Saturday, March 7, 2026
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से हिमाचल के कैबिनेट मंत्री श्री विक्रमादित्य सिंह ने भेंट की

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को हिमाचल के कैबिनेट मंत्री श्री विक्रमादित्य सिंह ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और हिमाचल के कैबिनेट मंत्री के मध्य उत्तराखण्ड और हिमाचल के बीच उत्तराखण्ड और हिमाचल की आपसी कनेक्टिविटी जोड़ने के लिए चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की सीमा पर स्थानीय काश्तकारों को टोल टैक्स में छूट प्रदान की जाय।

 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हिमाचल के मुख्यमंत्री श्री सुखविन्द्र सिंह सुखू से भी फोन पर वार्ता कर दोनों राज्यों की आपसी कनेक्टिविटी को और अधिक विस्तार देने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड और हिमाचल की भौगोलिक स्थिति लगभग एक जैसी है। हाल ही में सम्पन्न हुई नीति आयोग की बैठक में हिमालयी राज्यों के समग्र विकास के लिए विशिष्ट नीतियां बनाने का भी अनुरोध किया है।

 

हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड को जोडने वाले पांवटा साहिब में यमुना नदी पर 550 मीटर लम्बे 02 लेन पुल पर वाहनों की आवाजाही के कारण भारी कम्पन दिखाई देती है। आई.आई.टी. रूडकी की जांच और संस्तुति के बाद सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भी इसके मरम्मत की मंजूरी दे दी गयी है। इसके लिये कम से कम 02 माह पुल के यातायात को बन्द करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इसके लिए पूरा सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पुल की मरम्मत से पहले जिलाधिकारी देहरादून और जिलाधिकारी सिरमोर द्वारा डायवर्जन प्लान बनाया जायेगा।

 

कैबिनेट मंत्री हिमाचल प्रदेश ने कहा कि यातायात की सुगमता के लिये पुल के पास बनाये गये वन, खनन, आबकारी एवं आर.टी.ओ. के अवरोधों तथा लोडेड वाहनों की पार्किंग को पुल से 01 किमी. दूर स्थानान्तरित किये जाने की आवश्यकता होगी, इस पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

 

कैबिनेट मंत्री हिमाचल प्रदेश ने हिमाचल को उत्तराखण्ड से जोड़ने के प्रयासों पर बल देते हुए उत्तराखण्ड द्वारा यमुना नदी पर बनाये गये भीमावाला नावघाट 540 मीटर लम्बे पुल को जोडने वाले 820 मीटर लम्बे सम्पर्क मार्ग के निर्माण पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल से उत्तराखण्ड को जोडने वाले धौला से सेवाडोगरी तक 10 कीमी. सड़क निर्माण कार्य होने से डोडराक्वार क्षेत्र 12 महीने आवागमन सुचारू हो जायेगा और दोनों राज्यों की आपसी कनेक्टिविटी भी बन जायेगी।

 

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश की पूर्व लोकसभा सांसद श्रीमती प्रतिभा सिंह, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय और हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

भारत सरकार से केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग के लिए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए

भारत सरकार से केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग के लिए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए

*रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए शासन-प्रशासन की प्रंशसा*

हाल ही में केदारनाथ में आपदा से हुई क्षति के पुनर्निर्माण तथा भविष्य में आपदा से बचाव हेतु भारत सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज मांग हेतु मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने प्रभावित विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने नागरिक उड्डयन विभाग से भीमबली, केदारनाथ, सोनप्रयाग, चिम्बासा व लिंचौली क्षतिग्रस्त हैलीपेड्स का आंकलन, आपदा प्रबन्धन विभाग से भूस्खलन की निगरानी व पूर्व चेतावनी, लाइट डिटेक्शन एण्ड रेंजिंग सर्वेक्षण, असंतुलित ढलानों का भूतकनीकी अन्वेक्षण, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के लिए शमन उपाय, रिमोट सेंसिंग द्वारा बाढ़ निगरानी एवं भूस्खलन पूर्व चेतावनी हेतु आर्थिक पैकेज का आंकलन तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने यूएलएमएमसी , लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पुलिस, यूपीसीएल, आरडब्ल्यूडी, उरेडा, परिवहन व पशुपालन विभाग को आपदा न्यनीकरण हेतु प्रस्तावित कार्यों का आगणन भी प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए सभी सम्बन्धित अधिकारियों व कार्मिकों की प्रंशसा की है।

बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुधांशु, सचिव श्री पंकज पाण्डेय, श्री सचिन कुर्वे, श्री विनोद कुमार सुमन, डा0 आर राजेश कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक रूद्रप्रयाग मौजूद रहे।

सत्र की अवधि का विरोध, सिर्फ नकारत्मक राजनीति का हिस्सा : भट्ट

हमेशा वॉक आउट की राजनीति करने वालों को अब सत्र की अवधि कम लग रही

भाजपा ने सत्र की अवधि पर होने वाली कांग्रेसी बयानबाजी को सिर्फ विरोध के मकसद से की जाने वाली नकारत्मक राजनीति करार दिया है।

प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने निशाना साधा कि जिन्होंने हमेशा राज्य निर्माण और उसके विकास का विरोध किया, वे नहीं चाहते गैरसैण में सत्र का संचालन हो। साथ ही सुझाव दिया कि कांग्रेस राजनीति करने के बजाय सत्र की तैयारी करे अन्यथा सदन का एक दिन भी उनके विधायकों के लिए बड़ा साबित होने वाला है।

 

विभिन्न माध्यम से पूछे गए मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिनके विधायक पहले गैरसैण में सत्र नहीं करने के लिए पत्र लिखते थे और बाद में राजनीति के लिए इनका संगठन पलट जाता है। जो सत्र गैरसैंण कराने के लिए बयानबाजी करते हैं और सत्र की घोषणा होने पर दोबारा राजनैतिक लाभ के लिए उसकी अवधि को लेकर सवाल खड़ा करते हैं। प्रत्येक सत्र को हंगामे के साथ शुरू करते हैं और हंगामे के साथ ही समापन करते हैं । जिनके लिए सत्र का मतलब, आम जनता के विषय उठाना नहीं बल्कि हंगामा और वॉक आउट कर मीडिया में चर्चा का मुद्दा बनना है।

कांग्रेस पार्टी और उनके विधायकों की सदन की गतिविधि सबके सामने है। आम लोगों की समस्याओं को उठाने, महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने और सदन में रचनात्मक भूमिका निभाने में उनकी भूमिका कभी नहीं रही है। वह आज सत्र की अवधि को कम बताते हैं और जब सत्र चलता है तो हंगामा और वॉक आउट कर सदन को चलने नहीं देते हैं।

बेहतर है कि कांग्रेस सत्र की पूरी तैयारी करे अन्यथा मुद्दाविहीन एवं विचारहीन कांग्रेस के विधायकों के लिए लिए तो एक दिन भी ज्यादा साबित होगा ।

 

उन्होंने कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा राज्य निर्माण के विरोधी रहे हैं। जिन्होंने अटल सरकार के दिए विशेष औद्यौगिक पैकेज सत्ता में आने पर वापिस लेने का पाप किया है और हमेशा से ही विकास विरोधी रहे हैं । गैरसैण की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने से लेकर वहां के विकास को लेकर भाजपा सरकार ने ही अधिकांश योगदान दिया है । कांग्रेस को न पृथक उत्तराखंड से सहानुभूति रही है और न ही गैरसैण को लेकर उनके मन में कोई भावना है। सच्चाई यह है कि कांग्रेस के लिए गैरसैण एक राजनैतिक मुद्दे से अधिक कुछ नहीं है ।

 

 

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान की गतिविधियों के अनिवार्य डॉक्यूमेंटेशन करने के निर्देश दिए

*15 अगस्त तक हरेला के तहत निर्धारित किए गए 50 लाख वृक्षारोपण के लक्ष्य को पूरा करे*

