Thursday, March 5, 2026
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Dehradun News : राज्य में तीन आयोग और एक समिति की कुर्सी खाली, निकाय चुनाव के बाद धामी सरकार बांटेगी दायित्व

Dehradun News : निकाय चुनाव के बाद धामी सरकार दायित्व बांट सकती है। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग और महिला आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी खाली हो गई है। दोनों आयोगों के अध्यक्षों का तीन साल का कार्यकाल इस सप्ताह समाप्त हो गया है।

One nation one election : आज होगी ‘एक देश-एक चुनाव’ के प्रस्ताव पर होगी चर्चा

इन आयोगों के साथ ही श्रीबदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष का कार्यकाल भी खत्म हो गया। वहीं, राज्य में उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी पिछले एक साल से खाली है। सरकार ने उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग में डाॅ. गीता खन्ना को अध्यक्ष बनाया था।

दो उपाध्यक्षों की कुर्सी भी खाली (Dehradun News)

छह जनवरी 2022 को उन्हें अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही आयोग में छह सदस्य नामित किए गए थे। आयोग की अध्यक्ष के साथ ही इन छह सदस्यों का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है। इस दिन राज्य महिला आयोग में कुसुम कंडवाल और श्रीबदरी-केदार मंदिर समिति में अजेंद्र अजय को अध्यक्ष नामित किया गया था।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष के साथ ही राज्य महिला आयोग और श्रीबदरी-केदार मंदिर समिति में अध्यक्ष का कार्यकाल भी पूरा हो गया है। वहीं, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग में अध्यक्ष की कुर्सी दिसंबर वर्ष 2023 से खाली है। आयोग में अध्यक्ष के अलावा दो उपाध्यक्षों की कुर्सी भी खाली है।

अल्पसंख्यक आयोग में उपाध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह का कार्यकाल अप्रैल 2024 और उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब का सितंबर 2024 में समाप्त हो गया था। राज्य में निकाय चुनाव की वजह से अभी चुनाव आचार संहिता लगी है। आचार संहिता खत्म होने के बाद कई आयोगों और श्रीबदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष पद पर अन्य को दायित्व मिल सकता है।

CM Dhami Met Sports Minister :  मुख्यमंत्री धामी ने खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया से राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तैयारियों के बारे में जानकारियां साझा की

One nation one election : आज होगी ‘एक देश-एक चुनाव’ के प्रस्ताव पर चर्चा

One nation one election : एक देश-एक चुनाव संबंधी दो विधेयकों की जांच के लिए गठित संसदीय समिति बुधवार को अपनी पहली बैठक करेगी। इस दौरान विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारी संसदीय समिति के सदस्यों को प्रस्तावित कानूनों के प्रावधानों के बारे में जानकारी देंगे।

CM Dhami Met Sports Minister :  मुख्यमंत्री धामी ने खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया से राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तैयारियों के बारे में जानकारियां साझा की

पी.पी. चौधरी को बनाया गया समिति का अध्यक्ष

भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, पुरुषोत्तम रूपाला, मनीष तिवारी और कई पहले कार्यकाल के सांसद जैसे प्रियंका गांधी, बांसुरी स्वराज और संबित पात्रा भी इस समिति के सदस्य हैं। समिति में 27 सदस्य लोकसभा और 12 सदस्य राज्यसभा से हैं।
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इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि यह प्रारंभिक जानकारी देने वाली बैठक होगी। इस बैठक में अधिकारी दो महत्वपूर्ण विधेयकों के बारे में जानकारी देंगे। ये विधेयक हैं- संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और संघ राज्य क्षेत्र (कानून) संशोधन विधेयक। इन दोनों विधेयकों का मकसद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ कराने के लिए जरूरी बदलाव करना है। यह कदम भाजपा द्वारा लंबे समय से किए जा रहे वादे का हिस्सा है।

समिति के सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई (One nation one election)

शीतकालीन सत्र में इन विधेयकों को लोकसभा में पेश किया गया था। शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को इन्हें संसदीय समिति के पास भेजा गया था। इस समिति की सदस्य संख्या 31 से बढ़ाकर 39 की गई है, क्योंकि कई राजनीतिक दलों ने इसमें शामिल होने की इच्छा जताई थी।

HMPV : कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात के बाद महाराष्ट्र में एचएमपीवी की दस्तक

