Friday, April 24, 2026
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Delhi Oath Ceremony : दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता के साथ ये 6 मंत्री लेंगे शपथ

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Delhi Oath Ceremony : दिल्ली के भावी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सर्वसम्मति से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता चुन लिया गया। पंडित पंत मार्ग स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित विधायक दल की बैठक में शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्ता के नाम का प्रस्ताव रखा गया। सर्वसम्मति ने प्रस्ताव पास हो गया। दिल्ली भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद 20 फरवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। इनके साथ इनके कैबिनेट सहयोगी भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और राष्ट्रीय मंत्री ओपी धनखड़ ने मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की।

Uttarakhand Land Law : प्रदेश में सशक्त भू-कानून पर लगी मुहर, जानें क्या हैं नए प्रावधान

भाजपा हाईकमान ने ओपी धनखड़ और रविशंकर प्रसाद को पर्यवेक्षक बनाया

इससे पहले भाजपा हाईकमान ने ओपी धनखड़ और रविशंकर प्रसाद को पर्यवेक्षक बनाया। बुधवार को इनकी मौजूदगी में विधायकों की राय जानी गई। इसमें रेखा गुप्ता के नाम पर सर्वसम्मति बनी। बुधवार रात भाजपा विधायक दल की नेता रेखा गुप्ता दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात करके दिल्ली में सरकार बनाने के लिए दावा पेश किया।

उपराज्यपाल को उन विधायकों की सूची भी सौंपी जिन्हें, पहले शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई जाएगी। उपराज्यपाल 20 फरवरी को शपथ ग्रहण के लिए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को निमंत्रण देंगे। दिल्ली के सीएम की दौड़ में प्रवेश वर्मा, सतीश उपाध्याय, विजेंद्र गुप्ता, शिखा राय समेत कई चेहरों का नाम लिया जा रहा था। आखिरकार बाजी रेखा गुप्ता ने मारी है।

ये हैं वो छह नाम जो बनेंगे मंत्री

दिल्ली की नई सरकार के शपथग्रहण में मुख्यमंत्री के साथ छह मंत्री भी शपथ लेंगे। प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, पंकज सिंह, मनजिंदर सिरसा, कपिल मिश्रा, रविंद्र इंद्राज दिल्ली में कैबिनेट मंत्री होंगे।

रेखा गुप्ता का राजनीतिक सफर

रेखा गुप्ता का राजनीतिक करियर प्रभावशाली रहा है। भाजपा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य उन्होंने किया है। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के साथ ही नगर निगम चुनावों में भाजपा की ओर से महापौर पद की उम्मीदवार भी थीं। राजनीतिक यात्रा दिल्ली विश्वविद्यालय से शुरू हुई, जहां उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ में महासचिव रहीं। इसके बाद उन्होंने भाजपा में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए पार्टी में उच्च पदों तक का सफर तय किया और एक अनुभवी नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई।

शुरुआती जीवन

रेखा गुप्ता का जन्म 1974 में हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील के नंदगढ़ गांव में हुआ था। 1976 में उनके पिता को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर की नौकरी मिलने के बाद पूरा परिवार दिल्ली आ गया। अपनी पढ़ाई रेखा गुप्ता ने दिल्ली में ही पूरी की और छात्र राजनीति में कदम रखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गईं। एलएलबी में स्नातक के बाद कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में सक्रिय हो गई थी।

शालीमार बाग सीट से आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी को हराकर रेखा गुप्ता विधायक बनीं।

राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से शुरू हुआ

दिल्ली विश्वविद्यालय की सचिव रह चुकी हैं।

रेखा गुप्ता का जुड़ाव शहरी और ग्रामीण दोनों ही समाजों से है।

उनका परिवार जुलाना (हरियाणा) में व्यापार करता है, जबकि उनका राजनीतिक और शैक्षिक विकास दिल्ली में ही हुआ है।

रेखा गुप्ता के पिता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी करते थे। उनका परिवार दिल्ली के शालीमार बाग में बस गया।