*प्लास्टिक के झण्डों का प्रयोग नही करें*

*झण्डों के निर्माण व आपूर्ति में महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता ली जाएगी*

*15 अगस्त से पहले एक सप्ताह चलेगा स्वच्छता अभियान*

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान की सभी गतिविधियों के अनिवार्य डॉक्यूमेंटेशन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने 15 अगस्त तक हरेला के तहत निर्धारित किए गए 50 लाख वृक्षारोपण के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी डीएम को 15 अगस्त से एक सप्ताह पूर्व जनपदों में स्वच्छता अभियान भी चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने हर घर तिरंगा अभियान में प्लास्टिक के झण्डों का प्रयोग नही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने झण्डों के निर्माण व आपूर्ति में महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता लेने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर अमृत सरोवर पर झण्डारोहण तथा एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस दौरान जल संरक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

 

 

अत्यधिक वर्षा के कारण नालियों व नालों में जलभराव की समस्याओं के निस्तारण हेतु मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस से पूर्व स्वच्छता अभियान के साथ ही नालियों के सफाई सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनपदों में तिरंगा यात्रा के तहत भव्य जुलूस के आयोजन तथा इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्कूलों, कॉलेजों, संगठनों व निवासियों को अपने झंडों के साथ शामिल होने के लिए आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने तिरंगा श्रद्धाजंलि के तहत स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवारों को सम्मानित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही तिरंगा कैनवास के तहत हर घर तिरंगा कार्यक्रम स्थलों पर तिरंगा कैनवास लगाया जाएगा ताकि लोग स्थानीय भाषा में हर घर तिरंगा या जय हिंद लिख सके। मुख्य सचिव ने 12 अगस्त को स्कूल, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों व अन्य ऐसे स्थलों जहां पर युवाओं की संख्या अधिक हैं, युवाओं को विकसित भारत के तहत नशे से मुक्ति की शपथ दिलवाने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव श्री एच सी सेमवाल, निदेशक संस्कृत सुश्री बीना भटट, अपर सचिव श्री सविन बंसल सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग किया जाए -मुख्यमंत्री

*पत्रकारों कल्याण कोष के लिए काॅरपस फंड की धनराशि 05 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ की जायेगी-सीएम

*सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदों का नोडल बनाया जाए।

*सचिव सूचना विभागीय कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा करेंगे।

*रिंग रोड स्थित सूचना निदेशालय में 05 घण्टे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने दिये अधिकारियों को आवश्यक निर्देश।

सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक प्रभावी माध्यम से पंहुचाने के लिए सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। आधुनिक तकनीक के प्रयोग के साथ प्रिन्ट, इलेक्ट्रानिक माध्यमों के साथ ही सोशल मीडिया और यूट्यूब माध्यमों का भी अधिकाधिक प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। कार्यों में तेजी लाने के लिए सूचना विभाग द्वारा ई-फाइलिंग प्रणाली का पूर्ण उपयोग किया जाए। जनपदों में सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सूचना तंत्र राज्य के पर्वतीय जनपदों में भी मजबूत हो। इसके लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदों का नोडल अधिकारी बनाया जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रिंग रोड स्थित सूचना भवन में सूचना विभाग की लगभग 05 घण्टे की समीक्षा के दौरान दिये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग के विभिन्न प्रभागों का निरीक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि पत्रकार कल्याण कोष के लिए काॅरपस फंड की धनराशि 05 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ की जायेगी। पत्रकारों के लिए ग्रुप इंश्योरेंस लागू करने के सबंध में उन्होंने विभाग को परीक्षण करने के निर्देश दिये हैं। तहसील स्तर तक पत्रकारों को मान्यता प्रदान करने के लिए भी व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच समन्वय बनाने के लिए सरकार के चेहरे के रूप में सूचना विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाए कि मीडिया और विभिन्न प्रचार माध्यमों से जनता को सरल भाषा में सरकार के कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी जाए।