CM Dhami Met Sports Minister :  मुख्यमंत्री धामी ने खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया से राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तैयारियों के बारे में जानकारियां साझा की

देहरादून : CM Dhami Met Sports Minister  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया से शिष्टाचार भेंट कर उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तैयारियों के बारे में जानकारियां साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के 38वें संस्करण की मेजबानी का सौभाग्य उत्तराखण्ड को प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय खेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी से 14 फरवरी, 2025 तक चलने वाले राष्ट्रीय खेलों के इस महापर्व में भारत के विभिन्न प्रान्तों से आए लगभग 10 हजार से अधिक कुशल खिलाड़ियों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा।

HMPV : कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात के बाद महाराष्ट्र में एचएमपीवी की दस्तक

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए काफी तैयारियां की गई हैं। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से उत्तराखंड में खेल संस्कृति का विकास होगा। प्रदेश में खेल अवस्थापनात्मक सुविधाओं का इस प्रकार विकास किया जा रहा कि राज्य के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से जनपद अल्मोड़ा के डीनापानी में उच्च स्तरीय खेल सुविधाओं (हाई एल्टीट्यूट सेन्टर) के निर्माण और प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किए जाने हेतु एक-एक बहुद्देशीय स्पोर्ट्स हॉल की स्थापना के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्टस कॉलेज परिसर में स्थित आईस स्केटिंग रिंग के संचालन के लिए पूर्व में प्रेषित प्रस्ताव पर स्वीकृति के साथ ही राज्य सरकार द्वारा जनपद नई टिहरी स्थित शिवपुरी में संचालित साहसिक प्रशिक्षण केन्द्र के उच्चीकरण के लिए भी धनराशि की स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से जिला चम्पावत में महिला स्पोर्ट्स कालेज की भूमि पर इण्डोर आर्टिफिशियल रॉक क्लाइबिंग वाल के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता का आग्रह किया।

अतः आपसे सादर अनुरोध है कि राज्य के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय खेल सुविधाओं हेतु उपरोक्त प्रस्तावों पर स्वीकृति निर्गत करने का कष्ट करें। आपकी इस सहृदयता से प्रदेश के खिलाड़ियों के मनोबल एवं उत्साह को नई ऊर्जा प्रदान होगी।

केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में खेल अवस्थापनात्मक सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

Earthquake in Tibet : तिब्बत में भूकंप से भारी तबाही, अब तक 53 लोगों की मौत

HMPV : कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात के बाद महाराष्ट्र में एचएमपीवी की दस्तक

HMPV :  चीन में फैल रहे नए ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस ने भारत में दस्तक दे दी है। कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र में भी एचएमपीवी संक्रमण का मामला सामने आया है। नागपुर में एचएमपीवी के दो संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है। इनकी उम्र सात और 13 साल बताई जा रही है।

Earthquake in Tibet : तिब्बत में भूकंप से भारी तबाही, अब तक 53 लोगों की मौत

स्वास्थ्य उप निदेशक शशिकांत शंभरकर ने बताया कि निजी अस्पताल में बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों मरीजों का इलाज कर उन्हें घर भेज दिया गया है। अब इन दोनों संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट को नागपुर के एम्स में जांच के लिए भेजा गया है।

इन राज्यों में आ चुके इतने मामले सामने

भारत में पहले ही तीन एचएमपीवी मामलों का पता चल चुका है। इनमें से दो मामले बंगलूरू और एक मामला अहमदाबाद से सामने आया है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इसकी पुष्टि की। इसके अलावा, तमिलनाडु में भी दो संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। बता दें, देश भर में श्वसन संबंधी बीमारियों की निगरानी के लिए चल रहे निगरानी प्रयासों के तहत इन मामलों का पता चला था।

हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं: जेपी नड्डा

इस सबके बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को कहा था, हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और पड़ोसी देशों में वायरस की हालात पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम तैयार हैं, सभी कदम उठा रहे हैं, हमारी सभी पहलुओं पर निगरानी है। ये कोई नया वायरस नहीं है, 2001 में ही वायरस की पहचान हुई थी।

स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने एक्सपर्ट के हवाले से स्पष्ट किया कि एचएमपीवी कई सालों से पूरी दुनिया में फैल रहा है। यह सांस के जरिए, हवा के जरिए फैलता है। यह सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकता है। यह वायरस सर्दियों और मौसम बदलने के शुरुआती महीनों में ज्यादा फैलता है। चीन में एचएमपीवी के मामलों की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र चीन के साथ-साथ पड़ोसी देशों में स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं।

