Monday, July 27, 2026
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Live In Relationship : उत्तराखंड के पहले जोड़े को मिली लिव इन में रहने के लिए मंजूरी

Live In Relationship :  समान नागरिक संहिता के तहत लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण कराने के लिए प्राप्त तीन आवेदनों में से एक को कानूनी मान्यता दे दी गई है। लिव इन रिलेशनशिप के लिए पहले जोड़े को पंजीकृत कर लिया गया है। यह युगल देहरादून जिले का बताया जा रहा है, हालांकि दून से प्राप्त दो आवेदनों के अलावा एक आवेदन दूसरे जिले से भी प्राप्त हुआ था।

Standard Club Carnival : मुख्यमंत्री ने किया भारतीय मानक ब्यूरो, मानक मेला का शुभारंभ

पहला पंजीकरण देहरादून से ही हुआ है, इस पर अभी जिला प्रशासन ने मुहर नहीं लगाई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पहला पंजीकरण दून क्षेत्र में ही हुआ है। गौरतलब हो कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता ने लिव इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता मिलने के बाद दून में दो जोड़े सबसे पहले पंजीकरण कराने के लिए आगे आए।

दोनों युगलों ने यूसीसी पोर्टल पर आवेदन किया। इसके अलावा राज्य से दूसरे जिले से भी एक जोड़े ने आवेदन किया है। पुलिस आवेदनों की जांच कर रही है। दस्तावेज व दावे सही पाए जाने के बाद पहले जोड़े को लिव इन में रहने के लिए कानूनी तौर पर अनुमति दे दी गई है।

भरना होता है 16 पेज का फॉर्म

यूसीसी अधिनियम के तहत जो भी जोड़े लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण कराएंगे, उन्हें 16 पेज का फॉर्म भरना होगा। पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा और यह भी बताना होगा कि अगर भविष्य में वह विवाह करना चाहें तो वो इस योग्य हैं या नहीं। जोड़े को पिछले लिव इन संबंधों का विवरण भी देना होगा।

38th National Games 2025 : मुख्यमंत्री धामी ने 38वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का किया अवलोकन

Standard Club Carnival : मुख्यमंत्री ने किया भारतीय मानक ब्यूरो, मानक मेला का शुभारंभ

देहरादून : Standard Club Carnival  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में आयोजित भारतीय मानक ब्यूरो के स्टैंडर्ड क्लब कार्निवाल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया और isi मार्क उत्पादों को खरीदने के लिए शपथ भी दिलाई।

38th National Games 2025 : मुख्यमंत्री धामी ने 38वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो का स्टैंडर्ड्स क्लब, (Standard Club Carnival) हमारे छात्रों को गुणवत्ता और मानकीकरण का महत्व समझाने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसका स्थान इस बात पर निर्भर करता है कि वहां बनने वाले उत्पाद और सेवाएं कितनी विश्वसनीय, टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, भारतीय मानक ब्यूरो पिछले 78 वर्षों से राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।  भारतीय मानक ब्यूरो ने विभिन्न क्षेत्रों में मानकीकरण के माध्यम से भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा भी की है। ब्यूरो द्वारा स्थापित मानक हमारे उद्योगों, व्यापार और सेवाओं के प्रमाणीकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि आज भी जब हम कोई उत्पाद खरीदने जाते हैं, तो सबसे पहले यही देखते हैं कि उस उत्पाद पर आईएसआई मार्क है या नहीं। यदि आईएसआई मार्क होता है, तो हमें पूरा भरोसा हो जाता है कि ये उत्पाद गुणवत्ता और सुरक्षा के सभी मानकों पर खरा उतरेगा। ये अपने आप में भारतीय मानक ब्यूरो की विश्वसनीयता और उपभोक्ताओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि कोई भी मानक केवल तकनीकी दिशा-निर्देश या मापदंड नहीं होते, बल्कि वे हमारे देश के विकास और आत्मनिर्भरता की बुनियाद भी होते हैं। ये न केवल हमारे कार्यों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन को भी किसी न किसी रूप में प्रभावित करते हैं।

