Wednesday, March 4, 2026
Google search engine
Home Blog Page 22

Uttarakhand Budget Session 2025 : सत्र का चौथा दिन, आज बजट और विधेयकों पर होगी चर्चा

Uttarakhand Budget Session 2025 : उत्तराखंड बजट सत्र का आज चौथा दिन है। कल धामी सरकार ने बजट पेश किया था। आज बजट और विधेयकों पर चर्चा होगी।

Delhi CM Rekha Gupta : CM रेखा गुप्ता ने बुलाई PWD, जल बोर्ड के अधिकारियों की बैठक

सेवायोजन कार्यालय लेंसडाउन की ओर से लगाए गए मेले में कितने युवाओं को मिली नौकरी

सदन में विधायक उमेश कुमार ने सवाल किया कि सेवायोजन कार्यालय गढ़वाल लैंसडाउन ने जो 29 दिसंबर को मेले का आयोजन किया था उसमें क्या हुआ था। क्या कंपनियों में स्थानीय युवाओं को नौकरी मिली थीं। इसके जवाब में मंत्री सौरभ ने कहा कि युवाओं का एसआईएस सिक्योरिटी में 152, जी4 में 113, मारुति में 36 समेत कई कंपनियों में अलग-अलग चयन हुआ। 56 मेलों में अब तक कई युवाओं को नौकरी मिली। स्काई स्पेस में 40, महिंद्रा में 26, गोल्डन प्लस में 20 का चयन हुआ है।

मेले लगाने में सरकार का कितना खर्चा

विधायक विनोद चमोली ने सदन में पूछा कि 56 मेले लगाने में कितना खर्च सरकार का हुआ। इसका जवाब देते हुए मंत्री सौरभ ने कहा कि सेवायोजन विभाग में मेले लगाने का कोई विशेष बजट नहीं होता।

कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती ने बेरोजगारी को लेकर किया सवाल

सदन में कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती ने प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या को लेकर सवाल किया। इसका जवाब देते हुए सौरभ बहुगुणा ने कहा कि हमारे विभाग में 8 लाख पंजीकृत हैं। नौकरी मिलने वालों के लिए ये जरूरी नहीं कि वो नौकरी की जानकारी यहां दें।

विपक्ष ने भाजपा विधायक बृज भूषण गैरोला के रोजगार मेले को लेकर किया सवाल

सदन में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष ने भाजपा विधायक बृज भूषण गैरोला के रोजगार मेले को लेकर सवाल किया कि मेले में रोजगार पाने वालों का शोषण किया जाता है, इसकी शिकायतें बढ़ रही हैं। क्या कोई मोनिटरिंग की जाती है?

कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इसका जवाब देते हुए कहा कि 2023-24 में 152 और 2025-26 में अब तक 56 रोजगार मेले लगाए गए। सेवायोजन विभाग एक मंच देने का काम करता है। अभी तक कोई ऐसा मामला नहीं आया जिसमें उसे निकाल दिया हो। अगर किसी के संज्ञान में है तो बताएं। अगर कोई मामला आया तो हम उस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करेंगे।

कंबल ओढ़कर कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन

देहरादून में विधानसभा सत्र के दौरान कंबल ओढ़कर उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और अन्य कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया।

खानपुर विधायक ने किया प्रदर्शन

उपनल कर्मियों की मांगों को लेकर खानपुर विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा में प्रदर्शन किया।

बजट और विधेयकों पर होगी चर्चा

आज सदन में बजट और विधेयकों पर चर्चा की जाएगी। बजट में विभागवार चर्चा होगी। वहीं, नौ विधेयकों को चर्चा के बाद पास कराया जाएगा।

सत्र का चौथा दिन, कांग्रेस विधायकों ने की सवालों की बौछार, इन मुद्दों पर घेरा

उत्तराखंड में विधानसभा सत्र का आज चौथा दिन है। गुरुवार को सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 101175.33 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। जारी वित्तीय वर्ष से इस बार का बजट 13.38 प्रतिशत अधिक है। 24 वर्षों में बजट का आकार 24 गुना बढ़ा है। पहली बार राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा है।

Hathras Stampede : न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट में भोले बाबा को क्‍लीनचि‍ट

