Monday, July 27, 2026
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देहरादून की धड़कन ‘घंटाघर’ दिखने लगा दिव्य और भव्य, सीएम की प्रेरणा और डीएम सविन बंसल की मॉनिटरिंग से साकार हो रहा सपना

देहरादून, 01 जुलाई 2025 (सू.वि.)।

देहरादून शहर की पहचान और हृदयस्थल ‘घंटाघर’ अब अपने दिव्य और भव्य स्वरूप में नजर आने लगा है। यह कायाकल्प मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा और जिलाधिकारी श्री सविन बंसल की निरंतर निगरानी एवं समर्पण से संभव हो सका है। जिला प्रशासन की सक्रियता और प्रतिबद्धता का यह एक और प्रमाण है, जहां प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति कर्तव्यनिष्ठा ने एक ऐतिहासिक धरोहर को नया जीवन दे दिया।


जिलाधिकारी सविन बंसल ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद घंटाघर के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता दी। डिज़ाइन, सर्वेक्षण और संकल्पना का कार्य उनके कार्यकाल के दूसरे ही माह में तैयार कर लिया गया था। इसके बाद वे लगातार बजट प्रबंधन में जुटे रहे और स्मार्ट सिटी योजना से समर्पित धनराशि को सुव्यवस्थित करते हुए घंटाघर के निर्माण कार्य को धरातल पर उतारा।

घंटाघर को न केवल स्थापत्य की दृष्टि से सुदृढ़ और आकर्षक बनाया गया है, बल्कि इसके आसपास के यातायात और चौक-चौराहों को भी पारंपरिक और आधुनिक शैली में सजाया जा रहा है। इस सौंदर्यीकरण से न केवल ट्रैफिक संचालन बेहतर होगा, बल्कि यह क्षेत्र राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित करेगा, जिससे देहरादून आने वाले पर्यटकों को उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक मिलेगी।

डीएम की कार्यशैली और त्वरित निर्णयों ने यह सिद्ध कर दिया है कि जनसरोकार की योजनाएं प्रशासन की इच्छाशक्ति और निरंतर मॉनिटरिंग से समयबद्ध रूप से सफल हो सकती हैं। घंटाघर का नवीनीकरण इस बात का प्रतीक है कि जिला प्रशासन अब नई ऊर्जा, नई सोच और जनकल्याण के प्रति संपूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रहा है।

वर्तमान में देहरादून के प्रमुख स्थलों पर सौंदर्यीकरण एवं अवस्थापना विकास के कई कार्य गतिमान हैं, जो निकट भविष्य में राजधानी की छवि को नया आयाम देंगे।

जिला प्रशासन की संजीवनी से नया स्वरूप पाया मायाकुण्ड सामुदायिक केन्द्र, डीएम सविन बंसल के निर्णय से शुरू हुआ संचालन

देहरादून, 01 जुलाई 2025। मायाकुण्ड सामुदायिक केन्द्र अब एक नये और सुदृढ़ स्वरूप में लौट आया है। जिला प्रशासन की पहल और जिलाधिकारी सविन बंसल के संवेदनशील जनहितकारी निर्णयों के चलते इस सामुदायिक केन्द्र का पुनरुद्धार संभव हो पाया। केंद्र का संचालन अब स्वतः रूप से प्रारंभ हो चुका है।

यह कार्य मा. मुख्यमंत्री की जनकल्याण भावना से प्रेरित होकर, डीएम सविन बंसल द्वारा निगम के प्रशासक रहते हुए जनहित में लिया गया। इस सामुदायिक भवन की मरम्मत के लिए 43 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी। यह निर्णय देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट की संचालिका एवं पैरा एथलीट नीरजा गोयल के अनुरोध पर लिया गया, जिन्होंने भवन की मरम्मत और दिव्यांगों के इलाज, बच्चों की शिक्षा तथा महिला कौशल प्रशिक्षण के लिए सहायता मांगी थी।

मायाकुण्ड, चन्द्रेश्वर नगर और भैरव मंदिर क्षेत्र के नागरिकों द्वारा सामुदायिक गतिविधियों के लिए प्रयुक्त यह केन्द्र पहले अत्यंत जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। स्थानीय नागरिकों को सामुदायिक कार्यों में कठिनाई हो रही थी। इसे देखते हुए डीएम ने तत्परता से संज्ञान लेकर भवन के पुनरुद्धार का निर्णय लिया। न केवल भवन की मरम्मत कराई गई, बल्कि इसकी बहुउपयोगिता को ध्यान में रखते हुए इसमें महिला साक्षरता, कौशल विकास, और बाल शिक्षा जैसी गतिविधियों के संचालन की योजना भी बनाई गई।

देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा यहां पर महिलाओं के लिए शाम के समय सिलाई प्रशिक्षण तथा स्थानीय बच्चों के लिए रेमेडियल पढ़ाई की जाती है। भवन का बाहरी परिसर भी निर्माणाधीन है जिससे भविष्य में इस केंद्र की उपयोगिता और भी बढ़ेगी।

इस सामुदायिक केन्द्र का विकास एक उदाहरण है कि कैसे प्रशासनिक संवेदनशीलता, जनभागीदारी और समाजसेवियों के सहयोग से एक उपेक्षित भवन फिर से जनकल्याण का केंद्र बन सकता है।

मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में कैंपा शासी निकाय की बैठक सम्पन्न, वनों के सतत प्रबंधन और ग्रीन कवर बढ़ाने पर जोर

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड कैंपा (क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण) शासी निकाय की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कैंपा फंड के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैंपा निधि का उपयोग वनों के सतत प्रबंधन, वानिकी विकास, पर्यावरण संतुलन और वनों पर निर्भर समुदायों के कल्याण के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि देहरादून शहर में हरित आवरण बढ़ाने के लिए कैम्पा फंड के उपयोग हेतु केंद्र सरकार से अनुमति लेने की कार्यवाही शीघ्र पूरी की जाए।

मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में जलस्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि वन, पेयजल, जलागम, ग्राम्य विकास और कृषि विभाग मिलकर संयुक्त कार्ययोजना तैयार करें। वनाग्नि रोकथाम हेतु आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता पर आधारित रणनीति बनाने पर भी बल दिया गया।

वृक्षारोपण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि पौधों के जीवित रहने की दर (सर्वाइवल रेट) पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कैंपा निधि से संचालित परियोजनाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व के अवसर पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करने की बात कही, जिसमें फलदार और औषधीय पौधों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने जनता को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जोड़ने और जनसहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि गौरा देवी की जन्म शताब्दी के अवसर पर सभी वन डिविजन में फलदार पौधों का रोपण किया जाए।

बैठक में वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने सुझाव दिया कि स्थानीय लोगों को वन संरक्षण से जोड़ते हुए स्वरोजगार और आजीविका आधारित कार्यक्रम संचालित किए जाएं, जिससे उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में विधायक श्री भूपाल राम टम्टा, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव वन श्री आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, प्रमुख वन संरक्षक श्री समीर सिन्हा, सचिव श्रीमती राधिका झा, श्री चन्द्रेश कुमार, श्री एस.एन. पाण्डेय, श्री श्रीधर बाबू अदांकी और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Apple का iPhone 17 सीरीज़ सितंबर में भारत में दस्तक दे सकता है

मुख्य बातें:

  • मिड‑सितंबर 2025 में Apple की वार्षिक परंपरा कायम होगी – नई iPhone 17 श्रृंखला की लॉन्च इवेंट लगभग 11–13 सितंबर के बीच आयोजित होने की उम्मीद है, और प्री‑ऑर्डर लगभग 19 सितंबर 2025 से शुरू हो सकता है 
  • भारत में इनकी बिक्री भी संभवतः 19 सितंबर 2025 से शुरू हो जाएगी ()।
  • भारत में अनुमानित शुरुआती कीमतें:
    • iPhone 17 (बेस): लगभग ₹ 89,900–₹ 95,000  
    • iPhone 17 Air: ≈ ₹ 99,900  
    • iPhone 17 Pro: ≈ ₹ 1,39,900  
    • iPhone 17 Pro Max: ≈ ₹ 1,64,900  
  • नई विशेषताएं और अपग्रेड:
    • सभी मॉडलों में 120 Hz ProMotion OLED डिस्प्ले  
    • फ्रंट कैमरे की रिज़ॉल्यूशन 12 MP → 24 MP  
    • बैक कैमरा में बेस मॉडल में 48 MP मैन क्लेंस, Pro मॉडल में ट्रिपल 48 MP कैमरा सेटअप  
    • नए A19 / A19 Pro चिपसेट, USB‑C पोर्ट, वाष्प कक्ष हीटिंग सिस्टम, और Action Button  
  • iOS 26, नए रंग विकल्प (जैसे ग्रे, ब्लैक, व्हाइट, आसमानी नीला, ग्रीन/पर्पल), और एल्यूमिनियम + टाइटेनियम फ्रेम की संभावित वापसी  

