Wednesday, April 22, 2026
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अवैध मजार का ध्वस्तीकरण स्वागत योग्य, डेमोग्राफी के खिलाफ हर साजिश होगी बेनकाब: चौहान

 

 

लैंड जिहाद और अवैध मजार, मस्जिद के खिलाफ धामी सरकार प्रतिबद्ध

 

देहरादून 26 अप्रैल। भाजपा ने दून अस्पताल की अवैध मजार के ध्वस्तीकरण का स्वागत करते हुए कहा कि देवभूमि के स्वरूप और डेमोग्राफी परिवर्तन की किसी भी साजिश को भाजपा सफल नहीं होने देगी।

 

प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि धामी सरकार राज्य की संस्कृति और परंपरा से छेड़छाड़ कर माहौल को खराब करने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं देगी। इससे पहले भी लगभग 600 से अधिक अवैध धार्मिक अतिक्रमणों और मदरसों पर कार्यवाही की गई है, जो इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

चौहान ने कहा कि देहरादून के दून हॉस्पिटल में मौजूद मजार भी अवैध तरीके से संचालित की जा रही थी। जिसमें पहले भी अवैध गतिविधियों के संचालन और आसपास मौजूद महिला शिक्षण संस्थानों से संबंधित आपराधिक घटनाओं को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे हैं। वहीं राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त अस्पताल परिसर में होने से वहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भी व्यापक रूप से प्रभावित होती थी। लिहाजा जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस पर ध्वस्तीकरण की जो कार्यवाही हुई है उसका पार्टी पुरजोर समर्थन करती है। वहीं आगे जो भी प्रदेश की शांति, सुरक्षा और माहौल के लिए इस तरह के संस्थान खतरा साबित होगा, उसपर सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।

 

चौहान ने कांग्रेस द्वारा प्रदेश मे अवैध मजार, मदरसों तथा अतिक्रमण पर विरोध को निराशाजनक बताते हुए कहा कि उन्हें तुष्टिकरण के खातिर अवैध अतिक्रमण को प्रोत्साहन और पैरवी के बजाय सकारात्मक रुख रखना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने प्रदेश मे विकास के नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य तथा रोजगार की दिशा मे राज्य ने बेहतर प्रगति की है। राज्य पर्यटन प्रदेश की राह पर अग्रसर है। लेकिन सीएम धामी जन भावनाओं को देखते हुए प्रदेश मे सशक्त भू कानून से लेकर लैंड जिहाद कैसे कानून लाये, जिससे राज्य की डेमोग्राफी को सरंक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि जन हित मे ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

 

 

कुंभ 2027 और चारधाम यात्रा की तैयारियों में जुटी धामी सरकार, सचिव डॉ. राजेश कुमार ने किया हरिद्वार/ऋषिकेश में कई जगहों का स्थलीय निरीक्षण

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तैयारियों में तेजी, कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ज़ोर*

*श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता, पुराने पुलों का होगा पुनर्निर्माण- डाॅ आर राजेश कुमार*

*घाटों, सड़कों और पुलों के कार्यों का गहन निरीक्षण, कार्यों में तेजी और गुणवत्ता पर जोर-डाॅ आर राजेश कुमार

चारधाम यात्रा 2025 और हरिद्वार में वर्ष 2027 में होने जा रहे कुंभ मेला की तैयारियों को लेकर सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं सिंचाई डॉ. आर. राजेश कुमार ने हरिद्वार पहुंचकर संबंधित अधिकारियों के साथ व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित घाटों, सड़कों, पुलों, निर्माण कार्यों और बुनियादी ढांचे की तैयारियों का जायज़ा लिया गया।

 

डॉ. कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी/मेलाधिकारी, उप-जिलाधिकारी, मुख्य अभियंता सिंचाई और सिंचाई अभियंता भी मौजूद रहे। मौके पर मौजूद अभियंताओं ने जानकारी दी कि कुछ योजनाओं के क्रियान्वयन में एक वर्ष से अधिक का समय लग सकता है तथा कई कार्य केवल नहरबंदी के दौरान ही संभव हैं। इस पर सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए उचित प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर मेला कार्यालय को सौंपे जाएं और प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया इस वर्ष के भीतर पूरी कर ली जाए, ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सके।

 

इसके साथ ही डॉ. आर. राजेश कुमार ने डामकोठी में एक उच्चस्तरीय बैठक भी ली, जिसमें अर्धकुंभ को कुंभ मेले की तर्ज पर दिव्य और भव्य तरीके से कराने की रूपरेखा पर चर्चा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि गंगा स्नान और दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए 104 घाटों (कुल लंबाई 12.3 किमी) की मरम्मत और सौंदर्यीकरण चरणबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। घाटों की प्राथमिकता तय कर कार्य को समयबद्ध और सुरक्षित तरीके से अंजाम देने पर ज़ोर दिया गया।

 

डॉ. कुमार ने मायापुर बैराज से जटवाड़ा पुल तक लगभग 3.5 किमी और वैरागी कैंप क्षेत्र में लगभग 2 किमी नए घाटों के निर्माण के लिए ठोस और वैज्ञानिक प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने स्लोब की स्थिरता, संरचनात्मक सामर्थ्य और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नए घाटों के निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया। निरीक्षण के दौरान खड़खड़ी क्षेत्र में सूखी नदी पर एक नए पुल और धनौरी-सिडकुल रोड पर 170 साल पुराने जर्जर पुल के स्थान पर नया पुल बनाने के लिए भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही सिंचाई विभाग के अंतर्गत आने वाली 26 किमी सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य को भी शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया गया।

 

*निरीक्षण के दौरान जिन कार्यों का गहन अवलोकन किया गया, उनमें शामिल हैं:*

1. खड़खड़ी में प्रस्तावित बॉक्स कलवर्ट

2. चमगादड़ टापू व पन्तद्वीप क्षेत्र में टाइलिंग कार्य

3. भीमगोडा पुल के निकट घाटों की मरम्मत

4. ऋषिकुल पुल के पास नए घाटों के लिए स्थल निरीक्षण

5. कांवड़ पटरी मार्ग का निरीक्षण

6. धनौरी-सिडकुल रोड का निरीक्षण

7. पथरी रौ नदी के पास गंगनहर पर 90 मीटर लंबे प्रस्तावित पुल का निरीक्षण

8. स्कैप चैनल पर श्री यंत्र पुल के पास नए घाटों के प्रस्ताव का मूल्यांकन

 

इस मौके पर जिलाधिकारी हरिद्वार श्री कर्मेन्द्र सिंह, महानिदेशक स्वास्थ्य डाॅ सुनीता टम्टा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, उप जिलाधिकारी अजयवीर सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई बी.के. मौर्य, अधिशासी अभियंता ओम जी गुप्ता, डी.सी. उनियाल, अनिल राठौर, मनोज कुमार और अभिहीत अधिकारी महिमानन्द जोशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