Delhi CM Rekha Gupta : CM रेखा गुप्ता ने बुलाई PWD, जल बोर्ड के अधिकारियों की बैठक

0

Delhi CM Rekha Gupta : 27 साल बाद दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी है। गुरुवार को रामलीला मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शालीमार बाग विधानसभा की विधायक रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इनके साथ ही दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पार्टी नेता प्रवेश वर्मा और आशीष सूद को भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलवाया। इनके अलावा भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। सिरसा ने पंजाबी में शपथ लिया। भाजपा विधायक रविन्द्र इंद्राज सिंह, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह ने भी दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली।

Hathras Stampede : न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट में भोले बाबा को क्‍लीनचि‍ट

दिल्ली सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी दे दी

सीएम बनते ही रेखा गुप्ता एक्शन मोड में आ गई हैं। भाजपा ने दिल्ली में खराब सड़कों से लेकर स्वास्थ्य, यमुना की सफाई तक अपने वादों पर काम करना शुरू कर दिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को समर्थकों से मुलाकात के दौरान आभार व्यक्त किया और कहा कि दिल्ली सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी दे दी गई, जिसे आम आदमी पार्टी सरकार ने रोक दिया था।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से बातचीत भी की। आज सुबह शालीमार बाग स्थित उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में लोग उन्हें बधाई देने के लिए एकत्र हुए। लोग उन्हें बधाई देने के लिए माला और फूलों के गुलदस्ते लेकर आए।

हम सड़कों में गड्ढों के मुद्दे को गंभीरता से उठाएंगे : सीएम

मीडिया से बात करते हुए दिल्ली के नए सीएम ने कहा, “कल कैबिनेट की बैठक में हमने आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी दी, जिसे आप ने रोक दिया था। यह योजना जल्द ही सार्वजनिक होगी। आज हमने कैबिनेट के साथ बैठक के लिए पीडब्ल्यूडी और जल बोर्ड के अधिकारियों को बुलाया है। हम सड़कों में गड्ढों के मुद्दे को गंभीरता से उठाएंगे।”

New year calendar : मुख्यमंत्री ने किया यूएसडीएमए के नव वर्ष कैलेण्डर का विमोचन

Hathras Stampede : न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट में भोले बाबा को क्‍लीनचि‍ट

लखनऊ। Hathras Stampede : हाथरस के ग्राम फुलरई मुगलगढ़ी में दो जुलाई, 2024 को साकार नारायण विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ से 121 लोगों की मौत की घटना की न्यायिक जांच पूरी हो गई है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को जांच रिपोर्ट रखी गई।

New year calendar : मुख्यमंत्री ने किया यूएसडीएमए के नव वर्ष कैलेण्डर का विमोचन

माना जा रहा है कि बजट सत्र में जांच रिपोर्ट सदन में पेश की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में साकार नारायण विश्व हरि को क्लीन चिट दे दी गई है। घटना में षड्यंत्र के पहलू पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हाथरस में हुई भीषण घटना की जांच के लिए तीन जुलाई, 2024 को तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया गया था।

टीम में ये लोग थे शाम‍िल

इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव (द्वितीय) की अध्यक्षता में गठित न्यायिक जांच आयोग में पूर्व आइएएस हेमन्त राव व पूर्व आइपीएस भवेश कुमार सिंह बतौर सदस्य शामिल थे। आयोग को जांच के लिए दो माह का समय दिया गया था। बाद में जांच अवधि और बढ़ा दी गई थी।

इन ब‍िंदुओं पर की गई जांच

कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रदान की गई अनुमति तथा उसकी शर्तों का आयोजकों द्वारा कितना अनुपालन किया गया, जिला प्रशासन व पुलिस द्वारा कार्यक्रम के दौरान भीड़ नियंत्रण तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या प्रबंध किए गए, घटना के पीछे कोई सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र तो नहीं था, जैसे बिंदु जांच में शामिल थे।

अधिकारियों व आयोजकों की भूमिका सामने

घटना के कारणों व परिस्थितियों के निर्धारण के साथ ही आयोग से भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुझाव भी मांगे गए थे। जांच रिपोर्ट में हाथरस के तत्कालीन अधिकारियों व आयोजकों की भूमिका सामने आई है।