विकसित हो रहा है मानकों का ईकोसिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में मानकों के इकोसिस्टम का व्यापक विस्तार हुआ है, अब कृषि, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य सहित लगभग सभी क्षेत्रों को समाहित कर रहा है। ये विस्तार सुनिश्चित करता है कि सभी क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता के मानक लागू हों, जिससे हमारे जीवनस्तर में सुधार हो और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके। इसी तरह हमारे प्रदेश में भी भारतीय मानक ब्यूरो पीडब्ल्यूडी, एमडीडीए, यूपीसीएल और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय करते हुए, इन सभी को मानकीकरण की दिशा में जागरूक और सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

आत्मनिर्भर भारत में अहम योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना साकार हो रहा है। इस सपने को साकार करने में भारतीय मानक ब्यूरो की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री का उद्देश्य है कि भारतीय उत्पाद अपनी गुणवत्ता, नवाचार और विश्वसनीयता के लिए पूरे विश्व में एक मिसाल स्थापित करें। क्योंकि जब हम अपने उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करते हैं, तो हम न केवल उनकी गुणवत्ता का ध्यान रखते हैं, बल्कि अपने उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भी सशक्त आधार प्रदान करते हैं। इसी की ध्यान में रखते हुए हमारी प्रदेश सरकार भी निरंतर प्रयास कर रही है।

हाउस ऑफ हिमालयाज

मुख्यमंत्री  ने कहा आज हम अपने पारंपरिक उत्पादों, जैसे हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियों और अन्य स्थानीय उत्पादों के लिए उच्च मानक स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं जिससे हमारे उत्पाद वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसी को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ नाम से एक अम्ब्रेला ब्रांड की स्थापना की है, जो हमारे स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो ने देशभर के 10,000 से अधिक स्कूलों में स्टैंडर्ड क्लब स्थापित किए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों में मानकों के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है। साथ ही, ब्यूरो ने लगभग 100 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ MOU साइन किए हैं, जिनमें हमारे उत्तराखंड के चार प्रमुख संस्थान भी शामिल हैं। बीआईएस अब ग्राम पंचायत स्तर तक मानकों के महत्व को पहुंचा रहा है।

वन नेशन वन स्टैंडर्ड

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि “भारतीय मानक” न केवल अंतर्राष्ट्रीय मानकों के बराबर हों, बल्कि उनसे भी श्रेष्ठ बनें। उनके इसी संकल्प को साकार करने के लिए हमारी सरकार BIS के साथ मिलकर राज्य में उच्चतम मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अगर हम गुणवत्ता को अपनी आदत बना लेंगे तो न केवल हम विश्व के सभी मानकों पर खरे उतरेंगे बल्कि एक समय ऐसा भी आएगा जब हमारे उत्पाद वैश्विक मानक तय करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि “भारतीय मानकर ब्यूरो” हमारे देश को वैश्विक मानकों की दौड़ में शीर्ष पर ले जाने के अपने महत्वपूर्ण कार्य को इसी प्रकार जारी रखेगा और हम सभी मिलकर ‘वन नेशन, वन स्टैंडर्ड’ की नीति को अपनाकर ‘गुणवत्ता सम्पन्न भारत’ का निर्माण सुनिश्चित करेंगे।

इस अवसर पर कैंट विधायक सविता कपूर, भारतीय मानक ब्यूरो के निदेशक उत्तराखंड सौरभ तिवारी, आयुक्त खाद्य हरिचंद्र सेमवाल, उप निदेशक बीआईएस स्नेहलता उपस्थित थे।

38th National Games 2025 : मुख्यमंत्री धामी ने 38वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का किया अवलोकन

