Wednesday, March 4, 2026
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स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने की केदारनाथ यात्रा की समीक्षा बैठक

 

*आपात स्थिति में श्रद्धालु मरीजों के लिए 15 मिनट हो रिस्पांस टाइम*

*यात्रा व्यवस्था के लिए जिले में तैनात होंगे अतिरिक्त चिकित्सक*

देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र केदारनाथ धाम की यात्रा आगामी 2 मई से शुरू होने जा रही है। यात्रा को लेकर शासन और प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। शुक्रवार को प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने रुद्रप्रयाग स्थित जिला कार्यालय के यात्रा सभागार कंट्रोल रूम में समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने यात्रा की अब तक की तैयारियों की विस्तृत जानकारी मंत्री धन सिंह रावत को दी। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और निगरानी के लिए कंट्रोल रूम से पूरे रूट की सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाएगी। साथ ही, घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण विशेष एप के माध्यम से किया जा रहा है।जिलाधिकारी ने बताया कि आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है, ताकि गंभीर रूप से बीमार यात्रियों को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों पर भेजा जा सके। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

 

इस अवसर पर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि इस बार केदारनाथ धाम में निर्मित नए अस्पताल को शुरू कर दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गुप्तकाशी में एक नया उप-जिला अस्पताल बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसके लिए जल्द ही भूमि चयन कर निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।उन्होंने बताया कि केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर 15 मेडिकल रिलीफ प्वाइंट स्थापित किए जा रहे हैं, जहां यात्रियों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान 40 स्वास्थ्य मित्रो की भी तैनाती जगह जगह की जाएगी। इसके अलावा, पूरे यात्रा मार्ग पर 20 एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी और प्रयास किया जाएगा कि किसी भी आपात स्थिति में 15 मिनट के भीतर मरीज को अस्पताल तक पहुंचाया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी एमआरपी पर आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। रुद्रप्रयाग जनपद को स्वास्थ्य विभाग की ओर से 20 नए डॉक्टरों की तैनाती दी जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जा सके।

स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई एसओपी का पालन अवश्य करें। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार चारधाम यात्रा ऐतिहासिक रूप से सफल होगी और इस बार यात्रियों की संख्या 50 लाख के आंकड़े को पार करेगी।

इस समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रकाश, पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कपरवाण, अनूप सेमवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

लोक उत्सव के रूप में मनाई जाएगी नंदा राजजात यात्रा : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

 

*2026 में होनी है नंदा राजजात यात्रा

*यात्रा में बेहतर भीड़ प्रबंधन, पर्यावरण की दृष्टि से प्रबंधन, सिंगल यूज्ड प्लास्टिक पर प्रतिबंध के लिए एसओपी बनाई जाए

2026 में प्रस्तावित नंदा राजजात यात्रा को लोक उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। स्थानीय लोगों की यात्रा में अधिकतम सहभागिता हो और सरकार सहयोगी की भूमिका में रहे। नन्दा देवी राजजात यात्रा से संबंधित अभिलेखों को संरक्षित किया जाएगा। यात्रा के अभिलेखों को लिखने एवं उनका संरक्षण गढ़वाल एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय की मदद से किया जाएगा। यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नन्दा राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा उत्तराखंड की धरोहर है। उन्होंने अधिकारियों को नन्दा देवी राजजात यात्रा का देश विदेश में व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। भारतीय दूतावासों के माध्यम से भी संपूर्ण विश्व में नन्दा देवी राजजात यात्रा को पहुंचाया जाएगा, साथ ही उन्हें इस यात्रा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। इस यात्रा के माध्यम से विदेशों से भी उत्तराखंड को जोड़ते हुए इसे ऐतिहासिक रूप देना है। उन्होंने कहा कि राजजात यात्रा में उत्तराखंड की संस्कृति, परम्परा, वेशभूषा, वाद्य यंत्रों की छाप दिखनी चाहिए। इसके लिए संस्कृति विभाग को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग लोक कलाकारों के लिए इस प्रकार की व्यवस्था बनाए जिससे उनको लगातार भुगतान हो।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को यात्रा से जुड़े हितधारकों के साथ बैठक कर उनके सुझाव को भी कार्ययोजना में शामिल करने की बात कही। जिससे बेहतर तरीके से यात्रा का संचालन हो। उन्होंने कहा कि यात्रा का मार्ग उच्च हिमालयी क्षेत्र और संवेदनशील है। यात्रा में बेहतर भीड़ प्रबंधन, पर्यावरण की दृष्टि से आपदा प्रबंधन, सिंगल यूज्ड प्लास्टिक पर प्रतिबंध के लिए एसओपी बनाई जाए। यात्रा मार्ग के साथ ही वैकल्पिक मार्गो का चिन्हीकरण और सुधार, आबादी वाले गांव में छोटी छोटी पार्किंग, पेयजल, शौचालय, इको टेंट कॉलोनी, गाड़- गदेरो का सौंदर्यीकरण, विद्युत आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यात्रा मार्ग में बेहतर नेटवर्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यात्रा मार्ग में अस्थाई और स्थाई कार्यों को चिन्हित करते हुए स्थाई संरचनाओं की एक माह के भीतर शासकीय स्वीकृति प्रदान कराते हुए कार्य शुरू कराने के भी निर्देश दिए। आपदा विभाग को भू स्खलन वाले क्षेत्रों के चिन्हीकरण के साथ ही आवश्यतानुसार मार्ग में पर्याप्त मात्रा में जेसीबी, पोकलैंड के साथ ही ऑपरेटर तैनात रखने के भी निर्देश दिए।