सूरजपाल समेत 1500 से अधिक के दर्ज किए बयान

पांच जुलाई को पहली बार आयोग की टीम हाथरस पहुंची थी और घटनास्थल का निरीक्षण किया था। दो दिन टीम यहां रुकी और घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शी, पीड़ित परिवारों के स्वजन और अन्य लोगों से बयान दर्ज किए। जांच में 1500 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए गए। इनमें 10 अक्टूबर 2024 को नारायण साकार विश्व हरि भी यहां बयान दर्ज कराने पहुंचे थे।

ये था मामला

आपको बता दें क‍ि हाथरस में जीटी रोड के किनारे डेढ़ सौ बीघा क्षेत्रफल में बनाए गए विशालकाय पांडाल में साकार विश्व हरि भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मच गई थी। सत्संग के बाद भाेले बाबा के काफिले को निकलने के लिए श्रद्धालुओं को रोका गया, लेकिन आयोजक भीड़ को नहीं संभाल पाए।

बाबा का काफिला हाईवे पर पहुंचते ही बेकाबू हुई भीड़ में भगदड़ मच गई थी। भगदड़ में हाईवे के दूसरे किनारे पर खेत में एक के ऊपर एक गिरे श्रद्धालुओं में से 121 की मौत हो गई थी, जबकि दो दर्जन से ज्यादा घायल हुए थे।

Chhaava Tax Free : मध्य प्रदेश के बाद अब गोवा में भी टैक्स फ्री हुई छावा

New year calendar : मुख्यमंत्री ने किया यूएसडीएमए के नव वर्ष कैलेण्डर का विमोचन

देहरादून : New year calendar  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को यूएसडीएमए के नव वर्ष 2025 के कैलेंडर (वॉल तथा टेबल टॉप) का विमोचन किया। उन्होंने चम्पावत, रुद्रप्रयाग, चमोली और ऊधमसिंहनगर जनपद के लिए सीएसआर मद में प्राप्त 04 पिकअप वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। इन वाहनों में टैंट, स्लीपिंग बैग, लीफलेट तथा कैलेण्डर रवाना किए गए। इन फॉर बाय फॉर पिक अप वाहनों में 01-01 मिनी जनरेटर, 15 स्लीपिंग बैग एवं 70 टैंट तथा आकाशीय बिजली से बचाव हेतु 9500 लीफलेट एवं 40-40 नव वर्ष कैलेण्डर उपरोक्त प्रत्येक जनपद को भेजे गए। यह वाहन तथा अन्य उपकरण जनपदों में आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों के लिए उपयोगी साबित होंगे।

Chhaava Tax Free : मध्य प्रदेश के बाद अब गोवा में भी टैक्स फ्री हुई छावा

मुख्यमंत्री ने कहा आपदाओं का सामना करने के लिए जन जागरूकता बहुत जरूरी है। जागरूकता, सजगता  और सतर्कता से आपदा से नुकसान को काफी कम किया जा सकता है।  यदि लोग आपदाओं के प्रकार, उनके प्रभाव और सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक होंगे, तो वे अपनी और दूसरों की जान बचाने के लिए सही कदम उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री द्वारा यूएसडीएमए को नव वर्ष कैलेण्डर में ऋतु अनुसार विभिन्न आपदाओं से बचाव के लिए जागरूकता सामग्री प्रकाशित किए जाने के निर्देश दिए गए थे। उनके निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा विभिन्न माध्यमों से आपदाओं से बचाव के लिए जागरूकता संदेशों तथा सामग्री का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से नियमित तौर पर आपदाओं से सुरक्षा संबंधी पोस्ट, एनीमेटेड वीडियोज को प्रसारित किया जा रहा है। विभिन्न आपदाओं से बचाव हेतु जन सामान्य को किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए तथा क्या-क्या एहतियात बरतने चाहिए, इन्हें लेकर लीफलेट्स मुद्रित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य के स्कूलों में प्राथमिक स्तर से ही पाठ्यक्रम में आपदा प्रबंधन विषय को शामिल किये जाने के अनुपालन में यूएसडीएमए के स्तर पर एक कमेटी गठित की गई है। बच्चे यदि आपदाओं के प्रति जागरूक रहेंगे तो यह न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि उन्हें समाज में एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करेगा। छोटी उम्र से ही अगर बच्चे भूकंप, बाढ़, तूफान, भूस्खलन, सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के बारे में सीखेंगे, तो वे आपातकालीन स्थितियों में घबराने के बजाय सही और त्वरित निर्णय ले सकेंगे।