देहरादून : 38th National Games 2025  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से देहरादून आते ही रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भोजन व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को भोजन परोसा और खिलाड़ियों के साथ बैठकर भोजन भी किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग ले रहे अनेक राज्यों खिलाड़ियों से बात कर उनका हौंसला भी बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने शूटिंग रेंज का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों (38th National Games 2025) की अच्छी शुरुआत हुई है राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी खिलाड़ी देवभूमि उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। खिलाड़ियों और आगंतुकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल का अनुभव राज्य के लिए काफी कारगर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर राज्य के खिलाड़ियों को वहां के खानपान के हिसाब से भोजन व्यवस्था देने के प्रयास किए गए हैं।
मुख्यमंत्री राष्ट्रीय खेल की हर पल अपडेट अधिकारियों से ले रहें हैं और स्वयं विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित सिन्हा, खेल निदेशक श्री प्रशांत आर्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून श्री अजय सिंह मौजूद थे।

Railway Budget 2025 : रेल बजट में उत्तराखंड की झोली में आए 4641 करोड़, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन में आएगी तेजी

देहरादून। Railway Budget 2025 :  रेल बजट से उत्तराखंड की झोली में 4641 करोड़ रुपये आए हैं। बजट का यह आकार पड़ोसी राज्य हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से कहीं अधिक है। राज्य के हिस्से आए बजट से सामरिक और चारधाम यात्रा के महत्व वाली 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का निर्माण और तेजी गति से करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित करने में भी धन की कोई कमी नहीं होगी।

Delhi Election 2025 : सीएम आतिशी पर एक्शन; कालकाजी में रातभर बवाल

सोमवार को पत्र सूचना कार्यालय में वर्चुअल जुड़े रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच राज्य को कुल 187 करोड़ रुपये रेल बजट में मिले थे। इस लिहाज से देखें तो मौजूदा बजट का आकार 25 गुना है।

केंद्र सरकार ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन (Railway Budget 2025) को लेकर गंभीर है। इससे न सिर्फ सामरिक महत्व की पूर्ति होगी, बल्कि चारधाम यात्रा को भी गति मिलेगी। 24 हजार 659 करोड़ रुपये की इस मेगा परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2026 तय किया गया है। वर्तमान तक 49 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है।

कवच प्रणाली पर होगा काम

प्रदेश में जिन 11 रेलवे स्टेशनों का विकास अमृत स्टेशन परियोजना में किया जा रहा है। इनके लिए 147 करोड़ रुपये का प्रविधान है। रेलवे में सुरक्षा की दृष्टि से कवच प्रणाली से उत्तराखंड को भी जोड़ा गया है। राज्य में 49 रूट किलोमीटर के लिए कवच प्रणाली की संस्तुति की गई है।

अमृत स्टेशन परियोजना वाले स्टेशन: देहरादून, हरिद्वार जंक्शन, हर्रावाला, काशीपुर जंक्शन, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआं जंक्शन, रामनगर, रुड़की और टनकपुर।

रेलवे को बेहतर बनाने के लिए सरकार के प्रयासों को जारी रखा गया: अश्विनी वैष्णव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि बजट में रेलवे को बेहतर बनाने के लिए सरकार के प्रयासों को जारी रखा गया है। इसके लिए 2.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और 17,500 सामान्य कोच, 200 वंदे भारत और 100 अमृत भारत ट्रेनों के निर्माण जैसी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

बजट में 4.6 लाख करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं शामिल

वैष्णव ने रेल भवन में संवाददाताओं से कहा कि बजट में 4.6 लाख करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं शामिल की गई हैं। इन्हें चार से पांच वर्षों में पूरा किया जाएगा। इनमें नई लाइनें बिछाने, दोहरीकरण, चौगुनीकरण, नए निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास, फ्लाईओवर, अंडरपास सहित कई अन्य परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन वर्षों में 100 अमृत भारत, 50 नमो भारत और 200 वंदे भारत (स्लीपर और चेयर कार) ट्रेनें बनाई जाएंगी। नई अमृत भारत ट्रेनों से हम कई छोटी दूरी के शहरों को जोड़ेंगे।