*ऋषिकेश क्षेत्र में त्रिवेणी घाट से वीरभद्र घाट तक आस्था पथ का सौंदर्यीकरण शुरू*

 

विकासखण्ड डोईवाला के ऋषिकेश क्षेत्र में आस्था पथ के सौंदर्यीकरण और विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है।

 

त्रिवेणी घाट और आस्था पथ के घाटों का जीर्णोद्धार

प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट का जीर्णोद्धार कार्य जारी है। साथ ही त्रिवेणी घाट से पशुलोक बैराज तक आस्था पथ पर स्थित अन्य घाटों का भी मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्य किया जा रहा है।

 

कोबल स्टोन और म्यूरल आर्ट से आस्था पथ का श्रृंगार

आस्था पथ पर कोबल 3 स्टोन बिछाए जा रहे हैं तथा म्यूरल आर्ट के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक चित्रांकन किया जा रहा है, जिससे मार्ग और घाटों को आकर्षक रूप दिया जा रहा है।

 

नए फुटब्रिज और घाटों का निर्माण कार्य

चन्द्रभागा नदी पर 85 मीटर स्पान का नया फुटब्रिज तथा गौरी शंकर मंदिर के पास 50 मीटर स्पान का एक अन्य फुटब्रिज बनाया जा रहा है। साथ ही पशुलोक बैराज के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में नए आस्था पथ और वीरभद्र घाट का भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।

 

 

*चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियों का भी किया गया अवलोकन*

चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियों का निरीक्षण करने बाद मीडिया से बात करते हुए डॉ. आर. राजेश कुमार ने चारधाम यात्रा 2025 की स्वास्थ्य तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट स्थापित किए जा रहे हैं। 50 स्क्रीनिंग पॉइंट पर स्वास्थ्य कर्मी तैनात रहेंगे और 50 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों की अनिवार्य स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 9.50 लाख यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई थी और इस बार इससे भी अधिक संख्या में स्क्रीनिंग किए जाने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 60 विशेषज्ञ डॉक्टर, 40 एमबीबीएस डॉक्टर तथा भारत सरकार से विभिन्न एम्स संस्थानों से 16 विशेषज्ञ तैनात किए गए हैं और आने वाले समय में 20-30 और विशेषज्ञ मिलने की संभावना है। बद्रीनाथ रूट पर 5 अतिरिक्त मेडिकल रिलीफ पोस्ट तथा यमुनोत्री रूट पर 2 अतिरिक्त मेडिकल रिलीफ पोस्ट स्थापित किए जा रहे हैं ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

यात्रियों की छोटी से छोटी सुविधाओं का रखा जाए ख्याल-रुहेला

 

राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री विनय कुमार रुहेला ने ली बैठक, कहा-चारधाम के साथ मानसून के लिए भी रहें तैयार

देहरादून। राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री विनय कुमार रुहेला ने शनिवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में सभी जनपदों के साथ ऑनलाइन बैठक कर आगामी चारधाम यात्रा तथा मानसून की तैयारियों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में चारधाम यात्रा प्रारंभ होने वाली है और दो महीने बाद मानसून सीजन प्रारंभ हो जाएगा। आने वाले पांच माह काफी चुनौतीपूर्ण रहेंगे, इसलिए यह आवश्यक है कि हर स्तर पर पुख्ता तैयारियां हों ताकि चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और मानसून अवधि में राज्य के निवासी किसी परेशानी का सामना न करें।

श्री विनय कुमार रुहेला ने कहा कि राज्य में एक तरफ चारधाम यात्रा प्रारंभ हो रही है, वहीं पर्यटन सीजन भी प्रारंभ हो गया है। ऐसे में विभिन्न प्रकार की आपदाओं के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जनपद यात्रियों की छोटी से छोटी सुविधाओं का ध्यान रखें ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे एक अच्छा संदेश लेकर अपने घर को लौटें। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए और वहां पर साइनेज लगाकर यात्रियों को अलर्ट किया जाए। साथ ही उन स्थानों पर चौबीस घंटे जेसीबी तथा अन्य आवश्यक उपकरणों की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों को गड्ढामुक्त रखने की कार्यवाही अभी से प्रारंभ कर दी जाए ताकि बरसात के दौरान इनमें जलभराव के चलते हादसे न हों।

इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि सभी जनपद एनडीएमआईएस पोर्टल में जल्द से जल्द सभी सूचनाओं को अपलोड करना सुनिश्चित करें ताकि केंद्र सरकार से पैसा मिलने में किसी प्रकार की अड़चन न आए। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन एवं मार्गदर्शन पर आपदा प्रबंधन विभाग हर स्तर पर एलर्ट मोड में है और लगातार विभिन्न विभागों के साथ बैठकें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान सड़क हादसों को रोकने के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशासन द्वारा निर्धारित समय पर ही वाहनों का आवागमन हो। बरसात की चुनौतियों तथा जलभराव से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए अप्रैल और मई के महीने सबसे उपयुक्त हैं, इसलिए सभी आवश्यक तैयारियां प्रारंभ कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि सभी नालियों की सफाई प्रारंभ कर दी जाए ताकि बरसात के दौरान जल भराव की स्थिति पैदा ना हो। विभिन्न विभागों के पास जल भराव से निपटने के जो भी संसाधन हैं, उनकी पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध कर लिया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उन्हें प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न थानों, तहसील तथा अन्य विभागों के पास जो भी राहत और बचाव कार्यों से संबंधित उपकरण हैं, उनकी जांच कर सत्यापन कर लिया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी उपकरण ठीक से कम कर रहे हैं तथा उनके संचालन में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। साथ ही यह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि उन्हें संचालित करने वाले लोग पूर्ण रूप से प्रशिक्षित है।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक श्री अभिषेक कुमार आनंद, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री राकेश मोहन खंकरियाल, विशेषज्ञ श्री रोहित कुमार, डॉ. वेदिका पन्त, डॉ. पूजा राणा, श्री हेमंत बिष्ट, सुश्री तंद्रिला सरकार आदि मौजूद थे।

 

 

सैन्य बाहुल्य प्रदेश, सभी सैनिक हमारे एसेट

देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि उत्तराखण्ड एक सैन्य बाहुल्य प्रदेश है और सभी सैनिक हमारे राज्य का बहुत बड़ा एसेट हैं। उन्होंने कहा कि आपदा का प्रभावी तरीके से सामन करने में भूतपूर्व सैनिकों की बड़ी भूमिका हो सकती है। उनके अनुभवों का लाभ उठाने के लिए यह जरूरी है कि सभी जनपद पूर्व सैनिकों का डेटाबेस बनाएं और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उनके विशेषज्ञता का इस्तेमाल करें।