रेखा गुप्ता के दादा मनीराम जिंदल गांव में रहते थे।

रेखा गुप्ता वैश्य समुदाय से आती हैं। जो भाजपा का कोर वोटर माना जाता है।

एलएलबी से स्नातक है। पेशे से वकील

रेखा गुप्ता का जन्म 1974 में हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील के नंदगढ़ गांव में हुआ था।

New chief election commissioner : 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार ने संभाला पदभार

Uttarakhand Land Law : प्रदेश में सशक्त भू-कानून पर लगी मुहर, जानें क्या हैं नए प्रावधान

Uttarakhand Land Law : भाजपा प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में सशक्त भू कानून संशोधन विधेयक को मंजूरी मिल गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की जनता की लंबे समय से उठ रही मांग और उनकी भावनाओं का पूरी तरह सम्मान करते हुए आज कैबिनेट ने सख्त भू-कानून को मंजूरी दे दी है।

New chief election commissioner : 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार ने संभाला पदभार

सीएम ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम राज्य के संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहर और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा, साथ ही प्रदेश की मूल पहचान को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कहा कि हमारी सरकार जनता के हितों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। और हम कभी भी उनके विश्वास को टूटने नहीं देंगे। इस निर्णय से यह स्पष्ट हो जाता है कि हम अपने राज्य और संस्कृति की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। निश्चित तौर पर यह कानून प्रदेश के मूल स्वरूप को बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगा।

क्या हैं नए भू कानून के प्रमुख प्रावधान ?

-त्रिवेंद्र सरकार के 2018 के सभी प्रावधान निरस्त

-पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार द्वारा 2018 में लागू किए गए सभी प्रावधानों को नए कानून में समाप्त कर दिया गया है।

-बाहरी व्यक्तियों की भूमि खरीद पर प्रतिबंध

-हरिद्वार और उधम सिंह नगर को छोड़कर, उत्तराखंड के 11 अन्य जिलों में राज्य के बाहर के व्यक्ति हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर की भूमि नहीं खरीद पाएंगे।

-पहाड़ों में चकबंदी और बंदोबस्ती

-पहाड़ी इलाकों में भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित करने और अतिक्रमण रोकने के लिए चकबंदी और बंदोबस्ती की जाएगी।

-जिलाधिकारियों के अधिकार सीमित

शपथ पत्र होगा अनिवार्य

-अब जिलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से भूमि खरीद (Uttarakhand Land Law) की अनुमति नहीं दे पाएंगे। सभी मामलों में सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया होगी।

-ऑनलाइन पोर्टल से होगी भूमि खरीद की निगरानी

-प्रदेश में जमीन खरीद के लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा, जहां राज्य के बाहर के किसी भी व्यक्ति द्वारा की गई जमीन खरीद को दर्ज किया जाएगा।

-शपथ पत्र होगा अनिवार्य

-राज्य के बाहर के लोगों को जमीन खरीदने के लिए शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा, जिससे फर्जीवाड़ा और अनियमितताओं को रोका जा सके।

-नियमित रूप से भूमि खरीद की रिपोर्टिंग

-सभी जिलाधिकारियों को राजस्व परिषद और शासन को नियमित रूप से भूमि खरीद से जुड़ी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

जमीन सरकार में निहित होगी

-नगर निकाय सीमा के भीतर तय भू उपयोग

-नगर निकाय सीमा के अंतर्गत आने वाली भूमि का उपयोग केवल निर्धारित भू उपयोग के अनुसार ही किया जा सकेगा।

-यदि किसी व्यक्ति ने नियमों के खिलाफ जमीन का उपयोग किया, तो वह जमीन सरकार में निहित हो जाएगी।

क्या होगा नए कानून का प्रभाव ?