सचिव आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि यूएसडीएमए समुदायों को जागरूक करने की दिशा में भी प्रयासरत है। स्थानीय लोग ही फर्स्ट रिस्पांडर्स के तौर पर सबसे पहले किसी भी आपदा का सामना करते हैं। यदि आपदा संभावित क्षेत्र में स्थानीय लोग विभिन्न आपदाओं के प्रति जागरूक और उनके बचाव के उपायों के बारे में शिक्षित होंगे, तो वे संकट की घड़ी में एक-दूसरे की सहायता कर सकते हैं।

यूएसडीएमए द्वारा आपदा मित्रों की तरह ही आपदा सखी बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से समय पर आम जनमानस को अलर्ट भेजे जा रहे हैं ताकि लोगों को सचेत किया जा सके। विभिन्न आपदाओं से बचाव के लिए यूएसडीएमए द्वारा समस्त जनपदों तथा जनसामान्य के लिए एडवाइजरी भी जारी की जा रही हैं।

इस अवसर पर यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनन्द स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, अपर सचिव श्री महावीर सिंह चौहान, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

Uttarakhand Government Budget : धामी सरकार आज पेश करेगी बजट,कांग्रेस का विधानसभा घेराव

Chhaava Tax Free : मध्य प्रदेश के बाद अब गोवा में भी टैक्स फ्री हुई छावा

Chhaava Tax Free : विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ मध्य प्रदेश के बाद अब गोवा में भी टैक्स फ्री हो चुकी है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार शाम को छत्रपति शिवाजी महाराज की 395वीं जयंती के अवसर पर एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इसकी घोषणा की। इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म को अपने राज्य में कर मुक्त कर दिया है।

Uttarakhand Government Budget : धामी सरकार आज पेश करेगी बजट,कांग्रेस का विधानसभा घेराव

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने ‘छावा’ को किया टैक्स फ्री

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन और बलिदान पर आधारित फिल्म छावा गोवा में कर-मुक्त होगी।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह फिल्म संभाजी महाराज की वीरता और साहस को दर्शाती है, जिन्होंने “देव, देश और धर्म” के लिए मुगलों और पुर्तगालियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।

देवेंद्र फणडवीस ने छावा को लेकर कही ये बात

इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी फिल्म छावा को टैक्स-फ्री करने की अपील का स्वागत किया था। उन्होंने फिल्म की ऐतिहासिक प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जनता से फिल्म के बारे में अच्छे फीडबैक सुने हैं।

सीएम फडणवीस ने कहा, “मैं खुश हूं कि छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर बहुत ही अच्छी फिल्म बनाई गई है। हालांकि, मैंने इसे अभी तक नहीं देखा है, लेकिन मुझे जो प्रतिक्रिया मिली है, वह बताती है कि इस फिल्म में इतिहास को विकृत नहीं किया गया है।” इसके साथ ही फडणवीस ने यह भी जानकारी दी कि महाराष्ट्र ने 2017 में पहले ही एंटरटेनमेंट टैक्स हटा दिया था और अब वे यह देखेंगे कि फिल्म को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कैसे पहुंचाया जा सकता है।

‘छावा’ जल्द छुएगी 200 का आंकड़ा

विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ ने रिलीज के तीसरे दिन ही 100 करोड़ का आंकड़ा बॉक्स ऑफिस पर पार कर लिया था। अब यह जल्द ही 200 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल हो जाएगी। फिल्म ने अब तक बॉक्स ऑफिस से 197.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उटेकर ने किया है। ‘छावा’ में विक्की कौशल छत्रपति संभाजी महाराज की मुख्य भूमिका में हैं। इसके अलावा रश्मिका मंदाना ने येसूबाई भोसले, अक्षय खन्ना ने औरंगजेब, डायना पेंटी ने जिनत-उन-निसा बेगम, दिव्या दत्ता ने सोयराबाई, विनीत कुमार सिंह ने कवि कलश और आशुतोष राणा ने हंबीरराव मोहिते का किरदार निभाया है।