जनहित में सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और कार्यों की सक्सेस स्टोरी नियमित प्रकाशित की जाए। मुख्यमंत्री ने सचिव सूचना को निर्देश दिये कि विभाग के कार्यों में और तेजी लाने और विभिन्न व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रत्येक 15 दिनों में विभाग की समीक्षा की जाए। सूचना विभाग द्वारा विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों को मीडिया के माध्यम से जन सामान्य तक पहुंचाया जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि विकास पुस्तिका डिजिटल रूप में भी प्रस्तुत की जाए। फिल्म निर्माताओं को राज्य में फिल्म निर्माण के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका में भी वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद में हो रहे विभिन्न घटनाक्रमों की भी नियमित माॅनिटरिंग की जाए। जिला सूचना अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित किया जाए कि जनपदों में मीडिया के साथ बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। जिलाधिकारी और अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाते हुए सरकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाए। उन्होंने निर्देश दिये कि जनपद स्तर पर सूचना तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए मानव संसाधन के साथ आधुनिक तकनीक पर विशेष बल दिया जाए।
सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने मुख्यमंत्री को विभागीय क्रियाकलापों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में प्र्रिंट मीडिया में 1572 सूचना पत्र/पत्रिकाएं सूचीबद्ध हैं, जबकि 41 इलेक्ट्रानिक चैनल सूचीबद्ध हैं। सोशल मीडिया में 615 वेब पोर्टल व 13 कम्युनिटी रेडियो सूचीबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि विभाग में कार्मिकों के काफी पद रिक्त चल रहे हैं। सूचना अधिकारी और अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है।

बैठक में विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् श्री विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सूचना श्री शैलेश बगोली, अपर निदेशक सूचना श्री आशिष त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक श्री के.एस. चैहान, डाॅ. नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ वित्त अधिकारी श्रीमती शशि सिंह, उप निदेशक श्री मनोज श्रीवास्तव और श्री रवि बिजारनियां उपस्थित थे।

प्रत्येक विकासखण्ड में 5-5 गांवों को बनाया जाए आदर्श ग्राम -मुख्यमंत्री

 

*ग्राम चौपालों के आयोजन में उच्चाधिकारी भी हों शामिल।

 

*पंचायत भवनों के निर्माण के 10 लाख की धनराशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये किये जाने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश।

 

*पर्वतीय शैली के आधार पर हो पंचायत भवनों का निर्माण।*

 

गांवों के सुनियोजित विकास के लिए प्रत्येक विकासखण्ड में 5-5 गांवों को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में कार्य किये जाएं। देश के शीर्ष 100 आदर्श गांवों की श्रेणी में उत्तराखण्ड के 10 गांवों के नाम भी शामिल हों, इसके लिए गावों के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जाएं। ग्राम चौपाल के आयोजन में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जनपदों में जिलाधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया जाए तथा ग्राम पंचायतों के प्रबुद्धजनों के साथ बैठकर गांवों की विकास योजनाओं पर कार्य किया जाए। ग्राम सभाओं के स्थापना दिवस उत्सव के रूप में मनाये जाए, इनमें उन गांवों के प्रवासी लोगों को प्रतिभाग करने के लिए विशेष रूप से प्रतिभागी बनाया जाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में पंचायतीराज विभाग की समीक्षा के दौरान कही।

 