बैठक में पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने बताया कि 2026 में भाद्र पक्ष की नंदाष्टमी से यात्रा शुरू होगी। लगभग 20 दिन की 280 किलोमीटर की यात्रा होती है । यह मां नंदा की मायके से ससुराल की यात्रा है, जो नौटी के पास स्थित कासुवा से होमकुंड तक की है।

बैठक में विधायक श्री अनिल नौटियाल , विधायक श्री भूपाल राम टम्टा, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण विकास परिषद श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांश, सचिव श्री नितेश झा, श्रीमती राधिका झा, श्री शैलेश बगोली, श्री पंकज पांडेय, श्री सचिन कुर्वे, आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पांडे, श्री विनोद कुमार सुमन सहित अन्य सचिवगण मौजूद रहे।

यात्रा सीजन के सरकारी इंतजाम संतोषजनक, बनेंगे नये रिकार्ड: भट्ट

देहरादून 10 अप्रैल। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने यात्रा सीजन को लेकर सरकार के द्वारा किये गए प्रबंधन पर संतोष जताते हुए, कार्यकर्ताओं से सतर्क और मदद हेतु तैयार रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के भ्रामक प्रचार के बावजूद इस बार यात्रा नये रिकार्ड बनायेगी। उन्होंने पंचायत चुनावों को लेकर भी स्पष्ट किया कि सभी 13 जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर कमल खिलाने के लिए संगठन जमीन पर तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है।

 

पार्टी मुख्यालय में विभिन्न मुद्दों पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह साल दर साल तीर्थयात्रियों का आंकड़ा 55-60 लाख को पार कर रहा है, वह प्रदेश की आर्थिकी के लिए बहुत ही शुभ संकेत है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यात्रा प्रबंधन को लेकर किए अभूतपूर्व प्रयासों का ही नतीजा है सफल, सुरक्षित और समृद्ध यात्रा। देश दुनिया से आने वाले तीर्थयात्रियों में हम देवभूमि की इस यात्रा के प्रति विश्वास स्थापित करने में कामयाब हुए हैं। और ऐसा भी नहीं कि इस दौरान प्राकृतिक आपदा का हमें सामना नहीं करना पड़ा हो। लेकिन जिस तरह का कुशल यात्रा प्रबंधन और उच्च स्तरीय बचाव कार्य किए गए उसकी तारीफ चारों तरफ हुई है। पिछले अनुभव से सीखते हुए, नई नई तकनीक और नवीन कार्यपद्धति को ध्यान में रखते हुए जिस तरह तैयारियां की जा रही हैं, वह सराहनीय है।

 

उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता भी विगत वर्षों की तरह यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस मर्तबा भी अपने प्रयास जारी रखेंगे। विशेषकर सड़क बंद होना या जाम लगना या फिर किसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पैदा होने पर, हमारे कार्यकर्ता मदद के लिए तैयार रहेंगे। चाहे प्रभावित यात्रियों को खाना, पानी, दूध, दवाई, संचार आदि जरूरी समानों की व्यवस्था करनी हो या परिस्थिति के मद्देनजर शासन प्रशासन को सहयोग करना हो। यात्रा रूट पर रहने वाले सभी कार्यकर्ताओं से विशेष आग्रह किया गया है कि विगत वर्षों से अधिक मजबूती से इस बार रिकॉर्ड संख्या में आने वाले मेहमानों की मदद हमे करनी है।