चिंता की कोई बात नहीं: स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा था, ‘हालात की समीक्षा के लिए चार जनवरी को स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह की बैठक हुई। देश की स्वास्थ्य सिस्टम और निगरानी नेटवर्क सतर्क हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि देश किसी भी उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों का तुरंत जवाब देने के लिए तैयार है। चिंता करने की कोई बात नहीं है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।’

38th National Games : 38 वें राष्ट्रीय खेल…प्रदेश की बेटियां नहीं कम,इनसे हैं उम्मीदें

Earthquake in Tibet : तिब्बत में भूकंप से भारी तबाही, अब तक 53 लोगों की मौत

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Earthquake in Tibet :  मंगलवार को तिब्बत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.8 मापी गई है। चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक, अब तक 53न लोगों ने अपनी जान गंवा दी है, वहीं करीब 62 लोग घायल हैं।

38th National Games : 38 वें राष्ट्रीय खेल…प्रदेश की बेटियां नहीं कम,इनसे हैं उम्मीदें

मंगलवार सुबह करीब 9:05 बजे तिब्बत के डिंगरी काउंटी इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र 28.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 87.45 डिग्री पूर्वी देशांतर पर पाया गया। यह जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था।

नेपाल में भी महसूस हुए झटके (Earthquake in Tibet)

भूकंप के झटके नेपाल में भी महसूस किए गए। लोग अपने घरों को छोड़कर बाहर की तरफ भागे। नेपाल के कई जिलों में लोगों को भूकंप के झटके महसूस हुए। काठमांडू के लोग काफी दहशत में आ गए। सड़क पर बिजली के खंभे और पेड़ हिलते हुए देखे गए।

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, सुबह 7 बजे के लगभग 4 से 5 तीव्रता के 6 से अधिक झटके आए। इन भूकंप के झटकों ने 2015 में नेपाल में आए भूकंप की याद ताजा कर दी, जिसमें करीब 9000 लोगों की मौत हुई थी।

भारत में भी दिखा असर

भूकंप का असर भारत में भी देखा गया। बिहार, असम, बंगाल और सिक्किम में भी धरती डोली। बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, मोतिहारी, बेगूसराय, मुंगेर, शिवहर और सारण में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
बंगाल के मालदा और कुछ और इलाकों में भी झटके महसूस किए गए। तिब्बत में रुक-रुककर भूकंप के झटके आ रहे हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एक व्यक्ति ने कहा कि मैं शौचालय में था, मैंने देखा कि दरवाजा हिल रहा था। भूकंप महसूस होते ही मैं जल्दी से नीचे खुली जगह पर आ गया। मेरी मां भी डर गई थी।

CM DHAMI MET PM MODI : मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की

38th National Games : 38 वें राष्ट्रीय खेल…प्रदेश की बेटियां नहीं कम,इनसे हैं उम्मीदें

38th National Games : 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड की बेटियां बॉक्सिंग में मुक्के का दम दिखाने के लिए तैयार हैं। हालांकि, अभी बॉक्सिंग की टीम घोषित नहीं हुई, लेकिन मौका मिलने पर खेलों में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें इसके लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं।

CM DHAMI MET PM MODI : मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की

बॉक्सिंग के मुख्य कोच भाष्कर भट्ट बताते हैं कि हमें बॉक्सिंग के महिला और पुरुष दोनों वर्गों में कम से कम पांच से आठ पदक लाने की उम्मीद है। उत्तराखंड की निवेदिता कार्की से राष्ट्रीय खेलों में पदक की काफी उम्मीद है। जो पूर्व में जार्डन में आयोजित एशियन यूथ जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

इसके अलावा आरती धरियाल ने जालंधर में आयोजित अखिल भारतीय अंतर विवि बॉक्सिंग महिला प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त किया है, जबकि काजल नेशनल यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में प्रतिभाग कर चुकी हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता था।

वहीं, बबीता बिष्ट बेहद प्रतिभाशाली बाक्सरों में से हैं, जो बीएसएफ में तैनात हैं। बबीता पूर्व में तजाकिस्तान में अपने मुक्कों का दम दिखा चुकी हैं। बॉक्सिंग एसोसिएशन के सचिव गोपाल सिंह खोलिया के मुताबिक, इन बेटियों साथ ही बबीता बिष्ट एवं कुछ अन्य ने बॉक्सिंग में बेहतर प्रदर्शन किया है। जिनके अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय खेलों में पदक मिलना तय है।