 

भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ दर्ज करवाएं एफआईआर

देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मानसून के दौरान अक्सर कुछ शरारती तत्व भ्रामक सूचनाओं तथा आपदा के फर्जी वीडियो प्रसारित करते हैं और आम नागरिकों के मन में इससे भय व्याप्त होता है। उन्होंने सभी जनपदों से कहा कि भ्रामक तथा फर्जी सूचनाएं प्रसारित करने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।

 

यात्रियों के भोजन की समुचित व्यवस्था की जाए

देहरादून। इस दौरान सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि चार धाम यात्रा के दौरान यदि मार्ग अवरुद्ध होने के कारण यात्रियों को रोकना पड़ता है तो उनके खाने-पीने की समुचित व्यवस्था स्थानीय प्रशासन द्वारा की जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को रोकने की स्थिति में कोई भी यात्री भूखा ना रहे। छोटे बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारण रूट डायवर्ट करना पड़ता है तो इसके लिए स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं और परिवर्तित मार्ग में दोराहे, तिराहे अथवा चौराहों पर भी संकेतक लगाए जाएं ताकि यात्री आंतरिक मार्गों में भटकें नहीं।

 

माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश, आपदा कार्यों के लिए धन की कमी नहीं, तुरंत जारी करें

देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि आपदा प्रभावितों के लिए राहत शिविरों के लिए स्थान अभी से चिह्नित करते हुए वहां की व्यवस्थाओं का खाका अभी से खींच लिया जाए। राहत शिविरों में बिजली, पानी, भोजन, चिकित्सा आदि अन्य व्यवस्थाएं कहां से होंगी, इसकी तैयारी अभी से कर ली जाए। साथ ही वहां पशुओं के चारे और उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को आपदा राहत कार्यों के लिए काफी सशक्त कर दिया है। एसडीआरएफ और एसडीएमएफ मद में धनराशि की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि आपदा संबंधी कार्यों के लिए जनपदों को जितनी भी धनराशि की आवश्यकता होगी वह उन्हें तत्काल मुखिया कराई जाए।

 

जहां हो जरूरत, वहीं रखे जाएं सेटेलाइट फोन

देहरादून। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनंद स्वरूप ने कहा कि जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में यदि कर्मचारियों की कमी है तो अभी से व्यवस्था कर ली जाए ताकि चार धाम यात्रा और मानसून अवधि में समन्वय स्थापित करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जितने भी सेटेलाइट फोन जनपदों में हैं, उनकी जांच कर ली जाए और उन्हें उन्हीं स्थानों पर उपलब्ध कराया जाए जहां उनकी जरूरत है।

 

सभी एलर्ट पर आवश्यक कार्यवाही की जाए सुनिश्चित

देहरादून। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी ने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जो भी चेतावनियां जनपदों को भेजी जाती हैं, उन पर प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि किसी भी आपदा का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न सड़कों का वर्गीकरण किया जाना भी आवश्यक है ताकि यह भ्रम ना रहे कि कौन सी सड़क किस विभाग के अंतर्गत है।

विकास कार्यों में जनमन की सुरक्षा से खिलवाड़ नही, होगा सख्त प्रवर्तन एक्शनः डीएम

 

 

देहरादून दिनांक 25 अपै्रल 2025, (सू.वि) मा0 मुख्यमंत्री की जनमन सर्वप्रथम की नीति पर जिला प्रशासन अग्रसर है जिलाधिकारी सविन बसंल स्वयं जनमन के प्रति अति सवेंदनशील रूख अपनाये हुए है। इसी क्रम में कैनाल रोड पर निर्माण कार्यों में लापरवाही एवं मानकों के उल्लंघन पर जल संस्थान के अधिकारियों एवं ठेकेदारों तथा माता मन्दिर रोड पर गेल, यूपीसीएल केे अधिकारियों कर्मचारियों एवं ठेकेदारों पर मुकदमें दर्ज किये गए हैं। साथ ही समिति द्वारा दी गयी अनुमति शर्तों का उल्लंघन करने 3 माह के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। अब तीन माह तक इन कार्यदायी संस्थाओं एवं ठेकेदारों को कार्यों की अनुमति नही दी जाएगी।

प्रशासन के वर्कस्टाईल हल्के में लेना 3 एजेंसीस को मंहगा पड़ा है 3 माह के लिए कार्य अनुमति सस्पेंड के साथ ही संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 3 ऐजेंसीस तीनः माह के लिए अनुमति सुरक्षित सड़क खुदान की थीः जनसुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे थे निर्माण कार्य, जिला प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन। अनुमति विरूद्ध रोड़ कटिंग पर जिला प्रशासन द्वारा लिया गया सख्त एक्शन लिया गया, कार्य अनुमति सस्पेंड करने के साथ ही प्राथमिकी दर्ज की गई। जनसुरक्षा दाव पर रख सड़क खुदी छोड़ने व कई सुरक्षा मानकों की अहवेलना पर यूपीसीएल, जलसंस्थान, गेल के अधिकारियों ठेकेदारों पर यह कार्यवाही की गई है। डीएम ने कहा कि जनमन की सुरक्षा शर्तों पर प्रदत्त अनुमति, एवं निर्देर्शोें के उल्लंघन बर्दाश्त नही किया जाएगा। कैनाल रोड पर जल संस्थान, माता मन्दिर रोड पर गेल, यूपीसीएल द्वारा किया जा रहा था निर्माण कार्य सम्बन्धित अधिकारियों कर्मचारियों, ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमें दर्ज किये गए। खुदाई उपरान्त सड़क पर मलबा छोड़ने, समतलीकरण न करने, पर हुई कारर्रवाही। रात्रि में निर्माण हेतु दी गई शर्तों का उल्लंघन के साथ ही सड़क मलबा उपकरण छोड़ने, निर्माण कार्य उपरान्त सड़क को समतलीकरण न करने तथा जनमानस की सुरक्षा शर्तों का उल्लंघन करने पर कार्यवाही हुई। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनमानस की सुरक्षा से खिलवाड़ एवं लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। डीएम ने कहा कि विकास कार्यों के दौरान निर्धारित शर्तों के साथ सुरक्षा इंतजाम करने आवश्यक है साथ निर्माण उपरान्त निर्माण सामग्री, मलबा हटाने तथा सड़क को मानक के अनुरूप समतल करना आवश्यक है।

 

मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशन पर बाल बारीकी से परखी डीएम ने यात्रा प्रवेश द्वार सुरक्षा, रजिस्टेªेशन व सहायक संबद्ध व्यवस्थाएं

 

 