 

वहीं हेलिकॉप्टर बुकिंग में धांधली के आरोपों पर उन्होंने पलटवार किया कि कांग्रेस का काम हर अच्छे काम में शंका पैदाकर उसका विरोध करना है। पहले ये लोग खाली गाड़ियां और होटल आदि के आरोप लगाकर, यात्रियों की संख्या पर सवाल खड़ा करते थे और अब एक ही दिन में महीने भर की हेलीकॉप्टर बुकिंग होने पर शंका पैदा करना चाहते हैं। झूठ, अफवाह फैलाकर और शंका पैदा कर उत्तराखंड की छवि खराब करना, कांग्रेस पार्टी की नीति का हिस्सा बन गया है। इन्हें तो अपनी पार्टी में ही स्लीपर सेल होने की शंका रहती है। लेकिन सत्य यह कि कांग्रेस नेताओं को प्रदेश की जनता ने 2017 से ही गंभीरता से लेना छोड़ दिया है। तभी लगातार झूठ फैलाने और प्रपंच रचने के बाद भी प्रदेश में यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड पैमाने पर बढ़ती ही का रही है।

 

पंचायत चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा अभी चूंकि तारीखों की कोई घोषणा नहीं हुई है, बावजूद इसके पार्टी का संगठन अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे रहा है। विधानसभा एवं मंडल स्तर पर स्थापना दिवस और बाबा साहब की जयंती को लेकर अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन हम कर रहे हैं। जिसमें नए सक्रिय कार्यकर्ताओं एवं प्राथमिक सदस्यों की सहभागिता से पार्टी की रणनीति को धरातल पर उतारा जाएगा। लक्ष्य हमारा एकदम स्पष्ट है अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की पंचायत सदस्य पदों कर जीत सुनिश्चित कर सभी अध्यक्ष एवं ब्लॉक प्रमुख पदों पर जीत दर्ज करना है।

 

 

पीएम अन्न योजना पर कांग्रेस नेताओं के सवाल जरूरतमंदों का अपमान: चौहान

गरीबी हटाने के नाम पर 70 साल से राजनीति कर रही कांग्रेस दुविधा मे

 

देहरादून 7 अप्रैल। भाजपा ने पीएम अन्न योजना योजना को लेकर कांग्रेस के आरोपों को जरूरतमंदों का अपमान बताया है।

 

पार्टी कार्यालय मे पत्रकारों के सवालों के जवाब मे प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि गरीबी रेखा से बाहर निकले लोग पुनः कमजोर न हों, इसलिए उनकी मदद को सरकार जरूरी मानती है। लेकिन गरीबी हटाने के नाम पर 70 सालों तक राजनीति करने वालों के लिए इसे पचाना मुश्किल है और वह दुविधा मे है।

 

चौहान ने गरीबों की संख्या और पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को लेकर अनर्गल और झूठी बयानबाजी के लिए कांग्रेस नेताओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के शानदार विकास कार्यों एवं सफल जनकल्याण योजनाओं का नतीजा है देश में रिकॉर्ड संख्या में लोगों का गरीबी रेखा से ऊपर उठना है। जिस 30 करोड़ के आंकड़े पर कांग्रेस नेताओं को यकीन नहीं हो रहा उस पर विश्व स्तरीय एजेंसियां भी अपनी मुहर लगा चुकी हैं। लेकिन यहां असल समस्या वैचारिक और नैतिक रूप से दरिद्र हो चुकी कांग्रेस की है, जिनके नेहरू से लेकर इंदिरा, राजीव, और मनमोहन तक सभी प्रधानमंत्रियों ने गरीबी हटाने के नारे के साथ राजनीति की है। लेकिन वोट लेने के अतिरिक्त कभी कोई ठोस प्रयास इस दिशा में नहीं किया।

 

वहीं भाजपा सरकार ने उन तमाम कामों को तो बेहतर तरीके से किया ही जो अन्य सरकारें करती थी। साथ ही उन कार्यों को पूरा कर दिखाया जिन्हें पिछली सरकारें असंभव मानती थी, जिसमें सबसे ऊपर गरीबी उन्मूलन था। पीएम मोदी ने उसे चुनौती की तरह लिया और 8 वर्षों में 30 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी के दंश से मुक्त कर दिया है।

