Saturday, March 7, 2026
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अग्निवीरों के सरकारी/ निजी क्षेत्रों मे समायोजन के लिए सीएम के निर्देश स्वागत योग्य: चौहान 

 

 

देहरादून 21जुलाई । भाजपा ने मुख्यमंत्री द्वारा अग्निवीरों को नौकरियों में समायोजन के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देशों को वीर जवानों के प्रति प्रतिबद्धता बताया है। साथ ही उम्मीद जताई कि अग्निवीरों का पहला बैच जब वापिस उत्तराखंड आयेगा तो उन्हें रोजगार के शानदार विकल्प मुहैया होंगे और इस योजना को लेकर विरोधियों की तमाम अफवाहों पर भी पूर्ण विराम लग जाएगा ।

 

पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत में प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अग्निवीरों के भविष्य को अधिक शानदार बनाने के प्रयासों की जानकारी स्वागत योग्य कदम बताया । उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्व में ही राज्य सरकार ने अग्निवीरों को सैन्य सेवा के बाद सरकारी एवं निजी सेवाओं में अवसर देने की घोषणा की थी । आज भी हमारी भाजपा सरकार वीर जवानों के बेहतर जीवन और खुशहाली के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि सभी विभागों को इस दिशा में शीघ्र ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं । उन्होंने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही इस संबंध में सरकार निर्णय लेगी और नौकरियों के साथ स्वरोजगार को लेकर प्रशिक्षण आदि के माध्यम से अग्निवीरों का राष्ट्र निर्माण में योगदान सुनिश्चित किया जाएगा।

 

चौहान ने कहा कि देवभूमि वीरों की भूमि है, लिहाजा ये सरकार उनके समृद्ध एवं सफल जीवन के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने जा रही है । जिसके बाद इस योजना को लेकर अफवाह एवं भ्रम फैलाने वाली ताकतों की हवा भी निकलने वाली है।

 

सीएम धामी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत अपनी माँ के साथ किया वृक्षारोपण

*सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घंटो ट्रेंड हुआ #EkPedMaaKeNaam*

*मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों से की वृक्षारोपण करने की अपील*

 

*सीएम धामी की अपील के बाद सोशल मीडिया में भी छाया यह मुद्दा*

 

 

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी माँ के साथ एमडीडीए द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों से एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़ कर वृक्षारोपण करने की अपील भी की। जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर भी सीएम धामी की अपील का रुझान देखने को मिला, बड़ी संख्या में युवाओं ने सीएम धामी की अपील का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट्स किए, जिसके बाद लगभग घंटो तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (X) पर #Join EkPedMaaKeNaam ट्रेंड करने लगा।

 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने समस्त देशवासियों से एक पेड़ अपनी मां के नाम पर लगाने की अपील की थी, जिसके बाद से ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसे प्रदेश भर में अभियान के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। हाल ही में उत्तराखण्ड के लोक पर्व हरेला के अवसर पर भी मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस अभियान से जुड़ते हुए वृक्षारोपण करने की अपील की थी जिसके बाद से ही प्रदेश भर के लाखों युवा इस अभियान से जुड़ चुके हैं एवं प्रदेश भर के विभिन्न स्थानों में लाखों पौधे लगाए जा चुके हैं।

कांग्रेस अंजुली मे गंगाजल और सनातन सरंक्षण की शपथ ले तब भी भरोसे लायक नही: चौहान

 

  • कांग्रेस सनातनद्रोही, मंदिरों/धाम की कापी को लेकर धामी के मास्टर स्ट्रोक से बैक फुट पर

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि खुद को सनातन प्रेमी और पैरोकार दिखाने के आडंबर मे लगी कांग्रेस अंजुली मे गंगा जल लेकर सनातन प्रेमी होने की शपथ भी ले, तब भी जनता को उस पर भरोसा नही है। उसके सनातनद्रोही स्वभाव ने ही जनता से उसे दूर कर दिया है।

 

कांग्रेस के बुद्धि शुद्धि यज्ञ पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अपने सनातनी होने के लिए कांग्रेस तरह तरह से नाटक कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे तमाम अवसर आये, जब कांग्रेस सनातन अनुयायियों के पक्ष मे अपना मत रख सकती थी, लेकिन तब सत्ता के मद मे चूर और तुष्टिकरण के लिए उसने सनातनद्रोही आचरण अपनाया। आज हाशिये पर खड़ी हुई तो अब ढोंग पर उतारू हो गयी।