मा0 मुख्यमंत्री के विजन चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालु को सुगम सुविधा उपलब्ध हो, को लेकर जिलाधिकारी ने ऋषिकेश में परखी तैयारी

 

डीएम की पहल से प्रथमबार रजिस्टेªशन सेल्स हुए डबलः रजिस्टेªशन 24×7 मुकम्मल

 

परिवार का मुखिया कर सकेंगे अपने सदस्यों का पंजीकरण, परिजनों को कतार से मिलेगा निजातःडीएम

 

दो माह पूर्व ही ही डीएम ने कर दिया था सबके मस्तिष्क में उपरोक्त आईडिया फिटः आयुक्त गढवाल ने लगाई मोहर

 

होल्डिंग टाइम को न्यून करना है हमारा लक्ष्यः कन्ट्रोलरूम, फूड कांउटर्स, एलईडी स्क्रीन,टॉयलेट, पार्किंग सब हो ए क्लास

 

ऋषिकेश ट्राज़िट कैंप परिसर में समुचित तैयारी को शीघ्र करें पूर्ण, 24×7 संचालन की ड्यूटी आदेश करें जारी विभाग।

 

मैन, मटिरियल, मशीनरी, है सब आपके निवर्तन पर, जनमन को किसी भी सेवा बाधित रखना गवारा नही

 

खांड गांव में आरटीओ व टेªफिक पुलिस के Interception point का भी किया निरीक्षण

 

यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा निगरानी, बहुआयामी इंतजाम; हाई-टेक रजिस्ट्रेशन सेंटर, 24×7 सेवाएं और नवाचारों पर विशेष ज़ोर

 

डीएम ने विभागीय अधिकारियों से एक-एक कर लिया अपने-अपने विभागीय तैयारी की फीडबैक

 

चारधाम में आने वाले श्रद्धालुओं में आपके सेवा को मिले स्मरण रखने का बल, इस तरह रखे तैयारीःडीएम

 

चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियों को लेकर ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश में डीएम की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक

 

सभी चौकिंग प्वंाईट पर लगेगी एलईडी स्क्रीन, जिस पर धामों की अद्यतन सूचनां का प्रसारण करेंगे

 

चारधाम में आने वाले यात्रियों को ना हो किसी भी तरह की असुविधा इस बात को गांठ बांध लेंः डीएम

 

चारधाम यात्रियों की सुगम सुविधा हेतु यात्रा ट्रांजिट कैंप परिसर में 24 तथा पेइज बस अड्डा में 6 काउंटर खोले गए, आवश्यकता पड़ने पर और बढ़ाई जाएगीःडीएम

 

डीएम ने ऋषिकेश में तीर्थ यात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन, चिकित्सा, पयेजल, शौचालय, सुरक्षा आदि मूलभूत सुविधाओं को लेकर दिए कई अहम दिशा निर्देश

 

डीएम ने चिकित्सा कैंप हेतु बाह्य सोर्स से 10 फार्मासिस्ट की तैनाती करने के सीएमओ को दिए निर्देश। चिकित्सा कैंप 24 घंटे रहेगा संचालन

 

रजिस्ट्रेशन काउंटरो में नेटवर्क की ना हो समस्या, एक अतिरिक्त हाई स्पीड की नेटवर्क स्थापित करने के दिए निर्देश।

 

डीएम, एसएसपी व सीडीओ ने बैठक के बाद परखा चारधाम यात्रा की तैयारी के कार्यों को।

 

सचल रजिस्ट्रेशन टीम यात्रियों के विश्राम स्थल पर ही करेंगे रजिस्ट्रेशन! यात्रियों को देंगे सुगम सुविधाःडीएम

 

यात्री वाहनों की पार्किंग के लिए बेहतर व्यवस्था बनाने के दिए निर्देश

 

निर्धारित चेक पोस्टों पर यात्रियों के लिए उपलब्ध समुचित व्यवस्थाओं के साथ करेंगे सत्यापन।

 

यात्री विश्राम ग्रहों में मच्छरदानी, मोस्किटो रेंपलेंट, रोटेशनल मोड से फागिंग कराने के नगर आयुक्त को निर्देश

 

यात्रियों को मिलेगी निःशुल्क चाय नाश्ता, जिला प्रशासन का रहेगा प्रबन्ध, डीएम ने दिए निर्देश

 

जिलाधिकारी ने किया खांड गांव चौक पोस्ट तैयारी का स्थलीय निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

 

देहरादून दिनांक 24 अप्रैल 2025 (सू.वि.) चारधाम यात्रा 2025 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए अधिकतम सुविधायुक्त बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता एवं वरिरष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की उपस्थिति में ऋषिकेश ट्राजिंट कैम्प में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम ऋषिकेश, परिवहन, स्वास्थ्य, पर्यटन, जल संस्थान, पुलिस, एथिक्स मॉनिटरिंग एजेंसी सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

गत बैठक में जिलाधिकारी ने यह सुझाव दिया कि परिवार के मुखिया अपने परिवार के सदस्यों का दस्तावेज लेकर रजिस्टेªशन कांउटर पर स्वयं पंजीकरण करने की सुविधा हो, इससे सुगम व्यवस्था बनेगी तथा परिजनों को कतार पर खड़े रहने तथा भीड़ से जुझने से निजात मिलेगा। डीएम के यात्रियों को सुगम सुविधा के इस आईडिया पर आयुक्त गढवाल ने सहमति देते हुए यात्रा प्रबन्धन प्लान में शामिल किया। डीएम की पहल से प्रथमबार रजिस्टेªशन सेल्स हुए डबलः रजिस्टेªशन 24×7 मुकम्मल।

बैठक में ट्रांजिट कैंप स्थित हाई-टेक रजिस्ट्रेशन सेंटर 25 अप्रैल से 24×7 सेवा प्रारंभ करेगा, जहाँ कुल 30 रजिस्ट्रेशन काउंटर संचालित होंगे। एथिक्स कंपनी द्वारा मॉनिटर किए जा रहे इस केंद्र पर यात्रियों को सहायता प्रदान करने के लिए 80 प्रशिक्षित ‘‘यात्रा मित्र’’ तैनात किए गए हैं। ट्रांजिस्ट केम्प में सुगम सुविााओं क लिए प्रतीक्षालय, सुलभ शौचालय, दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट, सात्विक भोजन युक्त फूड कोर्ट, वाटर कूलर, सीसीटीवी कैमरे, फायर स्टेशन और 24 घंटे मेडिकल सहायता जैसे समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। हाईस्पीड इन्टरनेट की अल्टरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि रजिस्टेªशन में दिक्कत न आए।