-इस कानून से उत्तराखंड में बाहरी लोगों द्वारा अंधाधुंध भूमि खरीद पर रोक लगेगी।

-पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि का बेहतर प्रबंधन होगा, जिससे राज्य के निवासियों को अधिक लाभ मिलेगा।

– भूमि की कीमतों में अप्राकृतिक बढ़ोतरी पर नियंत्रण रहेगा और राज्य के मूल निवासियों को भूमि खरीदने में सहूलियत होगी।

-सरकार को भूमि खरीद-बिक्री पर अधिक नियंत्रण प्राप्त होगा, जिससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी।

DHAMI CABINET MEETING : आज बजट सत्र की कार्यवाही से पहले उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक, आएंगे ये महत्वपूर्ण प्रस्ताव

New chief election commissioner : 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार ने संभाला पदभार

New chief election commissioner :  ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। ज्ञानेश कुमार मार्च 2024 से निर्वाचन आयुक्त के पद पर कार्यरत थे और सोमवार को उन्हें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदोन्नत किया गया। राजीव कुमार के मंगलवार को सेवानिवृत्त होने के एक दिन बाद ज्ञानेश कुमार को निर्वाचन आयोग के प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुखबीर सिंह संधू निर्वाचन आयुक्त हैं, जबकि विवेक जोशी को सोमवार को निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया।

DHAMI CABINET MEETING : आज बजट सत्र की कार्यवाही से पहले उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक, आएंगे ये महत्वपूर्ण प्रस्ताव

नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कार्यभार संभालने के बाद कहा, ‘राष्ट्र निर्माण के लिए पहला कदम मतदान है। इसलिए भारत का प्रत्येक नागरिक जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, उसे मतदाता बनना चाहिए और हमेशा मतदान करना चाहिए। भारत के संविधान, चुनावी कानूनों, नियमों और उसमें जारी निर्देशों के अनुसार भारत का चुनाव आयोग मतदाताओं के साथ था, है और हमेशा रहेगा।’

ज्ञानेश कुमार को सोमवार को नया मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया था। ज्ञानेश कुमार निर्वाचन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति के नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं। उनका कार्यकाल 26 जनवरी, 2029 तक रहेगा। इसके कुछ दिन बाद ही निर्वाचन आयोग अगले लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। कानून के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन आयुक्त या निर्वाचन आयुक्त 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं या फिर छह वर्ष के लिए आयोग में रह सकते हैं।

ज्ञानेश कुमार 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान इस साल के अंत में बिहार विधानसभा चुनाव और 2026 में केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान जम्मू-कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 के कुछ प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद निर्णय को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और 15 मार्च, 2024 को निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। वे 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।

केरल सरकार के सचिव के रूप में ज्ञानेश कुमार ने वित्त संसाधन, फास्ट-ट्रैक परियोजनाओं और लोक निर्माण विभाग जैसे विविध विभागों को संभाला। भारत सरकार में उन्हें रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एवं अतिरिक्त सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के रूप में काम करने का भी अनुभव है।

इसके अलावा हरियाणा कैडर के 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी विवेक जोशी ने भी निर्वाचन आयुक्त के तौर पर अपना पदभार ग्रहण किया। विवेक जोशी (58) का जन्म 21 मई 1966 को हुआ था और वह 2031 तक निर्वाचन आयोग में कामकाज संभालेंगे।

Delhi New CM : कौन होगा दिल्ली का नया मुख्यमंत्री, आज हो जाएगा फैसला

DHAMI CABINET MEETING : आज बजट सत्र की कार्यवाही से पहले उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक, आएंगे ये महत्वपूर्ण प्रस्ताव

देहरादून: DHAMI CABINET MEETING : उत्तराखंड के बजट सत्र 2025 की मंगलवार को शुरुआत हो चुकी है. राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा अध्यक्ष के पारण के बाद पहले दिन की सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई थी. आज बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही से पहले धामी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हो सकते हैं.

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धामी कैबिनेट की बैठक आज

दरअसल उत्तराखंड की धामी सरकार भू-कानून को और सख्त बनाने पर लगातार जोर दे रही है. इसके लिए विधानसभा के बजट सत्र में भू-कानून संशोधन संबंधी विधेयक आ सकता है. उत्तराखंड के विभिन्न संगठन लंबे समय से उत्तराखंड में मूल निवास और सशक्त भू कानून को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. मंगलवार को जब उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ तो विधानसभा के बाहर भू कानून को लेकर हंगामा भी देखने को मिला था.