जनरल कोच के बारे में वैष्णव ने कहा कि आने वाले वर्षों में 17,500 ऐसे कोच बनाने की मंजूरी दी गई है। वैष्णव ने कहा कि सामान्य कोचों का निर्माण पहले से ही चल रहा है और 31 मार्च तक 1,400 ऐसे कोचों का निर्माण किया जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 में हमारा लक्ष्य 2,000 सामान्य कोचों का निर्माण करना है। इसके अलावा 1,000 नए फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी दी गई है।

रेल मंत्री ने कहा कि 31 मार्च तक रेलवे जो एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रहा है, वह है हमारी माल ढुलाई क्षमता। हम 31 मार्च तक 1.6 बिलियन टन माल ढुलाई का लक्ष्य हासिल कर लेंगे और चीन के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा माल ढुलाई करने वाला रेलवे नेटवर्क बन जाएंगे। इसके अलावा हम इस वित्त वर्ष के अंत तक 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल करने जा रहे हैं।

रेल परिचालन की सुरक्षा में निवेश पर सरकार की प्राथमिकता को रेखांकित करते हुए वैष्णव ने कहा कि इसके लिए आवंटन 1.08 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.14 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। अगले वित्त वर्ष में इसे और बढ़ाकर 1.16 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा।

Uttarakhand National Games 2025 : ताइक्वांडो में मैच फिक्सिंग का आरोप, शिकायत पर DOC हटाए

Delhi Election 2025 : सीएम आतिशी पर एक्शन; कालकाजी में रातभर बवाल

Delhi Election 2025 : दिल्ली में चुनाव प्रचार थम चुका है। लेकिन पूरी रात कई इलाकों में गहमागमी देखी गई। दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री आतिशी की शिकायत पर भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी के बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

Uttarakhand National Games 2025 : ताइक्वांडो में मैच फिक्सिंग का आरोप, शिकायत पर DOC हटाए

थाना गोविंदपुरी में धारा 126 आरपी एक्ट के तहत कानूनी मामला दर्ज

डीसीपी साउथ ईस्ट दिल्ली ने एक्स पर पोस्ट साझा कर इस मामले में मनीष बिधूड़ी और रवि दयामा के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत का संज्ञान लिया है। थाना गोविंदपुरी में धारा 126 आरपी एक्ट के तहत कानूनी मामला दर्ज किया गया है।

दिल्ली पुलिस ने एक्स पर लिखा कि इस मामले में मनीष बिधूड़ी और रवि दयामा के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत का संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ गोविंदपुरी थाने में मामला दर्ज किया गया है। धारा 126 आरपी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए एक अन्य आरोप का जवाब देते हुए पुलिस ने कहा कि रमेश बिधूड़ी के परिवार के तीन और सदस्य, जो तुगलकाबाद गांव में रहते हैं। रात एक बजे कालकाजी विधानसभा क्षेत्र में घूमते पाए गए थे।

सीएम आतिशी के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया मामला

कालकाजी से आप उम्मीदवार आतिशी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने आदर्श आचार संहिता मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमने गोविंदपुरी पुलिस थाने में आप उम्मीदवार के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आगे बताया कि आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार को फतेह सिंह मार्ग पर 50-70 समर्थकों और 10 वाहनों के साथ पाया गया। जिसके बाद कार्रवाई की गई। पुलिस ने उन्हें एमसीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया। लेकिन उन्होंने एक अधिकारी को उसकी ड्यूटी करने से रोका। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।

Brave Children Award : प्रदेश के बहादुर बच्चों को राज्य स्तर पर मिलेगा वीरता पुरस्कार

Uttarakhand National Games 2025 : ताइक्वांडो में मैच फिक्सिंग का आरोप, शिकायत पर DOC हटाए