हमें बॉक्सिंग के महिला और पुरुष (38th National Games) दोनों वर्गों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। हमारी बेटियों ने अपने मुक्कों के दम पर राज्य का गौरव बढ़ाया है। -भाष्कर भट्ट, मुख्य कोच

HMPV Virus : एचएमपीवी संक्रमण की भारत में दस्तक, बंगलूरू में आठ महीने की बच्ची में दिखे संक्रमण के लक्षण, अलर्ट

CM DHAMI MET PM MODI : मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की

देहरादून : CM DHAMI MET PM MODI  मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को मलारी (चमोली) की शॉल और नारायण आश्रम की प्रतिकृति भेंट की। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के विकास में प्रधानमंत्री जी के  नेतृत्व, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए प्रदेश की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में संचालित विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल परियोजना के प्रथम चरण पर तेजी से काम चल रहा है।  टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना का सर्वे का कार्य हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की स्वीकृति और परियोजना का पूर्ण वित्तीय व्यय भार केंद्र सरकार द्वारा किए जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में प्रस्तावित बुनियादी विकास कार्यों के लिए ऋषिकेश के पुराने रेल स्टेशन को बंद करने और सभी ट्रेनों का संचालन ऋषिकेश के नए योग नगरी रेलवे स्टेशन से किए जाने का अनुरोध किया। पुराने स्टेशन की भूमि पर जो रेल ट्रैक है, उसका उपयोग नई सड़क व्यवस्था के लिए किया जा सकेगा जिससे यातायात में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी देते हुए जल जीवन मिशन में आवंटित केंद्रीय अंशदान की अवशेष धनराशि जल्द अवमुक्त किए जाने के लिए संबंधित को निर्देशित करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश को रिवर राफ्टिंग में iconic city के रूप में चयनित करने पर आभार व्यक्त करते हुए हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर परियोजना के लिए राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए केंद्र स्तर से संसाधन उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री (CM DHAMI MET PM MODI) को अवगत कराया कि प्रदेश में भूतापीय ऊर्जा के दोहन के लिए आइसलैंड एंबेसी के सहयोग से एक एमओयू प्रस्तावित है। इस एमओयू पर भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से आवश्यक अनापत्ति पत्र प्राप्त किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के लिए सभी तकनीकी और वित्तीय सहयोग राज्य सरकार को प्रदान किए जाने का अनुरोध किया ताकि वर्ष 2070 तक कार्बन नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तराखंड अहम भूमिका निभा सके।
मुख्यमंत्री ने सड़क परिवहन मंत्रालय में प्रेषित प्रस्तावों ऋषिकेश बायपास, हरिद्वार बायपास (पैकेज 2), देहरादून – मसूरी कनेक्टिविटी, देहरादून रिंग रोड, चंपावत बायपास,  लालकुआं, हल्द्वानी और काठगोदाम बायपास और मानसखंड प्रॉजेक्ट की स्वीकृति के लिए संबंधित को निर्देशित किए जाने का भी अनुरोध किया।

HMPV Virus : एचएमपीवी संक्रमण की भारत में दस्तक, बंगलूरू में आठ महीने की बच्ची में दिखे संक्रमण के लक्षण, अलर्ट

HMPV Virus :  चीन में फैल रहे ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) संक्रमण की भारत में दस्तक हो गई। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि बंगलूरू में एक आठ महीने की बच्ची एचएमपीवी संक्रमित पाई गई है। हालांकि अभी तक भारत में एचएमपीवी का केस मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं कर्नाटक सरकार का कहना है कि वायरस के स्ट्रेन के बारे में जानकारी नहीं है।

Ayushman card : आयुष्मान से इलाज के लिए आधार राशन कार्ड से पते का होगा सत्यापन

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बंगलूरू के बैपटिस्ट अस्पताल में एक आठ महीने की बच्ची में एचएमपीवी वायरस जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालांकि बच्ची में संक्रमण की पुष्टि एक निजी लैब में हुई है। कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनकी प्रयोगशाला में नमूने की जांच नहीं हुई है। निजी अस्पताल की रिपोर्ट में यह सामने आया है। स्ट्रेन को लेकर जानकारी नहीं है। नमूने को सरकारी प्रयोगशाला में भेजा गया है। वहीं सरकार ने वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया है। सतर्कता बरती जा रही है।

क्या है ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी)?