नेताओं ने भू कानून की मांग को लेकर किया हंगामा

घनसाली विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक भीमलाल आर्या ने तो विधानसभा गेट पर इतना हंगामा किया कि उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया. वहीं भू कानून संघर्ष समित के अध्यक्ष मोहित डिमरी ने भी इस मुद्दे पर सीएम धामी से मिलने की कोशिश की थी, हालांकि वो इसमें सफल नहीं हो पाए थे. इसे देखते हुए सरकार ये संदेश देना चाहती है कि वो सशक्त भू कानून लाने जा रही है.

भू-कानून संशोधन संबंधी विधेयक आ सकता है

यही कारण है कि राज्य सरकार लगातार भू-कानून को और सख्त बनाने पर जोर दे रही है. जानकारों का मानाना है कि इसके लिए इसी विधानसभा सत्र में भू-कानून संशोधन संबंधी विधेयक आ सकता है. आज बुधवार को धामी कैबिनेट की बैठक में इसका प्रस्ताव आ सकता है. इसके साथ ही कैबिनेट मीटिंग में निम्न प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है.

संशोधित भू-कानून विधेयक को सदन से पारित करा सकती है

उत्तराखंड ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2025

परिवहन विभाग की रोड सेफ्टी पॉलिसी

शिक्षा विभाग में बीआरपी-सीआरपी के साथ ही चतुर्थ श्रेणी के 4100 पदों पर भर्ती संबंधित प्रस्ताव

प्रदेश के सभी नगर निकायों में एक समान टैक्स प्रणाली किए जाने संबंधित प्रस्ताव

उत्तराखंड के पुराने बाजरों को नए सिरे से विकसित करने के लिए री-डेवलपमेंट नीति संबंधित प्रस्ताव

उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई करने वाले डॉक्टर्स अगले दो साल तक दूसरे राज्यों में नौकरी नहीं कर सकेंगे संबंधी प्रस्ताव

एकल महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के प्रस्ताव पर भी मुहर लगने की संभावना है

Prayagraj kumbh mela : प्रयागराज में भगदड़ जैसी स्थिति बनी तो रेलवे प्रशासन ने प्रवेश पर लगाई रोक

Delhi New CM : कौन होगा दिल्ली का नया मुख्यमंत्री, आज हो जाएगा फैसला

Delhi New CM : रामलीला मैदान में भाजपा के मुख्यमंत्री के शपथ समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। हालांकि, अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इसे लेकर अभी भी मंथन जारी है। बुधवार शाम को इससे पर्दा उठने की उम्मीद है।

Prayagraj kumbh mela : प्रयागराज में भगदड़ जैसी स्थिति बनी तो रेलवे प्रशासन ने प्रवेश पर लगाई रोक

आज विधायक दल की बैठक

मुख्यमंत्री पद के लिए तो कई विधायक दौड़ में हैं, लेकिन आखिरी फैसला बुधवार को विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। इसके बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात कर भाजपा दिल्ली में सरकार बनाने का प्रस्ताव पेश करेगी। उन्हें नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों की सूची भी सौंपी जाएगी। इसके बाद उपराज्यपाल प्रस्ताव को राष्ट्रपति के पास स्वीकृति के लिए भेजेंगे।

चर्चा में हैं ये नाम

भाजपा सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय टीम से नियुक्त किए गए ऑब्जर्वर विधायक दल की बैठक में मौजूद रहेंगे जो प्रस्ताव से आलाकमान को अवगत कराएंगे। नियमों का उल्लंघन न हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के लिए प्रवेश वर्मा, विजेंद्र गुप्ता, सतीश उपाध्याय, पवन शर्मा, आशीष सूद, रेखा गुप्ता, शिखा राय, रवींद्र इंद्राज सिंह व कैलाश गंगवाल के नामों की चर्चा है। यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाकर चौंका सकती है। राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इस तरह की परिपाटी देखने को भी मिली है।

रामलीला मैदान में किए जा रहे सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

बृहस्पतिवार को शपथ ग्रहण के बाद दिल्ली वासियों को उनका नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा। बृहस्पतिवार यानी 20 फरवरी को रामलीला मैदान में होने वाले कार्यक्रम के लिए तैयारियों जोरों पर चल रही हैं। शपथ ग्रहण कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने समारोह स्थल की सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रहे हैं।