 

चौहान ने कहा कि उत्तराखंड के किसी भी धाम और मंदिरों की कापी कर ट्रस्ट तथा समिति बनाने को लेकर सीएम धामी के मास्टर स्ट्रोक के बाद कांग्रेस बैकफुट पर है और अब चर्चा मे बने रहने के लिए नये नये हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के कांग्रेसियों ने कभी भी सनातन को लेकर गलतबयानी या साजिश का न कभी विरोध किया और न ही अपने हाईकमान के सामने विरोध जताया।

 

चौहान ने कहा कि सनातन संस्कृति को अपमानित करने, उपेक्षा का भाव अथवा षड्यंत्र करने वालों को जनता ने ऐसा सबक सिखाया कि वह उबर नही पाये। राम को कल्पनिक बताने वाले आज नेपथ्य मे हैं। राज्य मे गंगा को नहर घोषित करने वाले भी किस स्थिति मे हैं, यह जनता और कांग्रेसी बेहतर जानते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों को सही मायनों मे बुद्धि शुद्धि की जरूरत है। हालांकि कांग्रेस की तुष्टिकरण और परिवार केंदित राजनीति के कारण नेता और कार्यकर्ता लगातार पलायन कर रहे हैं, लेकिन अब जनता उसे लगातार विश्वासघात की सजा दे रही है। बुद्धि भ्रमित कांग्रेस पर जनता का भरोसा नही है।

 

 

मन्दिर/ धाम पर ट्रस्ट या समिति बनाने के खिलाफ पूरे देश मे कार्य करेगा कानून: चौहान

  • दिल्ली और मुंबई मे बने मंदिरों पर कांग्रेस का रवैया दोहरा मापदंड

 

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि राज्य के मन्दिर और धामों पर कोई ट्रस्ट या समिति न बने इसके लिए धामी सरकार द्वारा कैबिनेट मे लाया गया प्रस्ताव स्वागत योग्य है और विपक्ष को इस निर्णय का खुले मन से इसकी सराहना करनी चाहिए।

 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के द्वारा जतायी गयी आशंका को निर्मूल बताते हुए चौहान ने कहा कि मामले मे विधिसम्मत कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि पौराणिक धाम अथवा मन्दिर के नाम से ट्रस्ट या समिति खोलकर दुरूपयोग नही होने दिया जायेगा। सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा साफ है कि राज्य के पौराणिक धाम और मंदिरों के सरंक्षण के लिए हर कोशिश की जायेगी।

 

चौहान ने कहा कि कांग्रेस महज राजनीति के लिए केदार नाथ मन्दिर पर शोर शराबा कर रही है और उसका सनातन और श्रद्धा से कोई लेना देना नही है। कांग्रेस अन्य राज्यों मे भी ऐसे मंदिरों के निर्माण की बात कर रही है, लेकिन उसे इतनी चिंता है तो वह कांग्रेस शासित प्रदेशों में विरोध जताकर इसे रोकने की दिशा मे नैतिक साहस दिखाये।

 

चौहान ने कहा कि देश मे कहीं भी मंदिर बने भाजपा इसके खिलाफ नही है। मामला धामों और मंदिरों के नाम पर ट्रस्ट और समिति बनाने से हैं। जबकि कांग्रेस को मन्दिर अथवा धाम शब्द से ही नफरत है और वह ऐसा तुष्टिकरण के लिए करती रही है। हमेशा ही सनातन संस्कृति और मंदिर तथा धामों का विरोध करने वाली कांग्रेस अचानक सनातन की पैरोकार होने का दावा कर रही है। उसके इस पाखंड को जनता भली भाँति जानती है।

 