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस, जिसे एचएमपीवी (HMPV Virus) के छोटे नाम से भी जाना जाता है, इंसानों की श्वसन प्रक्रिया पर प्रभाव डालने वाला वायरस है। इसकी पहली बार पहचान 2001 में हो गई थी। तब नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने इसका पता लगाया था। यह पैरामाइक्सोविरीडे परिवार का वायरस है।

श्वसन संबंधी अन्य वायरस की तरह यह भी संक्रमित लोगों के खांसने-छींकने के दौरान उनके करीब रहने से फैलता है।
कुछ स्टडीज में दावा किया गया है कि यह वायरस पिछले छह दशकों से दुनिया में मौजूद है।

एचएमपीवी का किस पर और कितना असर?

यह मुख्य तौर पर बच्चों पर असर डालता है। हालांकि, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों और बुजुर्गों पर भी इसका प्रभाव दर्ज किया गया है।

इस वायरस की वजह से लोगों को सर्दी, खांसी, बुखार, कफ की शिकायत हो सकती है। ज्यादा गंभीर मामलों में गला और श्वांस नली के जाम होने से लोगों के मुंह से सीटी जैसी खरखराहट भी सुनी जा सकती है।

कुछ और गंभीर स्थिति में इस वायरस (HMPV Virus) की वजह से लोगों को ब्रोंकियोलाइटिस (फेफड़ों में ऑक्सीजन ले जाने वाली नली में सूजन) और निमोनिया (फेफड़ों में पानी भरना) की स्थिति पैदा कर सकता है। इसके चलते संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है।

चूंकि इसके लक्षण कोरोनावायरस संक्रमण और आम फ्लू से मिलते-जुलते हैं, इसलिए इन दोनों में अंतर बता पाना मुश्किल है। हालांकि, जहां कोरोनावायरस की महामारी हर सीजन में फैली थी। वहीं एचएमपीवी अब तक मुख्यतः मौसमी संक्रमण ही माना जा रहा है। हालांकि, कई जगहों पर इसकी मौजूदगी पूरे साल भी दर्ज की गई है।

कोरोना के इतर इस वायरस के कारण ऊपरी और निचले दोनों श्वसन पथ में संक्रमण का खतरा हो सकता है।
सामान्य मामलों में इस वायरस का असर तीन से पांच दिन तक रहता है।

वैक्सीन और उपचार के क्या तरीके हैं?

मौजूदा समय में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस से बचाव के लिए कोई टीका (वैक्सीन) मौजूद नहीं है। इसके अलावा एंटी वायरल दवाइयों का प्रयोग इस पर असर नहीं डालता। ऐसे में एंटी वायरल का प्रयोग इंसानों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम कर सकता है।

इस वायरस से जूझ रहे लोगों को लक्षण हल्का करने के लिए कुछ दवाएं दी जा सकती हैं। हालांकि, वायरस को खत्म करने लायक उपचार अभी मौजूद नहीं है।

Prashant Kishor : गांधी मैदान से हिरासत में लिए गए प्रशांत किशोर

Ayushman card : आयुष्मान से इलाज के लिए आधार राशन कार्ड से पते का होगा सत्यापन

Ayushman card : फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर मुफ्त इलाज की सुविधा लेने पर प्रदेश सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। इसके लिए आयुष्मान कार्ड पर भर्ती मरीज के आधार पर अंकित पते का सत्यापन मूल आधार कार्ड और राशन कार्ड से किया जाएगा।

Prashant Kishor : गांधी मैदान से हिरासत में लिए गए प्रशांत किशोर

इस संबंध में शीघ्र ही राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से सूचीबद्ध अस्पतालों को दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया, आयुष्मान कार्ड (Ayushman card) राज्य के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) और राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एसएफएसए) राशन कार्डधारक लाभार्थियों को जारी किया जाता है।

कहा, राशन कार्ड बनाने के लिए आधार का उपयोग केवल केवाईसी के लिए किया जाता है। राज्य के पास संग्रहित डाटाबेस में मौजूद आधार के विवरण तक किसी भी प्रकार की पहुंच नहीं है। फर्जी कार्डों की जांच के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की मदद से पहले से जारी आयुष्मान कार्ड का विश्लेषण और सत्यापन किया जाता है। बताया, भर्ती के दौरान आधार पर अंकित पते की प्रामाणिकता की जांच और मूल आधार और राशन कार्ड मांगने के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की जा रही है।