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि मानक तय कर पंचायत भवनों का निर्माण किया जाए। ग्राम पंचायतों में जो भी पंचायत भवन बनाये जा रहे हैं, वे पर्वतीय शैली में बनाये जाय, जिसमें उत्तराखण्ड की विरासत की झलक हो। पंचायत भवनों के लिए उचित स्थलों का चयन किया जाए, ताकि उनका ग्राम पंचायतों में पूर्णतः उपयोग हो सके। पंचायत भवनों के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत की जा रही 10 लाख की धनराशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। गांवों में सड़क निर्माण के समय नालियां भी बनाई जाय, ताकि जल निकासी की समस्या न हो। ग्राम पंचायतों में ओपन जिम और पार्कों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सेना और अर्द्धसैन्य बलों के शहीदों के नाम पर उनके गांवों में द्वार, स्कूल और पंचायत भवनों के नाम रखे जाएं और गांवों में शिलापटों पर शहीदों के नाम अंकित करने की व्यवस्था बनाई जाए।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि गांवों के विकास के लिए 15वें वित्त आयोग से राज्य को प्राप्त धनराशि का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए। स्वच्छता, कूड़ा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गांवों के विकास के लिए जो भी योजनाएं बनाई जाए, धरातल पर पहले उसका आंकलन किया जाए। सभी ग्राम पंचायतों में कम्प्यूटर और हाई स्पीड इन्टरनेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था की जाए।

 

कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि गांवों के विकास के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा दिया जाए। ग्राम पंचायतों में हो रहे कार्यों की वरिष्ठ अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने सभी पंचायतों की परिसम्पतियों की जी.आई.एस मैपिंग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मल्टी-लेवल पार्किंग के निर्माण से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका उचित इस्तेमाल और देख-रेख हो। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से गांवों के विकास के लिए निर्धारित मानकों के हिसाब से तेजी से कार्य किये जाएं।

 

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, सचिव पंचायतीराज श्री चन्द्रेश यादव, अपर सचिव श्री आलोक कुमार पाण्डेय, निदेशक पंचायतीराज सुश्री निधि यादव, निदेशक सेतु डॉ. मनोज पंत उपस्थित थे।

कांग्रेस की यात्रा स्थगित होने का भाजपा ने किया स्वागत, यह राहत कार्यों मे जुटने का समय: चौहान

 

निज हित के बजाय जन हित को तरजीह देने की जरूरत

देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस की केदारनाथ यात्रा के स्थगित करने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इस समय सबको आपदा प्रभावितों की मदद के लिए जुटने की जरूरत है । शुरुआत से ही विपक्ष से रचनात्मक भूमिका अदा कर इस तरह राजनैतिक कार्यक्रमों से बचने का आग्रह किया जा रहा था। हालांकि बेहतर होता कि उनके स्थानीय नेता इस निर्णय को जनहित में लेते बजाय राहुल गांधी को श्रेय देने के ।

पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र मे इस समय भारी मानसूनी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर हैं और भूस्खलन की घटनाएं हो रही है। कई गावों मे भूस्खलन और जन हानि भी हुई है। सरकार और रेस्क्यू एजेंसियां दिन रात पीड़ितों को राहत देने मे जुटी है । भाजपा कार्यकर्ता भी आपदा राहत कार्यों में जुटा हुवा है । और कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए चिंहित क्षेत्रों पर पूरी नजर हैं। केदार नाथ क्षेत्र मे फंसे लोगों को एयर लिफ्ट कर सुरक्षित स्थलों मे पहुंचाया गया है।

चौहान ने कहा कि आपदा काल मे यात्रा राजनैतिक नही, बल्कि रचनात्मक होनी चाहिए और विपक्ष की भी बड़ी जवाबदेही राज्य वासियों के प्रति है। इस समय आपदा मे कराह रहे लोगों की पीड़ा मे हाथ बंटाने की जरूरत है और यह सभी राज्य वासियों तथा राजनैतिक दलों का नैतिक दायित्व भी है। रेस्क्यू दलों के साथ समन्वय स्थापित कर पीड़ितों तक मदद पहुंचाने मे हम सहभागी बन सकते हैं।

चौहान ने कहा कि यह दुखद है कि कोरोना की आपदा हो या वर्तमान मे स्थगित यात्रा या अन्य अवसर पर कांग्रेस जनता के बीच होने के बजाय सड़कों पर आंदोलन मे दिखी। उन्होंने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद आपदा प्रबंधन के कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और ग्राउंड जीरो पर आपदा प्रभावितों से मिलकर हौसला बड़ा रहे हैं । पीड़ितों तक रेस्क्यू फोर्स त्वरित गति से पहुँच रही है। ऐसे वक्त मे सभी को निज हित त्यागकर जन हित मे आगे आने की जरूरत है।