उन्होंने दिल्ली मे बन रहे मंदिर और मुंबई मे बने बद्रीनाथ धाम पर कांग्रेस के रवैये को दोहरा मापदंड बताया। अगर, वहां कुछ गलत था तो तत्कालीन अध्यक्ष ने शिलान्यास से दूरी क्यों बनाई और तत्कालीन सीएम ने भागेदारी क्यों की। अब पूर्व अध्यक्ष उस धाम को एक वैडिंग पॉइंट मे होने की सफाई दे रहे हैं। जबकि दिल्ली मे बन रहे मन्दिर पर ट्रस्ट स्थिति स्पष्ट कर चुकी है कि न ही कोई धाम और न ही कोई शिला वहां पर स्थापित की गयी है। कांग्रेस कितने ही दुष्प्रचार और आरोप प्रत्यारोप की राजनीति क्यों न करे उसके सनातन विरोधी स्वरूप को लेकर जनता निश्चिंत है।

 

मुख्यमंत्री ने दिया आधुनिकतम तकनीक वाले उपकरणों को अपनाने पर जोर 

  • अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होंगे राहत और बचाव दल

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य में विभिन्न प्रकार की आपदाओं से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए आधुनिकतम तकनीक वाले राहत और बचाव उपकरणों की खरीद करेगा। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन के अनुसार, माननीय मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन तथा राहत और बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने पर जोर दिया गया है।

शुक्रवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन के समक्ष यूएसडीएमए भवन में एक निजी कंपनी ने विभिन्न प्रकार के उपकरणों का डेमो दिया। इनमें अंडर वॉटर रोबोट, लेजर कैमरा, फुलाकर बनाया जाने वाला रेस्क्यू सेंटर, सर्च ऑपरेशंस के लिए अत्याधुनिक कैमरा आदि शामिल हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन का कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा के दौरान त्वरित गति से राहत और बचाव कार्यों को अंजाम देने तथा आपदा प्रबंधन की दृष्टि से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर उपलब्ध आधुनिकतम तकनीक वाले उपकरणों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया है।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर विभिन्न कंपनियां अपने उपकरणों का प्रदर्शन करने के लिए पहुंचती हैं। शुक्रवार को भी एक कंपनी ने अपने उपकरणों का डेमो दिया। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न तकनीकी व प्रशिक्षण संस्थाओं द्वारा उपयोग में लाई जा रही आधुनिक तकनीकी का अध्ययन कर उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत जो भी उपकरण उपयोगी पाए जाएंगे, निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए उनकी खरीद की जाएगी। यूएसडीएमए के विशेषज्ञों द्वारा भी ऐसे उपयोगी उपकरणों का परीक्षण कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, एसडीआरएफ, पुलिस, वन, लोक निर्माण विभाग, अग्निशमन विभाग तथा अन्य रेखीय विभागों के कर्मचारी, जो आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य करते हैं, उनके पास अत्याधुनिक उपकरण हों ताकि अधिक से अधिक लोगों की जान-माल की सुरक्षा की जा सके।

इस मौके पर यूएसडीएमए के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, विशेषज्ञ रोहित कुमार, डॉ0 पूजा राणा, डॉ. वेदिका पंत, मनीष भगत, हेमंत बिष्ट, तंद्रीला सरकार, जेसिका टेरोन आदि मौजूद थे।

केदारनाथ के बहाने कांग्रेस सनातनी चोला पहनने की फिराक मे: चौहान

बद्रीनाथ को बौद्ध मठ कहने वाले सहयोगी तो खुद संभाली राम मन्दिर विरोध की कमान

 

राजनीति प्रायोजित यात्राओं का हस्र भी पहले जैसा निश्चित

 

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि हमेशा ही समुदाय विशेष के लिए तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली कांग्रेस सनातन विरोध से ध्यान बांटने के लिए अब केदारनाथ के बहाने सनातनी चोला पहन रही है जो कि अल्प समय के लिए है।

 

कांग्रेस की कथित यात्रा के संबंध मे पूछे गए सवाल के जवाब मे चौहान ने कहा कि कांग्रेस की इस यात्रा का हस्र भी वही होगा जो कि पूर्व मे हुई यात्राओं मे हुआ था। दुष्प्रचार और उद्देश्यहीन इन यात्राओं का आयोजन महज राजनैतिक उद्देश्य के लिए होता रहा और जनता ने कोई तवज्जो नही दी। हालात यहां तक रहे कि इन यात्राओं मे खुद कांग्रेसी नही पहुंचे और यात्रा शुरू हुई, लेकिन कब समाप्त हुई पता नही लगा।