Delhi Oath Ceremony : दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता के साथ ये 6 मंत्री लेंगे शपथ

Uttarakhand Government Budget : धामी सरकार आज पेश करेगी बजट,कांग्रेस का विधानसभा घेराव

Uttarakhand Government Budget : धामी सरकार आज अपना आम बजट पेश करेगी। दोपहर 12.30 बजे वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे।

Delhi Oath Ceremony : दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता के साथ ये 6 मंत्री लेंगे शपथ

यूसीसी में लिव इन के प्रावधान पर कांग्रेस में उबाल

प्रदेश कांग्रेस कमेटी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में लिव-इन रिलेशनशिप के विरोध में आज विधानसभा का घेराव करेगी। इसके अलावा प्रदेशव्यापी आंदोलन कर आम लोगों से राय भी लेगी।

उत्तराखंड में 18 फरवरी से शुरू हुए विधानसभा सत्र के तीसरे दिन आज प्रदेश सरकार बजट पेश करेगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल दोपहर 12.30 बजे बजट पेश करेंगे। एक लाख करोड़ से अधिक बजट होने का अनुमान है। इसमें महिला, युवा, गरीब, किसान, अवस्थापना विकास पर बजट में सरकार का फोकस रह सकता है।

छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप ने औद्योगिक विकास और प्रोत्साहन को लेकर लगाई उम्मीदें

उत्तराखंड के आम बजट से छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप ने औद्योगिक विकास और प्रोत्साहन को लेकर उम्मीदें लगाई हैं। औद्योगिक संगठनों का कहना है कि बजट में सरकार को नॉन प्लान का खर्च कम कर योजनाओं के लिए ज्यादा बजट का प्रावधान करना चाहिए।

प्रदेश के स्थानीय उत्पादों पर आधारित छोटे उद्योगों को रोजगार व उत्पादन के आधार पर विशेष प्रोत्साहन देना चाहिए। इससे राज्य के उत्पादों को बाजार मिलेगा। वहीं, लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मेक इन इंडिया और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के लिए क्रेडिट गारंटी कवर को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने का प्रावधान किया है।

Uttarakhand Land Law : प्रदेश में सशक्त भू-कानून पर लगी मुहर, जानें क्या हैं नए प्रावधान

Delhi Oath Ceremony : दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता के साथ ये 6 मंत्री लेंगे शपथ

0

Delhi Oath Ceremony : दिल्ली के भावी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सर्वसम्मति से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता चुन लिया गया। पंडित पंत मार्ग स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित विधायक दल की बैठक में शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्ता के नाम का प्रस्ताव रखा गया। सर्वसम्मति ने प्रस्ताव पास हो गया। दिल्ली भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद 20 फरवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। इनके साथ इनके कैबिनेट सहयोगी भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और राष्ट्रीय मंत्री ओपी धनखड़ ने मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की।

Uttarakhand Land Law : प्रदेश में सशक्त भू-कानून पर लगी मुहर, जानें क्या हैं नए प्रावधान

भाजपा हाईकमान ने ओपी धनखड़ और रविशंकर प्रसाद को पर्यवेक्षक बनाया

इससे पहले भाजपा हाईकमान ने ओपी धनखड़ और रविशंकर प्रसाद को पर्यवेक्षक बनाया। बुधवार को इनकी मौजूदगी में विधायकों की राय जानी गई। इसमें रेखा गुप्ता के नाम पर सर्वसम्मति बनी। बुधवार रात भाजपा विधायक दल की नेता रेखा गुप्ता दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात करके दिल्ली में सरकार बनाने के लिए दावा पेश किया।

उपराज्यपाल को उन विधायकों की सूची भी सौंपी जिन्हें, पहले शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई जाएगी। उपराज्यपाल 20 फरवरी को शपथ ग्रहण के लिए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को निमंत्रण देंगे। दिल्ली के सीएम की दौड़ में प्रवेश वर्मा, सतीश उपाध्याय, विजेंद्र गुप्ता, शिखा राय समेत कई चेहरों का नाम लिया जा रहा था। आखिरकार बाजी रेखा गुप्ता ने मारी है।