जिलाधिकारी ने पाँच प्रमुख चेकिंग पॉइंट आईएसबीटी, ट्रांजिट कैंप, आईडीपीएल , सत्यनारायण मंदिर और खांड गांव पर अतिरिक्त प्रवर्तन बल तैनात करने और यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। यात्रियों की आरामदायक प्रतीक्षा के लिए होल्डिंग क्षेत्रों में जर्मन हैंगर स्थापित किए जाएंगे। आइडीपीए क्षेत्र में 1500 से अधिक वाहनों की पार्किंग और ट्रांजिट पार्किंग में 200 छोटे व 150 बड़े वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

रजिस्ट्रेशन प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने एनआईसी को रजिस्ट्रेशन मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही 25 कर्मियों की मोबाइल टीम को फेस रिकॉग्निशन तकनीक से लैस करते हुए यात्रियों के ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन के लिए नियुक्त किया गया है, जो आईएसबीटी और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कार्यरत रहेगी। जिलाधिकारी ने 10 मिनी बसें शासन द्वारा खरीदकर यात्रा में सेवा हेतु लगाए जाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि आपात या अतिरिक्त भीड़ की स्थिति में यात्रियों को कोई परेशानी न हो।

रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में हाई-स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। आधार कार्ड आधारित पंजीकरण के साथ-साथ फेस रिकॉग्निशन तकनीक भी इस बार की प्रक्रिया में शामिल की गई है। सभी चेकिंग पॉइंट्स पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनमें यात्रियों की लाइव संख्या, चारधाम आरती और धार्मिक भजनों का प्रसारण होगा, जिससे श्रद्धालु यात्रा का आध्यात्मिक अनुभव और भी गहराई से ले सकें।

 

बैठक के अंत में जिलाधिकारी सविन बंसल ने ट्रांजिट कैंप का स्थलीय निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोई भी व्यवस्था अधूरी न रह जाए। “अगर एक व्यवस्था भी कमजोर रह गई तो पूरी तैयारी प्रभावित होगी,” यह कहते हुए उन्होंने सभी विभागों को सौ प्रतिशत कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संसाधनों की कमी को बहाना नहीं बनने दिया जाएगा, और यात्रा व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कटौती स्वीकार नहीं की जाएगी।

 

हरदा सिद्ध पुरुष नही, गुण दोष के आधार पर न्याय करते हैं गोलज्यू महाराज: चौहान

देव भूमि की डेमोग्राफी बदलने की मंशा के बाद अब सनातनी चोले मे ढोंग

 

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि पूर्व सीएम हरदा अब तीर्थों और देवी देवताओं की शरण मे हैं, लेकिन वह भक्त की अपेक्षा विशुद्ध राजनेता के तौर पर दोषारोपण कर रहे हैं जो कि सनातनी चोले मे ढोंग भर है। बेहतर होता कि वह तुष्टिकरण की खातिर जितना संनातनियों का उपहास करते दिखे उस सच को स्वीकार कर पश्चाताप करते।

 

हरदा के गोलज्यू मन्दिर मे अर्जी लगाने संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए चौहान ने कहा कि हरदा कोई सिद्ध पुरुष नही है जो कहे और वह लकीर बने। राजनीति मे बेशक, उनके चौंकने वाले फैसले सनातनियों के लिए आहत करने वाले भी रहे, लेकिन गोलज्यू महाराज न्याय के देवता माने जाते है। गोलज्यू देवता गुण दोष के आधार पर ही न्याय करते हैं और अब तक करते भी आये हैं। हरदा जन अदालत के फैसले के बाद बिचलित हैं और देव अदालत मे भी खुद को निर्दोष ठहराने के लिए खुद ही वकालत कर रहे हैं।

 

चौहान ने कहा कि गंगा सम्मान यात्रा निकालने वाले हरदा ने अपने सीएम कार्यकाल मे कितना सम्मान गंगा मां का किया उससे पूरा सनातन समाज वाक़िफ़ है। गंगा को नाले का स्वरूप बताकर न केवल माँ गंगा ही नहीं बल्कि पूर्व सीएम हरीश रावत ने पुरखों का भी अपमान किया। हरदा के सहयोगी राज्य मे मुस्लिम यूनिवर्सिटी का दावा सार्वजनिक मंच और हरदा के अश्वासंन की बात करते रहे और हरदा इसके लिए भाजपा पर दोष मढ़ रहे हैं। वही जुम्मे की नमाज उनके ही कार्यकाल का विषय है, लेकिन वह इसके लिए भी भाजपा को दोषी ठहरा रहे हैं।

 

चौहान ने कहा कि यह भी अजीब संयोग है कि जिस विस क्षेत्र मे मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बात सामने आयी है, उसी क्षेत्र मे बड़ी संख्या मे अल्प संख्यक आबादी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य मे लैंड जिहाद हो या लव जिहाद अथवा यूसीसी मे हरदा सुरक्षा कवच बनकर खड़े हो गए। राज्य मे बदल रहे डेमोग्राफी को भांप कर भाजपा और सीएम पुष्कर सिंह धामी सतर्क रहे तो इसके लिए कानून बनाया गया। एक बड़ा अभियान अतिक्रमण के खिलाफ चल रहा है और इसे मिल रहे जन समर्थन के विपरीत काग्रेस इसके खिलाफ है।

 

चौहान ने कहा कि भाजपा पर अपनी गलतियों के लिए दोष मढ़ने के बजाय कांग्रेस को यह मंथन की जरूरत है कि अल्पसंख्यकों की तुष्टिकरण के लिए बहुसंख्यकों का तिरस्कार अनुचित और अपराध भी है। हरदा देव दरवार मे अपनी कारगुजरियों के लिए पश्चाताप के भाव से क्षमा याचना करें तो शायद उन्हें कुछ शांति का अनुभव हो सकता है। वह अभी तक देव भूमि मे सनातन के अपमान का ही दंड भुगत रहे हैं और स्थिति यह है कि वह अंजुली भर कर गंगा जल के साथ सौगंध भी लें तो जनता विश्वास नही करने वाली है।

 

विदेशो मे संवैधानिक संस्थाओं की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे है राहुल: भट्ट

 

 

देहरादून 21 अप्रैल। भाजपा ने राहुल गांधी के अमेरिका में चुनाव आयोग पर दिए बयान को संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने की कोशिश बताया है।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि वे विदेश जाकर देश का अपमान करने के अपराध में सीरियल अपराधी हैं। जो लूट में बेल पर बाहर अपने साथी त्रिपोदा के साथ, इन दिनों देश को बदनाम करने की यात्रा पर हैं।

उन्होंने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में दिए उनके बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। अब देश में आम धारणा बन गई है कि वे जब भी बोलेंगे, खासकर विदेश में तो हमेशा राष्ट्र विरोधी और देश की छवि खराब करने वाली बात ही कहेंगे। उन्होंने इस मर्तबा भी वही किया और देश की उस चुनाव प्रणाली और निर्वाचन का आयोग की मंशा को कटघरे में खड़ा किया, जिसके चलते ही उन्हें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने का अवसर मिला है। लगातार जनता द्वारा चुनाव दर चुनाव सबक सिखाने के बावजूद भी, राहुल देश के अपमान की अपनी पुरानी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।