Uttarakhand National Games 2025 : 38वें राष्ट्रीय खेल में गंदा खेल खेले जाने की आशंका पर ताइक्वांडो के डीओसी को हटा दिया गया है। आरोप है स्वर्ण, रजत, कांस्य पदक दिलाने के नाम पर तीन से एक लाख रुपये लेकर 10 स्पर्धाओं के परिणाम मैच से पहले ही तय कर दिए गए। इस शिकायत पर गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी (जीटीसीसी) ने ताइक्वांडो प्रतियोगिता के डीओसी टी प्रवीण कुमार को हटाकर एस दिनेश कुमार को नया निदेशक नियुक्त किया है।

Brave Children Award : प्रदेश के बहादुर बच्चों को राज्य स्तर पर मिलेगा वीरता पुरस्कार

यह फैसला पीएमसी समिति (प्रिवेंशन ऑफ मैनिपुलेशन ऑफ कंपटीशन) की कड़ी सिफारिशों के बाद लिया गया। समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि खेल से संबंधित कम से कम 50% नामित तकनीकी अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय प्रमाणन वाले विधिवत योग्य अफसरों से बदला जाए।

जीटीसीसी की अध्यक्ष सुनैना कुमारी ने कहा, पूर्व प्रतियोगिता निदेशक के खिलाफ शिकायतें मिलने के अलावा कमेटी को यह जानकर भी हैरानी हुई है कि डीओसी ने कुछ राज्य संघों के पदाधिकारियों और कार्यकारी समिति के सदस्यों के साथ-साथ चयन ट्रायल के लिए उपकरण विक्रेता के रूप में एक व्यक्ति को खेल के विशिष्ट स्वयंसेवक के रूप में नामित किया था। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पीटी उषा ने प्रतियोगिता निदेशक व कुछ तकनीकी अधिकारियों को बदलने के जीटीसीसी के फैसले का समर्थन किया है।

डॉ. उषा ने कहा, यह चौंकाने वाला और दुखद है कि राष्ट्रीय खेलों के पदक कथित तौर पर प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही तय किए जाने लगे। पीएमसी समिति में प्रमुख सचिव उत्तराखंड सरकार आईएएस आरके सुधांशु, सेवा निवृत आईपीएस बीके सिन्हा, जम्मू कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुष्यंत शर्मा शामिल थे।

पीएमसी समिति की सिफारिश : प्रतियोगिता का पूरा वीडियो रिकॉर्ड करें

पीएमसी समिति ने यह भी सिफारिश की कि पूरी प्रतियोगिता को वीडियो पर रिकॉर्ड किया जाए और जरूरत पड़ने पर संदर्भ के लिए फुटेज को सुरक्षित रखा जाए। साथ ही जीटीसीसी द्वारा नामित अधिकारियों की एक टीम प्रतियोगिता के दौरान पूरे समय आयोजन स्थल पर मौजूद रहनी चाहिए। पीएमसी पैनल ने उन शिकायतों पर विचार किया था कि ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा नियुक्त कुछ अधिकारियों ने 16 में से 10 भार वर्गों में मैचों के परिणाम प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही तय कर लिए थे। आईओए को बताया गया, स्वर्ण पदक के लिए 3 लाख रुपये, रजत के लिए 2 लाख रुपये और कांस्य के लिए 1 लाख रुपये लेने की बात सामने आई है। ताइक्वांडो की कुल 26 प्रतियोगिताएं 4 से 8 फरवरी तक हल्द्वानी के खेल परिसर के मिलम हॉल में आयोजित की जाएंगी।

जानकारी नहीं है, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडिया का मामला है। राज्य का लेना देना नहीं है।
– कमलेश तिवारी, सचिव ताइक्वांडों, एसोसिएशन उत्तराखंड

मुझे इस तरह के पत्र की कोई जानकारी नहीं है, इस पूरे प्रकरण की जानकारी लेने के बाद ही कुछ बता पाऊंगी।

Rupee : भारतीय रुपया 67 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

Brave Children Award : प्रदेश के बहादुर बच्चों को राज्य स्तर पर मिलेगा वीरता पुरस्कार