 

उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों को फ्री अनाज देने पर कांग्रेस नेताओं को समझना चाहिए कि हमारी सरकार बेहद जिम्मेदारी और संजीदगी से प्रत्येक कार्य करती है। हम नहीं चाहते कि कोविड के बाद की परिस्थितियों के चलते, गरीबी रेखा से बाहर निकला देशवासी किसी भी कारणवश पुनः उसी समस्या से ग्रस्त हो जाए। इसलिए अगले पांच वर्षों तक सभी जरूरतमंदों की तरह उन्हें भी इस योजना के तहत मदद जारी रहेगी।

 

कांग्रेस नेताओं का जान बूझकर ऐसे बयान कहीं न कहीं तमाम जरूरतमंदों का अपमान हैं। ये उन लोगों का हौसला तोड़ने की कोशिश है जो कड़ी मेहनत कर सरकार के सहयोग से देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं।

 

 

धार्मिक पर्यटन को लेकर हरदा के आरोप मनगढंत, आंकड़े कर रहे पर्दाफाश: भट्ट

देहरादून 8 अप्रैल। भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने धार्मिक पर्यटन व्यवस्था को लेकर पूर्व सीएम हरदा के आरोपों को सत्य से परे और मनगढंत बताया। उन्होंने कहा आंकड़े उनके कथन का पर्दाफाश करने के लिए पर्याप्त हैं।

 

भट्ट ने कहा कि पहले पावन धामों तक पहुंचने वाला कई दिन का सफर अब चंद घंटों में बदल गया है। ऑल वेदर रोड से भक्तों की यह यात्रा अब सुगम, सुरक्षित और यादगार बन रही है। श्री बद्रीनाथ केदारनाथ धाम समेत देवभूमि के तमाम पवित्र स्थान पर नागरिक सुविधाओं को लेकर ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। यही वजह है कि 10- 20 लाख तीर्थ यात्रियों का यह आंकड़ा अब 55-60 लाख से आगे बढ़ते हुए करोड़ों की तरफ बढ़ रहा है। अभी वर्तमान यात्रा सीजन की शुरुआत में लगभग एक माह का समय शेष है लेकिन पंजीकरण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड 13 लाख के पार पहुंच गई है

 

उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम इस सच्चाई को जानते हुए भी जनता के सामने इसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं जुटा रहे है। क्योंकि लगातार तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों की बढ़ती संख्या इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य में यात्रा प्रबन्धन, सुरक्षा और सुविधा को लेकर अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। लिहाजा सही मायने में इस मुद्दे पर झूठ फैलाकर, पर्दाफाश तो स्वयं हरीश रावत और कांग्रेस पार्टी का हो रहा है।

 

भट्ट ने कहा कि जो रात दिन अवैध मदरसों, मजारों, लव, लैंड तथा थूक जिहाद के समर्थन मे व्यस्त हों उन्हे

यात्रा से पहले ही लाखों लोगों रिकॉर्ड का पंजीकरण नहीं दिखाई देने वाला है। दअरसल उनके इस झूठ से तो स्वयं उनके और कांग्रेस पार्टी, दोनों का पर्दाफाश हो रहा है।

 

 

तीमारदारों की परेशानी दूर, अगले माह से जिला चिकित्सालय में तैनात रहेगा ‘‘रक्त गरूड़’’, ब्लड लेने में तीमारदारों को होगी सुविधा: डीएम

अब कोरोनेशन में ठेके का खाना बंद, मरीजों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार, महिला एसएचजी के माध्यम से संचालित होगा किचन, सीडीओ को व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी

नवजात शिशुओं के लिए डीएम द्वारा हॉल ही में परिचालित 06 बैडेड एसएनसीयू को जस्ट डबल 12 बैड करने के निर्देश

अस्पताल से प्रसव में रेफरल का प्रतिशत अधिक, डीएम ने जताई नाराजगी, मसूरी में गायनी व कोरोनोशन में निश्चेतक के क्रियाक्लाप की विस्तृत जांच के आदेश

हिलांस कैन्टीन व ब्लड बैंक निर्माण दु्रत गति पर, जल्द होगा उद्घाटन

अस्पताल में फार्मासिस्ट की आवश्यकता, डीएम ने आउटसोर्स से की तत्काल व्यवस्था।

जिला अस्पताल में मरीजों को मिले बेहतर सुविधा, तीमारदारों का न हो परेशानी-डीएम।

डीएम की अध्यक्षता में हुई चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक, चालू वित्तीय वर्ष के लिए 9.07 बजट अनुमोदित, नए प्रस्तावों को मिली स्वीकृति।