 

उन्होंने कटाक्ष किया कि देश की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र की छवि खराब करने वाले ये वो शख्स है जो भ्रष्टाचार और लूट में आरोपी है तथा बेल पर है। इसी तरह कांग्रेस पार्टी भी पूरे देश में अशांति का माहौल बनाने की साजिश में जुटी है।

 

उन्होंने कहा कि जिनको लगता है कि वे विदेश जाकर इस महान लोकतंत्र की छवि को नष्ट कर सकते हैं, तो वे पूरी तरह गलत हैं। क्योंकि देश दुनिया भी देख रही है कि वे जहां भी वे हारते हैं, उसका ठीकरा वे चुनाव आयोग और ईवीएम पर फोड़ देते हैं। उन्होंने प्रश्न किया कि जब वे झारखंड में जीते थे, तब क्या देश में अलग चुनाव आयोग था? जहां भी जीतते हैं, वहां ईवीएम ठीक हो जाता है और जहां भी वे हारते हैं, वहां कहते हैं कि चुनाव आयोग और ईवीएम गलत है।

 

उन्होंने हैरानी जताई कि संवैधानिक संस्थाओं पर इस निंदनीय हमले के समय उनके साथ कोई और नहीं बल्कि हेराल्ड मामले में उनका सह आरोपी सैम पित्रोदा था, जो स्वयं नेशनल हेराल्ड मामले में जमानत पर बाहर हैं। अब एक बार पुनः दोनों एक साथ हमेशा की तरह भारत को बदनाम करने की यात्रा पर निकले हुए हैं।

 

उन्होंने विश्वास दिलाया कि भाजपा किसी भी कीमत पर लोकतंत्र को कमजोर करने वाले ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देंगी।

 

सनातन के आदर के बिना गंगा का सम्मान कैसे? बताये हरदा: चमोली

देहरादून 21 अप्रैल। वरिष्ठ भाजपा नेता और विधायक श्री विनोद चमोली ने हरदा की गंगा सम्मान यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि सनातन के सम्मान के बिना गंगा सम्मान यात्रा निरर्थक है।

 

चमोली ने कहा कि समुदाय विशेष की तुष्टिकरण के लिए पूर्व सीएम हरीश रावत कई योजनाओं को अमल मे ला चुके हैं। एक और गंगा का सम्मान और दूसरी ओर हरदा आस्था की प्रतीक गंगा को नाला घोषित कर चुके है। मुस्लिम यूनिवर्सिटी उन्ही की पार्टी नेताओं ने खुलासा किया तो जुम्मे की नमाज की छुट्टी जैसे फैसले तुष्टिकरण की पराकाष्ठा थी।

 

उन्होंने कहा कि हरदा पर कांग्रेस को अपने परिवार की प्लेसमेंट एजेंसी बनाने का आरोप लगाया है। वहीं पलटवार किया कि कांग्रेस झूठ की शिकार हो या नहीं, लेकिन प्रदेश की जनता उनके सफेद झूठ को कभी स्वीकार नहीं करने वाली है।

 

पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों द्वारा पूर्व सीएम हरीश रावत के बयानों पर पूछे गए सवालों का ज़बाब देते हुए कहा कि वे कांग्रेस में अपने बच्चों और रिश्तेदारों को स्थापित करने में ही लगे रहते हैं। उनके लिए पार्टी सिर्फ एक राजनीतिक प्लेसमेंट एजेंसी बन गई है और वहां वे अपने लोगों को ही तव्वजो देते हैं। लिहाजा हरीश रावत की यात्रा अपनी पार्टी को सबल करने की नहीं है बल्कि अपने बच्चों के राजनीतिक भविष्य को बल देने की यात्रा है।

 

उन्होंने कहा कि जो हरीश रावत कहते हैं कि कांग्रेस झूठ का शिकार हो गई है, तो उन्हें बताना चाहिए कि आखिर कौन था वो व्यक्ति जिसका बतौर सीएम स्टिंग हुआ था और किसने कहा था कि मेरी सरकार बचा लीजिए, बदले में में आपको पूरी छूट दे दूंगा। उनको न जाने क्यों ऐसा लगता है कि प्रदेश की जनता ये सब भूल गई है। जबकि चुनाव दर चुनाव उनकी हार इस बात की तस्दीक करती है कि लोगों ने उन्हें अमानत में ख़यानत के अपराध से अब तक बरी नहीं किया है।

 

वक़्फ़ की संपत्तियों का उपयोग गरीब मुस्लिम वर्ग के कल्याण मे सुनिश्चित होगा: धामी

भाजपा 20 अप्रैल से चलायेगी वक्फ जनजागरण अभियान

देहरादून 18 अप्रैल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भाजपा “गरीबों का हक सिर्फ गरीबों को मिलेगा” संदेश के साथ वक्फ जनजागरण अभियान चलाने जा रही है।

प्रदेश मुख्यालय मे आयोजित वक्फ संशोधन जनजागरण अभियान की

प्रदेश कार्यशाला मे मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वक्फ संशोधन से सरकार सुनिश्चित कराएगी कि वक्फ का उपयोग गरीब, पसमांदा भाइयों और मुस्लिम बहनों के कल्याण में हो। बिना धार्मिक छेड़छाड़ किए, प्रदेश में भी बोर्ड की एक एक इंच भूमि की जांच और देखभाल की जाएगी। वहीं इस मौके पर राष्ट्रीय महामंत्री, प्रदेश प्रभारी और वक्फ संशोधन की केंद्रीय कमेटी के सदस्य श्री दुष्यंत गौतम कहा, वक्फ की जो भी जमीनें अवैध कब्जों से मुक्त होंगी, उन पर गरीब और मुस्लिम महिलाओं के लिए पीएम आवास बनाए जाएंगे।

 

20 अप्रैल से 5 मई तक चलने वाले इस अभियान को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रदेश महामंत्री श्री आदित्य कोठारी के संचालन में हुई कार्यशाला में बताया गया कि हमें इस ऐतिहासिक कानून के सभी पहलुओं को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में नीचे तक ले जाना है। ताकि मुस्लिम समाज को भी इस सुधार से उनके जीवन में होने वाले क्रांतिकारी बदलाव की जानकारी हो। दो सत्रों में हुई इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री धामी ने उद्घाटन सत्र में इस कानून में सरकारों की भूमिका और दूसरे सत्र में प्रदेश प्रभारी गौतम ने इसके सभी कानूनी, सामाजिक और राजनैतिक बिंदुओं पर चर्चा की।