Apple अपने 9–11 सितम्बर 2025 इवेंट के दौरान iPhone 17 सीरीज का जबरदस्त धमाका तैयार कर रही है। यह लॉन्च इंडिया में उसी महीने या अक्टूबर शुरुआत तक हो सकता है। हर मॉडल में प्रीमियम डिस्प्ले, कैमरा और परफॉरमेंस फीचर्स हैं, तो वहीं एयर वेरिएंट अपनी स्लिमनेस और कीमत की वजह से खास रहेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लिए आयोजित अन्तरिक्ष सम्मेलन 2025 में लिया भाग, इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन रहे विशेष अतिथि

देहरादून, सोमवार — मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण हेतु हिमालयी राज्यों के परिप्रेक्ष्य में आयोजित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं अनुप्रयोग अन्तरिक्ष सम्मेलन 2025 में भाग लिया। इस अवसर पर इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने देशभर से आए वैज्ञानिकों व प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में यह सम्मेलन एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी केवल अनुसंधान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संचार, कृषि, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में निर्णायक भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में भारतीय वैज्ञानिक श्री शुभांशु शुक्ला द्वारा तिरंगा फहराने को देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया और इसे गगनयान सहित आगामी अंतरिक्ष अभियानों के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर उन्होंने चंपावत को मॉडल जिला बनाने के लिए इसरो और यूकास्ट द्वारा विकसित डैशबोर्ड का शुभारंभ किया और इसरो द्वारा प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड में साइंस सिटी, इनोवेशन सेंटर, एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना तेजी से की जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन उत्तराखंड को “स्पेस टेक्नोलॉजी फ्रेंडली स्टेट” बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

इसरो चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि 1963 में जब भारत ने पहला रॉकेट लॉन्च किया था, तब रॉकेट साइकिल से ले जाए जाते थे। आज भारत 131 सैटेलाइट्स का स्वामी है और चंद्रयान, मंगलयान और आदित्य एल-1 जैसे मिशनों में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत का लक्ष्य 2030 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने और 2040 तक मानव को चंद्रमा पर भेजने का है।

राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान ने बताया कि उत्तराखंड में आपदाओं, पशुधन, वनाग्नि व ग्लेशियर मॉनिटरिंग में सैटेलाइट डेटा का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऋषिगंगा चमोली आपदा के दौरान सेटेलाइट डेटा से तैयार मैप का राष्ट्रीय नीति निर्धारण में भी योगदान रहा।

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने कहा कि राज्य अंतरिक्ष तकनीक को अपनाने के साथ-साथ स्थायी वैज्ञानिक आधारभूत संरचना के विकास पर कार्य कर रहा है। उन्होंने इसरो से कुछ साइंस सेंटर को गोद लेने और उच्च-रिज़ोल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी राज्य को निःशुल्क उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया।

यह सम्मेलन न केवल उत्तराखंड के लिए बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र के सतत विकास में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की भूमिका को और अधिक स्पष्ट करने में सहायक सिद्ध होगा।

देहरादून में हुआ स्वास्थ्य संवाद व विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, 216 यूनिट रक्त संग्रहित

देहरादून के मोथरोवाला स्थित अमोलाज रेस्टोरेंट में ‘विचार एक नई सोच’ सामाजिक संगठन एवं 17 सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में भव्य स्वास्थ्य संवाद एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। खराब मौसम के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और 216 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जो समाज के प्रति लोगों की जागरूकता का प्रमाण है।

कार्यक्रम का संचालन योगम्बर पोली और संस्था के सचिव राकेश बिजलवाण ने किया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष अरुण चमोली, संरक्षक डॉ. एस.डी. जोशी, अरुण शर्मा, मनोज इष्टवाल सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि विधायक उमेश शर्मा काउ ने कहा कि “रक्तदान जीवनदान है और इससे बड़ा कोई दान नहीं होता।” उन्होंने सभी से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।

कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी ने युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि “स्वैच्छिक प्रयासों से ही एक सशक्त समाज की नींव रखी जा सकती है।”

डॉ. आशुतोष सयाना (निदेशक, चिकित्सा शिक्षा) ने स्वैच्छिक रक्तदान को चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए अधिक जागरूकता की आवश्यकता जताई।

अजय डबराल (सचिव, मंडी समिति) ने इसे मानव सेवा का बेहतरीन उदाहरण बताया।

रवि बिरजानियां (अध्यक्ष, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर) ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता।

