नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से जुड़ी खबरों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया है कि मीडिया में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट की ओर से फटकार लगाए जाने की खबरें भ्रामक और पूरी तरह फर्जी हैं। पार्टी के अनुसार, अदालत की टिप्पणी याचिका में याचिकाकर्ता संख्या छह के संदर्भ में थी, न कि राहुल गांधी के लिए।
कांग्रेस का कहना है कि सुनवाई के दौरान आदेश दर्ज करते समय भी सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी का नाम नहीं लिया, इसके बावजूद मीडिया के कुछ संस्थानों ने टिप्पणी को राहुल गांधी से जोड़कर प्रसारित किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तरह की खबरों के जरिए नेता प्रतिपक्ष की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
कांग्रेस ने मीडिया से माफी मांगने की मांग की
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के इशारे पर राहुल गांधी की छवि खराब करने के उद्देश्य से खबरें प्रसारित कीं। पार्टी ने इस तरह की पत्रकारिता को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर बताते हुए संबंधित मीडिया संस्थानों से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
हालांकि, उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि वह याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण के बारे में पूछना चाहेगा। अदालत ने उस टिप्पणी में संबंधित याचिकाकर्ता का नाम स्पष्ट नहीं किया था।
‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर लड़ाई जारी रखने की बात
कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी मताधिकार की रक्षा और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उसे लोकतंत्र में मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए जारी कानूनी लड़ाई में न्याय मिलने का भरोसा है।