Brave Children Award : अपनी जान को खतरे में डालकर दूसरों की जान बचाने वाले राज्य के बहादुर बच्चों को अब राज्य स्तर पर भी वीरता पुरस्कार देने की तैयारी है। राज्य बाल कल्याण परिषद ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे 17 फरवरी को राजभवन से मंजूरी मिल सकती है।

Rupee : भारतीय रुपया 67 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

राज्य के गुलदार से दूसरों की जान बचाकर अदम्य साहस का परिचय देने वाले बच्चों के मामले अक्सर सामने आते हैं। इसके अलावा प्रदेश के वीर बच्चे पानी में बहने से बचाने जैसे कई बहादुरी के काम करते हैं। भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से पूर्व में राज्य के इन बहादुर बच्चों को हर साल गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया जाता रहा है, लेकिन किन्हीं वजहों से पिछले कुछ वर्षों से इसके लिए भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से आवेदन नहीं मांगे जा रहे हैं। यही वजह है कि अब इस तरह के बच्चों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किए जाने की तैयारी है। इसके लिए प्रस्ताव को मंजूरी के बाद राज्य स्तर पर इस तरह के बच्चों के आवेदन लिए जाएंगे। जिसके बाद बाल वीरों को राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार दिया जाएगा।

गुलदार से भिड़ गई थी बहादुर बिटिया राखी

अपने चार साल के छोटे भाई की जान गुलदार से बचाने के लिए पौड़ी जिले की बहादुर बिटिया राखी गुलदार से भिड़ गई थी। उसकी इस वीरता को देखते हुए उसे पूर्व में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका हैै। राज्य में बाल वीरों के इस तरह के इक्का दुक्का नहीं, बल्कि कई मामले हैं।

उत्तराखंड के इन बच्चों को मिल चुका राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार

राज्य के 15 बाल वीरों को अब तक राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार मिल चुका है। टिहरी गढ़वाल के हरीश राणा को वर्ष 2003, हरिद्वार की माजदा को 2004, अल्मोड़ा की पूजा कांडपाल को 2007, देहरादून के प्रियांशु जोशी को 2010, देहरादून की स्व.श्रुति लोधी को 2010, रुद्रप्रयाग के स्व. कपिल नेगी को 2011, चमोली की स्व.मोनिका उर्फ मनीषा को 2014, देहरादून के लाभांशु को 2014, टिहरी के अर्जुन को 2015, देहरादून के सुमित ममगाई को 2016, टिहरी गढ़वाल के पंकज सेमवाल को 2017, पौड़ी गढ़वाल की राखी को 2019, नैनीताल के सनी को 2020, पिथौरागढ़ के मोहित चंद उप्रेती को 2020 और रुद्रप्रयाग के नितिन रावत को 2022 में यह पुरस्कार मिल चुका है।

राजभवन परिसर में होनी है आम सभा की बैठक

उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद की 17 फरवरी को राजभवन के ऑडिटोरियम में आम सभा की बैठक होनी है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में बाल वीरों को राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार दिए जाने के प्रस्ताव पर अनुमोदन के साथ ही राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के विजयी बच्चों को शैक्षिक सहायता देने सहित कुछ अन्य प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है।

राज्य के बाल वीरों को राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार दिए जाने का प्रस्ताव है। जिसे परिषद की आम सभा की बैठक में मंजूरी मिल सकती है। – -पुष्पा मानस, महासचिव, राज्य बाल कल्याण परिषद

Mahakumbh : बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर त्रिवेणी में उमड़ा जन समुद्र,सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

Rupee : भारतीय रुपया 67 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

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Rupee : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा,मैक्सिको पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने और चीन के उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाने के फैसले से ट्रेड वॉर का डर बढ़ गया है। इसे लेकर पूरी दुनिया के बाजारों में डर का माहौल है। इस माहौल में भारतीय रुपया भी 67 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। सोमवार को शुरुआती ट्रेड में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत 87.29 रही।