 

चौहान ने कहा कि केदारनाथ को लेकर स्थिति स्पष्ट है कि दिल्ली मे केदारनाथ धाम नही बन रहा है और ट्रस्ट ने साफ किया है कि मन्दिर धाम नही है और न ही वह इस शब्द प्रयोग करेंगे। सीएम ने शिलान्यास मे महज अथिति के रूप मे शिरकत की और उसका केदारनाथ के स्वरूप से कोई लेना देना नही है।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हिंदू सनातन संस्कृति का विरोध करती रही है और इसके कई उदाहरण सामने आते रहे हैं। कांग्रेस के सहयोगी सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य हिंदुओ के प्रमुख तीर्थ बद्रीनाथ को जब आठवीं सदी का बौद्ध मठ बता रहे थे तो तब कांग्रेसियों को सनातन के अपमान की चिंता नही हुई। राम मन्दिर के निर्माण को रोकने के लिए तमाम हथकंडे अपनाने और राम को काल्पनिक बताने पर कांग्रेस की मंशा को समझा जा सकता है। वहीं मुंबई मे बद्रीनाथ धाम का निर्माण करने वाली राज्य कांग्रेस चुप है।

 

उन्होंने कहा कि देश के करोड़ो सनातनियों ने कांग्रेस को जिस तरह उसकी तुष्टिकरण की नीति का जवाब दिया वह उसके बदलते रंग से वाक़िफ़ हैं। राज्य की जनता जानती है कभी मुस्लिम यूनिवर्सिटी, कभी जुमे की नमाज के लिए अवकाश सहित तमाम तुष्टिकरण के लिए निर्णय लेने वाले अब खुद को सनातन और सनातन के प्रहरी होने का दिखावा है जिसे जनता माफ नही करेगी।

 

 

कांग्रेस के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं अविमुक्तेश्वरा नंद: भाजपा

आरोप की पुष्टि के लिए प्रमाण दें या सनातन के अनुयायियों से मांगे माफी

 

देहरादून। प्रदेश भाजपा ने कहा है कि संतों का सम्मान उनकी पार्टी की रीति- नीति का अभिन्न हिस्सा है और यह सनातन संस्कृति की परंपरा भी है। मगर केदारनाथ मन्दिर में सोना चोरी को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद का बयान दुखद और सनातन के अनुयायियों को चोट पहुंचाने वाला है। स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद कांग्रेस के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके पास कोई साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक करने चाहिए। अन्यथा उन्हें और कांग्रेस को बयान वापस लेकर माफी मांगनी चाहिए।

 

भाजपा के मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चौहान ने कहा कि संत समाज हमेशा से धर्म का ध्वजवाहक रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद ने जो बयानबाजी की है उन्हे उसकी प्रमाणिकता को सामने रखना चाहिए। अगर, वह उसकी प्रमाणिकता को साबित नही कर सकते हैं तो उन्हें अपने बयान को वापस लेकर हिंदू सनातनी समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।

 

चौहान ने कहा कि अगर वो अपने को संत के रूप में प्रदर्शित करते हैं तो उन्हें शास्त्र सम्मत तरीके से सनातन धर्म के अनुयायियों का मार्गदर्शन करना चाहिए और सनातन संस्कृति के सरंक्षण के लिए उनसे अपेक्षा भी की जाती है, लेकिन यह दुखद है कि सनातन के मार्गदर्शक एक पार्टी विशेष की भाषा बोल रहे हैं जो कि दुखद है। उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद अभी तक अपने कथन को प्रमाणिकता के साथ नही रख पाए और इससे सनातन प्रेमियों की भावनाएं आहत हुई है।

 

चौहान ने कहा की कांग्रेस पहले से ही इस मुद्दे पर राजनीति कर रही थीं और अब स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद का कंधा इस्तेमाल कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो हमेशा ही सनातन की विरोधी रही है और सनातन के खिलाफ दुष्प्रचार उसके एजेंडे का हिस्सा रहा है। अब तक जब भी किसी मन्दिर का जिक्र आया तो वह और उसके कथित सेकुलर मित्र तुष्टिकरण की खातिर सनातन पर चोट करने मे आगे रही। यह उसकी पार्टी पॉलिसी भी रही है। इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट हो चुकी है, लेकिन कांग्रेस दुष्प्रचार के जरिये लोगों को भड़काने की कोशिश कर रही है और सनातनी इससे अच्छी तरह वाकिफ है। उसे जनता कड़ा सबक सिखायेगी।