देहरादून 08 अप्रैल, 2025(सू.वि.), जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर में चिकित्सा प्रबंधन समिति राजकीय जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) देहरादून की संचालक मंडल की प्रथम त्रैमासिक बैठक संपन्न हुई। जिसमें अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई नए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष का आय व्यय विवरण और चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित कार्यों के बजट का अनुमोदन भी किया गया।
जिला चिकित्सालय में तीमारदारों की परेशानी दूर, अगले माह से जिला चिकित्सालय में तैनात रहेगा ‘‘रक्त गरूड़’’, ब्लड लेने में तीमारदारों को होगी सुविधा मिलेगी। अब कोरोनेशन में ठेके का खाना बंद, हिलांस कैन्टीन के माध्यम से मरीजों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार, महिला एसएचजी के माध्यम से संचालित होगा किचन इसके लिए डीएम ने सीडीओ को व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है। हिलांस कैन्टीन व ब्लड बैंक निर्माण दु्रत गति से जारी है जल्द ही इन कार्याें का उद्घाटन होगा। साथ ही जिला चिकित्सालय में नवजात शिशुओं के लिए डीएम द्वारा हॉल ही में परिचालित 06 बैडेड एसएनसीयू को जस्ट डबल 12 बैड करने के भी निर्देश दिए हैं। डीएम ने अस्पताल से प्रसव में रेफरल के अधिक प्रतिशत् पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मसूरी में गायनी व कोरोनोशन में निश्चेतक के क्रियाक्लाप की विस्तृत जांच के आदेश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए। अस्पताल में फार्मासिस्ट की आवश्यकता, डीएम ने आउटसोर्स से की तत्काल व्यवस्था। जिला अस्पताल में मरीजों को मिले बेहतर सुविधा, तीमारदारों का न हो परेशानी डीएम दिए सख्त निर्देश।
जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) देहरादून में मरीजों के तीमारदारों को दूसरे अस्पताल से ब्लड एवं दवाइयों को लाने में वाहन न मिलने से हो रही परेशानी को देखते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को अटल आयुष्मान से तत्काल एक इलेक्ट्रिक वाहन खरीद करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यह वाहन सिर्फ मरीजों के साथ आए तीमारदारों को दूसरे अस्पताल से ब्लड एवं आवश्यक दवा लाने के लिए कम से कम चार्जेज पर उपलब्ध रहेगा। उन्होंने पीआरडी से वाहन चालक की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
जिला चिकित्सालय देहरादून में मरीजों को अब भोजन में गुणवत्ता युक्त पौष्टिक आहार उपलब्ध होगा। भोजन की गुणवत्ता में सुधार के लिए जिलाधिकारी ने अस्पताल में ही स्वयं सहायता समूह के माध्यम से किचन संचालन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सीडीओ को किचन का डिजाइन करने और एक माह में एसओपी तैयार करते हुए इसका संचालन शीघ्र शुरू करने को कहा। एसएचजी के माध्यम से किचन संचालन से जहां मरीजों को स्वच्छ पौष्टिक आहार मिलेगा वही एसएचजी महिलाओं की आर्थिकी भी सुदृढ होगी।
चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं के प्रसव में रेफरल का प्रतिशत अधिक होने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने सीएमओ और एसीएमओ को अस्पताल से प्रसव केसों में रेफरल मामलों की बारीकी से जांच करते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में गायनोलॉजिस्ट एवं स्पेशल न्यू र्बाेन केयर यूनिट (एसएनसीयू) सुविधा के बावजूद भी प्रसव मामलों में रेफरल प्रतिशत अधिक होना संतोषजनक नही है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को इसमें सुधार लाने की सख्त हिदायत दी।
अस्पताल के पुराने भवन के लिए बन रहे नए एसटीपी में एनएचएम से धनराशि स्वीकृति मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा कार्यदायी संस्था नामित करने के लिए प्रस्ताव शासन भेजे जाने पर जिलाधिकारी ने कहा कि यदि जिला स्तर से कार्यदायी संस्था नामित की जा सकती है, तो ब्लड बैंक निर्माण का काम कर रही संस्था को ही कार्यदायी संस्था नामित करते हुए तत्काल एसटीपी का काम शुरू कराया जाए और शासन को इससे अवगत कराया जाए।
जिला चिकित्सालय देहरादून में फार्मासिस्ट एवं फिजीशियन की आवश्यकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने आउटसोर्स एजेंसी से दो फार्मासिस्ट रखने की स्वीकृति एवं महात्मा गांधी नेत्र चिकित्सालय से फिजिशियन को जिला अस्पताल में तैनाती के निर्देश।
जिलाधिकारी ने कहा कि समिति के सदस्य समय समय पर अस्पताल व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और चिकित्सा सुविधाओं में आवश्यकता को पूरा करने के लिए अपने सुझाव दें। ताकि अस्पताल में मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। इस दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में निर्माणाधीन ब्लड बैंक, हिलांस कैंटीन, ब्रेस्टफीडिंग कॉर्नर, वार्ड, लाइब्रेरी कॉनर्र, बाल चिकित्सा वार्ड, बर्न वार्ड, सभाकक्ष आदि कार्याे की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने चिकित्सा प्रबंधन समिति के समक्ष आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया। बताया कि विगत माह अप्रैल 2024 से माह मार्च 2025 तक 14.07 करोड़ की आय और चिकित्सा व्यवस्थाओं के संचालन में 13.82 करोड़ का व्यय हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न उपकरण, सामग्री, अनुरक्षण आदि मदों में प्रस्तावित अनुमानित व्यय 9.07 करोड़ की धनराशि का समिति द्वारा अनुमोदन किया गया। साथ ही वित्तीय वर्ष के लिए कोरोनेशन चिकित्सालय में आउटसोर्सिंग से तैनात कार्मिकों के मानदेय के लिए 94.99 लाख अनुमानित बजट की स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी हरिगिरी, सीएमओ डा0 मनोज कुमार, सीटीओ नीता भण्डारी, पीएमएस डा0 वीएस चौहान, डा0 जेपी नौटियाल, रश्मि थपलियाल, सदस्य मा0 सासद प्रतिनिधि विनोद खण्डूड़ी, मनोज सकलानी, राजेन्द्र दत्त विजलवाण, राकेश अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

