शामिल हुए सीएम धामी, मंदिर पुनर्निर्माण व तहसील भवन की घोषणा

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रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड अगस्त्यमुनि के ग्राम बीरों देवल में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने मां चंडिका मंदिर पहुंचकर महायज्ञ में भाग लिया तथा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां चंडिका मंदिर प्रांगण एवं मंदिर समूह का पुरातत्व विभाग के माध्यम से पुनर्निर्माण कराने तथा तहसील बसुकेदार में नवीन तहसील भवन निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल को धार्मिक एवं आध्यात्मिक संगम का प्रतीक बताते हुए कहा कि 20 वर्षों बाद आयोजित यह महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि किसी भी देवस्थान पर जाना ईश्वरीय आह्वान और आशीर्वाद का संकेत होता है।

उन्होंने जनसहभागिता को उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समरसता और एकता को सुदृढ़ करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल जड़ों से जोड़ते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है और वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति को विशेष सम्मान मिल रहा है।

सीएम ने वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ मंदिर में हुए व्यापक पुनर्निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज “दिव्य और भव्य केदार” का स्वरूप सभी के सामने है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार धार्मिक आयोजनों की सफलता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को समृद्ध बनाने, युवाओं के भविष्य को सुदृढ़ करने तथा देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धर्मांतरण विरोधी कानून सहित कई सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए गए हैं तथा राज्यभर में 12 हजार से अधिक भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है।

इस अवसर पर विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने क्षेत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा, जिस पर उन्होंने परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

20 वर्षों बाद आयोजित हो रही दिवारा यात्रा:

मां चंडिका की दिवारा यात्रा 21 नवंबर 2025 से प्रारंभ होकर लगभग 26 गांवों के भ्रमण पर रही। 20 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित इस यात्रा के अंतर्गत विभिन्न गांवों में धार्मिक अनुष्ठान हुए।

बीरोन देवल में 15 फरवरी से 9 दिवसीय महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है। 22 फरवरी 2026 को विशाल जलयात्रा निकाली जाएगी तथा 24 फरवरी 2026 को पूर्णाहुति के साथ महावन्याथ यात्रा का समापन होगा और मां चंडिका अपने दिव्य स्थल पर विराजमान होंगी।

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