 

आपदाओं से निपटने के लिए रिस्पांस टाइम का अध्ययन जरूरीः आनन्द स्वरूप (ACEO)

 

*यूएसडीएमए के एसीईओ ने ली नोडल अधिकारियों की बैठक*

देहरादून। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) श्री आनंद स्वरूप ने कहा कि विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने के लिए रिस्पांस टाइम का अध्ययन किया जाना जरूरी है। इससे यह समझने में आसानी रहेगी कि आपदा घटित होने के बाद राहत और बचाव कार्यों में कितना समय लगा और कहां कमियां रहीं।

 

मंगलवार को यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में श्री स्वरूप ने यूएसडीएमए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदाओं को लेकर एक डेटा बेस बनाया जाए और यह अध्ययन किया जाए कि आपदा से निपटने में रिस्पांस टाइम क्या रहा। उन्होंने कहा कि इससे राहत और बचाव कार्यों के दौरान आने वाले चुनौतियों तथा गैप्स का पता चल सकेगा और उनमें आवश्यक सुधार किए जा सकेंगे।

 

एसीईओ श्री स्वरूप ने कहा कि इस अध्ययन से जो अच्छे कार्य सामने निकलकर आएंगे उन्हें दूसरे स्थानों पर भी नजीर के तौर पर लागू किया जा सकेगा। उन्होंने विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड आपदाओं को लेकर संवेदनशील है और इनसे कम से कम जान-माल का नुकसान हो, इसलिए सभी विभागों के बीच आपसी सामंजस्य और तालमेल होना जरूरी है।

 

एसीईओ ने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में तैनात विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए जरूरी है कि सभी रेखीय विभागों के अधिकारी सूचनाओं के आदान-प्रदान में सक्रियता दिखाएं। इस मौके पर उन्होंने सेटेलाइट फोन के जरिये डीडीएमओ चमोली तथा उत्तरकाशी से वार्ता कर बंद मोटर मार्गों को लेकर जानकारी ली। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि गूगल शीट पर अतिवृष्टि के कारण होने वाली क्षति का ब्योरा प्रतिदिन अपडेट किया जाए। उन्होंने विद्युत पोलों पर खुली तारों को लेकर चिंता जताई तथा विद्युत विभाग को जल्द समाधान के निर्देश दिए।

 

इस दौरान उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जारी होने वाले मौसम तथा आपदा संबंधी चेतावनियों की समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि सभी चेतावनियों को समय पर आम जनता तक पहुंचाया जाए ताकि लोग अपने स्तर पर भी जागरूक और सतर्क रहें।

 

इस मौके पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) श्री राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, एसईओसी की दिवस प्रभारी डॉ. वेदिका पंत, रोहित कुमार, हेमंत बिष्ट, तंद्रीला सरकार आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया जागेश्वर धाम के प्रसिद्ध श्रावणी मेले का शुभारंभ

 

 

*प्रदेशवासियों को दी हरेला पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं।*

 

*वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश।*

 

*जनपद के विकास को लेकर की कई घोषणाएं।*

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में एक महीने तक चलने वाले श्रावणी मेले का पूजा अर्चना कर शुभारंभ किया। उन्होंने जागेश्वर के भंडारा स्थल में पदम का वृक्ष लगाकर हरेला की शुभकामनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर धाम पौराणिक संस्कृति का अप्रतिम प्रतीक है। यहां आकर एक अलग ही शांति की अनुभूति मिलती है। भगवान जागेश्वर सभी श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा रखते हैं। उन्होंने कहा कि यहां कोई अपनी मर्जी से नहीं बल्कि बाबा के बुलावे पर ही आता है। श्रावणी मेले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला पौराणिक संस्कृति का जीता जागता उदाहरण है। श्रावणी मेला सदियों से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को हरेला पर्व एवं श्रावणी मेले की शुभकामनाएं देते हुए डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड के विकास को समर्पित सरकार है। इसी का परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी की गई सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में उत्तराखंड प्रथम स्थान पर आया है। यह उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास को लेकर अनेक घोषणाएं भी की जिनमें,