चारधाम यात्रा पर उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता -सीएम धामी

 

*उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओ को चारों धामों के दर्शन करवाने का सरकार का संकल्प*

*चारधाम यात्रा की पुख्ता व्यवस्थाओं हेतु सरकार की ठोस एवं गंभीर रणनीति को लेकर सीएम श्री धामी स्वयं कल तीसरी बार चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में प्रशासन की महत्वपूर्ण बैठक लेंगे*

 

 

*गत वर्ष 2024 की चार धाम यात्रा के समापन के बाद ही इस वर्ष की चार धाम यात्रा के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई*

 

 

*अभी तक चार धाम यात्रा के लिए लगभग 25 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन*

 

 

चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है कि जो भी तीर्थ यात्री, श्रद्धालु व पर्यटक देवभूमि उत्तराखंड आए वे चारों धामों के दर्शन करें | चारधाम यात्रा की पुख्ता व्यवस्थाओं हेतु सरकार की ठोस एवं गंभीर रणनीति को लेकर सीएम श्री धामी ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं कल तीसरी बार चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में प्रशासन की महत्वपूर्ण बैठक लेने जा रहे हैं | मुख्यमंत्री ने कहा की शुरुआत के दिनों में यात्रा का संचालन थोड़ा कठिन होता है, जिसे लेकर परिवहन एवं पुलिस विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण संबंधित विभागों को विशेष रूप से पुख्ता व्यवस्थाओ हेतु हिदायत दी जाएगी |

 

 

 

टपकेश्वर महादेव मंदिर देहरादून में उत्तराखंड सेवा समिति द्वारा आगामी सफल एवं मंगलमय चार धाम यात्रा हेतु आयोजित ” संगीतमय सुंदरकांड पाठ” में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर में भारी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद श्री केदारनाथ धाम परिसर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था | वर्ष 2014 के बाद से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अथक एवं निरंतर प्रयासों से भव्य एवं दिव्य केदारनाथ धाम मे निरंतर पुनर्निर्माण एवं नवनिर्माण कार्य संचालित किये जा रहे हैं |