 

 यात्रा के नाम पर धर्म विरोधियों को केदार धाम ले जाने की साजिश के लिए केदार घाटी की जनता कांग्रेस को माफ नहीं करेगी : खजान दास

 

 

देहरादून 31 जुलाई। भाजपा ने श्री केदारनाथ धाम के नाम पर निकाली कांग्रेसी राजनीतिक यात्रा में बाबरी मस्जिद शहीदी दिवस मनाने वालों की संलिप्तता को बेहद गंभीर और धाम का अपमान बताया है । प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व केबिनेट मंत्री राजपुर विधायक श्री खजान दास ने चेताते हुए कहा, राजनीति के लिए किए इस पाप के लिए केदार घाटी की जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करने वाली हैं।

 

मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा, कांग्रेस की यात्रा मुद्दाविहीन और औचित्यहीन है । क्योंकि सनातन एवं पावन धामों के महत्व को लेकर सरकार पहले ही कदम उठा चुकी है और कांग्रेस का इतिहास सनातन धर्म के विरोध से पटा पड़ा है । वहीं आम जनता और स्वयं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता भी राजनीति के लिए श्री केदार धाम के प्रयोग करने की इस कोशिश से बेहद खफा हैं । यही वजह है कि कांग्रेस माहरा के नेतृत्व में एक और फ्लॉप यात्रा की सहगामी बन रही है । संख्या की दृष्टि से उनकी यात्रा के हालत इतने खराब है कि ऐसे लोगों को शामिल करने की खबरें आ रही हैं जो खुलेआम श्री राम मंदिर के विरोध में मस्जिद शहीदी दिवस मनाते मीडिया में देखे गए मुस्लिम आरक्षण के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं । इसी तरह जो चरस माफिया के मुकद्दमे में बेल पर हैं वही यात्रा की व्यवस्था देख रहे हैं ।

 

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, जनता और उनके कार्यकर्ता यात्रा को लेकर उनकी नियत और नीति से इत्तेफाक नहीं रखती है । अब ऐसे में उनकी यात्रा में नेता अधिक और कार्यकर्ता कम हैं तो इसका कतई मतलब नहीं कि आप सनातन और समाज विरोधी लोगों को साथ लेकर चलें, वो भी हिंदुओं के पावन धाम की प्रतिष्ठा बचाने के नाम पर। उन्होंने कहा, जिस केदारनाथ चुनाव में लाभ लेने के लिए आप यात्रा निकाल रहे हैं, उसी केदार घाटी के लोग आपके इस पाप की सजा समय आने पर अवश्य देगी। साथ ही चेताया कि वहां की जनता यात्रा में चल रहे ऐसे धर्मविरोधिओं को यात्रा के माध्यम से पावन धाम में प्रवेश कराने की साजिश करने के लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं करने वाली है ।

 