Mahakumbh : बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर त्रिवेणी में उमड़ा जन समुद्र,सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

भारतीय मुद्रा रुपया लगातार दबाव में है। विदेशी फंड के भारतीय बाजार से लगातार निकलने और तेल आयातक देशों द्वारा डॉलर को प्रमुखता दिए जाने के बाद से डॉलर की मांग लगातार बढ़ रही है।

इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज पर आज रुपया 87 रुपये पर खुला, लेकिन जल्द ही 67 पैसे गिरकर 87.29 पर आ गया। शुक्रवार को रुपया, डॉलर के मुकाबले 86.62 पर बंद हुआ था।

Waqf bill : वक्फ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट आज संसद में होगी पेश

Mahakumbh : बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर त्रिवेणी में उमड़ा जन समुद्र,सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

महाकुंभ नगर। Mahakumbh  बसंत पंचमी के पवित्र अवसर पर सोमवार को त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान के लिए आस्था का जनसमुद्र उमड़ पड़ा। महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान पर करोड़ों श्रद्धालु देर रात से ही पुण्य की कामना के साथ संगम की रेत पर एकत्रित होने लगे। हर-हर गंगे, बम बम भोले और जय श्री राम के गगनभेदी उद्घोष से पूरा मेला क्षेत्र गूंज उठा।

Waqf bill : वक्फ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट आज संसद में होगी पेश

सुबह करीब 3 बजे से अखाड़ों का तीसरा और अंतिम अमृत स्नान शुरू हुआ। इस बीच नागा साधु करतब करते हुए दिखाई दिए। प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा करवाई। वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर संगम में अब तक 62.25 लाख लोगों ने डुबकी लगाई है। प्रशासन के अनुसार, अब तक संगम में 34.97 करोड़ लोगों ने स्नान किया है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सीएम योगी के विशेष निर्देश पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। महाकुंभ मेला क्षेत्र में डीआईजी और एसएसपी खुद मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

स्नान के बाद दान-पुण्य करते नजर आए श्रद्धालु

श्रद्धालुओं के साथ साधु-संत, महामंडलेश्वर और देश-विदेश से आए भक्त संगम में पवित्र डुबकी लगाते नजर आए। इसके साथ ही सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अमृत स्नान के लिए अद्भुत और दिव्य महाकुंभ की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई। यातायात पूरी तरह सुचारु रहा और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। स्नान के बाद श्रद्धालु दान-पुण्य करते दिखे।

महाकुंभ का डिजिटल स्वरूप बना आकर्षण का केंद्र

बसंत पंचमी ( Mahakumbh) पर अमृत स्नान के दौरान महाकुंभ का डिजिटल स्वरूप भी आकर्षण का केंद्र रहा। जहां हर व्यक्ति इस दिव्य अनुभूति को अपने कैमरे में सुरक्षित करने के लिए उत्साहित नजर आया। संगम तट पर फूल-मालाओं से लदे संतों पर उत्साहित श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। जिससे पूरे महाकुंभ का माहौल और भव्य बन गया।

महाकुंभ 2025 के अंतिम अमृत स्नान के दौरान नागा साधुओं का अद्भुत प्रदर्शन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना। त्रिवेणी तट पर इन साधुओं की पारंपरिक और अद्वितीय गतिविधियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। अमृत स्नान के लिए ज्यादातर अखाड़ों का नेतृत्व कर रहे इन नागा साधुओं का अनुशासन और उनका पारंपरिक शस्त्र कौशल देखने लायक था। कभी डमरू बजाते हुए तो कभी भाले और तलवारें लहराते हुए, इन साधुओं ने युद्ध कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। लाठियां भांजते और अठखेलियां करते हुए ये साधु अपनी परंपरा और जोश का प्रदर्शन कर रहे थे।