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गत वर्ष भी हमें केदार घाटी में एक बड़ी आपदा का सामना करना पड़ा | लगभग 29 स्थानों पर सड़क एवं पुल क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन सरकार की सतर्कता एवं प्रयासों से सभी श्रद्धालु सुरक्षित रहे | हमने 35 दिनों तक युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए यात्रा को दूसरे चरण में पुनः प्रारंभ कर दिया | देश और दुनिया भर से आए श्रद्धालुओं ने भी हमारे प्रयासों की सराहना की |

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष भी अभी तक चार धाम यात्रा के लिए लगभग 25 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं | हम आगामी चारधाम यात्रा को लेकर भी अत्यंत उत्साही है | हमने गत वर्ष 2024 की चार धाम यात्रा की समापन के बाद ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा के लिए तैयारियां शुरू कर दी थी |

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से इस वर्ष से हमने शीतकालीन चार धाम यात्रा भी आरंभ कर दी | अब देवभूमि उत्तराखंड में 12 महीने चार धाम यात्रा संचालित रहेगी, जो राज्य की संस्कृति एवं पर्यटन के उन्नति के साथ ही आर्थिकी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी|

कार्यक्रम में टपकेश्वर महादेव मंदिर समिति, उत्तराखंड सेवा समिति के पदाधिकारी, साधु संत तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे |

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने विभिन्न विषयों पर शहरी विकास एवं सिंचाई विभाग के साथ बैठक की

 

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने शहरी विकास विभाग को राज्यभर में मलिन बस्तियों में निवासरत जरूरतमंदों के पुर्नवास हेतु चरणबद्ध कार्ययोजना पर प्रभावी पहल के निर्देश दिए हैं। सीएस ने पहले चरण में शहरी विकास विभाग एवं नगर निगम को देहरादून की मलिन बस्तियों के पुर्नवास के ठोस एवं प्रभावी वर्किंग प्लान पर तत्काल कार्य करने की हिदायत दी है। इसके साथ ही मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सिंचाई विभाग को रिस्पना एवं बिन्दाल नदियों के पुनर्जीवीकरण की स्थिति पर अपडेट देने के साथ वर्किंग प्लान पर तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन आज सचिवालय में शहरी विकास एवं सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के साथ मलिन बस्तियों की स्थिति एवं रिस्पना व बिन्दाल के पुनर्जीवीकरण पर समीक्षा कर रहे थे।

 

 

मुख्य सचिव ने शहरी विकास विभाग को मलिन बस्तियों की सूचना, चिन्हीकरण की अद्यतन स्थिति, निवासरत लोगों की सूची पर अपडेट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने वांछित सूचना प्राप्ति के बाद मलिन बस्तियों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन की प्रभावी कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने अधिकारियों को स्लम फ्री उत्तराखण्ड के विजन के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों के जीवन स्तर में सुधार, पुनर्वास एवं पुनरूद्धार पर शीर्ष प्राथमिकता पर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मलिन बस्तियों के विषय को सामाजिक समस्या की तरह देखा जाना चाहिए तथा इस पर पूर्ण संवेदनशीलता एवं मानवीयता से कार्य किया जाना चाहिए।

बैठक में प्रमुख सचिव वन, सचिव शहरी विकास, सिंचाई, स्वास्थ्य, सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

डबल इंजन का दम – बीते एक साल में बनी 814 किमी लंबी ग्रामीण सड़कें

*उत्तराखंड में पीएमजीएसवाई योजना की प्रगति को केंद्र सरकार ने सराहा*

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत हाल में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान 814 किमी लंबी सड़कों का निर्माण किया गया। राज्य की प्रगति को देखते हुए भारत सरकार ने योजना के तीसरे चरण में स्वीकृत 09 पुलों के निर्माण के लिए भी बजट जारी कर दिया है।

उत्तराखण्ड राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में रू0 900 करोड़ के वित्तीय लक्ष्यों के सापेक्ष लगभग रू0 933 करोड़ की धनराशि व्यय की गई है, जो विगत वर्ष 2023-24 में किये गये व्यय से रू0 133 करोड़ अधिक है। इसी प्रकार भौतिक उपलब्धि में भी वित्तीय वर्ष 2024-25 में 814 किमी लम्बाई में मार्गो का निर्माण किया गया है, जो वर्ष 2023-24 की उपलब्धि 206 किमी अधिक है। इस बीत गत वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन पीएमजीएसवाई -3 के अन्तर्गत 09 सेतुओं के निर्माण के लिए 40.77 करोड़ की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो गई है।

