Saturday, May 23, 2026
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कैंसर पीड़ित विधवा सुनीता को जिला प्रशासन से मिली बड़ी राहत, बच्चों की शिक्षा और उपचार को मिला सहारा

देहरादून, 22 मई 2026 (सूवि)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन देहरादून जरूरतमंद एवं असहाय परिवारों के लिए संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ लगातार कार्य कर रहा है। प्रशासन द्वारा उपचार, शिक्षा, आर्थिक सहायता, रोजगार एवं ऋण राहत जैसे मामलों में सैकड़ों प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण कर जरूरतमंदों को नई उम्मीद और संबल प्रदान किया जा रहा है।

इसी क्रम में डोईवाला निवासी कैंसर पीड़ित विधवा महिला सुनीता कलवार को जिला प्रशासन द्वारा बड़ी राहत प्रदान की गई है। सुनीता कलवार ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी व्यथा रखते हुए बताया कि वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं तथा परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण बच्चों की शिक्षा और उपचार जारी रखना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बच्चों की फीस माफी और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।

प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल सहायता के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा रायफल क्लब फंड से सुनीता कलवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर उपलब्ध कराई गई। साथ ही उनके पुत्र का विद्यालय में दाखिला सुनिश्चित कराया गया, जबकि उनकी पुत्री की बाधित शिक्षा को जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से पुनः प्रारंभ कराया गया।

बताया गया कि सुनीता कलवार का 11 जुलाई 2024 को जौलीग्रांट स्थित अस्पताल में कैंसर का ऑपरेशन हुआ था और वर्तमान में उनका उपचार जारी है। उपचार के दौरान आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहे परिवार को जिला प्रशासन ने न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि मानवीय सहयोग और भरोसे का भी संबल प्रदान किया है।

जिला प्रशासन द्वारा विगत वर्षों में भी अनेक जरूरतमंद परिवारों को लाखों रुपये की सहायता प्रदान की गई है। विद्युत एवं जल संबंधी बकाया मामलों के निस्तारण, बैंक ऋण राहत, चिकित्सा सहायता और रायफल क्लब फंड से सहयोग उपलब्ध कराकर कई परिवारों को राहत पहुंचाई गई है। वहीं ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से सैकड़ों जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

जिला प्रशासन की यह पहल शासन की संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आ रही है, जिसमें जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।

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