 

सरयू (सेराघाट) से वृद्ध जागेश्वर सहित जागेश्वर क्षेत्र के लिए पेयजल पंपिंग योजना का निर्माण, भगततोला कपकोट मोटर मार्ग का डामरीकरण, मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत वृद्ध जागेश्वर को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने, भिकियासेन में डाम का निर्माण, चमडखान में बैंक की स्थापना, भरतोली के प्राचीन देवायल मंदिर का जीर्णोधार, डिप्टेश्वर महादेव एवं कोटेश्वर महादेव का जीर्णोधार तथा सौंदर्यीकरण किये जाने, मर्चुला भिकियासेन मोटर मार्ग पर रामगंगा नदी पर मोटर पुल का निर्माण, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज चनोदा सोमेश्वर के अपूर्ण भवन का निर्माण किये जाने, चायखन – थूवासीमल से ध्युली – धोनी व ध्यूली रौतेला चौना बैंड तक लिंक रोड का निर्माण किये जाने, सोमेश्वर के ग्राम सभा रहत में धूनी गैर नामक स्थान पर तथा शहर फाटक नंगधूनी मंदिर के पास मिनी स्टेडियम का निर्माण किये जाने, विकासखंड हवालबाग के गोविंदपुर स्थित देवडघाट के नानकोसी में मिनी बैराज का निर्माण के साथ जागेश्वर विधानसभा में 40 किमी डामरीकरण के प्रस्ताव आदि कार्यों की घोषणा शामिल है।

 

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास को समर्पित सरकार है। अल्मोड़ा के कोसी से कौसानी तक साइकिल ट्रैक का निर्माण कार्य किया जा रहा है जिससे अल्मोड़ा जनपद के पर्यटन को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा शहर के विस्तार की भी योजना बनायी जा रही है।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जागेश्वर धाम में पूजा अर्चना की है तब से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में गुणात्मक वृद्धि हुई है तथा लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार लगातार देश एवं प्रदेश में विकास के नए नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। प्रदेश के तीर्थाटन को बढ़ाने में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। जिस प्रकार केदारनाथ एवं बदरीनाथ मंदिर के मास्टर प्लान के माध्यम से केदारनाथ एवं बदरीनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है उसी प्रकार जागेश्वर धाम के मास्टर प्लान के माध्यम से भी यहां के लोगों के आजीविका के द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम के मास्टर प्लान के कार्य पूरा हो जाने के बाद प्रति वर्ष 10 लाख श्रद्धालुओं के यहां आने की उम्मीद है। इसके माध्यम से यहां के लोगों का जीवन खुशहाल होगा एवं जनपद की आर्थिकी में भी बढ़ोतरी होगी।

 

इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी जनपद एवं प्रदेशवासियों को हरेला पर्व एवं श्रावणी मेले के शुभकनाएं दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास के लिए प्रयासरत है। इस दिशा में अनेक कार्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन सुदूर आदि कैलाश में कराकर योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की सड़कों का कायाकल्प होगा एवं प्रदेश तेजी से मजबूत अर्थव्यवस्था को और अग्रसर होगा।

 

विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा ने मुख्यमंत्री के जागेश्वर धाम आने के लिए उनका धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लगातार प्रदेश एवं जनपद के लिए अहम फैसले लिए जा रहे हैं। जो प्रदेश के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।

 

इस दौरान जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश बहुगुणा, उपाध्यक्ष जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति नवीन चंद्र भट्ट, जिला मजिस्ट्रेट विनीत तोमर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे समेत अन्य विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधि एवं आम जनमानस उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में बाबा बौखनाग की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को परेड़ ग्राउण्ड में बाबा बौखनाग की डोली के अयोध्या धाम भ्रमण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बाबा की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की तथा डोली को स्वयं कंधा देकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग डोली समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी भी बाबा बौखनाग के प्रति गहरी आस्था है। बाबा की कृपा पूरे उत्तराखण्ड पर है। इसका उदाहरण सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों की सकुशल रिहाई है। जिनकी कृपा से यह असंभव कार्य संभव हो सका।