कई राज्यों के मुख्यमंत्री हो सकते हैं शामिल

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा भाजपा-एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के रहने की भी उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। चूंकि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मौजूद रहेंगे, इसलिए उनकी सुरक्षा में एसपीजी का घेरा मौजूद रहेगा।

सुरक्षा में रहेंगे कई हजार जवान

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि एसपीजी के अलावा एनएसजी, अर्द्धसैनिक बलों की आठ कंपनियों के साथ दिल्ली पुलिस के कई हजार जवान वहां मौजूद रहेंगे। रामलीला मैदान आने वाले तमाम रास्तों की नाकेबंदी की जा रही है। इसके अलावा समारोह स्थल के आसपास की सभी इमारतों पर कमांडो तैनात किए गए हैं।

India’s Got Latent Row : रणवीर इलाहाबादिया पुलिस की पहुंच से लगातार दूर, जांच एजेंसी को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी

 

Prayagraj kumbh mela : प्रयागराज में भगदड़ जैसी स्थिति बनी तो रेलवे प्रशासन ने प्रवेश पर लगाई रोक

 Prayagraj kumbh mela :  प्रयागराज जंक्शन के सिटी साइड में संगम स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं की भीड़ रात 10 बजे के बाद अचानक बढ़ गई। रात 10.30 बजे भगदड़ जैसी स्थिति बनी तो रेलवे प्रशासन ने कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए श्रद्धालुओं का जंक्शन पर प्रवेश बंद कर दिया।

India’s Got Latent Row : रणवीर इलाहाबादिया पुलिस की पहुंच से लगातार दूर, जांच एजेंसी को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी

इस वजह से सड़क पर खड़े लोग शोरशराबा करने लगे। जंक्शन के यात्री आश्रय स्थल पर मौजूद श्रद्धालु स्पेशल ट्रेन में बैठाए जाने लगे। इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी। इस दौरान तकरीबन 30 मिनट तक यात्रियों को जंक्शन पर प्रवेश नहीं दिया गया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते प्रयागराज जंक्शन पर काफी देर अफरातफरी का माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और रेलवे प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए श्रद्धालुओं को खुसरो बाग की ओर डायवर्ट कर दिया।

खुसरोबाग में भी मैसेज किया गया कि अभी कुछ देर वहां से किसी भी यात्री को बाहर न निकलने दिया जाए। इस दौरान जंक्शन के बाहर एवं खुसरोबाग पर लगातार एनाउंसमेंट किया जाता रहा कि यात्री धैर्य से काम लें।

भीड़ बढ़ने पर प्लेटफॉर्म एक से लेकर पांच तक ट्रेनें रवाना कीं  (Prayagraj kumbh mela)

कुछ ही देर में उन्हें उनके गंतव्य तक जाने वाली ट्रेन पर पहुंचा दिया जाएगा। वहीं भीड़ बढ़ने पर प्लेटफार्म एक से लेकर पांच तक बारी-बारी से आधा दर्जन ट्रेनें पंडित दीन दयाल उपाध्याय, कानपुर, मानिकपुर रूट की ओर रवाना की गई।

आरपीएफ और रेलवे स्टाफ ने यात्रियों को कतारबद्ध कर स्टेशन पहुंचाया

इससे काफी भीड़ निकल गई। इसके बाद महज आधे घंटे के भीतर प्रयागराज जंक्शन के यात्री आश्रय स्थल खाली हो गए। आश्रय स्थल खाली होने के बाद खुसरो बाग से श्रद्धालुओं को स्टेशन की ओर जाने की अनुमति दी गई। आरपीएफ और रेलवे स्टाफ ने यात्रियों को कतारबद्ध कर स्टेशन तक पहुंचाया, जिससे रात में आवागमन फिर से सुचारू हो गया।

Uttarakhand Budget Session 2025 : विधानसभा बजट सत्र …18 से 20 फरवरी तक चलेगा सदन

India’s Got Latent Row : रणवीर इलाहाबादिया पुलिस की पहुंच से लगातार दूर, जांच एजेंसी को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी

India’s Got Latent Row : बीते दिनों कॉमेडियन समय रैना के यूट्यूब शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में रणवीर इलाहाबादिया ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस पर उनकी जमकर आलोचना हुई, वहीं यूट्यूबर के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज है। पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने उनके बयान दर्ज होने हैं, लेकिन रणवीर लगातार इनके संपर्क से दूर हैं। तलब किए जाने के बावजूद अब तक उन्होंने किसी जांच एजेंसी को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Uttarakhand Budget Session 2025 : विधानसभा बजट सत्र …18 से 20 फरवरी तक चलेगा सदन

अब तक नहीं दिया जांच एजेंसियों को जवाब

मुंबई और गुवाहाटी पुलिस ने एक साझा बयान में कहा है कि यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया लगातार जांच एजेंसियों के संपर्क से बाहर ही हैं। पुलिस ने बताया कि ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ मामले में महाराष्ट्र साइबर विभाग, गुवाहाटी पुलिस और जयपुर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में नाम आने के बाद उन्होंने अभी तक जांच एजेंसियों को जवाब नहीं दिया है।

महाराष्ट्र साइबर सेल और गुवाहाटी पुलिस के अलावा जयपुर पुलिस ने भी रणवीर इलाहाबादिया के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन वह अभी तक उनसे भी संपर्क में नहीं है। मुंबई और गुवाहाटी पुलिस ने एक साझा बयान में कहा, ‘महाराष्ट्र साइबर विभाग ने रणवीर को 24 फरवरी को पेश होने को कहा है’।

शो में परिवार और माता पिता पर की अश्लील टिप्पणी

महाराष्ट्र साइबर सेल ने यूट्यूबर रणवीर को 24 फरवरी को पेश होने के लिए तलब किया है। साइबर सेल रणवीर और अन्य के खिलाफ दर्ज मामले की जांच कर रही है। बता दें कि कॉमेडियन समय रैना के ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो में रणवीर ने परिवार एवं माता पिता पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वहीं, कॉमेडियन समय रैना को भी 18 फरवरी को साइबर सेल के सामने पेश होने को कहा गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भी मामले की जांच की है और इलाहाबादिया, रैना और अन्य को समन जारी किया है।

Niti Aayog : नीति आयोग की ओर से आयोजित कार्यशाला में सीएम धामी हुए शामिल

Uttarakhand Budget Session 2025 : विधानसभा बजट सत्र …18 से 20 फरवरी तक चलेगा सदन

Uttarakhand Budget Session 2025 : विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत आज मंगलवार से राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। 20 फरवरी को प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश करेगी। पहली बार सत्र ई-विधानसभा में होगा। विधानसभा सचिवालय ने सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के अंदर व बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।

Niti Aayog : नीति आयोग की ओर से आयोजित कार्यशाला में सीएम धामी हुए शामिल

कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में 18 से 20 फरवरी तक सदन संचालन के लिए एजेंडा तय किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के अभिभाषण से सत्र शुरू होगा। इसके बाद अभिभाषण पर चर्चा और धन्यवाद प्रस्ताव होगा। 20 फरवरी को वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल दोपहर 12.30 बजे बजट पेश करेंगे। एक लाख करोड़ से अधिक बजट होने का अनुमान है। इसमें महिला, युवा, गरीब, किसान, अवस्थापना विकास पर बजट में सरकार का फोकस रह सकता है।

इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से दो विधेयक व तीन अध्यादेश भी सदन पटल पर आएंगे। पेपरलेस सत्र की पहल के तहत पहली बार सत्र ई-विधानसभा में होगा। इसके लिए सदन में सभी सदस्यों के बैठने के स्थान पर टैबलेट लगाए गए। इसके माध्यम से ही विधायकों को एजेंडा, प्रश्नों की जानकारी मिलेगी।

दो विधेयक व तीन अध्यादेश होंगे पेश

प्रदेश सरकार सदन में दो विधेयक व तीन अध्यादेश पेश करेगी। इसमें उत्तराखंड नगर निकायों एवं प्राधिकरणों के लिए विशेष प्राविधान(संशोधन) विधेयक 2025 व उत्तराखंड निक्षेपक जमाकर्ता हित संरक्षण (वित्तीय अधिष्ठानों में) निरसन विधेयक 2025 विधेयक शामिल है। जबकि उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय अध्यादेश-2024, उत्तराखंड नगर निकायों एवं प्राधिकरणों के लिए विशेष प्राविधान संशोधन अध्यादेश-2024, उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959) द्वितीय संशोधन अध्यादेश 2024 को पेश किया जाएगा।