घोड़ों पर और पैदल निकली शोभा यात्रा

बसंत पंचमी (Mahakumbh) के अमृत स्नान के लिए निकली अखाड़ों की शोभा यात्रा में कुछ नागा साधु घोड़ों पर सवार थे तो कुछ पैदल चलते हुए अपनी विशिष्ट वेशभूषा और आभूषणों से सजे हुए थे। जटाओं में फूल, फूलों की मालाएं और त्रिशूल हवा में लहराते हुए उन्होंने महाकुंभ की पवित्रता को और भी बढ़ा दिया। स्व-अनुशासन में रहने वाले इन साधुओं को कोई रोक नहीं सकता था, लेकिन वो अपने अखाड़ों के शीर्ष पदाधिकारियों के आदेशों का पालन करते हुए आगे बढ़े।
नगाड़ों की गूंज के बीच उनके जोश ने इस अवसर को और भी खास बना दिया। त्रिशूल और डमरू के साथ उनके प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि महाकुम्भ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति और मनुष्य के मिलन का उत्सव है।

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Waqf bill : वक्फ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट आज संसद में होगी पेश

नई दिल्ली। Waqf bill :  वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर जगदंबिका पाल की अगुवाई वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट आज संसद में पेश होगी। कार्यसूची के अनुसार, भाजपा सांसद जगदंबिका पाल, संजय जायसवाल के साथ, समिति के समक्ष दिए गए साक्ष्यों के रिकॉर्ड के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

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रिपोर्ट को स्पीकर के सामने पेश किया जाएगा

इससे पहले जगदंबिका पाल ने विधेयक (Waqf Amendment Bill 2024) पर समिति की अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी एएनआई से कहा,
हमने रिपोर्ट और संशोधित विधेयक को स्वीकार कर लिया है। पहली बार हमने एक खंड शामिल किया है जिसमें कहा गया है कि वक्फ का लाभ हाशिए पर पड़े लोगों, गरीबों, महिलाओं और अनाथों को मिलना चाहिए। कल हम इस रिपोर्ट को स्पीकर के सामने पेश करेंगे।

विपक्ष ने लगाए आरोप

भाजपा सांसद पाल (Jagdambika Pal) ने ये भी कहा कि हमारे सामने 44 खंड थे, जिनमें से 14 खंडों में सदस्यों द्वारा संशोधन प्रस्तावित किए गए थे। हमने बहुमत से मतदान किया और फिर इन संशोधनों को स्वीकार कर लिया गया। जेपीसी ने 29 जनवरी को मसौदा रिपोर्ट और संशोधित संशोधित विधेयक को स्वीकार कर लिया।

हालांकि, विपक्षी नेताओं ने रिपोर्ट पर अपनी असहमति नोट प्रस्तुत किए। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनके असहमति नोट को हटा दिया गया है। ओवैसी ने दावा किया कि जेपीसी रिपोर्ट पर उनके असहमति नोट के कुछ हिस्सों को हटा दिया गया था।

ओवैसी ने कहा,

मैंने वक्फ विधेयक के खिलाफ जेपीसी को एक विस्तृत असहमति नोट प्रस्तुत किया था। यह चौंकाने वाला है कि मेरे नोट के कुछ हिस्सों को मेरी जानकारी के बिना एडिट किया गया। हटाए गए खंड विवादास्पद नहीं थे, उनमें केवल तथ्य बताए गए थे।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल विपक्ष की आवाज को दबा रहे हैं, जबकि उन्हें ‘वह रिपोर्ट मिल गई है जो वे चाहते थे’।

वक्फ अधिनियम की होती रही है आलोचना

वक्फ संपत्तियों को विनियमित करने के लिए अधिनियमित वक्फ अधिनियम 1995 की लंबे समय से कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और अतिक्रमण जैसे मुद्दों के लिए आलोचना की जाती रही है।

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 का उद्देश्य डिजिटलीकरण, बेहतर ऑडिट, बेहतर पारदर्शिता और अवैध रूप से कब्जे वाली संपत्तियों को वापस लेने के लिए कानूनी तंत्र जैसे सुधारों को पेश करके इन चुनौतियों का समाधान करना है।

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