ये हैं वो छह नाम जो बनेंगे मंत्री

दिल्ली की नई सरकार के शपथग्रहण में मुख्यमंत्री के साथ छह मंत्री भी शपथ लेंगे। प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, पंकज सिंह, मनजिंदर सिरसा, कपिल मिश्रा, रविंद्र इंद्राज दिल्ली में कैबिनेट मंत्री होंगे।

रेखा गुप्ता का राजनीतिक सफर

रेखा गुप्ता का राजनीतिक करियर प्रभावशाली रहा है। भाजपा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य उन्होंने किया है। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के साथ ही नगर निगम चुनावों में भाजपा की ओर से महापौर पद की उम्मीदवार भी थीं। राजनीतिक यात्रा दिल्ली विश्वविद्यालय से शुरू हुई, जहां उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ में महासचिव रहीं। इसके बाद उन्होंने भाजपा में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए पार्टी में उच्च पदों तक का सफर तय किया और एक अनुभवी नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई।

शुरुआती जीवन

रेखा गुप्ता का जन्म 1974 में हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील के नंदगढ़ गांव में हुआ था। 1976 में उनके पिता को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर की नौकरी मिलने के बाद पूरा परिवार दिल्ली आ गया। अपनी पढ़ाई रेखा गुप्ता ने दिल्ली में ही पूरी की और छात्र राजनीति में कदम रखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गईं। एलएलबी में स्नातक के बाद कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में सक्रिय हो गई थी।

शालीमार बाग सीट से आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी को हराकर रेखा गुप्ता विधायक बनीं।

राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से शुरू हुआ

दिल्ली विश्वविद्यालय की सचिव रह चुकी हैं।

रेखा गुप्ता का जुड़ाव शहरी और ग्रामीण दोनों ही समाजों से है।

उनका परिवार जुलाना (हरियाणा) में व्यापार करता है, जबकि उनका राजनीतिक और शैक्षिक विकास दिल्ली में ही हुआ है।

रेखा गुप्ता के पिता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी करते थे। उनका परिवार दिल्ली के शालीमार बाग में बस गया।

रेखा गुप्ता के दादा मनीराम जिंदल गांव में रहते थे।

रेखा गुप्ता वैश्य समुदाय से आती हैं। जो भाजपा का कोर वोटर माना जाता है।

एलएलबी से स्नातक है। पेशे से वकील

रेखा गुप्ता का जन्म 1974 में हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील के नंदगढ़ गांव में हुआ था।

New chief election commissioner : 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार ने संभाला पदभार

Uttarakhand Land Law : प्रदेश में सशक्त भू-कानून पर लगी मुहर, जानें क्या हैं नए प्रावधान

Uttarakhand Land Law : भाजपा प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में सशक्त भू कानून संशोधन विधेयक को मंजूरी मिल गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की जनता की लंबे समय से उठ रही मांग और उनकी भावनाओं का पूरी तरह सम्मान करते हुए आज कैबिनेट ने सख्त भू-कानून को मंजूरी दे दी है।

New chief election commissioner : 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार ने संभाला पदभार

सीएम ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम राज्य के संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहर और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा, साथ ही प्रदेश की मूल पहचान को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कहा कि हमारी सरकार जनता के हितों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। और हम कभी भी उनके विश्वास को टूटने नहीं देंगे। इस निर्णय से यह स्पष्ट हो जाता है कि हम अपने राज्य और संस्कृति की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। निश्चित तौर पर यह कानून प्रदेश के मूल स्वरूप को बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगा।

क्या हैं नए भू कानून के प्रमुख प्रावधान ?