पिछले एक से दो वर्ष के दौरान बने राशनकार्डों और विशेष रूप से राशन कार्ड में केवल एक सदस्य होने के सत्यापन के लिए खाद्य विभाग को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।बताया, बाहरी राज्यों से आने वाले लाभार्थियों के मामले में अधिक सतर्क रहने और मूल आधारकार्ड और राशनकार्ड मांगने के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों को निर्देश दिए जा रहे हैं। जन सेवा केंद्रों को सख्त निर्देश दिए जा रहे कि वह किसी भी फर्जीवाड़े में शामिल नहीं हो। फर्जी कार्ड बनाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

International Overseas Uttarakhand Conference : गांवों को संवारने के लिए आगे आए प्रवासी उत्तराखंडी

Prashant Kishor : गांधी मैदान से हिरासत में लिए गए प्रशांत किशोर

पटना। Prashant Kishor : बिहार में BPSC परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में जन सुराज पार्टी (जसुपा) के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) पटना के गांधी मैदान में आमरण अनशन पर हैं। इस बीच सोमवार सुबह 3-4 बजे के बीच में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्हें इलाज के लिए एम्स पटना में भर्ती कराया गया है। एम्स, पटना कर बाहर उनके समर्थकों की भीड़ लग गई थी।

International Overseas Uttarakhand Conference : गांवों को संवारने के लिए आगे आए प्रवासी उत्तराखंडी

समर्थक एंबुलेंस को अंदर जाने नहीं दे रहे थे। काफी संख्या में महिला समर्थक भी थीं। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर एंबुलेंस को अंदर ले जाने में सफल रही। सूत्रों के अनुसार प्रशांत किशोर ने किसी भी तरह की जांच और अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया है। वहीं डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में किसी भी तरह की चिंता की बात से इनकार किया है।

जनसुराज ने लगाया जबरन अनशन तुड़वाने का आरोप

पुलिस प्रशासन ने प्रशांत किशोर को गांधी मैदान से एम्स ले जाकर अनशन तुड़वाने का प्रयास किया। अनशन तुड़वाने में विफल होने पर प्रशासन, प्रशांत किशोर को नए जगह पर ले जाने की कोशिश कर रही है। एम्स के बाहर प्रशांत किशोर को देखने उमड़ी भीड़ पर पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया।

जनसुराज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके पटना पुलिस पर जबरन अनशन तुड़वाने का आरोप लगाया है। जन सुराज ने X पर पोस्ट किया कि ‘पुलिस प्रशासन ने प्रशांत किशोर को गांधी मैदान से एम्स ले जाकर अनशन तुड़वाने का प्रयास किया। अनशन तुड़वाने में विफल होने पर प्रशासन, प्रशांत किशोर को नए जगह पर ले जाने की कोशिश कर रही है। एम्स के बाहर प्रशांत किशोर को देखने उमड़ी भीड़ पर पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया।’

जन सुराज के समर्थकों के साथ बदसलूकी

जन सुराज के समर्थक ने कहा कि ‘प्रशांत किशोर को हिरासत में लेने के दौरान उनका चश्मा पुलिस द्वारा फेंक दिय गया। उसे उठाने के दौरान मुझे चोट भी आई है। साथ ही पुलिस द्वारा मेरे साथ साथ गाली-गलौच की गई। समर्थक ने कहा कि हमें नहीं पता कि प्रशांत जी को कहां ले जाया गया है…”

बिहटा में अज्ञात जगह रखे जाने की सूचना

अभी सूचना मिल रही है कि एम्स से जांच के उपरांत उन्हें एंबुलेंस से प्रशासन कहीं और लेकर जा रही है। एंबुलेंस के पीछे काफी संख्या में उनके समर्थक भी गाड़ी से हैं।

बिहटा में कहीं उनको रखने की सूचना मिल रही है। धुंध काफी होने के कारण उनकी गाड़ी को ट्रेस करने में समर्थकों को परेशानी हो रही हैं।

Weather Today : भीषण ठंड को लेकर कई राज्यों में अलर्ट, सैकड़ों ट्रेनें-उड़ानें प्रभावित