ललित जोशी (चेयरमैन, CIMS कॉलेज) ने स्वस्थ समाज के लिए संकल्पबद्ध होने की आवश्यकता जताई।

दिग्मोहन नेगी (कुंती फाउंडेशन) ने इसे सेवा धर्म का सच्चा उदाहरण बताया।

भूपेंद्र कंडारी (अध्यक्ष, उत्तरांचल प्रेस क्लब) ने मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी पर बल दिया।

संस्था के संरक्षक डॉ. एस.डी. जोशी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि उद्देश्य केवल आयोजन नहीं, बल्कि समाज में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना है।

21 विशिष्ट व्यक्तियों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 21 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें अर्जुन सिंह बिष्ट, अनिल सती, सुरेश भट्ट, प्रशांत रावत, विजय रावत, आशीष ध्यानी, राजेश बहुगुणा, वैभव गोयल, विनोद मुसान, सुबोध भट्ट सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।

17 संस्थाओं की अहम भागीदारी

इस आयोजन को सफल बनाने में ‘विचार एक नई सोच’ के साथ-साथ 17 अन्य संगठनों ने सहयोग किया, जिनमें पीआरएसआई देहरादून चैप्टर, उत्तरांचल प्रेस क्लब, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, हिमालयन डिस्कवर फाउंडेशन, रंत रैबार संस्था, लाइफ केयर पैथोलॉजी सेंटर, उत्तरजन टुडे, सेंचुरियन क्लब, कलर्ड चैकर्स फिल्म्स, CIMS & UIHMT कॉलेज, भविष्य की उड़ान, बालाजी टाइम्स, आकाश सांस्कृतिक समिति, फ़्यूजन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, सत्ता एक्सप्रेस, कुंती फाउंडेशन आदि प्रमुख रहे।

इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब समाज के सभी वर्ग एकजुट होते हैं, तो सेवा, स्वास्थ्य और सकारात्मक बदलाव की मिसाल कायम की जा सकती है।

उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, चारधाम यात्रा एहतियातन रोकी गई

प्रदेश में लगातार हो रही मानसून की बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध हो चुके हैं, जिससे आवागमन में परेशानियां बढ़ गई हैं। एहतियातन प्रशासन ने चारधाम यात्रा को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया है।

इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि आज 29 जून और कल 30 जून को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।

रेड अलर्ट वाले जिलों में देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर शामिल हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना आवश्यकता घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

भारत की 64% आबादी को सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है: पीएम मोदी

आज देहरादून में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 123वां संस्करण सुना। कार्यक्रम में आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की सफलता, देश-विदेश में बने कीर्तिमानों और आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की हत्या जैसे काले अध्याय पर अपने विचार साझा किए।

आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने यह भी बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को ट्रेकोमा मुक्त देश घोषित किया है और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की रिपोर्ट के अनुसार भारत की 64% आबादी को सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है। यह वास्तव में भारत में मोदी सरकार द्वारा सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में उठाए गए ठोस कदमों का प्रमाण है।

उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस और प्रकृति संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों की सराहना की। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा लॉन्च किया गया उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों का ब्रांड “हाउस ऑफ हिमालयाज” अब वैश्विक पहचान प्राप्त कर रहा है, जिससे राज्य की मातृशक्ति को आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अन्तर्गत अपनी माताजी के साथ किया पौधारोपण

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अपनी माताजी श्रीमती बिशना देवी के साथ पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री के सुपुत्र दिवाकर ने भी इस अवसर पर पौधा लगाया। इस पहल का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के सम्मान में एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि “माँ जीवन की पहली गुरु होती हैं और पर्यावरण हमें जीवन देता है। माँ और प्रकृति दोनों की सेवा करना हमारा कर्तव्य है। यह अभियान समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देता। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे अपनी माताओं के नाम से एक पौधा अवश्य लगाएँ और उसका संरक्षण स्वयं करें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक श्री समीर सिन्हा और अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी मौजूद थे।

सरकारी भूमि में अतिक्रमण रोकने के लिए मजबूत मैकेनिज्म बने: सीएम धामी

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस पर रोक लगाने के लिए एक मजबूत और प्रभावी मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बहुमूल्य सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

सीएम धामी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रत्येक जिले में सरकारी भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए और नियमित रूप से उसकी निगरानी की जाए। साथ ही अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता को भी इस विषय में जागरूक किया जाए ताकि वे सरकारी भूमि के संरक्षण में सहयोग कर सकें।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों और सार्वजनिक हितों को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।