बजट सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहली बार सत्र ई-विधानसभा में हो रहा है। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में 20 फरवरी तक एजेंडा तय किया गया। सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण व गरिमामय तरीके से संचालित हो। इसके लिए सभी दलों से सहयोग का आग्रह किया। मेरा प्रयास है कि राज्य के विकास व जनहित के मुद्दों पर ज्यादा से ज्यादा चर्चा हो। -ऋतु खंडूड़ी भूषण, विधानसभा अध्यक्ष

प्रदेश सरकार की ओर से सदन में विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। सदन में दो विधेयक व तीन अध्यादेश भी पेश किए जाएंगे। सत्र चलाने के लिए बिजनेस बहुत कम है। हमारी कोशिश है कि सत्र की इसी अवधि में काम पूरा कर लेंगे। -प्रेमचंद अग्रवाल, संसदीय कार्य मंत्री

कार्यमंत्रणा की बैठक में विपक्ष ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग रखी है। जिससे सभी विधायकों की ओर से उठाए जाने वाले जनहित के मुद्दों पर चर्चा हो सके। लेकिन पिछले दो साल से सरकार सत्र की अवधि लगातार कम कर रही है। सरकार जन मुद्दों पर बहस नहीं करना चाहती है। सत्र कम से कम 15 दिन चलना चाहिए।

Delhi Stampede : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत, स्टेशन परिसर में सुरक्षा बल तैनात

Niti Aayog : नीति आयोग की ओर से आयोजित कार्यशाला में सीएम धामी हुए शामिल

देहरादून : Niti Aayog  नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, अल्मोड़ा और अन्तरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केन्द्र के साथ राजपुर रोड स्थित होटल में ‘स्प्रिंगशेड प्रबंधन एवं जलवायु अनुकूलनः भारतीय हिमालयी क्षेत्र में सतत विकास के लिए रणनीतियां विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हे.न. बहुगुणा विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल द्वारा लिखित पुस्तक ‘भारतीय हिमालय क्षेत्र एक सतत भविष्य की ओर’ का विमोचन किया गया।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग (Niti Aayog) करते हुए कहा कि इस कार्यशाला से जहां भारतीय हिमालयी क्षेत्र में जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को बल मिलेगा, वहीं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए कार्ययोजना बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्प्रिंग शेड मैनेजमेंट और जलवायु संरक्षण की दिशा में प्राथमिकता से कार्य कर रही है। पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता बनाये रखने के लिए इकोनॉमी और इकोलॉजी  के बीच समन्वय बनाकर कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में जी.डी.पी की तर्ज पर जी.ई.पी इंडेक्स तैयार कर जल, वन, भूमि और पर्वतों के पर्यावरणीय योगदान के आकलन के प्रयास किये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का एक महत्वपूर्ण वाटर टावर भी है। यहां के ग्लेशियर पानी के अविरल स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिकी संकट से समस्याओं के समाधान के लिए राज्य में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य में ‘स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी’ का गठन किया गया है। इसके तहत 5500 जमीनी जलीय स्रोतों तथा 292 सहायक नदियों का चिन्हीकरण कर उपचार किया जा रहा है। हरेला पर्व पर राज्य में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। अमृत सरोवर योजना के तहत राज्य में 1092 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना के तहत पिडंर को कोसी, गगास, गोमती और गरूड़ नदी से जोड़ने का अनुरोध नीति आयोग से किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देश के पर्वतीय क्षेत्रों के प्राकृतिक जल स्रोतों के वैज्ञानिक पुनर्जीवीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

उपाध्यक्ष नीति आयोग (Niti Aayog)  श्री सुमन के. बेरी ने हिमालयी राज्यों में खाली हो रहे गांवों को फिर से पुनर्जीवन दिए जाने के लिए बाहर बस गए लोगों को अपने गांवों में वापस लाने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने इसके लिए वाईब्रेंट विलेज योजना को गंभीरता से लेते हुए, ऐसे गांवों में रोजगार और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की बात कही। उन्होंने नीति आयोग के अध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए विज्ञान, सामुदायिक सहभागिता एवं महिलाओं को सशक्तिकरण पर विशेष बल दिए जाने की बात कही। इसके लिए उन्होंने ब्रॉडबैंड सेवा के विस्तार, इन्टरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाये जाने पर बल दिया।