 

इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ऐतिहासिक और युग परिवर्तनकारी निर्णय ले रहा है, जिसकी एक बानगी वक्फ संशोधन कानून है। जो सर्वधर्म, सद्भाव, समरसता, समानता, न्याय की भावना और सबका साथ, सबका विकास और सबके प्रयास के सिद्धांत पर आधारित है। इससे पहले पीएम मोदी कश्मीर से धारा 370 हटाने, CAA लागू करने और श्री राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक जैसे उन तमाम कार्यों को धरातल पर उतार चुके हैं, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। इसी क्रम में यह संशोधन देशहित और समजाहित में है और गरीबों के अधिकार सुनिश्चित करने और काली कमाई को सफेद करने वाली मंशा पर रोक लगाने वाला है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि किसी की भी धार्मिक स्वतंत्रता पर आंच नहीं आएगी और एक-एक इंच जमीन को जांच और देखभाल की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कानून का सर्वाधिक लाभ मुस्लिम समाज में गरीबों, तलाकशुदा और विधवा महिलाओं, अनाथ बच्चों और जरूरतमंद लोगों को मिलने वाला है।

 

उन्होंने विरोध करने वाले विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि लाखों करोड़ की प्रॉपर्टी के बावजूद क्यों इसके माध्यम से गरीबों की मदद नहीं की गई। हम सब पार्टी कार्यकर्ताओं को इस कानूनी सुधार की विस्तृत जानकारी आम जनता तक पहुंचानी है ताकि विपक्ष की भ्रमित और भय पैदा करने की राजनीति पर पूरी तरह लगाम लगे।

उन्होंने प्रदेश की वफ्फ संपत्तियों का जिक्र करते हुए कहा, लगभग 5700 संपत्तियां वक्फ में दर्ज हैं। जिनका पूरे सत्यापन से रिकॉर्ड बनाकर गहन जांच पड़ताल की जाएगी। प्रदेश में कानून का राज है इसलिए जहां भी अतिक्रमण पाया गया तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

इससे पहले हमारी सरकार राज्य की डेमोग्राफी और स्वरूप बनाए रखने की दृष्टि से यूसीसी, कठोर धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून लेकर आई है। लिहाजा इस संशोधन कानून को भी कड़ाई से देवभूमि में लागू करेगी और गरीबों का उनका हक दिलाएगी।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी श्री गौतम ने कहा कि जनसंघ की स्थापना के समय से ही हम सशक्त भारत निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। जो भी देश की एकता और देशवासियों के कल्याण के लिए जरूरी लगा, उसे हमने समय आने कर लागू कर दिखाया है। लाख विरोध और हिंसक धमकियों के बावजूद मोदी सरकार ने कश्मीर से धारा 370 हटाया, तीन तलाक बिल लाकर मुस्लिम बहनों को पीड़ा से मुक्त किया, CAA को लागू किया। यह वक्त बिल संशोधन कानून कोई नया कार्य नहीं है बल्कि हमने पूर्व की कांग्रेस सरकारों द्वारा 2013 और 1995 में की गई गलतियों को सुधारने का काम किया है। इसके पीछे हमारा स्पष्ट मानना है कि तुष्टीकरण के नाम पर राष्ट्र विरोधी कार्यो को किसी भी कीमत कर तरजीह नहीं दी जाएगी। गरीबों के कल्याण के लिए वक्फ की संपत्तियों का सही इस्तेमाल होना चाहिए, जिसके लिए इस कानून से हम सभी अवैध कब्जा को हटाएंगे। साथ ही यूपी सरकार की तर्ज पर ऐसी मुक्त जमीनों पर गरीब मुस्लिम महिलाओं, विशेषकर तलाकशुदा और विधवा महिलाओं, अनाथ बच्चों के लिए पीएम आवास बनाए जाएंगे। ऐसी संपत्तियों पर गरीब समाज के लिए अस्पताल, शिक्षण संस्थान और समुदायिक भवन आदि सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

 

उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा कि जब इस कानून से आजाद हुई वक्फ संपत्तियों से समाज का विकास होगा तो आज विरोध करने वाले लोग मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे। पीएम मोदी और भाजपा का स्पष्ट मंतव्य है कि विकसित भारत के निर्माण के लिए देश के मुस्लिम समाज का विकसित होना भी अत्यधिक आवश्यक है। यह वक्त संशोधन कानून भी हमारे ऐसे प्रयासों के लिए मील का पत्थर साबित होने वाला है।

 

कार्यशाला के दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री संगठन श्री अजेय कुमार ने सभी प्रतिभागियों से एक पखवाड़े तक चलने वाले इस अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा हम सबको एकजुट होकर इस सुधारात्मक कानून की सकारात्मक चर्चा को नीचे तक ले जाना है। यह जनजागरण का अभियान, समाज के एक बड़े तबके को दिशा देने का काम करने वाला है ताकि वह भ्रमित करने वाले विपक्ष के झांसे में न आए। हमारा प्रयास होना चाहिए कि इस कानून के सभी प्रभावित पक्षों को इसकी सही और विस्तृत जानकारी हो ताकि उसका अधिक लाभ वे भविष्य में ले सकें। साथ ही बताया कि 10 अप्रैल की केंद्रीय कार्यशाला के बाद आज इस प्रदेश कार्यशाला की तर्ज पर आगामी 20 से 22 अप्रैल के मध्य सभी जनपदों में कार्यशाला का आयोजन किया जाना है जिसे अगले चरण में मंडलों तक लेकर जाना होगा।

 

कार्यशाला में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष श्री शादाब शम्स ने इस संशोधन के सभी प्रमुख बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह पूर्व में इस बोर्ड को मिले असीमित अधिकारों के कारण बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। न केवल इसकी जमीनों पर बड़ी संख्या पर कब्जे किए गए, वहीं सरकारी संपति और निजी संपत्तियों पर भी बोर्ड ने दावा किया। इसके पीड़ितों में बड़ी तादात अल्पसंख्यक समाज की है। उन्होंने दिल्ली, लखनऊ, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र आदि अनेकों स्थानों पर वक्फ बोर्ड की ज्यादतियों का जिक्र किया। जिसमें से अधिकांश पर तो कांग्रेस इंडी गठबंधन नेताओं, वक्फ बोर्ड और पर्सनल बोर्ड के अधिकारियों ने ही कब्जा किया हुआ है। अब वक्फ कानून में परिवर्तन का सबसे बड़ा खामियाजा तो इन कब्जाधारियों को ही होने वाला है।

 