-त्रिवेंद्र सरकार के 2018 के सभी प्रावधान निरस्त

-पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार द्वारा 2018 में लागू किए गए सभी प्रावधानों को नए कानून में समाप्त कर दिया गया है।

-बाहरी व्यक्तियों की भूमि खरीद पर प्रतिबंध

-हरिद्वार और उधम सिंह नगर को छोड़कर, उत्तराखंड के 11 अन्य जिलों में राज्य के बाहर के व्यक्ति हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर की भूमि नहीं खरीद पाएंगे।

-पहाड़ों में चकबंदी और बंदोबस्ती

-पहाड़ी इलाकों में भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित करने और अतिक्रमण रोकने के लिए चकबंदी और बंदोबस्ती की जाएगी।

-जिलाधिकारियों के अधिकार सीमित

शपथ पत्र होगा अनिवार्य

-अब जिलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से भूमि खरीद (Uttarakhand Land Law) की अनुमति नहीं दे पाएंगे। सभी मामलों में सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया होगी।

-ऑनलाइन पोर्टल से होगी भूमि खरीद की निगरानी

-प्रदेश में जमीन खरीद के लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा, जहां राज्य के बाहर के किसी भी व्यक्ति द्वारा की गई जमीन खरीद को दर्ज किया जाएगा।

-शपथ पत्र होगा अनिवार्य

-राज्य के बाहर के लोगों को जमीन खरीदने के लिए शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा, जिससे फर्जीवाड़ा और अनियमितताओं को रोका जा सके।

-नियमित रूप से भूमि खरीद की रिपोर्टिंग

-सभी जिलाधिकारियों को राजस्व परिषद और शासन को नियमित रूप से भूमि खरीद से जुड़ी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

जमीन सरकार में निहित होगी

-नगर निकाय सीमा के भीतर तय भू उपयोग

-नगर निकाय सीमा के अंतर्गत आने वाली भूमि का उपयोग केवल निर्धारित भू उपयोग के अनुसार ही किया जा सकेगा।

-यदि किसी व्यक्ति ने नियमों के खिलाफ जमीन का उपयोग किया, तो वह जमीन सरकार में निहित हो जाएगी।

क्या होगा नए कानून का प्रभाव ?

-इस कानून से उत्तराखंड में बाहरी लोगों द्वारा अंधाधुंध भूमि खरीद पर रोक लगेगी।

-पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि का बेहतर प्रबंधन होगा, जिससे राज्य के निवासियों को अधिक लाभ मिलेगा।

– भूमि की कीमतों में अप्राकृतिक बढ़ोतरी पर नियंत्रण रहेगा और राज्य के मूल निवासियों को भूमि खरीदने में सहूलियत होगी।

-सरकार को भूमि खरीद-बिक्री पर अधिक नियंत्रण प्राप्त होगा, जिससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी।

DHAMI CABINET MEETING : आज बजट सत्र की कार्यवाही से पहले उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक, आएंगे ये महत्वपूर्ण प्रस्ताव

New chief election commissioner : 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार ने संभाला पदभार

New chief election commissioner :  ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। ज्ञानेश कुमार मार्च 2024 से निर्वाचन आयुक्त के पद पर कार्यरत थे और सोमवार को उन्हें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदोन्नत किया गया। राजीव कुमार के मंगलवार को सेवानिवृत्त होने के एक दिन बाद ज्ञानेश कुमार को निर्वाचन आयोग के प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुखबीर सिंह संधू निर्वाचन आयुक्त हैं, जबकि विवेक जोशी को सोमवार को निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया।

DHAMI CABINET MEETING : आज बजट सत्र की कार्यवाही से पहले उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक, आएंगे ये महत्वपूर्ण प्रस्ताव

नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कार्यभार संभालने के बाद कहा, ‘राष्ट्र निर्माण के लिए पहला कदम मतदान है। इसलिए भारत का प्रत्येक नागरिक जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, उसे मतदाता बनना चाहिए और हमेशा मतदान करना चाहिए। भारत के संविधान, चुनावी कानूनों, नियमों और उसमें जारी निर्देशों के अनुसार भारत का चुनाव आयोग मतदाताओं के साथ था, है और हमेशा रहेगा।’

ज्ञानेश कुमार को सोमवार को नया मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया था। ज्ञानेश कुमार निर्वाचन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति के नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं। उनका कार्यकाल 26 जनवरी, 2029 तक रहेगा। इसके कुछ दिन बाद ही निर्वाचन आयोग अगले लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। कानून के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन आयुक्त या निर्वाचन आयुक्त 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं या फिर छह वर्ष के लिए आयोग में रह सकते हैं।

ज्ञानेश कुमार 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान इस साल के अंत में बिहार विधानसभा चुनाव और 2026 में केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान जम्मू-कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 के कुछ प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद निर्णय को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और 15 मार्च, 2024 को निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। वे 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।