इधर, विभाग ने पीएमजीएसवाई-4 के तहत 1490 सड़क विहीन बसावटों को चिन्हित कर प्रथम चरण में लगभग 8500 किमी सड़कों निर्माण का सर्वे पूरा करते हुए, डीपीआर पर काम शुरू कर दिया है। विभाग ने कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जारी निर्देशों के अतिरिक्त एक विशेष निरीक्षण एप तैयार किया है। एप के माध्यम से फील्ड अधिकारियों द्वारा किये जाने वाले निरीक्षणों को नियमित रूप से अंकित किया जा रहा है, जिससे उच्चाधिकारियों द्वारा मार्गों की गुणवत्ता का अनुश्रवण करना सुलभ हो गया है। भारत सरकार स्तर पर भी इस पहल की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को इसे अपनाने को कहा है। विदित है कि सड़क विहीन गांवों के लिए केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2000 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना शुरु की गई थी। योजना के प्रथम तीन चरणों में न्यूनतम 500 की आबादी वाले गांवों को सड़कों से जोड़ने का काम करीब- करीब पूरा हो चुका है।

 

*डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के जरिए राज्य की छोटी – छोटी बसावटों को सड़क से जोड़ने का काम किया जा रहा है। हाल के सम्पन्न वित्तीय वर्ष में विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है, अब हम चौथे चरण में शेष बसावटों को बराहमासी सड़क से जोड़ने का काम करेंगे।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड*

 

गुलामी और अत्याचार दर्शाने वाले प्रतीकों का नाम बदलना जन भावनाओं के अनुरूप: भट्ट

 

 

देहरादून 1 अप्रैल। भाजपा ने धामी सरकार द्वारा अनेकों स्थानों के नाम परिवर्तन का पुरजोर समर्थन किया है।

 

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने गुलामी और अत्याचार दर्शाने वाले प्रतीकों को जनभावना और समृद्ध विरासत के अनुसार बदलने को जरूरी बताया है। वहीं कांग्रेस के विरोध पर तंज किया कि उन्हें विदेशी आक्रांताओं के नाम और भाजपा को राष्ट्रभक्तों एवं संस्कृति के नामों से प्रेम है। उन्होंने राज्य के 4 जिलों में 17 स्थानों के नाम परिवर्तन को जनभावनाओं के अनुरूप बताते हुए स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि लम्बे समय से जनता द्वारा इन स्थानों के नामों को राष्ट्रभक्तों और सांस्कृतिक एवं विरासत की पहचान से जोड़ने की मांग की जा रही थी। वहीं भारतीय जनता पार्टी के विचार और सिद्धांत भी देश की संस्कृति, सुरक्षा और सम्मान के पुरोधाओं की पहचान को आगे बढ़ाने वाले हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने जन इच्छा का सम्मान और देवभूमि के स्वरूप को ध्यान में रखते हुए ये जरूरी बदलाव किए हैं। जो अपने आप में जरूरी था और इसके लिए समूची धामी सरकार की प्रशंसा होनी चाहिए।

 

उन्होंने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया कि जाने क्यों उनके नेताओं को हर अच्छे काम का विरोध करना जरूरी लगता है। यदि जनता को लगाया है उनके क्षेत्र को किसी विदेशी आक्रमणकारी, आतताई, राष्ट्र या संस्कृति विरोधी व्यक्ति के नाम से नहीं पहचाना जाए तो उनकी भावनाओं का सम्मान करना सरकार का दायित्व है। हमे जनता ने चुना है उनकी भावनाओं के अनुसार प्रदेश हित में निर्णय लेना भी जरूरी है। लिहाजा कांग्रेस को भी अपने विपक्ष की भूमिका का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए। ऐसे में राजनैतिक दृष्टि से सिर्फ विरोध के लिए किए जा रहे ऐसे विरोध को किसी भी तरह से जायज नही ठहराया जा सकता है।

 

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसे तमाम स्थानों के नाम बदलने पर किसी को आपत्ति नहीं है, खासकर जिस समुदाय को खुश करने के लिए कांग्रेस विरोध कर रही है उनको भी नहीं। वहीं पलटकर सवाल किया कि यदि देवभूमि में देश, संस्कृति और राष्ट्र सम्मान से जुड़े ऐसे नाम नहीं रखे जा सकते हैं तो कहां रख रख सकते हैं? वहीं उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी जहां जहां जरूरत होगी, नाम परिवर्तन की कार्यवाही होती रहेगी।