बैठक में प्रमुख वक्ताओं के अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री श्री आदित्य कोठारी, राज्यसभा सांसद श्रीमती कल्पना सैनी, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अल्पसंख्यक मोर्चा प्रभारी श्री मुकेश कोली, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री कुलदीप कुमार, श्री शैलेंद्र बिष्ट, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष श्री इंतजार हुसैन, विधायक श्री खजान दास, कार्यालय सचिव श्री कुस्तुभानंद जोशी, प्रदेश मंत्री श्रीमती मीरा रतूड़ी, श्री पुष्कर काला, श्री जोगेंद्र पुंडीर, राजेंद्र सिंह नेगी, विनोद सुयाल, श्रीमती मधु भट्ट, श्रीमती सुनीता विद्यार्थी, श्रीमती हनी पाठक, श्रीमती कमलेश रमन, गौरव पांडे समेत प्रदेश पदाधिकारी एवं अल्पसंख्यक मोर्चे के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

सीएम धामी ने विदेशी घुसपैठियों के खिलाफ प्रशासन के साथ मिलकर एक व्यापक ड्राइव चलाकर तत्काल कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए

 

*घुसपैठियों को फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में सहायता करने वाले लोगों के विरूद्ध भी कड़ी कार्यवाही होगी*

 

*सीएम धामी की पुलिस को आम जनमानस के साथ मित्रवत व्यवहार बनाए रखते हुए अपराधियों में भय का प्रकोप पैदा करने की नसीहत*

 

*कैंची धाम में अगले 10 दिन के भीतर हैलीपेड की व्यवस्था करने के निर्देश , सीएम धामी स्वयं 10 दिन बाद इस हैलीपेड में पहुंचेगे*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस विभाग को राज्य में गैर कानूनी तौर पर फर्जी प्रमाण पत्रों (फर्जी आधार कार्ड आदि ) के आधार पर रह रहे विदेशी घुसपैठिये के खिलाफ प्रशासन के साथ मिलकर एक व्यापक ड्राइव चलाकर तत्काल कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ऐसे घुसपैठियों को फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में सहायता करने वाले लोगों के विरूद्ध भी कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएम धामी ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की हिदायत देते हुए पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट किया कि राज्यवासियों का भरोसा बनाए रखना हमारी शीर्ष प्राथमिकता हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि उत्तराखण्ड पुलिस को आम जनमानस के साथ मित्रवत व्यवहार बनाए रखते हुए अपराधियों में भय का प्रकोप भी बनाए रखना हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनियाभर में उत्तराखण्ड की पहचान शान्तिपूर्ण राज्य की हैं लेकिन पुलिस प्रशासन को सर्तक रहना होगा कि अपराधिक तत्व इसे अपनी सुरक्षित पनाहगाह ना समझे तथा राज्य की शान्तिपूर्ण छवि का दुरूपयोग ना कर पाए। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि पुलिस को अपनी कार्य संस्कृति में जरूरी बदलाव करते हुए जनता से संवाद बनाना होगा। उन्होंने सभी एसएसपी व एसपी को थानों में जनसुनवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि आम आदमी को तत्काल न्याय मिल सके।

 

राज्य स्तरीय पुलिस संगोष्ठी के अवसर पर पुलिस मुख्यालय, देहरादून में गुरूवार देर रात तक लगभग तीन घण्टे से अधिक चली मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस महानिदेशक से लेकर सभी एसपी-एसएसपी से उनके विभाग की स्थिति का अपडेट लिया।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल एसएसपी से कैंची धाम की पार्किंग एवं ट्रेफिक व्यवस्था का अपडेट लेते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को कैंची धाम में अगले 10 दिन के भीतर हैलीपेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने कहा वे स्वयं 10 दिन बाद इस हैलीपेड में पहुंचेगे। उन्होंने कैंची धाम में पार्किंग एवं अन्य पर्यटन विकास कार्यों के प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

 

साइबर अपराधों के मामले में विलम्ब से एफआईआर दर्ज होने के मामलों पर सख्ती से संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साइबर मामलों में अभी तक हुई रिपोर्टिंग एव कार्यवाहियों की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने इन मामलों में तत्काल कार्यवाही के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएम ने साइबर क्राइम के सम्बन्ध में जन जागरूकता एवं अवेयनेस कैम्पेन चलाने के भी निर्देश दिए हैं।

 

पुलिस विभाग को सभी स्तरों पर कार्य संस्कृति में सुधार की कड़ी हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि थाना स्तर पर यदि कोई पुलिस कार्मिक जमीनों के प्रकरण सहित अन्य अवैध कार्यवाही में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए कोई स्थान नही हैं।

 

मुख्यमंत्री श्री धामी ने पुलिस कार्मिकों की सुविधाओं के लिए थानों के आसपास ही आवासीय सुविधाओं के विकास के निर्देश दिए हैं। उन्होंने थानों के आधुनिकीकरण की कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

 

विशेषरूप से देहरादून में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की रिपोर्ट तलब करते हुए लेते हुए सीएम श्री धामी ने पूरे प्रदेश में सीसीटीवी की आवश्यकताओं के आंकलन की जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सचिव गृह एव डीजीपी को ऊधमसिंह नगर में प्रस्तावित फाॅरसेनिक लैब की स्थापना के सम्बन्ध में तत्काल भारत सरकार से प्रभावी समन्वय के निर्देश दिए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने सभी एसएसपी एवं एसपी से उनके द्वारा गोद लिए गए थानों की स्थिति में भी जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि गोद लिए थानों की स्थिति पर निरन्तर निरीक्षण करते हुए सुधार कार्य जारी रखे।

 

पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को नैनीताल में अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था एवं शटल सेवा आरम्भ करने के सम्बन्ध में तत्काल परिवहन विभाग के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा सीजन के दौरान अधिकारी ट्रेफिक व्यवस्था व पार्किंग व्यवस्था में ऐसा बेहतरीन माॅडल स्थापित करे ताकि उनकी व्यवस्था बेस्ट प्रेक्टिसेज में मानी जाए तथा अन्य राज्यों द्वारा भी अपनायी जाए।

 

मुख्यमंत्री ने पर्यटन सीजन एवं चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों सहित अन्य सभी प्रकार की डाटा के संग्रह की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। सीएम ने स्पष्ट किया है कि नीति नियोजन एवं अन्य रणनीति बनाने में सबसे महत्वपूर्ण हैं। इसका व्यवस्थित संग्रहण जरूरी है। उन्होंने चारधाम मार्गों सहित सभी महत्वपूर्ण मार्गों में आगे के रूट पर ट्रैफिक की व्यवस्था की जानकारी के लिए डिस्पले बोर्ड एवं एसएमएस की व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं।

 

बैठक में सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, डीजीपी श्री दीपम सेठ सहित पुलिस विभाग के सभी अधिकारी एवं सभी जिलों के एसएसपी एवं एसपी मौजूद रहे।