 

उन्होंने कहा कि इसके लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी विशेषज्ञों के साथ इंदौर, चेन्नई, हैदराबाद आदि स्थानों से मशीनरी भेजी तथा विदेशों से भी विशेषज्ञ बुलाये, सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों की सकुशल वापसी में आ रहे अवरोध के समय हम सब विचलित हो रहे थे। उस समय हमें बाबा का स्मरण करने से रास्ता मिला और सभी लोग रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतिम दिन तीन घंटे के बजाय आधे घंटे में ही बाहर आए। पूरे देश में इस घटना की चर्चा हुई और हमारे प्रयासों की तारीफ भी हुई, यह बाबा का आशीर्वाद रहा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन सिलक्यारा की सफलता में बाबा बौखनाग जी की असीम कृपा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन, प्रगाढ़ इच्छाशक्ति के साथ ही पग-पग पर उनके सहयोग से विभिन्न संस्थानों, सेना के जवानों, रेट माइनर्स और ग्राउण्ड जीरो पर राज्य सरकार के समेकित प्रयासों से सुरंग में फंसे मजदूरों को जीवन बचाने में हम सफल हो पाए।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग हादसे में 41 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालना एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन के चलते ही यह बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो सका। केन्द्र सरकार की ओर से भेजी गई विशेषज्ञ बचाव एजेंसियों की बदौलत हम श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब हो सके। 17 दिन 41 जिंदगियों के लिए पूरा देश प्रार्थना कर रहा था।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय उन्होंने वहां पर बाबा बौखनाग के मंदिर निर्माण की घोषणा की थी, वह कार्य हो रहा है। शीघ्र ही मंदिर बन कर तैयार हो जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बड़कोट पंपिंग पेयजल योजना के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए बाबा बौखनाग मेले को राजकीय मेले के रूप में आयोजित किये जाने की बात कही।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा की कृपा से आज हमारा राज्य नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में 10वें से पहले स्थान पर आया है। चारधाम यात्रा में भी रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु आ रहे है। बाबा की कृपा से यमुनोत्री और गंगोत्री में भी श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में बढ़ी है। गंगोत्री यमुनोत्री के साथ महासू देवता के स्थल हनोल का भी मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। अस्कोट से आराकोट तक राज्य समग्र रूप में विकास की दृष्टि से आगे बढ़ रहा है, हमने राज्य हित में अनेक कठिन व कठोर निर्णय लिया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता अधिनियम लागू कर हमने प्रदेश की जनता से किया वायदा पूरा किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड से निकलने वाली समान नागरिक संहिता की गंगा पूरे देश में जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि जैसे पवित्र भूमि पर लंबे समय से विभिन्न विभागों की सरकारी भूमि पर कब्जा किया जा रहा था। सरकार द्वारा अभियान चलाकर ऐसी 05 हजार हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये प्रदेश में किसी भी तरह का धर्मांतरण ना हो पाए इसके लिए सख्त कानून का प्रावधान किया गया है। सरकार संपत्ति को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध हमने सख्त कार्रवाई करते हुए दंगा निरोधक कानून बनाया है। जिसके अंतर्गत संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाले से ही उसकी वसूली की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन साल में 15 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई हैं। प्रदेश में नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं की प्रतिभा का सम्मान किया गया है। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था से युवा एक साथ कई पदों के लिये पात्रता में आ रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन, तीर्थाटन राज्य की आर्थिकी का मजबूत आधार है। सड़कों के विकास, हवाई यातायात एवं अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास से चारधाम यात्रा में गत वर्ष की अपेक्षा दुगने तीर्थ यात्री प्रदेश में आये हैं।

 

इस अवसर पर विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल, समिति के अध्यक्ष श्री जयेन्द्र सिंह रावत, पूर्व विधायक श्री राजकुमार, श्री मनवीर चौहान, श्री विनोद डोभाल, श्री दीपक बिजल्वाण, श्री सतेन्द्र राणा, श्री आलोक रावत, श्री चण्डी प्रसाद, श्री यशवंत सिंह, श्री गोपाल सिंह रावत आदि उपस्थित थे।