केरल सरकार के सचिव के रूप में ज्ञानेश कुमार ने वित्त संसाधन, फास्ट-ट्रैक परियोजनाओं और लोक निर्माण विभाग जैसे विविध विभागों को संभाला। भारत सरकार में उन्हें रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एवं अतिरिक्त सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के रूप में काम करने का भी अनुभव है।

इसके अलावा हरियाणा कैडर के 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी विवेक जोशी ने भी निर्वाचन आयुक्त के तौर पर अपना पदभार ग्रहण किया। विवेक जोशी (58) का जन्म 21 मई 1966 को हुआ था और वह 2031 तक निर्वाचन आयोग में कामकाज संभालेंगे।

Delhi New CM : कौन होगा दिल्ली का नया मुख्यमंत्री, आज हो जाएगा फैसला

DHAMI CABINET MEETING : आज बजट सत्र की कार्यवाही से पहले उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक, आएंगे ये महत्वपूर्ण प्रस्ताव

देहरादून: DHAMI CABINET MEETING : उत्तराखंड के बजट सत्र 2025 की मंगलवार को शुरुआत हो चुकी है. राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा अध्यक्ष के पारण के बाद पहले दिन की सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई थी. आज बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही से पहले धामी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हो सकते हैं.

Delhi New CM : कौन होगा दिल्ली का नया मुख्यमंत्री, आज हो जाएगा फैसला

धामी कैबिनेट की बैठक आज

दरअसल उत्तराखंड की धामी सरकार भू-कानून को और सख्त बनाने पर लगातार जोर दे रही है. इसके लिए विधानसभा के बजट सत्र में भू-कानून संशोधन संबंधी विधेयक आ सकता है. उत्तराखंड के विभिन्न संगठन लंबे समय से उत्तराखंड में मूल निवास और सशक्त भू कानून को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. मंगलवार को जब उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ तो विधानसभा के बाहर भू कानून को लेकर हंगामा भी देखने को मिला था.

नेताओं ने भू कानून की मांग को लेकर किया हंगामा

घनसाली विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक भीमलाल आर्या ने तो विधानसभा गेट पर इतना हंगामा किया कि उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया. वहीं भू कानून संघर्ष समित के अध्यक्ष मोहित डिमरी ने भी इस मुद्दे पर सीएम धामी से मिलने की कोशिश की थी, हालांकि वो इसमें सफल नहीं हो पाए थे. इसे देखते हुए सरकार ये संदेश देना चाहती है कि वो सशक्त भू कानून लाने जा रही है.

भू-कानून संशोधन संबंधी विधेयक आ सकता है

यही कारण है कि राज्य सरकार लगातार भू-कानून को और सख्त बनाने पर जोर दे रही है. जानकारों का मानाना है कि इसके लिए इसी विधानसभा सत्र में भू-कानून संशोधन संबंधी विधेयक आ सकता है. आज बुधवार को धामी कैबिनेट की बैठक में इसका प्रस्ताव आ सकता है. इसके साथ ही कैबिनेट मीटिंग में निम्न प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है.

संशोधित भू-कानून विधेयक को सदन से पारित करा सकती है

उत्तराखंड ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2025

परिवहन विभाग की रोड सेफ्टी पॉलिसी

शिक्षा विभाग में बीआरपी-सीआरपी के साथ ही चतुर्थ श्रेणी के 4100 पदों पर भर्ती संबंधित प्रस्ताव

प्रदेश के सभी नगर निकायों में एक समान टैक्स प्रणाली किए जाने संबंधित प्रस्ताव

उत्तराखंड के पुराने बाजरों को नए सिरे से विकसित करने के लिए री-डेवलपमेंट नीति संबंधित प्रस्ताव

उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई करने वाले डॉक्टर्स अगले दो साल तक दूसरे राज्यों में नौकरी नहीं कर सकेंगे संबंधी प्रस्ताव

एकल महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के प्रस्ताव पर भी मुहर लगने की संभावना है

Prayagraj kumbh mela : प्रयागराज में भगदड़ जैसी स्थिति बनी तो रेलवे प्रशासन ने प्रवेश पर लगाई रोक