पशुपालन एवं डेरी विकास की योजनायें बने जीएसडीपी में वृद्धि के आधार

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में पशुपालन, डेरी विकास, मत्स्य पालन और गन्ना विकास विभाग की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पशुपालन और डेरी विकास के क्षेत्र में आगामी 03 वर्षों में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में योगदान 03 प्रतिशत से बढ़ाकर 05 प्रतिशत करने की दिशा में कार्य किये जाएं। इसके लिए उन्होंने स्थानीय उत्पादों को तेजी से बढ़ावा दिये जाने पर भी बल दिया। उन्होंने पशुपालन और डेरी विकास के क्षेत्र में जीएसडीपी में वृद्धि के लिए आवश्यक संसाधनों का पूरा एक्शन प्लान तैयार कर प्रस्तुत करने के साथ प्रत्येक जनपद में एक-एक मॉडल पशु चिकित्सालय बनाए जाने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के साथ नवाचार की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका में वृद्धि हो और पलायन भी रूके। डेरी विकास तथा पशुपालन के क्षेत्र में राज्य की आर्थिकी में सुधार के लिये अन्य प्रदेशों से आयातित दूध व दुग्ध उत्पादों, पोलट्री उत्पादों की निर्भरता को कम किया जाए। गोट वैली, कुक्कुट वैली और ब्रायलर फार्म की स्थापना राज्य में पशुपालकों की आय को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है। इस योजनाओं को और तेजी से बढ़ावा दिया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में डेरी विकास के लिए दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के साथ ही विभिन्न दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। दुग्ध उत्पादन से लाभकारी आय के लिए इनपुट प्रोडक्सन एवं डिलीवरी सिस्टम को सुदृढ़ बनाया जाए। एफ.पी.ओ के माध्यम से किसानों को उन्नत किस्म के चारा बीज उपलब्ध कराने और हरा एवं सूखा चारा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किये जाने के साथ राज्य में अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादक सेवा केन्द्र स्थापित किये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

 

 

*राज्य में मछली की खपत के अनुरूप हो उत्पादन- मुख्यमंत्री*

 

मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पर्वतीय क्षेत्रों में ट्राउट फिश के उत्पादन को तेजी से बढ़ावा दिया जाए। इनकी बिक्री के लिए भी उचित प्रबंध किये जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक लाभ मिले। राज्य में मत्स्य पालन को और तेजी से बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा लक्ष्य तय किये जाएं, लक्ष्यों को फोकस करते हुए समयबद्धता के साथ आगे कार्य किये जाएं। राज्य में मछली की खपत के अनुरूप उत्पादन हो इस दिशा में भी तेजी से प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना से भी अधिक से अधिक मत्स्य पालकों को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों के निर्माण से उनमें मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है, वहीं जल संरक्षण की दिशा में भी यह सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि कलस्टर बनाकर तालाबों का निर्माण किया जाए और उनके माध्यम से मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाए।

 

*गन्ना मिलों के आधुनिकीकरण, दक्षता और क्षमता में वृद्धि की दिषा में किये जाए कार्य-मुख्यमंत्री*

 

गन्ना विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गन्ना मिलों को घाटे से उबारा जाए। गन्ना मिलों के आधुनिकीकरण, दक्षता और क्षमता में वृद्धि की दिशा में कार्य किये जाएं। राज्य में गन्ना बीज बदलाव, जीपीएस के माध्यम से गन्ना सर्वेक्षण का कार्य तथा प्रदेश में जैविक गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लक्ष्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर हो।

 

कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि पशु स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण के लिए वृहद् स्तर पर पशुओं का टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। मोबाईल वैटिनरी यूनिट के माध्यम से पशुपालकों के द्वार पर पशुचिकित्सा संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के तहत इस वर्ष डेरी विकास के अन्तर्गत 3385 दुधारू पशुओं के क्रय के लिए 611 परिवारों को दुग्ध व्यवसाय से जोड़ने तथा 4943 पशुपालकों को बकरी व कुक्कुट पालन का लक्ष्य रखा है। पर्वतीय क्षेत्रों में साइलेज, चारा फीड ब्लाक की सुगमता से उपलब्ध होने के कारण महिलाओं के बोझ को कम किया गया है। पशुपालन से संबधित कार्यों में महिलाओं की भागीदारी 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 03 वर्षों में दुग्ध उपार्जन, संतुलित पशु आहार एवं साईलेज विक्रय में वृद्धि हुई है। गोट वैली से राज्य में डेढ़ साल में 3027 पशुपालकों को लाभ मिला है, जिसमें 37 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। राज्य में कुक्कुट की 2622 ईकाई स्थापित हैं इस वर्ष 01 हजार और ईकाई स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

 

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, सचिव डॉ. बी.वी.आर. सी. पुरूषोत्तम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव श्री विजय जोगदंडे, नियोजन विभाग से श्री मनोज पंत और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।