Wednesday, November 4, 2026
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फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने में उत्तराखण्ड आगे, 25 फिल्मों को ₹8.28 करोड़ अनुदान जारी

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देहरादून, 20 फरवरी 2026। उत्तराखण्ड राज्य सरकार फिल्म उद्योग के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्राकृतिक सौंदर्य, सुरक्षित वातावरण, सरल प्रक्रियाएँ और फिल्म-फ्रेंडली नीति के कारण राज्य देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनकर उभर रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्म नीति-2024 को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से फिल्म निर्माताओं को त्वरित अनुमति प्रदान की जा रही है। शूटिंग अनुमति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है, जिससे निर्माताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि फिल्म नीति से पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फीचर फिल्म, वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्म निर्माण को भी सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है।

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने बताया कि परिषद द्वारा वर्ष में दो बार अनुदान समिति की बैठक आयोजित की जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 25 फिल्मों को ₹8.28 करोड़ की अनुदान राशि जारी की गई। जुलाई 2025 में 12 फिल्मों तथा जनवरी 2026 में 13 फिल्मों को अनुदान स्वीकृत हुआ।

क्षेत्रीय सिनेमा को मिला बड़ा प्रोत्साहन:

फिल्म नीति-2024 के तहत इस वित्तीय वर्ष में 14 गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी फिल्मों को अनुदान जारी किया गया। इनमें “जोना”, “मीठी माँ कु आशीर्वाद”, “मेरे गांव की बाट”, “घपरोल”, “द्वी होला जब साथ”, “गढ़-कुमौं”, “संस्कार”, “मेरु गौ”, “धरती म्यर कुमाऊँ” सहित कई फिल्में शामिल हैं।

हिन्दी एवं अंग्रेजी फिल्मों को भी सहायता:

राज्य की फिल्म-फ्रेंडली नीति से आकर्षित होकर देश-विदेश के निर्माता उत्तराखण्ड में शूटिंग कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11 हिन्दी/अंग्रेजी फिल्मों को भी अनुदान दिया गया है, जिनमें “विकी विद्या का वह वाला वीडियो”, “लाइफ हिल गई”, “Tanvi The Great”, “केसरी चैप्टर-2”, “Middle Class Love” सहित अन्य फिल्में शामिल हैं।

परिषद के अनुसार राज्य में फिल्म शूटिंग बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है। सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को देश का प्रमुख फिल्म डेस्टिनेशन बनाना है, जिससे सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को भी गति मिल सके।

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