सिंचाई मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक जल स्रोतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उत्तराखण्ड की परंपरा में जल स्रोतों को पवित्र माना जाता है और इनकी पूजा की जाती है। जल के महत्व को ध्यान में रखते हुए इसके संरक्षण के लिए सबको सामुहिक प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर नीति आयोग (Niti Aayog)  के सदस्य डॉ. वी.के. सारस्वत, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी,  नीति आयोग के सलाहकार श्री सुरेन्द्र मेहरा, प्रमुख वन संरक्षक श्री धनंजय मोहन, उप निदेशक आईसीआईएमओडी सुश्री इजाबेल, निदेशक एनआईएचई प्रो. सुनील नौटियाल उपस्थित थे।

Delhi Stampede : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत, स्टेशन परिसर में सुरक्षा बल तैनात

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Delhi Stampede : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत के एक दिन बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पूरे स्टेशन परिसर में सुरक्षा बलों की कंपनी तैनात की गई हैं। मेट्रो की सुरक्षा में लगी सीआईएसएफ की एक कंपनी को भी रेलवे की सुरक्षा में लगाया गया है।

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दिल्ली पुलिस ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के साथ मिलकर स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया है। रविवार को स्टेशन पर भारी भीड़ थी और हजारों यात्री भारी भीड़ के बीच ट्रेनों में चढ़ने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

दिल्ली पुलिस आयुक्त ने नई दिल्ली स्टेशन का दौरा  किया

दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने रविवार दोपहर 12 बजे नई दिल्ली स्टेशन का दौरा भी किया। अधिकारी ने बताया कि, “हमने बैरिकेड्स लगाए हैं, गश्त तेज कर दी है और आगे की घटनाओं को रोकने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किए हैं।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीसीटीवी निगरानी भी बढ़ा दी गई

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीसीटीवी निगरानी भी बढ़ा दी गई है और नियंत्रण कक्ष वास्तविक समय की फुटेज की निगरानी कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि यात्रियों को मार्गदर्शन देने और घबराहट की स्थिति से बचने के लिए घोषणाएं की जा रही हैं। शनिवार की रात करीब 10 बजे भगदड़ हुई, ट्रेन की घोषणाओं में गड़बड़ी से भ्रमित यात्रियों की भीड़ एक सीढ़ी के जरिए प्लेटफॉर्म 16 की ओर भागी तो भदड़ मच गई।

80 जवानों की मेट्रो पुलिस की एक कंपनी तैनात

रविवार को भी भीड़भाड़ कमोबेश अपरिवर्तित रही, हजारों लोग अभी भी प्लेटफॉर्म और फुट-ओवर ब्रिज पर जगह के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे। उधर, संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह ने बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की सुरक्षा में अर्द्धसैनिक बलों की आठ कंपनियां तैनात की गई है। 80 जवानों की मेट्रो पुलिस की एक कंपनी तैनात की गई है। इसके अलावा तीन इंस्पेक्टर व एक एसीपी मेट्रो से तैनात किए गए हैं।

रेलवे पुलिस व जीआरपी के अलग से जवान तैनात

रेलवे पुलिस व जीआरपी के अलग से जवान तैनात किए गए हैं। साथ ही रेलवे पुलिस के आठ से 10 थानाध्यक्षों को तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस के आसपास के थानाध्यक्षों को भी तैनात किया गया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि हर प्लेटफार्म, फुटओवर ब्रिज व बाहर एक-एक कंपनी तैनात की गई है। कंपनी में 80 से 85 जवान होते हैं।

रिपोर्ट आने के बाद ही दर्ज होगा केस

रेलवे पुलिस के पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने रेलवे प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने पर मामला दर्ज किया जाएगा। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अभी तक पुलिस मुख्यालय से निर्देश नहीं मिले है। जैसे निर्देश मिलेंगे उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

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